माहेश्वरी भवन में श्रीमद्भागवत कथा का हुआ समापन, संत कृपारामजी ने दिया धर्म और भक्ति का संदेश बेंगलुरु।(दलपतसिंह भायल)महेश्वरी भवन में गुरु कृपा सेवा समिति, बेंगलुरु द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा के अंतिम दिवस संत कृपारामजी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और श्रीमद्भागवत के आध्यात्मिक संदेशों का सुंदर वर्णन करते हुए कथा का विधिवत समापन कराया। संत कृपारामजी महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल सुनने का विषय नहीं, बल्कि इसे अपने जीवन में उतारने का माध्यम है। भगवान के प्रति श्रद्धा, भक्ति और विश्वास रखने से मनुष्य के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से धर्म, संस्कार और सदाचार के मार्ग पर चलने तथा समाज में प्रेम, भाईचारा और सेवा की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से माहेश्वरी भवन का वातावरण भक्तिमय हो गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर संत कृपारामजी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया। अंतिम दिन श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। 2028 में बेंगलुरु में होगी शिव महापुराण कथा श्रीमद्भागवत कथा के समापन अवसर पर गुरु कृपा सेवा समिति की ओर से संत कृपारामजी महाराज से वर्ष 2028 में बेंगलुरु में शिव महापुराण कथा आयोजित करने के लिए निवेदन किया गया। समिति के पदाधिकारियों एवं श्रद्धालुओं ने संतश्री से आग्रह किया कि बेंगलुरु में शिव महापुराण कथा का भव्य आयोजन किया जाए, जिससे शहर के श्रद्धालुओं को भगवान शिव की महिमा और सनातन धर्म के आध्यात्मिक संदेशों को सुनने का अवसर मिल सके। संत कृपारामजी महाराज ने श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान किया। 2028 में शिव महापुराण कथा के प्रस्तावित आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिला। आयोजक गुरु कृपा सेवा समिति, बेंगलुरु की ओर से कथा के सफल आयोजन में सहयोग करने वाले सभी संतों, श्रद्धालुओं, कार्यकर्ताओं एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया गया। विधिवत पूजा-अर्चना एवं प्रसाद वितरण के साथ श्रीमद्भागवत कथा का समापन हुआ।
माहेश्वरी भवन में श्रीमद्भागवत कथा का हुआ समापन, संत कृपारामजी ने दिया धर्म और भक्ति का संदेश बेंगलुरु।(दलपतसिंह भायल)महेश्वरी भवन में गुरु कृपा सेवा समिति, बेंगलुरु द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा के अंतिम दिवस संत कृपारामजी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और श्रीमद्भागवत के आध्यात्मिक संदेशों का सुंदर वर्णन करते हुए कथा का विधिवत समापन कराया। संत कृपारामजी महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल सुनने का विषय नहीं, बल्कि इसे अपने जीवन में उतारने का माध्यम है। भगवान के प्रति श्रद्धा, भक्ति और विश्वास रखने से मनुष्य के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से धर्म, संस्कार और सदाचार के मार्ग पर चलने तथा समाज में प्रेम, भाईचारा और सेवा की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से माहेश्वरी भवन का वातावरण भक्तिमय हो गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर संत कृपारामजी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया। अंतिम दिन श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। 2028 में बेंगलुरु में होगी शिव महापुराण कथा श्रीमद्भागवत कथा के समापन अवसर पर गुरु कृपा सेवा समिति की ओर से संत कृपारामजी महाराज से वर्ष 2028 में बेंगलुरु में शिव महापुराण कथा आयोजित करने के लिए निवेदन किया गया। समिति के पदाधिकारियों एवं श्रद्धालुओं ने संतश्री से आग्रह किया कि बेंगलुरु में शिव महापुराण कथा का भव्य आयोजन किया जाए, जिससे शहर के श्रद्धालुओं को भगवान शिव की महिमा और सनातन धर्म के आध्यात्मिक संदेशों को सुनने का अवसर मिल सके। संत कृपारामजी महाराज ने श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान किया। 2028 में शिव महापुराण कथा के प्रस्तावित आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिला। आयोजक गुरु कृपा सेवा समिति, बेंगलुरु की ओर से कथा के सफल आयोजन में सहयोग करने वाले सभी संतों, श्रद्धालुओं, कार्यकर्ताओं एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया गया। विधिवत पूजा-अर्चना एवं प्रसाद वितरण के साथ श्रीमद्भागवत कथा का समापन हुआ।
- माहेश्वरी भवन में श्रीमद्भागवत कथा का हुआ समापन, संत कृपारामजी ने दिया धर्म और भक्ति का संदेश बेंगलुरु।(दलपतसिंह भायल)महेश्वरी भवन में गुरु कृपा सेवा समिति, बेंगलुरु द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा के अंतिम दिवस संत कृपारामजी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और श्रीमद्भागवत के आध्यात्मिक संदेशों का सुंदर वर्णन करते हुए कथा का विधिवत समापन कराया। संत कृपारामजी महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल सुनने का विषय नहीं, बल्कि इसे अपने जीवन में उतारने का माध्यम है। भगवान के प्रति श्रद्धा, भक्ति और विश्वास रखने से मनुष्य के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से धर्म, संस्कार और सदाचार के मार्ग पर चलने तथा समाज में प्रेम, भाईचारा और सेवा की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से माहेश्वरी भवन का वातावरण भक्तिमय हो गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर संत कृपारामजी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया। अंतिम दिन श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। 2028 में बेंगलुरु में होगी शिव महापुराण कथा श्रीमद्भागवत कथा के समापन अवसर पर गुरु कृपा सेवा समिति की ओर से संत कृपारामजी महाराज से वर्ष 2028 में बेंगलुरु में शिव महापुराण कथा आयोजित करने के लिए निवेदन किया गया। समिति के पदाधिकारियों एवं श्रद्धालुओं ने संतश्री से आग्रह किया कि बेंगलुरु में शिव महापुराण कथा का भव्य आयोजन किया जाए, जिससे शहर के श्रद्धालुओं को भगवान शिव की महिमा और सनातन धर्म के आध्यात्मिक संदेशों को सुनने का अवसर मिल सके। संत कृपारामजी महाराज ने श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान किया। 2028 में शिव महापुराण कथा के प्रस्तावित आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिला। आयोजक गुरु कृपा सेवा समिति, बेंगलुरु की ओर से कथा के सफल आयोजन में सहयोग करने वाले सभी संतों, श्रद्धालुओं, कार्यकर्ताओं एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया गया। विधिवत पूजा-अर्चना एवं प्रसाद वितरण के साथ श्रीमद्भागवत कथा का समापन हुआ।1
- भद्राद्री कोठागुडेम में आदिवासी युवती की हत्या पर आक्रोश आसिफाबाद 1 सितंबर ( रमेश सोलंकी):- मुल्कल्लपल्ली मंडल की आदिवासी युवती ऊके शिरीष की संदिग्ध मृत्यु को डी.वाई.एफ.आई. (भारतीय लोकतांत्रिक युवा महासंघ) ने योजनाबद्ध हत्या करार दिया। डीवाईएफआई संगठन के कुमारम भीम आसिफाबाद जिला सचिव दुर्गम राजकुमार ने कहा कि शिरीष की मौत सामान्य नहीं है, बल्कि अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही और प्रशासनिक उदासीनता का परिणाम है। आरोपी को फास्ट ट्रैक कोर्ट में पेश कर कठोरतम सजा दी जाए। महिला कर्मचारियों की सुरक्षा में लापरवाह रहे प्राइम केयर अस्पताल प्रबंधन पर भी कड़ी कार्रवाई हो। पीड़ित परिवार को सरकार से आर्थिक सहायता मिले। राजकुमार ने कहा कि आदिवासी मंत्री सीतक्का और मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की चुप्पी से आदिवासियों के प्रति उनकी नीयत साफ हो जाती है। इस कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष गेडम टिकानंद, कोषाध्यक्ष दुर्गम निखिल, समिति सदस्य ताळ्लपेल्ली राजेश्वर, सुनके प्रवीन समेत अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- घरों के नजदीक से गुजर रही बिजली लाइन, करंट लगने से ग्रामीणों में डर ⚡ स्थान: माधोपुरा, ग्राम पंचायत भैंसवाड़ा वार्ड नंबर 11 माधोपुरा ग्राम पंचायत भैंसवाड़ा के वार्ड नंबर 11 में 11 हजार वोल्ट की बिजली लाइन घरों के बेहद नजदीक से गुजर रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लाइन की चपेट में आने से ग्रामीणों को कई बार करंट का झटका लग चुका है। घर के पास से गुजर रही हाई-वोल्टेज लाइन को लेकर ग्रामीणों में लगातार हादसे की आशंका और भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से मांग की है कि मौके का निरीक्षण कर लाइन को सुरक्षित दूरी पर करवाया जाए, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले समस्या का समाधान हो सके। ग्रामीणों की मांग—जिम्मेदार विभाग तत्काल संज्ञान लेकर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करे। स्थान माधोपुरा ग्राम पंचायत भैंसवाड़ा तहसील आहोर जिला जालौर राजस्थान रिपोर्ट: सोनाराम1
- सोलह श्रृंगार कर महिलाओं ने मनाई कजली तीज, सुख-समृद्धि की कामना रोहित जोशी। खंडप क्षेत्र में सुहागिन महिलाओं का प्रमुख पर्व कजली तीज श्रद्धा, आस्था और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही महिलाओं में पर्व को लेकर उत्साह नजर आया। महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों में सज-धजकर भगवान शिव-पार्वती की पूजा-अर्चना की और अपने पति की दीर्घायु तथा परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर महिलाओं ने व्रत रखकर तीज माता की विधिवत पूजा की। मिट्टी की तालाबड़ी बनाकर उसमें पूजन सामग्री अर्पित की गई तथा तीज माता की कथा सुनी गई। शाम को महिलाओं ने सामूहिक रूप से तीज माता की पूजा कर पारंपरिक गीतों और भजनों का गायन किया। पर्व के दौरान झूले, लोकगीत और पारंपरिक नृत्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। नवविवाहित महिलाओं के साथ-साथ बड़ी संख्या में युवतियों ने भी उत्साहपूर्वक पर्व में भाग लिया। महिलाओं ने एक-दूसरे को कजली तीज की शुभकामनाएं दीं। पूरे क्षेत्र में दिनभर तीज के गीतों और उल्लास की गूंज सुनाई दी। महिलाओं ने भारतीय संस्कृति और परंपराओं को जीवंत रखते हुए पर्व को आपसी प्रेम, सौहार्द और भाईचारे के साथ मनाया।2
- पाली-पीआरओ एवं पीओ प्रथम को ईवीएम संचालन व मतगणना प्रक्रिया का प्रशिक्षण पीआरओ एवं पीओ प्रथम को ईवीएम संचालन व मतगणना प्रक्रिया का प्रशिक्षण1
- नेपाल बाढ़ के बीच इंसानियत के दो चेहरे, एक ने लुटा तो दूसरे दिखाई इंसानियत नेपाल: बाढ़ और तबाही के बीच सोशल मीडिया पर सामने आए दो वीडियो चर्चा में हैं। एक वीडियो में एक व्यक्ति के बाढ़ में मृत बताई जा रही महिला के कानों से सोने के झुमके निकालते हुए दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। वहीं, दूसरे वीडियो में एक व्यक्ति को बाढ़ के मलबे में मिले लाखों रुपये के सोने के आभूषण और नकदी उनके कथित मालिक को लौटाते हुए दिखाया गया है। इन दोनों वीडियो ने आपदा के बीच इंसानियत और लालच के अलग-अलग पहलुओं को सामने ला दिया है। हालांकि, दोनों घटनाओं के वीडियो और उनसे जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।1
- केमिकल से तैयार हो रहे नकली अनार के दाने? वायरल वीडियो ने बढ़ाई चिंता सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में एक व्यक्ति लकड़ी की मदद से सफेद पदार्थ को लाल रंग के केमिकल में डालता दिखाई देता है। बाहर निकालने पर वह पदार्थ अनार के दाने जैसा नजर आता है। वीडियो में इसके बाद ऐसे दानों को एक-एक करके अनार के अंदर फिट करते हुए दिखाया गया है। दावा है कि तैयार नकली अनार को बाजार में बेचा जा रहा है और ग्राहक इसकी पहचान भी नहीं कर पा रहे हैं। हालांकि, वीडियो में दिखाए गए इस दावे की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इसे सत्यापित खबर के बजाय जागरूकता के लिए सामने आया दावा समझना जरूरी है। खाद्य सुरक्षा को लेकर FSSAI पहले ही फलों में प्रतिबंधित रसायनों, कृत्रिम रंग और गैर-अनुमत पदार्थों के इस्तेमाल पर निगरानी और कार्रवाई के निर्देश दे चुका है। 👉 इस वीडियो का उद्देश्य लोगों को डराना नहीं, बल्कि जागरूक करना है। किसी भी फल को केवल देखकर नकली न मानें और संदिग्ध खाद्य पदार्थों के मामले में संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग से शिकायत करें। सावधान रहें, जागरूक रहें और बिना पुष्टि के किसी वायरल दावे को सच न मानें।1
- सिवान से जसोल माता रानी भटियाणी के पैदल पैदल यात्री सड़क से किनारे पर चल रहे थे लेकिन सामने से स्कॉर्पियो गाड़ी बालोतरा से आ रही थी जिसमें एक गाड़ी सिवाना से कार आ रही थी दोनों की गंदी एक्सीडेंट हुआ है जिसमें पैदल चल रही थी माता रानी भटियाणी के गांव जसोल बच्चों चार को ज्यादा गंभीर जिनका इलाज बालोतरा नाटक अस्पताल में एडमिट करवाया गया है1