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युवा संगम” कार्यक्रम अंतर्गत रोजगार, स्वरोजगार एवं अप्रेंटिसशिप मेला संपन्न सागर 27   अप्रैल 2026  कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में सागर जिले के युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार एवं अप्रेंटिसशिप योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने के उद्देश्य से रोजगार कार्यालय सागर, शासकीय संभागीय आई.टी.आई. सागर तथा जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र सागर के संयुक्त तत्वावधान में शासकीय संभागीय आईटीआई सागर परिसर में “युवा संगम” कार्यक्रम अंतर्गत रोजगार, स्वरोजगार एवं अप्रेंटिसशिप मेले का सफल आयोजन किया गया। इस रोजगार मेले में जिले सहित आसपास के क्षेत्रों से आए कुल 292 अभ्यर्थियों ने उत्साहपूर्वक पंजीयन कराया, जिनमें से 176 अभ्यर्थियों का विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों द्वारा प्राथमिक स्तर पर चयन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जिले के प्रतिभाशाली युवाओं को स्थानीय एवं राष्ट्रीय कंपनियों से जोड़ना, उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना तथा स्वरोजगार योजनाओं के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम में देश एवं प्रदेश स्तर की अनेक निजी कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हुए, जिनमें प्रमुख रूप से हीरो मोटरसाइकिल भगवानगंज सागर, मदर्सन पीथमपुर, भारतीय जीवन बीमा निगम सागर, पेटीएम, शिवशक्ति एग्रीटेक प्रा. लि. सागर, ग्रेट ऑर्गेनिक डायमंड प्रा. लि. सागर, अवसर कंपनी, माय लाइफ स्टाइल मार्केटिंग ग्लोबल प्रा. लि. सागर, गेल इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल्स गुना, ग्रेनुअल ऑर्गेनिक प्रा. लि. सागर, गोल्डन फार्मर ऑर्गेनिक एग्रीकल्चर सागर एवं जील फैब्रिक पीथमपुर आदि शामिल रहीं। कंपनियों के प्रतिनिधियों द्वारा अपनी-अपनी कंपनी नीतियों एवं अभ्यर्थियों की योग्यता के अनुरूप साक्षात्कार लेकर प्राथमिक चयन किया गया तथा चयनित उम्मीदवारों को ऑफर लेटर भी प्रदान किए गए। इस अवसर पर अनेक युवाओं ने पहली बार सीधे कॉर्पोरेट सेक्टर से जुड़ने का अनुभव प्राप्त किया, जिससे उनके आत्मविश्वास एवं रोजगार संभावनाओं में वृद्धि हुई। स्वरोजगार के क्षेत्र में भी कार्यक्रम का विशेष महत्व रहा। जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र सागर से उपस्थित श्री अंकित पाठक द्वारा मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना अंतर्गत 05 लाभार्थियों को ₹42 लाख की ऋण प्रदान किया। इससे युवाओं को स्वयं का व्यवसाय आरंभ करने हेतु प्रेरणा एवं आर्थिक सहयोग मिला। कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों को “मानसिक स्वास्थ्य हेतु नशा मुक्ति की शपथ” दिलाई गई, ताकि वे स्वस्थ, सकारात्मक एवं उत्पादक जीवनशैली अपनाएं। साथ ही हेल्थ एंड वेलनेस कार्यक्रम के तहत प्रतिभागियों की काउंसलिंग की गई, जिसमें मानसिक स्वास्थ्य, आत्मविश्वास वृद्धि तथा रोजगार साक्षात्कार हेतु आवश्यक व्यवहारिक कौशल की जानकारी प्रदान की गई। मेले को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में अनेक अधिकारियों एवं कर्मचारियों का योगदान सराहनीय रहा। श्री प्रमेन्द्र शर्मा, प्रभारी जिला रोजगार अधिकारी सागर, संस्था प्राचार्य वर्ग 2 सुश्री पूजा तिवारी, प्रभारी प्रशिक्षण अधीक्षक श्री आर. के. दुबे द्वारा सभी चयनित प्रतिभागियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं। वहीं संभागीय प्लेसमेंट अधिकारी श्री परमानंद सेन द्वारा पूरे आयोजन का सफल समन्वयन एवं संचालन किया गया। इसके अतिरिक्त प्रशिक्षण अधिकारी श्री नितिन खरे, श्री प्रदीप उपाध्याय, श्री सुनील लड़िया, एवं मेहमान प्रवक्ता श्री राहुल रैकवार, श्री सचिन राही, वरिष्ठ लिपिक श्री राम यादव, श्री महेश सहित अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों का सहयोग अत्यंत प्रशंसनीय रहा। कार्यक्रम के अंतिम सत्र में जिला रोजगार अधिकारी एवं उपस्थित कंपनी प्रतिनिधियों द्वारा चयनित अभ्यर्थियों को औपचारिक रूप से ऑफर लेटर वितरित किए गए। अभ्यर्थियों ने कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु जिला प्रशासन सागर का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सशक्त कदम हैं।

6 hrs ago
user_कृष्णकांत नगाइच
कृष्णकांत नगाइच
बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
6 hrs ago

युवा संगम” कार्यक्रम अंतर्गत रोजगार, स्वरोजगार एवं अप्रेंटिसशिप मेला संपन्न सागर 27   अप्रैल 2026  कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में सागर जिले के युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार एवं अप्रेंटिसशिप योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने के उद्देश्य से रोजगार कार्यालय सागर, शासकीय संभागीय आई.टी.आई. सागर तथा जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र सागर के संयुक्त तत्वावधान में शासकीय संभागीय आईटीआई सागर परिसर में “युवा संगम” कार्यक्रम अंतर्गत रोजगार, स्वरोजगार एवं अप्रेंटिसशिप मेले का सफल आयोजन किया गया। इस रोजगार मेले में जिले सहित आसपास के क्षेत्रों से आए कुल 292 अभ्यर्थियों ने उत्साहपूर्वक पंजीयन कराया, जिनमें से 176 अभ्यर्थियों का विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों द्वारा प्राथमिक स्तर पर चयन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जिले के प्रतिभाशाली युवाओं को स्थानीय एवं राष्ट्रीय कंपनियों से जोड़ना, उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना तथा

स्वरोजगार योजनाओं के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम में देश एवं प्रदेश स्तर की अनेक निजी कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हुए, जिनमें प्रमुख रूप से हीरो मोटरसाइकिल भगवानगंज सागर, मदर्सन पीथमपुर, भारतीय जीवन बीमा निगम सागर, पेटीएम, शिवशक्ति एग्रीटेक प्रा. लि. सागर, ग्रेट ऑर्गेनिक डायमंड प्रा. लि. सागर, अवसर कंपनी, माय लाइफ स्टाइल मार्केटिंग ग्लोबल प्रा. लि. सागर, गेल इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल्स गुना, ग्रेनुअल ऑर्गेनिक प्रा. लि. सागर, गोल्डन फार्मर ऑर्गेनिक एग्रीकल्चर सागर एवं जील फैब्रिक पीथमपुर आदि शामिल रहीं। कंपनियों के प्रतिनिधियों द्वारा अपनी-अपनी कंपनी नीतियों एवं अभ्यर्थियों की योग्यता के अनुरूप साक्षात्कार लेकर प्राथमिक चयन किया गया तथा चयनित उम्मीदवारों को ऑफर लेटर भी प्रदान किए गए। इस अवसर पर अनेक युवाओं ने पहली बार सीधे कॉर्पोरेट सेक्टर से जुड़ने का अनुभव प्राप्त किया, जिससे उनके आत्मविश्वास एवं रोजगार संभावनाओं

में वृद्धि हुई। स्वरोजगार के क्षेत्र में भी कार्यक्रम का विशेष महत्व रहा। जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र सागर से उपस्थित श्री अंकित पाठक द्वारा मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना अंतर्गत 05 लाभार्थियों को ₹42 लाख की ऋण प्रदान किया। इससे युवाओं को स्वयं का व्यवसाय आरंभ करने हेतु प्रेरणा एवं आर्थिक सहयोग मिला। कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों को “मानसिक स्वास्थ्य हेतु नशा मुक्ति की शपथ” दिलाई गई, ताकि वे स्वस्थ, सकारात्मक एवं उत्पादक जीवनशैली अपनाएं। साथ ही हेल्थ एंड वेलनेस कार्यक्रम के तहत प्रतिभागियों की काउंसलिंग की गई, जिसमें मानसिक स्वास्थ्य, आत्मविश्वास वृद्धि तथा रोजगार साक्षात्कार हेतु आवश्यक व्यवहारिक कौशल की जानकारी प्रदान की गई। मेले को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में अनेक अधिकारियों एवं कर्मचारियों का योगदान सराहनीय रहा। श्री प्रमेन्द्र शर्मा, प्रभारी जिला रोजगार अधिकारी सागर, संस्था प्राचार्य वर्ग 2 सुश्री

पूजा तिवारी, प्रभारी प्रशिक्षण अधीक्षक श्री आर. के. दुबे द्वारा सभी चयनित प्रतिभागियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं। वहीं संभागीय प्लेसमेंट अधिकारी श्री परमानंद सेन द्वारा पूरे आयोजन का सफल समन्वयन एवं संचालन किया गया। इसके अतिरिक्त प्रशिक्षण अधिकारी श्री नितिन खरे, श्री प्रदीप उपाध्याय, श्री सुनील लड़िया, एवं मेहमान प्रवक्ता श्री राहुल रैकवार, श्री सचिन राही, वरिष्ठ लिपिक श्री राम यादव, श्री महेश सहित अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों का सहयोग अत्यंत प्रशंसनीय रहा। कार्यक्रम के अंतिम सत्र में जिला रोजगार अधिकारी एवं उपस्थित कंपनी प्रतिनिधियों द्वारा चयनित अभ्यर्थियों को औपचारिक रूप से ऑफर लेटर वितरित किए गए। अभ्यर्थियों ने कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु जिला प्रशासन सागर का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सशक्त कदम हैं।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • मध्य प्रदेश के सागर जिले के शाहगढ़ थाना क्षेत्र में सोमवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ वार्ड क्रमांक-10 में रहने वाले एक पति-पत्नी ने अज्ञात कारणों के चलते अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। ​अकेले रहते थे पति-पत्नी ​जानकारी के मुताबिक, 45 वर्षीय उत्तम अहिरवार और उनकी 42 वर्षीय पत्नी हरिबाई घर में अकेले रहते थे। दंपत्ति बीड़ी बनाने का काम कर अपना जीवन यापन करते थे। उनका इकलौता बेटा काम के सिलसिले में सागर में रहता है। सोमवार सुबह जब परिजनों ने उन्हें फंदे पर लटकते देखा, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। आनन-फानन में पुलिस को सूचना दी गई। ​रात को पड़ोसियों के साथ की थी चर्चा ​हैरानी की बात यह है कि रविवार देर रात तक दोनों पति-पत्नी अपने घर के दरवाजे पर मोहल्ले वालों के साथ बैठे थे। पड़ोसियों ने बताया कि दोनों ने बिल्कुल सामान्य तरीके से बातचीत की थी। उनके व्यवहार से जरा भी आभास नहीं हुआ कि वे ऐसा कोई खौफनाक कदम उठा सकते हैं। ​जांच में जुटी पुलिस ​घटना की जानकारी मिलते ही शाहगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने सागर में रह रहे उनके बेटे को सूचना दी। बेटे के पहुंचने के बाद शवों का पंचनामा तैयार कर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया। घटना को लेकर शाहगढ़ थाना प्रभारी संदीप खरे ने बताया कि ​मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आत्महत्या के कारणों की तलाश की जा रही है। परिजनों और पड़ोसियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। ​पुलिस अब इस एंगल से जांच कर रही है कि आखिर ऐसी क्या वजह रही कि कुछ घंटों पहले तक सामान्य दिख रहे दंपत्ति ने अचानक मौत को गले लगा लिया। फिलहाल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयानों का इंतजार किया जा रहा है।
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    मध्य प्रदेश के सागर जिले के शाहगढ़ थाना क्षेत्र में सोमवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ वार्ड क्रमांक-10 में रहने वाले एक पति-पत्नी ने अज्ञात कारणों के चलते अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। ​अकेले रहते थे पति-पत्नी ​जानकारी के मुताबिक, 45 वर्षीय उत्तम अहिरवार और उनकी 42 वर्षीय पत्नी हरिबाई घर में अकेले रहते थे। दंपत्ति बीड़ी बनाने का काम कर अपना जीवन यापन करते थे। उनका इकलौता बेटा काम के सिलसिले में सागर में रहता है। सोमवार सुबह जब परिजनों ने उन्हें फंदे पर लटकते देखा, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। आनन-फानन में पुलिस को सूचना दी गई। ​रात को पड़ोसियों के साथ की थी चर्चा ​हैरानी की बात यह है कि रविवार देर रात तक दोनों पति-पत्नी अपने घर के दरवाजे पर मोहल्ले वालों के साथ बैठे थे। पड़ोसियों ने बताया कि दोनों ने बिल्कुल सामान्य तरीके से बातचीत की थी। उनके व्यवहार से जरा भी आभास नहीं हुआ कि वे ऐसा कोई खौफनाक कदम उठा सकते हैं। ​जांच में जुटी पुलिस ​घटना की जानकारी मिलते ही शाहगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने सागर में रह रहे उनके बेटे को सूचना दी। बेटे के पहुंचने के बाद शवों का पंचनामा तैयार कर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया। घटना को लेकर शाहगढ़ थाना प्रभारी संदीप खरे ने बताया कि ​मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आत्महत्या के कारणों की तलाश की जा रही है। परिजनों और पड़ोसियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। ​पुलिस अब इस एंगल से जांच कर रही है कि आखिर ऐसी क्या वजह रही कि कुछ घंटों पहले तक सामान्य दिख रहे दंपत्ति ने अचानक मौत को गले लगा लिया। फिलहाल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयानों का इंतजार किया जा रहा है।
    user_कृष्णकांत नगाइच
    कृष्णकांत नगाइच
    बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • लोकल न्यूज बीना बीना में रामनाम महाराज ने तहसील पहुंच राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन, गौ माता को माता का दर्जा देने की मांग बीना, सागर। सनातन धर्म में गौ सेवा को विशेष स्थान दिए जाने की परंपरा के बीच बीना में सोमवार को एक अनोखा दृश्य देखने को मिला। वर्षों से मंदिर परिसर से बाहर नहीं निकलने वाले रामनाम महाराज स्वयं तहसील कार्यालय पहुंचे और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर गौ माता को विधिवत माता का दर्जा देने की मांग उठाई। रामनाम महाराज अपने समर्थकों के साथ तहसील कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने गौ सुरक्षा, गौ सेवा और गौवंश संरक्षण को लेकर अपनी मांगों को प्रशासन के समक्ष रखा। ज्ञापन में देशभर में अधिक से अधिक गौशालाओं की स्थापना, गौ हत्या रोकने के लिए सख्त कानून बनाने तथा उनके प्रभावी क्रियान्वयन की मांग की गई। रामनाम महाराज ने कहा कि गौ माता सनातन धर्म की आस्था और संस्कृति की आधारशिला हैं तथा उनकी सुरक्षा और सेवा के लिए सरकार को ठोस एवं कठोर कदम उठाने चाहिए। उन्होंने गौ संरक्षण को राष्ट्रहित और धार्मिक आस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताया। इस दौरान बड़ी संख्या में समर्थक भी मौजूद रहे, जिन्होंने गौ माता को सर्वोच्च सम्मान देने और गौवंश संरक्षण को प्राथमिकता बनाने की मांग की। खास बात यह रही कि सामान्यतः मंदिर परिसर से बाहर नहीं निकलने वाले रामनाम महाराज का स्वयं तहसील पहुंचना अनुयायियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना रहा। समर्थकों में इस पहल को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। अब क्षेत्र में यह चर्चा तेज है कि राष्ट्रपति के नाम भेजे गए इस ज्ञापन पर शासन-प्रशासन किस प्रकार की कार्रवाई करता है।
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    लोकल न्यूज बीना 
बीना में रामनाम महाराज ने तहसील पहुंच राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन, गौ माता को माता का दर्जा देने की मांग
बीना, सागर। सनातन धर्म में गौ सेवा को विशेष स्थान दिए जाने की परंपरा के बीच बीना में सोमवार को एक अनोखा दृश्य देखने को मिला। वर्षों से मंदिर परिसर से बाहर नहीं निकलने वाले रामनाम महाराज स्वयं तहसील कार्यालय पहुंचे और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर गौ माता को विधिवत माता का दर्जा देने की मांग उठाई।
रामनाम महाराज अपने समर्थकों के साथ तहसील कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने गौ सुरक्षा, गौ सेवा और गौवंश संरक्षण को लेकर अपनी मांगों को प्रशासन के समक्ष रखा। ज्ञापन में देशभर में अधिक से अधिक गौशालाओं की स्थापना, गौ हत्या रोकने के लिए सख्त कानून बनाने तथा उनके प्रभावी क्रियान्वयन की मांग की गई।
रामनाम महाराज ने कहा कि गौ माता सनातन धर्म की आस्था और संस्कृति की आधारशिला हैं तथा उनकी सुरक्षा और सेवा के लिए सरकार को ठोस एवं कठोर कदम उठाने चाहिए। उन्होंने गौ संरक्षण को राष्ट्रहित और धार्मिक आस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताया।
इस दौरान बड़ी संख्या में समर्थक भी मौजूद रहे, जिन्होंने गौ माता को सर्वोच्च सम्मान देने और गौवंश संरक्षण को प्राथमिकता बनाने की मांग की। खास बात यह रही कि सामान्यतः मंदिर परिसर से बाहर नहीं निकलने वाले रामनाम महाराज का स्वयं तहसील पहुंचना अनुयायियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना रहा।
समर्थकों में इस पहल को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। अब क्षेत्र में यह चर्चा तेज है कि राष्ट्रपति के नाम भेजे गए इस ज्ञापन पर शासन-प्रशासन किस प्रकार की कार्रवाई करता है।
    user_Mp news 24live
    Mp news 24live
    पत्रकार बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • Post by बिजय चोहन
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    Post by बिजय चोहन
    user_बिजय चोहन
    बिजय चोहन
    Carpenter बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • बीना में गूंजा “गौ माता” का मुद्दा… सड़कों पर उतरा जनसैलाब… और अब उठी मांग—देश में बने सख्त केंद्रीय कानून और बने “गोपालन मंत्रालय”! आखिर क्यों भड़का आक्रोश… देखिए ये खास रिपोर्ट…
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    बीना में गूंजा “गौ माता” का मुद्दा… सड़कों पर उतरा जनसैलाब… और अब उठी मांग—देश में बने सख्त केंद्रीय कानून और बने “गोपालन मंत्रालय”! आखिर क्यों भड़का आक्रोश… देखिए ये खास रिपोर्ट…
    user_RAJENDRA GOUTAM JOURNALIST
    RAJENDRA GOUTAM JOURNALIST
    पत्रकार बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • परिवहन आयुक्त, मध्यप्रदेश ग्वालियर एवं कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के निर्देशानुसार सागर स्थित मुख्य बस स्टेण्ड पर यात्री बसों पर राहवीर एवं कैशलेस योजना प्रचार-प्रसार हेतु परिवहन अमले द्वारा स्टीकर लगाये गये। दोनों योजनाओं के कुल 400 स्टीकर तैयार कराकर सागर बस स्टेण्ड से संचालित होने वाली सभी यात्री बसों पर लगाये गये है। जिससे इन दोनों योजनाओं के प्रति नागरिकों में जागरूकता लाई जा सकें। राहवीर योजना एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसके अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को यदि दुर्घटना के 01 घण्टे के अंदर इलाज हेतु अस्पताल पहुंचा जाता है तो अस्पताल पहुंचाने वाले नेक व्यक्ति को राहवीर संबाोधित किया गया है। राहवीर को रू. 25000/- का पुरूष्कार तथा प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जाता है। राहवीर योजना सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की जान बचाने वाली एक नेक योजना है तथा जान बचाने वाले व्यक्ति को इस कार्य हेतु पुरूष्कृत तथा सम्मानित किया जाता है। शासन की एक अन्य महत्वपूर्ण योजना है, नगदी रहत उपचार योजना-2025, इस योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति के अस्पताल पहुंचते ही अस्पताल प्रबंधन द्वारा तुरंत इलाज प्रारंभ किया जाना अनिवार्य है तथा रू. 1.50 लाख का निःशुल्क उपचार अथवा 07 दिवस तक निःशुल्क उपचार की व्यवस्था इस योजना अंतर्गत की गई है। उक्त दोनों योजनायें सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की जान बचाने के लिए महत्वपूर्ण योजना है। जिसका व्यापक प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से यात्री बसों में स्टीकर लगाये गये है। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, सागर द्वारा समस्त यात्री बस संचालकों एवं आमजन से अपील की है कि सभी उपरोक्त दोनों योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कर सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की जान बचाने हेतु अपना सार्थक योगदान देवें।
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    परिवहन आयुक्त, मध्यप्रदेश ग्वालियर एवं  कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के निर्देशानुसार सागर स्थित मुख्य बस स्टेण्ड पर यात्री बसों पर राहवीर एवं कैशलेस योजना प्रचार-प्रसार हेतु परिवहन अमले द्वारा स्टीकर लगाये गये। दोनों योजनाओं के कुल 400 स्टीकर तैयार कराकर सागर बस स्टेण्ड से संचालित होने वाली सभी यात्री बसों पर लगाये गये है। जिससे इन दोनों योजनाओं के प्रति नागरिकों में जागरूकता लाई जा सकें।  राहवीर योजना एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसके अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को यदि दुर्घटना के 01 घण्टे के अंदर इलाज हेतु अस्पताल पहुंचा जाता है तो अस्पताल पहुंचाने वाले नेक व्यक्ति को राहवीर संबाोधित किया गया है। राहवीर को रू. 25000/-  का पुरूष्कार तथा प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जाता है। राहवीर योजना सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की जान बचाने वाली एक नेक योजना है तथा जान बचाने वाले व्यक्ति को इस कार्य हेतु पुरूष्कृत तथा सम्मानित किया जाता है।
शासन की एक अन्य महत्वपूर्ण योजना है, नगदी रहत उपचार योजना-2025, इस योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति के अस्पताल पहुंचते ही अस्पताल प्रबंधन द्वारा तुरंत इलाज प्रारंभ किया जाना अनिवार्य है तथा रू. 1.50 लाख का निःशुल्क उपचार अथवा 07 दिवस तक निःशुल्क उपचार की व्यवस्था इस योजना अंतर्गत की गई है। उक्त दोनों योजनायें सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की जान बचाने के लिए महत्वपूर्ण योजना है। जिसका व्यापक प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से यात्री बसों में स्टीकर लगाये गये है।  क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, सागर द्वारा समस्त यात्री बस संचालकों एवं आमजन से अपील की है कि सभी उपरोक्त दोनों योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कर सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की जान बचाने हेतु अपना सार्थक योगदान देवें।
    user_SUNEEL SINGH
    SUNEEL SINGH
    Journalist राहतगढ़, सागर, मध्य प्रदेश•
    59 min ago
  • आंगनवाड़ी केन्द्र पर बच्चों को एक्सपायर खाद्य सामग्री वितरण, जांच में पुष्टि—ग्रामीणों में आक्रोश पाली। पाली तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत बंट स्थित आंगनवाड़ी केन्द्र पर बच्चों को एक्सपायर डेट की खाद्य सामग्री वितरित किए जाने का मामला सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। इस गंभीर लापरवाही को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है और जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, आंगनवाड़ी केन्द्र पर बच्चों को पोषण आहार के रूप में जो पैकेट वितरित किए गए, उनकी वैधता अवधि समाप्त हो चुकी थी। जब बच्चों के परिजनों ने घर ले जाकर सामग्री की जांच की, तो पैकेटों पर अंकित एक्सपायरी डेट निकल चुकी पाई गई। इसके बाद अभिभावकों ने तत्काल इस मामले को लेकर विरोध जताया और केन्द्र पर पहुंचकर नाराजगी व्यक्त की। ग्रामीणों का आरोप है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी आंगनवाड़ी केन्द्र पर पोषण आहार वितरण में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन संबंधित विभाग द्वारा कभी भी गंभीरता से जांच नहीं की गई। लोगों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। मामले की सूचना पाली तहसील प्रशासन को दी गई, जिसके बाद तहसीलदार रविन्द्र कुमार मौके पर ग्राम बंट स्थित आंगनवाड़ी केन्द्र पहुंचे। उन्होंने मौके पर उपलब्ध खाद्य सामग्री का निरीक्षण किया, जिसमें एक्सपायर डेट का सामान पाया गया। जांच के दौरान कई महिलाओं और अभिभावकों ने भी वितरण व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए और अपनी नाराजगी जाहिर की। तहसीलदार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं और पूरी घटना की विस्तृत जांच कराने के आदेश दिए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही दोबारा न हो। इधर, संबंधित विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर संबंधित आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं अन्य जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने आंगनवाड़ी केन्द्रों की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, अभिभावकों में अपने बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आंगनवाड़ी केन्द्रों की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए और पोषण आहार की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
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    आंगनवाड़ी केन्द्र पर बच्चों को एक्सपायर खाद्य सामग्री वितरण, जांच में पुष्टि—ग्रामीणों में आक्रोश
पाली। पाली तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत बंट स्थित आंगनवाड़ी केन्द्र पर बच्चों को एक्सपायर डेट की खाद्य सामग्री वितरित किए जाने का मामला सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। इस गंभीर लापरवाही को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है और जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आंगनवाड़ी केन्द्र पर बच्चों को पोषण आहार के रूप में जो पैकेट वितरित किए गए, उनकी वैधता अवधि समाप्त हो चुकी थी। जब बच्चों के परिजनों ने घर ले जाकर सामग्री की जांच की, तो पैकेटों पर अंकित एक्सपायरी डेट निकल चुकी पाई गई। इसके बाद अभिभावकों ने तत्काल इस मामले को लेकर विरोध जताया और केन्द्र पर पहुंचकर नाराजगी व्यक्त की।
ग्रामीणों का आरोप है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी आंगनवाड़ी केन्द्र पर पोषण आहार वितरण में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन संबंधित विभाग द्वारा कभी भी गंभीरता से जांच नहीं की गई। लोगों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
मामले की सूचना पाली तहसील प्रशासन को दी गई, जिसके बाद तहसीलदार रविन्द्र कुमार मौके पर ग्राम बंट स्थित आंगनवाड़ी केन्द्र पहुंचे। उन्होंने मौके पर उपलब्ध खाद्य सामग्री का निरीक्षण किया, जिसमें एक्सपायर डेट का सामान पाया गया। जांच के दौरान कई महिलाओं और अभिभावकों ने भी वितरण व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए और अपनी नाराजगी जाहिर की।
तहसीलदार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं और पूरी घटना की विस्तृत जांच कराने के आदेश दिए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही दोबारा न हो।
इधर, संबंधित विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर संबंधित आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं अन्य जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने आंगनवाड़ी केन्द्रों की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, अभिभावकों में अपने बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आंगनवाड़ी केन्द्रों की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए और पोषण आहार की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
    user_बुंदेलखंड LIVE TV
    बुंदेलखंड LIVE TV
    DS Automobiles dealer पाली, ललितपुर, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • जय ओबीसी जय संविधान जय ज्योति जय फुले जय भारत माता की जय
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    जय ओबीसी जय संविधान जय ज्योति जय फुले जय भारत माता की जय
    user_Chanderi halchal news
    Chanderi halchal news
    Artist चंदेरी, अशोकनगर, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • सागर जिले की गढ़ाकोटा तहसील में पिछले तीन घंटों से जारी मूसलाधार बेमौसम बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। सबसे बुरा हाल गढ़ाकोटा कृषि उपज मंडी का है, जहाँ किसानों का हजारों क्विंटल अनाज जलमग्न हो गया है। दोपहर से लगातार हो रही तेज बारिश के कारण मंडी प्रांगण में रखा गेहूं पूरी तरह भीग गया। स्थिति इतनी गंभीर है कि मंडी की नालियों में गेहूं बहता हुआ नजर आया। किसानों का आरोप है कि उनका गेहूं व्यापारियों द्वारा पहले ही खरीदा जा चुका था, लेकिन तौल (वजन) की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई थी। अब अनाज भीग जाने के बाद व्यापारियों ने इसे स्वीकार करने से साफ मना कर दिया है। किसानों पर दोहरी मार: एक तरफ कुदरत की मार और दूसरी तरफ व्यापारियों के इनकार ने किसानों को बेबस कर दिया है। किसानों का कहना है कि उन्होंने साल भर मेहनत कर फसल तैयार की थी, लेकिन अब उपज बिकने से पहले ही बर्बाद हो गई।
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    सागर जिले की गढ़ाकोटा तहसील में पिछले तीन घंटों से जारी मूसलाधार बेमौसम बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। सबसे बुरा हाल गढ़ाकोटा कृषि उपज मंडी का है, जहाँ किसानों का हजारों क्विंटल अनाज जलमग्न हो गया है।
दोपहर से लगातार हो रही तेज बारिश के कारण मंडी प्रांगण में रखा गेहूं पूरी तरह भीग गया। स्थिति इतनी गंभीर है कि मंडी की नालियों में गेहूं बहता हुआ नजर आया।
किसानों का आरोप है कि उनका गेहूं व्यापारियों द्वारा पहले ही खरीदा जा चुका था, लेकिन तौल (वजन) की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई थी। अब अनाज भीग जाने के बाद व्यापारियों ने इसे स्वीकार करने से साफ मना कर दिया है।
किसानों पर दोहरी मार: एक तरफ कुदरत की मार और दूसरी तरफ व्यापारियों के इनकार ने किसानों को बेबस कर दिया है। किसानों का कहना है कि उन्होंने साल भर मेहनत कर फसल तैयार की थी, लेकिन अब उपज बिकने से पहले ही बर्बाद हो गई।
    user_कृष्णकांत नगाइच
    कृष्णकांत नगाइच
    बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
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