झालावाड़ में उप वन संरक्षक सागर पवार के निर्देशन और सहायक वन संरक्षक मुकेश सहजवानी के नेतृत्व में आज सुबह वन विभाग और पुलिस ने वन्यजीवों के अवैध शिकार के खिलाफ एक संयुक्त और प्रभावी कार्रवाई की। इस दौरान क्षेत्रीय वन अधिकारी दीपक सिंह चारण की टीम, असनावर रेंज के स्टाफ और पुलिस जाप्ते ने कालीसिंध नदी की पुलिया के पास वनखण्ड फील्ड ट्रायल क्षेत्र में बनी कच्ची झोपड़ियों पर छापा मारा, जहाँ से जीवित तीतर और तोते बरामद किए गए। इस कार्रवाई में वन्यजीवों के अवैध शिकार और पकड़ने में इस्तेमाल होने वाले फंदे, पिंजरे तथा एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई। प्रारंभिक जांच में वन्यजीवों के अवैध शिकार, कब्जे और व्यापार से जुड़ी गतिविधियों के प्रमाण मिलने के बाद दो महिलाओं सहित तीन शिकारियों को गिरफ्तार किया गया। संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की गई और आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। वन विभाग ने आमजन से अपील की है कि वन्यजीवों का शिकार, कब्जा, संग्रहण, परिवहन और व्यापार करना वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत एक संज्ञेय एवं गैर-जमानती अपराध है।
झालावाड़ में उप वन संरक्षक सागर पवार के निर्देशन और सहायक वन संरक्षक मुकेश सहजवानी के नेतृत्व में आज सुबह वन विभाग और पुलिस ने वन्यजीवों के अवैध शिकार के खिलाफ एक संयुक्त और प्रभावी कार्रवाई की। इस दौरान क्षेत्रीय वन अधिकारी दीपक सिंह चारण की
टीम, असनावर रेंज के स्टाफ और पुलिस जाप्ते ने कालीसिंध नदी की पुलिया के पास वनखण्ड फील्ड ट्रायल क्षेत्र में बनी कच्ची झोपड़ियों पर छापा मारा, जहाँ से जीवित तीतर और तोते बरामद किए गए। इस कार्रवाई में वन्यजीवों के अवैध शिकार और पकड़ने में इस्तेमाल होने
वाले फंदे, पिंजरे तथा एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई। प्रारंभिक जांच में वन्यजीवों के अवैध शिकार, कब्जे और व्यापार से जुड़ी गतिविधियों के प्रमाण मिलने के बाद दो महिलाओं सहित तीन शिकारियों को गिरफ्तार किया गया। संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के
तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की गई और आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। वन विभाग ने आमजन से अपील की है कि वन्यजीवों का शिकार, कब्जा, संग्रहण, परिवहन और व्यापार करना वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत एक संज्ञेय एवं गैर-जमानती अपराध है।
- आज एक गांव में बहुत खतरनाक जाम लगा हुआ है, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस भीषण जाम के कारण उन लोगों को विशेष कठिनाई हो रही है, जिन्हें किसी आपात स्थिति में कोटा की ओर जाना है।1
- सूमर कस्बे सहित आसपास के इलाकों में शाम करीब 6 बजे मौसम ने अचानक करवट बदली। आसमान में घने काले बादल छा गए और देखते ही देखते तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश शुरू हो गई। लगभग आधे घंटे तक हुई इस तेज बारिश के बाद भी, बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं लिया और शाम तक रुक-रुक कर बारिश होती रही। इस झमाझम बारिश से क्षेत्र का मौसम बेहद सुहावना हो गया है, जिससे किसानों के चेहरों पर खुशी की मुस्कान लौट आई है।2
- झालावाड़ जिले में दिनांक 07/07/2026 को जोरदार बारिश दर्ज की गई।1
- गरोठ-बोलिया मार्ग पर स्थित परासली रोड, जो पनिया खेड़ी से होकर गुजरता है, वहां विद्युत मंडल की डीपी (डिस्ट्रीब्यूशन पॉइंट) पर झुरमुट झाड़ियां गिरी हुई हैं, जिससे लगातार हादसे का गंभीर खतरा बना हुआ है। यह मार्ग दिनभर कई स्कूली बच्चों और राजगढ़ से आने-जाने वाले लोगों के आवागमन का प्रमुख रास्ता है। इसके अतिरिक्त, सड़क के पास ही कंट्रोल प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था मारिया बोलियां और प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था मारिया बोलियां स्थित हैं, जिसके कारण दिनभर बड़ी संख्या में लोग राशन के लिए भी यहां आते-जाते रहते हैं। विद्युत डीपी पर इन झाड़ियों के गिरने से किसी भी समय कोई दुर्घटना होने की प्रबल संभावना है, जिससे लोगों की सुरक्षा खतरे में है।1
- छीपाबड़ौद स्टेडियम में भस्त्रिका प्राणायाम का अभ्यास किया जा रहा है। इस अभ्यास में साइड बाय साइड स्टेपिंग के साथ 30-30 के तीन राउंड पूरे करने होते हैं। यह सलाह दी गई है कि इसे सीखें और इसका अभ्यास करें।1
- इस सूचना में एक ऐप में उपलब्ध होने वाली विभिन्न सुविधाओं के बारे में प्रश्न किया गया है। इन सुविधाओं की पूरी जानकारी प्राप्त करने के लिए दर्शकों को संबंधित वीडियो को अंत तक देखने का निर्देश दिया गया है।1
- झालावाड़ में उप वन संरक्षक सागर पवार के निर्देशन और सहायक वन संरक्षक मुकेश सहजवानी के नेतृत्व में आज सुबह वन विभाग और पुलिस ने वन्यजीवों के अवैध शिकार के खिलाफ एक संयुक्त और प्रभावी कार्रवाई की। इस दौरान क्षेत्रीय वन अधिकारी दीपक सिंह चारण की टीम, असनावर रेंज के स्टाफ और पुलिस जाप्ते ने कालीसिंध नदी की पुलिया के पास वनखण्ड फील्ड ट्रायल क्षेत्र में बनी कच्ची झोपड़ियों पर छापा मारा, जहाँ से जीवित तीतर और तोते बरामद किए गए। इस कार्रवाई में वन्यजीवों के अवैध शिकार और पकड़ने में इस्तेमाल होने वाले फंदे, पिंजरे तथा एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई। प्रारंभिक जांच में वन्यजीवों के अवैध शिकार, कब्जे और व्यापार से जुड़ी गतिविधियों के प्रमाण मिलने के बाद दो महिलाओं सहित तीन शिकारियों को गिरफ्तार किया गया। संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की गई और आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। वन विभाग ने आमजन से अपील की है कि वन्यजीवों का शिकार, कब्जा, संग्रहण, परिवहन और व्यापार करना वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत एक संज्ञेय एवं गैर-जमानती अपराध है।4