गुमला: उपायुक्त दिलेश्वर महतो की अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभागार में जिला स्तरीय निर्यात प्रोत्साहन समिति (District Level Export Promotion Committee–DLEPC) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में निर्यात की संभावनाओं को बढ़ावा देने, स्थानीय उद्यमों एवं उत्पादों को गुमला: उपायुक्त दिलेश्वर महतो की अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभागार में जिला स्तरीय निर्यात प्रोत्साहन समिति (District Level Export Promotion Committee–DLEPC) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में निर्यात की संभावनाओं को बढ़ावा देने, स्थानीय उद्यमों एवं उत्पादों को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने एवं निर्यात प्रक्रिया को सुगम बनाने से संबंधित विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में उपायुक्त ने कहा कि जिले में उपलब्ध स्थानीय संसाधनों, उत्पादों एवं उद्यमों में निर्यात की पर्याप्त संभावनाएं हैं। ऐसे उत्पादों एवं उद्यमों की पहचान कर उन्हें आवश्यक सहयोग, बाजार की जानकारी, तकनीकी मार्गदर्शन तथा निर्यात संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में समन्वित प्रयास किया जाना आवश्यक है। उन्होंने जिला स्तरीय निर्यात प्रोत्साहन समिति को सक्रिय रूप से कार्य करते हुए जिले के संभावित निर्यात योग्य उत्पादों एवं उद्यमों को चिह्नित करने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले के ऐसे उद्यमों एवं इकाइयों की पहचान की जाए, जिनके उत्पादों को बेहतर पैकेजिंग, गुणवत्ता, ब्रांडिंग एवं बाजार संपर्क के माध्यम से निर्यात योग्य बनाया जा सकता है। उन्होंने संबंधित विभागों एवं एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर उद्यमियों को निर्यात प्रक्रिया से संबंधित आवश्यक जानकारी एवं सहयोग उपलब्ध कराने पर बल दिया। बैठक में जिले के संभावित निर्यात उत्पादों एवं संबंधित उद्यमों को चिह्नित करते हुए उन्हें निर्यात की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक कार्रवाई पर चर्चा की गई। साथ ही संबंधित विभागों को उद्यमियों के साथ समन्वय स्थापित कर उनकी आवश्यकताओं एवं समस्याओं की जानकारी लेने तथा निर्यात के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं में सहयोग प्रदान करने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि स्थानीय स्तर पर उत्पादित वस्तुओं को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने से जिले के उद्यमियों को बेहतर अवसर प्राप्त होंगे तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्यात की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को केवल बैठकों तक सीमित न रखते हुए चिन्हित उद्यमों के साथ नियमित समन्वय एवं फॉलोअप सुनिश्चित करें। उल्लेखनीय है कि झारखंड इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट एंड प्रमोशन पॉलिसी तथा झारखंड एक्सपोर्ट पॉलिसी के तहत जिला स्तर पर निर्यात को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जिला स्तरीय निर्यात प्रोत्साहन समिति के माध्यम से स्थानीय उत्पादों एवं उद्यमों को निर्यात से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। बैठक में जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक सहित विभिन्न संबंधित विभागों के पदाधिकारी, बैंकिंग संस्थानों, वाणिज्यिक एवं निर्यात प्रोत्साहन से जुड़े प्रतिनिधि तथा समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
गुमला: उपायुक्त दिलेश्वर महतो की अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभागार में जिला स्तरीय निर्यात प्रोत्साहन समिति (District Level Export Promotion Committee–DLEPC) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में निर्यात की संभावनाओं को बढ़ावा देने, स्थानीय उद्यमों एवं उत्पादों को गुमला: उपायुक्त दिलेश्वर महतो की अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभागार में जिला स्तरीय निर्यात प्रोत्साहन समिति (District Level Export Promotion Committee–DLEPC) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में निर्यात की संभावनाओं को बढ़ावा देने, स्थानीय उद्यमों एवं उत्पादों को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने एवं निर्यात प्रक्रिया को सुगम बनाने से संबंधित विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में उपायुक्त ने कहा कि जिले में उपलब्ध स्थानीय संसाधनों, उत्पादों एवं उद्यमों में निर्यात की पर्याप्त संभावनाएं हैं। ऐसे उत्पादों एवं उद्यमों की पहचान कर उन्हें आवश्यक सहयोग, बाजार की जानकारी, तकनीकी मार्गदर्शन तथा निर्यात संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में समन्वित प्रयास किया जाना आवश्यक है। उन्होंने जिला स्तरीय निर्यात प्रोत्साहन समिति को सक्रिय रूप से कार्य करते हुए जिले के संभावित निर्यात योग्य उत्पादों एवं उद्यमों को चिह्नित करने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले के ऐसे उद्यमों एवं इकाइयों की पहचान की जाए, जिनके उत्पादों को बेहतर पैकेजिंग, गुणवत्ता, ब्रांडिंग एवं बाजार संपर्क के माध्यम से निर्यात योग्य बनाया जा सकता है। उन्होंने संबंधित विभागों एवं एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर उद्यमियों को निर्यात प्रक्रिया से संबंधित आवश्यक जानकारी एवं सहयोग उपलब्ध कराने पर बल दिया। बैठक में जिले के संभावित निर्यात उत्पादों एवं संबंधित उद्यमों को चिह्नित करते हुए उन्हें निर्यात की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक कार्रवाई पर चर्चा की गई। साथ ही संबंधित विभागों को उद्यमियों के साथ समन्वय स्थापित कर उनकी आवश्यकताओं एवं समस्याओं की जानकारी लेने तथा निर्यात के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं में सहयोग प्रदान करने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि स्थानीय स्तर पर उत्पादित वस्तुओं को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने से जिले के उद्यमियों को बेहतर अवसर प्राप्त होंगे तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्यात की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को केवल बैठकों तक सीमित न रखते हुए चिन्हित उद्यमों के साथ नियमित समन्वय एवं फॉलोअप सुनिश्चित करें। उल्लेखनीय है कि झारखंड इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट एंड प्रमोशन पॉलिसी तथा झारखंड एक्सपोर्ट पॉलिसी के तहत जिला स्तर पर निर्यात को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जिला स्तरीय निर्यात प्रोत्साहन समिति के माध्यम से स्थानीय उत्पादों एवं उद्यमों को निर्यात से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। बैठक में जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक सहित विभिन्न संबंधित विभागों के पदाधिकारी, बैंकिंग संस्थानों, वाणिज्यिक एवं निर्यात प्रोत्साहन से जुड़े प्रतिनिधि तथा समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
- गुमला: उपायुक्त दिलेश्वर महतो की अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभागार में जिला स्तरीय निर्यात प्रोत्साहन समिति (District Level Export Promotion Committee–DLEPC) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में निर्यात की संभावनाओं को बढ़ावा देने, स्थानीय उद्यमों एवं उत्पादों को गुमला: उपायुक्त दिलेश्वर महतो की अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभागार में जिला स्तरीय निर्यात प्रोत्साहन समिति (District Level Export Promotion Committee–DLEPC) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में निर्यात की संभावनाओं को बढ़ावा देने, स्थानीय उद्यमों एवं उत्पादों को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने एवं निर्यात प्रक्रिया को सुगम बनाने से संबंधित विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में उपायुक्त ने कहा कि जिले में उपलब्ध स्थानीय संसाधनों, उत्पादों एवं उद्यमों में निर्यात की पर्याप्त संभावनाएं हैं। ऐसे उत्पादों एवं उद्यमों की पहचान कर उन्हें आवश्यक सहयोग, बाजार की जानकारी, तकनीकी मार्गदर्शन तथा निर्यात संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में समन्वित प्रयास किया जाना आवश्यक है। उन्होंने जिला स्तरीय निर्यात प्रोत्साहन समिति को सक्रिय रूप से कार्य करते हुए जिले के संभावित निर्यात योग्य उत्पादों एवं उद्यमों को चिह्नित करने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले के ऐसे उद्यमों एवं इकाइयों की पहचान की जाए, जिनके उत्पादों को बेहतर पैकेजिंग, गुणवत्ता, ब्रांडिंग एवं बाजार संपर्क के माध्यम से निर्यात योग्य बनाया जा सकता है। उन्होंने संबंधित विभागों एवं एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर उद्यमियों को निर्यात प्रक्रिया से संबंधित आवश्यक जानकारी एवं सहयोग उपलब्ध कराने पर बल दिया। बैठक में जिले के संभावित निर्यात उत्पादों एवं संबंधित उद्यमों को चिह्नित करते हुए उन्हें निर्यात की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक कार्रवाई पर चर्चा की गई। साथ ही संबंधित विभागों को उद्यमियों के साथ समन्वय स्थापित कर उनकी आवश्यकताओं एवं समस्याओं की जानकारी लेने तथा निर्यात के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं में सहयोग प्रदान करने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि स्थानीय स्तर पर उत्पादित वस्तुओं को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने से जिले के उद्यमियों को बेहतर अवसर प्राप्त होंगे तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्यात की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को केवल बैठकों तक सीमित न रखते हुए चिन्हित उद्यमों के साथ नियमित समन्वय एवं फॉलोअप सुनिश्चित करें। उल्लेखनीय है कि झारखंड इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट एंड प्रमोशन पॉलिसी तथा झारखंड एक्सपोर्ट पॉलिसी के तहत जिला स्तर पर निर्यात को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जिला स्तरीय निर्यात प्रोत्साहन समिति के माध्यम से स्थानीय उत्पादों एवं उद्यमों को निर्यात से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। बैठक में जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक सहित विभिन्न संबंधित विभागों के पदाधिकारी, बैंकिंग संस्थानों, वाणिज्यिक एवं निर्यात प्रोत्साहन से जुड़े प्रतिनिधि तथा समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।1
- 'अधूरा काम छोड़कर दुकानदारों को परेशान करना कतई बर्दाश्त नहीं': मेरी लकड़ा चैनपुर (गुमला): चैनपुर बस स्टैंड के समीप बन रहे जिला परिषद कॉम्प्लेक्स में संवेदक की घोर लापरवाही के कारण स्थानीय दुकानदारों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बढ़ रही परेशानियों को देखते हुए आज जिला परिषद अध्यक्ष मेरी लकड़ा ने खुद मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने प्रभावित दुकानदारों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और जाना।निरीक्षण के क्रम में अधूरी मरम्मत और बिखरे पड़े निर्माण कार्य को देखकर जिला परिषद अध्यक्ष भड़क गईं। उन्होंने संवेदक को सख्त चेतावनी देते हुए जमकर फटकार लगाई।मेरी लकड़ा ने संवेदक को आड़े हाथों लेते हुए स्पष्ट कहा कि जब मरम्मत कार्य की निविदा जारी हो चुकी है और काम स्वीकृत है, तो इसे समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाना चाहिए। आधा-अधूरा काम छोड़कर चले जाने से दुकानदारों का व्यवसाय प्रभावित हो रहा है और उन्हें रोज परेशानी झेलनी पड़ रही है, जो बिल्कुल गलत है।उन्होंने संवेदक को अपनी कार्यशैली में तुरंत सुधार लाने और कॉम्प्लेक्स के मरम्मत कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने का कड़ा निर्देश दिया है। उन्होंने चेतावनी भी दी कि यदि लापरवाही का रवैया जारी रहा, तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।3
- संत जेवियर कॉलेज में हर्षोल्लास से मनाया गया करम पर्व मांदर की थाप और करम गीतों से गूंजा कॉलेज परिसर अनुपम संदेश, महुआडांड़ [लातेहार] संत जेवियर कॉलेज में हर्षोल्लास से मनाया गया करम पर्व मांदर की थाप और करम गीतों से गूंजा कॉलेज परिसर : संत जेवियर कॉलेज (ऑटोनॉमस), महुआडांड़ में प्रकृति, संस्कृति और सामुदायिक एकता का प्रतीक करम पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत करम राजा की स्थापना एवं पूजा-अर्चना से हुई। इसके बाद करम कथा प्रस्तुत की गई। विद्यार्थियों ने पारंपरिक वेशभूषा में करम गीतों पर सामूहिक नृत्य प्रस्तुत किया। मांदर की थाप और लोकगीतों से पूरा परिसर उत्सवमय हो उठा। प्राचार्य डॉ. फादर एम.के. जोश ने कहा कि करम पर्व हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्रकृति से जुड़ाव का प्रतीक है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी संस्कृति एवं प्राकृतिक विरासत को संरक्षित रखने का आह्वान किया। प्रो. डॉ. प्यारी कुजूर ने भी करम पर्व के सामाजिक एवं सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन उपासना मिंज ने किया। अंत में पारंपरिक रीति-रिवाज से करम राजा का विसर्जन किया गया।2
- करोड़ों की जमीन हड़पने के लिए अपहरण करवाने का आरोप पीड़ित परिवार ने खोला राज! #india #jharkhand #panchayat #mukhiya #jameen #lohardaga #ranchi #adiwasi #viwad #news1
- करम पर्व केवल पूजा-पाठ और उत्सव का पर्व नहीं है। यह हमारी संस्कृति, परंपरा, प्रकृति, भाईचारे और सामाजिक एकता का प्रतीक है। केंद्रीय सरना समिति सिसई के द्वारा केंद्रीय अखाड़ा में करम पूर्व संध्या महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रखंड के विभिन्न गांवों से भारी संख्या में खोड़हा पहुंचे थे जी अपनी पारंपरिक वेशभूषा में अपने वाद्ययंत्रों के साथ प्रस्तुति दिए। निर्णायक मंडली के द्वारा प्रथम द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर चयन कर सम्मानित किया गया। समाज के वक्ताओं ने कहा करम पर्व केवल पूजा-पाठ और उत्सव का पर्व नहीं है। यह हमारी संस्कृति, परंपरा, प्रकृति, भाईचारे और सामाजिक एकता का प्रतीक है। करम देव की पूजा के माध्यम से हम प्रकृति के प्रति सम्मान, परिवार के प्रति प्रेम और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का संदेश प्राप्त करते हैं। हमारी पहचान हमारी संस्कृति से है। आज के आधुनिक दौर में जब हमारी नई पीढ़ी तेजी से बदलती दुनिया की ओर बढ़ रही है, ऐसे समय में यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम अपने बच्चों और युवाओं को अपनी भाषा, संस्कृति, परंपरा और सामाजिक मूल्यों से जोड़कर रखें। हमारा समाज तभी मजबूत होगा, जब हम सभी आपसी मतभेदों को भुलाकर एकजुट होकर आगे बढ़ेंगे। हमें शिक्षा को प्राथमिकता देनी है, युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना है, समाज की बेटियों को आगे बढ़ाना है और जरूरतमंद परिवारों का सहयोग करना है। आज का यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का एक सुंदर प्रयास है।1
- लोहरदगा के जुरिया करमटोली गाँव का जमीन विवाद मामला, जबरन जमीन को हड़पने की कोसिस लोहरदगा के जुरिया करमटोली गाँव का जमीन विवाद मामला, जबरन जमीन को हड़पने की कोसिस1
- प्रकृति पर्व करमा पूर्व संध्या पूजा महोत्सव धूमधाम से मनाया गया *प्रकृति पर्व करमा पूर्व संध्या पूजा महोत्सव धूमधाम से मनाया गया* *नगाड़ा, घंट और मांदर की थाप पर झूम उठे हजारों लोग, 30 से अधिक नृत्य मंडलियों ने लिया हिस्सा* जोहार झारखण्ड/आरपी सिंह लातेहार। नव निर्मित सरयू प्रखंड मुख्यालय स्थित एएसएम मेमोरियल एकेडमी पब्लिक स्कूल के मैदान में प्रकृति पर्व करमा पूजा महोत्सव धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय के लोग शामिल हुए। बताया गया कि सरहुल के बाद करमा पूजा झारखंड के प्रमुख प्रकृति पर्वों में से एक है। भादो माह की एकादशी को मनाए जाने वाले इस पर्व में प्रकृति, पेड़-पौधे, जंगल, नदी, झरना और पहाड़ के प्रति आदिवासी समाज की आस्था और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। करमा पर्व भाई-बहन के अटूट प्रेम, सुख-समृद्धि और परिवार की मंगलकामना से भी जुड़ा हुआ पर्व है। महोत्सव के दौरान लगभग 35 से अधिक नृत्य मंडलियों ने पारंपरिक वेशभूषा में हिस्सा लिया। नगाड़ा, घंट और मांदर की थाप पर लोगों ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम में शामिल सभी नृत्य मंडलियों को पुरस्कार देकर सम्मानित एवं उत्साहित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता नरेंद्र उरांव ने की। वहीं कार्यक्रम के संरक्षक सह जिला परिषद सदस्य बुद्धेश्वर उरांव ने कहा कि आदिवासी समाज का प्रकृति के साथ सदियों पुराना जुड़ाव है। पेड़-पौधे, जंगल-झाड़, नदी, झरना और पहाड़ प्रकृति के अभिन्न अंग हैं और इनकी पूजा करना आदिवासी संस्कृति की पहचान है। उन्होंने कहा कि करमा पर्व हमें आपसी प्रेम, भाईचारा और एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़े रहने का संदेश देता है। उन्होंने समाज के लोगों से आपसी प्रेम एवं भाईचारे के साथ रहने तथा अपनी संस्कृति और परंपरा को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने की अपील की। मौके पर सरयू प्रखंड प्रमुख अनिता देवी, गणेशपुर मुखिया राजेश सिंह, चोरहा मुखिया अंकिता देवी, पंचायत समिति सदस्य प्रमिला देवी, उपाध्यक्ष रामेश्वर उरांव, विलासी देवी, घासीटोला मुखिया प्रमिला देवी, पाहन सुनील उरांव सहित समिति के सदस्य एवं बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय के लोग मौजूद रहे।3
- करम पर्व पर डीसी संदीप कुमार ने दी जिलेवासियों को शुभकामनाएं अनुपम संदेश, लातेहार : : करम पर्व की पूर्व संध्या पर लातेहार उपायुक्त संदीप कुमार ने जिलेवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि करम पर्व प्रकृति, भाई-बहन के अटूट प्रेम और आपसी भाईचारे का पर्व है। उन्होंने लोगों से पर्व को प्रेम, शांति और सौहार्द के साथ मनाने की अपील की। साथ ही अफवाहों से दूर रहने और सुरक्षा व्यवस्था में जिला प्रशासन का सहयोग करने की बात कही।1