पंडालों में भीड़ बढ़ रही, पर भक्ति घट रही: संत प्रभु जी नागर बड़गांव। क्षेत्र के ग्राम धतूरिया में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन विख्यात कथावाचक संत प्रभु जी नागर ने वर्तमान दौर की धार्मिक मान्यताओं और बढ़ते दिखावे पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ तो लगातार बढ़ रही है, लेकिन लोगों के भीतर वास्तविक भक्ति का स्तर निरंतर घटता जा रहा है। प्रदर्शन बनी भक्ति, समर्पण का अभाव संत प्रभु जी ने अपने प्रवचन के दौरान कहा कि वर्तमान में भक्ति केवल प्रदर्शन का माध्यम बनकर रह गई है। लोग कथा पंडालों में प्रभु से जुड़ने के बजाय अपनी उपस्थिति दर्ज कराने और भौतिक चकाचौंध को देखने अधिक आ रहे हैं। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा, "यदि कथा सुनने के बाद भी व्यक्ति के अहंकार, ईर्ष्या और क्रोध में कमी नहीं आती, तो वह भीड़ मात्र एक जमावड़ा है, भक्ति नहीं। आचरण में बदलाव ही कथा की सार्थकता कथा के विश्राम दिवस पर संत जी ने श्रोताओं को संबोधित करते हुए कहा कि कथा की सार्थकता पंडाल की भव्यता या भीड़ की संख्या से नहीं, बल्कि श्रोताओं के जीवन में आने वाले सकारात्मक बदलाव से तय होती है। उन्होंने भक्तों से आह्वान किया कि वे ईश्वर को बाहर खोजने और भीड़ का हिस्सा बनने के बजाय अपने भीतर झांकें और आचरण में सादगी व प्रेम को स्थान दें। कथा सुनने के लिए आसपास के कई गांव के लोग गए। कथा की महाआरती करके समापन किया।
पंडालों में भीड़ बढ़ रही, पर भक्ति घट रही: संत प्रभु जी नागर बड़गांव। क्षेत्र के ग्राम धतूरिया में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन विख्यात कथावाचक संत प्रभु जी नागर ने वर्तमान दौर की धार्मिक मान्यताओं और बढ़ते दिखावे पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ तो लगातार बढ़ रही है, लेकिन लोगों के भीतर वास्तविक भक्ति का स्तर निरंतर घटता जा रहा है। प्रदर्शन बनी भक्ति, समर्पण का अभाव संत प्रभु जी ने अपने प्रवचन के दौरान कहा कि वर्तमान में भक्ति केवल प्रदर्शन का माध्यम बनकर रह गई है। लोग कथा पंडालों में प्रभु से जुड़ने के बजाय अपनी उपस्थिति दर्ज कराने और भौतिक चकाचौंध को देखने अधिक आ रहे हैं। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा, "यदि कथा सुनने के बाद भी व्यक्ति के अहंकार, ईर्ष्या और क्रोध में कमी नहीं आती, तो वह भीड़ मात्र एक जमावड़ा है, भक्ति नहीं। आचरण में बदलाव ही कथा की सार्थकता कथा के विश्राम दिवस पर संत जी ने श्रोताओं को संबोधित करते हुए कहा कि कथा की सार्थकता पंडाल की भव्यता या भीड़ की संख्या से नहीं, बल्कि श्रोताओं के जीवन में आने वाले सकारात्मक बदलाव से तय होती है। उन्होंने भक्तों से आह्वान किया कि वे ईश्वर को बाहर खोजने और भीड़ का हिस्सा बनने के बजाय अपने भीतर झांकें और आचरण में सादगी व प्रेम को स्थान दें। कथा सुनने के लिए आसपास के कई गांव के लोग गए। कथा की महाआरती करके समापन किया।
- बड़गांव। क्षेत्र के ग्राम धतूरिया में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन विख्यात कथावाचक संत प्रभु जी नागर ने वर्तमान दौर की धार्मिक मान्यताओं और बढ़ते दिखावे पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ तो लगातार बढ़ रही है, लेकिन लोगों के भीतर वास्तविक भक्ति का स्तर निरंतर घटता जा रहा है। प्रदर्शन बनी भक्ति, समर्पण का अभाव संत प्रभु जी ने अपने प्रवचन के दौरान कहा कि वर्तमान में भक्ति केवल प्रदर्शन का माध्यम बनकर रह गई है। लोग कथा पंडालों में प्रभु से जुड़ने के बजाय अपनी उपस्थिति दर्ज कराने और भौतिक चकाचौंध को देखने अधिक आ रहे हैं। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा, "यदि कथा सुनने के बाद भी व्यक्ति के अहंकार, ईर्ष्या और क्रोध में कमी नहीं आती, तो वह भीड़ मात्र एक जमावड़ा है, भक्ति नहीं। आचरण में बदलाव ही कथा की सार्थकता कथा के विश्राम दिवस पर संत जी ने श्रोताओं को संबोधित करते हुए कहा कि कथा की सार्थकता पंडाल की भव्यता या भीड़ की संख्या से नहीं, बल्कि श्रोताओं के जीवन में आने वाले सकारात्मक बदलाव से तय होती है। उन्होंने भक्तों से आह्वान किया कि वे ईश्वर को बाहर खोजने और भीड़ का हिस्सा बनने के बजाय अपने भीतर झांकें और आचरण में सादगी व प्रेम को स्थान दें। कथा सुनने के लिए आसपास के कई गांव के लोग गए। कथा की महाआरती करके समापन किया।1
- Post by राष्ट्रहित की बात1
- राह में मुश्किल होगी हजार, तुम दो कदम बढाओ तो सही, हो जाएगा हर सपना साकार, तुम चलो तो सही, तुम चलो तो सही.. राजस्थान के सर्वांगीण विकास एवं जनकल्याण को समर्पित वित्तीय बजट 2026-27 को उप मुख्य्मंत्री दिया कुमारी ने प्रदेश की देवतुल्य जनता को बजट समर्पित किया. हर व्यक्ति तक पहुचे लाभ. #बजट_समृद्ध_राजस्थान_का1
- कोटा। शहर की एक प्रसिद्ध नमकीन दुकान के उत्पाद में कथित रूप से हड्डी जैसी आपत्तिजनक वस्तु मिलने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना से आहत अधिवक्ताओं ने पूर्व उपाध्यक्ष अतीश सक्सेना एडवोकेट के नेतृत्व में प्रशासन से कार्रवाई की मांग उठाई है। अधिवक्ताओं का कहना है कि संबंधित नमकीन उत्पाद में हड्डी जैसी वस्तु मिलने की शिकायत सामने आई, जो खाद्य सुरक्षा मानकों के प्रति गंभीर लापरवाही को दर्शाती है। इस मामले को उपभोक्ताओं की सेहत से जुड़ा बताते हुए वकीलों ने इसे बेहद चिंताजनक बताया। इस संबंध में अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल ने एडीएम सिटी को ज्ञापन सौंपकर कमल नमकीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता आमजन के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। वकीलों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन द्वारा शीघ्र और सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो आगे भी कानूनी व लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराया जाएगा। प्रशासनिक अधिकारियों ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले की जांच करवाने का आश्वासन दिया है।1
- कमल नमकीन पर कानूनी संग्राम तेज: नोटिस के बाद घबराए व्यापारी? धर्म भ्रष्ट होने का आरोप, ADM को सौंपा ज्ञापन कोटा में कमल नमकीन विवाद अब खुली कानूनी जंग में बदलता नजर आ रहा है। एडवोकेट आतीश सक्सेना और सीमा वैष्णव सहित कई अधिवक्ताओं के नेतृत्व में ADM सिटी को जोरदार तरीके से ज्ञापन सौंपा गया और कंपनी मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग उठाई गई। अधिवक्ता सीमा वैष्णव ने साफ शब्दों में कहा कि जैसे ही उनकी ओर से कमल नमकीन को लीगल नोटिस भेजा गया, उसके बाद व्यापारी वर्ग में हड़कंप मच गया और बचाव में ज्ञापन सौंपे जाने लगे। सीमा वैष्णव ने आरोप लगाया कि नमकीन के पैकेट में हड्डी मिलना न सिर्फ उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि उनकी धार्मिक आस्था पर भी सीधा प्रहार है। उन्होंने कहा कि वह क्षत्रिय ब्राह्मण समाज से हैं और इस घटना से उनका धर्म भ्रष्ट हुआ है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि उनका 7 साल का बच्चा है, यदि हड्डी उसके गले में फंस जाती तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता? साथ ही उन्होंने ब्लैकमेलिंग के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनके पास पूरी बातचीत की रिकॉर्डिंग और सीसीटीवी फुटेज मौजूद है, जो सच्चाई उजागर करने के लिए काफी है। शहर में इस मामले को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है और अब सबकी नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है।1
- Post by Ajay kumar meena2
- कोटा ग्रामीण: ऑपरेशन क्रिमिनल डस्टिंग में शराब चोरी का आरोपी गिरफ्तार, कार जब्त कोटा ग्रामीण पुलिस ने ऑपरेशन क्रिमिनल डस्टिंग के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए शराब चोरी के मामले में आरोपी अनीष (27) निवासी बंबूलियाकलां, जिला बारां को गिरफ्तार किया है। थाना कैथून में दर्ज प्रकरण संख्या 514/2025 धारा 303(2) बीएनएस में तकनीकी अनुसंधान और मुखबिर सूचना के आधार पर यह सफलता मिली। आरोपी ने 8 लेन हाईवे पर एक्सीडेंट के बाद खड़ी पिकअप से 8 पेटी शराब और डीजल चोरी किया था। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त शिफ्ट कार RJ20 CC 2377 भी जब्त कर ली है। कार्रवाई एसपी सुजीत शंकर के निर्देशन में की गई। #kota #कैथून #कोटाग्रामीण_पुलिस #राजस्थानपुलिस1
- गौ सेवको द्वारा 9 फरवरी को शांति पूर्ण बंद पूर्ण तया सफल रहा1