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दरा अभ्यारण्य क्षेत्र में शुक्रवार रात 10 बजे से लगा भीषण जाम 24 घंटे बाद भी नहीं खुल पाया है। अलग-अलग जगहों पर एक के बाद एक 7-8 वाहनों के खराब हो जाने से स्थिति और बिगड़ गई, जिससे जाम ने भयानक रूप ले लिया। इस जाम के कारण दरा स्टेशन से लेकर कमलपुरा फोरलेन तक और दूसरी ओर भटवाड़ा अमझार सड़क पर चेचट टोल तक वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। इस भयंकर जाम में हजारों लोग फंसे हुए हैं। कनवास और मोड़क थाना पुलिस मौके पर लगातार जाम को सुचारू करवाने के प्रयास में जुटी हुई है।
सोनू यादव
दरा अभ्यारण्य क्षेत्र में शुक्रवार रात 10 बजे से लगा भीषण जाम 24 घंटे बाद भी नहीं खुल पाया है। अलग-अलग जगहों पर एक के बाद एक 7-8 वाहनों के खराब हो जाने से स्थिति और बिगड़ गई, जिससे जाम ने भयानक रूप ले लिया। इस जाम के कारण दरा स्टेशन से लेकर कमलपुरा फोरलेन तक और दूसरी ओर भटवाड़ा अमझार सड़क पर चेचट टोल तक वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। इस भयंकर जाम में हजारों लोग फंसे हुए हैं। कनवास और मोड़क थाना पुलिस मौके पर लगातार जाम को सुचारू करवाने के प्रयास में जुटी हुई है।
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- राष्ट्रीय राजमार्ग 52 पर दरा नाल में एक बार फिर लंबा जाम लग गया है। यह जाम पिछले 24 घंटों से जारी है और वाहनों की गति बेहद धीमी, रेंग-रेंग कर चलने वाली बनी हुई है। जाम की यह स्थिति पिछले 24 घंटों में एक के बाद एक करके 7-8 वाहनों के खराब हो जाने के कारण उत्पन्न हुई है।3
- दरा अभ्यारण्य क्षेत्र में शुक्रवार रात 10 बजे से लगा भीषण जाम 24 घंटे बाद भी नहीं खुल पाया है। अलग-अलग जगहों पर एक के बाद एक 7-8 वाहनों के खराब हो जाने से स्थिति और बिगड़ गई, जिससे जाम ने भयानक रूप ले लिया। इस जाम के कारण दरा स्टेशन से लेकर कमलपुरा फोरलेन तक और दूसरी ओर भटवाड़ा अमझार सड़क पर चेचट टोल तक वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। इस भयंकर जाम में हजारों लोग फंसे हुए हैं। कनवास और मोड़क थाना पुलिस मौके पर लगातार जाम को सुचारू करवाने के प्रयास में जुटी हुई है।4
- रामगंजमंडी क्षेत्र के रावली रोड पर गुरुवार और शुक्रवार की मध्यरात्रि गोसेवकों ने गोवंश से भरे दो ट्रकों को रोक लिया। इस घटना की सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और दोनों वाहनों को जांच के लिए थाने ले गई। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, ये दोनों ट्रक पंजाब से महाराष्ट्र की ओर जा रहे थे। वाहनों में सवार जगदीप कुमार शुक्ला, आकाश, हिम्मत पाटिल और हिलाल पुंडलिक थोरात से पूछताछ की गई, जिन्होंने बताया कि गोवंश को खेती के कार्यों के लिए ले जाया जा रहा था। पुलिस ने परिवहन से संबंधित सभी आवश्यक कागजातों की जांच की, जिसमें दस्तावेज सही पाए गए और उनके जवाब संतोषजनक मिले। दस्तावेजों की जांच में कोई अनियमितता न मिलने पर पुलिस ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए दोनों वाहनों को छोड़ दिया। इस घटना की सूचना मिलने पर देर रात तक गोसेवक और ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे। पुलिस ने स्पष्ट किया कि कानूनी प्रक्रिया और दस्तावेज़ सत्यापन के बाद वाहनों को रवाना कर दिया गया।1
- शुक्रवार को कोटा जिले के रामगंजमंडी क्षेत्र में बारिश के दौरान हरियाखेड़ी फोरलेन पर एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। यहां कार और बाइक की आमने-सामने की जोरदार टक्कर में बाइक सवार तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, मदनपुरिया निवासी प्रताप, धनराज और दुर्गावती बाइक पर सवार होकर जा रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रही एक कार से उनकी भिड़ंत हो गई, जिससे तीनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से चोटिल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही 108 एम्बुलेंस मौके पर पहुंची और घायलों को मोड़क अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें झालावाड़ रेफर कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के बाद कार चालक अपना वाहन मौके पर छोड़कर फरार हो गया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने कार को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है और फरार चालक की तलाश जारी है। पुलिस फिलहाल दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है और बारिश के मौसम में वाहन चालकों से सावधानी बरतने तथा सुरक्षित गति से वाहन चलाने की अपील की गई है।1
- मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत मोड़क थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ट्रक से 1 किलो 946 ग्राम अवैध डोडा चूरा बरामद किया है। इस मामले में पुलिस ने पंजाब निवासी ट्रक चालक गुरविंदर सिंह को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर के निर्देशानुसार संचालित विशेष अभियान 'ऑपरेशन रूट क्लियरेंस' के तहत की गई। मोड़क थाना पुलिस अपने क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों की जांच कर रही थी, जब उन्होंने पंजाब नंबर के एक टाटा ट्रक को रोककर उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान ट्रक में छिपाकर रखा गया डोडा चूरा बरामद हुआ, जिसके बाद चालक गुरविंदर सिंह को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया और मादक पदार्थ को जब्त कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस तस्करी के नेटवर्क, मादक पदार्थ की सप्लाई चेन और इससे जुड़े अन्य लोगों के संबंध में जानकारी जुटा रही है। कोटा ग्रामीण पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।2
- झालावाड़ पुलिस ने एक बड़े अंतर्राज्यीय मानव तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जिसके तहत 10 लड़कियों को सुरक्षित मुक्त कराया गया है, जिनमें से 7 नाबालिग हैं। इस कार्रवाई में अब तक 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक अन्य को डिटेन किया गया है। इस सफल अभियान में झालावाड़ पुलिस के सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) मदनलाल और हेड कांस्टेबल बाबूलाल की भूमिका सबसे अहम रही। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में जब मानव तस्करी से जुड़ी खबरों के आधार पर जांच शुरू हुई, तब सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि सामाजिक दबाव, डर और बदनामी के भय से पीड़ित परिवार पुलिस को जानकारी देने से बच रहे थे। ऐसे कठिन हालात में एएसआई मदनलाल और हेड कांस्टेबल बाबूलाल को गोपनीय जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई। दोनों पुलिसकर्मियों ने कंजर समुदाय के डेरों और बस्तियों में लगातार संपर्क स्थापित किया और पुलिस अधिकारी की भूमिका में नहीं, बल्कि समाज के भरोसेमंद सहयोगी बनकर लोगों से संवाद किया। उनकी जांच में पता चला कि स्थानीय एजेंट आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की नाबालिग लड़कियों को रोजगार, बेहतर जीवन और अच्छी परवरिश का झांसा देकर अपने साथ ले जाते थे, और बाद में इन लड़कियों को मुंबई व अन्य महानगरों में सक्रिय एजेंटों के हाथों बेच देते थे। जवानों ने यह भी उजागर किया कि गिरोह फर्जी आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज बनाकर नाबालिग लड़कियों को बालिग साबित करता था, जिससे वे कानून की आंखों में धूल झोंकते थे। मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब मुंबई पुलिस द्वारा मुक्त कराई गई लड़कियों को उनके परिजनों को सौंपने के लिए राजस्थान लाया जा रहा था। इसी दौरान, मदनलाल और बाबूलाल को सूचना मिली कि गिरोह के सदस्य दोबारा इन लड़कियों को अपने कब्जे में लेने की कोशिश कर सकते हैं। इस तत्काल और सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने रणनीति तैयार की, लड़कियों की सुरक्षा सुनिश्चित की और गिरोह के एजेंटों को दबोच लिया, जिससे मुक्त कराई गई लड़कियां फिर से उसी दलदल में धकेले जाने से बच गईं। पुलिस का मानना है कि यह बड़ी कार्रवाई भविष्य में मानव तस्करी के खिलाफ एक मिसाल बनेगी। इस पूरे ऑपरेशन में कई अधिकारियों और पुलिस टीमों ने योगदान दिया, लेकिन एएसआई मदनलाल और हेड कांस्टेबल बाबूलाल की सतर्कता, समर्पण और साहस विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा, जिनकी जमीनी स्तर पर की गई गोपनीय मेहनत ने एक संगठित अपराधी नेटवर्क को बेनकाब किया और कई मासूम लड़कियों का जीवन बर्बाद होने से बचाया।1
- झालावाड़ पुलिस ने एक बड़े अंतर-राज्यीय मानव तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जिसमें कंजर समुदाय की नाबालिग लड़कियों को देह व्यापार में धकेला जा रहा था। इस कार्रवाई में कुल 10 लड़कियों को सुरक्षित बचाया गया है, जिनमें 7 नाबालिग शामिल हैं। पुलिस ने बच्चियों को बेचने और दलाली करने वाले गिरोह के पाँच बदमाशों को गिरफ्तार किया है, जिसमें एक महिला भी शामिल है, और एक अन्य को हिरासत में लिया गया है। इस गिरोह का नेटवर्क राजस्थान के झालावाड़, बूंदी और टोंक से लेकर मध्य प्रदेश के ग्वालियर और मुंबई तक फैला हुआ था। झालावाड़ एसपी अमित कुमार ने एक प्रेस वार्ता में मामले का खुलासा करते हुए बताया कि यह गिरोह गरीब कंजर समुदाय के डेरों में रहने वाले लोगों को रुपए देकर उनकी बच्चियों को खरीदता था और बाद में उन्हें मुंबई जैसे बड़े शहरों में वेश्यावृत्ति के लिए धकेल देता था। पुलिस को कुछ समय पहले मानव तस्करी के तार झालावाड़ से जुड़े होने की जानकारी मिली थी, जिसके बाद एक विशेष जांच टीम गठित की गई। गोपनीय जांच के दौरान 2 जून को मुंबई पुलिस की एक टीम कुछ लड़कियों को पुनर्वास के लिए राजस्थान लाई थी, तभी सूचना मिली कि गिरोह के एजेंट उन्हें दोबारा कब्जे में लेने की कोशिश कर रहे हैं। झालावाड़ पुलिस ने मुंबई पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर कार्रवाई की, जिसमें दो ऐसी लड़कियां भी मिलीं जो रिकॉर्ड में बालिग थीं, लेकिन वास्तव में नाबालिग पाई गईं। जांच में सामने आया कि यह गिरोह नाबालिग लड़कियों के आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्रों में हेरफेर कर उनकी उम्र बढ़ाता था और उनकी पहचान व पते भी बदल देता था ताकि भविष्य में उनकी पहचान साबित न हो सके। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे स्थानीय दलालों के माध्यम से आर्थिक तंगी और कर्ज में डूबे परिवारों को बेहतर भविष्य और रोजगार का झांसा देकर उनकी बेटियों को अपने साथ ले जाते थे। बाद में उन्हें मुंबई और अन्य महानगरों में सक्रिय एजेंटों को बेच दिया जाता था। पुलिस के अनुसार, यह रैकेट तीन स्तरों पर काम करता था: पहले स्तर पर राजस्थान के स्थानीय एजेंट गरीब परिवारों की तलाश करते थे; दूसरे स्तर पर बिचौलिए आर्थिक लालच देकर लड़कियों को अपने साथ ले जाते थे; और तीसरे स्तर पर महानगरों में सक्रिय बड़े एजेंट और डांस बार संचालक इन लड़कियों को अनैतिक गतिविधियों में धकेल देते थे। पुलिस की विशेष जांच दल ने मुंबई, बूंदी और टोंक में अलग-अलग टीमों के माध्यम से कार्रवाई कर लड़कियों को मुक्त कराया, और मामले में मुंबई से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश अभी जारी है।4
- राजस्थान के रामगंजमंडी स्थित दरा घाटी में गुरुवार देर रात से लगे भीषण जाम ने यातायात व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। इस जाम के कारण कई वाहन घंटों से फंसे हुए हैं और सामान्य गति से आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं, जिससे यात्रियों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दरा घाटी में भारी वाहनों और अन्य यात्री वाहनों की लंबी कतारें कई किलोमीटर तक फैल गई हैं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंचकर यातायात को सुचारू करवाने का प्रयास कर रही है, लेकिन वाहनों का अत्यधिक दबाव होने के कारण गाड़ियाँ रेंग-रेंग कर ही आगे बढ़ पा रही हैं। खबर लिखे जाने तक यह भीषण जाम पूरी तरह से नहीं खुल पाया था और वाहनों की आवाजाही बेहद धीमी गति से चल रही थी। पुलिस लगातार यातायात को सामान्य करने की दिशा में प्रयासरत है।1