बिजली संशोधन विधेयक 2025 के विरोध में बिजली कर्मचारियों का प्रदर्शन,केंद्र सरकार पर निजीकरण के लगाए आरोप,स्मार्ट मीटरिंग निजीकरण को बढ़ावा ... विद्युत नीति 2025 के खिलाफ गुरुवार को राष्ट्रीय विद्युत कर्मचारी एवं इंजीनियर समन्वय समिति (एनसीसीओईईई) द्वारा बिजली क्षेत्र के निजीकरण, विद्युत (संशोधन) विधेयक 2025, प्रस्तावित राष्ट्रीय विद्युत नीति 2026 और बिजली क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने के मूददे को लेकर कुमार हाउस में हल्ला बोला।केंद्र द्वारा लाये गए बिजली संशोधन विधेयक के विरोध में आज पूरे प्रदेश भर में विद्युत कर्मी टूल डाउन व पेन डाउन स्ट्राइक पर रहे।विद्युत कर्मियों का कहना है इस विधेयक से केंद्र सरकार निजीकरण को बढ़ावा देना चाहती है।वहीं नियमित और स्थायी कार्यों के लिए बिजली क्षेत्र में बड़े पैमाने पर आउटसोर्सिंग की जा रही है । वहीं भोजनावकाश के दौरान शिमला के कुमार हाउस में विद्युत कर्मियों ने प्रदर्शन किया। विओ : HPSEBL संयुक्त सामान्य समिति के संयोजक हीरालाल वर्मा ने बताया कि बिजली संशोधन विधेयक 2025 के विरोध में प्रदेश में लगभग 65 तहसीलों पर विद्युत कर्मी इस विधेयक के विरोध में सड़कों पर उतरे है।इस विधेयक में निजीकरण की बात कही गयी है।इसके दुष्परिणाम है जिसका इस प्रदर्शन के माध्यम से विरोध किया जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा जो स्मार्ट मीटर मीटरिंग लाई गई है उसके पीछे मकसद निजीकरण है।स्मार्ट मीटरिंग जो लाई जा रही है उसके पीछे मकसद निजीकरण है।इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल जो प्रावधान रखे हैं कि मल्टी लाइसेंस कंपनियों को निजी हाथों में दिया जाए।केंद्र सरकार के एजेंडे में निजीकरण है।RDG बंद कर दी गयी है जिसका असर सीधा प्रदेश पर पड़ेगा ।अब केंद्र बोरिंग लिमिट बढ़ा देगा देगा फिर केंद्र के पास जना पड़ेगा तो वह अपने एजेंडे प्रदेश के समक्ष रखेगी जिसमे निजीकरण OPS बंद करना तथा अन्य मूददे ।केंद्र इस तरह प्रदेश को आर्थिक स्थिति का लाभ उठाएगी। बाइट : हीरा लाल वर्मा संयोजक HPSEBL संयुक्त समन्वय समिति
बिजली संशोधन विधेयक 2025 के विरोध में बिजली कर्मचारियों का प्रदर्शन,केंद्र सरकार पर निजीकरण के लगाए आरोप,स्मार्ट मीटरिंग निजीकरण को बढ़ावा ... विद्युत नीति 2025 के खिलाफ गुरुवार को राष्ट्रीय विद्युत कर्मचारी एवं इंजीनियर समन्वय समिति (एनसीसीओईईई) द्वारा बिजली क्षेत्र के निजीकरण, विद्युत (संशोधन) विधेयक 2025, प्रस्तावित राष्ट्रीय विद्युत नीति 2026 और बिजली क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने के मूददे को लेकर कुमार हाउस में हल्ला बोला।केंद्र द्वारा लाये गए बिजली संशोधन विधेयक के विरोध में आज पूरे प्रदेश भर में विद्युत कर्मी टूल डाउन व पेन डाउन स्ट्राइक पर रहे।विद्युत कर्मियों का कहना है इस विधेयक से केंद्र सरकार निजीकरण को बढ़ावा देना चाहती है।वहीं नियमित और स्थायी कार्यों के लिए बिजली क्षेत्र में बड़े पैमाने पर आउटसोर्सिंग की जा रही है । वहीं भोजनावकाश के दौरान शिमला के कुमार हाउस में विद्युत कर्मियों ने प्रदर्शन किया। विओ : HPSEBL संयुक्त सामान्य समिति के संयोजक हीरालाल वर्मा ने बताया कि बिजली संशोधन विधेयक 2025 के विरोध में प्रदेश में लगभग 65 तहसीलों पर विद्युत कर्मी इस विधेयक के विरोध में सड़कों पर उतरे है।इस विधेयक में निजीकरण की बात कही गयी है।इसके दुष्परिणाम है जिसका इस प्रदर्शन के माध्यम से विरोध किया जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा जो स्मार्ट मीटर मीटरिंग लाई गई है उसके पीछे मकसद निजीकरण है।स्मार्ट मीटरिंग जो लाई जा रही है उसके पीछे मकसद निजीकरण है।इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल जो प्रावधान रखे हैं कि मल्टी लाइसेंस कंपनियों को निजी हाथों में दिया जाए।केंद्र सरकार के एजेंडे में निजीकरण है।RDG बंद कर दी गयी है जिसका असर सीधा प्रदेश पर पड़ेगा ।अब केंद्र बोरिंग लिमिट बढ़ा देगा देगा फिर केंद्र के पास जना पड़ेगा तो वह अपने एजेंडे प्रदेश के समक्ष रखेगी जिसमे निजीकरण OPS बंद करना तथा अन्य मूददे ।केंद्र इस तरह प्रदेश को आर्थिक स्थिति का लाभ उठाएगी। बाइट : हीरा लाल वर्मा संयोजक HPSEBL संयुक्त समन्वय समिति
- विद्युत नीति 2025 के खिलाफ गुरुवार को राष्ट्रीय विद्युत कर्मचारी एवं इंजीनियर समन्वय समिति (एनसीसीओईईई) द्वारा बिजली क्षेत्र के निजीकरण, विद्युत (संशोधन) विधेयक 2025, प्रस्तावित राष्ट्रीय विद्युत नीति 2026 और बिजली क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने के मूददे को लेकर कुमार हाउस में हल्ला बोला।केंद्र द्वारा लाये गए बिजली संशोधन विधेयक के विरोध में आज पूरे प्रदेश भर में विद्युत कर्मी टूल डाउन व पेन डाउन स्ट्राइक पर रहे।विद्युत कर्मियों का कहना है इस विधेयक से केंद्र सरकार निजीकरण को बढ़ावा देना चाहती है।वहीं नियमित और स्थायी कार्यों के लिए बिजली क्षेत्र में बड़े पैमाने पर आउटसोर्सिंग की जा रही है । वहीं भोजनावकाश के दौरान शिमला के कुमार हाउस में विद्युत कर्मियों ने प्रदर्शन किया। विओ : HPSEBL संयुक्त सामान्य समिति के संयोजक हीरालाल वर्मा ने बताया कि बिजली संशोधन विधेयक 2025 के विरोध में प्रदेश में लगभग 65 तहसीलों पर विद्युत कर्मी इस विधेयक के विरोध में सड़कों पर उतरे है।इस विधेयक में निजीकरण की बात कही गयी है।इसके दुष्परिणाम है जिसका इस प्रदर्शन के माध्यम से विरोध किया जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा जो स्मार्ट मीटर मीटरिंग लाई गई है उसके पीछे मकसद निजीकरण है।स्मार्ट मीटरिंग जो लाई जा रही है उसके पीछे मकसद निजीकरण है।इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल जो प्रावधान रखे हैं कि मल्टी लाइसेंस कंपनियों को निजी हाथों में दिया जाए।केंद्र सरकार के एजेंडे में निजीकरण है।RDG बंद कर दी गयी है जिसका असर सीधा प्रदेश पर पड़ेगा ।अब केंद्र बोरिंग लिमिट बढ़ा देगा देगा फिर केंद्र के पास जना पड़ेगा तो वह अपने एजेंडे प्रदेश के समक्ष रखेगी जिसमे निजीकरण OPS बंद करना तथा अन्य मूददे ।केंद्र इस तरह प्रदेश को आर्थिक स्थिति का लाभ उठाएगी। बाइट : हीरा लाल वर्मा संयोजक HPSEBL संयुक्त समन्वय समिति1
- भगवान शिव परिवार से जुड़ी दिव्य कथाओं को सुन कर भक्ति रस से सराबोर हुआ पंडाल1
- जिला मुख्यालय बिलासपुर में विभिन्न ट्रेड यूनियनों के बैनर तले श्रमिकों ने केंद्र सरकार की कथित मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान लक्ष्मी नारायण मंदिर से चेतना चौक होते हुए उपायुक्त कार्यालय तक रोष रैली निकाली गई और जमकर नारेबाजी की गई। रैली की अगुवाई ट्रेड यूनियन नेता प्रमिला बसु, प्रवेश चंदेल और लखनपाल ने की। उनके नेतृत्व में बड़ी संख्या में श्रमिक, कर्मचारी और यूनियन पदाधिकारी रैली में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए और श्रमिक हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। ट्रेड यूनियन नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों से मजदूर वर्ग लगातार प्रभावित हो रहा है। श्रम कानूनों में बदलाव, निजीकरण और बढ़ती महंगाई के कारण मजदूरों और कर्मचारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ा है। उन्होंने न्यूनतम वेतन बढ़ाने, ठेका प्रथा समाप्त करने, श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने और सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण पर रोक लगाने की मांग उठाई। रैली शहर के मुख्य बाजार , गुरद्वारा चौक और चेतना चौक से होती हुई उपायुक्त कार्यालय पहुंची, जहां प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी की। बाद में ट्रेड यूनियन पदाधिकारियों ने उपायुक्त के माध्यम से केंद्र सरकार को ज्ञापन भेजकर मजदूरों की समस्याओं के समाधान की मांग की। ट्रेड यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मजदूरों की मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रमिकों की मौजूदगी से शहर में कुछ समय के लिए माहौल गरमाया रहा।1
- हिमाचल की आवाज़ आज हमारी नन्ही पत्रकार के घर में खुशबू ही खुशबू है क्योंकि पापा ने अपने हाथों से बनाई है पारंपरिक हिमाचली “घी बाड़ी” देसी घी की खुशबू, दही वाली स्वादिष्ट ग्रेवी और प्यार से बनी बड़ी — आज घर में पूरा धाम वाला माहौल बन गया नन्ही पत्रकार ने भी चख कर कहा — “वाह पापा, क्या बात है!” हिमाचल की यही तो खासियत है — स्वाद भी अपना, परंपरा भी अपनी और परिवार का प्यार भी अपना।1
- रामपुर बुशहर में विद्युत विभाग के कर्मचारियों का निजीकरण के खिलाफ उग्र विरोध प्रदर्शन कर्मचारियों ने बिजली बोर्ड के प्रस्तावित निजीकरण को जनहित के खिलाफ बताते हुए जोरदार नारेबाजी की और सरकार से निर्णय वापस लेने की मांग की।1
- रामपुर बुशैहर में विद्युत विभाग कर्मचारियों द्वारा विद्युत विभाग निजीकरण के विरोध में किया बड़ा प्रदर्शन #kullutodaynews #SachKiAwaaz #MediaPower #HimachalNews #himachalkiawaaz #himachalpradesh #rampur #BreakingNews #shimla #kullu1
- पिंजौर की तंग मार्किट में ट्रैफिक जाम से फंसी एम्बुलैंस नही मिला रास्ता लौटी वापिस, धारा मंडल के सामने खड़े है अवैध ढंग से वाहन बन रहे जाम की वजह1
- मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में सचिवालय में कैबिनेट बैठक हुई जिसमें RDG के बंद होने के बावजूद भी सरकार ने प्रदेश में विकासात्मक गतिविधियों बंद न करने का दावा किया है। कैबिनेट ने OPS और भर्तियों को पहले की तरह जारी रखने का आश्वासन दिया है। कैबिनेट ने प्रदेश के विभिन्न विभागों में खाली पड़े 1066 पदों को भरने की मंजूरी दी है। कैबिनेट ने RDG बंद होने के बावजूद हिमाचल प्रदेश में संसाधन सृजित करने का निर्णय लिया ताकि प्रदेश की आर्थिक स्थिति ठीक हो सके। कैबिनेट निर्णयों की जानकारी देते हुए उद्योग मंत्री हर्ष वर्धन चौहान ने कहा कि RDG बंद होने का हिमाचल प्रदेश के विकास पर असर नहीं होने दिया जाएगा। RDG बन्द करने से हिमाचल को धक्का लगा है लेकिन हिमाचल में अपने संसाधन सृजित किए जाएंगे। सरकार ने तीन साल में 3500 करोड़ का राजस्व अर्जित किया है। इसके अलावा कैबिनेट ने राज्यपाल के अभिभाषण को मंजूरी दी है।स्वास्थ्य विभाग में 30 पद रेडियोग्राफर के भरने को मंजूरी दी गई है। कैबिनेट ने महिला होम गार्ड कर्मियों को 26 सप्ताह का मातृत्व अवकाश देने को मंजूरी दी है। कैबिनेट ने 1617 करोड़ के जायका प्रोजेक्ट्स के तहत स्वास्थ्य संस्थानों में पुरानी मशीनरी की जगह नए आधुनिक उपकरण खरीदने को मंजूरी दी है। साथ ही 150 पद जॉब ट्रेनी की स्वास्थ्य विभाग में स्वीकृत किए हैं।190 जूनियर इंजीनियर पद भरने को मंजूरी दी है।आवकारी नीति को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है अब E ऑक्शन के माध्यम से शराब के ठेकों की नीलामी की जाएगी।स्ट्रीट वेंडर्स की नीति को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है।PWD विभाग में रोड ड्रेनेज पॉलिसी को कैबिनेट ने मंजूरी दी है। इसके अलावा Food safety अधिकारी के 10 पदों को भरने की मंजूरी दी है।100 CBSE स्कूलों में अलग अलग विषयों के 600 अध्यापकों के पदों को भरने की कैबिनेट ने मंजूरी दी है। बाइट.... हर्षवर्धन चौहान.... उद्योग मंत्री हिमाचल प्रदेश2