सेवढ़ा सिंध नदी स्थित काली मंदिर के मुख्य द्वार पर गंदे पानी की समस्या, अस्थाई व्यवस्था के बाद बड़े प्रोजेक्ट से स्थायी समाधान की तैयारी सेवढ़ा सिंध नदी स्थित काली मंदिर के मुख्य द्वार पर गंदे पानी की समस्या, अस्थाई व्यवस्था के बाद बड़े प्रोजेक्ट से स्थायी समाधान की तैयारी सेवढ़ा। सिंध नदी के किनारे स्थित प्रसिद्ध काली मंदिर के मुख्य द्वार पर नगर के नाले का गंदा पानी पहुंचने से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंदिर के मुख्य प्रवेश मार्ग के पास गंदा पानी जमा होने से आसपास का वातावरण भी प्रभावित हो रहा है। बारिश के दिनों में समस्या और अधिक बढ़ जाती है, जिससे मंदिर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को असुविधा होती है। स्थानीय लोगों ने बताया कि नाले का पानी मंदिर के मुख्य द्वार के आसपास पहुंचने के कारण आने-जाने में परेशानी होती है। धार्मिक स्थल होने के कारण श्रद्धालुओं में भी इस स्थिति को लेकर नाराजगी है। लोगों का कहना है कि मंदिर क्षेत्र की स्वच्छता और व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए, ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। सीएमओ से चर्चा के बाद अस्थाई व्यवस्था समस्या को लेकर नगर परिषद सीएमओ महिपाल सिंह यादव से चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि फिलहाल समस्या से राहत दिलाने के लिए अस्थाई व्यवस्था करवा दी गई है, जिससे तत्काल स्तर पर गंदे पानी की समस्या को नियंत्रित किया जा सके। सीएमओ ने यह भी स्पष्ट किया कि इस समस्या का स्थायी समाधान एक बड़े प्रोजेक्ट के माध्यम से किया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है और शीघ्र ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। बड़े प्रोजेक्ट से होगा स्थायी समाधान नगर परिषद की ओर से बताया गया कि वर्तमान में की गई व्यवस्था को तत्काल राहत के तौर पर देखा जा रहा है, जबकि भविष्य में प्रस्तावित बड़े प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद नाले के गंदे पानी की समस्या का स्थायी समाधान किया जा सकेगा। स्थानीय लोगों को अब उम्मीद है कि प्रस्तावित कार्य जल्द शुरू होगा और काली मंदिर के मुख्य द्वार सहित आसपास के क्षेत्र को गंदे पानी की समस्या से स्थायी निजात मिलेगी। श्रद्धालुओं और नागरिकों ने नगर परिषद से मांग की है कि प्रस्तावित प्रोजेक्ट का काम जल्द शुरू कराकर समय-सीमा में पूरा कराया जाए, ताकि धार्मिक स्थल की गरिमा और स्वच्छता बनी रहे।
सेवढ़ा सिंध नदी स्थित काली मंदिर के मुख्य द्वार पर गंदे पानी की समस्या, अस्थाई व्यवस्था के बाद बड़े प्रोजेक्ट से स्थायी समाधान की तैयारी सेवढ़ा सिंध नदी स्थित काली मंदिर के मुख्य द्वार पर गंदे पानी की समस्या, अस्थाई व्यवस्था के बाद बड़े प्रोजेक्ट से स्थायी समाधान की तैयारी सेवढ़ा। सिंध नदी के किनारे स्थित प्रसिद्ध काली मंदिर के मुख्य द्वार पर नगर के नाले का गंदा पानी पहुंचने से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंदिर के मुख्य प्रवेश मार्ग के पास गंदा पानी जमा होने से आसपास का वातावरण भी प्रभावित हो रहा है। बारिश के दिनों में समस्या और अधिक बढ़ जाती है, जिससे मंदिर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को असुविधा होती है। स्थानीय लोगों ने बताया कि नाले का पानी मंदिर के मुख्य द्वार के आसपास पहुंचने के कारण आने-जाने में परेशानी होती है। धार्मिक स्थल होने के कारण श्रद्धालुओं में भी इस स्थिति को लेकर नाराजगी है। लोगों का कहना है कि मंदिर क्षेत्र की स्वच्छता और व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए, ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। सीएमओ से चर्चा के बाद अस्थाई व्यवस्था समस्या को लेकर नगर परिषद सीएमओ महिपाल सिंह यादव से चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि फिलहाल समस्या से राहत दिलाने के लिए अस्थाई व्यवस्था करवा दी गई है, जिससे तत्काल स्तर पर गंदे पानी की समस्या को नियंत्रित किया जा सके। सीएमओ ने यह भी स्पष्ट किया कि इस समस्या का स्थायी समाधान एक बड़े प्रोजेक्ट के माध्यम से किया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है और शीघ्र ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। बड़े प्रोजेक्ट से होगा स्थायी समाधान नगर परिषद की ओर से बताया गया कि वर्तमान में की गई व्यवस्था को तत्काल राहत के तौर पर देखा जा रहा है, जबकि भविष्य में प्रस्तावित बड़े प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद नाले के गंदे पानी की समस्या का स्थायी समाधान किया जा सकेगा। स्थानीय लोगों को अब उम्मीद है कि प्रस्तावित कार्य जल्द शुरू होगा और काली मंदिर के मुख्य द्वार सहित आसपास के क्षेत्र को गंदे पानी की समस्या से स्थायी निजात मिलेगी। श्रद्धालुओं और नागरिकों ने नगर परिषद से मांग की है कि प्रस्तावित प्रोजेक्ट का काम जल्द शुरू कराकर समय-सीमा में पूरा कराया जाए, ताकि धार्मिक स्थल की गरिमा और स्वच्छता बनी रहे।
- सेवढ़ा सिंध नदी स्थित काली मंदिर के मुख्य द्वार पर गंदे पानी की समस्या, अस्थाई व्यवस्था के बाद बड़े प्रोजेक्ट से स्थायी समाधान की तैयारी सेवढ़ा सिंध नदी स्थित काली मंदिर के मुख्य द्वार पर गंदे पानी की समस्या, अस्थाई व्यवस्था के बाद बड़े प्रोजेक्ट से स्थायी समाधान की तैयारी सेवढ़ा। सिंध नदी के किनारे स्थित प्रसिद्ध काली मंदिर के मुख्य द्वार पर नगर के नाले का गंदा पानी पहुंचने से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंदिर के मुख्य प्रवेश मार्ग के पास गंदा पानी जमा होने से आसपास का वातावरण भी प्रभावित हो रहा है। बारिश के दिनों में समस्या और अधिक बढ़ जाती है, जिससे मंदिर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को असुविधा होती है। स्थानीय लोगों ने बताया कि नाले का पानी मंदिर के मुख्य द्वार के आसपास पहुंचने के कारण आने-जाने में परेशानी होती है। धार्मिक स्थल होने के कारण श्रद्धालुओं में भी इस स्थिति को लेकर नाराजगी है। लोगों का कहना है कि मंदिर क्षेत्र की स्वच्छता और व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए, ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। सीएमओ से चर्चा के बाद अस्थाई व्यवस्था समस्या को लेकर नगर परिषद सीएमओ महिपाल सिंह यादव से चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि फिलहाल समस्या से राहत दिलाने के लिए अस्थाई व्यवस्था करवा दी गई है, जिससे तत्काल स्तर पर गंदे पानी की समस्या को नियंत्रित किया जा सके। सीएमओ ने यह भी स्पष्ट किया कि इस समस्या का स्थायी समाधान एक बड़े प्रोजेक्ट के माध्यम से किया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है और शीघ्र ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। बड़े प्रोजेक्ट से होगा स्थायी समाधान नगर परिषद की ओर से बताया गया कि वर्तमान में की गई व्यवस्था को तत्काल राहत के तौर पर देखा जा रहा है, जबकि भविष्य में प्रस्तावित बड़े प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद नाले के गंदे पानी की समस्या का स्थायी समाधान किया जा सकेगा। स्थानीय लोगों को अब उम्मीद है कि प्रस्तावित कार्य जल्द शुरू होगा और काली मंदिर के मुख्य द्वार सहित आसपास के क्षेत्र को गंदे पानी की समस्या से स्थायी निजात मिलेगी। श्रद्धालुओं और नागरिकों ने नगर परिषद से मांग की है कि प्रस्तावित प्रोजेक्ट का काम जल्द शुरू कराकर समय-सीमा में पूरा कराया जाए, ताकि धार्मिक स्थल की गरिमा और स्वच्छता बनी रहे।1
- ब्रेकिंग न्यूज़। प्रयागराज में बाढ़ का कहर है। आधा शहर बाढ़ की चपेट में है। रामबाग स्टेशन तो लगभग डूब चुका हैं शहर के निचले इलाकों में पानी भर गया है। प्रयागराज के अधिकांश इलाकों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। बाज़ार, स्कूल, कॉलेज और संस्थान बंद कर दिए गए हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी किया है। इंतजामों में लापरवाही पर कोर्ट नाराज़ है। ब्रेकिंग न्यूज़। प्रयागराज में बाढ़ का कहर है। आधा शहर बाढ़ की चपेट में है। रामबाग स्टेशन तो लगभग डूब चुका हैं शहर के निचले इलाकों में पानी भर गया है। प्रयागराज के अधिकांश इलाकों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। बाज़ार, स्कूल, कॉलेज और संस्थान बंद कर दिए गए हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी किया है। इंतजामों में लापरवाही पर कोर्ट नाराज़ है।1
- नगर में भव्य मेले का हुआ शुभारंभ, उमड़ा जनसैलाब दैनिक पुष्पांजलि टुडे संवाददाता बेताल सिंह गौड़ मौ। मौ नगर में प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी नगर परिषद के तत्वावधान में भव्य मेले का शुभारंभ उत्साह और उमंग के साथ किया गया। मेले के शुभारंभ अवसर पर नगर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग मेले में पहुंचे।मेले के शुभारंभ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अपेक्स बैंक के अध्यक्ष महेंद्र सिंह यादव उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती वंदना सज्जन सिंह यादव ने की। इस अवसर पर नगर परिषद के पार्षदगण, भारतीय जनता पार्टी मंडल मौ के अध्यक्ष, भाजपा कार्यकर्ता तथा नगर के बड़ी संख्या में प्रबुद्ध एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।अतिथियों की उपस्थिति में विधिवत रूप से मेले का शुभारंभ किया गया। इस दौरान नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती वंदना सज्जन सिंह यादव ने नगरवासियों को मेले की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मौ नगर का यह पारंपरिक मेला लोगों को मनोरंजन के साथ-साथ आपसी मेल-जोल और भाईचारे का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने नगरवासियों से शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में मेले का आनंद लेने की अपील की।मेले में बच्चों और युवाओं के लिए विभिन्न प्रकार के झूले एवं मनोरंजन के साधन आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। वहीं विभिन्न दुकानों पर खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ दिखाई दी। खान-पान की दुकानों पर भी लोगों की अच्छी खासी भीड़ रही। शाम होते ही मेले की रौनक और बढ़ गई तथा पूरा मेला परिसर रोशनी और लोगों की चहल-पहल से गुलजार नजर आया। नगर परिषद द्वारा मेले को सफल बनाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। आयोजन को लेकर नगरवासियों में भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। आने वाले दिनों में मेले में और अधिक भीड़ जुटने की संभावना है।मेले के शुभारंभ अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों ने नगर परिषद के इस आयोजन की सराहना करते हुए नगरवासियों को शुभकामनाएं दीं। मौ नगर का यह वार्षिक मेला आगामी दिनों में नगरवासियों एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए मनोरंजन और आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना रहेगा।1
- 5000 रुपए का इनामी बदमाश आलमपुर पुलिस ने किया गिरफ्तार* भिंड पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार वर्मा एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रदीप पटेल के निर्देशन में एवं लहार एसडीओपी प्रवीण त्रिपाठी के मार्गदर्शन में आज आलमपुर पुलिस को बड़ी सफलता हासिल हुई है पुलिस ने तीन साल से फरार 5 हजार रुपए के इनामी बदमाश को मां बराही देवी मंदिर से गिरफ्तार कर लिया गया है आलमपुर थाने पर फरियादी के द्वारा आरोपी और उसके साथियों के खिलाफ बंदूक व लाठियां से जान से मारने की रिपोर्ट दर्ज की कराई गई थी जिसको देखते हुए आलमपुर थाना प्रभारी सोहनीश तोमर के नेतृत्व में टीम गठित की गई और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु पांच हजार का इनाम घोषित किया गया था आज मुखबिर द्वारा सूचना प्राप्त हुई फरारी इनामी बदमाश मां बराही देवी मंदिर के पास खड़ा है जिसे आलमपुर पुलिस ने दबिश दे कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है सराहनीय भूमिका रही आलमपुर थाना प्रभारी सोहनीश तोमर, एएसआई ओमकार सिंह तोमर,संतोष कुमार ,भागवत सरिया योगेंद्र शर्मा ,शैलेंद्र शुक्ला, सिद्धांत कौरव, मंगल सिंह ,अनिल बघेल, कन्हैया लाल, हुकुम सिंह अनुराग छारी की अहम भूमिका रही1
- दतिया। ब्रेकिंग। भौकाल बनाने की सनक, कट्टों के साथ युवकों ने बनाई रील, सोशल मीडिया पर वायरल। जिगना थाना क्षेत्र के ढीमरपुरा में खुलेआम अवैध दतिया। ब्रेकिंग। भौकाल बनाने की सनक, कट्टों के साथ युवकों ने बनाई रील, सोशल मीडिया पर वायरल। जिगना थाना क्षेत्र के ढीमरपुरा में खुलेआम अवैध हथियारों का प्रदर्शन। तमंचों के साथ युवकों ने लगाए ढुमके, जमकर लुटाए नोट। अपराधिक प्रवृत्ति के बताए जा रहे है आधा दर्जन युवक। वायरल वीडियो पर जिगना पुलिस ने लिया संज्ञान, अब युवकों को चिन्हित करने की कार्यवाही शुरु। जिगना की पुलिस की पड़ताल में कई अवैध हथियार मिलने की संभावना। बड़ौनी एसडीओपी विनायक शुक्ला ने कहा जल्द चिन्हित कर पकड़े जाएंगे रीलबाज युवक।।1
- डबरा का लाल निकला डबरा से तिरुपति बालाजी की 2000 km पदयात्रा पर , डबरा में जगह-जगह हुआ स्वागत डबरा (ग्वालियर) मध्य प्रदेश डबरा का लाल निकला डबरा से तिरुपति बालाजी की 2000 km पदयात्रा पर डबरा में आज सुबह 8:00 बजे डबरा का एक युवा तिरुपति बालाजी की 2000 किलोमीटर की पदयात्रा पर अपने संकल्प को पूरा करने के लिए पदयात्रा पर निकल पड़ा । आपको बता दें कि डबरा से भाजपा की युवा मोर्चा की अध्यक्ष शिवम गुप्ता आज सुबह 8:00 बजे डबरा लक्ष्मी नारायण मंदिर में पूजा अर्चना करने के बाद अपने परिजनों का आशीर्वाद लेकर तिरुपति बालाजी की 2000 किलोमीटर की पदयात्रा पर निकल पड़ा डबरा शहर में जगह-जगह उनका स्वागत किया गया और मंगल कामनाएं की गई ।2
- कोंच,लगातार बारिश होने से किसानों की तीली की फसल बर्बाद होने की कगार पर किसान परेशान जालौन के कोंच क्षेत्र में पिछले पांच दिनों से लगातार हो रही बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण कोंच तहसील क्षेत्र के कई गांवों में तिल की फसल पानी में डूब गई है। दिन गुरुवार की दोपहर 2 बजे किसानों ने बताया लगातार बारिश से खेतों में पानी भर जाने के कारण सैकड़ों बीघा तिल की फसल प्रभावित होने का अनुमान है। किसानों को फसल खराब होने के साथ ही लागत डूबने की भी चिंता सताने लगी है। कोंच क्षेत्र के मंगरा, ढाड़ी, परैथा, इमलौरी, सेता, उमरी, घमूरी, चांदनी, बसोब, नरी, सुनाया, पहाड़गांव, देवगांव, फुलेला, बरोदा बोहरा, चंदुर्रा और पिंडारी सहित गांवों में किसानों ने बड़े पैमाने पर तिल की फसल बोई है। किसानों के अनुसार इन गांवों में करीब एक हजार बीघा से अधिक क्षेत्र में तिल की फसल खड़ी है। बारिश के कारण अधिकांश खेतों में पानी भर गया है। इसी तरह नदीगांव क्षेत्र के बरहा, सिबनी बुजुर्ग, सिबनी खुर्द, तजपुरा, कनासी, अकनीबा, पजौनियां कनरी और रानीपुरा सहित गांवों में भी तिल की फसल पर बारिश का असर पड़ा है। किसानों का कहना है कि तिल की फसल तैयार होने के दौरान खेतों में पानी भरने से पौधों के सड़ने और उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। बरहा गांव निवासी किसान अनिरुद्ध कुमार, राजकुमार, अनिल पटेल, शिवम पटेल और बबलू प्रजापति ने बताया कि तिल की फसल में करीब एक हजार रुपये प्रति बीघा तक खर्च आता है। लगातार बारिश से खेतों में पानी भरा होने के कारण अब किसानों के सामने लागत निकलने का संकट खड़ा हो गया है। परेथा निवासी किसान कैलाश साहिब सिंह ने बताया कि उन्होंने अपनी 10 बीघा भूमि में तिल की फसल बोई थी, लेकिन लगातार बारिश से पूरा खेत पानी में डूब गया है। इसी गांव के अरविंद ने 15 बीघा और मंगरा निवासी हरिसिंह ने 15 बीघा में तिल की फसल बोई है। राकेश कुमार समेत अन्य किसानों की फसल भी बारिश की चपेट में है। किसानों ने प्रशासन से जलनिकासी की व्यवस्था कराने और बारिश से खराब हुई फसल का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है।1
- मुख्यमंत्री जन सिवर का आयोजन कल 11:00 बजे दिनांक 21/ 8/20 26 को कृषि उपज मंडी सेंवढा़ होगा शुभारंभ ज्यादा से ज्यादा संख्या में आकर क्षेत्र के लोग लाभ ले सकते हैं मुख्यमंत्री जन सेवा का आयोजन होगा कल जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित होकर लोगों की समस्या का निराकरण तुरंत करेंगे विशेष बात यह है कि संभाग से कमिश्नर की मौजूदगी में यह मुख्यमंत्री जन सिवर का आयोजन जा रहा है1