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भक्तिमय हुआ कुशलगड़ ७२ कुण्डीय महारूद्र यज्ञ और श्रीराम मंदिर शिखर की प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न बांसवाड़ा से अरुण जोशी की रिपोर्ट बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ क्षेत्र मे आध्यात्मिक इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। स्थानीय राम मन्दिर, रामेश्वर महादेव मंदिर परिसर में आयोजित बहु-प्रतीक्षित प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का समापन आज सहस्त्रार्चन और पूर्णाहुति के साथ अत्यंत हर्षोल्लास और भक्तिपूर्ण वातावरण में हुआ। ​इस भव्य आयोजन में ७२ कुण्डीय महारूद्र यज्ञ, श्री राम यज्ञ, श्री मारुती यज्ञ श्रीराम मंदिर के स्वर्ण शिखर, ध्वज दंड और कीर्ति स्तंभ की स्थापना मुख्य आकर्षण रहे। ​दिव्य अनुष्ठानों की श्रृंखला ​महोत्सव के अंतिम दिन की शुरुआत ब्रह्म मुहूर्त में वेदमंत्रों के सस्वर पाठ से हुई। मुख्य आचार्य निकुंज मोहन पंड्या के मार्गदर्शन मे 111 विद्वान पंडितों के साथ में यजमानों ने ७२ कुण्डीय महारूद्र यज्ञ की वेदियों पर आहुतियां अर्पित कीं। इस अवसर पर पूरा परिसर "हर-हर महादेव" और "जय श्री राम" के उद्घोष से गुंजायमान रहा । भगवान शिव और प्रभु श्रीराम का सहस्त्रार्चन (हजार नामों से अर्चन) किया गया। इसमें विशेष औषधियों, पुष्पों और पवित्र द्रव्यों से अभिषेक कर लोक कल्याण की कामना की गई। नवनिर्मित श्रीराम मंदिर एवं शिव मन्दिर के मूर्ति और स्वर्ण शिखर की चमक देखते ही बन रही थी। स्व, स्वर वैदिक विधि-विधान से शिखर कलश स्थापना की गई और ध्वज दंड फहराया गया, जो सनातन धर्म की विजय पताका के रूप में स्थापित हुआ जो शास्त्रोक्त रीति से किया गया। ​इसके साथ ही उत्तर पूजा कर यज्ञ की महा-पूर्णाहुति संपन्न हुई। अग्नि देव को अंतिम आहुति समर्पित करते ही आकाश से पुष्प वर्षा की गई। इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य साधु-संतों और हजारों की संख्या में आए श्रद्धालुओं ने यज्ञ की परिक्रमा कर आशीर्वाद लिया, आरती के साथ महोत्सव का औपचारिक समापन हुआ। श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ने के कारण प्रशासन और स्वयंसेवकों ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। अब यह मंदिर परिसर क्षेत्र के प्रमुख आस्था केंद्र के रूप में अपनी नई पहचान स्थापित कर चुका है।पूर्णाहुति के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया जिसमे कुशलगढ़ और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों श्रद्धांलुओं ने प्रसाद ग्रहण किया स्थानीय सहभागिता विधायक रमिला खड़िया, पर्व संसदीय सचिव भीमा भाई डामोर,कुशलगढ़ दरबार हरेंद्र सिंह सहित क्षेत्र के कई गणमान्य व्यक्तियों और समाजसेवीयो ने इस आयोजन मे सक्रिय भूमिका निभाई यह मोहत्स्व कुशलगढ़ के इतिहास मे एक ऐतिहासिक घटना के रूप मे दर्ज हुवा जिससे पुरे क्षेत्र को भक्तिमय और एकता के सूत्र मे पिरो दिया ​यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामुदायिक एकता और अटूट श्रद्धा का प्रतीक है। श्रीराम और महादेव की कृपा से आज यह संकल्प पूर्ण हुआ। उक्त जानकारी पं. सतीश राज त्रिवेदी ने दी।।

2 hrs ago
user_पत्रकार अरुण जोशी कुशलगढ़
पत्रकार अरुण जोशी कुशलगढ़
Reporter कुशलगढ़, बांसवाड़ा, राजस्थान•
2 hrs ago
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भक्तिमय हुआ कुशलगड़ ७२ कुण्डीय महारूद्र यज्ञ और श्रीराम मंदिर शिखर की प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न बांसवाड़ा से अरुण जोशी की रिपोर्ट बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ क्षेत्र मे आध्यात्मिक इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। स्थानीय राम मन्दिर, रामेश्वर महादेव मंदिर परिसर में आयोजित बहु-प्रतीक्षित प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का समापन आज सहस्त्रार्चन और पूर्णाहुति के साथ अत्यंत हर्षोल्लास और भक्तिपूर्ण वातावरण में हुआ। ​इस भव्य आयोजन में ७२ कुण्डीय महारूद्र यज्ञ, श्री राम यज्ञ, श्री मारुती यज्ञ श्रीराम मंदिर के स्वर्ण शिखर, ध्वज दंड और कीर्ति स्तंभ की स्थापना मुख्य आकर्षण रहे। ​दिव्य अनुष्ठानों की श्रृंखला ​महोत्सव के अंतिम दिन की शुरुआत ब्रह्म मुहूर्त में वेदमंत्रों के सस्वर पाठ से हुई। मुख्य आचार्य

निकुंज मोहन पंड्या के मार्गदर्शन मे 111 विद्वान पंडितों के साथ में यजमानों ने ७२ कुण्डीय महारूद्र यज्ञ की वेदियों पर आहुतियां अर्पित कीं। इस अवसर पर पूरा परिसर "हर-हर महादेव" और "जय श्री राम" के उद्घोष से गुंजायमान रहा । भगवान शिव और प्रभु श्रीराम का सहस्त्रार्चन (हजार नामों से अर्चन) किया गया। इसमें विशेष औषधियों, पुष्पों और पवित्र द्रव्यों से अभिषेक कर लोक कल्याण की कामना की गई। नवनिर्मित श्रीराम मंदिर एवं शिव मन्दिर के मूर्ति और स्वर्ण शिखर की चमक देखते ही बन रही थी। स्व, स्वर वैदिक विधि-विधान से शिखर कलश स्थापना की गई और ध्वज दंड फहराया गया, जो सनातन धर्म की

विजय पताका के रूप में स्थापित हुआ जो शास्त्रोक्त रीति से किया गया। ​इसके साथ ही उत्तर पूजा कर यज्ञ की महा-पूर्णाहुति संपन्न हुई। अग्नि देव को अंतिम आहुति समर्पित करते ही आकाश से पुष्प वर्षा की गई। इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य साधु-संतों और हजारों की संख्या में आए श्रद्धालुओं ने यज्ञ की परिक्रमा कर आशीर्वाद लिया, आरती के साथ महोत्सव का औपचारिक समापन हुआ। श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ने के कारण प्रशासन और स्वयंसेवकों ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। अब यह मंदिर परिसर क्षेत्र के प्रमुख आस्था केंद्र के रूप में अपनी नई पहचान स्थापित कर चुका है।पूर्णाहुति के बाद विशाल भंडारे का आयोजन

किया गया जिसमे कुशलगढ़ और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों श्रद्धांलुओं ने प्रसाद ग्रहण किया स्थानीय सहभागिता विधायक रमिला खड़िया, पर्व संसदीय सचिव भीमा भाई डामोर,कुशलगढ़ दरबार हरेंद्र सिंह सहित क्षेत्र के कई गणमान्य व्यक्तियों और समाजसेवीयो ने इस आयोजन मे सक्रिय भूमिका निभाई यह मोहत्स्व कुशलगढ़ के इतिहास मे एक ऐतिहासिक घटना के रूप मे दर्ज हुवा जिससे पुरे क्षेत्र को भक्तिमय और एकता के सूत्र मे पिरो दिया ​यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामुदायिक एकता और अटूट श्रद्धा का प्रतीक है। श्रीराम और महादेव की कृपा से आज यह संकल्प पूर्ण हुआ। उक्त जानकारी पं. सतीश राज त्रिवेदी ने दी।।

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    भक्तिमय हुआ कुशलगड़ ७२ कुण्डीय महारूद्र यज्ञ और श्रीराम मंदिर शिखर की प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न
बांसवाड़ा से अरुण जोशी की रिपोर्ट
बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ क्षेत्र मे आध्यात्मिक इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। स्थानीय राम मन्दिर, रामेश्वर महादेव मंदिर परिसर में आयोजित बहु-प्रतीक्षित प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का समापन आज सहस्त्रार्चन और पूर्णाहुति के साथ अत्यंत हर्षोल्लास और भक्तिपूर्ण वातावरण में हुआ।
​इस भव्य आयोजन में ७२ कुण्डीय महारूद्र यज्ञ, श्री राम यज्ञ, श्री मारुती यज्ञ श्रीराम मंदिर के स्वर्ण शिखर, ध्वज दंड और कीर्ति स्तंभ की स्थापना मुख्य आकर्षण रहे।
​दिव्य अनुष्ठानों की श्रृंखला
​महोत्सव के अंतिम दिन की शुरुआत ब्रह्म मुहूर्त में वेदमंत्रों के सस्वर पाठ से हुई। मुख्य आचार्य निकुंज मोहन पंड्या के मार्गदर्शन मे 111 विद्वान पंडितों के साथ में यजमानों ने ७२ कुण्डीय महारूद्र यज्ञ की वेदियों पर आहुतियां अर्पित कीं। इस अवसर पर पूरा परिसर "हर-हर महादेव" और "जय श्री राम" के उद्घोष से गुंजायमान रहा । भगवान शिव और प्रभु श्रीराम का सहस्त्रार्चन (हजार नामों से अर्चन) किया गया। इसमें विशेष औषधियों, पुष्पों और पवित्र द्रव्यों से अभिषेक कर लोक कल्याण की कामना की गई। नवनिर्मित श्रीराम मंदिर एवं शिव मन्दिर के मूर्ति और स्वर्ण शिखर की चमक देखते ही बन रही थी। 
स्व, स्वर वैदिक विधि-विधान से शिखर कलश स्थापना की गई और ध्वज दंड फहराया गया, जो सनातन धर्म की विजय पताका के रूप में स्थापित हुआ जो शास्त्रोक्त रीति से किया गया।
​इसके साथ ही उत्तर पूजा कर यज्ञ की महा-पूर्णाहुति संपन्न हुई। अग्नि देव को अंतिम आहुति समर्पित करते ही आकाश से पुष्प वर्षा की गई। इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य साधु-संतों और हजारों की संख्या में आए श्रद्धालुओं ने यज्ञ की परिक्रमा कर आशीर्वाद लिया, आरती के साथ महोत्सव का औपचारिक समापन हुआ। श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ने के कारण प्रशासन और स्वयंसेवकों ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। अब यह मंदिर परिसर क्षेत्र के प्रमुख आस्था केंद्र के रूप में अपनी नई पहचान स्थापित कर चुका है।पूर्णाहुति के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया जिसमे कुशलगढ़ और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों श्रद्धांलुओं ने प्रसाद ग्रहण किया स्थानीय सहभागिता विधायक रमिला खड़िया, पर्व संसदीय सचिव भीमा भाई डामोर,कुशलगढ़ दरबार हरेंद्र सिंह सहित क्षेत्र के कई गणमान्य व्यक्तियों और समाजसेवीयो ने इस आयोजन मे सक्रिय भूमिका निभाई यह मोहत्स्व कुशलगढ़ के इतिहास मे एक ऐतिहासिक घटना के रूप मे दर्ज हुवा जिससे पुरे क्षेत्र को भक्तिमय और एकता के सूत्र मे पिरो दिया 
​यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामुदायिक एकता और अटूट श्रद्धा का प्रतीक है। श्रीराम और महादेव की कृपा से आज यह संकल्प पूर्ण हुआ। उक्त जानकारी पं. सतीश राज त्रिवेदी ने दी।।
    user_पत्रकार अरुण जोशी कुशलगढ़
    पत्रकार अरुण जोशी कुशलगढ़
    Reporter कुशलगढ़, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • “राममय हुआ कुशलगढ़: भव्य राम मंदिर शिखर की प्राण-प्रतिष्ठा सम्पन्न, विधायक रमिला खड़िया ने दिया एकजुटता और आस्था का संदेश “जय श्रीराम के उद्घोष से गूंजा कुशलगढ़: 143 वर्ष पुराने गौरव से जुड़ा राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव भव्यता से सम्पन्न” कुशलगढ़, 10 मई। नगर के ऐतिहासिक राम मंदिर प्रतिष्ठा महोत्सव के अंतर्गत आज भव्य एवं दिव्य वातावरण में राम मंदिर शिखर एवं श्रीराम दरबार की प्राण-प्रतिष्ठा विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सम्पन्न हुई। पूरे नगर में भक्तिमय माहौल रहा तथा मंदिर परिसर “जय श्रीराम” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। प्रतिष्ठा आचार्य पंडित निकुंज मोहन पांडिया के सानिध्य में आयोजित समारोह में अतिथियों, साधु-संतों एवं समाजजनों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय विधायक रमिला खड़िया ने कहा कि भगवान राम केवल मंदिरों में ही नहीं, बल्कि हर घट-घट और प्रत्येक व्यक्ति के हृदय में विराजमान हैं। उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के बाद आज कुशलगढ़ में यह भव्य राम मंदिर और राम दरबार की प्रतिष्ठा होना पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने समाज को एकजुट होकर विकास और धर्म के कार्यों में आगे बढ़ने का संदेश देते हुए कहा कि हमें किंतु-परंतु छोड़कर मिलकर कार्य करना चाहिए। राज परिवार के दरबार हेमेंद्र सिंह राठौर का समारोह में सम्मान किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि उनके पूर्वजों ने लगभग 143 वर्ष पूर्व इस मंदिर का निर्माण करवाया था और आज पुनः इस मंदिर में भगवान श्रीराम दरबार विराजित हो रहे हैं, यह अत्यंत सुख और गर्व का क्षण है। उन्होंने साधु-संतों, समिति सदस्यों और क्षेत्रवासियों को इस ऐतिहासिक आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। गो संत रघु दास महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि जहां भगवान राम विराजित होते हैं, वहां सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है। उन्होंने इस प्राण-प्रतिष्ठा को पूरे क्षेत्र की खुशहाली का प्रतीक बताया। प्रतिष्ठा आचार्य निकुंज मोहन पांडिया ने कहा कि श्रद्धालुओं, समिति सदस्यों और क्षेत्रवासियों के सहयोग से यह भव्य आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ है। उन्होंने कहा कि भगवान राम दरबार की प्रतिष्ठा केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सनातन संस्कृति और सामाजिक एकता का प्रतीक है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हंसमुख लाल सेठ ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एवं विधायक रमिला खड़िया के अथक प्रयासों का ही परिणाम है कि कुशलगढ़ राम मंदिर और मंगलेश्वर महादेव मंदिर लगभग 5 करोड़ रुपये की लागत से भव्य रूप में निर्मित हुए हैं। वर्धमान स्थानकवासी श्रीसंघ के अध्यक्ष रजनीकांत खाब्या ने कहा कि यह मंदिर केवल आस्था का केंद्र नहीं बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राजाओं के समय शुरू हुई यह परंपरा आज विधायक रमिला खड़िया के प्रयासों से नए गौरव के साथ आगे बढ़ रही है। एडवोकेट धर्मेंद्र कंसारा ने कहा कि मंदिर निर्माण के बाद आज भगवान राम दरबार की प्रतिष्ठा का यह ऐतिहासिक क्षण सभी क्षेत्रवासियों के लिए अत्यंत सुखद और गौरवपूर्ण है। उन्होंने प्रतिष्ठा आचार्य निकुंज मोहन पांडिया एवं उनकी टीम की सराहना करते हुए आयोजन को निर्विघ्न और भव्य बताया। समारोह में राम दरबार के लाभार्थी समाजसेवी करणी सिंह राठौड़ का शॉल एवं पगड़ी पहनाकर सम्मान किया गया। साथ ही समाज अध्यक्ष जयंतीलाल सेठ का भी अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर पूर्व संसदीय सचिव भीमाभाई डामोर, प्रधान कान्हिग रावत, भाजपा जिला उपाध्यक्ष लीला पडियार, पंडित लोकेंद्र पांड्या, मंदिर पुजारी विकास शर्मा सहित विभिन्न क्षेत्रों से पधारे साधु-संतों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में समिति अध्यक्ष मुकेश अग्रवाल, संरक्षक कैलाश बारोट, भारत कुमावत, एडवोकेट धर्मेंद्र कंसारा, ललित गोलेछा, ललित राठौर, अजय निगम, अजय जोशी हेमेंद्र पांड्या, पंकज दोषी, राकेश कोठारी, साहित्यकार विनोद पानेरी पंडित सतीश राज त्रिवेदी राघवेश चरपोटा, रमेश तलेश्वरा, नरेश गाड़िया सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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    “राममय हुआ कुशलगढ़: भव्य राम मंदिर शिखर की प्राण-प्रतिष्ठा सम्पन्न, विधायक रमिला खड़िया ने दिया एकजुटता और आस्था का संदेश
“जय श्रीराम के उद्घोष से गूंजा कुशलगढ़: 143 वर्ष पुराने गौरव से जुड़ा राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव भव्यता से सम्पन्न”
कुशलगढ़, 10 मई। नगर के ऐतिहासिक राम मंदिर प्रतिष्ठा महोत्सव के अंतर्गत आज भव्य एवं दिव्य वातावरण में राम मंदिर शिखर एवं श्रीराम दरबार की प्राण-प्रतिष्ठा विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सम्पन्न हुई। पूरे नगर में भक्तिमय माहौल रहा तथा मंदिर परिसर “जय श्रीराम” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। प्रतिष्ठा आचार्य पंडित निकुंज मोहन पांडिया के सानिध्य में आयोजित समारोह में अतिथियों, साधु-संतों एवं समाजजनों का सम्मान किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय विधायक रमिला खड़िया ने कहा कि भगवान राम केवल मंदिरों में ही नहीं, बल्कि हर घट-घट और प्रत्येक व्यक्ति के हृदय में विराजमान हैं। उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के बाद आज कुशलगढ़ में यह भव्य राम मंदिर और राम दरबार की प्रतिष्ठा होना पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने समाज को एकजुट होकर विकास और धर्म के कार्यों में आगे बढ़ने का संदेश देते हुए कहा कि हमें किंतु-परंतु छोड़कर मिलकर कार्य करना चाहिए।
राज परिवार के दरबार हेमेंद्र सिंह राठौर का समारोह में सम्मान किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि उनके पूर्वजों ने लगभग 143 वर्ष पूर्व इस मंदिर का निर्माण करवाया था और आज पुनः इस मंदिर में भगवान श्रीराम दरबार विराजित हो रहे हैं, यह अत्यंत सुख और गर्व का क्षण है। उन्होंने साधु-संतों, समिति सदस्यों और क्षेत्रवासियों को इस ऐतिहासिक आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।
गो संत रघु दास महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि जहां भगवान राम विराजित होते हैं, वहां सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है। उन्होंने इस प्राण-प्रतिष्ठा को पूरे क्षेत्र की खुशहाली का प्रतीक बताया।
प्रतिष्ठा आचार्य निकुंज मोहन पांडिया ने कहा कि श्रद्धालुओं, समिति सदस्यों और क्षेत्रवासियों के सहयोग से यह भव्य आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ है। उन्होंने कहा कि भगवान राम दरबार की प्रतिष्ठा केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सनातन संस्कृति और सामाजिक एकता का प्रतीक है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हंसमुख लाल सेठ ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एवं विधायक रमिला खड़िया के अथक प्रयासों का ही परिणाम है कि कुशलगढ़ राम मंदिर और मंगलेश्वर महादेव मंदिर लगभग 5 करोड़ रुपये की लागत से भव्य रूप में निर्मित हुए हैं।
वर्धमान स्थानकवासी श्रीसंघ के अध्यक्ष रजनीकांत खाब्या ने कहा कि यह मंदिर केवल आस्था का केंद्र नहीं बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राजाओं के समय शुरू हुई यह परंपरा आज विधायक रमिला खड़िया के प्रयासों से नए गौरव के साथ आगे बढ़ रही है।
एडवोकेट धर्मेंद्र कंसारा ने कहा कि मंदिर निर्माण के बाद आज भगवान राम दरबार की प्रतिष्ठा का यह ऐतिहासिक क्षण सभी क्षेत्रवासियों के लिए अत्यंत सुखद और गौरवपूर्ण है। उन्होंने प्रतिष्ठा आचार्य निकुंज मोहन पांडिया एवं उनकी टीम की सराहना करते हुए आयोजन को निर्विघ्न और भव्य बताया।
समारोह में राम दरबार के लाभार्थी समाजसेवी करणी सिंह राठौड़ का शॉल एवं पगड़ी पहनाकर सम्मान किया गया। साथ ही समाज अध्यक्ष जयंतीलाल सेठ का भी अभिनंदन किया गया।
इस अवसर पर पूर्व संसदीय सचिव भीमाभाई डामोर, प्रधान कान्हिग रावत, भाजपा जिला उपाध्यक्ष लीला पडियार, पंडित लोकेंद्र पांड्या, मंदिर पुजारी विकास शर्मा सहित विभिन्न क्षेत्रों से पधारे साधु-संतों का सम्मान किया गया।
कार्यक्रम में समिति अध्यक्ष मुकेश अग्रवाल, संरक्षक कैलाश बारोट, भारत कुमावत, एडवोकेट धर्मेंद्र कंसारा, ललित गोलेछा, ललित राठौर, अजय निगम, अजय जोशी हेमेंद्र पांड्या, पंकज दोषी, राकेश कोठारी, साहित्यकार विनोद पानेरी पंडित सतीश राज त्रिवेदी राघवेश चरपोटा, रमेश तलेश्वरा, नरेश गाड़िया सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
    user_गाण्डीव न्यूज नेटवर्क
    गाण्डीव न्यूज नेटवर्क
    बांसवाड़ा, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    1 hr ago
  • बंसवाड़ा के केशव नगर हाउसिंग बोर्ड में शिव हनुमान मंदिर मां अम्बे का 20वां शताब्दी पटाव उत्सव धूमधाम से मनाया गया। यह आयोजन 10 मई, 2026 को बड़े हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ, जिसमें भक्तों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
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    बंसवाड़ा के केशव नगर हाउसिंग बोर्ड में शिव हनुमान मंदिर मां अम्बे का 20वां शताब्दी पटाव उत्सव धूमधाम से मनाया गया। यह आयोजन 10 मई, 2026 को बड़े हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ, जिसमें भक्तों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
    user_Ajay kumar Pandit
    Ajay kumar Pandit
    Photographer Banswara, Rajasthan•
    12 hrs ago
  • राजस्थान के सागवाड़ा स्थित जील कंपनी में युवाओं के लिए 10,000 पदों पर बड़ी भर्ती शुरू हुई है। चयनित युवाओं को निःशुल्क प्रशिक्षण के साथ ₹25,000 तक मासिक वेतन और कई कॉर्पोरेट सुविधाएं मिलेंगी। आवेदन की अंतिम तिथि 25 मई है, जो बेरोजगार युवाओं के लिए एक शानदार अवसर है।
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    राजस्थान के सागवाड़ा स्थित जील कंपनी में युवाओं के लिए 10,000 पदों पर बड़ी भर्ती शुरू हुई है। चयनित युवाओं को निःशुल्क प्रशिक्षण के साथ ₹25,000 तक मासिक वेतन और कई कॉर्पोरेट सुविधाएं मिलेंगी। आवेदन की अंतिम तिथि 25 मई है, जो बेरोजगार युवाओं के लिए एक शानदार अवसर है।
    user_Sagwara live news
    Sagwara live news
    Local News Reporter सागवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    20 hrs ago
  • सोमनाथ स्वाभिमान पर्व: इतिहास, आस्था और संस्कृति का भव्य संगम पुनर्निर्मित श्री सोमनाथ मंदिर की 75वीं वर्षगांठ पर सीमलवाड़ा कस्बे में ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सीनियर स्कूल से भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं और छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कलश यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए सीमलवाड़ा तालाब की पाल स्थित विश्वनाथ महादेव मंदिर पहुँची, जहां पूर्व सांसद कनकमल कटारा, भाजपा प्रत्याशी कारीलाल ननोमा, जिला महामंत्री ईश्वर लाल लबाना, मंडल अध्यक्ष परेश पाटीदार, महेश डामोर, सरपंच विजयपाल डोडियार, कीर्ति पंड्या सहित कई जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों ने पूजा-अर्चना की। सभा को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद कनकमल कटारा एवँ भाजपा प्रत्याशी कारीलाल ननोमा ने कहा कि आज भारत को नरेंद्र मोदी एक ऐसा प्रधानमंत्री मिला है, जिसने विकास के साथ सनातन संस्कृति को भी नई पहचान दिलाई है। सनातन धर्म भारत की सभ्यता और स्वाभिमान का प्रतीक है। वही अन्य वक्ताओं ने श्री सोमनाथ मंदिर को सनातन संस्कृति, राष्ट्रीय अस्मिता और आत्मगौरव का प्रतीक बताते हुए देशभर में सनातन धर्म के संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश दिया। एसडीएम विवेक गुर्जर ने अपने संबोधन में कहा कि सोमनाथ मंदिर केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी समाज को मजबूत करने का कार्य कर रहा है। कार्यक्रम का संचालन दिलीप सिंह चौहान ने किया, जबकि आभार प्रकाश पंड्या ने व्यक्त किया। इस अवसर पर विकास अधिकारी ललित पंड्या, नायब तहसीलदार भूमल चौहान, राजेश मीणा, विद्युत विभाग एईएन हर्षद पंचाल,ब्लॉक शिक्षा अधिकारी हमराज सिंह चौहान, पशु चिकित्सक डॉ. मनीष रोत, राजेश प्रजापत, योगेश दर्जी, देवेंद्र दर्जी,मणि लाल पंड्या सीनियर सेकेंडरी विद्यालय सीमलवाड़ा की प्रधानाचार्या श्रद्धा पंड्या, बालिका विद्यालय प्रधानाचार्य विभा पंड्या, क़ानूनंगों योगराज सिंह शख्तावत, निरजन चौहान, निर्भय चौहान, देवेंद्र सिंह सोलंकी, सुनील भट्ट, भरत त्रिवेदी, देवीलाल कलाल, पराग सोनी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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    सोमनाथ स्वाभिमान पर्व: इतिहास, आस्था और संस्कृति का भव्य संगम
पुनर्निर्मित श्री सोमनाथ मंदिर की 75वीं वर्षगांठ पर सीमलवाड़ा कस्बे में ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सीनियर स्कूल से भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं और छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कलश यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए सीमलवाड़ा तालाब की पाल स्थित विश्वनाथ महादेव मंदिर पहुँची, जहां पूर्व सांसद कनकमल कटारा, भाजपा प्रत्याशी कारीलाल ननोमा, जिला महामंत्री ईश्वर लाल लबाना, मंडल अध्यक्ष परेश पाटीदार, महेश डामोर, सरपंच विजयपाल डोडियार, कीर्ति पंड्या सहित कई जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों ने पूजा-अर्चना की।
सभा को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद कनकमल कटारा एवँ भाजपा प्रत्याशी कारीलाल ननोमा ने कहा कि आज भारत को नरेंद्र मोदी एक ऐसा प्रधानमंत्री मिला 
है, जिसने विकास के साथ सनातन संस्कृति को भी नई पहचान दिलाई है। सनातन धर्म भारत की सभ्यता और 
स्वाभिमान का प्रतीक है। वही अन्य वक्ताओं ने श्री सोमनाथ मंदिर को सनातन संस्कृति, राष्ट्रीय अस्मिता और आत्मगौरव का प्रतीक बताते हुए देशभर में सनातन धर्म के संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश दिया। एसडीएम विवेक गुर्जर ने अपने संबोधन में कहा कि सोमनाथ मंदिर केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी समाज को मजबूत करने का कार्य कर रहा है। कार्यक्रम का संचालन दिलीप सिंह चौहान ने किया, जबकि आभार प्रकाश पंड्या ने व्यक्त किया। इस अवसर पर विकास अधिकारी ललित पंड्या, नायब तहसीलदार भूमल चौहान, राजेश मीणा, विद्युत विभाग एईएन हर्षद पंचाल,ब्लॉक शिक्षा अधिकारी हमराज सिंह चौहान, पशु चिकित्सक डॉ. मनीष रोत, राजेश प्रजापत, योगेश दर्जी, देवेंद्र दर्जी,मणि लाल पंड्या सीनियर सेकेंडरी विद्यालय सीमलवाड़ा की प्रधानाचार्या श्रद्धा पंड्या, बालिका विद्यालय प्रधानाचार्य विभा पंड्या, क़ानूनंगों योगराज सिंह शख्तावत, निरजन चौहान, निर्भय चौहान, देवेंद्र सिंह सोलंकी, सुनील भट्ट, भरत त्रिवेदी, देवीलाल कलाल, पराग सोनी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
    user_मुकेश कुमार आर. पंड्या
    मुकेश कुमार आर. पंड्या
    Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    30 min ago
  • राजस्थान के सीमलवाड़ा में पुनर्निर्मित श्री सोमनाथ मंदिर की 75वीं वर्षगांठ 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' के रूप में धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें महिलाएं और छात्राएं बड़ी संख्या में शामिल हुईं। वक्ताओं ने मंदिर को सनातन संस्कृति और राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक बताते हुए देश भर में सनातन धर्म के संरक्षण पर जोर दिया।
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    राजस्थान के सीमलवाड़ा में पुनर्निर्मित श्री सोमनाथ मंदिर की 75वीं वर्षगांठ 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' के रूप में धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें महिलाएं और छात्राएं बड़ी संख्या में शामिल हुईं। वक्ताओं ने मंदिर को सनातन संस्कृति और राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक बताते हुए देश भर में सनातन धर्म के संरक्षण पर जोर दिया।
    user_Gunwant kalal
    Gunwant kalal
    Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • Post by Ravi__baba999
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    Post by Ravi__baba999
    user_Ravi__baba999
    Ravi__baba999
    जावरा, रतलाम, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • 63 कार्टून बीयर से भरी पिकअप पकड़ी, कुशलगढ़ पुलिस ने 2 लाख की शराब जब्त की बांसवाड़ा जिले में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कुशलगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 2 लाख रुपये से अधिक कीमत की अंग्रेजी शराब जब्त की है। पुलिस ने 63 कार्टून किंगफिशर बीयर से भरी बिना नंबर की पिकअप बोलेरो पकड़कर आरोपी कमलेश पिता पतलिया निवासी लोहारिया थाना कल्याणपुरा जिला झाबुआ (मध्यप्रदेश) को गिरफ्तार किया। सर्किल इंस्पेक्टर एवं थानाधिकारी प्रवीणसिंह सिसोदिया ने बताया कि जिला पुलिस अधीक्षक श्री सुधीर जोशी के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरपतसिंह एवं वृत्ताधिकारी महिपालसिंह के निर्देशन में पुलिस टीम ने कुशलगढ़ रोड पर नाकाबंदी कर वाहन की तलाशी ली, जिसमें 63 कार्टून में कुल 1512 टीन किंगफिशर बीयर बरामद हुई। आरोपी के पास शराब परिवहन का कोई वैध अनुज्ञा पत्र नहीं मिलने पर उसे गिरफ्तार कर अवैध शराब एवं वाहन जब्त कर लिया गया। मामले की जांच जारी है। कार्रवाई में राजमल, धर्मेन्द्रसिंह, कान्तिलाल एवं हितेश आरटी सहित पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका रही।
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    63 कार्टून बीयर से भरी पिकअप पकड़ी, कुशलगढ़ पुलिस ने 2 लाख की शराब जब्त की
बांसवाड़ा जिले में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कुशलगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 2 लाख रुपये से अधिक कीमत की अंग्रेजी शराब जब्त की है। पुलिस ने 63 कार्टून किंगफिशर बीयर से भरी बिना नंबर की पिकअप बोलेरो पकड़कर आरोपी कमलेश पिता पतलिया निवासी लोहारिया थाना कल्याणपुरा जिला झाबुआ (मध्यप्रदेश) को गिरफ्तार किया।
सर्किल इंस्पेक्टर एवं थानाधिकारी प्रवीणसिंह सिसोदिया ने बताया कि जिला पुलिस अधीक्षक श्री सुधीर जोशी के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरपतसिंह एवं वृत्ताधिकारी महिपालसिंह के निर्देशन में पुलिस टीम ने कुशलगढ़ रोड पर नाकाबंदी कर वाहन की तलाशी ली, जिसमें 63 कार्टून में कुल 1512 टीन किंगफिशर बीयर बरामद हुई।
आरोपी के पास शराब परिवहन का कोई वैध अनुज्ञा पत्र नहीं मिलने पर उसे गिरफ्तार कर अवैध शराब एवं वाहन जब्त कर लिया गया। मामले की जांच जारी है। कार्रवाई में राजमल, धर्मेन्द्रसिंह, कान्तिलाल एवं हितेश आरटी सहित पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका रही।
    user_गाण्डीव न्यूज नेटवर्क
    गाण्डीव न्यूज नेटवर्क
    बांसवाड़ा, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    2 hrs ago
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