जुलूस-ए-गौसिया में दिखी अकीदत की झलक उलमा की तकरीरों से गूंजता रहा शेरपुर कलां टीटीएस ने संभाली व्यवस्था, पुलिस बल रहा मौजूद पूरनपुर/पीलीभीत। हजरत अब्दुल कादिर जीलानी गौसे आजम की याद में गुरुवार को शेरपुर कलां में जुलूस- ए-गौसिया अकीदत और एहतराम के साथ निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। जुलूस के दौरान उलमा- ए-कराम की तकरीरों और नातख्वानी से माहौल गूंजता रहा। जगह-जगह लोगों ने जुलूस का स्वागत किया। सुरक्षा और शांति व्यवस्था के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा।टीटीएस के तत्वावधान में जामा मस्जिद से शुरू हुआ जुलूस मुख्य मार्ग, नौगमा, नवदिया और कुरैशियान से होता हुआ जामा मस्जिद मैदान पहुंचा, जहां जुलूस का समापन किया गया। जुलूस के दौरान टीटीएस की ओर से व्यवस्थाओं की देखरेख की गई। लोगों से शांतिपूर्वक जुलूस में शामिल होने और व्यवस्था बनाए रखने की अपील की जाती रही। जुलूस में शामिल अकीदतमंदों के बीच धार्मिक नारों के साथ नात-ए-पाक और तकरीरों का सिलसिला चलता रहा। जामा मस्जिद के इमाम मौलाना तहसीन रजा ने हजरत गौसे आजम की जिंदगी और उनकी शिक्षाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि लोगों को बुजुर्गों की जिंदगी से नेक रास्ते पर चलने, सच्चाई अपनाने और अच्छे आचरण की सीख लेनी चाहिए। मौलाना साजिद रजा ने हजरत गौसे आजम की सीरत पर रोशनी डालते हुए नमाज की पाबंदी और नेक जिंदगी गुजारने की अपील की। हाफिज आसिफ रजा ने कहा कि हजरत अब्दुल कादिर जीलानी ने सच्चाई और नेक आचरण की मिसाल पेश की। उन्होंने लोगों से गौसे पाक की शिक्षाओं और नेक रास्ते को अपनाने का आह्वान किया। हाफिज अनीस ने भी गौसे आजम की जिंदगी और उनके संदेश पर विचार रखे। मौलाना बासिल जफर ने भी उनकी शिक्षाओं पर अमल करने और समाज में भाईचारा कायम रखने की बात कही। जुलूस के समापन के बाद देश में अमन-ओ-अमान, आपसी भाईचारे और खुशहाली के लिए विशेष दुआ की गई। आयोजकों ने कहा कि धार्मिक कार्यक्रमों का उद्देश्य समाज में नेक संदेश, भाईचारा और शांति की भावना को मजबूत करना है। इस दौरान तकी खां, नईम एडवोकेट, हाजी रियाजतनूर खां, जैगम खां, फैय्याज अहमद,अनवर खां, मीनू बरकाती, नदीम रजा, दिलशाद खां, सलमान खां, उवैस बरकाती, समद हसन, जुनैद खां, फरहान रजा, अजीम बेग, इमरान, मुज्जमिल खां, जुनैद शेरी, रेहान खां, नदीम हसन, मुन्ना खां, अनीस खां, शोएब खां, सिकंदर, फरहान कुरैशी, तौफीक खां, उवैस खां, निजामुद्दीन, मुदस्सिर, युसूफ, अमानत, रजबल खां, इन्शाद खां, हाफिज शाहिद रजा, अहमद, यूनूस एडवोकेट, अमान, गुफरान, उजैफ, यूनूस खां, रेहान रजा आदि मौजूद रहे।
जुलूस-ए-गौसिया में दिखी अकीदत की झलक उलमा की तकरीरों से गूंजता रहा शेरपुर कलां टीटीएस ने संभाली व्यवस्था, पुलिस बल रहा मौजूद पूरनपुर/पीलीभीत। हजरत अब्दुल कादिर जीलानी गौसे आजम की याद में गुरुवार को शेरपुर कलां में जुलूस- ए-गौसिया अकीदत और एहतराम के साथ निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। जुलूस के दौरान उलमा- ए-कराम की तकरीरों और नातख्वानी से माहौल गूंजता रहा। जगह-जगह लोगों ने जुलूस का स्वागत किया। सुरक्षा और शांति व्यवस्था के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा।टीटीएस के तत्वावधान में जामा मस्जिद से शुरू हुआ जुलूस मुख्य मार्ग, नौगमा, नवदिया और कुरैशियान से होता हुआ जामा मस्जिद मैदान पहुंचा, जहां जुलूस का समापन किया गया। जुलूस के दौरान टीटीएस की ओर से व्यवस्थाओं की देखरेख की गई। लोगों से शांतिपूर्वक जुलूस में शामिल होने और व्यवस्था बनाए रखने की अपील की जाती रही। जुलूस में शामिल अकीदतमंदों के बीच धार्मिक नारों के साथ नात-ए-पाक और तकरीरों का सिलसिला चलता रहा। जामा मस्जिद के इमाम मौलाना तहसीन रजा ने हजरत गौसे आजम की जिंदगी और उनकी शिक्षाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि लोगों को बुजुर्गों की जिंदगी से नेक रास्ते पर चलने, सच्चाई अपनाने और अच्छे आचरण की सीख लेनी चाहिए। मौलाना साजिद रजा ने हजरत गौसे आजम की सीरत पर रोशनी डालते हुए नमाज की पाबंदी और नेक जिंदगी गुजारने की अपील की। हाफिज आसिफ रजा ने कहा कि हजरत अब्दुल कादिर जीलानी ने सच्चाई और नेक आचरण की मिसाल पेश की। उन्होंने लोगों से गौसे पाक की शिक्षाओं और नेक रास्ते को अपनाने का आह्वान किया। हाफिज अनीस ने भी गौसे आजम की जिंदगी और उनके संदेश पर विचार रखे। मौलाना बासिल जफर ने भी उनकी शिक्षाओं पर अमल करने और समाज में भाईचारा कायम रखने की बात कही। जुलूस के समापन के बाद देश में अमन-ओ-अमान, आपसी भाईचारे और खुशहाली के लिए विशेष दुआ की गई। आयोजकों ने कहा कि धार्मिक कार्यक्रमों का उद्देश्य समाज में नेक संदेश, भाईचारा और शांति की भावना को मजबूत करना है। इस दौरान तकी खां, नईम एडवोकेट, हाजी रियाजतनूर खां, जैगम खां, फैय्याज अहमद,अनवर खां, मीनू बरकाती, नदीम रजा, दिलशाद खां, सलमान खां, उवैस बरकाती, समद हसन, जुनैद खां, फरहान रजा, अजीम बेग, इमरान, मुज्जमिल खां, जुनैद शेरी, रेहान खां, नदीम हसन, मुन्ना खां, अनीस खां, शोएब खां, सिकंदर, फरहान कुरैशी, तौफीक खां, उवैस खां, निजामुद्दीन, मुदस्सिर, युसूफ, अमानत, रजबल खां, इन्शाद खां, हाफिज शाहिद रजा, अहमद, यूनूस एडवोकेट, अमान, गुफरान, उजैफ, यूनूस खां, रेहान रजा आदि मौजूद रहे।
- नरेंद्र मोदी, अमित शाह कहते हैं- आने वाले कई साल तक देश में BJP की सरकार रहेगी। मैं करीब 50 साल से राजनीति देख रहा हूं, लेकिन कोई भी नेता ऐसी बातें नहीं कह सकता। इंदिरा गांधी जी ने बांग्लादेश का युद्ध जीता, उसके बावजूद अगले कुछ साल में Anti-incumbency हो गई। देश के कई प्रधानमंत्रियों-मुख्यमंत्रियों को इसका सामना करना पड़ा। Anti-incumbency हिंदुस्तान की सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत है। लेकिन ये ताकत नरेंद्र मोदी और अमित शाह पर असर क्यों नहीं करती- इसका जवाब दो इलेक्शन कमिश्नर्स ने दे दिया है। : नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi1
- जुलूस-ए-गौसिया में दिखी अकीदत की झलक उलमा की तकरीरों से गूंजता रहा शेरपुर कलां टीटीएस ने संभाली व्यवस्था, पुलिस बल रहा मौजूद पूरनपुर/पीलीभीत। हजरत अब्दुल कादिर जीलानी गौसे आजम की याद में गुरुवार को शेरपुर कलां में जुलूस- ए-गौसिया अकीदत और एहतराम के साथ निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। जुलूस के दौरान उलमा- ए-कराम की तकरीरों और नातख्वानी से माहौल गूंजता रहा। जगह-जगह लोगों ने जुलूस का स्वागत किया। सुरक्षा और शांति व्यवस्था के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा।टीटीएस के तत्वावधान में जामा मस्जिद से शुरू हुआ जुलूस मुख्य मार्ग, नौगमा, नवदिया और कुरैशियान से होता हुआ जामा मस्जिद मैदान पहुंचा, जहां जुलूस का समापन किया गया। जुलूस के दौरान टीटीएस की ओर से व्यवस्थाओं की देखरेख की गई। लोगों से शांतिपूर्वक जुलूस में शामिल होने और व्यवस्था बनाए रखने की अपील की जाती रही। जुलूस में शामिल अकीदतमंदों के बीच धार्मिक नारों के साथ नात-ए-पाक और तकरीरों का सिलसिला चलता रहा। जामा मस्जिद के इमाम मौलाना तहसीन रजा ने हजरत गौसे आजम की जिंदगी और उनकी शिक्षाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि लोगों को बुजुर्गों की जिंदगी से नेक रास्ते पर चलने, सच्चाई अपनाने और अच्छे आचरण की सीख लेनी चाहिए। मौलाना साजिद रजा ने हजरत गौसे आजम की सीरत पर रोशनी डालते हुए नमाज की पाबंदी और नेक जिंदगी गुजारने की अपील की। हाफिज आसिफ रजा ने कहा कि हजरत अब्दुल कादिर जीलानी ने सच्चाई और नेक आचरण की मिसाल पेश की। उन्होंने लोगों से गौसे पाक की शिक्षाओं और नेक रास्ते को अपनाने का आह्वान किया। हाफिज अनीस ने भी गौसे आजम की जिंदगी और उनके संदेश पर विचार रखे। मौलाना बासिल जफर ने भी उनकी शिक्षाओं पर अमल करने और समाज में भाईचारा कायम रखने की बात कही। जुलूस के समापन के बाद देश में अमन-ओ-अमान, आपसी भाईचारे और खुशहाली के लिए विशेष दुआ की गई। आयोजकों ने कहा कि धार्मिक कार्यक्रमों का उद्देश्य समाज में नेक संदेश, भाईचारा और शांति की भावना को मजबूत करना है। इस दौरान तकी खां, नईम एडवोकेट, हाजी रियाजतनूर खां, जैगम खां, फैय्याज अहमद,अनवर खां, मीनू बरकाती, नदीम रजा, दिलशाद खां, सलमान खां, उवैस बरकाती, समद हसन, जुनैद खां, फरहान रजा, अजीम बेग, इमरान, मुज्जमिल खां, जुनैद शेरी, रेहान खां, नदीम हसन, मुन्ना खां, अनीस खां, शोएब खां, सिकंदर, फरहान कुरैशी, तौफीक खां, उवैस खां, निजामुद्दीन, मुदस्सिर, युसूफ, अमानत, रजबल खां, इन्शाद खां, हाफिज शाहिद रजा, अहमद, यूनूस एडवोकेट, अमान, गुफरान, उजैफ, यूनूस खां, रेहान रजा आदि मौजूद रहे।1
- पीलीभीत में सपा प्रदेश अध्यक्ष के स्वागत में कार्यकर्ताओं का हुजूम उमड़ा। पीलीभीत। पूरनपुर में सपा प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल के स्वागत समारोह में कार्यकर्ताओं का भारी हुजूम उमड़ा1
- जुलूस-ए-गौसिया में उमड़ा अकीदतमंदों का सैलाब पुलिस की कड़ी निगरानी के बीच शानो-शौकत से निकला जुलूस, शहरभर में रही सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था रौनक अली अंसारी | पीलीभीत पीलीभीत। शहर में बृहस्पतिवार को जुलूस-ए-गौसिया निर्धारित समय सुबह छह बजे पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पूरी शानो-शौकत और अकीदत के साथ निकाला गया। जुलूस निर्धारित रूट से गुजरते हुए शहर की प्रमुख गलियों से होकर आगे बढ़ा। रास्तेभर अकीदतमंदों में खासा जोश और उत्साह दिखाई दिया। जुलूस के दौरान शहर का माहौल नाते पाक और धार्मिक नारों से गूंजता रहा। बड़ी संख्या में लोगों ने जुलूस में शिरकत कर अपनी अकीदत का इजहार किया। शांतिपूर्ण आयोजन को लेकर पुलिस-प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। जुलूस के पूरे मार्ग पर पुलिस बल तैनात रहा, जबकि संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी गई। पुलिस के मुताबिक सुरक्षा व्यवस्था में 10 इंस्पेक्टर, 35 सब इंस्पेक्टर, 65 हेड कांस्टेबल और 235 कांस्टेबल समेत करीब 850 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए निर्धारित मार्गों पर रूट डायवर्जन भी लागू रहा। पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव ने सुरक्षा व्यवस्था की स्वयं मॉनिटरिंग की और अधीनस्थ अधिकारियों को सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए। जुलूस के समापन तक कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। पुलिस-प्रशासन की मुस्तैदी और अकीदतमंदों के सहयोग से जुलूस-ए-गौसिया का आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।1
- Post by Mr Salim1
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- ज्ञानेश कुमार अपना गुनाह मान लें, ‘वोट चोरी’ के गवाह बन जाएं: राहुल गांधी ज्ञानेश कुमार अपना गुनाह मान लें, ‘वोट चोरी’ के गवाह बन जाएं: राहुल गांधी : नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए उनसे इस्तीफा देकर ‘वोट चोरी’ मामले में सरकारी गवाह बनने की अपील की। राहुल गांधी ने चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार अपना गुनाह मान लें और सच्चाई सामने लाने में गवाह बनें। �1