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आज एक गांव में बहुत खतरनाक जाम लगा हुआ है, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस भीषण जाम के कारण उन लोगों को विशेष कठिनाई हो रही है, जिन्हें किसी आपात स्थिति में कोटा की ओर जाना है।
Ajay Meghwal
आज एक गांव में बहुत खतरनाक जाम लगा हुआ है, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस भीषण जाम के कारण उन लोगों को विशेष कठिनाई हो रही है, जिन्हें किसी आपात स्थिति में कोटा की ओर जाना है।
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- आज एक गांव में बहुत खतरनाक जाम लगा हुआ है, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस भीषण जाम के कारण उन लोगों को विशेष कठिनाई हो रही है, जिन्हें किसी आपात स्थिति में कोटा की ओर जाना है।1
- गरोठ-बोलिया मार्ग पर स्थित परासली रोड, जो पनिया खेड़ी से होकर गुजरता है, वहां विद्युत मंडल की डीपी (डिस्ट्रीब्यूशन पॉइंट) पर झुरमुट झाड़ियां गिरी हुई हैं, जिससे लगातार हादसे का गंभीर खतरा बना हुआ है। यह मार्ग दिनभर कई स्कूली बच्चों और राजगढ़ से आने-जाने वाले लोगों के आवागमन का प्रमुख रास्ता है। इसके अतिरिक्त, सड़क के पास ही कंट्रोल प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था मारिया बोलियां और प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था मारिया बोलियां स्थित हैं, जिसके कारण दिनभर बड़ी संख्या में लोग राशन के लिए भी यहां आते-जाते रहते हैं। विद्युत डीपी पर इन झाड़ियों के गिरने से किसी भी समय कोई दुर्घटना होने की प्रबल संभावना है, जिससे लोगों की सुरक्षा खतरे में है।1
- रावतभाटा से मिली एक खबर के अनुसार, राणा प्रताप सागर बांध में मछलियों के प्रजनन काल के दौरान भी मत्स्य आखेट लगातार जारी है। विभाग द्वारा 16 जून से 31 अगस्त तक मत्स्य आखेट पर प्रतिबंधित रोक लगाई गई है, जिसका उद्देश्य मछलियों को 'आराम का समय' देना है। विभाग ने इस प्रतिबंध को पर्यावरण, जैविक और आर्थिक स्तर पर बेहद जरूरी बताया है। विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मत्स्य प्रजनन काल पर रोक पर्यावरण संतुलन का आधार है। हालांकि, इन स्पष्ट नियमों और प्रतिबंध के बावजूद, राणा प्रताप सागर बांध में मत्स्य आखेट की गतिविधियां जारी हैं, जिससे नियमों की अवहेलना साफ दिख रही है।1
- झालावाड़ जिले में दिनांक 07/07/2026 को जोरदार बारिश दर्ज की गई।1
- चित्तौड़गढ़ जिले के कपासन थाना पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक 80 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक के बैंक खाते से सिम कार्ड और ऑनलाइन बैंकिंग के माध्यम से ₹9,90,832 की धोखाधड़ी के मामले में एक आरोपी को सीकर जिले से गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई महानिरीक्षक पुलिस रेंज उदयपुर, श्री गौरव श्रीवास्तव द्वारा चलाए जा रहे साइबर अपराधों के खिलाफ विशेष अभियान के तहत की गई, जिसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकुल शर्मा और डीएसपी कपासन हरीश भारती के निर्देशन में थानाधिकारी सुनील शर्मा के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई की। घटना 25 जून 2026 को सामने आई जब सरकारी सेवा से रिटायर्ड 80 वर्षीय रामचंद्र शर्मा, निवासी ताराखेड़ी, ने कपासन पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनके एसबीआई बैंक, कपासन शाखा के खाते से ₹9,90,832 कम पाए गए। बैंक से जानकारी लेने पर पता चला कि उनके बैंक खाते में नए एटीएम कार्ड जारी किए गए थे और एटीएम व ऑनलाइन बैंकिंग का उपयोग करके यह राशि निकाली या अन्य खातों में स्थानांतरित की गई थी। प्रार्थी रामचंद्र ने अपनी रिपोर्ट में एसबीआई बैंक के मैनेजर और पोस्टमैन की भूमिका को भी संदिग्ध बताया, आरोप लगाया कि उनकी जानकारी के बिना ही एटीएम कार्ड और ऑनलाइन बैंकिंग चालू की गई और एटीएम कार्ड उन्हें देने के बजाय किसी अज्ञात व्यक्ति को डिलीवर कर दिया गया। इस रिपोर्ट के आधार पर थाना कपासन में मामला दर्ज कर थानाधिकारी सुनील शर्मा ने अनुसंधान शुरू किया। पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए थानाधिकारी सुनील शर्मा ने एएसआई उदयलाल, कांस्टेबल देवीलाल, राजेश कुमार और नीरज की एक विशेष टीम गठित की। टीम ने सिम धारक रितेश सैनी पुत्र राजेंद्र प्रसाद सैनी, निवासी गोवर्धनपुरा, थाना सदर खाटूश्यामजी, जिला सीकर को चिन्हित किया और 7 जुलाई 2026 को उसे सीकर जिले से गिरफ्तार किया। पुलिस के शुरुआती अनुसंधान में इस धोखाधड़ी गिरोह में और अधिक व्यक्तियों के शामिल होने के संकेत मिले हैं, और निकट भविष्य में घटना में शामिल सभी अभियुक्तों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा करने की बात कही गई है। मामले में बैंक मैनेजर और पोस्टमैन की भूमिका की भी जांच की जा रही है।1
- मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में स्थित शामगढ़ में सड़क निर्माण कार्य का शुभारंभ संपन्न हुआ है। यह कार्य 45 विधायकों की उपस्थिति में शुरू किया गया। पत्रकार रामप्रसाद धनगर गुर्जर ने इस घटना पर एक विशेष रिपोर्ट प्रस्तुत की है।1
- झालावाड़ में उप वन संरक्षक सागर पवार के निर्देशन और सहायक वन संरक्षक मुकेश सहजवानी के नेतृत्व में आज सुबह वन विभाग और पुलिस ने वन्यजीवों के अवैध शिकार के खिलाफ एक संयुक्त और प्रभावी कार्रवाई की। इस दौरान क्षेत्रीय वन अधिकारी दीपक सिंह चारण की टीम, असनावर रेंज के स्टाफ और पुलिस जाप्ते ने कालीसिंध नदी की पुलिया के पास वनखण्ड फील्ड ट्रायल क्षेत्र में बनी कच्ची झोपड़ियों पर छापा मारा, जहाँ से जीवित तीतर और तोते बरामद किए गए। इस कार्रवाई में वन्यजीवों के अवैध शिकार और पकड़ने में इस्तेमाल होने वाले फंदे, पिंजरे तथा एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई। प्रारंभिक जांच में वन्यजीवों के अवैध शिकार, कब्जे और व्यापार से जुड़ी गतिविधियों के प्रमाण मिलने के बाद दो महिलाओं सहित तीन शिकारियों को गिरफ्तार किया गया। संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की गई और आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। वन विभाग ने आमजन से अपील की है कि वन्यजीवों का शिकार, कब्जा, संग्रहण, परिवहन और व्यापार करना वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत एक संज्ञेय एवं गैर-जमानती अपराध है।4