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जालौन: पेट्रोल पंप पर की जा रही घटतौली, पेट्रोल-डीजल डालने में कर्मचारी कर रहे हेरफेर, हेरफेर कर रहे कर्मचारी को युवक ने रंगे हाथों पकड़ा, विरोध करने पर पम्प कर्मी ने की अभद्रता, उरई के कुकरगांव स्थित इंडियन ऑयल पम्प का मामला

3 hrs ago
user_Dev Patel
Dev Patel
रिपोर्टर कालपी, जालौन, उत्तर प्रदेश•
3 hrs ago

जालौन: पेट्रोल पंप पर की जा रही घटतौली, पेट्रोल-डीजल डालने में कर्मचारी कर रहे हेरफेर, हेरफेर कर रहे कर्मचारी को युवक ने रंगे हाथों पकड़ा, विरोध करने पर पम्प कर्मी ने की अभद्रता, उरई के कुकरगांव स्थित इंडियन ऑयल पम्प का मामला

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  • गलुवापुर में मनरेगा निरीक्षण के दौरान सीडीओ विधान जायसवाल को 39 में से केवल 14 श्रमिक मौके पर मिले, मजदूरी भुगतान व उपस्थिति पर सख्त
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    गलुवापुर में मनरेगा निरीक्षण के दौरान सीडीओ विधान जायसवाल को 39 में से केवल 14 श्रमिक मौके पर मिले, मजदूरी भुगतान व उपस्थिति पर सख्त
    user_भानु प्रताप सिंह कानपुर देहात
    भानु प्रताप सिंह कानपुर देहात
    संवाददाता कानपुर देहात सिकंदरा, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश•
    28 min ago
  • डीएम ने कोंच नगर पालिका व ब्लॉक कार्यालय का किया वार्षिक निरीक्षण, कमियां मिलने पर अधिकारियों को लगाई फटकार, ठेकेदारों पर होगी कार्रवाई!! जालौन के जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने गुरुवार को कोंच नगर पालिका परिषद एवं ब्लॉक कार्यालय का वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक कार्यों, निर्माण गतिविधियों और जनसुविधाओं की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के समय कई कमियां सामने आने पर डीएम ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और सुधार के स्पष्ट निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि नगर पालिका में हाउस टैक्स वसूली अपेक्षा के अनुरूप नहीं हो रही है। करीब 500 से 700 मकान अब तक कर निर्धारण से बाहर पाए गए। इस पर डीएम ने नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिशासी अधिकारी मोनिका उमराव को निर्देश दिया कि तत्काल सर्वे कर सभी छूटे हुए मकानों को कर दायरे में लाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित मोहल्लों में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।। डीएम पांडेय ने टेंडर मिलने के बाद भी निर्माण कार्यों में देरी करने वाले ठेकेदारों और जिम्मेदार अभियंताओं पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। अधिशासी अधिकारी के शिथिल पर्यवेक्षण पर भी स्पष्टीकरण तलब किया गया। उन्होंने कहा कि सभी अधूरे कार्यों को समयबद्ध योजना के तहत प्राथमिकता से पूरा कराया जाए।।जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिन निर्माण कार्यों में निर्धारित समयसीमा का पालन नहीं हुआ है, उन पर अनुबंध के अनुसार 10 प्रतिशत लेट डैमेज (एलडी) क्लॉज लागू किया जाएगा और बिल भुगतान में कटौती की जाएगी। उन्होंने भविष्य में हर अनुबंध में डिले क्लॉज को अनिवार्य रूप से शामिल करने के निर्देश दिए, ताकि देरी पर स्वतः कार्रवाई की जा सके। बार-बार लापरवाही करने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी भी दी गई। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष बल देते हुए डीएम ने कहा कि मानकों में कमी पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। आवश्यक होने पर वेतन से कटौती कर सुधार सुनिश्चित कराया जाएगा। उन्होंने नगर विकास विभाग के आदेशों के अनुरूप 10 लाख रुपये तक की सड़कों का सत्यापन कराने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जलभराव वाले इलाकों में पक्की सड़क व दोनों ओर नालियां बनाकर जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। ब्लॉक परिसर में सुलभ शौचालय, स्वच्छ वातावरण और जनता दर्शन व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर बल दिया गया। डीएम ने खरीदी गई मशीनरी व सामग्री का पूर्ण उपयोग कर नगर को स्वच्छ व व्यवस्थित रखने के निर्देश भी दिए।। अधिकारियों की मौजूदगी इस मौके पर उप जिलाधिकारी ज्योति सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष प्रदीप कुमार गुप्ता, सहायक अभियंता नंदकिशोर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।।।।
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    डीएम ने कोंच नगर पालिका व ब्लॉक कार्यालय का किया वार्षिक निरीक्षण, कमियां मिलने पर अधिकारियों को लगाई फटकार, ठेकेदारों पर होगी कार्रवाई!!
जालौन के जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने गुरुवार को कोंच नगर पालिका परिषद एवं ब्लॉक कार्यालय का वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक कार्यों, निर्माण गतिविधियों और जनसुविधाओं की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के समय कई कमियां सामने आने पर डीएम ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और सुधार के स्पष्ट निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि नगर पालिका में हाउस टैक्स वसूली अपेक्षा के अनुरूप नहीं हो रही है। करीब 500 से 700 मकान अब तक कर निर्धारण से बाहर पाए गए। इस पर डीएम ने नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिशासी अधिकारी मोनिका उमराव को निर्देश दिया कि तत्काल सर्वे कर सभी छूटे हुए मकानों को कर दायरे में लाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित मोहल्लों में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।। डीएम पांडेय ने टेंडर मिलने के बाद भी निर्माण कार्यों में देरी करने वाले ठेकेदारों और जिम्मेदार अभियंताओं पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। अधिशासी अधिकारी के शिथिल पर्यवेक्षण पर भी स्पष्टीकरण तलब किया गया। उन्होंने कहा कि सभी अधूरे कार्यों को समयबद्ध योजना के तहत प्राथमिकता से पूरा कराया जाए।।जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिन निर्माण कार्यों में निर्धारित समयसीमा का पालन नहीं हुआ है, उन पर अनुबंध के अनुसार 10 प्रतिशत लेट डैमेज (एलडी) क्लॉज लागू किया जाएगा और बिल भुगतान में कटौती की जाएगी। उन्होंने भविष्य में हर अनुबंध में डिले क्लॉज को अनिवार्य रूप से शामिल करने के निर्देश दिए, ताकि देरी पर स्वतः कार्रवाई की जा सके। बार-बार लापरवाही करने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी भी दी गई। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष बल देते हुए डीएम ने कहा कि मानकों में कमी पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। आवश्यक होने पर वेतन से कटौती कर सुधार सुनिश्चित कराया जाएगा। उन्होंने नगर विकास विभाग के आदेशों के अनुरूप 10 लाख रुपये तक की सड़कों का सत्यापन कराने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जलभराव वाले इलाकों में पक्की सड़क व दोनों ओर नालियां बनाकर जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। ब्लॉक परिसर में सुलभ शौचालय, स्वच्छ वातावरण और जनता दर्शन व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर बल दिया गया। डीएम ने खरीदी गई मशीनरी व सामग्री का पूर्ण उपयोग कर नगर को स्वच्छ व व्यवस्थित रखने के निर्देश भी दिए।। अधिकारियों की मौजूदगी
इस मौके पर उप जिलाधिकारी ज्योति सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष प्रदीप कुमार गुप्ता, सहायक अभियंता नंदकिशोर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।।।।
    user_Harsh Samvad
    Harsh Samvad
    Newspaper publisher उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • मलगांव गैस एजेंसी के पास ई-रिक्शा पलटा, पांच महिलाएं घायल झींझक। मंगलपुर थाना क्षेत्र के दत्तपुर गांव की पांच महिलाएं ई-रिक्शा पलटने से घायल हो गईं। उपचार के बाद सभी को झींझक सीएचसी से छुट्टी दे दी गई। जानकारी के अनुसार दत्तपुर निवासी मलिका पत्नी सुनील, चीना पत्नी बाबू, ऊषा पत्नी रामनरेश, सुखदेई व पूनम गांव के ही ई-रिक्शा चालक शिवम के साथ गाऊपुर गई थीं। वहां से लौटते समय मलगांव गैस एजेंसी के पास अचानक ई-रिक्शा अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे उसमें सवार सभी महिलाएं घायल हो गईं।
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    मलगांव गैस एजेंसी के पास ई-रिक्शा पलटा, पांच महिलाएं घायल
झींझक। मंगलपुर थाना क्षेत्र के दत्तपुर गांव की पांच महिलाएं ई-रिक्शा पलटने से घायल हो गईं। उपचार के बाद सभी को झींझक सीएचसी से छुट्टी दे दी गई।
जानकारी के अनुसार दत्तपुर निवासी मलिका पत्नी सुनील, चीना पत्नी बाबू, ऊषा पत्नी रामनरेश, सुखदेई व पूनम गांव के ही ई-रिक्शा चालक शिवम के साथ गाऊपुर गई थीं। वहां से लौटते समय मलगांव गैस एजेंसी के पास अचानक ई-रिक्शा अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे उसमें सवार सभी महिलाएं घायल हो गईं।
    user_कुमार पंकज
    कुमार पंकज
    Journalist डेरापुर, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • Post by Sugirv Kushwha
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    Post by Sugirv Kushwha
    user_Sugirv Kushwha
    Sugirv Kushwha
    Financial Analyst उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • भारत में आरक्षण, भूमि स्वामित्व और सामाजिक समानता जैसे विषय लंबे समय से सार्वजनिक विमर्श का हिस्सा रहे हैं। ये मुद्दे केवल राजनीतिक बहस तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों से जुड़े हुए हैं। आरक्षण का मूल उद्देश्य भारत में आरक्षण व्यवस्था भारतीय संविधान के प्रावधानों के तहत सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों को समान अवसर प्रदान करने के लिए बनाई गई। इसका उद्देश्य ऐतिहासिक रूप से वंचित समुदायों को शिक्षा, सरकारी सेवाओं और राजनीतिक प्रतिनिधित्व में उचित भागीदारी देना है। आरक्षण किसी वर्ग के विरुद्ध नहीं, बल्कि समान अवसर सुनिश्चित करने का एक संवैधानिक साधन है। भूमि और संपत्ति का प्रश्न स्वतंत्रता के बाद भूमि सुधार के लिए कई कदम उठाए गए। जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में जमींदारी उन्मूलन जैसे कानून लागू किए गए, जिनका उद्देश्य भूमि के असमान वितरण को कम करना था। इसके बावजूद, आज भी भूमि स्वामित्व में असमानता एक वास्तविक सामाजिक-आर्थिक चुनौती है। यह समस्या केवल जातिगत आधार पर नहीं, बल्कि आर्थिक स्थिति, क्षेत्रीय नीतियों और ऐतिहासिक परिस्थितियों से भी जुड़ी है। इतिहास और युद्ध की वास्तविकता भारतीय इतिहास बहुस्तरीय और जटिल है। यह कहना कि किसी एक जाति या वर्ग ने कभी युद्ध नहीं लड़ा, ऐतिहासिक तथ्यों के अनुरूप नहीं है। उदाहरण के लिए, महाराणा प्रताप और छत्रपति शिवाजी महाराज जैसे शासकों ने स्वयं युद्ध का नेतृत्व किया और संघर्षों में सक्रिय भूमिका निभाई। इतिहास को समग्र दृष्टि से समझना आवश्यक है, न कि आंशिक कथनों के आधार पर। आगे का रास्ता सामाजिक समानता का प्रश्न केवल आरक्षण या भूमि स्वामित्व तक सीमित नहीं है। इसके लिए व्यापक दृष्टिकोण आवश्यक है: शिक्षा तक समान पहुँच आर्थिक अवसरों का विस्तार कानून का निष्पक्ष और प्रभावी पालन सामाजिक संवाद और आपसी सम्मान समाज में स्थायी बदलाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया, संवाद और संवैधानिक मूल्यों के पालन से आता है — टकराव से नहीं। भारत की विविधता उसकी सबसे बड़ी शक्ति है, और समानता की दिशा में आगे बढ़ना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। राष्ट्रीय पत्रकार संगठन, दिल्ली शिवपाल सिंह एडिटर इन चीफ, उत्तर प्रदेश
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    भारत में आरक्षण, भूमि स्वामित्व और सामाजिक समानता जैसे विषय लंबे समय से सार्वजनिक विमर्श का हिस्सा रहे हैं। ये मुद्दे केवल राजनीतिक बहस तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों से जुड़े हुए हैं।
आरक्षण का मूल उद्देश्य
भारत में आरक्षण व्यवस्था भारतीय संविधान के प्रावधानों के तहत सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों को समान अवसर प्रदान करने के लिए बनाई गई। इसका उद्देश्य ऐतिहासिक रूप से वंचित समुदायों को शिक्षा, सरकारी सेवाओं और राजनीतिक प्रतिनिधित्व में उचित भागीदारी देना है।
आरक्षण किसी वर्ग के विरुद्ध नहीं, बल्कि समान अवसर सुनिश्चित करने का एक संवैधानिक साधन है।
भूमि और संपत्ति का प्रश्न
स्वतंत्रता के बाद भूमि सुधार के लिए कई कदम उठाए गए। जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में जमींदारी उन्मूलन जैसे कानून लागू किए गए, जिनका उद्देश्य भूमि के असमान वितरण को कम करना था।
इसके बावजूद, आज भी भूमि स्वामित्व में असमानता एक वास्तविक सामाजिक-आर्थिक चुनौती है। यह समस्या केवल जातिगत आधार पर नहीं, बल्कि आर्थिक स्थिति, क्षेत्रीय नीतियों और ऐतिहासिक परिस्थितियों से भी जुड़ी है।
इतिहास और युद्ध की वास्तविकता
भारतीय इतिहास बहुस्तरीय और जटिल है। यह कहना कि किसी एक जाति या वर्ग ने कभी युद्ध नहीं लड़ा, ऐतिहासिक तथ्यों के अनुरूप नहीं है।
उदाहरण के लिए, महाराणा प्रताप और छत्रपति शिवाजी महाराज जैसे शासकों ने स्वयं युद्ध का नेतृत्व किया और संघर्षों में सक्रिय भूमिका निभाई। इतिहास को समग्र दृष्टि से समझना आवश्यक है, न कि आंशिक कथनों के आधार पर।
आगे का रास्ता
सामाजिक समानता का प्रश्न केवल आरक्षण या भूमि स्वामित्व तक सीमित नहीं है। इसके लिए व्यापक दृष्टिकोण आवश्यक है:
शिक्षा तक समान पहुँच
आर्थिक अवसरों का विस्तार
कानून का निष्पक्ष और प्रभावी पालन
सामाजिक संवाद और आपसी सम्मान
समाज में स्थायी बदलाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया, संवाद और संवैधानिक मूल्यों के पालन से आता है — टकराव से नहीं। भारत की विविधता उसकी सबसे बड़ी शक्ति है, और समानता की दिशा में आगे बढ़ना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।
राष्ट्रीय पत्रकार संगठन, दिल्ली
शिवपाल सिंह
एडिटर इन चीफ, उत्तर प्रदेश
    user_SHIVPAL SINGH
    SHIVPAL SINGH
    Publisher उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    23 hrs ago
  • जालौन ब्रेकिंग न्यूज़ जालौन–बंगरा मार्ग पर फिर रफ्तार का कहर, दो बाइक आमने-सामने भिड़ीं Jalaun। जालौन–बंगरा मार्ग पर एक बार फिर तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला। सुढार बंबा के पास दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने टक्कर हो गई, जिसमें दो युवक घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों बाइक सवार बंगरा की ओर जा रहे थे। इसी दौरान एक बाइक चालक ने अचानक मोड़ लिया, जिससे पीछे आ रहे दूसरे बाइक सवार की जोरदार टक्कर हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायलों की पहचान अंशुल कुमार (निवासी ग्राम सिरसादोगढ़ी) एवं रविंद्र कुमार (निवासी ग्राम मझीड) के रूप में हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और एंबुलेंस की मदद से दोनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) जालौन भिजवाया गया। छिरिया सलेमपुर मलिकपुरा चौकी प्रभारी अजीत सिंह शर्मा व एसआई सुरेश चंद्र यादव ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और यातायात व्यवस्था को सुचारू कराया। स्थानीय लोगों का कहना है कि जालौन–बंगरा मार्ग पर लगातार हो रहे हादसे प्रशासन के लिए चिंता का विषय हैं। लोगों ने इस मार्ग पर सख्त यातायात नियंत्रण और सुरक्षा उपाय बढ़ाने की मांग की है। ✍️ संजय कुमार पत्रकार जालौन
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    जालौन ब्रेकिंग न्यूज़
जालौन–बंगरा मार्ग पर फिर रफ्तार का कहर, दो बाइक आमने-सामने भिड़ीं
Jalaun। जालौन–बंगरा मार्ग पर एक बार फिर तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला। सुढार बंबा के पास दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने टक्कर हो गई, जिसमें दो युवक घायल हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों बाइक सवार बंगरा की ओर जा रहे थे। इसी दौरान एक बाइक चालक ने अचानक मोड़ लिया, जिससे पीछे आ रहे दूसरे बाइक सवार की जोरदार टक्कर हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
घायलों की पहचान अंशुल कुमार (निवासी ग्राम सिरसादोगढ़ी) एवं रविंद्र कुमार (निवासी ग्राम मझीड) के रूप में हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और एंबुलेंस की मदद से दोनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) जालौन भिजवाया गया।
छिरिया सलेमपुर मलिकपुरा चौकी प्रभारी अजीत सिंह शर्मा व एसआई सुरेश चंद्र यादव ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और यातायात व्यवस्था को सुचारू कराया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जालौन–बंगरा मार्ग पर लगातार हो रहे हादसे प्रशासन के लिए चिंता का विषय हैं। लोगों ने इस मार्ग पर सख्त यातायात नियंत्रण और सुरक्षा उपाय बढ़ाने की मांग की है।
✍️ संजय कुमार पत्रकार जालौन
    user_Sanjay kumar Pattakar
    Sanjay kumar Pattakar
    जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    59 min ago
  • #जालौन के उरई में न्यायालय के बाहर दिनदहाड़े मारपीट का वीडियो वायरल आपसी कहासुनी अचानक हिंसक रूप में बदल गई, एक युवक पर हमला वीडियो में कई लोग मिलकर युवक को बेरहमी से पीटते दिख रहे हैं मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी मूकदर्शक बने खड़े कानून के मंदिर के बाहर गुंडागर्दी ने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई, जांच शुरू मामला उरई कोतवाली क्षेत्र के जिला न्यायालय के बाहर का है l
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    #जालौन के उरई में न्यायालय के बाहर दिनदहाड़े मारपीट का वीडियो वायरल
आपसी कहासुनी अचानक हिंसक रूप में बदल गई, एक युवक पर हमला
वीडियो में कई लोग मिलकर युवक को बेरहमी से पीटते दिख रहे हैं
मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी मूकदर्शक बने खड़े
कानून के मंदिर के बाहर गुंडागर्दी ने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई, जांच शुरू
मामला उरई कोतवाली क्षेत्र के जिला न्यायालय के बाहर का है l
    user_Dev Patel
    Dev Patel
    रिपोर्टर कालपी, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • *जिलाधिकारी ने तहसील भोगनीपुर का किया निरीक्षण, व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के दिए निर्देश* कानपुर देहात!जिलाधिकारी कपिल सिंह ने आज तहसील भोगनीपुर का निरीक्षण कर तहसील परिसर की व्यवस्थाओं, अभिलेखों के रखरखाव एवं जनसेवा से संबंधित व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न पटलों का अवलोकन करते हुए अभिलेखों एवं पत्रावलियों की स्थिति की गहन समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। जिलाधिकारी ने कर्मचारियों से अलमारियां खुलवाकर पत्रावलियों के रखरखाव की जांच की और निर्देशित किया कि सभी अभिलेख सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं श्रेणीबद्ध ढंग से संधारित किए जाएं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें शीघ्र उपलब्ध कराया जा सके। रिकॉर्ड रूम का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने साफ-सफाई, अभिलेखों के वैज्ञानिक संरक्षण एवं व्यवस्थित संधारण पर विशेष बल दिया। उन्होंने नजारत शाखा एवं संग्रह अनुभाग का भी निरीक्षण कर राजकीय अभिलेखों एवं सामग्रियों के रखरखाव की जानकारी प्राप्त की तथा लंबित पत्रावलियों के शीघ्र एवं समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए। कार्यों में पारदर्शिता एवं जवाबदेही बनाए रखने पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान सब रजिस्ट्रार के अनुपस्थित पाए जाने पर एक दिन का वेतन काटने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने तहसीलदार न्यायालय, नायब तहसीलदार न्यायालय, रजिस्ट्री कक्ष, मतदाता पंजीकरण कक्ष, अभिलेखागार, चकबन्दी कार्यालय आदि तथा एसआईआर (विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण) से संबंधित कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने मतदाता सूची से जुड़े कार्यों को पूरी सतर्कता, पारदर्शिता एवं निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। रजिस्ट्री कक्ष में दस्तावेजों के पंजीकरण कार्य को सुव्यवस्थित एवं सुचारु रूप से संचालित करने पर बल दिया। तहसील परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था का जायजा लेते हुए जिलाधिकारी ने परिसर को स्वच्छ, सुंदर एवं व्यवस्थित बनाए रखने हेतु नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तहसील में आने वाले आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। जिलाधिकारी ने उपस्थित उपजिलाधिकारी एवं तहसीलदार को निर्देशित किया कि प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से 12 बजे तक अनिवार्य रूप से जनसुनवाई की जाए तथा फरियादियों की शिकायतों एवं समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आमजन के साथ मधुर व्यवहार रखने, समय से कार्यालय में उपस्थित रहने तथा अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) दिग्विजय सिंह, उपजिलाधिकारी भोगनीपुर, तहसीलदार सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
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    *जिलाधिकारी ने तहसील भोगनीपुर का किया निरीक्षण, व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के दिए निर्देश*
कानपुर देहात!जिलाधिकारी कपिल सिंह ने आज तहसील भोगनीपुर का निरीक्षण कर तहसील परिसर की व्यवस्थाओं, अभिलेखों के रखरखाव एवं जनसेवा से संबंधित व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न पटलों का अवलोकन करते हुए अभिलेखों एवं पत्रावलियों की स्थिति की गहन समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। जिलाधिकारी ने कर्मचारियों से अलमारियां खुलवाकर पत्रावलियों के रखरखाव की जांच की और निर्देशित किया कि सभी अभिलेख सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं श्रेणीबद्ध ढंग से संधारित किए जाएं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें शीघ्र उपलब्ध कराया जा सके। रिकॉर्ड रूम का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने साफ-सफाई, अभिलेखों के वैज्ञानिक संरक्षण एवं व्यवस्थित संधारण पर विशेष बल दिया। उन्होंने नजारत शाखा एवं संग्रह अनुभाग का भी निरीक्षण कर राजकीय अभिलेखों एवं सामग्रियों के रखरखाव की जानकारी प्राप्त की तथा लंबित पत्रावलियों के शीघ्र एवं समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए। कार्यों में पारदर्शिता एवं जवाबदेही बनाए रखने पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान सब रजिस्ट्रार के अनुपस्थित पाए जाने पर एक दिन का वेतन काटने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने तहसीलदार न्यायालय, नायब तहसीलदार न्यायालय, रजिस्ट्री कक्ष, मतदाता पंजीकरण कक्ष, अभिलेखागार, चकबन्दी कार्यालय आदि तथा एसआईआर (विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण) से संबंधित कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने मतदाता सूची से जुड़े कार्यों को पूरी सतर्कता, पारदर्शिता एवं निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। रजिस्ट्री कक्ष में दस्तावेजों के पंजीकरण कार्य को सुव्यवस्थित एवं सुचारु रूप से संचालित करने पर बल दिया। तहसील परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था का जायजा लेते हुए जिलाधिकारी ने परिसर को स्वच्छ, सुंदर एवं व्यवस्थित बनाए रखने हेतु नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तहसील में आने वाले आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। जिलाधिकारी ने उपस्थित उपजिलाधिकारी एवं तहसीलदार को निर्देशित किया कि प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से 12 बजे तक अनिवार्य रूप से जनसुनवाई की जाए तथा फरियादियों की शिकायतों एवं समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आमजन के साथ मधुर व्यवहार रखने, समय से कार्यालय में उपस्थित रहने तथा अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) दिग्विजय सिंह, उपजिलाधिकारी भोगनीपुर, तहसीलदार सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
    user_भानु प्रताप सिंह कानपुर देहात
    भानु प्रताप सिंह कानपुर देहात
    संवाददाता कानपुर देहात सिकंदरा, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • बांदा। कोर्ट ने सुनाई फांसी/मृत्युदंड की सजा।जज बोले आरोपी को आखिरी सांस तक फांसी मे लटकाना। सिंचाई विभाग के जेई रहे रामभवन पटेल व उसकी पत्नी को पाक्सो कोर्ट ने नाबालिग बच्चों के साथ कुकृत्य करने व उनके वीडियो विदेशों में बेचने के जुर्म में सीबीआई ने चार्जशीट दाखिल की थी।जिसमे आज आरोपी रामभवन व उसकी पत्नी को मृत्युदंड की सजा सुनाई गई।
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    बांदा। कोर्ट ने सुनाई फांसी/मृत्युदंड की सजा।जज बोले आरोपी को आखिरी सांस तक फांसी मे लटकाना।
सिंचाई विभाग के जेई रहे रामभवन पटेल व उसकी पत्नी को पाक्सो कोर्ट ने नाबालिग बच्चों के साथ कुकृत्य करने व उनके वीडियो विदेशों में बेचने के जुर्म में सीबीआई ने चार्जशीट दाखिल की थी।जिसमे आज आरोपी रामभवन व उसकी पत्नी को मृत्युदंड की सजा सुनाई गई।
    user_Harsh Samvad
    Harsh Samvad
    Newspaper publisher उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
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