रायबरेली। भीम आर्मी, इंकलाबी सभा, स्वराज इंडिया और अम्बेडकरवादी संगठनों ने UGC 2026 पर सुप्रीम कोर्ट की अंतरिम रोक पर राष्ट्रपति को विरोध पत्र भेजा है और इसकी प्रति जिलाधिकारी को सौंपी गई। रायबरेली। भीम आर्मी, इंकलाबी सभा, स्वराज इंडिया और अम्बेडकरवादी संगठनों ने UGC 2026 पर सुप्रीम कोर्ट की अंतरिम रोक पर राष्ट्रपति को विरोध पत्र भेजा है और इसकी प्रति जिलाधिकारी को सौंपी गई। 29 जनवरी 2026 को मुख्य न्यायाधीश सूर्या कांत और न्यायमूर्ति जोयमलया बागची की पीठ ने नियमों को "अस्पष्ट", "दुरुपयोग योग्य" और समाज-विभाजक बताते हुए रोक लगाई तथा 2012 के पुराने नियम जारी रखने का आदेश दिया। अगली सुनवाई 19 मार्च को है। पत्र में रोक को सरकार की "दोहरी मंशा" करार दिया गया, क्योंकि सुनवाई में मजबूत प्रतिवाद नहीं हुआ। UGC रिपोर्ट में जातिगत भेदभाव मामलों में 118% वृद्धि, NCRB डेटा में दलित/पिछड़े छात्रों की आत्महत्या बढ़ोतरी तथा रोहित वेमुला, दर्शन सोलंकी, पायल तडवी जैसे मामलों का जिक्र किया। मांग है कि नियम मजबूत बनाकर लागू हों, छात्र-नागरिक समाज शामिल हों, IIT-IIM सहित सभी संस्थानों पर प्रभावी हो। संगठन चेतावनी दे रहे हैं कि मांग न मानी गई तो आंदोलन तेज होगा।
रायबरेली। भीम आर्मी, इंकलाबी सभा, स्वराज इंडिया और अम्बेडकरवादी संगठनों ने UGC 2026 पर सुप्रीम कोर्ट की अंतरिम रोक पर राष्ट्रपति को विरोध पत्र भेजा है और इसकी प्रति जिलाधिकारी को सौंपी गई। रायबरेली। भीम आर्मी, इंकलाबी सभा, स्वराज इंडिया और अम्बेडकरवादी संगठनों ने UGC 2026 पर
सुप्रीम कोर्ट की अंतरिम रोक पर राष्ट्रपति को विरोध पत्र भेजा है और इसकी प्रति जिलाधिकारी को सौंपी गई। 29 जनवरी 2026 को मुख्य न्यायाधीश सूर्या कांत और न्यायमूर्ति जोयमलया बागची की पीठ ने नियमों को "अस्पष्ट", "दुरुपयोग योग्य" और समाज-विभाजक बताते हुए रोक लगाई तथा 2012
के पुराने नियम जारी रखने का आदेश दिया। अगली सुनवाई 19 मार्च को है। पत्र में रोक को सरकार की "दोहरी मंशा" करार दिया गया, क्योंकि सुनवाई में मजबूत प्रतिवाद नहीं हुआ। UGC रिपोर्ट में जातिगत भेदभाव मामलों में 118% वृद्धि, NCRB डेटा में दलित/पिछड़े छात्रों की
आत्महत्या बढ़ोतरी तथा रोहित वेमुला, दर्शन सोलंकी, पायल तडवी जैसे मामलों का जिक्र किया। मांग है कि नियम मजबूत बनाकर लागू हों, छात्र-नागरिक समाज शामिल हों, IIT-IIM सहित सभी संस्थानों पर प्रभावी हो। संगठन चेतावनी दे रहे हैं कि मांग न मानी गई तो आंदोलन तेज होगा।
- ग्राम चौपाल भुवालपुरडोमी में मुख्य विकास अधिकारी ने जनसमस्याओं को सुनकर 7 दिवस में निस्तारण का दिया निर्देश एवं विद्यालय व खण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय का किया निरीक्षण।1
- रायबरेली। भीम आर्मी, इंकलाबी सभा, स्वराज इंडिया और अम्बेडकरवादी संगठनों ने UGC 2026 पर सुप्रीम कोर्ट की अंतरिम रोक पर राष्ट्रपति को विरोध पत्र भेजा है और इसकी प्रति जिलाधिकारी को सौंपी गई। 29 जनवरी 2026 को मुख्य न्यायाधीश सूर्या कांत और न्यायमूर्ति जोयमलया बागची की पीठ ने नियमों को "अस्पष्ट", "दुरुपयोग योग्य" और समाज-विभाजक बताते हुए रोक लगाई तथा 2012 के पुराने नियम जारी रखने का आदेश दिया। अगली सुनवाई 19 मार्च को है। पत्र में रोक को सरकार की "दोहरी मंशा" करार दिया गया, क्योंकि सुनवाई में मजबूत प्रतिवाद नहीं हुआ। UGC रिपोर्ट में जातिगत भेदभाव मामलों में 118% वृद्धि, NCRB डेटा में दलित/पिछड़े छात्रों की आत्महत्या बढ़ोतरी तथा रोहित वेमुला, दर्शन सोलंकी, पायल तडवी जैसे मामलों का जिक्र किया। मांग है कि नियम मजबूत बनाकर लागू हों, छात्र-नागरिक समाज शामिल हों, IIT-IIM सहित सभी संस्थानों पर प्रभावी हो। संगठन चेतावनी दे रहे हैं कि मांग न मानी गई तो आंदोलन तेज होगा।4
- Post by Radha Krishna5
- Badaun बीओ..थाना दातागंज क्षेत्र में प्राप्त सूचना के आधार पर तत्काल बाल अपचारियों को चिन्हित किया गया है और उनके विरुद्ध विधिक कार्यवाही प्रचलित है। पीड़िता की सुरक्षा एवं काउंसलिंग की समुचित व्यवस्था की जा रही है।पुलिस का कहना है कि मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत सभी आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। वहीं बच्ची और उसके परिजनों को हरसंभव सुरक्षा और सहयोग मुहैया कराया जा रहा है।1
- हरचंदपुर थाना क्षेत्र डिडौली के पास लखनऊ प्रयागराज हाईवे पर लगा, लम्बा जाम एंबुलेंस सहित हजारों गाड़ियां रोड पर जाम के झाम पर फंसी1
- Post by Mohit Mishra1
- jais ka lohiya pul sabse purana pul ko ki ab road highway bnane ki wajah se bnaya ja raha hai1
- रायबरेली: 05 फरवरी 2026 जिलाधिकारी हर्षिता माथुर के आदेशानुसार एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी जयपाल वर्मा के दिशा निर्देश में जनपद रायबरेली में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान कार्यक्रम के अंतर्गत डायट संस्थान में महिला कल्याण विभाग से हब फॉर इंपॉवरमेंट ऑफ वूमेन की टीम द्वारा बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम किया गया। जिसमें जनमानस को बताया गया कि 18 वर्ष से कम आयु की लड़की का विवाह होता है या 21 वर्ष से कम आयु के लड़के का विवाह होता है तो वह बाल विवाह की श्रेणी में आता है यदि ऐसा आपके आसपास हो रहा है तो आप 1098 पर सूचित करें। इसके साथ ही बालिकाओं को सरकारी योजनाएं जैसे मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, स्पॉन्सरशिप योजना, महिला हेल्पलाइन नंबर, वन स्टॉप सेंटर आदि के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान करते हुए उन्हें ‘‘बाल विवाह मुक्त भारत’’ अभियान की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में हब फॉर इम्पावरमेंट ऑफ वूमेन टीम से जिला मिशन समन्वयक शेफाली सिंह, जेन्डर स्पेशलिस्ट पूजा तिवारी एवं बालिकाएं उपस्थित रहीं।1