logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

*डिंडौरी ब्यूरो नीरज रजक* *🔸 जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री, सहायक यंत्री, अनुविभागीय अधिकारी, उपयंत्री ने जैविक खेती के लिए प्रसिद्ध नर्मदांचल गौ सेवा समिति का किया भ्रमण* *➡️ जैव आदान संसाधन केन्द्र बीआरसी के माध्यम से गौवंश आधारित प्राकृतिक खेती से भूमि पर्यावरण व स्वास्थ्य मे होगा सुधार : जैविक कृषि विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू* खेती किसानी डिण्डौरी जिले में जैविक खेती का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त करना हो तो नर्मदांचल गौ सेवा समिति व बी आर सी केन्द्र ढोंढ़ा पहुँचना अनिवार्य हो जाता है। यह समिति जिले के प्रसिद्ध जैविक कृषि विशेषज्ञ श्री बिहारी लाल साहू द्वारा संचालित है, जो विगत 10 वर्षों से जैविक खेती के क्षेत्र में सक्रिय कार्य कर रहे हैं। श्री साहू न केवल स्वयं जैविक खेती कर रहे हैं, बल्कि जिले एवं आसपास के क्षेत्रों के किसान भाइयों को जैविक खेती अपनाने के लिए निरंतर प्रशिक्षण भी प्रदान कर रहे हैं। वे किसानों के साथ-साथ महाविद्यालयों, विद्यालयों, शासकीय संस्थानों एवं एनजीओ के माध्यम से डिंडौरी सहित अन्य जिलों में जैविक खेती के प्रति जन जागरूकता फैलाने का सराहनीय कार्य कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, उनके फार्म हाउस में जैविक खेती का लाइव डेमो भी प्रदर्शित किया जाता है। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने किया जैविक फार्म हाउस,प्रयोगशाला का निरीक्षण हाल ही में WRD जल संसाधन विभाग के EE कार्यपालन यंत्री श्री एस के शर्मा जी, AE सहायक यंत्री श्री अमित उइके जी, SDO अनुविभागीय अधिकारी श्री सी बी ठावरे जी, SE उपयंत्री श्री हर्षित भोज जी ने नर्मदांचल गौ सेवा केन्द्र, ढोंढ़ा में संचालित जैविक फार्म हाउस का भ्रमण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने केंचुआ खाद, वर्मीवाश, जीवामृत यूनिट, बायोडाइजेस्टर यूनिट अग्नि अस्त्र, बीज उपचार, प्रयोगशाला सहित जैविक कृषि से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं की जानकारी ली। साथ ही जैविक फार्म में उगाई जा रही सब्जियाँ, फसलों का अवलोकन कर सराहना की। जैविक खेती से सुरक्षित स्वास्थ्य और उपजाऊ भूमि जंगल के पेड़ को यूरिया कौन देता है कीटनाशक का छिड़काव कौन करता है उन्हें पानी कौन देता है लेकिन जब समय आता है तब पेड़ फल से लद जाते है जंगल के पेड़ के किसी भी पत्ते को तोड़ लीजिए और लैव में टेस्ट करा लीजिए एक भी तत्व की कमी नहीं मिलती जंगल में जो नियम काम करता है, वही हमारे खेत में करना चाहिए और यही है प्राकृतिक कृषि और प्राकृतिक कृषि का सिध्दांत। इस अवसर पर जैविक कृषि विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू ने बताया कि जैविक उत्पाद मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी होते हैं तथा रासायनिक मुक्त खेती मिट्टी की उर्वरता एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए भी आवश्यक है। जैविक खेती से किसानों की लागत कम होती है और उपज की गुणवत्ता बेहतर होती है। कार्यक्रम में श्री बिहारी लाल साहू, आयुष साहू सहित अन्य जन उपस्थित रहे। *डिंडौरी ब्यूरो नीरज रजक* *🔸 जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री, सहायक यंत्री, अनुविभागीय अधिकारी, उपयंत्री ने जैविक खेती के लिए प्रसिद्ध नर्मदांचल गौ सेवा समिति का किया भ्रमण* *➡️ जैव आदान संसाधन केन्द्र बीआरसी के माध्यम से गौवंश आधारित प्राकृतिक खेती से भूमि पर्यावरण व स्वास्थ्य मे होगा सुधार : जैविक कृषि विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू* खेती किसानी डिण्डौरी जिले में जैविक खेती का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त करना हो तो नर्मदांचल गौ सेवा समिति व बी आर सी केन्द्र ढोंढ़ा पहुँचना अनिवार्य हो जाता है। यह समिति जिले के प्रसिद्ध जैविक कृषि विशेषज्ञ श्री बिहारी लाल साहू द्वारा संचालित है, जो विगत 10 वर्षों से जैविक खेती के क्षेत्र में सक्रिय कार्य कर रहे हैं। श्री साहू न केवल स्वयं जैविक खेती कर रहे हैं, बल्कि जिले एवं आसपास के क्षेत्रों के किसान भाइयों को जैविक खेती अपनाने के लिए निरंतर प्रशिक्षण भी प्रदान कर रहे हैं। वे किसानों के साथ-साथ महाविद्यालयों, विद्यालयों, शासकीय संस्थानों एवं एनजीओ के माध्यम से डिंडौरी सहित अन्य जिलों में जैविक खेती के प्रति जन जागरूकता फैलाने का सराहनीय कार्य कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, उनके फार्म हाउस में जैविक खेती का लाइव डेमो भी प्रदर्शित किया जाता है। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने किया जैविक फार्म हाउस,प्रयोगशाला का निरीक्षण हाल ही में WRD जल संसाधन विभाग के EE कार्यपालन यंत्री श्री एस के शर्मा जी, AE सहायक यंत्री श्री अमित उइके जी, SDO अनुविभागीय अधिकारी श्री सी बी ठावरे जी, SE उपयंत्री श्री हर्षित भोज जी ने नर्मदांचल गौ सेवा केन्द्र, ढोंढ़ा में संचालित जैविक फार्म हाउस का भ्रमण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने केंचुआ खाद, वर्मीवाश, जीवामृत यूनिट, बायोडाइजेस्टर यूनिट अग्नि अस्त्र, बीज उपचार, प्रयोगशाला सहित जैविक कृषि से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं की जानकारी ली। साथ ही जैविक फार्म में उगाई जा रही सब्जियाँ, फसलों का अवलोकन कर सराहना की। जैविक खेती से सुरक्षित स्वास्थ्य और उपजाऊ भूमि जंगल के पेड़ को यूरिया कौन देता है कीटनाशक का छिड़काव कौन करता है उन्हें पानी कौन देता है लेकिन जब समय आता है तब पेड़ फल से लद जाते है जंगल के पेड़ के किसी भी पत्ते को तोड़ लीजिए और लैव में टेस्ट करा लीजिए एक भी तत्व की कमी नहीं मिलती जंगल में जो नियम काम करता है, वही हमारे खेत में करना चाहिए और यही है प्राकृतिक कृषि और प्राकृतिक कृषि का सिध्दांत। इस अवसर पर जैविक कृषि विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू ने बताया कि जैविक उत्पाद मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी होते हैं तथा रासायनिक मुक्त खेती मिट्टी की उर्वरता एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए भी आवश्यक है। जैविक खेती से किसानों की लागत कम होती है और उपज की गुणवत्ता बेहतर होती है। कार्यक्रम में श्री बिहारी लाल साहू, आयुष साहू सहित अन्य जन उपस्थित रहे।

3 hrs ago
user_Neeraj rajak Press
Neeraj rajak Press
Local News Reporter डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
3 hrs ago

*डिंडौरी ब्यूरो नीरज रजक* *🔸 जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री, सहायक यंत्री, अनुविभागीय अधिकारी, उपयंत्री ने जैविक खेती के लिए प्रसिद्ध नर्मदांचल गौ सेवा समिति का किया भ्रमण* *➡️ जैव आदान संसाधन केन्द्र बीआरसी के माध्यम से गौवंश आधारित प्राकृतिक खेती से भूमि पर्यावरण व स्वास्थ्य मे होगा सुधार : जैविक कृषि विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू* खेती किसानी डिण्डौरी जिले में जैविक खेती का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त करना हो तो नर्मदांचल गौ सेवा समिति व बी आर सी केन्द्र ढोंढ़ा पहुँचना अनिवार्य हो जाता है। यह समिति जिले के प्रसिद्ध जैविक कृषि विशेषज्ञ श्री बिहारी लाल साहू द्वारा संचालित है, जो विगत 10 वर्षों से जैविक खेती के क्षेत्र में सक्रिय कार्य कर रहे हैं। श्री साहू न केवल स्वयं जैविक खेती कर रहे हैं, बल्कि जिले एवं आसपास के क्षेत्रों के किसान भाइयों को जैविक खेती अपनाने के लिए निरंतर प्रशिक्षण भी प्रदान कर रहे हैं। वे किसानों के साथ-साथ महाविद्यालयों, विद्यालयों, शासकीय संस्थानों एवं एनजीओ के माध्यम से डिंडौरी सहित अन्य जिलों में जैविक खेती के प्रति जन जागरूकता फैलाने का सराहनीय कार्य कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, उनके फार्म हाउस में जैविक खेती का लाइव डेमो भी प्रदर्शित किया जाता है। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने किया जैविक फार्म हाउस,प्रयोगशाला का निरीक्षण हाल ही में WRD जल संसाधन विभाग के EE कार्यपालन यंत्री श्री एस के शर्मा जी, AE सहायक यंत्री श्री अमित उइके जी, SDO अनुविभागीय अधिकारी श्री सी बी ठावरे जी, SE उपयंत्री श्री हर्षित भोज जी ने नर्मदांचल गौ सेवा केन्द्र, ढोंढ़ा में संचालित जैविक फार्म हाउस का भ्रमण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने केंचुआ खाद, वर्मीवाश, जीवामृत यूनिट, बायोडाइजेस्टर यूनिट अग्नि अस्त्र, बीज उपचार, प्रयोगशाला सहित जैविक कृषि से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं की जानकारी ली। साथ ही जैविक फार्म में उगाई जा रही सब्जियाँ, फसलों का अवलोकन कर सराहना की। जैविक खेती से सुरक्षित स्वास्थ्य और उपजाऊ भूमि जंगल के पेड़ को यूरिया कौन देता है कीटनाशक का छिड़काव कौन करता है उन्हें पानी कौन देता है लेकिन जब समय आता है तब पेड़ फल से लद जाते है जंगल के पेड़ के किसी भी पत्ते को तोड़ लीजिए और लैव में टेस्ट करा लीजिए एक भी तत्व की कमी नहीं मिलती जंगल में जो नियम काम करता है, वही हमारे खेत में करना चाहिए और यही है प्राकृतिक कृषि और प्राकृतिक कृषि का सिध्दांत। इस अवसर पर जैविक कृषि विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू ने बताया कि जैविक उत्पाद मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी होते हैं तथा रासायनिक मुक्त खेती मिट्टी की उर्वरता एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए भी आवश्यक है। जैविक खेती से किसानों की लागत कम होती है और उपज की गुणवत्ता बेहतर होती है। कार्यक्रम में श्री बिहारी लाल साहू, आयुष साहू सहित अन्य जन उपस्थित रहे। *डिंडौरी ब्यूरो नीरज रजक* *🔸 जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री, सहायक यंत्री, अनुविभागीय अधिकारी, उपयंत्री ने जैविक खेती के लिए प्रसिद्ध नर्मदांचल गौ सेवा समिति का किया भ्रमण* *➡️ जैव आदान संसाधन केन्द्र बीआरसी के माध्यम से गौवंश आधारित प्राकृतिक खेती से भूमि पर्यावरण व स्वास्थ्य मे होगा सुधार : जैविक कृषि विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू* खेती किसानी डिण्डौरी जिले में जैविक खेती का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त करना हो तो नर्मदांचल गौ सेवा समिति व बी आर सी केन्द्र ढोंढ़ा पहुँचना अनिवार्य हो जाता है। यह समिति जिले के प्रसिद्ध जैविक कृषि विशेषज्ञ श्री बिहारी लाल साहू द्वारा संचालित है, जो विगत 10 वर्षों से जैविक खेती के क्षेत्र में सक्रिय कार्य कर रहे हैं। श्री साहू न केवल स्वयं जैविक खेती कर रहे हैं, बल्कि जिले एवं आसपास के क्षेत्रों के किसान भाइयों को जैविक खेती अपनाने के लिए निरंतर प्रशिक्षण भी प्रदान कर रहे हैं। वे किसानों के साथ-साथ महाविद्यालयों, विद्यालयों, शासकीय संस्थानों एवं एनजीओ के माध्यम से डिंडौरी सहित अन्य जिलों में जैविक खेती के प्रति जन जागरूकता फैलाने का सराहनीय कार्य कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, उनके फार्म हाउस में जैविक खेती का लाइव डेमो भी प्रदर्शित किया जाता है। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने किया जैविक फार्म हाउस,प्रयोगशाला का निरीक्षण हाल ही में WRD जल संसाधन विभाग के EE कार्यपालन यंत्री श्री एस के शर्मा जी, AE सहायक यंत्री श्री अमित उइके जी, SDO अनुविभागीय अधिकारी श्री सी बी ठावरे जी, SE उपयंत्री श्री हर्षित भोज जी ने नर्मदांचल गौ सेवा केन्द्र, ढोंढ़ा में संचालित जैविक फार्म हाउस का भ्रमण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने केंचुआ खाद, वर्मीवाश, जीवामृत यूनिट, बायोडाइजेस्टर यूनिट अग्नि अस्त्र, बीज उपचार, प्रयोगशाला सहित जैविक कृषि से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं की जानकारी ली। साथ ही जैविक फार्म में उगाई जा रही सब्जियाँ, फसलों का अवलोकन कर सराहना की। जैविक खेती से सुरक्षित स्वास्थ्य और उपजाऊ भूमि जंगल के पेड़ को यूरिया कौन देता है कीटनाशक का छिड़काव कौन करता है उन्हें पानी कौन देता है लेकिन जब समय आता है तब पेड़ फल से लद जाते है जंगल के पेड़ के किसी भी पत्ते को तोड़ लीजिए और लैव में टेस्ट करा लीजिए एक भी तत्व की कमी नहीं मिलती जंगल में जो नियम काम करता है, वही हमारे खेत में करना चाहिए और यही है प्राकृतिक कृषि और प्राकृतिक कृषि का सिध्दांत। इस अवसर पर जैविक कृषि विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू ने बताया कि जैविक उत्पाद मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी होते हैं तथा रासायनिक मुक्त खेती मिट्टी की उर्वरता एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए भी आवश्यक है। जैविक खेती से किसानों की लागत कम होती है और उपज की गुणवत्ता बेहतर होती है। कार्यक्रम में श्री बिहारी लाल साहू, आयुष साहू सहित अन्य जन उपस्थित रहे।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • *डिंडौरी ब्यूरो नीरज रजक* *🔸 जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री, सहायक यंत्री, अनुविभागीय अधिकारी, उपयंत्री ने जैविक खेती के लिए प्रसिद्ध नर्मदांचल गौ सेवा समिति का किया भ्रमण* *➡️ जैव आदान संसाधन केन्द्र बीआरसी के माध्यम से गौवंश आधारित प्राकृतिक खेती से भूमि पर्यावरण व स्वास्थ्य मे होगा सुधार : जैविक कृषि विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू* खेती किसानी डिण्डौरी जिले में जैविक खेती का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त करना हो तो नर्मदांचल गौ सेवा समिति व बी आर सी केन्द्र ढोंढ़ा पहुँचना अनिवार्य हो जाता है। यह समिति जिले के प्रसिद्ध जैविक कृषि विशेषज्ञ श्री बिहारी लाल साहू द्वारा संचालित है, जो विगत 10 वर्षों से जैविक खेती के क्षेत्र में सक्रिय कार्य कर रहे हैं। श्री साहू न केवल स्वयं जैविक खेती कर रहे हैं, बल्कि जिले एवं आसपास के क्षेत्रों के किसान भाइयों को जैविक खेती अपनाने के लिए निरंतर प्रशिक्षण भी प्रदान कर रहे हैं। वे किसानों के साथ-साथ महाविद्यालयों, विद्यालयों, शासकीय संस्थानों एवं एनजीओ के माध्यम से डिंडौरी सहित अन्य जिलों में जैविक खेती के प्रति जन जागरूकता फैलाने का सराहनीय कार्य कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, उनके फार्म हाउस में जैविक खेती का लाइव डेमो भी प्रदर्शित किया जाता है। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने किया जैविक फार्म हाउस,प्रयोगशाला का निरीक्षण हाल ही में WRD जल संसाधन विभाग के EE कार्यपालन यंत्री श्री एस के शर्मा जी, AE सहायक यंत्री श्री अमित उइके जी, SDO अनुविभागीय अधिकारी श्री सी बी ठावरे जी, SE उपयंत्री श्री हर्षित भोज जी ने नर्मदांचल गौ सेवा केन्द्र, ढोंढ़ा में संचालित जैविक फार्म हाउस का भ्रमण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने केंचुआ खाद, वर्मीवाश, जीवामृत यूनिट, बायोडाइजेस्टर यूनिट अग्नि अस्त्र, बीज उपचार, प्रयोगशाला सहित जैविक कृषि से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं की जानकारी ली। साथ ही जैविक फार्म में उगाई जा रही सब्जियाँ, फसलों का अवलोकन कर सराहना की। जैविक खेती से सुरक्षित स्वास्थ्य और उपजाऊ भूमि जंगल के पेड़ को यूरिया कौन देता है कीटनाशक का छिड़काव कौन करता है उन्हें पानी कौन देता है लेकिन जब समय आता है तब पेड़ फल से लद जाते है जंगल के पेड़ के किसी भी पत्ते को तोड़ लीजिए और लैव में टेस्ट करा लीजिए एक भी तत्व की कमी नहीं मिलती जंगल में जो नियम काम करता है, वही हमारे खेत में करना चाहिए और यही है प्राकृतिक कृषि और प्राकृतिक कृषि का सिध्दांत। इस अवसर पर जैविक कृषि विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू ने बताया कि जैविक उत्पाद मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी होते हैं तथा रासायनिक मुक्त खेती मिट्टी की उर्वरता एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए भी आवश्यक है। जैविक खेती से किसानों की लागत कम होती है और उपज की गुणवत्ता बेहतर होती है। कार्यक्रम में श्री बिहारी लाल साहू, आयुष साहू सहित अन्य जन उपस्थित रहे।
    1
    *डिंडौरी  ब्यूरो नीरज रजक*
*🔸 जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री, सहायक यंत्री, अनुविभागीय अधिकारी, उपयंत्री ने जैविक खेती के लिए प्रसिद्ध नर्मदांचल गौ सेवा समिति का किया भ्रमण*
*➡️ जैव आदान संसाधन केन्द्र बीआरसी के माध्यम से गौवंश आधारित प्राकृतिक खेती से भूमि पर्यावरण व स्वास्थ्य मे होगा सुधार : जैविक कृषि विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू*
खेती किसानी
डिण्डौरी
जिले में जैविक खेती का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त करना हो तो नर्मदांचल गौ सेवा समिति व बी आर सी केन्द्र ढोंढ़ा पहुँचना अनिवार्य हो जाता है। यह समिति जिले के प्रसिद्ध जैविक कृषि विशेषज्ञ श्री बिहारी लाल साहू द्वारा संचालित है, जो विगत 10 वर्षों से जैविक खेती के क्षेत्र में सक्रिय कार्य कर रहे हैं।
श्री साहू न केवल स्वयं जैविक खेती कर रहे हैं, बल्कि जिले एवं आसपास के क्षेत्रों के किसान भाइयों को जैविक खेती अपनाने के लिए निरंतर प्रशिक्षण भी प्रदान कर रहे हैं। वे किसानों के साथ-साथ महाविद्यालयों, विद्यालयों, शासकीय संस्थानों एवं एनजीओ के माध्यम से डिंडौरी सहित अन्य जिलों में जैविक खेती के प्रति जन जागरूकता फैलाने का सराहनीय कार्य कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, उनके फार्म हाउस में जैविक खेती का लाइव डेमो भी प्रदर्शित किया जाता है।
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने किया जैविक फार्म हाउस,प्रयोगशाला का निरीक्षण
हाल ही में WRD जल संसाधन विभाग के EE कार्यपालन यंत्री श्री एस के शर्मा जी, AE सहायक यंत्री श्री अमित उइके जी, SDO अनुविभागीय अधिकारी श्री सी बी ठावरे जी, SE उपयंत्री श्री हर्षित भोज जी ने नर्मदांचल गौ सेवा केन्द्र, ढोंढ़ा में संचालित जैविक फार्म हाउस का भ्रमण किया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने केंचुआ खाद, वर्मीवाश, जीवामृत यूनिट, बायोडाइजेस्टर यूनिट अग्नि अस्त्र, बीज उपचार, प्रयोगशाला सहित जैविक कृषि से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं की जानकारी ली। साथ ही जैविक फार्म में उगाई जा रही सब्जियाँ, फसलों का अवलोकन कर सराहना की।
जैविक खेती से सुरक्षित स्वास्थ्य और उपजाऊ भूमि
जंगल के पेड़ को यूरिया कौन देता है कीटनाशक का छिड़काव कौन करता है उन्हें पानी कौन देता है लेकिन जब समय आता है तब पेड़ फल से लद जाते है जंगल के पेड़ के किसी भी पत्ते को तोड़ लीजिए और लैव में टेस्ट करा लीजिए एक भी तत्व की कमी नहीं मिलती जंगल में जो नियम काम करता है, वही हमारे खेत में करना चाहिए और यही है प्राकृतिक कृषि और प्राकृतिक कृषि का सिध्दांत।
इस अवसर पर जैविक कृषि विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू ने बताया कि जैविक उत्पाद मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी होते हैं तथा रासायनिक मुक्त खेती मिट्टी की उर्वरता एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए भी आवश्यक है। जैविक खेती से किसानों की लागत कम होती है और उपज की गुणवत्ता बेहतर होती है। कार्यक्रम में श्री बिहारी लाल साहू, आयुष साहू सहित अन्य जन उपस्थित रहे।
    user_Neeraj rajak Press
    Neeraj rajak Press
    Local News Reporter डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में केन बेतवा लिंक परियोजना. विकास के नाम पर विस्थापन के खिलाफ। न्याय के लिए संघर्ष।
    1
    मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में केन बेतवा लिंक परियोजना. विकास के नाम पर विस्थापन के खिलाफ। न्याय के लिए संघर्ष।
    user_राजेश कुमार मरावी रिपोर्टर
    राजेश कुमार मरावी रिपोर्टर
    Voice of people बजाग, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • मोहगांव में लगा हेलमेट चेकिंग अभियान घुघरी। यातायात नियमों के पालन को लेकर आज मोहगांव क्षेत्र में पुलिस द्वारा सघन हेलमेट चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले चालकों पर कार्रवाई की गई और कई लोगों के चालान भी काटे गए। पुलिस ने वाहन चालकों को समझाइश देते हुए कहा कि हेलमेट पहनना केवल नियम नहीं, बल्कि आपकी सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने पर दुर्घटना की स्थिति में जान का खतरा बढ़ जाता है। अभियान के दौरान दस्तावेजों की भी जांच की गई, जिसमें लाइसेंस, वाहन रजिस्ट्रेशन और बीमा शामिल रहे। पुलिस ने स्पष्ट किया कि आगे भी इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी
    1
    मोहगांव में लगा हेलमेट चेकिंग अभियान 
घुघरी। यातायात नियमों के पालन को लेकर आज मोहगांव क्षेत्र में पुलिस द्वारा सघन हेलमेट चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले चालकों पर कार्रवाई की गई और कई लोगों के चालान भी काटे गए।
पुलिस ने वाहन चालकों को समझाइश देते हुए कहा कि हेलमेट पहनना केवल नियम नहीं, बल्कि आपकी सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने पर दुर्घटना की स्थिति में जान का खतरा बढ़ जाता है।
अभियान के दौरान दस्तावेजों की भी जांच की गई, जिसमें लाइसेंस, वाहन रजिस्ट्रेशन और बीमा शामिल रहे। पुलिस ने स्पष्ट किया कि आगे भी इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी
    user_Akash Chakarwarti
    Akash Chakarwarti
    Local News Reporter घुघरी, मंडला, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • ताला–पनपथा मार्ग पर थमा पहिया, घंटों बाद खुला जाम; हाइवा खराब होने से 100 से ज्यादा वाहन फंसे उमरिया तपस गुप्ता (7999276090) जिले के ताला–पनपथा सड़क मार्ग (SH-10) पर रविवार सुबह उस वक्त हालात बिगड़ गए, जब पतौर गांव के आगे एक हाइवा बीच सड़क पर अचानक खराब हो गया। यह मार्ग पहले से ही सिंगल लेन है और किनारों की पटरी भी अधूरी पड़ी है, ऐसे में भारी वाहन के खराब होते ही दोनों ओर लंबा जाम लग गया और यातायात पूरी तरह ठप हो गया। घटना के बाद देखते ही देखते सड़क के दोनों तरफ वाहनों की कतार लग गई। करीब 100 से अधिक छोटे-बड़े वाहन जाम में फंस गए। मौके पर तत्काल कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने के कारण स्थिति और गंभीर होती चली गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, यदि समय रहते ट्रैफिक डायवर्ट किया जाता तो हालात इतने खराब नहीं होते। जाम में फंसे लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी भीषण गर्मी ने दी। तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार था, जिससे बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं खासतौर पर परेशान दिखे। कई लोग पानी के लिए इधर-उधर भटकते नजर आए, जबकि कुछ लोग गर्मी से बचने के लिए सड़क किनारे जंगल की ओर जाकर पेड़ों की छांव में बैठने को मजबूर हो गए। यह इलाका वन क्षेत्र से सटा हुआ है, ऐसे में लोगों का जंगल की ओर जाना जोखिम भरा भी साबित हो सकता था। जंगली जानवरों की आशंका के बावजूद लोग राहत के लिए वहां जाने को मजबूर दिखे। हैरानी की बात यह रही कि फॉरेस्ट चौकी नजदीक होने के बावजूद मौके पर न तो वन विभाग का अमला सक्रिय नजर आया और न ही पुलिस की कोई त्वरित व्यवस्था दिखी। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें लंबा जाम और लोगों की परेशानी साफ देखी जा सकती है। वीडियो में वाहन चालकों और यात्रियों की बेबसी भी सामने आई। हालांकि, बाद में खराब हाइवा को हटाने के बाद धीरे-धीरे यातायात बहाल किया गया। इस संबंध में मानपुर थाना प्रभारी मुकेश मस्कुले ने बताया कि वाहन के ब्रेकडाउन के कारण जाम की स्थिति बनी थी, जिसे अब पूरी तरह साफ कर दिया गया है और मार्ग पर आवागमन सामान्य हो चुका है। इस घटना ने एक बार फिर सड़क की बदहाल व्यवस्था और आपात स्थिति में प्रशासनिक तैयारी की कमी को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि इस मार्ग को जल्द चौड़ा किया जाए और ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए ठोस व्यवस्था बनाई जाए, ताकि भविष्य में लोगों को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
    1
    ताला–पनपथा मार्ग पर थमा पहिया, घंटों बाद खुला जाम; हाइवा खराब होने से 100 से ज्यादा वाहन फंसे
उमरिया तपस गुप्ता (7999276090)
जिले के ताला–पनपथा सड़क मार्ग (SH-10) पर रविवार सुबह उस वक्त हालात बिगड़ गए, जब पतौर गांव के आगे एक हाइवा बीच सड़क पर अचानक खराब हो गया। यह मार्ग पहले से ही सिंगल लेन है और किनारों की पटरी भी अधूरी पड़ी है, ऐसे में भारी वाहन के खराब होते ही दोनों ओर लंबा जाम लग गया और यातायात पूरी तरह ठप हो गया।
घटना के बाद देखते ही देखते सड़क के दोनों तरफ वाहनों की कतार लग गई। करीब 100 से अधिक छोटे-बड़े वाहन जाम में फंस गए। मौके पर तत्काल कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने के कारण स्थिति और गंभीर होती चली गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, यदि समय रहते ट्रैफिक डायवर्ट किया जाता तो हालात इतने खराब नहीं होते।
जाम में फंसे लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी भीषण गर्मी ने दी। तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार था, जिससे बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं खासतौर पर परेशान दिखे। कई लोग पानी के लिए इधर-उधर भटकते नजर आए, जबकि कुछ लोग गर्मी से बचने के लिए सड़क किनारे जंगल की ओर जाकर पेड़ों की छांव में बैठने को मजबूर हो गए।
यह इलाका वन क्षेत्र से सटा हुआ है, ऐसे में लोगों का जंगल की ओर जाना जोखिम भरा भी साबित हो सकता था। जंगली जानवरों की आशंका के बावजूद लोग राहत के लिए वहां जाने को मजबूर दिखे। हैरानी की बात यह रही कि फॉरेस्ट चौकी नजदीक होने के बावजूद मौके पर न तो वन विभाग का अमला सक्रिय नजर आया और न ही पुलिस की कोई त्वरित व्यवस्था दिखी।
घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें लंबा जाम और लोगों की परेशानी साफ देखी जा सकती है। वीडियो में वाहन चालकों और यात्रियों की बेबसी भी सामने आई।
हालांकि, बाद में खराब हाइवा को हटाने के बाद धीरे-धीरे यातायात बहाल किया गया। इस संबंध में मानपुर थाना प्रभारी मुकेश मस्कुले ने बताया कि वाहन के ब्रेकडाउन के कारण जाम की स्थिति बनी थी, जिसे अब पूरी तरह साफ कर दिया गया है और मार्ग पर आवागमन सामान्य हो चुका है।
इस घटना ने एक बार फिर सड़क की बदहाल व्यवस्था और आपात स्थिति में प्रशासनिक तैयारी की कमी को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि इस मार्ग को जल्द चौड़ा किया जाए और ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए ठोस व्यवस्था बनाई जाए, ताकि भविष्य में लोगों को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
    user_Tapas Gupta
    Tapas Gupta
    पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • *शहडोल_ भाई ने भाई की लोहे की रॉड से मार कर की हत्या खाना खाने को लेकर दोनों भाइयों के बीच हुआ था विवाद.. खैरहा थाना क्षेत्र अंतर्गत पूरी घटना....*
    1
    *शहडोल_ भाई ने भाई की लोहे की रॉड से मार कर की हत्या खाना खाने को लेकर दोनों भाइयों के बीच हुआ था विवाद.. खैरहा थाना क्षेत्र अंतर्गत पूरी घटना....*
    user_JIYAUDDIN ANSARI
    JIYAUDDIN ANSARI
    Court reporter बुदार, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • मंडला जिले से एक चिंताजनक खबर सामने आ रही है, जहां पोषण आहार संयंत्र के बंद होने से न सिर्फ रोजगार पर संकट गहराया है, बल्कि कुपोषण के खिलाफ चल रही व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। जी हां… मंडला में संचालित पोषण आहार संयंत्र के बंद होने की खबर से स्वास्थ्य सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं बेहद चिंतित नजर आ रही हैं। इन महिलाओं के सामने अब रोजगार का गंभीर संकट मंडराने लगा है। यह वही पोषण आहार संयंत्र है, जहां सैकड़ों की संख्या में महिलाएं और पुरुष पिछले कई वर्षों से कार्यरत थे। इनके लिए यह संयंत्र सिर्फ काम की जगह नहीं, बल्कि उनके परिवार की आजीविका का मुख्य साधन था। रविवार को शाम 4:00 बजे पोषण आहार संयंत्र में कार्यरत महिलाओं ने दी जानकारी
    1
    मंडला जिले से एक चिंताजनक खबर सामने आ रही है, जहां पोषण आहार संयंत्र के बंद होने से न सिर्फ रोजगार पर संकट गहराया है, बल्कि कुपोषण के खिलाफ चल रही व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। जी हां… मंडला में संचालित पोषण आहार संयंत्र के बंद होने की खबर से स्वास्थ्य सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं बेहद चिंतित नजर आ रही हैं।
इन महिलाओं के सामने अब रोजगार का गंभीर संकट मंडराने लगा है। यह वही पोषण आहार संयंत्र है, जहां सैकड़ों की संख्या में महिलाएं और पुरुष पिछले कई वर्षों से कार्यरत थे। इनके लिए यह संयंत्र सिर्फ काम की जगह नहीं, बल्कि उनके परिवार की आजीविका का मुख्य साधन था। रविवार को शाम 4:00 बजे पोषण आहार संयंत्र में कार्यरत महिलाओं ने दी जानकारी
    user_Vinay Namdeo Nainpur
    Vinay Namdeo Nainpur
    मंडला, मंडला, मध्य प्रदेश•
    20 min ago
  • Post by Neelesh THAKUR
    1
    Post by Neelesh THAKUR
    user_Neelesh THAKUR
    Neelesh THAKUR
    Mandla, Madhya Pradesh•
    8 hrs ago
  • Post by राजेश कुमार मरावी रिपोर्टर
    1
    Post by राजेश कुमार मरावी रिपोर्टर
    user_राजेश कुमार मरावी रिपोर्टर
    राजेश कुमार मरावी रिपोर्टर
    Voice of people बजाग, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.