विकासखंड भैंसदेही के ग्राम पंचायत विजय ग्राम के नीमढाना क्षेत्र में ग्रामीणों ने विजय ग्राम में सीसी रोड व पेयजल संकट से आक्रोशित ग्रामीणों का चक्काजाम भैंसदेही विकासखंड भैंसदेही के ग्राम पंचायत विजय ग्राम के नीमढाना क्षेत्र में ग्रामीणों ने सीसी रोड निर्माण और पेयजल की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं के विरोध में सड़क पर चक्काजाम कर दिया। इस आंदोलन के कारण सड़क पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित रही।ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में टूटे-फूटे सड़कों और पानी की किल्लत की समस्या वर्षों से बनी हुई है। कई बार शिकायतें दर्ज करने के बावजूद संबंधित विभागों और अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। आक्रोशित ग्रामीणों ने मंगलवार दोपहर सड़क को अवरुद्ध कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। चक्काजाम के दौरान दोनों दिशाओं में वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।सूचना मिलते ही थाना प्रभारी, तहसीलदार सहित आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से वार्ता कर समझाइश दी और समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। ग्रामीण नेता रामस्वरूप पटेल ने बताया, "हमने कई पत्र लिखे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब तक सड़कें कच्ची हैं और पानी के लिए दूर-दूर जाना पड़ता है। यदि 48 घंटे में काम शुरू नहीं हुआ, तो आंदोलन और तेज होगा।"प्रशासनिक पक्ष से तहसीलदार ने कहा कि सर्वे करवाकर शीघ्र सीसी रोड निर्माण और पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। फिलहाल चक्काजाम समाप्त हो गया है, लेकिन ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी न होने पर आंदोलन उग्र रूप धारण कर लेगा। जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया है।यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी को उजागर करती है, जहां विकास कार्यों में देरी आम समस्या बन चुकी है।
विकासखंड भैंसदेही के ग्राम पंचायत विजय ग्राम के नीमढाना क्षेत्र में ग्रामीणों ने विजय ग्राम में सीसी रोड व पेयजल संकट से आक्रोशित ग्रामीणों का चक्काजाम भैंसदेही विकासखंड भैंसदेही के ग्राम पंचायत विजय ग्राम के नीमढाना क्षेत्र में ग्रामीणों ने सीसी रोड निर्माण और पेयजल की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं के विरोध में सड़क पर चक्काजाम कर दिया। इस आंदोलन के कारण सड़क पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था
बुरी तरह प्रभावित रही।ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में टूटे-फूटे सड़कों और पानी की किल्लत की समस्या वर्षों से बनी हुई है। कई बार शिकायतें दर्ज करने के बावजूद संबंधित विभागों और अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। आक्रोशित ग्रामीणों ने मंगलवार दोपहर सड़क को अवरुद्ध कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। चक्काजाम के दौरान दोनों दिशाओं में वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना
पड़ा।सूचना मिलते ही थाना प्रभारी, तहसीलदार सहित आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से वार्ता कर समझाइश दी और समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। ग्रामीण नेता रामस्वरूप पटेल ने बताया, "हमने कई पत्र लिखे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब तक सड़कें कच्ची हैं और पानी के लिए दूर-दूर जाना पड़ता है। यदि 48 घंटे में काम शुरू नहीं हुआ, तो आंदोलन और तेज होगा।"प्रशासनिक पक्ष से तहसीलदार ने कहा कि सर्वे
करवाकर शीघ्र सीसी रोड निर्माण और पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। फिलहाल चक्काजाम समाप्त हो गया है, लेकिन ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी न होने पर आंदोलन उग्र रूप धारण कर लेगा। जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया है।यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी को उजागर करती है, जहां विकास कार्यों में देरी आम समस्या बन चुकी है।
- जडीया गांव में अधूरी नल-जल योजना, बूंद बूंद पानी के लिए ग्रामीण परेशान बिजली विभाग ने नल-जल योजना की काटी बिजली, योजना ठप भैंसदेही भीमपुर विकासखण्ड क्षेत्र की ग्राम पंचायत कासमारखण्ड़ी अंतर्गत आने वाले ग्राम जड़ीया(रोजड़ीखेड़ा) में ठेकेदार और पीएचई विभाग की मिलीभगत से अधूरी नल-जल योजना के चलते बूंद बूंद पानी को ग्रामीण परेशान हैं। कोसों दूर से पानी तलाश कर प्यास बुझाने को मजबूर जडीया के ग्रामीणों में आक्रोश पनप रहा है। *3 वर्ष में भी ठेकेदार ने कार्य नहीं किया पुरा* केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी जल जीवन मिशन योजना को ग्रामीण क्षेत्रों में ठेकेदार और पीएचई विभाग द्वारा इस कदर पलीता लगाया गया की तीन चार वर्षों में भी ठेकेदार द्वारा कार्य पुरा नही किया गया। जबकि इस योजना अंतर्गत हर घर नल से शुद्ध पानी पहुंचाना था परन्तु योजना दमतोडती नजर आ रही है। गांव में योजना अंतर्गत डली पाइप लाइन फटने लगी घरों के सामने नल स्टेन गायब और बोर में पानी नहीं सुखी नल-जल योजना के चलते ग्रामीण बुद बुंद पानी को तरस रहे हैं। *56 हजार बिजली बिल,विभाग ने काटी लाइन* जडीया गांव में आधी अधूरी नल-जल योजना जैसे तैसे चल रही थी परन्तु 1 वर्ष से पेयल पंप का बिजली बिल बकाया होने से बिजली विभाग ने नल-जल योजना की बिजली सप्लाई काट दी जिससे गांव में पेयजल संकट गहरा गया भारी भरकम बिजली बिल जमा करने में अब ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। *80 घरों की बस्ती में पानी का संकट, कोसों दूर कुएं से बुझा रहे प्यास* जडीया गांव में लगभग 80 घर है वर्तमान में नल-जल योजना की बिजली कट जाने से थोड़ा बहुत पानी ग्रामीणों को मिल पाता था वह भी बंद हो चुका है। ग्रामीणों ने बताया कि वर्तमान में पानी को लेकर स्थिति बहुत खराब है। महिलाओं को कोसो दूर आसपास के कुओं से पीने के लिए कुंडीयो से पानी लाना पड़ता है पानी निकासी के लिए ग्रामीणों को बैल गाड़ी सहित अन्य संसाधनों का उपयोग करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि समस्या की शिकायत ग्राम पंचायत सहित विभाग में की गई परन्तु इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ठेकेदार से आधी अधूरी नल-जल योजना ग्राम पंचायत ने हैंडवौर ले ली है। जिसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है उन्होंने जिला कलेक्टर से नल-जल योजना की जांच कर समस्या हल की मांग की है।1
- आठनेर विकासखण्ड क्षेत्र के ग्राम जामगांव निवासी किसान कमलेश चढ़ोकार के खेत में गेहूं की फ़सल में विधुत शार्ट सर्किट से आग लग गई डायल 112 की सुचना पर आठनेर की दमकल ने ग्राम जामगांव पहुंचकर खेतो में फैली आग पर काबू पाया किसान ने बताया कि आगजनी की घटना में थोड़ा बहुत गेहूं जला परन्तु फायर ब्रिगेड की तत्परता से खलियान में इकठ्ठा 40 बोरे की खराई एवं 25 एकड़ खड़ा गेहूं जलने से बचा लिया गया जिसमें फायर पायलेट राजेश राने फायरमैन अमित बारस्कर की सुझबुझ से आग पर काबू पाया गया1
- बैतूल पुलिस को मिली बड़ी सफलता दो वर्षों पूर्व अंधे कत्ल का किया पर्दाफाश दो आरोपी कों किया गिरफ्तार1
- मुलताई। नगर के जलाराम मंदिर के पास मंगलवार शाम दो पक्षों के बीच विवाद अचानक हिंसक झड़प में बदल गया। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच मारपीट शुरू हो गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवाद बढ़ने के बाद क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लेते हुए मारपीट कर रहे लोगों को थाने ले आई। इस घटना में साहेबराव पिता अमृतराव (43 वर्ष), निवासी कामथ घायल हो गए। पुलिस उन्हें तत्काल मुलताई के सरकारी अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों द्वारा उनका प्राथमिक उपचार किया गया। पुलिस मामले में दोनों पक्षों से पूछताछ कर अपराध कायम कर जांच में ले लिया है।1
- मोदीजी को इतनी चमचा गिरी पसंद नहीं है शिवराज जी, आप भी उनको तीस साल से जानते हैं तो मैं भी, मुझे आज पता चला आपके भाषण को आज तक मोदीजी ने ट्वीट क्यों नहीं किया बोले राजीव शुक्ला.... देखिए राजपथ न्यूज़ पर....1
- पात्र गरीब को किया अपात्र, रिश्वत के इशारे के आरोप SDM ने जांच का दिया आश्वासन पांढुर्णा :-पांढुरना जिले के सौसर तहसील अंतर्गत रामाकोना क्षेत्र में एक बार फिर पटवारी महेंद्र मंडराह विवादों में घिरते नजर आ रहे हैं। बीपीएल कार्ड में गड़बड़ी को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं, जहां एक पात्र हितग्राही को अपात्र घोषित कर दिया गया। पीड़ित शैलेश पातुरकर का आरोप है कि उसके पास न पक्का मकान है, न वाहन और न ही कोई स्थायी आय का साधन, इसके बावजूद उसे योजना का लाभ नहीं दिया गया। इतना ही नहीं, पटवारी द्वारा दिए गए बयान— “तुम हट्टे-कट्टे हो, तुम्हें कार्ड की क्या जरूरत” —ने पूरे मामले को और भी गंभीर बना दिया है। वहीं, क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि कई संपन्न लोगों के पास बीपीएल कार्ड मौजूद हैं, जबकि वास्तविक गरीब अपने हक के लिए भटक रहे हैं। “पहले मुझसे मिलना था” जैसे बयान पर रिश्वत के इशारे के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। मामले को लेकर एसडीएम सौसर को ज्ञापन सौंपा गया है, जिन्होंने निष्पक्ष जांच और पात्रता के आधार पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।1
- गैस की किल्लत के बीच खाद्य विभाग की कार्रवाई, सिवनी मालवा में होटल-रेस्टोरेंट से 8 सिलेंडर जब्त सिवनी मालवा नगर में इन दिनों गैस सिलेंडर की किल्लत को लेकर आमजन परेशान है। इसी बीच खाद्य विभाग ने सख्ती दिखाते हुए होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर छापामार कार्रवाई की, जिसमें कुल 8 गैस सिलेंडर जब्त किए गए। इस कार्रवाई से अवैध रूप से घरेलू गैस के उपयोग करने वालों में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी विनय सैनी के नेतृत्व में यह जांच अभियान चलाया गया। शासन के निर्देशानुसार टीम ने नगर के विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर होटल, ढाबों और दुकानों की जांच की। इस दौरान भिलट देव मंदिर के पास स्थित श्याम रेस्टोरेंट से 2 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए गए, जिनका उपयोग व्यावसायिक कार्य में किया जा रहा था। वहीं, सांवरिया सेठ टी स्टाल से 1 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किया गया। जांच के दौरान पाया गया कि घरेलू उपयोग के लिए दिए जाने वाले सिलेंडर का उपयोग चाय-नाश्ते के व्यवसाय में किया जा रहा था, जो कि नियमों के विरुद्ध है। वही कलश रिसोर्ट से 5 कमर्शियल गैस सिलेंडर जब्त किए गए। जांच के दौरान संचालक द्वारा इन सिलेंडरों के संबंध में कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके, जिसके चलते विभाग ने उन्हें तत्काल जब्त कर लिया। वही कलश रिसोर्ट के मेनेजर ने गैस एजेंसी पर काम करने वाले कर्मचारी अभिषेक लौवंशी पर आरोप लगाए की उक्त कर्मचारी द्वारा ही हमें टंकी दी गई थी। कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी विनय सैनी ने बताया कि घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग केवल घरेलू कार्यों के लिए ही किया जा सकता है। इसका व्यावसायिक उपयोग करना गैस नियंत्रण नियमों का उल्लंघन है। साथ ही, बिना दस्तावेज के कमर्शियल सिलेंडर रखना भी अवैध है। उन्होंने यह भी कहा कि जिले में गैस की किल्लत को देखते हुए इस प्रकार की जांच लगातार जारी रहेगी, ताकि जरूरतमंद उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध हो सके और कालाबाजारी पर रोक लगाई जा सके। खाद्य विभाग की इस कार्रवाई से आम नागरिकों को राहत मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ होटल और व्यवसायिक प्रतिष्ठान घरेलू गैस सिलेंडर का दुरुपयोग कर रहे हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहे थे। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर जुर्माना एवं अन्य कानूनी कदम भी उठाए जाएंगे।1
- विजय ग्राम में सीसी रोड व पेयजल संकट से आक्रोशित ग्रामीणों का चक्काजाम भैंसदेही विकासखंड भैंसदेही के ग्राम पंचायत विजय ग्राम के नीमढाना क्षेत्र में ग्रामीणों ने सीसी रोड निर्माण और पेयजल की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं के विरोध में सड़क पर चक्काजाम कर दिया। इस आंदोलन के कारण सड़क पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित रही।ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में टूटे-फूटे सड़कों और पानी की किल्लत की समस्या वर्षों से बनी हुई है। कई बार शिकायतें दर्ज करने के बावजूद संबंधित विभागों और अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। आक्रोशित ग्रामीणों ने मंगलवार दोपहर सड़क को अवरुद्ध कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। चक्काजाम के दौरान दोनों दिशाओं में वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।सूचना मिलते ही थाना प्रभारी, तहसीलदार सहित आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से वार्ता कर समझाइश दी और समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। ग्रामीण नेता रामस्वरूप पटेल ने बताया, "हमने कई पत्र लिखे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब तक सड़कें कच्ची हैं और पानी के लिए दूर-दूर जाना पड़ता है। यदि 48 घंटे में काम शुरू नहीं हुआ, तो आंदोलन और तेज होगा।"प्रशासनिक पक्ष से तहसीलदार ने कहा कि सर्वे करवाकर शीघ्र सीसी रोड निर्माण और पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। फिलहाल चक्काजाम समाप्त हो गया है, लेकिन ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी न होने पर आंदोलन उग्र रूप धारण कर लेगा। जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया है।यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी को उजागर करती है, जहां विकास कार्यों में देरी आम समस्या बन चुकी है।4