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मुजफ्फरपुर में “सोलर लोन मेला” सफल, जिलाधिकारी ने बैंकों को दिए सख्त निर्देश (जयचंद्र कुमार राज्य सचिव बिहार दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार) मुजफ्फरपुर, 23 मार्च 2026 सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को गति देने के उद्देश्य से सोमवार को मुजफ्फरपुर कलेक्ट्रेट में “सोलर लोन मेला” का भव्य आयोजन किया गया। मेला का उद्घाटन जिलाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन, उप विकास आयुक्त श्री श्रेष्ठ अनुपम एवं अधीक्षण अभियंता विद्युत ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस मेले में 15 बैंकों, 12 अधिकृत सोलर वेंडरों तथा बड़ी संख्या में आवेदकों समेत 500 से अधिक हितधारकों ने भाग लिया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य योजना के अंतर्गत ऋण स्वीकृति और वितरण से जुड़ी जटिलताओं को मौके पर ही दूर करना तथा लाभार्थियों को सहज, पारदर्शी और त्वरित सेवाएं एवं जानकारी उपलब्ध कराना था। साथ ही उपभोक्ता वेंडर एवं बैंकों का एक संयुक्त मंच प्रदान करना है ताकि योजना का त्वरित प्रभावी एवं पारदर्शी तरीके से क्रियान्वयन हो । जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित इस महत्वपूर्ण मेला में लाभार्थियों, बैंकों और वेंडर के बीच सीधा संवाद स्थापित हुआ, जिससे कई लंबित मामलों का मौके पर ही निपटारा किया गया। इस पहल के परिणामस्वरूप लगभग 150 ऋण संबंधी शिकायतों का सफलतापूर्वक समाधान किया गया, जो इस आयोजन की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। साथ ही, उपभोक्ताओं को योजना की प्रक्रिया, पात्रता, सब्सिडी एवं तकनीकी पहलुओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई, जिससे उनकी जागरूकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। जिलाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन ने मेले में बैंकवार लंबित आवेदनों, अस्वीकृत मामलों तथा उनके कारणों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी बैंक लंबित आवेदनों के निस्तारण में तेजी लाएं और अनावश्यक देरी से बचें। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य आम उपभोक्ताओं को सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराना है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने बैंकों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शाखा में एक समर्पित अधिकारी की नियुक्ति की जाए, जो विशेष रूप से सोलर लोन से संबंधित मामलों का निपटारा करे। इससे उपभोक्ताओं और वेंडरों को बार-बार बैंक के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और उनकी समस्याओं का समाधान त्वरित रूप से हो सकेगा। उन्होंने यह भी कहा कि बैंकों में एक सशक्त शिकायत निवारण प्रणाली विकसित की जाय, ताकि आवेदकों की समस्याओं का समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से समाधान सुनिश्चित किया जा सके।इसके अलावा, जिलाधिकारी ने बैंकों को लोन स्वीकृति प्रक्रिया में “लचीला दृष्टिकोण” अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पात्र उपभोक्ताओं को अनावश्यक तकनीकी कारणों से वंचित न किया जाए और सभी योग्य आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृत किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि लोन स्वीकृति के बाद भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, ताकि सोलर प्लांट का अधिष्ठापन समय पर हो सके और अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को शीघ्र लाभ मिले तथा शत प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया जा सके। ज्ञातव्य हो कि जिले में अब तक कुल 3911 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जबकि 1008 सोलर प्लांट का सफलतापूर्वक अधिष्ठापन किया जा चुका है। यह दर्शाता है कि योजना के प्रति लोगों में तेजी से रुचि बढ़ रही है। जिलाधिकारी ने इस प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि लक्ष्य प्राप्ति के लिए सभी हितधारकों और बैंकों को समन्वित प्रयास करने की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि बैंकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी स्वीकृत आवेदनों पर निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्रवाई हो। इसके लिए नियमित मॉनिटरिंग की व्यवस्था की जाए और प्रगति की समीक्षा की जाए। साथ ही, वेंडरों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर सोलर प्लांट के अधिष्ठापन प्रक्रिया को और अधिक तेज और प्रभावी बनाया जाए।कार्यक्रम के दौरान वेंडरों और उपभोक्ताओं ने भी अपनी समस्याएं और सुझाव जिला पदाधिकारी के समक्ष रखे। कई उपभोक्ताओं ने बताया कि इस तरह के मेले से उन्हें न केवल जानकारी मिली, बल्कि उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान भी हुआ, जिससे उनका विश्वास बढ़ा है। कुल मिलाकर, “सोलर लोन मेला” न केवल ऋण स्वीकृति और वितरण से जुड़ी समस्याओं के समाधान में प्रभावी साबित हुआ, बल्कि इसने योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार और जन-जागरूकता में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जिलाधिकारी द्वारा दिए गए स्पष्ट और सख्त निर्देशों से आने वाले समय में योजना का क्रियान्वयन और अधिक तेज, पारदर्शी और परिणामोन्मुख होगा, जिससे अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को स्वच्छ ऊर्जा का लाभ मिल सकेगा।

3 hrs ago
user_दैनिक अयोध्या टाईम्स बिहार
दैनिक अयोध्या टाईम्स बिहार
Newspaper publisher पकड़ी दयाल, पूर्वी चंपारण, बिहार•
3 hrs ago

मुजफ्फरपुर में “सोलर लोन मेला” सफल, जिलाधिकारी ने बैंकों को दिए सख्त निर्देश (जयचंद्र कुमार राज्य सचिव बिहार दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार) मुजफ्फरपुर, 23 मार्च 2026 सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को गति देने के उद्देश्य से सोमवार को मुजफ्फरपुर कलेक्ट्रेट में “सोलर लोन मेला” का भव्य आयोजन किया गया। मेला का उद्घाटन जिलाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन, उप विकास आयुक्त श्री श्रेष्ठ अनुपम एवं अधीक्षण अभियंता विद्युत ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस मेले में 15 बैंकों, 12 अधिकृत सोलर वेंडरों तथा बड़ी संख्या में आवेदकों समेत 500 से अधिक हितधारकों ने भाग लिया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य योजना के अंतर्गत ऋण स्वीकृति और वितरण से जुड़ी जटिलताओं को मौके पर ही दूर करना तथा लाभार्थियों को सहज, पारदर्शी और त्वरित सेवाएं एवं जानकारी उपलब्ध कराना था। साथ ही उपभोक्ता वेंडर एवं बैंकों का एक संयुक्त मंच प्रदान करना है ताकि योजना का त्वरित प्रभावी एवं पारदर्शी तरीके से क्रियान्वयन हो । जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित इस महत्वपूर्ण मेला में लाभार्थियों, बैंकों और वेंडर के बीच सीधा संवाद स्थापित हुआ, जिससे कई लंबित मामलों का मौके पर ही निपटारा किया गया। इस पहल के परिणामस्वरूप लगभग 150 ऋण संबंधी शिकायतों का सफलतापूर्वक समाधान किया गया, जो इस आयोजन की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। साथ ही, उपभोक्ताओं को योजना की प्रक्रिया, पात्रता, सब्सिडी एवं तकनीकी पहलुओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई, जिससे उनकी जागरूकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। जिलाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन ने मेले में बैंकवार लंबित आवेदनों, अस्वीकृत मामलों तथा उनके कारणों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी बैंक लंबित आवेदनों के निस्तारण में तेजी लाएं और अनावश्यक देरी से बचें। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य आम उपभोक्ताओं को सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराना है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने बैंकों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शाखा में एक समर्पित अधिकारी की नियुक्ति की जाए, जो विशेष रूप से सोलर लोन से संबंधित मामलों का निपटारा करे। इससे उपभोक्ताओं और वेंडरों को बार-बार बैंक के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और उनकी समस्याओं का

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समाधान त्वरित रूप से हो सकेगा। उन्होंने यह भी कहा कि बैंकों में एक सशक्त शिकायत निवारण प्रणाली विकसित की जाय, ताकि आवेदकों की समस्याओं का समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से समाधान सुनिश्चित किया जा सके।इसके अलावा, जिलाधिकारी ने बैंकों को लोन स्वीकृति प्रक्रिया में “लचीला दृष्टिकोण” अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पात्र उपभोक्ताओं को अनावश्यक तकनीकी कारणों से वंचित न किया जाए और सभी योग्य आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृत किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि लोन स्वीकृति के बाद भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, ताकि सोलर प्लांट का अधिष्ठापन समय पर हो सके और अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को शीघ्र लाभ मिले तथा शत प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया जा सके। ज्ञातव्य हो कि जिले में अब तक कुल 3911 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जबकि 1008 सोलर प्लांट का सफलतापूर्वक अधिष्ठापन किया जा चुका है। यह दर्शाता है कि योजना के प्रति लोगों में तेजी से रुचि बढ़ रही है। जिलाधिकारी ने इस प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि लक्ष्य प्राप्ति के लिए सभी हितधारकों और बैंकों को समन्वित प्रयास करने की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि बैंकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी स्वीकृत आवेदनों पर निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्रवाई हो। इसके लिए नियमित मॉनिटरिंग की व्यवस्था की जाए और प्रगति की समीक्षा की जाए। साथ ही, वेंडरों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर सोलर प्लांट के अधिष्ठापन प्रक्रिया को और अधिक तेज और प्रभावी बनाया जाए।कार्यक्रम के दौरान वेंडरों और उपभोक्ताओं ने भी अपनी समस्याएं और सुझाव जिला पदाधिकारी के समक्ष रखे। कई उपभोक्ताओं ने बताया कि इस तरह के मेले से उन्हें न केवल जानकारी मिली, बल्कि उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान भी हुआ, जिससे उनका विश्वास बढ़ा है। कुल मिलाकर, “सोलर लोन मेला” न केवल ऋण स्वीकृति और वितरण से जुड़ी समस्याओं के समाधान में प्रभावी साबित हुआ, बल्कि इसने योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार और जन-जागरूकता में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जिलाधिकारी द्वारा दिए गए स्पष्ट और सख्त निर्देशों से आने वाले समय में योजना का क्रियान्वयन और अधिक तेज, पारदर्शी और परिणामोन्मुख होगा, जिससे अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को स्वच्छ ऊर्जा का लाभ मिल सकेगा।

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    (जयचंद्र कुमार राज्य सचिव बिहार दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार)
मुजफ्फरपुर, 23 मार्च 2026  सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को गति देने के उद्देश्य से सोमवार को मुजफ्फरपुर कलेक्ट्रेट में “सोलर लोन मेला” का भव्य आयोजन किया गया। मेला का उद्घाटन जिलाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन, उप विकास आयुक्त श्री श्रेष्ठ अनुपम एवं अधीक्षण अभियंता विद्युत ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस मेले में 15 बैंकों, 12 अधिकृत सोलर वेंडरों तथा बड़ी संख्या में आवेदकों समेत 500 से अधिक हितधारकों ने भाग लिया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य योजना के अंतर्गत ऋण स्वीकृति और वितरण से जुड़ी जटिलताओं को मौके पर ही दूर करना तथा लाभार्थियों को सहज, पारदर्शी और त्वरित सेवाएं एवं जानकारी उपलब्ध कराना था। साथ ही उपभोक्ता वेंडर एवं बैंकों का एक संयुक्त मंच प्रदान करना है ताकि योजना का त्वरित प्रभावी एवं पारदर्शी तरीके से क्रियान्वयन हो । जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित इस महत्वपूर्ण मेला  में लाभार्थियों, बैंकों और वेंडर के बीच सीधा संवाद स्थापित हुआ, जिससे कई लंबित मामलों का मौके पर ही निपटारा किया गया। इस पहल के परिणामस्वरूप लगभग 150 ऋण संबंधी शिकायतों का सफलतापूर्वक समाधान किया गया, जो इस आयोजन की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। साथ ही, उपभोक्ताओं को योजना की प्रक्रिया, पात्रता, सब्सिडी एवं तकनीकी पहलुओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई, जिससे उनकी जागरूकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। जिलाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन ने मेले  में बैंकवार लंबित आवेदनों, अस्वीकृत मामलों तथा उनके कारणों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी बैंक लंबित आवेदनों के निस्तारण में तेजी लाएं और अनावश्यक देरी से बचें। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य आम उपभोक्ताओं को सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराना है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने बैंकों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शाखा में एक समर्पित अधिकारी की नियुक्ति की जाए, जो विशेष रूप से सोलर लोन से संबंधित मामलों का निपटारा करे। इससे उपभोक्ताओं और वेंडरों को बार-बार बैंक के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और उनकी समस्याओं का समाधान त्वरित रूप से हो सकेगा। उन्होंने यह भी कहा कि बैंकों  में एक सशक्त शिकायत निवारण प्रणाली विकसित की जाय, ताकि आवेदकों की समस्याओं का समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से समाधान सुनिश्चित किया जा सके।इसके अलावा, जिलाधिकारी ने बैंकों को लोन स्वीकृति प्रक्रिया में “लचीला दृष्टिकोण” अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पात्र उपभोक्ताओं को अनावश्यक तकनीकी कारणों से वंचित न किया जाए और सभी योग्य आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृत किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि लोन स्वीकृति के बाद भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, ताकि सोलर प्लांट का अधिष्ठापन समय पर हो सके और अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को शीघ्र लाभ मिले तथा शत प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया जा सके। ज्ञातव्य हो कि जिले में अब तक कुल 3911 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जबकि 1008 सोलर प्लांट का सफलतापूर्वक अधिष्ठापन किया जा चुका है। यह दर्शाता है कि योजना के प्रति लोगों में तेजी से रुचि बढ़ रही है। जिलाधिकारी ने इस प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि लक्ष्य प्राप्ति के लिए सभी हितधारकों और बैंकों को समन्वित प्रयास करने की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि बैंकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी स्वीकृत आवेदनों पर निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्रवाई हो। इसके लिए नियमित मॉनिटरिंग की व्यवस्था की जाए और प्रगति की समीक्षा की जाए। साथ ही, वेंडरों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर सोलर प्लांट के अधिष्ठापन प्रक्रिया को और अधिक तेज और प्रभावी बनाया जाए।कार्यक्रम के दौरान वेंडरों और उपभोक्ताओं ने भी अपनी समस्याएं और सुझाव जिला  पदाधिकारी के समक्ष रखे। कई उपभोक्ताओं ने बताया कि इस तरह के मेले से उन्हें न केवल जानकारी मिली, बल्कि उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान भी हुआ, जिससे उनका विश्वास बढ़ा है। कुल मिलाकर, “सोलर लोन मेला” न केवल ऋण स्वीकृति और वितरण से जुड़ी समस्याओं के समाधान में प्रभावी साबित हुआ, बल्कि इसने योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार और जन-जागरूकता में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जिलाधिकारी द्वारा दिए गए स्पष्ट और सख्त निर्देशों से आने वाले समय में योजना का क्रियान्वयन और अधिक तेज, पारदर्शी और परिणामोन्मुख होगा, जिससे अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को स्वच्छ ऊर्जा का लाभ मिल सकेगा।
    user_दैनिक अयोध्या टाईम्स बिहार
    दैनिक अयोध्या टाईम्स बिहार
    Newspaper publisher पकड़ी दयाल, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    3 hrs ago
  • न्यूज़: मोतिहारी के चकिया में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। चकिया अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) शिवानी शुभम और अनुमंडल अस्पताल प्रभारी चंदन कुमार के नेतृत्व में चकिया सिटी हॉस्पिटल का औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि अस्पताल में नवजात शिशुओं की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा था। बच्चों के ICU में वेंटिलेटर तो लगा था, लेकिन वहां पैडियाट्रिक डॉक्टर की जगह नॉन-मैट्रिक नर्स तैनात थी। इतना ही नहीं, वेंटिलेटर के लिए कोई पावर बैकअप भी नहीं था। निरीक्षण के दौरान ही बिजली कट गई और नवजात बिना बैकअप के अंधेरे में पाया गया, जिससे प्रशासन ने गंभीर लापरवाही मानी। जांच में यह भी सामने आया कि अस्पताल में बिना उचित योग्यता और नियमों के इलाज किया जा रहा था। यूनानी डिग्रीधारी डॉक्टर सादिक हुसैन द्वारा सर्जरी और नवजात शिशुओं का इलाज किया जा रहा था, जो नियमों का उल्लंघन है। इसके अलावा अस्पताल में बिना रजिस्ट्रेशन के अल्ट्रासाउंड संचालित किया जा रहा था, जहां एक महिला कर्मी बिना सर्टिफिकेट के अल्ट्रासाउंड करते हुए एसडीएम द्वारा पकड़ी गई। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए चकिया सिटी हॉस्पिटल को तत्काल सील कर दिया। साथ ही डॉक्टर सादिक हुसैन, एक महिला अल्ट्रासाउंड संचालक और अस्पताल की एक असिस्टेंट महिला को गिरफ्तार कर पुलिस ने हिरासत में ले लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने साफ कहा है कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही और अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बाइट: शिवानी शुभम, एसडीएम.
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    न्यूज़:
मोतिहारी के चकिया में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। चकिया अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) शिवानी शुभम और अनुमंडल अस्पताल प्रभारी चंदन कुमार के नेतृत्व में चकिया सिटी हॉस्पिटल का औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि अस्पताल में नवजात शिशुओं की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा था। बच्चों के ICU में वेंटिलेटर तो लगा था, लेकिन वहां पैडियाट्रिक डॉक्टर की जगह नॉन-मैट्रिक नर्स तैनात थी। इतना ही नहीं, वेंटिलेटर के लिए कोई पावर बैकअप भी नहीं था। निरीक्षण के दौरान ही बिजली कट गई और नवजात बिना बैकअप के अंधेरे में पाया गया, जिससे प्रशासन ने गंभीर लापरवाही मानी।
जांच में यह भी सामने आया कि अस्पताल में बिना उचित योग्यता और नियमों के इलाज किया जा रहा था। यूनानी डिग्रीधारी डॉक्टर सादिक हुसैन द्वारा सर्जरी और नवजात शिशुओं का इलाज किया जा रहा था, जो नियमों का उल्लंघन है। इसके अलावा अस्पताल में बिना रजिस्ट्रेशन के अल्ट्रासाउंड संचालित किया जा रहा था, जहां एक महिला कर्मी बिना सर्टिफिकेट के अल्ट्रासाउंड करते हुए एसडीएम द्वारा पकड़ी गई।
प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए चकिया सिटी हॉस्पिटल को तत्काल सील कर दिया। साथ ही डॉक्टर सादिक हुसैन, एक महिला अल्ट्रासाउंड संचालक और अस्पताल की एक असिस्टेंट महिला को गिरफ्तार कर पुलिस ने हिरासत में ले लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने साफ कहा है कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही और अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बाइट: शिवानी शुभम, एसडीएम.
    user_Prabhat Ranjan Ranjan
    Prabhat Ranjan Ranjan
    मोतिहारी, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    4 hrs ago
  • Post by Talk On Chair
    1
    Post by Talk On Chair
    user_Talk On Chair
    Talk On Chair
    Media company मोतिहारी, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    8 hrs ago
  • Post by Vishwanath Sahni
    1
    Post by Vishwanath Sahni
    user_Vishwanath Sahni
    Vishwanath Sahni
    Nurse Madhuban, Purbi Champaran•
    17 hrs ago
  • Post by नीतीश उजाला
    1
    Post by नीतीश उजाला
    user_नीतीश उजाला
    नीतीश उजाला
    Graphic designer मोतिहारी, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    19 hrs ago
  • निर्भीक पत्रकार स्व. जय प्रकाश सिंह को श्रद्धांजलि, शिवहर में आयोजित हुआ भव्य कार्यक्रम
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    निर्भीक पत्रकार स्व. जय प्रकाश सिंह को श्रद्धांजलि, शिवहर में आयोजित हुआ भव्य कार्यक्रम
    user_Bihar ke Janta ki Awaaz
    Bihar ke Janta ki Awaaz
    शिवहर, शिवहर, बिहार•
    6 hrs ago
  • Post by Santosh kumar
    1
    Post by Santosh kumar
    user_Santosh kumar
    Santosh kumar
    Farmer मीनापुर, मुजफ्फरपुर, बिहार•
    15 hrs ago
  • --गर्मी से पहले प्रशासन सतर्क, स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई जागरूकता।एईएस/जेई से बचाव को लेकर स्टॉल और रोल प्ले के माध्यम से दिया गया अहम संदेश। (रवि कुमार भार्गव संपादक दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार) सीतामढ़ी 23 मार्च 2026-सीतामढ़ी:- बिहार दिवस के अवसर पर जिला भीबीडी (वेक्टर जनित रोग) नियंत्रण विभाग की ओर से जन जागरूकता के उद्देश्य से एक विशेष स्टॉल लगाया गया। इस स्टॉल के माध्यम से कालाजार, फाइलेरिया, मलेरिया, डेंगू तथा एईएस (चमकी)/जेई जैसी बीमारियों से बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी लोगों को दी गई।स्टॉल का उद्घाटन स्थानीय विधायक, जिला पदाधिकारी, सिविल सर्जन एवं अन्य पदाधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। कार्यक्रम में आने वाली गर्मी को ध्यान में रखते हुए विशेष रूप से एईएस (चमकी) और जेई से बचाव पर जोर दिया गया।इस दौरान ‘चमकी को धमकी’ अभियान के तहत एक जीवंत प्रदर्शन (रोल प्ले) प्रस्तुत किया गया, जिसमें सिविल सर्जन, जिला भीबीडी नियंत्रण पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, बीबीडीएस एवं आशा कार्यकर्ताओं ने स्वयं भाग लिया। एप्रन पहनकर उन्होंने “खिलाओ, जगाओ और अस्पताल ले जाओ” का संदेश देते हुए बताया कि बच्चों को खाली पेट न सुलाएं। यदि बच्चा बिना खाए सो जाए तो उसे उठाकर खाना खिलाना जरूरी है।साथ ही अभिभावकों को सलाह दी गई कि वे सुबह उठकर बच्चों की स्थिति अवश्य जांचें और यदि बच्चा सुस्त या बेहोश प्रतीत हो तो तुरंत अस्पताल ले जाएं। कार्यक्रम में यह भी प्रदर्शित किया गया कि किस प्रकार आशा कार्यकर्ता तत्काल एम्बुलेंस बुलाकर बच्चे को अस्पताल पहुंचाती है। एम्बुलेंस सेवा 24×7 उपलब्ध होने की जानकारी भी दी गई।मौके पर रीगा विधायक वैद्यनाथ प्रसाद ने इस प्रस्तुति की सराहना की और सेल्फी स्टैंड पर लोगों के साथ सहभागिता भी की। इस जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि समय पर पहचान और त्वरित इलाज से चमकी जैसी गंभीर बीमारी में बच्चों की जान बचाई जा सकती है। साथ ही यह भी बताया गया कि सभी सरकारी अस्पतालों में इसका इलाज निःशुल्क उपलब्ध है।जिला भीबीडी नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. रविन्द्र कुमार यादव ने जानकारी दी कि सदर अस्पताल में 37 बेड तथा सभी सीएचसी/पीएचसी में दो-दो बेड एईएस मरीजों के लिए आरक्षित किए गए हैं। सभी अस्पतालों में आवश्यक दवाएं और उपकरण उपलब्ध हैं।इस अवसर पर स्थानीय विधायक सुनील कुमार पिंटु, रीगा विधायक वैद्यनाथ प्रसाद, जिला पदाधिकारी रिची पाण्डेय, सिविल सर्जन डॉ. अखिलेश कुमार एवं अन्य अधिकारियों ने फाइलेरिया लाभार्थियों के बीच एमएमडीपी किट का वितरण भी किया।चमकी के लक्षणः-● सरदर्द, तेज बुखार आना जो 5-7 दिनों से ज्यादा का ना हो● अर्द्ध चेतना एवं मरीज में पहचानने की क्षमता नहीं होना/भ्रम की स्थिति में होना/बच्चे का बेहोश हो जाना।● शरीर में चमकी होना अथवा हाथ पैर में थरथराहट होना।● पूरे शरीर या किसी खास अंग में लकवा मारना या हाथ पैर का अकड़ जाना।● बच्चे का शारीरिक एवं मानसिक संतुलन ठीक नहीं होना।● उपरोक्त लक्षणों में से कोई भी लक्षण दिखने पर अविलंब अपने गांव की आशा/एएनएम दीदी से संपर्क कर अपने सबसे निकटतम स्वास्थ्य केन्द्र पर जाकर चिकित्सीय परामर्श लें। इसके उपरांत ही सदर अस्पताल/मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बच्चों को ईलाज हेतु ले जायें।सामान्य उपचार एवं सावधानियांः-● अपने बच्चों को तेज धूप से बचाएं। घर से बाहर जाने पर सर पर टोपी या गीला गमछा रखें।● अपने बच्चों को दिन में दो बार स्नान कराएं।रात में बच्चों को भरपेट खाना खिलाकर ही सुलाएं।● गर्मी के दिनों में बच्चों को ओआरएस अथवा नमक-चीनी एवं नींबू पानी से शरबत बनाकर पिलायें।● रात में सोते समय घर की खिड़कियां एवं रौशनदान को खोल दें, ताकि हवा का आवागमन होता रहे।ध्यान देने वाली बातेंः-क्या करेंः-● तेज बुखार होने पर पूरे शरीर को ताजे पानी से पोछें एवं पंखा से हवा करें ताकि बुखार 100 डिग्री से कम हो सके।● पारासिटामोल की गोली/सीरप मरीज को चिकित्सीय सलाह पर दें।● यदि बच्चा बेहोश नहीं है तब साफ एवं पीने योग्य पानी में ओआरएस का घोल बनाकर पिलायें।बेहोशी/मिर्गी की अवस्था में बच्चे को छायादार एवं हवादार स्थान पर लिटाएं।● चमकी आने पर, मरीज को बाएं या दाएं करवट में लिटाकर तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाएं।● बच्चे के शरीर से कपड़े हटा लें एवं गर्दन सीधा रखें।अगर मुंह से लार या झाग निकल रहा हो तो साफ कपड़े से पोछें, जिससे कि सांस लेने में कोई दिक्कत ना हो।● तेज रोशनी से बचाने के लिए मरीज की अंखों को पट्टी या कपड़े से ढंकें।क्या ना करेंः-● बच्चे को कम्बल या गर्म कपड़ों में न लपेंटे।● बच्चे की नाक बंद नहीं करें।● बेहोशी/मिर्गी की अवस्था में बच्चे के मुंह से कुछ भी न दें।● बच्चे का गर्दन झुका हुआ नहीं रखें।● चूंकि यह दैविक प्रकोप नहीं है बल्कि अत्यधिक गर्मी एवं नमी के कारण होने वाली बीमारी है अतः बच्चे के ईलाज में ओझा गुणी में समय नष्ट न करें।● मरीज के बिस्तर पर ना बैठें तथा मरीज को बिना वजह तंग न करें।● ध्यान रहे कि मरीज के पास शोर न हो और शांत वातावरण बनायें रखें।इस गर्मी हम मिल के देंगे चमकी को धमकी :- ये 3 धमकियां याद रखें।● खिलायें-बच्चे को रात में सोने से पहले भरपेट खाना जरूर खिलाएं। यदि संभव हो तो कुछ मीठा भी खिलायें।● जगायें-रात के बीच में एवं सुबह उठते ही देखें कि कहीं बच्चा बेहोश या उसे चमकी तो नहीं।अस्पताल ले जायें-बेहोशी या चमकी दिखते ही आशा को सूचित कर तुरंत निःशुल्क 102 एंबुलेंस या उपलब्ध वाहन से नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र जायें।
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    --गर्मी से पहले प्रशासन सतर्क, स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई जागरूकता।एईएस/जेई से बचाव को लेकर स्टॉल और रोल प्ले के माध्यम से दिया गया अहम संदेश।
(रवि कुमार भार्गव संपादक दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार)
सीतामढ़ी 23 मार्च 2026-सीतामढ़ी:- बिहार दिवस के अवसर पर जिला भीबीडी (वेक्टर जनित रोग) नियंत्रण विभाग की ओर से जन जागरूकता के उद्देश्य से एक विशेष स्टॉल लगाया गया। इस स्टॉल के माध्यम से कालाजार, फाइलेरिया, मलेरिया, डेंगू तथा एईएस (चमकी)/जेई जैसी बीमारियों से बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी लोगों को दी गई।स्टॉल का उद्घाटन स्थानीय विधायक, जिला पदाधिकारी, सिविल सर्जन एवं अन्य पदाधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। कार्यक्रम में आने वाली गर्मी को ध्यान में रखते हुए विशेष रूप से एईएस (चमकी) और जेई से बचाव पर जोर दिया गया।इस दौरान ‘चमकी को धमकी’ अभियान के तहत एक जीवंत प्रदर्शन (रोल प्ले) प्रस्तुत किया गया, जिसमें सिविल सर्जन, जिला भीबीडी नियंत्रण पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, बीबीडीएस एवं आशा कार्यकर्ताओं ने स्वयं भाग लिया। एप्रन पहनकर उन्होंने “खिलाओ, जगाओ और अस्पताल ले जाओ” का संदेश देते हुए बताया कि बच्चों को खाली पेट न सुलाएं। यदि बच्चा बिना खाए सो जाए तो उसे उठाकर खाना खिलाना जरूरी है।साथ ही अभिभावकों को सलाह दी गई कि वे सुबह उठकर बच्चों की स्थिति अवश्य जांचें और यदि बच्चा सुस्त या बेहोश प्रतीत हो तो तुरंत अस्पताल ले जाएं। कार्यक्रम में यह भी प्रदर्शित किया गया कि किस प्रकार आशा कार्यकर्ता तत्काल एम्बुलेंस बुलाकर बच्चे को अस्पताल पहुंचाती है। एम्बुलेंस सेवा 24×7 उपलब्ध होने की जानकारी भी दी गई।मौके पर रीगा विधायक वैद्यनाथ प्रसाद ने इस प्रस्तुति की सराहना की और सेल्फी स्टैंड पर लोगों के साथ सहभागिता भी की। इस जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि समय पर पहचान और त्वरित इलाज से चमकी जैसी गंभीर बीमारी में बच्चों की जान बचाई जा सकती है। साथ ही यह भी बताया गया कि सभी सरकारी अस्पतालों में इसका इलाज निःशुल्क उपलब्ध है।जिला भीबीडी नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. रविन्द्र कुमार यादव ने जानकारी दी कि सदर अस्पताल में 37 बेड तथा सभी सीएचसी/पीएचसी में दो-दो बेड एईएस मरीजों के लिए आरक्षित किए गए हैं। सभी अस्पतालों में आवश्यक दवाएं और उपकरण उपलब्ध हैं।इस अवसर पर स्थानीय विधायक सुनील कुमार पिंटु, रीगा विधायक वैद्यनाथ प्रसाद, जिला पदाधिकारी रिची पाण्डेय, सिविल सर्जन डॉ. अखिलेश कुमार एवं अन्य अधिकारियों ने फाइलेरिया लाभार्थियों के बीच एमएमडीपी किट का वितरण भी किया।चमकी के लक्षणः-● सरदर्द, तेज बुखार आना जो 5-7 दिनों से ज्यादा का ना हो● अर्द्ध चेतना एवं मरीज में पहचानने की क्षमता नहीं होना/भ्रम की स्थिति में होना/बच्चे का बेहोश हो जाना।● शरीर में चमकी होना अथवा हाथ पैर में थरथराहट होना।● पूरे शरीर या किसी खास अंग में लकवा मारना या हाथ पैर का अकड़ जाना।● बच्चे का शारीरिक एवं मानसिक संतुलन ठीक नहीं होना।● उपरोक्त लक्षणों में से कोई भी लक्षण दिखने पर अविलंब अपने गांव की आशा/एएनएम दीदी से संपर्क कर अपने सबसे निकटतम स्वास्थ्य केन्द्र पर जाकर चिकित्सीय परामर्श लें। इसके उपरांत ही सदर अस्पताल/मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बच्चों को ईलाज हेतु ले जायें।सामान्य उपचार एवं सावधानियांः-● अपने बच्चों को तेज धूप से बचाएं। घर से बाहर जाने पर सर पर टोपी या गीला गमछा रखें।● अपने बच्चों को दिन में दो बार स्नान कराएं।रात में बच्चों को भरपेट खाना खिलाकर ही सुलाएं।● गर्मी के दिनों में बच्चों को ओआरएस अथवा नमक-चीनी एवं नींबू पानी से शरबत बनाकर पिलायें।● रात में सोते समय घर की खिड़कियां एवं रौशनदान को खोल दें, ताकि हवा का आवागमन होता रहे।ध्यान देने वाली बातेंः-क्या करेंः-● तेज बुखार होने पर पूरे शरीर को ताजे पानी से पोछें एवं पंखा से हवा करें ताकि बुखार 100 डिग्री से कम हो सके।● पारासिटामोल की गोली/सीरप मरीज को चिकित्सीय सलाह पर दें।● यदि बच्चा बेहोश नहीं है तब साफ एवं पीने योग्य पानी में ओआरएस का घोल बनाकर पिलायें।बेहोशी/मिर्गी की अवस्था में बच्चे को छायादार एवं हवादार स्थान पर लिटाएं।● चमकी आने पर, मरीज को बाएं या दाएं करवट में लिटाकर तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाएं।● बच्चे के शरीर से कपड़े हटा लें एवं गर्दन सीधा रखें।अगर मुंह से लार या झाग निकल रहा हो तो साफ कपड़े से पोछें, जिससे कि सांस लेने में कोई दिक्कत ना हो।● तेज रोशनी से बचाने के लिए मरीज की अंखों को पट्टी या कपड़े से ढंकें।क्या ना करेंः-● बच्चे को कम्बल या गर्म कपड़ों में न लपेंटे।● बच्चे की नाक बंद नहीं करें।● बेहोशी/मिर्गी की अवस्था में बच्चे के मुंह से कुछ भी न दें।● बच्चे का गर्दन झुका हुआ नहीं रखें।● चूंकि यह दैविक प्रकोप नहीं है बल्कि अत्यधिक गर्मी एवं नमी के कारण होने वाली बीमारी है अतः बच्चे के ईलाज में ओझा गुणी में समय नष्ट न करें।● मरीज के बिस्तर पर ना बैठें तथा मरीज को बिना वजह तंग न करें।● ध्यान रहे कि मरीज के पास शोर न हो और शांत वातावरण बनायें रखें।इस गर्मी हम मिल के देंगे चमकी को धमकी :- ये 3 धमकियां याद रखें।● खिलायें-बच्चे को रात में सोने से पहले भरपेट खाना जरूर खिलाएं। यदि संभव हो तो कुछ मीठा भी खिलायें।● जगायें-रात के बीच में एवं सुबह उठते ही देखें कि कहीं बच्चा बेहोश या उसे चमकी तो नहीं।अस्पताल ले जायें-बेहोशी या चमकी दिखते ही आशा को सूचित कर तुरंत निःशुल्क 102 एंबुलेंस या उपलब्ध वाहन से नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र जायें।
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    दैनिक अयोध्या टाईम्स बिहार
    Newspaper publisher पकड़ी दयाल, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    3 hrs ago
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