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अयोध्या भरतपुर मार्ग पर लगा कुढ़ा का ढेर.... See ... X #Ayodhya #DarshanNagar #BharatKundRo ... more अयोध्या भरतपुर मार्ग पर लगा कुढ़ा का ढेर.... See ... X #Ayodhya #DarshanNagar #BharatKundRo ... more

6 hrs ago
user_Shreya mishra
Shreya mishra
Photographer हर्रैया, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
6 hrs ago

अयोध्या भरतपुर मार्ग पर लगा कुढ़ा का ढेर.... See ... X #Ayodhya #DarshanNagar #BharatKundRo ... more अयोध्या भरतपुर मार्ग पर लगा कुढ़ा का ढेर.... See ... X #Ayodhya #DarshanNagar #BharatKundRo ... more

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
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    अयोध्या भरतपुर मार्ग पर लगा कुढ़ा का ढेर....

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    user_Shreya mishra
    Shreya mishra
    Photographer हर्रैया, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • *जीएसटी की विसंगतियों को लेकर व्यापारियों ने सौंपा ज्ञापन, आंदोलन की चेतावनी* बस्ती।* उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल, उत्तर प्रदेश की बस्ती इकाई ने प्रदेश उपाध्यक्ष एवं अध्यक्ष बस्ती मंडल हरि मूर्ति सिंह मनोज के नेतृत्व में जीएसटी व्यवस्था में व्याप्त विसंगतियों एवं व्यापारियों की समस्याओं को लेकर राज्य कर आयुक्त उपेंद्र यादव के माध्यम से भारत सरकार की वित्त मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। संगठन ने मांगों का शीघ्र समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। ज्ञापन में कहा गया कि जीएसटी विभाग के कुछ अधिकारी तकनीकी त्रुटियों एवं मानवीय भूलों को आधार बनाकर व्यापारियों पर अनावश्यक कार्रवाई कर रहे हैं। पर्याप्त कर जमा होने के बावजूद जुर्माना लगाने से व्यापारियों का उत्पीड़न हो रहा है और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है। प्रदेश उपाध्यक्ष एवं अध्यक्ष बस्ती मंडल हरि मूर्ति सिंह मनोज ने कहा कि सचल दलों का उद्देश्य कर चोरी रोकना है, न कि ईमानदारी से कर जमा करने वाले व्यापारियों को छोटी-छोटी कमियों के आधार पर परेशान करना। उन्होंने ऐसी कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की। जिला संगठन महामंत्री भरत राम अग्रहरी (बबलू) ने कहा कि 40 लाख रुपये तक के वार्षिक कारोबार वाले व्यापारियों को जीएसटी पंजीकरण से छूट होने के बावजूद विभागीय अधिकारी छोटे व्यापारियों पर पंजीकरण कराने का दबाव बना रहे हैं। युवा जिला अध्यक्ष कुलदीप श्रीवास्तव ने एसआईबी जांच के दौरान जांच पूरी होने से पहले कर जमा कराने के दबाव को अनुचित बताया। नगर अध्यक्ष राणा महेंद्र प्रताप ने जीएसटी पंजीकृत व्यापारियों के लिए ₹10 लाख के बीमा की मांग की। उद्योग मंच के जिला अध्यक्ष कमलेश चौधरी ने पंजीकृत व्यापारियों को डिजिटल कार्यों के लिए लैपटॉप एवं आवश्यक सॉफ्टवेयर निःशुल्क उपलब्ध कराने की मांग उठाई। जिला उपाध्यक्ष महेंद्र गुप्ता ने विलंब से जीएसटी भुगतान पर लगने वाले 18 प्रतिशत ब्याज को घटाकर 6 प्रतिशत करने की मांग की। युवा जिला महामंत्री सत्य प्रकाश दुबे ने जीएसटी अधिनियम में जेल की सजा समाप्त कर केवल आर्थिक दंड का प्रावधान रखने की बात कही। युवा जिला संगठन महामंत्री संजय सिंह ने तैयार तंबाकू एवं तंबाकू पत्ते पर जीएसटी दरों की विषमता समाप्त करने की मांग की। महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष वंदना वर्मा ने अतिरिक्त आईटीसी एवं जीएसटी रिफंड को रिटर्न दाखिल होने के बाद स्वतः व्यापारी के खाते में भेजने तथा विलंब होने पर ब्याज देने की मांग की। संगठन ने ट्रांसपोर्टरों द्वारा ई-वे बिल-2 जनरेट होने की स्थिति में डबल सेल मानकर कार्रवाई न करने, पैकिंग सामग्री पर आईटीसी का पूरा लाभ देने तथा जीएसटी व्यवस्था को सरल, पारदर्शी एवं व्यापार-अनुकूल बनाने की भी मांग की। ज्ञापन देने वालों में आकाश सोनी (जिला उपाध्यक्ष), अवधेश निषाद (नगर मंत्री), संजय गुप्ता (नगर संगठन मंत्री), सत्यम सिंह (जिला महामंत्री, उद्योग मंच), प्रवीण सिंह (मंत्री, बस्ती मंडल) सहित बड़ी संख्या में व्यापारी एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।
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    *जीएसटी की विसंगतियों को लेकर व्यापारियों ने सौंपा ज्ञापन, आंदोलन की चेतावनी*
बस्ती।* उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल, उत्तर प्रदेश की बस्ती इकाई ने प्रदेश उपाध्यक्ष एवं अध्यक्ष बस्ती मंडल हरि मूर्ति सिंह मनोज के नेतृत्व में जीएसटी व्यवस्था में व्याप्त विसंगतियों एवं व्यापारियों की समस्याओं को लेकर राज्य कर आयुक्त उपेंद्र यादव के माध्यम से भारत सरकार की वित्त मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। संगठन ने मांगों का शीघ्र समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। ज्ञापन में कहा गया कि जीएसटी विभाग के कुछ अधिकारी तकनीकी त्रुटियों एवं मानवीय भूलों को आधार बनाकर व्यापारियों पर अनावश्यक कार्रवाई कर रहे हैं। पर्याप्त कर जमा होने के बावजूद जुर्माना लगाने से व्यापारियों का उत्पीड़न हो रहा है और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है। प्रदेश उपाध्यक्ष एवं अध्यक्ष बस्ती मंडल हरि मूर्ति सिंह मनोज ने कहा कि सचल दलों का उद्देश्य कर चोरी रोकना है, न कि ईमानदारी से कर जमा करने वाले व्यापारियों को छोटी-छोटी कमियों के आधार पर परेशान करना। उन्होंने ऐसी कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की। जिला संगठन महामंत्री भरत राम अग्रहरी (बबलू) ने कहा कि 40 लाख रुपये तक के वार्षिक कारोबार वाले व्यापारियों को जीएसटी पंजीकरण से छूट होने के बावजूद विभागीय अधिकारी छोटे व्यापारियों पर पंजीकरण कराने का दबाव बना रहे हैं। युवा जिला अध्यक्ष कुलदीप श्रीवास्तव ने एसआईबी जांच के दौरान जांच पूरी होने से पहले कर जमा कराने के दबाव को अनुचित बताया। नगर अध्यक्ष राणा महेंद्र प्रताप ने जीएसटी पंजीकृत व्यापारियों के लिए ₹10 लाख के बीमा की मांग की। उद्योग मंच के जिला अध्यक्ष कमलेश चौधरी ने पंजीकृत व्यापारियों को डिजिटल कार्यों के लिए लैपटॉप एवं आवश्यक सॉफ्टवेयर निःशुल्क उपलब्ध कराने की मांग उठाई। जिला उपाध्यक्ष महेंद्र गुप्ता ने विलंब से जीएसटी भुगतान पर लगने वाले 18 प्रतिशत ब्याज को घटाकर 6 प्रतिशत करने की मांग की। युवा जिला महामंत्री सत्य प्रकाश दुबे ने जीएसटी अधिनियम में जेल की सजा समाप्त कर केवल आर्थिक दंड का प्रावधान रखने की बात कही। युवा जिला संगठन महामंत्री संजय सिंह ने तैयार तंबाकू एवं तंबाकू पत्ते पर जीएसटी दरों की विषमता समाप्त करने की मांग की। महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष वंदना वर्मा ने अतिरिक्त आईटीसी एवं जीएसटी रिफंड को रिटर्न दाखिल होने के बाद स्वतः व्यापारी के खाते में भेजने तथा विलंब होने पर ब्याज देने की मांग की। संगठन ने ट्रांसपोर्टरों द्वारा ई-वे बिल-2 जनरेट होने की स्थिति में डबल सेल मानकर कार्रवाई न करने, पैकिंग सामग्री पर आईटीसी का पूरा लाभ देने तथा जीएसटी व्यवस्था को सरल, पारदर्शी एवं व्यापार-अनुकूल बनाने की भी मांग की। ज्ञापन देने वालों में आकाश सोनी (जिला उपाध्यक्ष), अवधेश निषाद (नगर मंत्री), संजय गुप्ता (नगर संगठन मंत्री), सत्यम सिंह (जिला महामंत्री, उद्योग मंच), प्रवीण सिंह (मंत्री, बस्ती मंडल) सहित बड़ी संख्या में व्यापारी एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।
    user_विनोद कुमार सोनकर पत्रकार
    विनोद कुमार सोनकर पत्रकार
    बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • करीब एक घंटे की बारिश में नगर निगम के दावे की खुली पोल ब्रेकिंग अयोध्या करीब एक घंटे की बारिश में नगर निगम के दावे की खुली पोल सिविल लाइन क्षेत्र में मधुर मिलन के बगल गंदा नाला हुआ ओवरफ्लो,बारिश का पानी और नाले की गंदगी दुकानों के बेसमेंट में घुसा, दुकानदार परेशान, लंबे समय से नाले की सफाई नहीं हुई, कई बार शिकायत के बावजूद नगर निगम ने सफाई नहीं कराई। रिपोर्टर सुनील दूबे
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    करीब एक घंटे की बारिश में नगर निगम के दावे की खुली पोल
ब्रेकिंग 
अयोध्या
करीब एक घंटे की बारिश में नगर निगम के दावे की खुली पोल
सिविल लाइन क्षेत्र में मधुर मिलन के बगल गंदा नाला हुआ ओवरफ्लो,बारिश का पानी और नाले की गंदगी दुकानों के बेसमेंट में घुसा, दुकानदार परेशान, लंबे समय से नाले की सफाई नहीं हुई, कई बार शिकायत के बावजूद नगर निगम ने सफाई नहीं कराई।
रिपोर्टर सुनील दूबे
    user_सुनील दूबे
    सुनील दूबे
    Local News Reporter बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • 2 मीटर की सरकारी नाली आखिर 7 मीटर चौड़ी कैसे बनी "तहसील की पैमाइश पर उठे बड़े सवाल, बुजुर्ग किसान ने लेखपाल-कानूनगो पर लगाए गंभीर आरोप? (#बीकापुर अयोध्या) जनपद की चर्चित बीकापुर तहसील एक बार फिर सवालों के घेरे में इस बार मामला सरकारी नाली से जुड़ा है। जहां एक बुजुर्ग किसान ने राजस्व विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि महज 2 मीटर चौड़ी सरकारी नाली को कागजों में 7 मीटर चौड़ी दिखाकर उसकी जमीन हड़पने की कोशिश की जा रही है। मामला ग्राम पंचायत हथिगो, मजरे पूरे राम आनंद राय का है। जहां के पीड़ित हौसला प्रसाद राय, पुत्र स्वर्गीय राम दुलारे राय ने अपने ज्येष्ठ पुत्र के साथ पत्रकारों के सामने अपनी पीड़ा बयां करते हुए कहा कि वह कई महीनों से तहसील के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन न्याय मिलने के बजाय उन पर ही दबाव बनाया जा रहा है। पीड़ित का आरोप है कि विपक्षी राघव राम शुक्ला ,पूरे पराग मिश्र हथिगो को लाभ पहुंचाने के लिए लेखपाल और कानूनगो की कथित मिली भगत से अब तक तीन बार पैमाइश कराई गई। निशान देही के नाम पर कथित रूप से खूंटे भी गाड़ दिए गए, जबकि मौके पर मौजूद सरकारी नाली की वास्तविक चौड़ाई सिर्फ 2 मीटर है। सबसे चौंकाने वाला आरोप यह है कि 25 मई 2026 को लेखपाल द्वारा भेजी गई रिपोर्ट में क्षेत्रफल का हवाला देकर 2 मीटर की नाली को 7 मीटर चौड़ा मान लिया गया। पीड़ित का कहना है कि यदि इसी आधार पर पैमाइश की गई तो उसकी बहुमूल्य कृषि भूमि का बड़ा हिस्सा चला जाएगा और विपक्षी को सीधा फायदा मिलेगा। अब सवाल यह उठता है कि जब सरकारी नाली नक्शे में 2 मीटर की है, तो आखिर 7 मीटर चौड़ाई किस नियम और किस आधार पर तय कर दी गई ? क्या यह महज तकनीकी भूल है या फिर किसी को लाभ पहुंचाने के लिए सरकारी अभिलेखों से खेल किया जा रहा है? पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि तहसील और पुलिस प्रशासन की ओर से लगातार उन पर दबाव बनाया जा रहा है, जबकि उनकी शिकायतों पर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हो रही। अब निगाहें तहसील प्रशासन और जिला प्रशासन पर टिकी हैं। क्या पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी? क्या पैमाइश में गड़बड़ी करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी? या फिर एक बुजुर्ग किसान न्याय के लिए यूं ही दफ्तरों की चौखट नापता रहेगा? यदि लगाए गए आरोपों में सच्चाई पाई जाती है, तो यह मामला केवल एक किसान की जमीन का नहीं, बल्कि राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है। ब्यूरो रिपोर्ट
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    2 मीटर की सरकारी नाली आखिर 7 मीटर चौड़ी कैसे बनी "तहसील की पैमाइश पर उठे बड़े सवाल, बुजुर्ग किसान ने लेखपाल-कानूनगो पर लगाए गंभीर आरोप?
(#बीकापुर अयोध्या)
जनपद की चर्चित बीकापुर तहसील एक बार फिर सवालों के घेरे में इस बार मामला सरकारी नाली से जुड़ा है।
जहां एक बुजुर्ग किसान ने राजस्व विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि महज 2 मीटर चौड़ी सरकारी नाली को कागजों में 7 मीटर चौड़ी दिखाकर उसकी जमीन हड़पने की कोशिश की जा रही है।
मामला ग्राम पंचायत हथिगो, मजरे पूरे राम आनंद राय का है। 
जहां के पीड़ित हौसला प्रसाद राय, पुत्र स्वर्गीय राम दुलारे राय ने अपने ज्येष्ठ पुत्र के साथ पत्रकारों के सामने अपनी पीड़ा बयां करते हुए कहा कि वह कई महीनों से तहसील के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन न्याय मिलने के बजाय उन पर ही दबाव बनाया जा रहा है।
पीड़ित का आरोप है कि विपक्षी राघव राम शुक्ला ,पूरे पराग मिश्र हथिगो को लाभ पहुंचाने के लिए लेखपाल और कानूनगो की कथित मिली भगत से अब तक तीन बार पैमाइश कराई गई। 
निशान देही के नाम पर कथित रूप से खूंटे भी गाड़ दिए गए, जबकि मौके पर मौजूद सरकारी नाली की वास्तविक चौड़ाई सिर्फ 2 मीटर है।
सबसे चौंकाने वाला आरोप यह है कि 25 मई 2026 को लेखपाल द्वारा भेजी गई रिपोर्ट में क्षेत्रफल का हवाला देकर 2 मीटर की नाली को 7 मीटर चौड़ा मान लिया गया। 
पीड़ित का कहना है कि यदि इसी आधार पर पैमाइश की गई तो उसकी बहुमूल्य कृषि भूमि का बड़ा हिस्सा चला जाएगा और विपक्षी को सीधा फायदा मिलेगा।
अब सवाल यह उठता है कि जब सरकारी नाली नक्शे में 2 मीटर की है, तो आखिर 7 मीटर चौड़ाई किस नियम और किस आधार पर तय कर दी गई ? 
क्या यह महज तकनीकी भूल है या फिर किसी को लाभ पहुंचाने के लिए सरकारी अभिलेखों से खेल किया जा रहा है?
पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि तहसील और पुलिस प्रशासन की ओर से लगातार उन पर दबाव बनाया जा रहा है, जबकि उनकी शिकायतों पर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हो रही।
अब निगाहें तहसील प्रशासन और जिला प्रशासन पर टिकी हैं। क्या पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी? 
क्या पैमाइश में गड़बड़ी करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी? या फिर एक बुजुर्ग किसान न्याय के लिए यूं ही दफ्तरों की चौखट नापता रहेगा?
यदि लगाए गए आरोपों में सच्चाई पाई जाती है, तो यह मामला केवल एक किसान की जमीन का नहीं, बल्कि राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है।
ब्यूरो रिपोर्ट
    user_Sarveshpandey
    Sarveshpandey
    Faizabad, Ayodhya•
    13 min ago
  • ये देश के सामने संवैधानिक मुसीबत खड़ी करना चाहते हैसुप्रीम कोर्ट से भी बड़े हो गए हैं
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    ये देश के सामने संवैधानिक मुसीबत खड़ी करना चाहते हैसुप्रीम कोर्ट से भी बड़े हो गए हैं
    user_आपकी ताकत अयोध्या
    आपकी ताकत अयोध्या
    Local News Reporter Faizabad, Ayodhya•
    1 hr ago
  • प्रभारी उपनिदेशक फायर सर्विस परिक्षेत्र लखनऊ /अयोध्या एम पी सिंह से खास मुलाकात अयोध्या।सावन मेला एवं कांवड़ यात्रा के दौरान हजारों की संख्या में सावन मेले व कावड़िये व श्रद्धालु अयोध्या आते है।इस दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी ना हो इसके लिए कमिश्नर राजेश कुमार डीआईजी सोमेन वर्मा डीएम शशांक त्रिपाठी एसएसपी डॉक्टर गौरव ग्रोवर बैठक कर संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश दे रहे हैं।वही श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर अग्निशमन विभाग ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं।यह जानकारी देते हुए प्रभारी उपनिदेशक फायर सर्विस परिक्षेत्र लखनऊ/अयोध्या एमपी सिंह ने बताया कि सावन झूला 15 अगस्त से शुरू हो रहा है और 28 अगस्त को खत्म होगा।सावन मेला और कावड़ और कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की अग्नि दुर्घटना से बचाव के लिए विशेष सतर्कता बरतना अत्यंत आवश्यक है।बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रमुख स्थलों पर टेंट,मेला आयोजकों, मंदिर समितियों से अपील करते हुए कहा कि सभी अस्थायी टेंट अग्निशमन सुरक्षा मानकों के अनुरूप ही लगाए जाएं।टेंट में खुले या लटकते बिजली के तारों का प्रयोग न करें तथा घटिया या ओवरलोड विद्युत उपकरणों से बचें।उन्होंने कहा कि टेंट की संरचना में लोहे की रॉड के स्थान पर सुरक्षित एवं मानक सामग्री का उपयोग किया जाए।कहा कि भी कहा कि गैस सिलेंडर, जनरेटर एवं ज्वलनशील पदार्थों का उपयोग पूरी सावधानी के साथ करें।टेंटों में अग्निशमन यंत्र एवं पानी की पर्याप्त व्यवस्था अवश्य रखें तथा आपातकालीन निकास मार्ग हमेशा खुला रखें।
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    प्रभारी उपनिदेशक फायर सर्विस परिक्षेत्र लखनऊ /अयोध्या एम पी सिंह से खास मुलाकात 
अयोध्या।सावन मेला एवं कांवड़ यात्रा के दौरान हजारों की संख्या में सावन मेले व कावड़िये व श्रद्धालु अयोध्या आते है।इस दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी ना हो इसके लिए कमिश्नर राजेश कुमार डीआईजी सोमेन वर्मा डीएम शशांक त्रिपाठी एसएसपी डॉक्टर गौरव ग्रोवर बैठक कर संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश दे रहे हैं।वही श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर अग्निशमन विभाग ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं।यह जानकारी देते हुए प्रभारी उपनिदेशक फायर सर्विस परिक्षेत्र लखनऊ/अयोध्या एमपी सिंह ने बताया कि सावन झूला 15 अगस्त से शुरू हो रहा है और 28 अगस्त को खत्म होगा।सावन मेला और कावड़ और कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की अग्नि दुर्घटना से बचाव के लिए विशेष सतर्कता बरतना अत्यंत आवश्यक है।बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रमुख स्थलों पर टेंट,मेला आयोजकों, मंदिर समितियों से अपील करते हुए कहा कि सभी अस्थायी टेंट अग्निशमन सुरक्षा मानकों के अनुरूप ही लगाए जाएं।टेंट में खुले या लटकते बिजली के तारों का प्रयोग न करें तथा घटिया या ओवरलोड विद्युत उपकरणों से बचें।उन्होंने कहा कि टेंट की संरचना में लोहे की रॉड के स्थान पर सुरक्षित एवं मानक सामग्री का उपयोग किया जाए।कहा कि भी कहा कि गैस सिलेंडर, जनरेटर एवं ज्वलनशील पदार्थों का उपयोग पूरी सावधानी के साथ करें।टेंटों में अग्निशमन यंत्र एवं पानी की पर्याप्त व्यवस्था अवश्य रखें तथा आपातकालीन निकास मार्ग हमेशा खुला रखें।
    user_Rajesh Srivastava
    Rajesh Srivastava
    Local News Reporter फैजाबाद, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • कलवारी थाना पुलिस की उदासीनता के कारण रास्ता बंद होने से आधा दर्जन गरीब परिवार घरों में कैद हो गए हैं। अजीत मिश्रा (खोजी) बस्ती: कलवारी थाना क्षेत्र के गौरा रोहारी में भू-माफियाओं का आतंक, 50 साल पुराने रास्ते पर कब्जा और पुलिस-प्रशासन की लचर कार्यशैली समय रहते दबंगों पर कार्रवाई न होने पर क्षेत्र में बड़े विवाद की आशंका जताई जा रही है। ​कलवारी थाना पुलिस की उदासीनता के कारण रास्ता बंद होने से आधा दर्जन गरीब परिवार घरों में कैद हो गए हैं। ​एसडीएम के आदेश की धज्जियां उड़ाते हुए क्षेत्रीय लेखपाल राजेश वर्मा पैमाइश से भाग रहे हैं और गैर-जिम्मेदाराना बयान दे रहे हैं। ​दबंग रामवृक्ष, राघोराम और रामबचन के आगे कलवारी पुलिस पूरी तरह नतमस्तक नजर आ रही है। ​स्थान: गौरा रोहारी गाँव, कलवारी थाना क्षेत्र, बस्ती। ​विवाद का मुख्य कारण: 50 साल पुराने सार्वजनिक रास्ते पर दबंगों द्वारा जबरन कब्जा और दीवार का निर्माण, जिससे आधा दर्जन गरीब परिवार कैद होकर रह गए हैं। ​प्रमुख आरोपी: रामवृक्ष, राघोराम और रामबचन। ​प्रशासनिक लापरवाही: एसडीएम के आदेश के बावजूद लेखपाल (राजेश वर्मा) द्वारा पैमाइश से पीछे हटना और गैर-जिम्मेदाराना बयान देना ("SDM खुद आकर करें पैमाइश")। ​पुलिस की भूमिका: कलवारी पुलिस की कथित संलिप्तता और उदासीनता के चलते दबंगों के हौसले बुलंद हैं। ​बस्ती जिले के कलवारी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गौरा रोहारी गाँव में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से दम तोड़ती नजर आ रही है। यहाँ प्रशासनिक साठगांठ और पुलिस की निष्क्रियता के चलते भू-माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि उन्होंने 50 साल पुराने सार्वजनिक रास्ते पर जबरन कब्जा कर लिया है। रास्ते को बंद किए जाने के कारण आधा दर्जन से अधिक गरीब परिवार अपने ही घरों में कैद होने को मजबूर हो गए हैं। ​आपस में भिड़े पक्ष, वायरल हुआ वीडियो ​रास्ते के विवाद को लेकर आज दोनों पक्षों के बीच तीखी झड़प हुई। बात इतनी बढ़ गई कि मौके पर जमकर गाली-गलौज और हंगामा हुआ। इस दौरान स्थानीय लोगों द्वारा बनाए गए हंगामे और गाली-गलौज का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जो क्षेत्र में सुलग रहे बड़े विवाद की गवाही दे रहा है। ​एसडीएम के आदेशों की धज्जियां उड़ा रहा बेपरवाह लेखपाल ​इस पूरे मामले में क्षेत्रीय लेखपाल राजेश वर्मा की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि लेखपाल एसडीएम के निर्देशों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं और पैमाइश करने से लगातार भाग रहे हैं। हद तो तब हो गई जब लेखपाल ने गैर-जिम्मेदाराना बयान देते हुए कहा कि "SDM खुद आकर करें पैमाइश"। एक जिम्मेदार लोक सेवक का ऐसा बयान प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़ा कलंक है। ​खाकी और खादी के संरक्षण में पनप रहा अपराध ​स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि दबंग किस्म के लोग—रामवृक्ष, राघोराम और रामबचन—कानून को ठेंगा दिखा रहे हैं और कलवारी थाना पुलिस इन रसूखदारों के आगे पूरी तरह नतमस्तक और 'धृतराष्ट्र' बनी बैठी है। चिलचिलाती धूप में अपनी फरियाद लेकर न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर बेबस ग्रामीण जिले के आला अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर थक चुके हैं, लेकिन उनकी सुधि लेने वाला कोई नहीं है। ​चेतावनी: यदि समय रहते बस्ती प्रशासन और उच्च अधिकारियों ने इस मामले का संज्ञान नहीं लिया और दबंगों पर सख्त कार्रवाई करते हुए गरीबों के घर का रास्ता नहीं खुलवाया, तो गौरा रोहारी गाँव में कभी भी एक बड़ा खूनी संघर्ष और बवाल भड़क सकता है। ​क्या जिला प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है, या फिर पीड़ित गरीबों को अब न्याय के लिए यूं ही सड़कों पर भटकना पड़ेगा? यह सवाल आज हर न्यायप्रिय नागरिक की जुबान पर है।
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    कलवारी थाना पुलिस की उदासीनता के कारण रास्ता बंद होने से आधा दर्जन गरीब परिवार घरों में कैद हो गए हैं।
अजीत मिश्रा (खोजी)
बस्ती: कलवारी थाना क्षेत्र के गौरा रोहारी में भू-माफियाओं का आतंक, 50 साल पुराने रास्ते पर कब्जा और पुलिस-प्रशासन की लचर कार्यशैली
समय रहते दबंगों पर कार्रवाई न होने पर क्षेत्र में बड़े विवाद की आशंका जताई जा रही है।
​कलवारी थाना पुलिस की उदासीनता के कारण रास्ता बंद होने से आधा दर्जन गरीब परिवार घरों में कैद हो गए हैं।
​एसडीएम के आदेश की धज्जियां उड़ाते हुए क्षेत्रीय लेखपाल राजेश वर्मा पैमाइश से भाग रहे हैं और गैर-जिम्मेदाराना बयान दे रहे हैं।
​दबंग रामवृक्ष, राघोराम और रामबचन के आगे कलवारी पुलिस पूरी तरह नतमस्तक नजर आ रही है।
​स्थान: गौरा रोहारी गाँव, कलवारी थाना क्षेत्र, बस्ती।
​विवाद का मुख्य कारण: 50 साल पुराने सार्वजनिक रास्ते पर दबंगों द्वारा जबरन कब्जा और दीवार का निर्माण, जिससे आधा दर्जन गरीब परिवार कैद होकर रह गए हैं।
​प्रमुख आरोपी: रामवृक्ष, राघोराम और रामबचन।
​प्रशासनिक लापरवाही: एसडीएम के आदेश के बावजूद लेखपाल (राजेश वर्मा) द्वारा पैमाइश से पीछे हटना और गैर-जिम्मेदाराना बयान देना ("SDM खुद आकर करें पैमाइश")।
​पुलिस की भूमिका: कलवारी पुलिस की कथित संलिप्तता और उदासीनता के चलते दबंगों के हौसले बुलंद हैं।
​बस्ती जिले के कलवारी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गौरा रोहारी गाँव में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से दम तोड़ती नजर आ रही है। यहाँ प्रशासनिक साठगांठ और पुलिस की निष्क्रियता के चलते भू-माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि उन्होंने 50 साल पुराने सार्वजनिक रास्ते पर जबरन कब्जा कर लिया है। रास्ते को बंद किए जाने के कारण आधा दर्जन से अधिक गरीब परिवार अपने ही घरों में कैद होने को मजबूर हो गए हैं।
​आपस में भिड़े पक्ष, वायरल हुआ वीडियो
​रास्ते के विवाद को लेकर आज दोनों पक्षों के बीच तीखी झड़प हुई। बात इतनी बढ़ गई कि मौके पर जमकर गाली-गलौज और हंगामा हुआ। इस दौरान स्थानीय लोगों द्वारा बनाए गए हंगामे और गाली-गलौज का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जो क्षेत्र में सुलग रहे बड़े विवाद की गवाही दे रहा है।
​एसडीएम के आदेशों की धज्जियां उड़ा रहा बेपरवाह लेखपाल
​इस पूरे मामले में क्षेत्रीय लेखपाल राजेश वर्मा की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि लेखपाल एसडीएम के निर्देशों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं और पैमाइश करने से लगातार भाग रहे हैं। हद तो तब हो गई जब लेखपाल ने गैर-जिम्मेदाराना बयान देते हुए कहा कि "SDM खुद आकर करें पैमाइश"। एक जिम्मेदार लोक सेवक का ऐसा बयान प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़ा कलंक है।
​खाकी और खादी के संरक्षण में पनप रहा अपराध
​स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि दबंग किस्म के लोग—रामवृक्ष, राघोराम और रामबचन—कानून को ठेंगा दिखा रहे हैं और कलवारी थाना पुलिस इन रसूखदारों के आगे पूरी तरह नतमस्तक और 'धृतराष्ट्र' बनी बैठी है। चिलचिलाती धूप में अपनी फरियाद लेकर न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर बेबस ग्रामीण जिले के आला अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर थक चुके हैं, लेकिन उनकी सुधि लेने वाला कोई नहीं है।
​चेतावनी: यदि समय रहते बस्ती प्रशासन और उच्च अधिकारियों ने इस मामले का संज्ञान नहीं लिया और दबंगों पर सख्त कार्रवाई करते हुए गरीबों के घर का रास्ता नहीं खुलवाया, तो गौरा रोहारी गाँव में कभी भी एक बड़ा खूनी संघर्ष और बवाल भड़क सकता है।
​क्या जिला प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है, या फिर पीड़ित गरीबों को अब न्याय के लिए यूं ही सड़कों पर भटकना पड़ेगा? यह सवाल आज हर न्यायप्रिय नागरिक की जुबान पर है।
    user_अजीत मिश्रा (खोजी)
    अजीत मिश्रा (खोजी)
    बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • अयोध्या ।।‌ करीब एक घंटे की बारिश में नगर निगम के दावे की खुली पोल, सिविल लाइन क्षेत्र में मधुर मिलन के बगल गंदा नाला हुआ ओवरफ्लो,बारिश का पानी और नाले की गंदगी दुकानों के बेसमेंट में घुसा, दुकानदार परेशान, लंबे समय से नाले की सफाई नहीं हुई, कई बार शिकायत के बावजूद नगर निगम ने सफाई नहीं कराई।
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    अयोध्या ।।‌ करीब एक घंटे की बारिश में नगर निगम के दावे की खुली पोल, सिविल लाइन क्षेत्र में मधुर मिलन के बगल गंदा नाला हुआ ओवरफ्लो,बारिश का पानी और नाले की गंदगी दुकानों के बेसमेंट में घुसा, दुकानदार परेशान, लंबे समय से नाले की सफाई नहीं हुई, कई बार शिकायत के बावजूद नगर निगम ने सफाई नहीं कराई।
    user_अजीत मिश्रा (खोजी)
    अजीत मिश्रा (खोजी)
    बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
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