भरी सभा में ये कैसा 'सत्यदर्शन'? – जब मंच पर ही सच का आईना सामने आ गया! अजीत मिश्रा (खोजी) राजनीति और कूटनीति के गलियारों में अक्सर वो सब कुछ दिखाया जाता है, जो जनता देखना चाहती है। लेकिन कभी-कभी, अनजाने में या अचानक, एक ऐसा वाकया हो जाता है जो सारे पर्दों को हटाकर हकीकत को सबके सामने लाकर रख देता है। हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा एक वीडियो इस बात का सबसे बेहतरीन उदाहरण है। एक तरफ मंच पर नेताजी अपने चिर-परिचित अंदाज़ में बैठे हैं, और ठीक पीछे लगी बड़ी स्क्रीन पर अचानक एक महिला का इंटरव्यू चल पड़ता है — "मैं सैफई से हूं, अखिलेश राज में कभी सेफ नहीं रही।" भरी सभा, कैमरे की नज़रें और ठीक पीछे गूँजती यह बेबाक आवाज़! इस दृश्य को देखकर ऐसा लगा मानो किसी ने राजनीति की भारी-भरकम पटकथा के बीचों-बीच, अचानक से ज़मीन की हकीकत का सायरन बजा दिया हो। नेताजी की बगलें झांकने वाली मुद्रा और कमरे का माहौल यह बताने के लिए काफ़ी था कि कभी-कभी तकनीक भी सही समय पर सही मज़ाक करने के मूड में होती है। खैर, इसे तकनीकी चूक कहें या किसी की सोची-समझी शरारत, लेकिन इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर बहस का एक नया दौर ज़रूर शुरू कर दिया है। आख़िरकार, जनता के बीच के सच को आप कितनी देर तक मंच के पीछे छुपाकर रख सकते हैं? स्क्रीन पर चल रही वह तसवीर और मंच पर बैठे चेहरों के भाव देखने लायक थे! इस मज़ेदार और व्यंग्यात्मक राजनीतिक पल पर आपकी क्या राय है? कमेंट सेक्शन में अपनी प्रतिक्रिया ज़रूर दें! #PoliticalSatire #ViralVideo #Saifai #IndianPolitics #AkhileshYadav #Sarcasm #PoliticalHumor #SocialMediaTrends
भरी सभा में ये कैसा 'सत्यदर्शन'? – जब मंच पर ही सच का आईना सामने आ गया! अजीत मिश्रा (खोजी) राजनीति और कूटनीति के गलियारों में अक्सर वो सब कुछ दिखाया जाता है, जो जनता देखना चाहती है। लेकिन कभी-कभी, अनजाने में या अचानक, एक ऐसा वाकया हो जाता है जो सारे पर्दों को हटाकर हकीकत को सबके सामने लाकर रख देता है। हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा एक वीडियो इस बात का सबसे बेहतरीन उदाहरण है। एक तरफ मंच पर नेताजी अपने चिर-परिचित अंदाज़ में बैठे हैं, और ठीक पीछे लगी बड़ी स्क्रीन पर अचानक एक महिला का इंटरव्यू चल पड़ता है — "मैं सैफई से हूं, अखिलेश राज में कभी सेफ नहीं रही।" भरी सभा, कैमरे की नज़रें और ठीक पीछे गूँजती यह बेबाक आवाज़! इस दृश्य को देखकर ऐसा लगा मानो किसी ने राजनीति की भारी-भरकम पटकथा के बीचों-बीच, अचानक से ज़मीन की हकीकत का सायरन बजा दिया हो। नेताजी की बगलें झांकने वाली मुद्रा और कमरे का माहौल यह बताने के लिए काफ़ी था कि कभी-कभी तकनीक भी सही समय पर सही मज़ाक करने के मूड में होती है। खैर, इसे तकनीकी चूक कहें या किसी की सोची-समझी शरारत, लेकिन इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर बहस का एक नया दौर ज़रूर शुरू कर दिया है। आख़िरकार, जनता के बीच के सच को आप कितनी देर तक मंच के पीछे छुपाकर रख सकते हैं? स्क्रीन पर चल रही वह तसवीर और मंच पर बैठे चेहरों के भाव देखने लायक थे! इस मज़ेदार और व्यंग्यात्मक राजनीतिक पल पर आपकी क्या राय है? कमेंट सेक्शन में अपनी प्रतिक्रिया ज़रूर दें! #PoliticalSatire #ViralVideo #Saifai #IndianPolitics #AkhileshYadav #Sarcasm #PoliticalHumor #SocialMediaTrends
- 🤼♂️स्वस्थ रहो,मस्त रहो 🤼♀️👍1
- साइबर ठगी के शिकार पीड़ित को मिली बड़ी राहत, मेहदावल साइबर सेल ने वापस कराए 30 हजार रुपये मोबाइल फोन गुम होने के बाद खाते से निकाले गए थे 51,900 रुपये, त्वरित कार्रवाई से पीड़ित को वापस मिली धनराशि संतकबीरनगर। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में संचालित 'क्रैक साइबर क्राइम' अभियान के तहत साइबर अपराधों की रोकथाम एवं पीड़ितों को त्वरित राहत दिलाने के लिए जनपद पुलिस लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में साइबर सेल थाना मेहदावल की टीम ने साइबर ठगी के एक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित को 30,000 रुपये की धनराशि वापस कराकर बड़ी राहत प्रदान की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना मेहदावल क्षेत्र के ग्राम एवं पोस्ट सांडे खुर्द निवासी जयनाथ पुत्र रामायन का मोबाइल फोन गुम हो गया था। मोबाइल फोन गुम होने के बाद अज्ञात साइबर अपराधियों ने उनके मोबाइल नंबर का दुरुपयोग कर बैंक खाते से 51,900 रुपये की धनराशि धोखाधड़ी कर निकाल ली। घटना की जानकारी होने पर पीड़ित ने तत्काल साइबर हेल्पलाइन पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई, जिसकी शिकायत संख्या 23103260042828 पंजीकृत की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल थाना मेहदावल की टीम ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। आरक्षी संदीप कुमार गौतम एवं आरक्षी सौरभ कुमार ने संबंधित बैंक से समन्वय स्थापित कर तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से धोखाधड़ी की गई धनराशि को होल्ड कराया। आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूर्ण करने के उपरांत पीड़ित के खाते में 30,000 रुपये की धनराशि सफलतापूर्वक वापस करा दी गई। अपनी मेहनत की कमाई वापस मिलने पर पीड़ित ने संतकबीरनगर पुलिस एवं साइबर सेल टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनकी त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की सराहना की। पीड़ित एवं उनके परिजनों ने थाना मेहदावल पुलिस की भूरि-भूरि प्रशंसा की है। इस सराहनीय कार्यवाही में प्रभारी निरीक्षक थाना मेहदावल राकेश कुमार सिंह, प्रभारी साइबर सेल उपनिरीक्षक संजय कुमार वर्मा, आरक्षी संदीप कुमार गौतम, आरक्षी सौरभ कुमार तथा रिक्रूट आरक्षी अमित कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। जनता से अपील : जनपद पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक, कॉल अथवा संदेश पर अपनी बैंक संबंधी जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड या यूपीआई पिन साझा न करें। यदि कोई व्यक्ति रिश्तेदार या मित्र बनकर धनराशि की मांग करे तो उसकी पहचान की पुष्टि किए बिना पैसे न भेजें। साइबर अपराधी अक्सर आवाज बदलकर अथवा भावनात्मक दबाव बनाकर लोगों को ठगी का शिकार बनाते हैं। किसी भी संदिग्ध साइबर लेनदेन की शिकायत तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 अथवा साइबर क्राइम पोर्टल पर दर्ज कराएं।1
- गोसेवा को जनआंदोलन बना रही योगी सरकार, संतकबीरनगर की 12 गोशालाओं में 1369 निराश्रित गोवंश सुरक्षित-महेश शुक्ला सीसीटीवी निगरानी, गोपालकों को आर्थिक सहायता और पारदर्शी व्यवस्था से मजबूत हो रहा गो-संरक्षण अभियान संतकबीरनगर।। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित गो-संरक्षण अभियान जनपद संतकबीरनगर में लगातार प्रभावी ढंग से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में निराश्रित एवं असहाय गोवंश के संरक्षण, संवर्धन और बेहतर देखभाल के लिए जिले में व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। वर्तमान में जनपद की 12 गो-आश्रय स्थलों में 1369 निराश्रित गोवंश का सुरक्षित संरक्षण किया जा रहा है।जिला प्रशासन के अनुसार गो-आश्रय स्थलों पर गोवंश को नियमित चारा, स्वच्छ पेयजल, चिकित्सकीय सुविधाएं तथा सुरक्षित आवास उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार प्रत्येक निराश्रित गोवंश के भरण-पोषण के लिए 50 रुपये प्रतिदिन प्रति पशु की दर से धनराशि उपलब्ध करा रही है। 22 सीसीटीवी कैमरों से हो रही 24 घंटे निगरानी गोशालाओं के संचालन को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए जिले की 12 गोशालाओं में 22 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों के माध्यम से 24 घंटे निगरानी की जा रही है, जिससे गोवंश की सुरक्षा, देखभाल और व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखी जा रही है। गोपालकों को भी मिल रहा आर्थिक सहयोग मुख्यमंत्री निराश्रित गोवंश सहभागिता योजना के अंतर्गत जिले में 229 गोवंश को 139 इच्छुक एवं जिम्मेदार गोपालकों को सुपुर्द किया गया है। सरकार इन गोवंशों के भरण-पोषण के लिए 50 रुपये प्रतिदिन प्रति पशु की सहायता राशि सीधे गोपालकों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेज रही है। इससे गोपालकों की आय बढ़ने के साथ-साथ गो-संरक्षण को भी मजबूती मिल रही है। गोवंश की सुरक्षा को लेकर सरकार सख्त जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गोवंश की सुरक्षा के प्रति सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। गो-तस्करी और गोवंश से जुड़े अपराधों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही अफवाह फैलाकर भ्रम की स्थिति उत्पन्न करने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि गो-संरक्षण से जुड़ी भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न दें तथा किसी भी प्रकार की सूचना मिलने पर प्रशासन को अवगत कराएं। सरकार गोसेवा को सामाजिक सहभागिता और सुशासन का महत्वपूर्ण आधार मानते हुए निरंतर कार्य कर रही है।1
- *क्रैक साइबर क्राइम के तहत साइबर ठगी के शिकार हुए पीड़ित को साइबर सेल थाना मेंहदावल पुलिस टीम ने दिलाई राहत, वापस कराई गई 30,000.00 रू की धनराशि पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन में क्रैक साइबर क्राइम के तहत साइबर अपराधों की रोकथाम एवं पीड़ितों को त्वरित राहत दिलाने हेतु *साइबर सेल थाना मेंहदावल टीम* द्वारा सतत प्रभावी कार्यवाई करते हुए अज्ञात व्यक्ति द्वारा आवेदक का मोबाइल फ़ोन गुम हो जाने के उपरान्त आवेदक का मोबाइल नंबर का गलत तरीके से उपयोग कर आवेदक के खाते से 51,900.00 रूपये निकालकर आवेदक के साथ धोखाधड़ी कर साइबर ठगी की गयी, ठगी के शिकार हुए पीड़ित को 30,000.00 रुपये की धनराशि आवेदक के खाते में सफलतापूर्वक वापस करायी गयी। घटना का संक्षिप्त विवरण पीड़ित जयनाथ पुत्र रामायन, निवासी ग्राम एवं पोस्ट सांडे खुर्द, थाना मेंहदावल, जनपद संतकबीरनगर का मोबाइल फोन गुम हो जाने के उपरांत अज्ञात साइबर अपराधियों द्वारा उनके मोबाइल नंबर का दुरुपयोग कर उनके बैंक खाते से ₹51,900/- की धोखाधड़ी कर ली गई। घटना की जानकारी होने पर पीड़ित को अपने साथ साइबर ठगी होने का एहसास हुआ, जिसके बाद उन्होंने तत्काल साइबर हेल्पलाइन पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत संख्या 23103260042828 पंजीकृत की गई। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए आरक्षी संदीप कुमार गौतम एवं आरक्षी सौरभ कुमार द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित बैंक से समन्वय स्थापित किया गया तथा तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से धनराशि को होल्ड कराया गया। आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूर्ण करने के उपरांत पीड़ित के खाते में ₹30,000/- की धनराशि सफलतापूर्वक वापस करा दी गई। अपनी मेहनत की कमाई वापस प्राप्त होने पर पीड़ित ने संतकबीरनगर पुलिस एवं साइबर टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनकी त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही की सराहना की। *साइबर सेल टीम-* प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार सिंह, उ0नि0 संजय कुमार वर्मा, आरक्षी संदीप कुमार गौतम , आरक्षी सौरभ कुमार व रिक्रूट आरक्षी अमित कुमार । *साइबर सेल टीम-* प्रभारी निरीक्षक थाना मेहदावल राकेश कुमार सिंह, उ0नि0 संजय कुमार वर्मा(प्रभारी साइबर सेल), आरक्षी संदीप कुमार गौतम , आरक्षी सौरभ कुमार व रिक्रूट आरक्षी अमित कुमार ।1
- शिकायत है ! दिनांक :- 3 1 7 2026 ई0, " नमामि गंगे 'ग्रामीण क्षेत्रों में का जल की व्यवस्था ! 👉🏾 संदर्भ संख्या :- 9261 86000 1325 1, यह समस्या ग्राम पंचायत भगवानपुर से जुड़ा हुआ है । ग्राम पंचायत भगवानपुर में हर घर जल हर घर नल " नमामि गंगे " के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की व्यवस्था करवाई गई है । ➡️ जैसा की वीडियो में स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि जिस पाइपलाइन को जोड़ा गया है ,वह पानी की मुख्य जलवाहिनी लाइन है। यह असुरक्षित है ! यह नंगी पाइप है ! स्पष्ट दिखाई दे रहा है। कभी भी इस जल वाहिनी में किसी भी प्रकार से ड्रिलिंग करके केमिकल प्रवाहित किया जा सकता है अथवा पाइप को को काटकर खेतों में जल प्रवाहित किया जा सकता है । जब तक शासन प्रशासन को इसका पता चलेगा तब तक बहुत विलंब हो जाएगा । यह जल विभाग से जुड़े हुए अधिकारियों की उदासीनता स्पष्ट दिखाई दे रही है। उनके लापरवाही और आलस्था का प्रमाण मिल रहा है। इन पाइप लाइनों को अंडरग्राउंड अथवा कंक्रीट से सीमेंट से ढक देना चाहिए , ताकि पाइप सुरक्षित रहे और यातायात भी प्रभावित न हो । ‼️ आधा अधूरा काम करके दिखा दिया गया ‼️ जब के काम आधा अधूरा है और असुरक्षित है । इसका प्रमाण है ! संदर्भ संख्या 926186 000 13251 के माध्यम से सरकार को दिखा दिया गया कि हमने काम कर दिया है । समस्या का निस्तारण दिखा दिया गया। लेकिन जमीनी हकीकत स्पष्ट दिखाई दे रहा है । 🕓 शीघ्र काम पूरा किया जाएगा ⁉️ शीघ्रता का पैमाना क्या है ⁉️ कितने घंटे , कितने दिन , कितने मिनट , कितने वर्ष का शीघ्र होता है ❓ शासन प्रशासन के अधिकारी जो जल विभाग से जुड़े हुए हैं ,"प्रमाणित करेंगे "❓ ऐसा दिखाकर यह सभी अधिकारी अपना बचाव कर रहे हैं । जंता की आंखों में धूल झोंक रहे हैं❗ 🔺 यही है अंधेर नगरी चौपट राजा ☑️,1
- भरी सभा में ये कैसा 'सत्यदर्शन'? – जब मंच पर ही सच का आईना सामने आ गया! अजीत मिश्रा (खोजी) राजनीति और कूटनीति के गलियारों में अक्सर वो सब कुछ दिखाया जाता है, जो जनता देखना चाहती है। लेकिन कभी-कभी, अनजाने में या अचानक, एक ऐसा वाकया हो जाता है जो सारे पर्दों को हटाकर हकीकत को सबके सामने लाकर रख देता है। हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा एक वीडियो इस बात का सबसे बेहतरीन उदाहरण है। एक तरफ मंच पर नेताजी अपने चिर-परिचित अंदाज़ में बैठे हैं, और ठीक पीछे लगी बड़ी स्क्रीन पर अचानक एक महिला का इंटरव्यू चल पड़ता है — "मैं सैफई से हूं, अखिलेश राज में कभी सेफ नहीं रही।" भरी सभा, कैमरे की नज़रें और ठीक पीछे गूँजती यह बेबाक आवाज़! इस दृश्य को देखकर ऐसा लगा मानो किसी ने राजनीति की भारी-भरकम पटकथा के बीचों-बीच, अचानक से ज़मीन की हकीकत का सायरन बजा दिया हो। नेताजी की बगलें झांकने वाली मुद्रा और कमरे का माहौल यह बताने के लिए काफ़ी था कि कभी-कभी तकनीक भी सही समय पर सही मज़ाक करने के मूड में होती है। खैर, इसे तकनीकी चूक कहें या किसी की सोची-समझी शरारत, लेकिन इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर बहस का एक नया दौर ज़रूर शुरू कर दिया है। आख़िरकार, जनता के बीच के सच को आप कितनी देर तक मंच के पीछे छुपाकर रख सकते हैं? स्क्रीन पर चल रही वह तसवीर और मंच पर बैठे चेहरों के भाव देखने लायक थे! इस मज़ेदार और व्यंग्यात्मक राजनीतिक पल पर आपकी क्या राय है? कमेंट सेक्शन में अपनी प्रतिक्रिया ज़रूर दें! #PoliticalSatire #ViralVideo #Saifai #IndianPolitics #AkhileshYadav #Sarcasm #PoliticalHumor #SocialMediaTrends1
- लखनऊ के अर्जुनगंज में गाय के हमले से बच्चा गंभीर रूप से घायल, इलाके में दहशत अजीत मिश्रा (खोजी) लखनऊ: राजधानी के अर्जुनगंज इलाके से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ घर के बाहर खेल रहे एक मासूम बच्चे पर सांड/गाय ने अचानक हमला कर दिया। इस घटना में बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया है और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। पूरी घटना प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाम के समय बच्चा अपने घर के बाहर खेल रहा था। तभी अचानक एक गाय वहां आई और उसने बच्चे पर जोरदार हमला कर दिया। इस अचानक हुए हमले से बच्चा संभल नहीं पाया और गंभीर रूप से चोटिल हो गया। अस्पताल में इलाज जारी घटना के तुरंत बाद परिजनों और स्थानीय लोगों की मदद से घायल बच्चे को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, बच्चे की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे सिविल अस्पताल रेफर कर दिया है, जहाँ उसका इलाज चल रहा है। स्थानीय लोगों में आक्रोश और डर का माहौल इस घटना के बाद से अर्जुनगंज इलाके के लोगों में भारी डर और रोष व्याप्त है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि आवारा पशुओं का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों का घर से बाहर निकलना भी सुरक्षित नहीं रह गया है। लोगों ने प्रशासन से आवारा मवेशियों पर तुरंत लगाम लगाने की मांग की है। #Lucknow #Arjungaon #LucknowNews #StrayCattleMenace #CivillinesHospital #UttarPradesh #LocalNews #SafetyFirst1