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बिहार सरकार के पूर्व मंत्री स्व. तुलसीदास मेहता जी की स्मृति सभा सम्पन्न, वक्ताओं ने किया नमन बिहार सरकार के पूर्व मंत्री स्व. तुलसीदास मेहता जी की स्मृति सभा सम्पन्न, वक्ताओं ने किया नमन बिहार सरकार के पूर्व मंत्री, समता-सादगी और समाजवाद के प्रखर नायक स्वर्गीय तुलसीदास मेहता की स्मृति दिवस पर समस्तीपुर विकास मंच के द्वारा श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता व्यवसायी सह समाजसेवी हरेंद्र कुमार राय, संचालन छात्र राजद के प्रांतीय उपाध्यक्ष मुकेश यादव ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन अधिवक्ता सह समाजसेवी मो. शाहिद हुसैन ने किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समस्तीपुर विकास मंच के जिला संयोजक सह राजद जिला प्रवक्ता राकेश कुमार ठाकुर जी ने कहा कि स्व. तुलसीदास मेहता जी 1962 में सोशलिस्ट पार्टी से पहला चुनाव जीते और 1969, 1985, 1990, 1995 में लगातार जीत दर्ज की। वे जननायक कर्पूरी ठाकुर जी और बाद में लालू प्रसाद यादव जी के कैबिनेट में कैबिनेट मंत्री रहे। उन्होंने आजीवन गरीब, वंचित, पिछड़े और किसानों की लड़ाई लड़ी। उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनका सादगी भरा जीवन आज के जनप्रतिनिधियों के लिए प्रेरणास्रोत है। हम सब उनके बताए समाजवाद के रास्ते पर चलने का संकल्प लेते हैं। इस अवसर पर व्यवसायी हरेंद्र कुमार राय , छात्र नेता मुकेश यादव , अधिवक्ता मो. शाहिद हुसैन , वरीय पत्रकार शिवचंद्र झा, समाजसेवी संदीप सरकार एवं स्थानीय गणमान्य लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे। अंत में स्व. मेहता जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई।

10 hrs ago
user_Pankaj Baba
Pankaj Baba
सिंघिया, समस्तीपुर, बिहार•
10 hrs ago

बिहार सरकार के पूर्व मंत्री स्व. तुलसीदास मेहता जी की स्मृति सभा सम्पन्न, वक्ताओं ने किया नमन बिहार सरकार के पूर्व मंत्री स्व. तुलसीदास मेहता जी की स्मृति सभा सम्पन्न, वक्ताओं ने किया नमन बिहार सरकार के पूर्व मंत्री, समता-सादगी और समाजवाद के प्रखर नायक स्वर्गीय तुलसीदास मेहता की स्मृति दिवस पर समस्तीपुर विकास मंच के द्वारा श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता व्यवसायी सह समाजसेवी हरेंद्र कुमार राय, संचालन छात्र राजद के प्रांतीय उपाध्यक्ष मुकेश यादव ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन अधिवक्ता सह समाजसेवी मो. शाहिद हुसैन ने किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समस्तीपुर विकास मंच के जिला संयोजक सह राजद जिला प्रवक्ता राकेश कुमार ठाकुर जी ने कहा कि स्व. तुलसीदास मेहता जी 1962 में सोशलिस्ट पार्टी से पहला चुनाव जीते और 1969, 1985, 1990, 1995 में लगातार जीत दर्ज की। वे जननायक कर्पूरी ठाकुर जी और बाद में लालू प्रसाद यादव जी के कैबिनेट में कैबिनेट मंत्री रहे। उन्होंने आजीवन गरीब, वंचित, पिछड़े और किसानों की लड़ाई लड़ी। उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनका सादगी भरा जीवन आज के जनप्रतिनिधियों के लिए प्रेरणास्रोत है। हम सब उनके बताए समाजवाद के रास्ते पर चलने का संकल्प लेते हैं। इस अवसर पर व्यवसायी हरेंद्र कुमार राय , छात्र नेता मुकेश यादव , अधिवक्ता मो. शाहिद हुसैन , वरीय पत्रकार शिवचंद्र झा, समाजसेवी संदीप सरकार एवं स्थानीय गणमान्य लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे। अंत में स्व. मेहता जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई।

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  • सिंघिया में सांड के हमले से घायल मजदूर की मौत,3 बच्चों के सिर से उठा पिता का साया! समस्तीपुर जिले के सिंघिया थाना क्षेत्र के रामपुर बहोर गांव निवासी 45 वर्षीय मजदूर भोलाराम की आज पटना के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। 5 दिन पूर्व सांड की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। घटना के बाद परिजनों ने उन्हें बचाने के लिए कई अस्पतालों में इलाज कराया, लेकिन उनकी हालत लगातार गंभीर बनी रही। रविवार को मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। वहीं गांव में भी शोक की लहर दौड़ गई। वहीं मृतक के चाचा ने बताया कि 5 दिन पहले भोला राम सांड की चपेट में आकर बुरी तरह जख्मी हो गए थे। सांड के हमले में उनके हाथ और पैर में फ्रैक्चर हो गया था। इसके अलावा शरीर के अंदरूनी हिस्सों, विशेषकर किडनी में भी गंभीर चोट आई थी। घटना के बाद परिजन तत्काल उन्हें इलाज के लिए रोसड़ा के शर्मा अस्पताल ले गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन उन्हें दरभंगा R B मेमोरियल, IGIMS पटना ले गए, जहां उनका इलाज कराया गया। वहां से भी रेफर किए जाने के बाद पटना के ही एक निजी अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था। लेकिन आज उनकी मौत हो गई। एबुलेंस का सायरन सुनते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण उनके घर की ओर पहुंच गए। शव के घर पहुंचते ही परिजनों के चीत्कार से माहौल गमगीन हो गया। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल था। परिवार के सदस्यों के विलाप से वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। परिजनों ने बताया कि भोला राम परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे। वह मजदूरी कर अपनी पत्नी और तीन छोटे बच्चों का भरण-पोषण करते थे। उनके परिवार में दो पुत्र और एक पुत्री हैं, जो अभी छोटे हैं। पिता की मौत के बाद तीनों बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है। वहीं, पत्नी के सिर से भी पति का सहारा छिन गया। परिवार के सामने अब बच्चों की परवरिश और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। मृतक के चाचा ने बताया कि भोलाराम के चले जाने से परिवार पूरी तरह बेसहारा हो गया है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि आर्थिक सहायता मिलने से छोटे-छोटे बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और परिवार के भरण-पोषण में कुछ सहारा मिल सकेगा। उन्होंने प्रशासन से पीड़ित परिवार को सहायता उपलब्ध कराने की अपील किए।
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    सिंघिया में सांड के हमले से घायल मजदूर की मौत,3 बच्चों के सिर से उठा पिता का साया!
समस्तीपुर जिले के सिंघिया थाना क्षेत्र के रामपुर बहोर गांव निवासी 45 वर्षीय मजदूर भोलाराम की आज पटना के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। 5 दिन पूर्व सांड की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। घटना के बाद परिजनों ने उन्हें बचाने के लिए कई अस्पतालों में इलाज कराया, लेकिन उनकी हालत लगातार गंभीर बनी रही। रविवार को मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। वहीं गांव में भी शोक की लहर दौड़ गई। वहीं मृतक के चाचा ने बताया कि 5 दिन पहले भोला राम सांड की चपेट में आकर बुरी तरह जख्मी हो गए थे। सांड के हमले में उनके हाथ और पैर में फ्रैक्चर हो गया था। इसके अलावा शरीर के अंदरूनी हिस्सों, विशेषकर किडनी में भी गंभीर चोट आई थी। घटना के बाद परिजन तत्काल उन्हें इलाज के लिए रोसड़ा के शर्मा अस्पताल ले गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन उन्हें दरभंगा R B मेमोरियल, IGIMS पटना ले गए, जहां उनका इलाज कराया गया। वहां से भी रेफर किए जाने के बाद पटना के ही एक निजी अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था। लेकिन आज उनकी मौत हो गई। एबुलेंस का सायरन सुनते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण उनके घर की ओर पहुंच गए। शव के घर पहुंचते ही परिजनों के चीत्कार से माहौल गमगीन हो गया। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल था। परिवार के सदस्यों के विलाप से वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। परिजनों ने बताया कि भोला राम परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे। वह मजदूरी कर अपनी पत्नी और तीन छोटे बच्चों का भरण-पोषण करते थे। उनके परिवार में दो पुत्र और एक पुत्री हैं, जो अभी छोटे हैं। पिता की मौत के बाद तीनों बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है। वहीं, पत्नी के सिर से भी पति का सहारा छिन गया। परिवार के सामने अब बच्चों की परवरिश और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। मृतक के चाचा ने बताया कि भोलाराम के चले जाने से परिवार पूरी तरह बेसहारा हो गया है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि आर्थिक सहायता मिलने से छोटे-छोटे बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और परिवार के भरण-पोषण में कुछ सहारा मिल सकेगा। उन्होंने प्रशासन से पीड़ित परिवार को सहायता उपलब्ध कराने की अपील किए।
    user_Pankaj Baba
    Pankaj Baba
    सिंघिया, समस्तीपुर, बिहार•
    3 hrs ago
  • ग्रामीण युवाओं ने शुद्ध पेयजल की किल्लत को दूर करने के लिए सर्वदान से चालू किया समरसेबल बिहार राज्य के समस्तीपुर जिला अंतर्गत सिंघिया प्रखंड क्षेत्र स्थित ग्राम बहदुरा के जामा मस्जिद में नमाज अदा करने वालों के लिए उठाया महत्वपूर्ण कदम
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    ग्रामीण युवाओं ने शुद्ध पेयजल की किल्लत को दूर करने के लिए सर्वदान से चालू किया समरसेबल
बिहार राज्य के समस्तीपुर जिला अंतर्गत सिंघिया प्रखंड क्षेत्र स्थित ग्राम बहदुरा के जामा मस्जिद में नमाज अदा करने वालों के लिए उठाया महत्वपूर्ण कदम
    user_Janta Star News
    Janta Star News
    Local News Reporter सिंघिया, समस्तीपुर, बिहार•
    3 hrs ago
  • हसनपुर में शुक्रवार को नवनिर्मित थाना भवन का विधिवत गृह प्रवेश किया गया। हसनपुर में नए थाना भवन का हुआ गृह प्रवेश हसनपुर (समस्तीपुर)। समस्तीपुर जिले के हसनपुर में शुक्रवार को नवनिर्मित थाना भवन का विधिवत गृह प्रवेश कराया गया। नए थाना भवन में सबसे पहले पूजा-अर्चना एवं वैदिक रीति-रिवाज के साथ गृह प्रवेश की प्रक्रिया पूरी की गई। इस दौरान पुलिस पदाधिकारियों एवं थाना कर्मियों में खासा उत्साह देखने को मिला। नए थाना भवन के निर्माण से हसनपुर थाना को बेहतर एवं आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध है। थाना परिसर में पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं के साथ-साथ आम लोगों की सुविधा को भी ध्यान में रखा गया है। नए भवन में पुलिसिंग व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी। गृह प्रवेश के अवसर पर थाना परिसर में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस पदाधिकारियों, कर्मियों एवं स्थानीय लोगों की मौजूदगी रही। विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद नए भवन में थाना का कार्य सुचारु रूप से संचालित करने की प्रक्रिया शुरू की गई। स्थानीय जनप्रतिनिधि ने नए थाना भवन के शुरू होने का स्वागत करते हुए कहा कि आधुनिक सुविधाओं से लैस नया भवन क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को और बेहतर बनाने में सहायक साबित होगा। इससे आम लोगों को भी पुलिस से संबंधित कार्यों के लिए बेहतर वातावरण मिल सकेगा। इस अवसर पर थाना अध्यक्ष सुनील कांत ने बताया कि नए थाना भवन के शुरू होने से पुलिसकर्मियों को काम करने के लिए अधिक व्यवस्थित एवं सुविधाजनक स्थान मिलेगा। वहीं, क्षेत्र में पुलिस की कार्यक्षमता बढ़ाने और आम जनता के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने में भी यह भवन महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। हसनपुर क्षेत्र में नए थाना भवन का गृह प्रवेश स्थानीय स्तर पर पुलिस प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नए भवन से थाना की कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाने तथा क्षेत्र में सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है। इस मौके पर स्थानीय जनप्रतिनिधि सिकंदर आलम, रामचंद्र पासवान, संजय गुप्ता सहित अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे
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    हसनपुर में शुक्रवार को नवनिर्मित थाना भवन का विधिवत गृह प्रवेश किया गया।
हसनपुर में नए थाना भवन का हुआ गृह प्रवेश
हसनपुर (समस्तीपुर)। समस्तीपुर जिले के हसनपुर में शुक्रवार को नवनिर्मित थाना भवन का विधिवत गृह प्रवेश कराया गया। नए थाना भवन में सबसे पहले पूजा-अर्चना एवं वैदिक रीति-रिवाज के साथ गृह प्रवेश की प्रक्रिया पूरी की गई। इस दौरान पुलिस पदाधिकारियों एवं थाना कर्मियों में खासा उत्साह देखने को मिला। नए थाना भवन के निर्माण से हसनपुर थाना को बेहतर एवं आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध है। थाना परिसर में पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं के साथ-साथ आम लोगों की सुविधा को भी ध्यान में रखा गया है। नए भवन में पुलिसिंग व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी। गृह प्रवेश के अवसर पर थाना परिसर में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस पदाधिकारियों, कर्मियों एवं स्थानीय लोगों की मौजूदगी रही। विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद नए भवन में थाना का कार्य सुचारु रूप से संचालित करने की प्रक्रिया शुरू की गई। स्थानीय जनप्रतिनिधि ने नए थाना भवन के शुरू होने का स्वागत करते हुए कहा कि आधुनिक सुविधाओं से लैस नया भवन क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को और बेहतर बनाने में सहायक साबित होगा। इससे आम लोगों को भी पुलिस से संबंधित कार्यों के लिए बेहतर वातावरण मिल सकेगा। इस अवसर पर थाना अध्यक्ष सुनील कांत ने बताया कि नए थाना भवन के शुरू होने से पुलिसकर्मियों को काम करने के लिए अधिक व्यवस्थित एवं सुविधाजनक स्थान मिलेगा। वहीं, क्षेत्र में पुलिस की कार्यक्षमता बढ़ाने और आम जनता के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने में भी यह भवन महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। हसनपुर क्षेत्र में नए थाना भवन का गृह प्रवेश स्थानीय स्तर पर पुलिस प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नए भवन से थाना की कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाने तथा क्षेत्र में सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है। इस मौके पर स्थानीय जनप्रतिनिधि सिकंदर आलम,  रामचंद्र पासवान, संजय गुप्ता सहित अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे
    user_NK (पत्रकार)
    NK (पत्रकार)
    हसनपुर, समस्तीपुर, बिहार•
    22 hrs ago
  • बिहार# सहरसा जिला के# सदर अस्पताल में चल रही# डॉक्टर की दादागिरी# पत्रकार पर हाथ उठा दियासच दिखाया,,,,,
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    बिहार# सहरसा जिला के# सदर अस्पताल में चल रही# डॉक्टर की दादागिरी# पत्रकार पर हाथ उठा दियासच दिखाया,,,,,
    user_News Bihar
    News Bihar
    बखरी, बेगूसराय, बिहार•
    13 hrs ago
  • पत्रकार से मारपीट के विरोध में छात्र संगठनों ने फूंका पुतला, कार्रवाई की मांग खबर सहरसा से है, जहां सदर अस्पताल में समाचार संकलन के दौरान प्रभात खबर डिजिटल के पत्रकार अभिषेक कुमार के साथ हुई मारपीट की घटना को लेकर आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
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    पत्रकार से मारपीट के विरोध में छात्र संगठनों ने फूंका पुतला, कार्रवाई की मांग

खबर सहरसा से है, जहां सदर अस्पताल में समाचार संकलन के दौरान प्रभात खबर डिजिटल के पत्रकार अभिषेक कुमार के साथ हुई मारपीट की घटना को लेकर आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
    user_पत्रकार हेमंत चौधरी
    पत्रकार हेमंत चौधरी
    महिषी, सहरसा, बिहार•
    14 min ago
  • समस्तीपुर में विकास की मांग को लेकर आंदोलन तेज! रेल विकास समस्तीपुर में विकास की मांग को लेकर आंदोलन तेज! नमस्कार आप देख सुन रहें है जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन (web)समस्तीपुर, बिहार से राजेश कुमार वर्मा के साथ अटेरन चौक रेल गुमटी पर ओवरब्रिज निर्माण समेत जिले की विभिन्न विकास मांगों को लेकर जिला विकास संघर्ष मोर्चा और रेल विकास-विस्तार मंच ने आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है। डीआरएम चौक पर हुई बैठक में बंद चीनी मिल और पेपर मिल को चालू कराने, दुधपूरा हवाई अड्डे का जीर्णोद्धार, नई रेल लाइनों के निर्माण और समस्तीपुर जंक्शन पर वाशिंग पिट बनाने की मांग उठी। साथ ही 20 सितंबर को निर्माणाधीन मुक्तापुर रेल ओवरब्रिज का निरीक्षण करने का फैसला लिया गया। अब देखना होगा कि इन मांगों पर सरकार और प्रशासन क्या कदम उठाते हैं। इसी तरह के संवाद के लिए हमारे चैनल को लाइक /सब्सक्राइब अवश्य करें.. समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशित व प्रसारित।
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    समस्तीपुर में विकास की मांग को लेकर आंदोलन तेज! रेल विकास 
समस्तीपुर में विकास की मांग को लेकर आंदोलन तेज!
नमस्कार आप देख सुन रहें है जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन (web)समस्तीपुर, बिहार से राजेश कुमार वर्मा के साथ 
अटेरन चौक रेल गुमटी पर ओवरब्रिज निर्माण समेत जिले की विभिन्न विकास मांगों को लेकर जिला विकास संघर्ष मोर्चा और रेल विकास-विस्तार मंच ने आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है।
डीआरएम चौक पर हुई बैठक में बंद चीनी मिल और पेपर मिल को चालू कराने, दुधपूरा हवाई अड्डे का जीर्णोद्धार, नई रेल लाइनों के निर्माण और समस्तीपुर जंक्शन पर वाशिंग पिट बनाने की मांग उठी।
साथ ही 20 सितंबर को निर्माणाधीन मुक्तापुर रेल ओवरब्रिज का निरीक्षण करने का फैसला लिया गया।
अब देखना होगा कि इन मांगों पर सरकार और प्रशासन क्या कदम उठाते हैं।
इसी तरह के संवाद के लिए हमारे चैनल को लाइक /सब्सक्राइब अवश्य करें..
समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशित व प्रसारित।
    user_Jan-Kranti hindi news bulletin
    Jan-Kranti hindi news bulletin
    Voice of people समस्तीपुर, समस्तीपुर, बिहार•
    1 hr ago
  • दरभंगा में किसानों की जमीन पर फिर संकट! अधिग्रहण के खिलाफ आंदोलन का अल्टीमेटम। बिहार में एक बार फिर किसानों की जमीन का मुद्दा गरमा गया है... दरभंगा में आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे और प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर को लेकर किसानों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। जिस जमीन पर किसान पीढ़ियों से खेती कर अपने परिवार का पेट पाल रहे हैं, क्या विकास परियोजना के नाम पर अब वही जमीन उनसे छीनी जाएगी? दरभंगा के बहादुरपुर प्रखंड के मनोरा, पोखरशाम, बलभद्रपुर और इंदिरा कॉलोनी इलाके में जमीन अधिग्रहण को लेकर किसानों के बीच बेचैनी बढ़ गई है। किसानों और उनके प्रतिनिधियों ने प्रशासन की कार्यशैली पर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। दरभंगा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जन सुराज के प्रदेश प्रवक्ता रिटायर्ड कर्नल पी.के. चौधरी और किसान मोर्चा के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया और मुआवजे को लेकर किसानों की आपत्तियों पर प्रशासन को गंभीरता से विचार करना चाहिए। अगर बाजार में जमीन की कीमत करीब 20 लाख रुपये प्रति कट्ठा बताई जा रही है, तो मुआवजे का आकलन पुराने सर्किल रेट के आधार पर क्यों? किसानों का दावा है कि दरभंगा में सर्किल रेट लंबे समय से संशोधित नहीं हुआ है और इसी वजह से उन्हें मिलने वाला मुआवजा बाजार मूल्य की तुलना में काफी कम पड़ रहा है। मामला सिर्फ मुआवजे तक सीमित नहीं है। किसान प्रतिनिधियों ने परियोजना के इनलाइनमेंट यानी प्रस्तावित मार्ग में बदलाव को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पहले प्रस्तावित नक्शे में ऐसा मार्ग था, जिससे किसानों की जमीन का नुकसान कम हो सकता था। लेकिन बाद में इनलाइनमेंट में बदलाव किया गया और अब कई किसानों की जमीन इसकी चपेट में आने की आशंका है। आखिर रूट में बदलाव क्यों किया गया? किसानों को इसकी जानकारी कब और कैसे दी गई? और क्या प्रभावित लोगों की आपत्तियों पर पर्याप्त सुनवाई हुई? किसानों का कहना है कि पिछली भारत माला परियोजना के दौरान भी मुआवजे और अधिग्रहण को लेकर कई आपत्तियां उठाई गई थीं। किसान प्रतिनिधियों के मुताबिक, कई मामले पिछले करीब ढाई साल से प्रमंडलीय आयुक्त के स्तर पर लंबित हैं। आरोप है कि सुनवाई के नाम पर किसानों को लगातार तारीखें मिल रही हैं, लेकिन समाधान अब तक नहीं हुआ। किसान प्रतिनिधियों ने परियोजना की उपयोगिता पर भी सवाल उठाया है। उनका कहना है कि जब दोनार से बेनीपुर की ओर 4-लेन सड़क और एम्स के आसपास भी सड़क निर्माण की योजनाएं चल रही हैं, तो महज करीब 2.5 किलोमीटर के हिस्से के लिए नए निर्माण की आवश्यकता क्यों महसूस की जा रही है? क्या मौजूदा सड़क व्यवस्था को बेहतर बनाकर समस्या का समाधान नहीं किया जा सकता? या फिर किसानों की जमीन अधिग्रहण ही एकमात्र विकल्प है? ये सवाल अब प्रशासन और सरकार के सामने हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि किसान प्रतिनिधियों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल नहीं हुई, तो बड़ा आंदोलन शुरू किया जा सकता है। किसानों ने सरकार और प्रशासन के सामने पांच प्रमुख मांगें रखी हैं— पहली— प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना पर तत्काल पुनर्विचार और रोक की मांग। दूसरी— जमीन के वास्तविक बाजार मूल्य का आकलन करने के लिए स्वतंत्र समिति का गठन। तीसरी— दरभंगा में लंबे समय से लंबित सर्किल रेट का तत्काल संशोधन। चौथी— प्रमंडलीय आयुक्त के स्तर पर लंबित मुआवजा मामलों की जल्द सुनवाई और निपटारा। पांचवीं— भूमि अधिग्रहण कानून, 2013 के प्रावधानों के तहत पात्र प्रभावित परिवारों को रोजगार और पुनर्वास का लाभ देने की मांग। अब सवाल सिर्फ जमीन का नहीं है... सवाल है किसान के भविष्य का। अगर जिन परिवारों ने पहले ही भारतमाला परियोजना के लिए अपनी जमीन दी है, उनकी जमीन दोबारा किसी दूसरी परियोजना की जद में आती है, तो उनके सामने रोजी-रोटी और पुनर्वास का संकट खड़ा हो सकता है। अब देखना होगा— क्या सरकार किसानों की आपत्तियों को गंभीरता से लेते हुए समाधान का रास्ता निकालेगी? क्या मुआवजे का पुनर्मूल्यांकन होगा? क्या प्रस्तावित इनलाइनमेंट पर फिर से विचार किया जाएगा? या फिर... क्या दरभंगा की धरती पर जमीन अधिग्रहण के खिलाफ एक बड़े किसान आंदोलन की शुरुआत होगी? फिलहाल किसानों की नाराजगी खुलकर सामने आ चुकी है और प्रशासन के सामने चुनौती भी बड़ी है। इस पूरे मामले पर हमारी नजर बनी हुई है।
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    दरभंगा में किसानों की जमीन पर फिर संकट! अधिग्रहण के खिलाफ आंदोलन का अल्टीमेटम।
बिहार में एक बार फिर किसानों की जमीन का मुद्दा गरमा गया है...
दरभंगा में आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे और प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर को लेकर किसानों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।
जिस जमीन पर किसान पीढ़ियों से खेती कर अपने परिवार का पेट पाल रहे हैं, क्या विकास परियोजना के नाम पर अब वही जमीन उनसे छीनी जाएगी?
दरभंगा के बहादुरपुर प्रखंड के मनोरा, पोखरशाम, बलभद्रपुर और इंदिरा कॉलोनी इलाके में जमीन अधिग्रहण को लेकर किसानों के बीच बेचैनी बढ़ गई है।
किसानों और उनके प्रतिनिधियों ने प्रशासन की कार्यशैली पर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
दरभंगा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जन सुराज के प्रदेश प्रवक्ता रिटायर्ड कर्नल पी.के. चौधरी और किसान मोर्चा के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया और मुआवजे को लेकर किसानों की आपत्तियों पर प्रशासन को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
अगर बाजार में जमीन की कीमत करीब 20 लाख रुपये प्रति कट्ठा बताई जा रही है, तो मुआवजे का आकलन पुराने सर्किल रेट के आधार पर क्यों?
किसानों का दावा है कि दरभंगा में सर्किल रेट लंबे समय से संशोधित नहीं हुआ है और इसी वजह से उन्हें मिलने वाला मुआवजा बाजार मूल्य की तुलना में काफी कम पड़ रहा है।
मामला सिर्फ मुआवजे तक सीमित नहीं है।
किसान प्रतिनिधियों ने परियोजना के इनलाइनमेंट यानी प्रस्तावित मार्ग में बदलाव को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
उनका कहना है कि पहले प्रस्तावित नक्शे में ऐसा मार्ग था, जिससे किसानों की जमीन का नुकसान कम हो सकता था।
लेकिन बाद में इनलाइनमेंट में बदलाव किया गया और अब कई किसानों की जमीन इसकी चपेट में आने की आशंका है।
आखिर रूट में बदलाव क्यों किया गया?
किसानों को इसकी जानकारी कब और कैसे दी गई?
और क्या प्रभावित लोगों की आपत्तियों पर पर्याप्त सुनवाई हुई?
किसानों का कहना है कि पिछली भारत माला परियोजना के दौरान भी मुआवजे और अधिग्रहण को लेकर कई आपत्तियां उठाई गई थीं।
किसान प्रतिनिधियों के मुताबिक, कई मामले पिछले करीब ढाई साल से प्रमंडलीय आयुक्त के स्तर पर लंबित हैं।
आरोप है कि सुनवाई के नाम पर किसानों को लगातार तारीखें मिल रही हैं, लेकिन समाधान अब तक नहीं हुआ।
किसान प्रतिनिधियों ने परियोजना की उपयोगिता पर भी सवाल उठाया है।
उनका कहना है कि जब दोनार से बेनीपुर की ओर 4-लेन सड़क और एम्स के आसपास भी सड़क निर्माण की योजनाएं चल रही हैं, तो महज करीब 2.5 किलोमीटर के हिस्से के लिए नए निर्माण की आवश्यकता क्यों महसूस की जा रही है?
क्या मौजूदा सड़क व्यवस्था को बेहतर बनाकर समस्या का समाधान नहीं किया जा सकता?
या फिर किसानों की जमीन अधिग्रहण ही एकमात्र विकल्प है?
ये सवाल अब प्रशासन और सरकार के सामने हैं।
सबसे बड़ी बात यह है कि किसान प्रतिनिधियों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल नहीं हुई, तो बड़ा आंदोलन शुरू किया जा सकता है।
किसानों ने सरकार और प्रशासन के सामने पांच प्रमुख मांगें रखी हैं—
पहली— प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना पर तत्काल पुनर्विचार और रोक की मांग।
दूसरी— जमीन के वास्तविक बाजार मूल्य का आकलन करने के लिए स्वतंत्र समिति का गठन।
तीसरी— दरभंगा में लंबे समय से लंबित सर्किल रेट का तत्काल संशोधन।
चौथी— प्रमंडलीय आयुक्त के स्तर पर लंबित मुआवजा मामलों की जल्द सुनवाई और निपटारा।
पांचवीं— भूमि अधिग्रहण कानून, 2013 के प्रावधानों के तहत पात्र प्रभावित परिवारों को रोजगार और पुनर्वास का लाभ देने की मांग।
अब सवाल सिर्फ जमीन का नहीं है...
सवाल है किसान के भविष्य का।
अगर जिन परिवारों ने पहले ही भारतमाला परियोजना के लिए अपनी जमीन दी है, उनकी जमीन दोबारा किसी दूसरी परियोजना की जद में आती है, तो उनके सामने रोजी-रोटी और पुनर्वास का संकट खड़ा हो सकता है।
अब देखना होगा—
क्या सरकार किसानों की आपत्तियों को गंभीरता से लेते हुए समाधान का रास्ता निकालेगी?
क्या मुआवजे का पुनर्मूल्यांकन होगा?
क्या प्रस्तावित इनलाइनमेंट पर फिर से विचार किया जाएगा?
या फिर...
क्या दरभंगा की धरती पर जमीन अधिग्रहण के खिलाफ एक बड़े किसान आंदोलन की शुरुआत होगी?
फिलहाल किसानों की नाराजगी खुलकर सामने आ चुकी है और प्रशासन के सामने चुनौती भी बड़ी है।
इस पूरे मामले पर हमारी नजर बनी हुई है।
    user_Raman kumar Darbhanga Tak
    Raman kumar Darbhanga Tak
    हयाघाट, दरभंगा, बिहार•
    2 hrs ago
  • बिहार सरकार के पूर्व मंत्री स्व. तुलसीदास मेहता जी की स्मृति सभा सम्पन्न, वक्ताओं ने किया नमन बिहार सरकार के पूर्व मंत्री स्व. तुलसीदास मेहता जी की स्मृति सभा सम्पन्न, वक्ताओं ने किया नमन बिहार सरकार के पूर्व मंत्री, समता-सादगी और समाजवाद के प्रखर नायक स्वर्गीय तुलसीदास मेहता की स्मृति दिवस पर समस्तीपुर विकास मंच के द्वारा श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता व्यवसायी सह समाजसेवी हरेंद्र कुमार राय, संचालन छात्र राजद के प्रांतीय उपाध्यक्ष मुकेश यादव ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन अधिवक्ता सह समाजसेवी मो. शाहिद हुसैन ने किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समस्तीपुर विकास मंच के जिला संयोजक सह राजद जिला प्रवक्ता राकेश कुमार ठाकुर जी ने कहा कि स्व. तुलसीदास मेहता जी 1962 में सोशलिस्ट पार्टी से पहला चुनाव जीते और 1969, 1985, 1990, 1995 में लगातार जीत दर्ज की। वे जननायक कर्पूरी ठाकुर जी और बाद में लालू प्रसाद यादव जी के कैबिनेट में कैबिनेट मंत्री रहे। उन्होंने आजीवन गरीब, वंचित, पिछड़े और किसानों की लड़ाई लड़ी। उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनका सादगी भरा जीवन आज के जनप्रतिनिधियों के लिए प्रेरणास्रोत है। हम सब उनके बताए समाजवाद के रास्ते पर चलने का संकल्प लेते हैं। इस अवसर पर व्यवसायी हरेंद्र कुमार राय , छात्र नेता मुकेश यादव , अधिवक्ता मो. शाहिद हुसैन , वरीय पत्रकार शिवचंद्र झा, समाजसेवी संदीप सरकार एवं स्थानीय गणमान्य लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे। अंत में स्व. मेहता जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई।
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    बिहार सरकार के पूर्व मंत्री स्व. तुलसीदास मेहता जी की स्मृति सभा सम्पन्न, वक्ताओं ने किया नमन

बिहार सरकार के पूर्व मंत्री स्व. तुलसीदास मेहता जी की स्मृति सभा सम्पन्न, वक्ताओं ने किया नमन
बिहार सरकार के पूर्व मंत्री, समता-सादगी और समाजवाद के प्रखर नायक स्वर्गीय तुलसीदास मेहता की स्मृति दिवस पर समस्तीपुर विकास मंच के द्वारा श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता व्यवसायी सह समाजसेवी हरेंद्र कुमार राय, संचालन छात्र राजद के प्रांतीय उपाध्यक्ष मुकेश यादव ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन अधिवक्ता सह समाजसेवी मो. शाहिद हुसैन ने किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समस्तीपुर विकास मंच के जिला संयोजक सह राजद जिला प्रवक्ता राकेश कुमार ठाकुर जी ने कहा कि स्व. तुलसीदास मेहता जी 1962 में सोशलिस्ट पार्टी से पहला चुनाव जीते और 1969, 1985, 1990, 1995 में लगातार जीत दर्ज की। वे जननायक कर्पूरी ठाकुर जी और बाद में लालू प्रसाद यादव जी के कैबिनेट में कैबिनेट मंत्री रहे। उन्होंने आजीवन गरीब, वंचित, पिछड़े और किसानों की लड़ाई लड़ी। उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनका सादगी भरा जीवन आज के जनप्रतिनिधियों के लिए प्रेरणास्रोत है। हम सब उनके बताए समाजवाद के रास्ते पर चलने का संकल्प लेते हैं।
इस अवसर पर व्यवसायी हरेंद्र कुमार राय , छात्र नेता मुकेश यादव , अधिवक्ता मो. शाहिद हुसैन , वरीय पत्रकार शिवचंद्र झा, समाजसेवी संदीप सरकार  एवं स्थानीय गणमान्य लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे। अंत में स्व. मेहता जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई।
    user_Pankaj Baba
    Pankaj Baba
    सिंघिया, समस्तीपुर, बिहार•
    10 hrs ago
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