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यह जानना भी मुश्किल है कि चेरा खेड़ा एक पंचायत है जो खगड़िया जिले के अंतर्गत आती है। अफसोस की बात यह है कि मतदान के समय नेताओं को इसकी जानकारी मिलती है। ऐसी स्थिति में नेताओं को क्या कदम उठाने चाहिए? 😢😢😢
Gulshan Gupta
यह जानना भी मुश्किल है कि चेरा खेड़ा एक पंचायत है जो खगड़िया जिले के अंतर्गत आती है। अफसोस की बात यह है कि मतदान के समय नेताओं को इसकी जानकारी मिलती है। ऐसी स्थिति में नेताओं को क्या कदम उठाने चाहिए? 😢😢😢
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- सिमरी बख्तियापुर प्रखंड क्षेत्र के सरडीहा गांव स्थित डीडी उच्च विद्यालय परिसर में वीर शिरोमणि सम्राट पृथ्वीराज चौहान की अश्वारोही प्रतिमा के शिलान्यास सह नागरिक अभिनंदन समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पूर्व सांसद आनंद मोहन, सिमरी बख्तियारपुर विधायक संजय कुमार सिंह तथा नबीनगर विधायक चेतन आनंद ने संयुक्त रूप से राम-जानकी मंदिर परिसर में प्रतिमा का शिलान्यास किया। शिलान्यास के उपरांत पूर्व सांसद आनंद मोहन ने अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा का ध्वजारोहण किया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने जनप्रतिनिधियों का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। कार्यक्रम के आयोजक कौशलेंद्र कुमार सिंह एवं पंचायत के मुखिया सुमन कुमार सिंह ने पूर्व सांसद आनंद मोहन का तलवार भेंट कर सम्मानित किया। सभा को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद आनंद मोहन, विधायक संजय कुमार सिंह और विधायक चेतन आनंद ने सम्राट पृथ्वीराज चौहान के जीवन, शौर्य और योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि सम्राट पृथ्वीराज चौहान भारतीय इतिहास के महान वीर योद्धा थे, जो शौर्य, स्वाभिमान और देशभक्ति के प्रतीक माने जाते हैं। वे चौहान वंश के अंतिम महान शासक थे, जिन्होंने विदेशी आक्रमणकारियों के विरुद्ध साहसपूर्वक संघर्ष किया। वक्ताओं ने कहा कि अजमेर के शासक सोमेश्वर चौहान के पुत्र पृथ्वीराज बचपन से ही अत्यंत साहसी थे। मात्र 11 से 13 वर्ष की आयु में पिता की मृत्यु के बाद उन्होंने सिंहासन संभाला और नागार्जुन के विद्रोह को कुचलकर अपनी सैन्य क्षमता का परिचय दिया। पृथ्वीराज चौहान और मोहम्मद गोरी के बीच हुए ऐतिहासिक युद्धों का उल्लेख करते हुए बताया गया कि 1191 ईस्वी में तराइन के प्रथम युद्ध में पृथ्वीराज चौहान ने गोरी को करारी शिकस्त दी थी। कुछ ऐतिहासिक संदर्भों में गोरी को कई बार पराजित कर जीवनदान देने का भी उल्लेख मिलता है। समारोह की अध्यक्षता कौशलेंद्र कुमार सिंह ने की, जबकि मंच संचालन डॉ. राजीव कुमार सिंह ने किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्साहपूर्ण माहौल बना रहा और लोगों ने इस ऐतिहासिक पहल की सराहना की। फोटो1
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