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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मधुबनी के नगर भवन में जिला प्रशासन द्वारा एक विशेष योग कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि माननीय विधायक श्री माधव आनंद, अपर समाहर्ता श्री मुकेश रंजन, उप निदेशक सह जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्री परिमल कुमार तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम की शुरुआत में कला जत्था की टीम ने स्वागत गान और योग गीत प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों को योग के महत्व से अवगत कराया, जिसके बाद प्रशिक्षित योग गुरु के निर्देशन में सामूहिक योगाभ्यास कराया गया। इसमें बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर माननीय विधायक श्री माधव आनंद ने संबोधित करते हुए कहा कि योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत है, जो अब पूरे विश्व में मानव कल्याण का माध्यम बन चुका है। उन्होंने योग को केवल शारीरिक व्यायाम न मानकर मानसिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक संतुलन स्थापित करने की एक वैज्ञानिक पद्धति बताया, जो वर्तमान भागदौड़ भरी जिंदगी में व्यक्ति को स्वस्थ और ऊर्जावान बनाए रखने का प्रभावी साधन है। विधायक ने सभी से दैनिक जीवन में योग को अपनाने का आग्रह किया ताकि स्वस्थ शरीर के साथ स्वस्थ मस्तिष्क का भी विकास हो सके। जिलाधिकारी श्री आनंद शर्मा ने अपने संदेश में योग को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताया, जो शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करता है। उन्होंने इसे स्वस्थ जीवनशैली के लिए सरल और प्रभावी उपाय बताते हुए जिले के सभी नागरिकों से प्रतिदिन योग करने और परिवार व समाज को भी प्रेरित करने की अपील की, क्योंकि स्वस्थ नागरिक ही विकसित समाज और सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होते हैं। कार्यक्रम के दौरान योग के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से सेल्फी अभियान और हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया, जिसमें उपस्थित लोगों ने योग को नियमित जीवनचर्या में शामिल करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में अपर समाहर्ता श्री मुकेश रंजन ने धन्यवाद ज्ञापन किया और सभी प्रतिभागियों, अधिकारियों, कर्मियों तथा सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के विधिवत समापन की घोषणा की। इस दौरान उप निदेशक सह जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्री परिमल कुमार, सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा श्री नितेश कुमार पाठक, जिला आयुष चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. प्रेम लता, डीपीओ नमामि गंगे श्री आनंद अंकित सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, मीडिया प्रतिनिधि, स्थानीय कलाकार और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। जिला प्रशासन ने सभी जिलेवासियों से नियमित योग अपनाकर स्वस्थ, सकारात्मक और तनावमुक्त जीवनशैली विकसित करने का आह्वान किया।

8 hrs ago
user_तेज नारायण ब्रम्हर्षी
तेज नारायण ब्रम्हर्षी
Local News Reporter मधुबनी, मधुबनी, बिहार•
8 hrs ago
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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मधुबनी के नगर भवन में जिला प्रशासन द्वारा एक विशेष योग कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि माननीय विधायक श्री माधव आनंद, अपर समाहर्ता श्री मुकेश रंजन, उप निदेशक सह जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्री परिमल कुमार तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम की शुरुआत में कला जत्था की टीम ने स्वागत गान और योग गीत प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों को योग के महत्व से अवगत कराया, जिसके बाद प्रशिक्षित योग गुरु के निर्देशन में सामूहिक योगाभ्यास कराया गया। इसमें बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मियों, विद्यार्थियों और

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आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर माननीय विधायक श्री माधव आनंद ने संबोधित करते हुए कहा कि योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत है, जो अब पूरे विश्व में मानव कल्याण का माध्यम बन चुका है। उन्होंने योग को केवल शारीरिक व्यायाम न मानकर मानसिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक संतुलन स्थापित करने की एक वैज्ञानिक पद्धति बताया, जो वर्तमान भागदौड़ भरी जिंदगी में व्यक्ति को स्वस्थ और ऊर्जावान बनाए रखने का प्रभावी साधन है। विधायक ने सभी से दैनिक जीवन में योग को अपनाने का आग्रह किया ताकि स्वस्थ शरीर के साथ स्वस्थ मस्तिष्क का भी विकास हो सके। जिलाधिकारी श्री आनंद शर्मा ने अपने

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संदेश में योग को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताया, जो शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करता है। उन्होंने इसे स्वस्थ जीवनशैली के लिए सरल और प्रभावी उपाय बताते हुए जिले के सभी नागरिकों से प्रतिदिन योग करने और परिवार व समाज को भी प्रेरित करने की अपील की, क्योंकि स्वस्थ नागरिक ही विकसित समाज और सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होते हैं। कार्यक्रम के दौरान योग के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से सेल्फी अभियान और हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया, जिसमें उपस्थित लोगों ने योग को नियमित जीवनचर्या में शामिल करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में अपर समाहर्ता श्री

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मुकेश रंजन ने धन्यवाद ज्ञापन किया और सभी प्रतिभागियों, अधिकारियों, कर्मियों तथा सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के विधिवत समापन की घोषणा की। इस दौरान उप निदेशक सह जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्री परिमल कुमार, सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा श्री नितेश कुमार पाठक, जिला आयुष चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. प्रेम लता, डीपीओ नमामि गंगे श्री आनंद अंकित सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, मीडिया प्रतिनिधि, स्थानीय कलाकार और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। जिला प्रशासन ने सभी जिलेवासियों से नियमित योग अपनाकर स्वस्थ, सकारात्मक और तनावमुक्त जीवनशैली विकसित करने का आह्वान किया।

More news from बिहार and nearby areas
  • मधुबनी जिले के बिस्फी प्रखंड की परसौनी दक्षिणी पंचायत के ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाओं के मोर्चे पर एक बड़ी सौगात मिली है। पंचायत में अब एम्बुलेंस सेवा विधिवत शुरू कर दी गई है, साथ ही एक नए स्वास्थ्य उपकेंद्र का भी उद्घाटन किया गया है। मुखिया प्रतिनिधि शाहिद हुसैन की पहल से यह संभव हो पाया है, जिससे अब स्थानीय लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं अपने ही पंचायत क्षेत्र में उपलब्ध हो सकेंगी। इस महत्वपूर्ण पहल के कारण मरीजों को इलाज के लिए अब दूर-दराज के अस्पतालों तक जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इसके अलावा, आपातकालीन स्थितियों में एम्बुलेंस सेवा भी तत्काल मुहैया होगी, जिससे लोगों को समय पर चिकित्सा सहायता मिल पाएगी। इस कदम को ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने और आम नागरिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में एक अहम प्रयास माना जा रहा है, जो क्षेत्र के विकास में भी सहायक होगा।
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    मधुबनी जिले के बिस्फी प्रखंड की परसौनी दक्षिणी पंचायत के ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाओं के मोर्चे पर एक बड़ी सौगात मिली है। पंचायत में अब एम्बुलेंस सेवा विधिवत शुरू कर दी गई है, साथ ही एक नए स्वास्थ्य उपकेंद्र का भी उद्घाटन किया गया है। मुखिया प्रतिनिधि शाहिद हुसैन की पहल से यह संभव हो पाया है, जिससे अब स्थानीय लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं अपने ही पंचायत क्षेत्र में उपलब्ध हो सकेंगी।

इस महत्वपूर्ण पहल के कारण मरीजों को इलाज के लिए अब दूर-दराज के अस्पतालों तक जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इसके अलावा, आपातकालीन स्थितियों में एम्बुलेंस सेवा भी तत्काल मुहैया होगी, जिससे लोगों को समय पर चिकित्सा सहायता मिल पाएगी। इस कदम को ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने और आम नागरिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में एक अहम प्रयास माना जा रहा है, जो क्षेत्र के विकास में भी सहायक होगा।
    user_Reporter Seraj
    Reporter Seraj
    मधुबनी, मधुबनी, बिहार•
    4 hrs ago
  • बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार एक विशेष योगाभ्यास सत्र में शामिल हुए। इस दौरान, दोनों ने पूरी लगन से योगासन किए और अपनी क्षमतानुसार अधिकतम झुकने का प्रयास करते हुए दिखाई दिए।
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    बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार एक विशेष योगाभ्यास सत्र में शामिल हुए। इस दौरान, दोनों ने पूरी लगन से योगासन किए और अपनी क्षमतानुसार अधिकतम झुकने का प्रयास करते हुए दिखाई दिए।
    user_PTB gramin
    PTB gramin
    News Anchor Darbhanga, Bihar•
    2 hrs ago
  • बिहार के आरा में हुआ भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामला अब एक बेहद संवेदनशील और गंभीर मोड़ पर आ गया है। इस एनकाउंटर की सच्चाई पर अब बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने ही सबसे बड़ा सवाल उठाया है, जिन्होंने पुलिसिया कार्रवाई को पूरी तरह कटघरे में खड़ा करते हुए इसे 'एनकाउंटर' मानने से साफ इनकार कर दिया है और इसे 'प्रथम दृष्ट्या हत्या' का मामला बताया है। अयोध्या से जारी एक वीडियो संदेश में पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने बेहद तल्ख लहजे में कहा कि मृतक भरत तिवारी कोई पेशेवर अपराधी, डकैत, रंगदार या आतंकवादी नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह स्थानीय लोगों और जवनिया गांव के विस्थापितों की समस्याओं के लिए लड़ने वाला एक व्यक्ति था। पूर्व डीजीपी ने सोशल मीडिया पर वायरल क्लिपिंग्स का हवाला देते हुए पुलिस की थ्योरी की धज्जियां उड़ा दी हैं। पूर्व डीजीपी ने जो सवाल उठाए हैं, वे कानून व्यवस्था और पुलिस की ट्रेनिंग को शर्मसार करने वाले हैं। उन्होंने पूछा कि जब पुलिस खुद मान रही है कि भरत तिवारी मानसिक रूप से विक्षिप्त यानी इमोशनली अनबैलेंस था, तो एक बीमार व्यक्ति पर इतनी बर्बरता क्यों की गई? उनका दूसरा सवाल था कि भरत तिवारी के हाथ में जो पिस्टल थी, उसकी मारक क्षमता महज 30 मीटर होती है, जबकि पुलिस बल उससे 200 मीटर की दूरी पर था; ऐसे में पुलिस को कौन सा जानलेवा खतरा था? तीसरा और सबसे बड़ा सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि वीडियो में साफ दिख रहा है कि भरत तिवारी ने अपना हथियार फेंक दिया था, वह निहत्था हो चुका था और सरेंडर कर रहा था, तो फिर निहत्थे शख्स पर आधुनिक हथियारों से गोलियों की बौछार क्यों की गई? गुप्तेश्वर पांडेय ने साफ शब्दों में कहा है कि पुलिस को गाली देना या परेशान करना किसी की जान लेने का लाइसेंस नहीं बन जाता। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने अपने अहंकार को चोट पहुंचने के कारण आपा खोया और एक निहत्थे की जान ले ली। उन्होंने मुख्यमंत्री और मौजूदा डीजीपी से मांग की है कि इस मामले में तुरंत एफआईआर दर्ज हो, दोषी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी हो और माननीय उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में एसआईटी जांच कराई जाए। खाकी पर लगे इस गहरे दाग के बाद अब प्रशासन क्या जवाब देगा, इस पर हमारी नजर बनी रहेगी।
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    बिहार के आरा में हुआ भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामला अब एक बेहद संवेदनशील और गंभीर मोड़ पर आ गया है। इस एनकाउंटर की सच्चाई पर अब बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने ही सबसे बड़ा सवाल उठाया है, जिन्होंने पुलिसिया कार्रवाई को पूरी तरह कटघरे में खड़ा करते हुए इसे 'एनकाउंटर' मानने से साफ इनकार कर दिया है और इसे 'प्रथम दृष्ट्या हत्या' का मामला बताया है।

अयोध्या से जारी एक वीडियो संदेश में पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने बेहद तल्ख लहजे में कहा कि मृतक भरत तिवारी कोई पेशेवर अपराधी, डकैत, रंगदार या आतंकवादी नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह स्थानीय लोगों और जवनिया गांव के विस्थापितों की समस्याओं के लिए लड़ने वाला एक व्यक्ति था। पूर्व डीजीपी ने सोशल मीडिया पर वायरल क्लिपिंग्स का हवाला देते हुए पुलिस की थ्योरी की धज्जियां उड़ा दी हैं।

पूर्व डीजीपी ने जो सवाल उठाए हैं, वे कानून व्यवस्था और पुलिस की ट्रेनिंग को शर्मसार करने वाले हैं। उन्होंने पूछा कि जब पुलिस खुद मान रही है कि भरत तिवारी मानसिक रूप से विक्षिप्त यानी इमोशनली अनबैलेंस था, तो एक बीमार व्यक्ति पर इतनी बर्बरता क्यों की गई? उनका दूसरा सवाल था कि भरत तिवारी के हाथ में जो पिस्टल थी, उसकी मारक क्षमता महज 30 मीटर होती है, जबकि पुलिस बल उससे 200 मीटर की दूरी पर था; ऐसे में पुलिस को कौन सा जानलेवा खतरा था? तीसरा और सबसे बड़ा सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि वीडियो में साफ दिख रहा है कि भरत तिवारी ने अपना हथियार फेंक दिया था, वह निहत्था हो चुका था और सरेंडर कर रहा था, तो फिर निहत्थे शख्स पर आधुनिक हथियारों से गोलियों की बौछार क्यों की गई?

गुप्तेश्वर पांडेय ने साफ शब्दों में कहा है कि पुलिस को गाली देना या परेशान करना किसी की जान लेने का लाइसेंस नहीं बन जाता। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने अपने अहंकार को चोट पहुंचने के कारण आपा खोया और एक निहत्थे की जान ले ली। उन्होंने मुख्यमंत्री और मौजूदा डीजीपी से मांग की है कि इस मामले में तुरंत एफआईआर दर्ज हो, दोषी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी हो और माननीय उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में एसआईटी जांच कराई जाए। खाकी पर लगे इस गहरे दाग के बाद अब प्रशासन क्या जवाब देगा, इस पर हमारी नजर बनी रहेगी।
    user_Nitesh Sinha
    Nitesh Sinha
    गोरा बौरम, दरभंगा, बिहार•
    23 hrs ago
  • मधुबनी जिला के जयनगर थाना परिसर में मुहर्रम पर्व की तैयारियों और विधि-व्यवस्था को लेकर शनिवार को अनुमंडल प्रशासन द्वारा एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता एसडीएम दीपक कुमार ने की, जिसमें विभिन्न अखाड़ा कमेटियों के सदस्यों, राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं और गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। प्रशासन ने मुहर्रम मनाने से संबंधित विस्तृत जानकारी ली और कई अहम निर्णय लेते हुए अखाड़ा कमेटियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उपस्थित लोगों ने बताया कि मुहर्रम का त्योहार दो दिवसीय होगा, जो 25 और 26 जून को मनाया जाएगा। 25 जून को विभिन्न अखाड़ों की कमेटियां शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में झांकियों के साथ जुलूस निकालेगी, जो अपने अखाड़ों से शुरू होकर बाजार क्षेत्र का भ्रमण कर वापस लौटेंगे। इस दौरान जुलूस के रूट और इसमें शामिल लोगों की संख्या की जानकारी दी गई। पूर्व में लिए गए निर्णय के अनुसार, 26 जून को विभिन्न अखाड़ों पर कमेटियों द्वारा सजाए गए ताजिया के साथ मेले का आयोजन किया जाएगा। इस वर्ष ‘पहलाम ताजिया मिलन’ नहीं होगा; ताजिया अखाड़ों पर ही रखकर लोग विभिन्न प्रकार के खेल और करतब का प्रदर्शन करेंगे। बैठक में जुलूस और अखाड़ों पर पुलिस बल की तैनाती और क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की मांग की गई। एसडीएम दीपक कुमार ने सभी से आपसी प्रेम, सद्भाव और सौहार्दपूर्ण माहौल में शांतिपूर्वक भाईचारे के साथ मुहर्रम मनाने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जुलूस निकालने और मुहर्रम मनाने के लिए सभी अखाड़ा कमेटियों को लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा, जिसके लिए थाना में विस्तृत जानकारी के साथ आवेदन जमा करने होंगे। प्रशासन ने मुहर्रम जुलूस के लिए क्षेत्र में समय और मार्ग निर्धारित किए हैं, तथा दोनों दिन सभी अखाड़ों और जुलूस में पर्याप्त सुरक्षा हेतु मजिस्ट्रेट और पुलिस बल तैनात रहेंगे। पुलिस प्रशासन की टीम लगातार गश्त पर रहेगी, और कमेटियों को निर्धारित समय व मार्ग पर ही जुलूस निकालने तथा अपने-अपने अखाड़ों पर ही मेला व खेल करतब प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं। डीएसपी सदानंद कुमार ने बताया कि जुलूस में डीजे बजाना पूर्णतः प्रतिबंधित है और किसी भी प्रकार का विवादित, भड़काऊ स्लोगन या आपत्तिजनक झांकियां नहीं निकाली जाएंगी, न ही ऐसे नारे लगाए जाएंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पूर्व की भांति ताजिया मिलन समारोह कार्यक्रम नहीं होंगे और अखाड़ों पर मेला एवं खेल प्रदर्शन निर्धारित समय से रात्रि एक बजे तक होगा। प्रशासन की टीम सादे लिबास में भी मौजूद रहेगी और पुलिस बल की तैनाती के साथ गश्त जारी रहेगी। असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखी जाएगी, जुलूसों की वीडियोग्राफी कराई जाएगी और ड्रोन से भी निगरानी की जाएगी। हुड़दंग करने वालों, अफवाह फैलाने वालों और विधि-व्यवस्था भंग करने वालों को चिन्हित कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया पर भी प्रशासन की पैनी नजर है और आपत्तिजनक भड़काऊ पोस्ट करने वालों पर कार्रवाई होगी। क्षेत्र के चौकीदारों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। डीएसपी सदानंद कुमार ने विधि-व्यवस्था बनाए रखने में सभी से सहयोग की अपील की। बैठक में एसडीएम दीपक कुमार, डीएसपी सदानंद कुमार, डीसीएलआर प्रवीण कुमार पांडेय, सीओ अखिलेश चौधरी, थानाध्यक्ष रमन कुमार, मुख्य पार्षद कैलाश पासवान सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति और विभिन्न कमेटियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
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    मधुबनी जिला के जयनगर थाना परिसर में मुहर्रम पर्व की तैयारियों और विधि-व्यवस्था को लेकर शनिवार को अनुमंडल प्रशासन द्वारा एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता एसडीएम दीपक कुमार ने की, जिसमें विभिन्न अखाड़ा कमेटियों के सदस्यों, राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं और गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। प्रशासन ने मुहर्रम मनाने से संबंधित विस्तृत जानकारी ली और कई अहम निर्णय लेते हुए अखाड़ा कमेटियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उपस्थित लोगों ने बताया कि मुहर्रम का त्योहार दो दिवसीय होगा, जो 25 और 26 जून को मनाया जाएगा। 25 जून को विभिन्न अखाड़ों की कमेटियां शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में झांकियों के साथ जुलूस निकालेगी, जो अपने अखाड़ों से शुरू होकर बाजार क्षेत्र का भ्रमण कर वापस लौटेंगे। इस दौरान जुलूस के रूट और इसमें शामिल लोगों की संख्या की जानकारी दी गई।

पूर्व में लिए गए निर्णय के अनुसार, 26 जून को विभिन्न अखाड़ों पर कमेटियों द्वारा सजाए गए ताजिया के साथ मेले का आयोजन किया जाएगा। इस वर्ष ‘पहलाम ताजिया मिलन’ नहीं होगा; ताजिया अखाड़ों पर ही रखकर लोग विभिन्न प्रकार के खेल और करतब का प्रदर्शन करेंगे। बैठक में जुलूस और अखाड़ों पर पुलिस बल की तैनाती और क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की मांग की गई। एसडीएम दीपक कुमार ने सभी से आपसी प्रेम, सद्भाव और सौहार्दपूर्ण माहौल में शांतिपूर्वक भाईचारे के साथ मुहर्रम मनाने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जुलूस निकालने और मुहर्रम मनाने के लिए सभी अखाड़ा कमेटियों को लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा, जिसके लिए थाना में विस्तृत जानकारी के साथ आवेदन जमा करने होंगे। प्रशासन ने मुहर्रम जुलूस के लिए क्षेत्र में समय और मार्ग निर्धारित किए हैं, तथा दोनों दिन सभी अखाड़ों और जुलूस में पर्याप्त सुरक्षा हेतु मजिस्ट्रेट और पुलिस बल तैनात रहेंगे। पुलिस प्रशासन की टीम लगातार गश्त पर रहेगी, और कमेटियों को निर्धारित समय व मार्ग पर ही जुलूस निकालने तथा अपने-अपने अखाड़ों पर ही मेला व खेल करतब प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं।

डीएसपी सदानंद कुमार ने बताया कि जुलूस में डीजे बजाना पूर्णतः प्रतिबंधित है और किसी भी प्रकार का विवादित, भड़काऊ स्लोगन या आपत्तिजनक झांकियां नहीं निकाली जाएंगी, न ही ऐसे नारे लगाए जाएंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पूर्व की भांति ताजिया मिलन समारोह कार्यक्रम नहीं होंगे और अखाड़ों पर मेला एवं खेल प्रदर्शन निर्धारित समय से रात्रि एक बजे तक होगा। प्रशासन की टीम सादे लिबास में भी मौजूद रहेगी और पुलिस बल की तैनाती के साथ गश्त जारी रहेगी। असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखी जाएगी, जुलूसों की वीडियोग्राफी कराई जाएगी और ड्रोन से भी निगरानी की जाएगी। हुड़दंग करने वालों, अफवाह फैलाने वालों और विधि-व्यवस्था भंग करने वालों को चिन्हित कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया पर भी प्रशासन की पैनी नजर है और आपत्तिजनक भड़काऊ पोस्ट करने वालों पर कार्रवाई होगी। क्षेत्र के चौकीदारों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। डीएसपी सदानंद कुमार ने विधि-व्यवस्था बनाए रखने में सभी से सहयोग की अपील की। बैठक में एसडीएम दीपक कुमार, डीएसपी सदानंद कुमार, डीसीएलआर प्रवीण कुमार पांडेय, सीओ अखिलेश चौधरी, थानाध्यक्ष रमन कुमार, मुख्य पार्षद कैलाश पासवान सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति और विभिन्न कमेटियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
    user_Santosh Kumar Sharma
    Santosh Kumar Sharma
    जैनागर, मधुबनी, बिहार•
    1 day ago
  • देवधा थाना से स्थानांतरित हुए पुलिसकर्मियों को स्थानीय ग्रामीणों द्वारा भावभीनी विदाई दी गई है। इस अवसर पर, ग्रामीणों ने तबादला हुए इन पुलिसकर्मियों को सम्मानित भी किया।
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    देवधा थाना से स्थानांतरित हुए पुलिसकर्मियों को स्थानीय ग्रामीणों द्वारा भावभीनी विदाई दी गई है। इस अवसर पर, ग्रामीणों ने तबादला हुए इन पुलिसकर्मियों को सम्मानित भी किया।
    user_DC NEWS CHANNEL
    DC NEWS CHANNEL
    लदानिया, मधुबनी, बिहार•
    2 hrs ago
  • दरभंगा में शोरूम मैनेजर फैज की हत्या के संबंध में उनकी मां ने एक बड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने पुलिस से सीधे तौर पर पूछा है कि उनके बेटे फैज की हत्या क्यों हुई और इस घटना के पीछे का असली कारण पुलिस को सामने लाना चाहिए। फैज की मां ने जोर देकर कहा है कि यह हत्या किसी भी प्रकार के लेनदेन के चलते नहीं हुई है।
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    दरभंगा में शोरूम मैनेजर फैज की हत्या के संबंध में उनकी मां ने एक बड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने पुलिस से सीधे तौर पर पूछा है कि उनके बेटे फैज की हत्या क्यों हुई और इस घटना के पीछे का असली कारण पुलिस को सामने लाना चाहिए। फैज की मां ने जोर देकर कहा है कि यह हत्या किसी भी प्रकार के लेनदेन के चलते नहीं हुई है।
    user_Darpan24 News
    Darpan24 News
    Local News Reporter लहेरिअसारै, दरभंगा•
    4 hrs ago
  • आज मधुबनी जिला अतिथि गृह में राष्ट्रीय लोक मोर्चा के संस्थापक सदस्य, राष्ट्रीय प्रधान महासचिव, बिहार विधानसभा में दल नेता और शून्य काल समिति के सभापति व मधुबनी विधानसभा क्षेत्र के विधायक माधव आनंद ने विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने जनहित से जुड़े विषयों, समस्याओं और सुझावों को गंभीरतापूर्वक सुना, जहाँ बड़ी संख्या में माताओं-बहनों, बुजुर्गों, युवाओं और जरूरतमंद लोगों ने अपनी व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक समस्याओं से उन्हें अवगत कराया। विधायक माधव आनंद ने इस अवसर पर कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोच्च है और जनप्रतिनिधि का कर्तव्य है कि वह जनता की अपेक्षाओं और आकांक्षाओं को पूरा करने का निरंतर प्रयास करे। उन्होंने जनता के विश्वास, स्नेह और आशीर्वाद को अपनी जनसेवा की निरंतर प्रेरणा बताया। प्राप्त आवेदनों और जनसमस्याओं के समाधान हेतु संबंधित अधिकारियों से आवश्यक संवाद और पहल की जा रही है, जिनमें से तत्काल समाधान संभव होने वाली समस्याओं के निष्पादन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और अन्य विषयों पर भी लगातार प्रयास जारी रहेंगे। माधव आनंद ने दोहराया कि उनके लिए राजनीति केवल सार्वजनिक जीवन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति की सेवा का संकल्प है। उन्होंने जनता-जनार्दन के विश्वास को अपनी सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि वे पूरी निष्ठा, संवेदनशीलता और समर्पण के साथ जनसेवा के पथ पर अग्रसर रहेंगे। उन्होंने मधुबनी विधानसभा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास, जनकल्याण और आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए सदैव उपलब्ध रहने तथा जनता के विश्वास पर खरा उतरने का हरसंभव प्रयास करने की प्रतिबद्धता भी जताई।
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    आज मधुबनी जिला अतिथि गृह में राष्ट्रीय लोक मोर्चा के संस्थापक सदस्य, राष्ट्रीय प्रधान महासचिव, बिहार विधानसभा में दल नेता और शून्य काल समिति के सभापति व मधुबनी विधानसभा क्षेत्र के विधायक माधव आनंद ने विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने जनहित से जुड़े विषयों, समस्याओं और सुझावों को गंभीरतापूर्वक सुना, जहाँ बड़ी संख्या में माताओं-बहनों, बुजुर्गों, युवाओं और जरूरतमंद लोगों ने अपनी व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक समस्याओं से उन्हें अवगत कराया।

विधायक माधव आनंद ने इस अवसर पर कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोच्च है और जनप्रतिनिधि का कर्तव्य है कि वह जनता की अपेक्षाओं और आकांक्षाओं को पूरा करने का निरंतर प्रयास करे। उन्होंने जनता के विश्वास, स्नेह और आशीर्वाद को अपनी जनसेवा की निरंतर प्रेरणा बताया। प्राप्त आवेदनों और जनसमस्याओं के समाधान हेतु संबंधित अधिकारियों से आवश्यक संवाद और पहल की जा रही है, जिनमें से तत्काल समाधान संभव होने वाली समस्याओं के निष्पादन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और अन्य विषयों पर भी लगातार प्रयास जारी रहेंगे।

माधव आनंद ने दोहराया कि उनके लिए राजनीति केवल सार्वजनिक जीवन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति की सेवा का संकल्प है। उन्होंने जनता-जनार्दन के विश्वास को अपनी सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि वे पूरी निष्ठा, संवेदनशीलता और समर्पण के साथ जनसेवा के पथ पर अग्रसर रहेंगे। उन्होंने मधुबनी विधानसभा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास, जनकल्याण और आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए सदैव उपलब्ध रहने तथा जनता के विश्वास पर खरा उतरने का हरसंभव प्रयास करने की प्रतिबद्धता भी जताई।
    user_तेज नारायण ब्रम्हर्षी
    तेज नारायण ब्रम्हर्षी
    Local News Reporter मधुबनी, मधुबनी, बिहार•
    4 hrs ago
  • ब्रह्मर्षि विकास सेवा संस्थान की एक सराहनीय पहल के तहत, इस वर्ष 61 बालकों का सामूहिक उपनयन संस्कार और 2 जोड़े वर-वधू का सामूहिक विवाह वैदिक मंत्रोच्चार तथा विधि-विधान के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस आयोजन को संस्कार, संस्कृति और सामाजिक समरसता का एक अद्भुत संगम बताया गया है। संस्थान पिछले 8 वर्षों से लगातार इस पुनीत कार्य को कर रहा है, जिसके माध्यम से यह सामाजिक समरसता, भारतीय संस्कृति के संरक्षण और जनसेवा का प्रेरणादायक संदेश समाज को दे रहा है। ऐसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को सशक्त बनाने के साथ-साथ समाज को एकजुट करने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। इस सफल आयोजन के लिए संस्थान के सभी पदाधिकारियों और सहयोगियों को हार्दिक बधाई दी गई है।
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    ब्रह्मर्षि विकास सेवा संस्थान की एक सराहनीय पहल के तहत, इस वर्ष 61 बालकों का सामूहिक उपनयन संस्कार और 2 जोड़े वर-वधू का सामूहिक विवाह वैदिक मंत्रोच्चार तथा विधि-विधान के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस आयोजन को संस्कार, संस्कृति और सामाजिक समरसता का एक अद्भुत संगम बताया गया है।

संस्थान पिछले 8 वर्षों से लगातार इस पुनीत कार्य को कर रहा है, जिसके माध्यम से यह सामाजिक समरसता, भारतीय संस्कृति के संरक्षण और जनसेवा का प्रेरणादायक संदेश समाज को दे रहा है। ऐसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को सशक्त बनाने के साथ-साथ समाज को एकजुट करने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं।

इस सफल आयोजन के लिए संस्थान के सभी पदाधिकारियों और सहयोगियों को हार्दिक बधाई दी गई है।
    user_Reporter Seraj
    Reporter Seraj
    मधुबनी, मधुबनी, बिहार•
    10 hrs ago
  • बिहार के समस्तीपुर में ट्रैफिक पुलिस पर गंभीर आरोप लगे हैं। एक युवक ने दावा किया है कि एक महिला मरीज को इलाज के लिए अस्पताल ले जाते समय पुलिसकर्मियों ने उससे ₹3,500 की रिश्वत की मांग की। युवक का आरोप है कि जब उसने रिश्वत देने से इनकार किया, तो ट्रैफिक पुलिस ने उसके साथ-साथ उसकी भाभी और साथ मौजूद महिला मरीज के साथ भी मारपीट की। इसके अतिरिक्त, पुलिस पर उनका मोबाइल फोन भी छीनने का आरोप है। इस मामले में अभी तक पुलिस का कोई आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। घटना के सामने आने के बाद, इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है।
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    बिहार के समस्तीपुर में ट्रैफिक पुलिस पर गंभीर आरोप लगे हैं। एक युवक ने दावा किया है कि एक महिला मरीज को इलाज के लिए अस्पताल ले जाते समय पुलिसकर्मियों ने उससे ₹3,500 की रिश्वत की मांग की।

युवक का आरोप है कि जब उसने रिश्वत देने से इनकार किया, तो ट्रैफिक पुलिस ने उसके साथ-साथ उसकी भाभी और साथ मौजूद महिला मरीज के साथ भी मारपीट की। इसके अतिरिक्त, पुलिस पर उनका मोबाइल फोन भी छीनने का आरोप है।

इस मामले में अभी तक पुलिस का कोई आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। घटना के सामने आने के बाद, इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है।
    user_PTB gramin
    PTB gramin
    News Anchor Darbhanga, Bihar•
    6 hrs ago
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