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"ऑपरेशन प्रहार" के तहत देवास पुलिस की प्रभावी कार्यवाही, 24 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ 04 आरोपी गिरफ्तार थाना खातेगांव पुलिस ने अनाज मंडी स्थित गोदाम पर दबिश देकर 04 आरोपियों को किया गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से कुल 24 ग्राम ब्राउन शुगर, कीमत लगभग ₹2,40,000 जप्त ब्राउन शुगर बेचने के लिए ग्राहक का इंतजार कर रहे थे आरोपी, पुलिस ने घेराबंदी कर दबोचा मादक पदार्थ के स्रोत, सप्लाई चैन एवं नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों के संबंध में पूछताछ जारी

3 hrs ago
user_राजेश माल्या
राजेश माल्या
Dewas, Madhya Pradesh•
3 hrs ago

"ऑपरेशन प्रहार" के तहत देवास पुलिस की प्रभावी कार्यवाही, 24 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ 04 आरोपी गिरफ्तार थाना खातेगांव पुलिस ने अनाज मंडी स्थित गोदाम पर दबिश देकर 04 आरोपियों को किया गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से कुल 24 ग्राम ब्राउन शुगर, कीमत लगभग ₹2,40,000 जप्त ब्राउन शुगर बेचने के लिए ग्राहक का इंतजार कर रहे थे आरोपी, पुलिस ने घेराबंदी कर दबोचा मादक पदार्थ के स्रोत, सप्लाई चैन एवं नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों के संबंध में पूछताछ जारी

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  • "ऑपरेशन प्रहार" के तहत देवास पुलिस की प्रभावी कार्यवाही, 24 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ 04 आरोपी गिरफ्तार थाना खातेगांव पुलिस ने अनाज मंडी स्थित गोदाम पर दबिश देकर 04 आरोपियों को किया गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से कुल 24 ग्राम ब्राउन शुगर, कीमत लगभग ₹2,40,000 जप्त ब्राउन शुगर बेचने के लिए ग्राहक का इंतजार कर रहे थे आरोपी, पुलिस ने घेराबंदी कर दबोचा मादक पदार्थ के स्रोत, सप्लाई चैन एवं नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों के संबंध में पूछताछ जारी
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    "ऑपरेशन प्रहार" के तहत देवास पुलिस की प्रभावी कार्यवाही, 24 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ 04 आरोपी गिरफ्तार

थाना खातेगांव पुलिस ने अनाज मंडी स्थित गोदाम पर दबिश देकर 04 आरोपियों को किया गिरफ्तार

आरोपियों के कब्जे से कुल 24 ग्राम ब्राउन शुगर, कीमत लगभग ₹2,40,000 जप्त

ब्राउन शुगर बेचने के लिए ग्राहक का इंतजार कर रहे थे आरोपी, पुलिस ने घेराबंदी कर दबोचा

मादक पदार्थ के स्रोत, सप्लाई चैन एवं नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों के संबंध में पूछताछ जारी
    user_राजेश माल्या
    राजेश माल्या
    Dewas, Madhya Pradesh•
    3 hrs ago
  • दो दुनिया, एक देश! 🇮🇳 क्या यही है शिक्षा का अधिकार? #shorts #education इस वीडियो में हमने भारत की शिक्षा व्यवस्था की कड़वी सच्चाई को दिखाया है, जहाँ एक तरफ प्राइवेट स्कूलों में आधुनिक सुविधाएं (Labs, Playgrounds) हैं, वहीं दूसरी तरफ सरकारी स्कूलों के गरीब बच्चे बदहाल कमरों और पानी के बीच पढ़ने को मजबूर हैं। ​क्या यह सच में "शिक्षा का अधिकार" है? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं! ​Private school vs government school, Indian education system reality, Right to education India, Government school condition, Private school luxury, RTE Act India, Emotional education shorts, Legal Baba shorts, Two worlds one country education, Govt school vs private school comparison, Shiksha ka adhikar, Sarkari school vs private school, Trending shorts India, Social issue shorts
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    दो दुनिया, एक देश! 🇮🇳 क्या यही है शिक्षा का अधिकार? #shorts #education
इस वीडियो में हमने भारत की शिक्षा व्यवस्था की कड़वी सच्चाई को दिखाया है, जहाँ एक तरफ प्राइवेट स्कूलों में आधुनिक सुविधाएं (Labs, Playgrounds) हैं, वहीं दूसरी तरफ सरकारी स्कूलों के गरीब बच्चे बदहाल कमरों और पानी के बीच पढ़ने को मजबूर हैं।
​क्या यह सच में "शिक्षा का अधिकार" है? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं!
​Private school vs government school, Indian education system reality, Right to education India, Government school condition, Private school luxury, RTE Act India, Emotional education shorts, Legal Baba shorts, Two worlds one country education, Govt school vs private school comparison, Shiksha ka adhikar, Sarkari school vs private school, Trending shorts India, Social issue shorts
    user_𝐒𝐡𝐢𝐯𝐚𝐦 𝐒𝐰𝐚𝐫𝐧𝐤𝐚𝐫
    𝐒𝐡𝐢𝐯𝐚𝐦 𝐒𝐰𝐚𝐫𝐧𝐤𝐚𝐫
    Lawyer देवास, देवास, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • चंदन के पौधे लगवाने के नाम पर किसानों से लाखों की धोखाधड़ी का आरोप, हरणगांव थाने में शिकायत चंदन के पौधे लगवाने के नाम पर किसानों से लाखों की धोखाधड़ी का आरोप, हरणगांव थाने में शिकायत हरणगांव, देवास। चंदन के पौधे लगवाने और भविष्य में मोटा रिटर्न दिलाने का झांसा देकर किसानों से लाखों रुपये की धोखाधड़ी किए जाने का आरोप सामने आया है। मामले को लेकर ग्राम सातरागांव सहित आसपास के कई गांवों के किसानों ने 15 सितंबर 2026 को हरणगांव थाना प्रभारी को लिखित शिकायत देकर जांच और कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता बालम पिता बद्रीप्रसाद जाट, निवासी सातरागांव, ने शिकायत में बताया कि दिसंबर 2025 में Hariyali Boi Planted Limited नामक कंपनी के माध्यम से प्रमोद जाट निवासी भटनावर (राजस्थान) और मोहित जाट निवासी लोहारखेड़ी, जिला उज्जैन द्वारा क्षेत्र में किसानों को चंदन के पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया गया। 270 रुपये का पौधा, 40 हजार रुपये मिलने का दावा शिकायत के अनुसार किसानों को बताया गया कि कंपनी से एक चंदन का पौधा करीब 270 रुपये में मिलेगा। पौधा लगाने के बाद कंपनी की ओर से एग्रीमेंट कराने, खाद-दवाई नि:शुल्क देने और पौधा खराब होने पर दोबारा पौधा देने की बात कही गई। किसानों को यह भी बताया गया कि तीन महीने बाद कंपनी प्रति पौधा 1000 रुपये के हिसाब से रिटर्न देना शुरू करेगी और पांच साल तक हर छह महीने में भुगतान किया जाएगा। इसके अलावा आठ वर्ष बाद एक पौधे के 40 हजार रुपये मिलने का दावा भी किया गया। इन दावों पर भरोसा कर क्षेत्र के कई किसानों ने अपने खेतों में बड़ी संख्या में चंदन के पौधे लगवाए। शिकायत में किशनपुर, सातरागांव, करोंद, आमला, धर्मालीपुर, सुकेड़ी, मनोरा, गुनापासी, बुर्ज और पारसली सहित कई गांवों का उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार कुछ किसानों ने 100 से 200 तक पौधे भी लगवाए। एग्रीमेंट की बात आने पर बढ़ा विवाद किसानों का आरोप है कि जब उन्होंने संबंधित लोगों से एग्रीमेंट कराने और भुगतान को लेकर जानकारी मांगी तो मार्च 2026 के बाद दोनों लोगों ने क्षेत्र में आना बंद कर दिया। शिकायत के अनुसार उनके मोबाइल फोन भी बंद आने लगे। इसके बाद किसानों को कथित योजना को लेकर संदेह हुआ। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि किसानों को दिए गए चंदन के पौधे नर्सरी में करीब 10 रुपये में उपलब्ध होने की जानकारी बाद में मिली, जबकि किसानों से 270 रुपये प्रति पौधा लिए गए। किसानों का दावा है कि चंदन के पौधे लगवाने के नाम पर क्षेत्र के कई किसानों से लाखों रुपये की राशि ली गई है। पुलिस ने कही जांच के बाद कार्रवाई की बात मामले में किसानों ने थाना प्रभारी से पूरे प्रकरण की जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है। हरणगांव थाना प्रभारी का कहना है कि शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर उचित वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। नोट: किसानों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
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    चंदन के पौधे लगवाने के नाम पर किसानों से लाखों की धोखाधड़ी का आरोप, हरणगांव थाने में शिकायत
चंदन के पौधे लगवाने के नाम पर किसानों से लाखों की धोखाधड़ी का आरोप, हरणगांव थाने में शिकायत
हरणगांव, देवास। चंदन के पौधे लगवाने और भविष्य में मोटा रिटर्न दिलाने का झांसा देकर किसानों से लाखों रुपये की धोखाधड़ी किए जाने का आरोप सामने आया है। मामले को लेकर ग्राम सातरागांव सहित आसपास के कई गांवों के किसानों ने 15 सितंबर 2026 को हरणगांव थाना प्रभारी को लिखित शिकायत देकर जांच और कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ता बालम पिता बद्रीप्रसाद जाट, निवासी सातरागांव, ने शिकायत में बताया कि दिसंबर 2025 में Hariyali Boi Planted Limited नामक कंपनी के माध्यम से प्रमोद जाट निवासी भटनावर (राजस्थान) और मोहित जाट निवासी लोहारखेड़ी, जिला उज्जैन द्वारा क्षेत्र में किसानों को चंदन के पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया गया।
270 रुपये का पौधा, 40 हजार रुपये मिलने का दावा
शिकायत के अनुसार किसानों को बताया गया कि कंपनी से एक चंदन का पौधा करीब 270 रुपये में मिलेगा। पौधा लगाने के बाद कंपनी की ओर से एग्रीमेंट कराने, खाद-दवाई नि:शुल्क देने और पौधा खराब होने पर दोबारा पौधा देने की बात कही गई।
किसानों को यह भी बताया गया कि तीन महीने बाद कंपनी प्रति पौधा 1000 रुपये के हिसाब से रिटर्न देना शुरू करेगी और पांच साल तक हर छह महीने में भुगतान किया जाएगा। इसके अलावा आठ वर्ष बाद एक पौधे के 40 हजार रुपये मिलने का दावा भी किया गया।
इन दावों पर भरोसा कर क्षेत्र के कई किसानों ने अपने खेतों में बड़ी संख्या में चंदन के पौधे लगवाए। शिकायत में किशनपुर, सातरागांव, करोंद, आमला, धर्मालीपुर, सुकेड़ी, मनोरा, गुनापासी, बुर्ज और पारसली सहित कई गांवों का उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार कुछ किसानों ने 100 से 200 तक पौधे भी लगवाए।
एग्रीमेंट की बात आने पर बढ़ा विवाद
किसानों का आरोप है कि जब उन्होंने संबंधित लोगों से एग्रीमेंट कराने और भुगतान को लेकर जानकारी मांगी तो मार्च 2026 के बाद दोनों लोगों ने क्षेत्र में आना बंद कर दिया। शिकायत के अनुसार उनके मोबाइल फोन भी बंद आने लगे। इसके बाद किसानों को कथित योजना को लेकर संदेह हुआ।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि किसानों को दिए गए चंदन के पौधे नर्सरी में करीब 10 रुपये में उपलब्ध होने की जानकारी बाद में मिली, जबकि किसानों से 270 रुपये प्रति पौधा लिए गए। किसानों का दावा है कि चंदन के पौधे लगवाने के नाम पर क्षेत्र के कई किसानों से लाखों रुपये की राशि ली गई है।
पुलिस ने कही जांच के बाद कार्रवाई की बात
मामले में किसानों ने थाना प्रभारी से पूरे प्रकरण की जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
हरणगांव थाना प्रभारी का कहना है कि शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर उचित वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
नोट: किसानों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
    user_Journalist shubham
    Journalist shubham
    Dewas, Madhya Pradesh•
    14 hrs ago
  • मोदी सरकार जनता की जेब काटने का नया तरीका लेकर आई नया प्लान गरीबों पर गिरेगी यह बिजली जेब काटने वाली
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    मोदी सरकार जनता की जेब काटने का नया तरीका लेकर आई नया प्लान गरीबों पर गिरेगी यह बिजली जेब काटने वाली
    user_AARTI Jadhav
    AARTI Jadhav
    इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर पुलिस की तैयारी शुरू, सुरक्षा एजेंसियों का मंथन जारी इंदौर में 19 सितंबर को प्रस्तावित लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की अनुमति को लेकर प्रक्रिया जारी है। कार्यक्रम की सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां आयोजकों के साथ लगातार बैठक कर रही हैं। आयोजकों से कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा और व्यवस्थाओं की जानकारी ली जा रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सभी सुरक्षा बिंदुओं पर सहमति बनने और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद कार्यक्रम की अनुमति पर निर्णय लिया जाएगा। वीओ–1 इंदौर में 19 सितंबर को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम प्रस्तावित है। आयोजन स्थल तय होने के बाद अब सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। पुलिस सहित संबंधित सुरक्षा एजेंसियां कार्यक्रम के आयोजकों से लगातार चर्चा कर रही हैं और आयोजन की विस्तृत रूपरेखा समझी जा रही है। इसी बीच कार्यक्रम की अनुमति को लेकर पुलिस प्रवक्ता एडिशनल डीसीपी डॉ. राजेश दंडोतिया ने महत्वपूर्ण जानकारी दी। बाइट डॉ. राजेश दंडोतिया, एडिशनल डीसीपी एवं पुलिस प्रवक्ता
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    राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर पुलिस की तैयारी शुरू, सुरक्षा एजेंसियों का मंथन जारी
इंदौर में 19 सितंबर को प्रस्तावित लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की अनुमति को लेकर प्रक्रिया जारी है। कार्यक्रम की सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां आयोजकों के साथ लगातार बैठक कर रही हैं। आयोजकों से कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा और व्यवस्थाओं की जानकारी ली जा रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सभी सुरक्षा बिंदुओं पर सहमति बनने और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद कार्यक्रम की अनुमति पर निर्णय लिया जाएगा।
वीओ–1
इंदौर में 19 सितंबर को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम प्रस्तावित है। आयोजन स्थल तय होने के बाद अब सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। पुलिस सहित संबंधित सुरक्षा एजेंसियां कार्यक्रम के आयोजकों से लगातार चर्चा कर रही हैं और आयोजन की विस्तृत रूपरेखा समझी जा रही है। इसी बीच कार्यक्रम की अनुमति को लेकर पुलिस प्रवक्ता एडिशनल डीसीपी डॉ. राजेश दंडोतिया ने महत्वपूर्ण जानकारी दी।
बाइट
डॉ. राजेश दंडोतिया, एडिशनल डीसीपी एवं पुलिस प्रवक्ता
    user_SUNDARAM EXPRESS NEWS
    SUNDARAM EXPRESS NEWS
    Media company मल्हारगंज, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • देवास शासकीय भूमि से हटाएं अतिक्रमण लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई !
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    देवास शासकीय भूमि से हटाएं अतिक्रमण लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई   !
    user_Sajid Pathan
    Sajid Pathan
    सोनकच्छ, देवास, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • जनसुनवाई कलेक्टर कार्यालय कल अपनी समस्या लेकर पटवारी कलेक्टर साहब से मिले
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    जनसुनवाई कलेक्टर कार्यालय कल अपनी समस्या लेकर पटवारी कलेक्टर साहब से मिले
    user_V k Vishwakarma
    V k Vishwakarma
    Photographer इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • 🚨 AI फोटो एडिटिंग के बढ़ते इस्तेमाल के बीच डिजिटल प्राइवेसी को लेकर सावधानी जरूरी AI टूल्स से फोटो एडिटिंग आसान, लेकिन गलत इस्तेमाल से बन सकते हैं फर्जी और आपत्तिजनक डीपफेक नई दिल्ली/भोपाल। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित फोटो एडिटिंग टूल्स के बढ़ते इस्तेमाल के बीच लोगों की डिजिटल प्राइवेसी और तस्वीरों की सुरक्षा को लेकर चिंता भी बढ़ रही है। AI की मदद से फोटो का बैकग्राउंड बदलने, कपड़े और स्टाइल बदलने तथा पुरानी तस्वीरों को नया रूप देने जैसे कई काम कुछ ही सेकंड में किए जा सकते हैं। हालांकि, इन्हीं तकनीकों का गलत और गैर-सहमति वाला इस्तेमाल किसी व्यक्ति की तस्वीर को आपत्तिजनक या फर्जी रूप में प्रस्तुत करने के लिए किया जा सकता है। ऐसे मामलों में बनाई गई तस्वीर वास्तविक नहीं होती, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इससे संबंधित व्यक्ति की छवि, सम्मान और निजता को नुकसान पहुंच सकता है। वायरल पोस्ट में AI टूल्स के जरिए फोटो में कपड़े बदलने अथवा हटाने जैसे दावों को लेकर चेतावनी दी गई है। हालांकि, हर AI ऐप ऐसी सुविधा उपलब्ध कराता हो, यह जरूरी नहीं है। इसलिए किसी वायरल दावे को बिना जांचे सच मानने के बजाय उसके स्रोत और संबंधित AI टूल की वास्तविक क्षमताओं की पुष्टि करना जरूरी है। ⚠️ फोटो शेयर करते समय रखें सावधानी अपनी निजी तस्वीरें अनजान AI ऐप या वेबसाइट पर अपलोड करने से बचें। किसी भी ऐप को फोटो अपलोड करने से पहले उसकी Privacy Policy और Data Usage जरूर देखें। अनजान लिंक या संदिग्ध AI ऐप डाउनलोड न करें। अपनी तस्वीर के दुरुपयोग की आशंका होने पर स्क्रीनशॉट और लिंक जैसे सबूत सुरक्षित रखें। किसी व्यक्ति की फोटो को उसकी अनुमति के बिना आपत्तिजनक रूप में बनाना या प्रसारित करना गंभीर मामला हो सकता है। डिजिटल दौर में AI एक उपयोगी तकनीक है, लेकिन इसका इस्तेमाल जिम्मेदारी और सावधानी के साथ करना उतना ही जरूरी है। 🚨 AI फोटो एडिटिंग के बढ़ते इस्तेमाल के बीच डिजिटल प्राइवेसी को लेकर सावधानी जरूरी AI टूल्स से फोटो एडिटिंग आसान, लेकिन गलत इस्तेमाल से बन सकते हैं फर्जी और आपत्तिजनक डीपफेक नई दिल्ली/भोपाल। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित फोटो एडिटिंग टूल्स के बढ़ते इस्तेमाल के बीच लोगों की डिजिटल प्राइवेसी और तस्वीरों की सुरक्षा को लेकर चिंता भी बढ़ रही है। AI की मदद से फोटो का बैकग्राउंड बदलने, कपड़े और स्टाइल बदलने तथा पुरानी तस्वीरों को नया रूप देने जैसे कई काम कुछ ही सेकंड में किए जा सकते हैं। हालांकि, इन्हीं तकनीकों का गलत और गैर-सहमति वाला इस्तेमाल किसी व्यक्ति की तस्वीर को आपत्तिजनक या फर्जी रूप में प्रस्तुत करने के लिए किया जा सकता है। ऐसे मामलों में बनाई गई तस्वीर वास्तविक नहीं होती, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इससे संबंधित व्यक्ति की छवि, सम्मान और निजता को नुकसान पहुंच सकता है। वायरल पोस्ट में AI टूल्स के जरिए फोटो में कपड़े बदलने अथवा हटाने जैसे दावों को लेकर चेतावनी दी गई है। हालांकि, हर AI ऐप ऐसी सुविधा उपलब्ध कराता हो, यह जरूरी नहीं है। इसलिए किसी वायरल दावे को बिना जांचे सच मानने के बजाय उसके स्रोत और संबंधित AI टूल की वास्तविक क्षमताओं की पुष्टि करना जरूरी है। ⚠️ फोटो शेयर करते समय रखें सावधानी अपनी निजी तस्वीरें अनजान AI ऐप या वेबसाइट पर अपलोड करने से बचें। किसी भी ऐप को फोटो अपलोड करने से पहले उसकी Privacy Policy और Data Usage जरूर देखें। अनजान लिंक या संदिग्ध AI ऐप डाउनलोड न करें। अपनी तस्वीर के दुरुपयोग की आशंका होने पर स्क्रीनशॉट और लिंक जैसे सबूत सुरक्षित रखें। किसी व्यक्ति की फोटो को उसकी अनुमति के बिना आपत्तिजनक रूप में बनाना या प्रसारित करना गंभीर मामला हो सकता है। डिजिटल दौर में AI एक उपयोगी तकनीक है, लेकिन इसका इस्तेमाल जिम्मेदारी और सावधानी के साथ करना उतना ही जरूरी है।
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    🚨 AI फोटो एडिटिंग के बढ़ते इस्तेमाल के बीच डिजिटल प्राइवेसी को लेकर सावधानी जरूरी

AI टूल्स से फोटो एडिटिंग आसान, लेकिन गलत इस्तेमाल से बन सकते हैं फर्जी और आपत्तिजनक डीपफेक

नई दिल्ली/भोपाल। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित फोटो एडिटिंग टूल्स के बढ़ते इस्तेमाल के बीच लोगों की डिजिटल प्राइवेसी और तस्वीरों की सुरक्षा को लेकर चिंता भी बढ़ रही है। AI की मदद से फोटो का बैकग्राउंड बदलने, कपड़े और स्टाइल बदलने तथा पुरानी तस्वीरों को नया रूप देने जैसे कई काम कुछ ही सेकंड में किए जा सकते हैं।

हालांकि, इन्हीं तकनीकों का गलत और गैर-सहमति वाला इस्तेमाल किसी व्यक्ति की तस्वीर को आपत्तिजनक या फर्जी रूप में प्रस्तुत करने के लिए किया जा सकता है। ऐसे मामलों में बनाई गई तस्वीर वास्तविक नहीं होती, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इससे संबंधित व्यक्ति की छवि, सम्मान और निजता को नुकसान पहुंच सकता है।

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AI टूल्स से फोटो एडिटिंग आसान, लेकिन गलत इस्तेमाल से बन सकते हैं फर्जी और आपत्तिजनक डीपफेक
नई दिल्ली/भोपाल। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित फोटो एडिटिंग टूल्स के बढ़ते इस्तेमाल के बीच लोगों की डिजिटल प्राइवेसी और तस्वीरों की सुरक्षा को लेकर चिंता भी बढ़ रही है। AI की मदद से फोटो का बैकग्राउंड बदलने, कपड़े और स्टाइल बदलने तथा पुरानी तस्वीरों को नया रूप देने जैसे कई काम कुछ ही सेकंड में किए जा सकते हैं।
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    user_Journalist shubham
    Journalist shubham
    Dewas, Madhya Pradesh•
    14 hrs ago
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