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नागलवाडी ग्रामपंचायतमधील भ्रष्टाचाराविरोधात कर्जत पंचायत समितीसमोर करणार उपोषण

19 hrs ago
user_कर्जत लाईव्ह
कर्जत लाईव्ह
Advertising agency कर्जत, अहमदनगर, महाराष्ट्र•
19 hrs ago

नागलवाडी ग्रामपंचायतमधील भ्रष्टाचाराविरोधात कर्जत पंचायत समितीसमोर करणार उपोषण

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  • *“प्लास्टिक मुक्त अभियान का द्वितीय चरण प्रारंभ”* मैहर मिनीलैंड एकेडमी हायर सेकेंडरी स्कूल, मैहर द्वारा “सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त मैहर” अभियान का द्वितीय चरण उत्साहपूर्वक संचालित किया जा रहा है। यह अभियान 3 अप्रैल 2026 से प्रारंभ हुआ एक निरंतर प्रयास है, जिसका उद्देश्य मैहर को पूर्णतः पॉलिथीन मुक्त बनाना है। जागरूकता की अनोखी पहल: अभियान के अंतर्गत विद्यालय के स्टाफ एवं विद्यार्थियों ने हरनामपुर सब्जी मंडी, नई सब्जी मंडी एवं कटनी मोड़ स्थित स्टेट बैंक चौराहा जैसे प्रमुख स्थानों पर पहुंचकर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए। नाटक के माध्यम से लोगों को सिंगल यूज प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया तथा कपड़े के थैलों के उपयोग के लिए प्रेरित किया गया। पोस्टर और संदेश: छात्र-छात्राओं के हाथों में “प्लास्टिक फ्री मैहर”, “प्लास्टिक पर्यावरण का दुश्मन है” एवं “कपड़े के बैग का उपयोग करें” जैसे संदेशों वाले पोस्टर थे, जिनसे आम जनमानस को जागरूक किया गया। थैलों का वितरण और जनसहभागिता: अभियान के दौरान 100 से अधिक कपड़े के थैले दुकानदारों—कपड़ा व्यापारी, सब्जी विक्रेता, जूस विक्रेता, मिठाई दुकानदार—तथा ग्राहकों को वितरित किए गए। जो लोग पन्नियों में सामान ले रहे थे, उन्हें कपड़े के थैले दिए गए। इस पहल से प्रभावित होकर लोगों ने कपड़े के बैग अपनाने का संकल्प लिया और विद्यालय प्रबंधन का आभार व्यक्त किया। नई आदतों की शुरुआत: लोगों ने यह भी संकल्प लिया कि अब वे सब्जी-फल कपड़े के थैले में ही लेंगे तथा दूध-दही के लिए स्टील के बर्तन या बोतल का उपयोग करेंगे। दुकानदारों से अपील: जूस विक्रेताओं से प्लास्टिक ग्लास के स्थान पर कांच के गिलास उपयोग करने की अपील की गई। साथ ही सभी दुकानदारों से कहा गया कि वे प्लास्टिक कचरा सड़क पर न फेंकें और डस्टबिन का उपयोग करें. बच्चों की सीख: इस अभियान के माध्यम से छात्र-छात्राओं ने जमीनी स्तर पर कार्य करते हुए वास्तविक चुनौतियों का अनुभव किया। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा और यह कार्यक्रम उनके लिए एक प्रभावी फील्ड वर्क बन गया। आगे की योजना: छात्र-छात्राओं को ग्रीष्मकालीन अवकाश के प्रोजेक्ट के माध्यम से इस अभियान में जोड़ना अभिभावकों एवं स्थानीय लोगों को जोड़ना प्राचार्या का संदेश: विद्यालय की प्राचार्या बलजीत होरा मैम ने कहा— इस अभियान से भले ही हम प्लास्टिक को कुछ हद तक रोक पाए पर निश्चित रूप से हमारे विद्यार्थी जमीनी स्तर पर कार्य करना सीखेंगे व समाज के लिए समर्पण भाव सीखेंगे।‌ बहुत ज्यादा नहीं पर कुछ हद तक हम जागरूकता लाने में जरुर सफल होंगे। उन्होंने बच्चों को यह सलाह दी की कि किसी भी सामूहिक भोजन में वह प्लास्टिक की कटोरियों का और चम्मचों का काम से कम इस्तेमाल करें। अपने जन्मदिन इत्यादि अवसरों पर कपड़े की थैली ,वह कपड़े के पेंसिल पाउच उपहार स्वरूप दें। आज प्लास्टिक के कई विकल्प जैसे गने के छिलके ,कॉर्नस्टार्च आदि से निर्मित पॉलिथीन बाजार में ट्रायल के रूप में आ रहे हैं इन सब विकल्पों को अपनाऐ। सक्रिय भागीदारी: इस कार्यक्रम में 100 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया तथा उनके साथ समस्त शिक्षक एवं शिक्षिकाएं उपस्थित रहे। आह्वान: आइए, हम सब मिलकर मैहर को स्वच्छ, सुंदर और प्लास्टिक मुक्त बनाएं! पॉलिथीन को ना कहें — कपड़े के थैले को हां कहें!
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    *“प्लास्टिक मुक्त अभियान का द्वितीय चरण प्रारंभ”*
मैहर मिनीलैंड एकेडमी हायर सेकेंडरी स्कूल, मैहर द्वारा “सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त मैहर” अभियान का द्वितीय चरण उत्साहपूर्वक संचालित किया जा रहा है। यह अभियान 3 अप्रैल 2026 से प्रारंभ हुआ एक निरंतर प्रयास है, जिसका उद्देश्य मैहर को पूर्णतः पॉलिथीन मुक्त बनाना है। 
जागरूकता की अनोखी पहल:
अभियान के अंतर्गत विद्यालय के स्टाफ एवं विद्यार्थियों ने हरनामपुर सब्जी मंडी, नई सब्जी मंडी एवं कटनी मोड़ स्थित स्टेट बैंक चौराहा जैसे प्रमुख स्थानों पर पहुंचकर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए।
नाटक के माध्यम से लोगों को सिंगल यूज प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया तथा कपड़े के थैलों के उपयोग के लिए प्रेरित किया गया। 
पोस्टर और संदेश:
छात्र-छात्राओं के हाथों में “प्लास्टिक फ्री मैहर”, “प्लास्टिक पर्यावरण का दुश्मन है” एवं “कपड़े के बैग का उपयोग करें” जैसे संदेशों वाले पोस्टर थे, जिनसे आम जनमानस को जागरूक किया गया।
थैलों का वितरण और जनसहभागिता:
अभियान के दौरान 100 से अधिक कपड़े के थैले दुकानदारों—कपड़ा व्यापारी, सब्जी विक्रेता, जूस विक्रेता, मिठाई दुकानदार—तथा ग्राहकों को वितरित किए गए।
जो लोग पन्नियों में सामान ले रहे थे, उन्हें कपड़े के थैले दिए गए। इस पहल से प्रभावित होकर लोगों ने कपड़े के बैग अपनाने का संकल्प लिया और विद्यालय प्रबंधन का आभार व्यक्त किया। 
नई आदतों की शुरुआत:
लोगों ने यह भी संकल्प लिया कि अब वे सब्जी-फल कपड़े के थैले में ही लेंगे तथा दूध-दही के लिए स्टील के बर्तन या बोतल का उपयोग करेंगे।
दुकानदारों से अपील:
जूस विक्रेताओं से प्लास्टिक ग्लास के स्थान पर कांच के गिलास उपयोग करने की अपील की गई। साथ ही सभी दुकानदारों से कहा गया कि वे प्लास्टिक कचरा सड़क पर न फेंकें और डस्टबिन का उपयोग करें.
बच्चों की सीख:
इस अभियान के माध्यम से छात्र-छात्राओं ने जमीनी स्तर पर कार्य करते हुए वास्तविक चुनौतियों का अनुभव किया। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा और यह कार्यक्रम उनके लिए एक प्रभावी फील्ड वर्क बन गया।
आगे की योजना:
छात्र-छात्राओं को ग्रीष्मकालीन अवकाश के प्रोजेक्ट के माध्यम से इस अभियान में जोड़ना
अभिभावकों एवं स्थानीय लोगों को जोड़ना
प्राचार्या का संदेश:
विद्यालय की प्राचार्या बलजीत होरा मैम ने कहा—
इस अभियान से भले ही हम प्लास्टिक को कुछ हद तक रोक पाए पर निश्चित रूप से हमारे विद्यार्थी जमीनी स्तर पर कार्य करना सीखेंगे व  समाज के लिए समर्पण भाव सीखेंगे।‌ बहुत ज्यादा नहीं पर कुछ हद तक हम जागरूकता लाने में जरुर सफल होंगे।
उन्होंने बच्चों को यह सलाह दी की कि किसी भी सामूहिक भोजन में वह प्लास्टिक की कटोरियों का और चम्मचों का काम से कम इस्तेमाल करें। अपने जन्मदिन इत्यादि अवसरों पर कपड़े की थैली ,वह कपड़े के पेंसिल पाउच उपहार स्वरूप दें। 
आज प्लास्टिक के कई विकल्प जैसे गने के छिलके ,कॉर्नस्टार्च आदि से निर्मित पॉलिथीन बाजार में ट्रायल के रूप में आ रहे हैं इन सब विकल्पों को अपनाऐ।
सक्रिय भागीदारी:
इस कार्यक्रम में 100 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया तथा उनके साथ समस्त शिक्षक एवं शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।
आह्वान:
आइए, हम सब मिलकर मैहर को स्वच्छ, सुंदर और प्लास्टिक मुक्त बनाएं! 
पॉलिथीन को ना कहें — कपड़े के थैले को हां कहें!
    user_Shiv Singh rajput dahiya journalist MP
    Shiv Singh rajput dahiya journalist MP
    Court reporter Beed, Maharashtra•
    10 hrs ago
  • "त्या वक्तव्यावरून "आमदार संजय गायकवाड यांच्या प्रतिमेला लिंबागणेश येथे जोडे मारून निषेध व्यक्त करण्यात आला
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    "त्या वक्तव्यावरून "आमदार संजय गायकवाड यांच्या प्रतिमेला लिंबागणेश येथे जोडे मारून निषेध व्यक्त करण्यात आला
    user_AapTak Hindi News Channel
    AapTak Hindi News Channel
    बीड, बीड, महाराष्ट्र•
    14 hrs ago
  • ------- (प्रतिनिधी) :- आज आष्टी ग्रामीण रुग्णालयात लोकनेता आमदार सुरेश आण्णा धस यांच्या शुभहस्ते डायलिसिस सेंटर, सोनोग्राफी मशीन तसेच ५.०० लक्ष लिटर पाणीसाठा तलावाचे लोकार्पण सोहळा संपन्न झाला. या अत्याधुनिक सुविधांमुळे परिसरातील रुग्णांना वेळेत, सुलभ आणि गुणवत्तापूर्ण आरोग्यसेवा उपलब्ध होण्यास मोठी मदत होणार आहे. या रुग्णालयात आता हार्निया, कुटुंब नियोजन शस्त्रक्रिया, मुळव्याध या सारख्या उपचार सुविधा उपलब्ध होणार असून ग्रामीण भागातील रुग्णांना याचा मोठा फायदा होणार आहे. आष्टी ग्रामीण रुग्णालय ३० खाटांचे असून महात्मा फुले जनआरोग्य योजनेत जिल्ह्यात अव्वल ठरले आहे. वैद्यकीय अधीक्षकांनी जबाबदारी स्वीकारल्यानंतर रुग्णालयात लक्षणीय सुधारणा झाल्या आहेत. येथे उपलब्ध असलेल्या सुविधांची माहिती सर्वसामान्यांपर्यंत पोहोचणे गरजेचे असून कार्यकर्त्यांनी या बाबत गावागावात याची जनजागृती करण्याचे आवाहन या वेळी आमदार सुरेश आण्णा धस यांनी केले. गरीब व गरजू रुग्णांना या उपलब्ध सुविधांमुळे मोठा दिलासा मिळू शकतो. काही महिन्यांपूर्वी या रुग्णालयातील ओपीडी संख्या शून्यावर गेली होती; मात्र, सध्या ती वाढून २०० ते २५० पर्यंत पोहोचली आहे. आगामी काळात ती ५०० पर्यंत नेण्याचे उद्दिष्ट आहे. लोकार्पणानंतर नव्याने सुरू झालेल्या डायलिसिस सेंटरमध्ये उपचार घेत असलेल्या रुग्णांची आमदार धस यांनी भेट घेतली. या वेळी रुग्णांशी संवाद साधून त्यांच्या प्रकृतीची विचारपूस केली व नियमित उपचारांसोबत स्वतःची योग्य काळजी घेण्याचे, तसेच डॉक्टरांच्या सल्ल्याचे काटेकोर पालन करण्याची विनंती केली. या प्रसंगी श्री.सतीश सोळंके (जिल्हा शल्य चिकित्सक, जिल्हा सामान्य रुग्णालय, बीड), डॉ.रामदास मोराळे (वैद्यकीय अधीक्षक, ग्रामीण रुग्णालय, आष्टी), विकास कदम (क्लस्टर हेड, महाडायलिसिस HLL लाइफ केअर लि.), प्रफुल्ल सहस्त्रबुद्धे (अशासकीय सदस्य, रुग्ण कल्याण समिती), जालिंदर पोकळे, (अशासकीय सदस्य, सनियंत्रण समिती) तसेच ग्रामीण रुग्णालयाचे सहाय्यक अधीक्षक शंकर सोंडगे, कनिष्ठ सहाय्यक योगेश सोनवणे, परिसेविका श्रीमती बेबी शेख, वैद्यकीय अधिकारी डॉ.बालाजी गुट्टे, डॉ.सुरेश ढाकणे, डॉ.चारुदत्त पवार, डॉ.नितीन घोडके, डॉ.भूपेंद्र पन्हाळे, डॉ.संतोष जावळे, डॉ.निखिल गायकवाड आणी कडा कृषी उत्पन्न बाजार समितीचे सभापती रमजान तांबोळी, बद्रीनाथ जगताप, आदिनाथ सानप, एन.टी.गर्जे, नगराध्यक्ष जिया बेग, रंगनाथ धोंडे, रमेश गावडे, यशवंत खंडागळे, डॉ.दीपक भवर, अशोक मुळे, शैलेश सहस्रबुद्धे, अंकुश चव्हाण, आत्माराम फुंदे यांच्या सह सर्व नगरसेवक, तालुक्यातून आलेले सर्व प्रमुख कार्यकर्ते, पदाधिकारी, नागरिक, आशा वर्कर भगिनी मोठ्या संख्येने उपस्थित होते. या उपक्रमांमुळे ग्रामीण भागातील आरोग्य सुविधा अधिक बळकट होत असून नागरिकांना मोठा दिलासा मिळणार आहे.
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(प्रतिनिधी) :- आज आष्टी ग्रामीण रुग्णालयात लोकनेता आमदार सुरेश आण्णा धस यांच्या शुभहस्ते डायलिसिस सेंटर, सोनोग्राफी मशीन तसेच ५.०० लक्ष लिटर पाणीसाठा तलावाचे लोकार्पण सोहळा संपन्न झाला. या अत्याधुनिक सुविधांमुळे परिसरातील रुग्णांना वेळेत, सुलभ आणि गुणवत्तापूर्ण आरोग्यसेवा उपलब्ध होण्यास मोठी मदत होणार आहे. या रुग्णालयात आता हार्निया, कुटुंब नियोजन शस्त्रक्रिया, मुळव्याध या सारख्या उपचार सुविधा उपलब्ध होणार असून ग्रामीण भागातील रुग्णांना याचा मोठा फायदा होणार आहे. आष्टी ग्रामीण रुग्णालय ३० खाटांचे असून महात्मा फुले जनआरोग्य योजनेत जिल्ह्यात अव्वल ठरले आहे. वैद्यकीय अधीक्षकांनी जबाबदारी स्वीकारल्यानंतर रुग्णालयात लक्षणीय सुधारणा झाल्या आहेत. येथे उपलब्ध असलेल्या सुविधांची माहिती सर्वसामान्यांपर्यंत पोहोचणे गरजेचे असून कार्यकर्त्यांनी या बाबत गावागावात याची जनजागृती करण्याचे आवाहन या वेळी आमदार सुरेश आण्णा धस यांनी केले. गरीब व गरजू रुग्णांना या उपलब्ध सुविधांमुळे मोठा दिलासा मिळू शकतो. काही महिन्यांपूर्वी या रुग्णालयातील ओपीडी संख्या शून्यावर गेली होती; मात्र, सध्या ती वाढून २०० ते २५० पर्यंत पोहोचली आहे. आगामी काळात ती ५०० पर्यंत नेण्याचे उद्दिष्ट आहे. लोकार्पणानंतर नव्याने सुरू झालेल्या डायलिसिस सेंटरमध्ये उपचार घेत असलेल्या रुग्णांची आमदार धस यांनी भेट घेतली. या वेळी रुग्णांशी संवाद साधून त्यांच्या प्रकृतीची विचारपूस केली व नियमित उपचारांसोबत स्वतःची योग्य काळजी घेण्याचे, तसेच डॉक्टरांच्या सल्ल्याचे काटेकोर पालन करण्याची विनंती केली. या प्रसंगी श्री.सतीश सोळंके (जिल्हा शल्य चिकित्सक, जिल्हा सामान्य रुग्णालय, बीड), डॉ.रामदास मोराळे (वैद्यकीय अधीक्षक, ग्रामीण रुग्णालय, आष्टी), विकास कदम (क्लस्टर हेड, महाडायलिसिस HLL लाइफ केअर लि.), प्रफुल्ल सहस्त्रबुद्धे (अशासकीय सदस्य, रुग्ण कल्याण समिती), जालिंदर पोकळे, (अशासकीय सदस्य, सनियंत्रण समिती) तसेच ग्रामीण रुग्णालयाचे सहाय्यक अधीक्षक शंकर सोंडगे, कनिष्ठ सहाय्यक योगेश सोनवणे, परिसेविका श्रीमती बेबी शेख, वैद्यकीय अधिकारी डॉ.बालाजी गुट्टे, डॉ.सुरेश ढाकणे, डॉ.चारुदत्त पवार, डॉ.नितीन घोडके, डॉ.भूपेंद्र पन्हाळे, डॉ.संतोष जावळे, डॉ.निखिल गायकवाड आणी कडा कृषी उत्पन्न बाजार समितीचे सभापती रमजान तांबोळी, बद्रीनाथ जगताप, आदिनाथ सानप, एन.टी.गर्जे, नगराध्यक्ष जिया बेग, रंगनाथ धोंडे, रमेश गावडे, यशवंत खंडागळे, डॉ.दीपक भवर, अशोक मुळे, शैलेश सहस्रबुद्धे, अंकुश चव्हाण, आत्माराम फुंदे यांच्या सह सर्व नगरसेवक, तालुक्यातून आलेले सर्व प्रमुख कार्यकर्ते, पदाधिकारी, नागरिक, आशा वर्कर भगिनी मोठ्या संख्येने उपस्थित होते. या उपक्रमांमुळे ग्रामीण भागातील आरोग्य सुविधा अधिक बळकट होत असून नागरिकांना मोठा दिलासा मिळणार आहे.
    user_शेख महेशर ताहेर(पञकार)
    शेख महेशर ताहेर(पञकार)
    बीड, बीड, महाराष्ट्र•
    15 hrs ago
  • Post by Sanjhsuyog News Channel
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    Post by Sanjhsuyog News Channel
    user_Sanjhsuyog News Channel
    Sanjhsuyog News Channel
    Beed, Maharashtra•
    15 hrs ago
  • शहराचा मुख्य भाग असलेल्या गुरुनानक चौक परिसरात शनिवारी दुपारी एका धावत्या दुचाकीला अचानक आग लागल्याची खळबळजनक घटना घडली. भररस्त्यात दुचाकीने पेट घेतल्याने परिसरात काही काळ भीतीचे वातावरण निर्माण झाले होते, मात्र स्थानिक नागरिकांच्या सतर्कतेमुळे मोठी दुर्घटना टळली. मिळालेल्या माहितीनुसार, MH 13 EA 9879 या क्रमांकाची दुचाकी शनिवार दुपारी गुरुनानक चौकातून जात असताना इंजिनमधून अचानक धूर निघू लागला. काही क्षणातच आगीने रौद्ररूप धारण केले आणि दुचाकीने पेट घेतला. वाहनावर असलेल्या चालकाने प्रसंगावधान राखून तातडीने गाडी थांबवली आणि रस्त्याच्या मधोमधच सोडून निघून गेल्याने त्याचे प्राण वाचले. आग लागल्याचे पाहताच परिसरातील स्थानिक नागरिकांनी धाव घेतली. मिळेल त्या साधनाने आणि पाण्याचा मारा करून ही आग विझवण्याचे शर्थीचे प्रयत्न करण्यात आले. काही वेळातच आग आटोक्यात आणण्यात यश आले, अन्यथा मोठी हानी होण्याची शक्यता होती.या भीषण आगीत कोणतीही जीवितहानी झाली नसली, तरी दुचाकीचे मोठ्या प्रमाणात नुकसान झाले आहे. आगीची तीव्रता इतकी होती की दुचाकीचा बराचसा भाग जळून खाक झाला आहे.
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    शहराचा मुख्य भाग असलेल्या गुरुनानक चौक परिसरात शनिवारी दुपारी एका धावत्या दुचाकीला अचानक आग लागल्याची खळबळजनक घटना घडली. भररस्त्यात दुचाकीने पेट घेतल्याने परिसरात काही काळ भीतीचे वातावरण निर्माण झाले होते, मात्र स्थानिक नागरिकांच्या सतर्कतेमुळे मोठी दुर्घटना टळली.
मिळालेल्या माहितीनुसार, MH 13 EA 9879 या क्रमांकाची दुचाकी शनिवार दुपारी गुरुनानक चौकातून जात असताना इंजिनमधून अचानक धूर निघू लागला. काही क्षणातच आगीने रौद्ररूप धारण केले आणि दुचाकीने पेट घेतला. वाहनावर असलेल्या चालकाने प्रसंगावधान राखून तातडीने गाडी थांबवली आणि रस्त्याच्या मधोमधच सोडून निघून गेल्याने  त्याचे प्राण वाचले.
आग लागल्याचे पाहताच परिसरातील स्थानिक नागरिकांनी  धाव घेतली. मिळेल त्या साधनाने आणि पाण्याचा मारा करून ही आग विझवण्याचे शर्थीचे प्रयत्न करण्यात आले. काही वेळातच आग आटोक्यात आणण्यात यश आले, अन्यथा मोठी हानी होण्याची शक्यता होती.या भीषण आगीत कोणतीही जीवितहानी झाली नसली, तरी दुचाकीचे मोठ्या प्रमाणात नुकसान झाले आहे. आगीची तीव्रता इतकी होती की दुचाकीचा बराचसा भाग जळून खाक झाला आहे.
    user_Solapur News
    Solapur News
    सोलापूर उत्तर, सोलापूर, महाराष्ट्र•
    5 hrs ago
  • जय शिवराय 🚩 #अटकेपार झेंडा फडकवणारे मराठा साम्राज्य हे भारताच्या अखंडतेचे प्रतीक आहे. ज्या कालखंडात मराठ्यांनी संपूर्ण हिंदुस्थानचे रक्षण केले, तोच इतिहास येणाऱ्या पिढ्यांपासून लपवणे म्हणजे भविष्यातील पिढ्यांवर होणारा अन्याय आहे. मराठा साम्राज्याचा नकाशा हा केवळ एक नकाशा नसून तो हिंदुस्तान मध्ये मराठ्यांची ताकद किती अफाट होती याचे जिवंत प्रतीक आहे हा नकाशा पाहिल्यानंतर खऱ्या अर्थाने मराठ्यांच्या पराक्रमाची व्याप्ती लक्षात येते. आपल्या इतिहासाची ही मोडतोड महाराष्ट्र कदापि सहन करणार नाही केंद्र व राज्य सरकार आणि शिक्षण मंत्रालयाला विनंती आहे मराठा साम्राज्याचा जो नकाशा हटवला आहे तो अधिक प्रभावीपणे आणि अचूकपणे पुन्हा पाठ्यपुस्तकात समाविष्ट करण्यात यावा #NCERT_चा_निषेध..!
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    जय शिवराय 🚩 #अटकेपार झेंडा फडकवणारे मराठा साम्राज्य हे भारताच्या अखंडतेचे प्रतीक आहे. ज्या कालखंडात मराठ्यांनी संपूर्ण हिंदुस्थानचे रक्षण केले, तोच इतिहास येणाऱ्या पिढ्यांपासून लपवणे म्हणजे भविष्यातील पिढ्यांवर होणारा अन्याय आहे. मराठा साम्राज्याचा नकाशा हा केवळ एक नकाशा नसून तो हिंदुस्तान मध्ये मराठ्यांची ताकद किती अफाट होती याचे जिवंत प्रतीक आहे हा नकाशा पाहिल्यानंतर खऱ्या अर्थाने मराठ्यांच्या पराक्रमाची व्याप्ती लक्षात येते. आपल्या इतिहासाची ही मोडतोड महाराष्ट्र कदापि सहन करणार नाही केंद्र व राज्य सरकार आणि शिक्षण मंत्रालयाला विनंती आहे मराठा साम्राज्याचा जो नकाशा हटवला आहे तो अधिक प्रभावीपणे आणि अचूकपणे पुन्हा पाठ्यपुस्तकात समाविष्ट करण्यात यावा
#NCERT_चा_निषेध..!
    user_Arun Vasantrao Nagalgave
    Arun Vasantrao Nagalgave
    Farmer उस्मानाबाद, उस्मानाबाद, महाराष्ट्र•
    5 hrs ago
  • राज्यातील संजय गांधी निराधार योजना अंतर्गत दिव्यांग व्यक्तींना मिळणारे मानधन महिनाभर उलटून वीस दिवस झाले तरी त्यांच्या खात्यात जमा झालेले नाही. या मुळे दिव्यांग बांधवांमध्ये नाराजी आणि संभ्रमाचे वातावरण निर्माण झाले आहे. दरम्यान, शासनाकडून निधी इतर योजनांकडे वळवला जात असल्याची चर्चा सुरू असून, दिव्यांग व्यक्तींमध्ये या बाबत गंभीर प्रश्न उपस्थित होत आहेत. विशेष म्हणजे, काही महिन्यांपूर्वी शासनाने महाइबीटी पोर्टल द्वारे अनुदान वितरित करण्याची घोषणा केली होती. मात्र, त्या काळातही दोन महिन्यांचे मानधन वेळेवर न मिळाल्याने लाभार्थ्यांना अडचणींचा सामना करावा लागला होता. आता पुन्हा एकदा मानधन रखडल्याने “हे निधी इतर योजनांकडे, विशेषतः ‘लाडक्या बहिणी’सारख्या योजनांकडे वळवले जात आहेत का?” असा सवाल दिव्यांग बांधवांकडून उपस्थित केला जात आहे. या पार्श्वभूमीवर शासनाने तातडीने स्पष्ट भूमिका घेऊन थकीत मानधन त्वरित वितरित करावे, अशी मागणी दिव्यांग संघर्ष समिती महाराष्ट्र यांच्या वतीने जोर धरत आहे. दिव्यांग व्यक्तींसाठी हे मानधन केवळ आर्थिक सहाय्य नसून त्यांच्या दैनंदिन जगण्याचा आधार आहे. त्या मुळे अशा विलंबामुळे त्यांच्या जीवनावर थेट परिणाम होत असल्याचे वास्तव आहे. शासनाने या गंभीर प्रश्नाकडे दुर्लक्ष न करता त्वरित उपाय योजना करावी, अशी अपेक्षा व्यक्त होत आहे.
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    राज्यातील संजय गांधी निराधार योजना अंतर्गत दिव्यांग व्यक्तींना मिळणारे मानधन महिनाभर उलटून वीस दिवस झाले तरी त्यांच्या खात्यात जमा झालेले नाही. या मुळे दिव्यांग बांधवांमध्ये नाराजी आणि संभ्रमाचे वातावरण निर्माण झाले आहे.
दरम्यान, शासनाकडून निधी इतर योजनांकडे वळवला जात असल्याची चर्चा सुरू असून, दिव्यांग व्यक्तींमध्ये या बाबत गंभीर प्रश्न उपस्थित होत आहेत. विशेष म्हणजे, काही महिन्यांपूर्वी शासनाने महाइबीटी पोर्टल द्वारे अनुदान वितरित करण्याची घोषणा केली होती. मात्र, त्या काळातही दोन महिन्यांचे मानधन वेळेवर न मिळाल्याने लाभार्थ्यांना अडचणींचा सामना करावा लागला होता. आता पुन्हा एकदा मानधन रखडल्याने “हे निधी इतर योजनांकडे, विशेषतः ‘लाडक्या बहिणी’सारख्या योजनांकडे वळवले जात आहेत का?” असा सवाल दिव्यांग बांधवांकडून उपस्थित केला जात आहे. या पार्श्वभूमीवर शासनाने तातडीने स्पष्ट भूमिका घेऊन थकीत मानधन त्वरित वितरित करावे, अशी मागणी दिव्यांग संघर्ष समिती महाराष्ट्र यांच्या वतीने जोर धरत आहे. दिव्यांग व्यक्तींसाठी हे मानधन केवळ आर्थिक सहाय्य नसून त्यांच्या दैनंदिन जगण्याचा आधार आहे. त्या मुळे अशा विलंबामुळे त्यांच्या जीवनावर थेट परिणाम होत असल्याचे वास्तव आहे. शासनाने या गंभीर प्रश्नाकडे दुर्लक्ष न करता त्वरित उपाय योजना करावी, अशी अपेक्षा व्यक्त होत आहे.
    user_शेख महेशर ताहेर(पञकार)
    शेख महेशर ताहेर(पञकार)
    बीड, बीड, महाराष्ट्र•
    17 hrs ago
  • बीड शहरातील सुभाष रोड भागात असणारे एका मोबाईल शॉपी मध्ये चोरट्यांनी धुमाकूळ घातला आहे सीसीटीव्ही फुटेज समोर आलेले आहेत
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    बीड शहरातील सुभाष रोड भागात असणारे एका मोबाईल शॉपी मध्ये चोरट्यांनी धुमाकूळ घातला आहे सीसीटीव्ही फुटेज समोर आलेले आहेत
    user_AapTak Hindi News Channel
    AapTak Hindi News Channel
    बीड, बीड, महाराष्ट्र•
    18 hrs ago
  • Post by क्राईम महाराष्ट्र लाईव्ह न्यूज
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    Post by क्राईम महाराष्ट्र लाईव्ह न्यूज
    user_क्राईम महाराष्ट्र लाईव्ह न्यूज
    क्राईम महाराष्ट्र लाईव्ह न्यूज
    हवेली, पुणे, महाराष्ट्र•
    2 hrs ago
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