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व्हीलचेयर नहीं, मजबूरी का सहारा! इटावा के अस्पताल में बीमार युवती को परिजनों ने कंधे पर उठाया — सरकार के पोस्टर कहते हैं “सब चंगा सी”, लेकिन ज़मीन पर सच्चाई कुछ और ही है।
Lock Mood News
व्हीलचेयर नहीं, मजबूरी का सहारा! इटावा के अस्पताल में बीमार युवती को परिजनों ने कंधे पर उठाया — सरकार के पोस्टर कहते हैं “सब चंगा सी”, लेकिन ज़मीन पर सच्चाई कुछ और ही है।
- Lock Mood Newsसोनबरसा, सहरसा, बिहारwelcome Friends1 hr ago
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- नाक रगड़वाई, गालियां दीं और पुलिस सब देखती रही — क्या कानून अब सिर्फ आम जनता के लिए है?1
- सौर बाजार के मुख्य सड़क मार्ग के किनारे दो सूखे विशाल पेड़ वर्षों से खतरे को आमंत्रण दे रही थी जिस पर वन विभाग के अधिकारी द्वारा तत्काल संज्ञान लेते हुए रविवार को बन विभाग के वन उप परिसर पदाधिकारी सौर बाजार के मौजूदगी में सुरक्षित रूप से काट कर हटा दिया गया। मौके पर विभाग के दयानंद मेहता बिलास पासवान, कामेश्वर मेहता, आजाद कुमार साह भी मौजूद थे। वन विभाग द्वारा किए गए इस पहल को देखते हुए स्थानीय लोगों ने बताया की वन विभाग द्वारा किया गया ये पहल सराहनीय है जिससे बड़ी अनहोनी होने की घटना टल गई है नहीं तो इस प्रकार के विशाल पेड़ रहने से कभी भी बड़ी हादसा हो सकती थी। मुख्य सड़क मार्ग जाम नहीं हो इस पर ध्यान देते हुए बड़ी सावधानी पूर्वज बहुत तेजी से इस कार्य को अंजाम दिया गया।1
- सिमरी बख्तियापुर प्रखंड क्षेत्र के सरडीहा गांव स्थित डीडी उच्च विद्यालय परिसर में वीर शिरोमणि सम्राट पृथ्वीराज चौहान की अश्वारोही प्रतिमा के शिलान्यास सह नागरिक अभिनंदन समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पूर्व सांसद आनंद मोहन, सिमरी बख्तियारपुर विधायक संजय कुमार सिंह तथा नबीनगर विधायक चेतन आनंद ने संयुक्त रूप से राम-जानकी मंदिर परिसर में प्रतिमा का शिलान्यास किया। शिलान्यास के उपरांत पूर्व सांसद आनंद मोहन ने अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा का ध्वजारोहण किया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने जनप्रतिनिधियों का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। कार्यक्रम के आयोजक कौशलेंद्र कुमार सिंह एवं पंचायत के मुखिया सुमन कुमार सिंह ने पूर्व सांसद आनंद मोहन का तलवार भेंट कर सम्मानित किया। सभा को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद आनंद मोहन, विधायक संजय कुमार सिंह और विधायक चेतन आनंद ने सम्राट पृथ्वीराज चौहान के जीवन, शौर्य और योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि सम्राट पृथ्वीराज चौहान भारतीय इतिहास के महान वीर योद्धा थे, जो शौर्य, स्वाभिमान और देशभक्ति के प्रतीक माने जाते हैं। वे चौहान वंश के अंतिम महान शासक थे, जिन्होंने विदेशी आक्रमणकारियों के विरुद्ध साहसपूर्वक संघर्ष किया। वक्ताओं ने कहा कि अजमेर के शासक सोमेश्वर चौहान के पुत्र पृथ्वीराज बचपन से ही अत्यंत साहसी थे। मात्र 11 से 13 वर्ष की आयु में पिता की मृत्यु के बाद उन्होंने सिंहासन संभाला और नागार्जुन के विद्रोह को कुचलकर अपनी सैन्य क्षमता का परिचय दिया। पृथ्वीराज चौहान और मोहम्मद गोरी के बीच हुए ऐतिहासिक युद्धों का उल्लेख करते हुए बताया गया कि 1191 ईस्वी में तराइन के प्रथम युद्ध में पृथ्वीराज चौहान ने गोरी को करारी शिकस्त दी थी। कुछ ऐतिहासिक संदर्भों में गोरी को कई बार पराजित कर जीवनदान देने का भी उल्लेख मिलता है। समारोह की अध्यक्षता कौशलेंद्र कुमार सिंह ने की, जबकि मंच संचालन डॉ. राजीव कुमार सिंह ने किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्साहपूर्ण माहौल बना रहा और लोगों ने इस ऐतिहासिक पहल की सराहना की। फोटो1
- श्रृंगी ऋषि की तपोभूमि और बाबा सिंघेश्वर नाथ की पावन धरा पर शिव आराधना सह महाआरती का 67वां सप्ताह श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ आयोजित किया जा रहा है। 4 नवंबर 2024 से अनवरत प्रत्येक रविवार को संचालित यह आयोजन सिंघेश्वर को आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक जागरण की दिशा में निरंतर आगे बढ़ा रहा है। श्रृंगी ऋषि सेवा फाउंडेशन द्वारा संस्कृति आराधना के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम को तापस पंडा समाज, सिंहेश्वर का नि:स्वार्थ सहयोग प्राप्त है। श्रद्धालुओं की आस्था, सेवा, समर्पण और समय-दान से यह आयोजन और भी भव्य रूप लेता जा रहा है। मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं और इस दिव्य आयोजन के साक्षी बन रहे हैं, जिससे पूरा मंदिर परिसर हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठता है। आयोजन का संकल्प है कि सिंहेश्वर को एक सशक्त आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। नि:स्वार्थ सेवाभाव को राष्ट्रधर्म का स्वरूप मानते हुए सभी सहभागी इस पुनीत उद्देश्य के लिए पूरी निष्ठा से समर्पित हैं।3
- Post by Om Prakash Jha ब्यूरो चीफ इंद्रप्रस्थ समाचार2
- यह जानना भी मुश्किल है कि चेरा खेड़ा एक पंचायत है जो खगड़िया जिले के अंतर्गत आती है। अफसोस की बात यह है कि मतदान के समय नेताओं को इसकी जानकारी मिलती है। ऐसी स्थिति में नेताओं को क्या कदम उठाने चाहिए? 😢😢😢1
- Post by Dilkhush Kumar1
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