प्रयागराज के औद्योगिक थाना क्षेत्र अंतर्गत रामपुर में दबंगों ने एक घर में घुसकर पूरे परिवार पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला किया। इस हमले में महिलाओं के सिर फोड़ दिए गए, जबकि मोबाइल फोन और सीसीटीवी कैमरे भी तोड़ दिए गए। पीड़ित परिवार के अनुसार, बबलू उर्फ़ अशफाक, अरमान पुत्र अशफाक, अर्सलान पुत्र अशफाक, अयान पुत्र अशफाक, अलफ़ाक और आफ़ताब ने मिलकर यह भयंकर मारपीट की है। पीड़ित परिवार ने यह भी बताया कि पिछले साल दबंग परिवार के एक लड़के अरमान पर अवैध असलहे का प्रदर्शन करने और उसके वीडियो-फोटो वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्यवाही की थी। इसके बावजूद, इन दबंगों में औद्योगिक क्षेत्र की पुलिस का कोई डर नहीं दिखाई देता। इसके अलावा, रामपुर पुलिस पर भी इन आरोपियों को बचाने के गंभीर आरोप लग रहे हैं। घायल पीड़ित परिवार थाने पहुँच कर न्याय की गुहार लगा रहा है, लेकिन उनका कहना है कि थाने पर उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
प्रयागराज के औद्योगिक थाना क्षेत्र अंतर्गत रामपुर में दबंगों ने एक घर में घुसकर पूरे परिवार पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला किया। इस हमले में महिलाओं के सिर फोड़ दिए गए, जबकि मोबाइल फोन और सीसीटीवी कैमरे भी तोड़ दिए गए। पीड़ित परिवार के अनुसार, बबलू उर्फ़ अशफाक, अरमान पुत्र अशफाक, अर्सलान पुत्र अशफाक, अयान पुत्र अशफाक, अलफ़ाक और आफ़ताब ने मिलकर यह भयंकर मारपीट की है। पीड़ित परिवार ने यह भी बताया कि पिछले साल दबंग परिवार के एक लड़के अरमान पर अवैध असलहे का प्रदर्शन करने और उसके वीडियो-फोटो वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्यवाही की थी। इसके बावजूद, इन दबंगों में औद्योगिक क्षेत्र की पुलिस का कोई डर नहीं दिखाई देता। इसके अलावा, रामपुर पुलिस पर भी इन आरोपियों को बचाने के गंभीर आरोप लग रहे हैं। घायल पीड़ित परिवार थाने पहुँच कर न्याय की गुहार लगा रहा है, लेकिन उनका कहना है कि थाने पर उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
- प्रयागराज के बारा स्थित छिड़ी गांव की निवासी माला देवी नामक एक दलित महिला ने तहसील प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। माला देवी का कहना है कि प्रशासन ने बिना किसी पूर्व सूचना या सुनवाई के उनके मकान को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया है। पीड़िता ने बताया कि उनका परिवार कई पीढ़ियों से उसी भूमि पर निवास कर रहा था। महिला ने इस कार्रवाई को पूरी तरह से अवैध करार दिया है। उन्होंने यह भी बताया कि 20 जून को संपूर्ण समाधान दिवस में उन्होंने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन इसके बावजूद उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। अब माला देवी इस मामले में गहन जांच कराने, अपने हुए नुकसान के लिए उचित मुआवजा प्रदान करने और इस घटना के लिए जिम्मेदार दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग कर रही हैं। इस मामले में अभी तक प्रशासनिक पक्ष सामने आना बाकी है।1
- प्रयागराज के असवा गांव में मकदुम्म पहाड़ के संरक्षण और राष्ट्रीय पक्षी मोर की सुरक्षा की मांग को लेकर आज एक धरना प्रदर्शन शुरू हो गया है। भारतीय किसान यूनियन प्रयाग के उपजिलाध्यक्ष ऋषि पांडे के नेतृत्व में हो रहे इस आंदोलन को समाजवादी पार्टी के नेता राजू पासी और जिला उपाध्यक्ष रमाकांत यादव ने भी धरना स्थल पर पहुंचकर अपना समर्थन दिया है। यह धरना बारा तहसील के अंतर्गत असवा गांव में शुरू हुआ है। आंदोलनकारियों का कहना है कि मकदुम्म पहाड़ क्षेत्र में चल रहे अवैध खनन और पत्थर कटान से पहाड़ को गंभीर क्षति पहुंच रही है। इससे राष्ट्रीय पक्षी मोर सहित अन्य वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास उजड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि मोर एक राष्ट्रीय पक्षी है, जिसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। ऋषि पांडे ने चेतावनी दी है कि जब तक प्रशासन पहाड़ को बचाने और मोर के संरक्षण के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाता, तब तक यह धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। राजू पासी ने पर्यावरण और वन्यजीवों को बचाने को सबकी सामूहिक जिम्मेदारी बताया है और सरकार से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मकदुम्म पहाड़ क्षेत्र को संरक्षित क्षेत्र घोषित करने, अवैध खनन और कटान पर तुरंत प्रतिबंध लगाने, तथा मोर के लिए पर्याप्त वाटर होल और सुरक्षित जोन बनाने की मांग की है। इस धरने में बबलू मिश्रा, महेंद्र पांडे, शैलेंद्र शुक्ला, राम भवन मिश्रा, सुंदर मिश्रा, मुखिया पासी, मनोज पासी, डॉ राजकुमार, सियाराम पासी, सोनू पासी, हनुमान पासी, लाला पासी, राकेश पासी, अनिल उर्फ बबलू पासवान, मोहन पासी, मसूरियादिन पासी, रामसजीवन, ननके पासी, महेंद्र पासी, राधेश्याम, पार्वती देवी, सविता, इंद्रावती, प्रभावती, सुनीता देवी, सुशीला देवी, निर्मला देवी सहित कई अन्य लोग भी मौजूद रहे।1
- प्रयागराज के बारा तहसील के छिड़ी गांव की निवासी एक अनुसूचित जाति महिला, माला देवी ने तहसील प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि 20 जून को संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत करने के बावजूद उनकी सुनवाई नहीं हुई और प्रशासन ने बिना किसी पूर्व नोटिस या सुनवाई के उनके घर को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। माला देवी के अनुसार, उनका परिवार कई पीढ़ियों से उसी भूमि पर निवास कर रहा था, जिसे अवैध तरीके से गिराया गया है। इस कार्रवाई को अवैध बताते हुए, माला देवी ने मामले की गहन जांच कराने, उन्हें उचित मुआवजा देने और इस घटना के लिए जिम्मेदार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। हालांकि, इस मामले में प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान या पक्ष सामने नहीं आया है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब प्रयागराज में खेल मैदान पर दबंगों द्वारा किए गए अवैध कब्जे को ध्वस्त करने की कार्रवाई की गई है, जिसके बाद उप जिलाधिकारी (एसडीएम) ने अवैध कब्जेदारियों के खिलाफ सख्त चेतावनी भी जारी की है।1
- मिर्जापुर के विंध्याचल स्थित मां विंध्यवासिनी धाम में एक पत्रकार के साथ कथित मारपीट की घटना से जिले के पत्रकारों में गहरा आक्रोश है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है, जिससे निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। जानकारी के अनुसार, स्थानीय पत्रकार रामलाल साहनी अपनी वैवाहिक वर्षगांठ के उपलक्ष्य में मां विंध्यवासिनी के दर्शन के लिए मंदिर पहुंचे थे। आरोप है कि मंदिर परिसर में ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी ने उन्हें निकास द्वार से प्रवेश करने से रोक दिया, जिसके बाद उन्होंने दूसरे मार्ग से दर्शन किए। कुछ समय बाद, पत्रकार ने देखा कि वही पुलिसकर्मी अपने परिचितों को उसी निकास द्वार से दर्शन के लिए भेज रहा था। पत्रकार ने कथित तौर पर इस घटना का वीडियो बनाना शुरू किया, जिस पर नाराज पुलिसकर्मी ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और मारपीट की, जिससे पत्रकार घायल हो गए। घायल पत्रकार रामलाल साहनी ने दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, जिले के विभिन्न पत्रकार संगठनों और अन्य पत्रकारों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए निष्पक्ष जांच और दोषी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। पत्रकारों ने चिंता व्यक्त की है कि यदि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ से जुड़े लोगों के साथ ऐसी घटनाएं होती हैं, तो यह गंभीर विषय है। उन्होंने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कराने का आग्रह किया है। इस घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से वायरल हो रहा है। समाचार लिखे जाने तक पुलिस विभाग की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। फिलहाल, मामले की जांच जारी है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की संभावित कार्रवाई का इंतजार है।1
- प्रयागराज के औद्योगिक थाना क्षेत्र अंतर्गत रामपुर में दबंगों ने एक घर में घुसकर पूरे परिवार पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला किया। इस हमले में महिलाओं के सिर फोड़ दिए गए, जबकि मोबाइल फोन और सीसीटीवी कैमरे भी तोड़ दिए गए। पीड़ित परिवार के अनुसार, बबलू उर्फ़ अशफाक, अरमान पुत्र अशफाक, अर्सलान पुत्र अशफाक, अयान पुत्र अशफाक, अलफ़ाक और आफ़ताब ने मिलकर यह भयंकर मारपीट की है। पीड़ित परिवार ने यह भी बताया कि पिछले साल दबंग परिवार के एक लड़के अरमान पर अवैध असलहे का प्रदर्शन करने और उसके वीडियो-फोटो वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्यवाही की थी। इसके बावजूद, इन दबंगों में औद्योगिक क्षेत्र की पुलिस का कोई डर नहीं दिखाई देता। इसके अलावा, रामपुर पुलिस पर भी इन आरोपियों को बचाने के गंभीर आरोप लग रहे हैं। घायल पीड़ित परिवार थाने पहुँच कर न्याय की गुहार लगा रहा है, लेकिन उनका कहना है कि थाने पर उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।1
- लखनऊ के हजरतगंज क्षेत्र स्थित सिविल अस्पताल में एक नशे में धुत युवक ने जमकर हंगामा किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। युवक ने अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ की और वहां मौजूद डॉक्टर तथा नर्सों के साथ बदसलूकी भी की। इस तोड़फोड़ के चलते युवक खुद घायल भी हो गया। घटना की सूचना मिलने पर हजरतगंज पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हंगामा कर रहे युवक को पकड़ लिया।1
- सूरत ग्रामीण जिला पुलिस ने 'तेरा तुझको अर्पण कार्यक्रम' के तहत चोरी हुए या गुम हुए कुल 222 मोबाइल फोन, जिनकी कीमत ₹42,84,917/- है, CEIR पोर्टल की मदद से बरामद कर उनके आवेदकों को वापस सौंप दिए हैं। यह पहल गुजरात पुलिस द्वारा की गई है, जिसका उद्देश्य लोगों को उनके खोए हुए सामान वापस दिलाना है। यह कार्यक्रम आज 22/06/2026 को सूरत जिले के कामरेज तालुका के वाव गांव स्थित श्री वशिष्ठ विद्यालय में आयोजित किया गया। इसकी अध्यक्षता सूरत रेंज पुलिस विभाग, सूरत के महानिरीक्षक श्री प्रेम वीर सिंह ने की। इस अवसर पर सूरत ग्रामीण जिला पुलिस के पुलिस अधीक्षक श्री राजेश गढिया भी उपस्थित रहे। सूरत ग्रामीण जिले के विभिन्न पुलिस थानों में हाल ही में या कम समय में चोरी या गुम हुए मोबाइल फोन की जानकारी संबंधित पुलिस स्टेशनों से एकत्र की गई थी। सूरत ग्रामीण जिले की LCB की तकनीकी टीम और पुलिस स्टेशनों ने मिलकर CEIR पोर्टल के माध्यम से इन सभी मोबाइल फोन की पहचान की। आज कुल 222 मोबाइल फोन बरामद किए गए और 'तेरा तुझको अर्पण कार्यक्रम' थीम के तहत उनके मालिकों/धारकों को सौंप दिए गए।4