केंद्र सरकार के सफल, संवेदनशील और जनकल्याणकारी 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार जनपद कानपुर देहात में दिनांक 20 जून 2026 को 'प्रगति पथ यात्रा' और 'जनसंवाद' कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम 05 जून 2026 से 21 जून 2026 तक संचालित समेकित जनकल्याण एवं जनजागरूकता अभियान का एक हिस्सा था। इसका मुख्य उद्देश्य शासन द्वारा पूर्ण की गई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं को जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों के समक्ष प्रस्तुत करते हुए उनकी उपयोगिता और जनहितकारी प्रभावों से अवगत कराना था। कार्यक्रम का आयोजन विधानसभा क्षेत्र अकबरपुर अंतर्गत प्रमुख विकास परियोजनाओं के स्थलीय अवलोकन के साथ-साथ राजकीय मेडिकल कॉलेज, कुम्भी, कानपुर देहात में भी किया गया, जहाँ जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं आमजन की सहभागिता सुनिश्चित की गई। उत्तर प्रदेश सरकार के महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला जी इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि रहीं। इस दौरान जनपद की प्रमुख पूर्ण परियोजनाओं का अवलोकन कराया गया और संबंधित विभागों द्वारा परियोजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति, निर्माण अवधि, लागत तथा जनउपयोगिता के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। इस अवसर पर कानपुर–टुंडला रेल खंड पर स्थित किमी 1062/11–13 (निकट रुरा रेलवे स्टेशन) के समपार संख्या–94बी अकबरपुर–रुरा–शिवली मार्ग पर निर्मित 02 लेन रेल उपरिगामी सेतु (आरओबी) परियोजना का विशेष उल्लेख किया गया। अधिकारियों ने बताया कि यह परियोजना प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्राप्त होने के उपरांत पूर्ण की जा चुकी है और जनवरी 2025 में जनसामान्य के आवागमन हेतु इसे प्रारम्भ कर दिया गया था। इस आरओबी के निर्माण से पूर्व रेलवे समपार पर रेल यातायात की अधिकता के कारण अक्सर जाम की स्थिति बनती थी, जिससे स्थानीय नागरिकों और माल परिवहन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता था। अब सेतु बनने से यातायात सुगम हुआ है तथा क्षेत्रीय आवागमन, संपर्क एवं आर्थिक गतिविधियों को गति मिली है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि यह मार्ग भविष्य की परिवहन आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है, जिससे आमजन को दीर्घकालिक लाभ प्राप्त होगा। इसके अतिरिक्त, राजकीय मेडिकल कॉलेज, कुम्भी में आयोजित कार्यक्रम में स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार द्वारा किए गए निवेश, चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार, गुणवत्तापूर्ण उपचार सेवाओं की उपलब्धता और चिकित्सा शिक्षा के सुदृढ़ीकरण संबंधी उपलब्धियों की जानकारी साझा की गई। उपस्थित जनसमूह को स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, जनकल्याणकारी योजनाओं और चिकित्सा अवसंरचना विकास से अवगत कराया गया। मुख्य अतिथि प्रतिभा शुक्ला जी ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र एवं प्रदेश सरकार का लक्ष्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुँचाना है। उन्होंने सेवा, संस्कार, सुशासन एवं सम्मान की भावना के साथ सरकार के निरंतर जनहित में कार्य करने की बात कही और विकास परियोजनाओं को आत्मनिर्भर एवं विकसित उत्तर प्रदेश की मजबूत आधारशिला बताया। उन्होंने जनसहभागिता को विकास का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए योजनाओं की जानकारी प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुँचाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जनसहभागिता को प्राथमिकता देते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं व्यापक प्रचार-प्रसार को सुनिश्चित किया जाए, जिससे शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिकाधिक नागरिकों तक समयबद्ध रूप से पहुँच सके।
केंद्र सरकार के सफल, संवेदनशील और जनकल्याणकारी 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार जनपद कानपुर देहात में दिनांक 20 जून 2026 को 'प्रगति पथ यात्रा' और 'जनसंवाद' कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम 05 जून 2026 से 21 जून 2026 तक संचालित समेकित जनकल्याण एवं जनजागरूकता अभियान का एक हिस्सा था। इसका मुख्य उद्देश्य शासन द्वारा पूर्ण की गई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं को जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों के समक्ष प्रस्तुत करते हुए उनकी उपयोगिता और जनहितकारी प्रभावों से अवगत कराना था। कार्यक्रम का आयोजन विधानसभा क्षेत्र अकबरपुर अंतर्गत प्रमुख विकास परियोजनाओं के स्थलीय अवलोकन के साथ-साथ राजकीय मेडिकल कॉलेज, कुम्भी, कानपुर देहात में भी किया गया, जहाँ जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं आमजन की सहभागिता सुनिश्चित की गई। उत्तर प्रदेश सरकार के महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला जी इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि रहीं। इस दौरान जनपद की प्रमुख पूर्ण परियोजनाओं का अवलोकन कराया गया और संबंधित विभागों द्वारा परियोजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति, निर्माण अवधि, लागत तथा जनउपयोगिता के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। इस अवसर पर कानपुर–टुंडला रेल खंड पर स्थित किमी 1062/11–13 (निकट रुरा रेलवे स्टेशन) के समपार संख्या–94बी अकबरपुर–रुरा–शिवली मार्ग पर निर्मित 02 लेन रेल उपरिगामी सेतु (आरओबी) परियोजना का विशेष उल्लेख किया गया। अधिकारियों ने बताया कि यह परियोजना प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्राप्त होने के उपरांत पूर्ण की जा चुकी है और जनवरी 2025 में जनसामान्य के आवागमन हेतु इसे प्रारम्भ कर दिया गया था। इस आरओबी के निर्माण से पूर्व रेलवे समपार पर
रेल यातायात की अधिकता के कारण अक्सर जाम की स्थिति बनती थी, जिससे स्थानीय नागरिकों और माल परिवहन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता था। अब सेतु बनने से यातायात सुगम हुआ है तथा क्षेत्रीय आवागमन, संपर्क एवं आर्थिक गतिविधियों को गति मिली है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि यह मार्ग भविष्य की परिवहन आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है, जिससे आमजन को दीर्घकालिक लाभ प्राप्त होगा। इसके अतिरिक्त, राजकीय मेडिकल कॉलेज, कुम्भी में आयोजित कार्यक्रम में स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार द्वारा किए गए निवेश, चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार, गुणवत्तापूर्ण उपचार सेवाओं की उपलब्धता और चिकित्सा शिक्षा के सुदृढ़ीकरण संबंधी उपलब्धियों की जानकारी साझा की गई। उपस्थित जनसमूह को स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, जनकल्याणकारी योजनाओं और चिकित्सा अवसंरचना विकास से अवगत कराया गया। मुख्य अतिथि प्रतिभा शुक्ला जी ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र एवं प्रदेश सरकार का लक्ष्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुँचाना है। उन्होंने सेवा, संस्कार, सुशासन एवं सम्मान की भावना के साथ सरकार के निरंतर जनहित में कार्य करने की बात कही और विकास परियोजनाओं को आत्मनिर्भर एवं विकसित उत्तर प्रदेश की मजबूत आधारशिला बताया। उन्होंने जनसहभागिता को विकास का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए योजनाओं की जानकारी प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुँचाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जनसहभागिता को प्राथमिकता देते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं व्यापक प्रचार-प्रसार को सुनिश्चित किया जाए, जिससे शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिकाधिक नागरिकों तक समयबद्ध रूप से पहुँच सके।
- कानपुर देहात जनपद की एक महिला ने जालौन के पुलिस अधीक्षक को शिकायत पत्र देकर प्लॉट विवाद से जुड़े मामले में गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का आरोप है कि भूमि विवाद के चलते उसके खिलाफ एक सुनियोजित साजिश रची गई, जिसके तहत झूठे मुकदमे दर्ज कराए गए और समझौते के बहाने बुलाकर उसके साथ मारपीट व अभद्र व्यवहार किया गया। रसूलपुर निवासी रागिनी देवी ने अपने शिकायती पत्र में बताया कि उन्होंने उरई क्षेत्र के जगदेवपुर और बनफरा में प्लॉट खरीदे थे, जिनके आवश्यक दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं। महिला के अनुसार, प्लॉट खरीदने की प्रक्रिया में सहयोग करने वाले एक व्यक्ति के यहां वह कुछ समय तक रहीं, लेकिन बाद में परिस्थितियाँ बदलने पर उन्होंने वहाँ से रहना छोड़ दिया। इसके बाद उस व्यक्ति ने कथित तौर पर रंजिशवश उनके और उनके पति के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज करा दिए, जिससे उनका परिवार मानसिक, सामाजिक और आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहा है। शिकायत में आगे यह भी आरोप लगाया गया है कि समझौते के नाम पर उन्हें उरई बुलाया गया, जहाँ उनके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई, अभद्रता की गई और विरोध करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी गई। महिला ने इस पूरे घटनाक्रम को पूर्व नियोजित बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने, दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई करने और स्वयं व अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने की मांग पुलिस अधीक्षक से की है। इस मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है और अब सभी की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हुई हैं। यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा पुलिस को दिए गए शिकायती पत्र एवं लगाए गए आरोपों के आधार पर प्रकाशित किया गया है, जिसकी वास्तविक सत्यता एवं परिस्थितियां पुलिस/प्रशासनिक जांच तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेंगी।1
- जालौन जिले में मौरंग माफियाओं ने कानून की खुलेआम धज्जियां उड़ाते हुए जिला प्रशासन और पूरी व्यवस्था को एक बार फिर चुनौती दी है। खदानें बंद होने का समय नजदीक आते ही जोल्हूपुर पुल पर ओवरलोड डंपरों की मीलों लंबी कतारें लग गई हैं, जिससे भारी जाम की स्थिति पैदा हो गई है। इस घटना ने पूरे सिस्टम की साख पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। इस पूरे प्रकरण का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने इलाके में हड़कंप मचा दिया है। वायरल वीडियो में दर्जनों ओवरलोड डंपर जोल्हूपुर पुल पर जाम में फंसे साफ देखे जा सकते हैं। हैरानी की बात यह है कि माफिया मानसिकता के लोग खुद इस अवैध गतिविधि को रिकॉर्ड कर रहे हैं और सरेआम सिस्टम का मजाक उड़ा रहे हैं।1
- इटावा से समाजवादी पार्टी के सांसद जितेंद्र कुमार दोहरे पर इंस्टाग्राम पर 'sughar_singh_saifai_official' नामक आईडी पर एक व्यक्ति ने खुद, अपनी पत्नी और बच्चों की हत्या करवाए जाने की गंभीर शंका व्यक्त की है। कानपुर देहात से मिली जानकारी के अनुसार, वायरल वीडियो में व्यक्ति ने सीधे-सीधे सांसद जितेंद्र दोहरे पर आरोप लगाया है। वायरल वीडियो में उसने साफ तौर पर कहा है कि किसी भी समय उसकी और उसके परिवार की हत्या हो सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी केवल सांसद दोहरे की होगी। इस व्यक्ति ने वीडियो के माध्यम से अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा की मांग भी रखी है। इस वीडियो के सामने आने के बाद इटावा लोकसभा क्षेत्र के ग्रामीणों में हलचल मच गई है। हालांकि, हमारा शुरू ऐप इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।1
- कानपुर देहात के देवराहट थाना क्षेत्र के चैन का पुरवा स्थित आश्रम से भागकर भोगनीपुर थाने पहुंची औरैया जनपद के फफूंद क्षेत्र की एक महिला की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई की है। महिला ने चर्चित 'बोतल बाबा' उर्फ हरिओम यादव और उसके एक शिष्य पर दुष्कर्म का प्रयास करने सहित कई गंभीर आरोप लगाए थे। अपनी तहरीर में, महिला ने आरोप लगाया कि आश्रम में उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया गया। साथ ही उसने अपने दो देवरों और बाबा के कुछ शिष्यों पर मारपीट करने तथा गला दबाकर जान से मारने का प्रयास करने का भी आरोप लगाया था। इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। देवराहट थाना प्रभारी सौरभ राणा ने जानकारी दी कि मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने जल्लापुर मोड़ के पास से चैन का पुरवा निवासी हरिओम यादव उर्फ 'बोतल बाबा' और उसके शिष्य दीपक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए छिपते हुए भाग रहे थे। थाना प्रभारी ने यह भी बताया कि औरैया जनपद की महिला की शिकायत पर दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद, गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया और बाद में पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।1
- सिकंदरा कस्बे के गांधी नगर निवासी मोहम्मद रियाज ने शनिवार को आयोजित जिला स्तरीय सम्पूर्ण समाधान दिवस में पहुंचकर एक सार्वजनिक मार्ग पर कथित अवैध कब्जे की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने जिलाधिकारी को सौंपे शिकायती पत्र में बताया कि नगर पंचायत द्वारा वर्ष 2003 में उक्त मार्ग पर खड़ंजा और वर्ष 2014 में इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण कराया गया था। शिकायतकर्ता के अनुसार, नफीस कुरैशी और तौफीक कुरैशी ने उसी सार्वजनिक मार्ग पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। आरोप है कि मार्ग पर दीवार खड़ी कर दरवाजा लगा दिया गया है, जिससे आम लोगों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। मोहम्मद रियाज ने यह भी कहा कि इस मामले की शिकायत पूर्व में भी संबंधित अधिकारियों से की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। पीड़ित ने जिलाधिकारी से सार्वजनिक मार्ग को अतिक्रमण मुक्त कराकर पूरी तरह खुलवाने की मांग की है, ताकि क्षेत्रवासियों को आने-जाने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी कपिल सिंह ने शिकायत की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया है।1
- कानपुर देहात के डेरापुर स्थित तहसील परिसर में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस अधिवक्ताओं की हड़ताल के कारण अपेक्षाकृत फीका रहा। सामान्य दिनों के विपरीत, इस बार न्यायिक कार्य से अधिवक्ताओं के विरत रहने के चलते फरियादियों की संख्या कम रही और उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ा। तहसील में आने वाले अधिकांश लोग अपनी शिकायतों और समस्याओं से संबंधित प्रार्थना पत्र अधिवक्ताओं या उनके मुंशियों की सहायता से तैयार कराते हैं, लेकिन हड़ताल के चलते प्रार्थना पत्र लिखने वाले अधिकांश लोग अनुपस्थित रहे। इस स्थिति के कारण दूर-दराज से आए ग्रामीणों को काफी दिक्कत हुई, और कई फरियादी तहसील परिसर में प्रार्थना पत्र लिखवाने के लिए इधर-उधर भटकते नजर आए। कुछ लोगों ने अपने परिचितों और अन्य व्यक्तियों की मदद से किसी तरह अपनी शिकायतें लिखवाकर अधिकारियों को सौंपीं। हड़ताल का असर तहसील परिसर की गतिविधियों पर स्पष्ट रूप से दिखा, जहां चहल-पहल कम रही और कई फरियादी बिना शिकायत दर्ज कराए ही वापस लौट गए। फरियादियों ने वैकल्पिक व्यवस्था न होने पर अपनी परेशानी जाहिर की। हालांकि, संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन नियत समय पर हुआ और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए उनके त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश संबंधित विभागों को दिए। इसके बावजूद, अधिवक्ताओं की हड़ताल ने पूरे आयोजन की अपेक्षित रौनक को कम कर दिया।1
- उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निबंधन कार्यों के निजीकरण के प्रस्ताव के विरोध में डेरापुर तहसील परिसर में अधिवक्ता परिषद ने शनिवार दोपहर डेढ़ बजे एक विरोध प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने अपर जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें निजीकरण के इस फैसले को तत्काल वापस लेने की मांग की गई। उन्होंने इस निर्णय को आम जनता और अधिवक्ता समुदाय दोनों के हितों के खिलाफ बताया। अधिवक्ता परिषद के अध्यक्ष सुरेश चंद्र द्विवेदी के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि रजिस्ट्री संबंधी कार्यों को निजीकरण के दायरे से बाहर रखा जाना चाहिए। अधिवक्ताओं ने तर्क दिया कि निजीकरण से बेरोजगारी बढ़ेगी, महत्वपूर्ण दस्तावेजों की गोपनीयता भंग होने की आशंका रहेगी, और साथ ही भ्रष्टाचार एवं आम लोगों की परेशानियों में भी इजाफा होने की संभावना है। ज्ञापन के माध्यम से अधिवक्ताओं ने प्रदेश में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को तत्काल लागू करने की भी मांग उठाई। उन्होंने सरकार से निजीकरण संबंधी शासनादेश को वापस लेने और अधिवक्ताओं की विभिन्न समस्याओं का समाधान करने का आग्रह किया। परिषद के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन में परिषद से जुड़े कई अधिवक्ता उपस्थित रहे।1
- कालपी तहसील में जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय की अध्यक्षता में एक संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया, जहाँ उन्होंने जन समस्याओं के निस्तारण पर कड़ी सख्ती दिखाई। इस दौरान फरियादियों द्वारा कुल 145 प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए गए, जिनमें से जिलाधिकारी ने मौके पर ही 28 शिकायतों का तुरंत निस्तारण किया। बची हुई समस्याओं के समाधान के लिए, सात अलग-अलग टीमों को तत्काल मौके पर भेजा गया। समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी ने महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्देश भी दिए। उन्होंने नगर पालिका कालपी के रिक्त चल रहे अधिशासी अधिकारी (ईओ) के पद का कार्यवाहक दायित्व उप जिलाधिकारी कालपी अमित शेखर को सौंपा। साथ ही, भूमि संरक्षण अधिकारी के खाली पड़े पद की जिम्मेदारी जिला कृषि अधिकारी को सौंपने के निर्देश भी जारी किए गए। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ), उप जिलाधिकारी (एसडीएम), तहसीलदार सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।1