खरवा टोली (वार्ड-20) में जन समस्याओं को लेकर बैठक, बिजली-पानी व पेंशन पर उठी आवाज सिमडेगा:- नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या-20 स्थित खरवा टोली में झारखंड मुक्ति मोर्चा नगर अध्यक्ष अनस आलम की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में क्षेत्र की विभिन्न जन समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें स्थानीय लोगों ने बारी-बारी से अपनी समस्याएं रखीं।ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में बिजली की गंभीर समस्या है तथा वेपर लाइट नहीं जलने से रात में अंधेरा रहता है। साथ ही पेयजल की कमी को लेकर जलमीनार और चापाकल की मांग की गई। महिलाओं ने लेबर कार्ड एवं श्रम कार्ड बनवाने की जरूरत बताते हुए कहा कि बाहर काम करने जाने पर काफी परेशानी होती है। कुछ लाभुकों ने मैया योजना की रुकी राशि दिलाने की मांग की, वहीं बुजुर्गों ने वृद्धा पेंशन का लाभ सुनिश्चित कराने की अपील की।नगर अध्यक्ष अनस आलम ने कहा कि राज्य सरकार जनहित में कार्य कर रही है और सभी समस्याओं को विभाग तक पहुंचाकर समाधान कराया जाएगा। बैठक में संगठन को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। मौके पर नगर उपाध्यक्ष कामिल कुल्लू, संजू कश्यप, मंडल विद्या बड़ाइक समेत कई कार्यकर्ता व स्थानीय लोग उपस्थित थे।
खरवा टोली (वार्ड-20) में जन समस्याओं को लेकर बैठक, बिजली-पानी व पेंशन पर उठी आवाज सिमडेगा:- नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या-20 स्थित खरवा टोली में झारखंड मुक्ति मोर्चा नगर अध्यक्ष अनस आलम की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में क्षेत्र की विभिन्न जन समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें स्थानीय लोगों ने बारी-बारी से अपनी समस्याएं रखीं।ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में बिजली की गंभीर समस्या है तथा वेपर लाइट नहीं जलने से रात में अंधेरा रहता है। साथ ही पेयजल की कमी को लेकर जलमीनार और चापाकल की मांग की गई। महिलाओं ने लेबर कार्ड एवं श्रम कार्ड बनवाने की जरूरत बताते हुए कहा कि बाहर काम करने जाने पर काफी परेशानी होती है। कुछ लाभुकों ने मैया योजना की रुकी राशि दिलाने की मांग की, वहीं बुजुर्गों ने वृद्धा पेंशन का लाभ सुनिश्चित कराने की अपील की।नगर अध्यक्ष अनस आलम ने कहा कि राज्य सरकार जनहित में कार्य कर रही है और सभी समस्याओं को विभाग तक पहुंचाकर समाधान कराया जाएगा। बैठक में संगठन को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। मौके पर नगर उपाध्यक्ष कामिल कुल्लू, संजू कश्यप, मंडल विद्या बड़ाइक समेत कई कार्यकर्ता व स्थानीय लोग उपस्थित थे।
- बसिया (गुमला): बसिया थाना क्षेत्र के प्रसिद्ध बाघमुंडा जलप्रपात में कोयल नदी पार करने के दौरान एक 60 वर्षीय बुजुर्ग की डूबने से मौत हो गई। मृतक की पहचान बसिया प्रखंड के बम्बियारी गांव निवासी शंकर चिक बड़ाइक के रूप में हुई है। रविवार को कड़ी मशक्कत के बाद स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से शव को नदी से बाहर निकाला गया। *मेले से लौटने के दौरान हुआ हादसा* प्राप्त जानकारी के अनुसार, शंकर चिक बड़ाइक रामनवमी के दिन सुकुरडा में आयोजित मेला देखने गए थे। मेले से घर लौटने के क्रम में उन्होंने बाघमुंडा जलप्रपात के पास कोयल नदी को पार करने का प्रयास किया। इसी दौरान संतुलन बिगड़ने या गहराई का अंदाजा न होने के कारण वे नदी के तेज बहाव में बह गए और डूब गए। *परिजनों ने दी थी गुमशुदगी की सूचना* जब शंकर रात भर घर नहीं लौटे, तो परिजनों ने उनकी खोजबीन शुरू की। काफी तलाश के बाद भी जब उनका कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजनों ने इसकी सूचना बसिया थाना को दी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों की मदद से नदी में तलाशी अभियान चलाया। *दो दिनों बाद मिला शव* हादसे के करीब दो दिन बाद, रविवार को घटनास्थल से कुछ दूरी पर शव को नदी में तैरते हुए देखा गया। पुलिस ने स्थानीय लोगों की सहायता से शव को बाहर निकाला। बसिया पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर कागजी कार्रवाई (पंचनामा) पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, गुमला भेज दिया है। पुलिस मामले की गहन जांच में जुट गई है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ।2
- घाघरा प्रखंड के रन्हे स्थित चिल्ड्रन एकेडमी स्कूल में वार्षिक उत्सव सह प्रगति पत्र वितरण समारोह हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुई। इस अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। बच्चों द्वारा नृत्य, गीत, नाटक एवं विभिन्न प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। समारोह में विद्यालय के निदेशक विजय साहू एवं प्रमुख सविता देवी सहित अभिभावक व स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित रहे। निदेशक विजय साहू ने अपने संबोधन में कहा कि बच्चों की प्रतिभा को निखारने के लिए इस प्रकार के आयोजन बेहद आवश्यक हैं। वहीं प्रमुख सविता देवी ने बच्चों के प्रयासों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम के दौरान वार्षिक परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रगति पत्र वितरित किया गया। साथ ही प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। समारोह ने विद्यार्थियों में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार किया।3
- सिसई (गुमला)। सिसई प्रखंड के लकेया बांस टोली में नवनिर्मित अख़रा से समाजसेवी किशोर उरांव के अगुवाई में भव्य रामनवमी सरहुल शोभायात्रा निकाला गया। शोभायात्रा से पूर्व पाहान करमा उरांव, लखन उरांव एवं पूजार चउठा उरांव द्वारा अख़रा में माँ सरना का विधिवत् पूजा अर्चना कर क्षेत्र के सुख शांति के लिए प्रार्थना किया गया। तत्पश्चात फूल खोंसी का रस्म अदा करते हुए सभी श्रधालुओं को आशीर्वाद प्रदान किया गया और शोभायात्रा प्रारंभ किया गया। बताते चलें कि लकेया बांस टोली में समाजसेवी किशोर उरांव के पहल से ही ग्रामीणों ने चंदा इकट्ठा कर अख़रा का निर्माण कराया है। जो गांव के लिए एक सराहनीय पहल माना जा रहा है शोभायात्रा के दौरान सैकड़ों की संख्या में आदिवासी समुदाय के महिला पुरुष व बच्चे पारंपरिक वेशभूषा में सजधज कर मांदर के थाप व डीजे पर नृत्य करते हुए चल रहे थे। पुरा गांव भ्रमण करने के पश्चात वापस अख़रा में शोभायात्रा का समापन किया गया। इस दौरान गांव के सभी आदिवासी समुदाय के लोग आनंद में भावविभोर नज़र आ रहे थे।4
- चैनपुर मुख्यालय क्षेत्र में धूमधाम से मनाया गया खजूर परब चैनपुर मुख्यालय क्षेत्र में रविवार को ईसाई समुदाय द्वारा खजूर परब श्रद्धा, आस्था और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के विभिन्न गिरजाघरों में विशेष प्रार्थना सभाओं का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। सुबह से ही चर्च परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा। श्रद्धालुओं ने हाथों में खजूर एवं ताड़ के पत्ते लेकर जुलूस निकाला तथा भजन-कीर्तन करते हुए प्रभु यीशु मसीह के यरूशलेम आगमन की स्मृति को याद किया। पूरे क्षेत्र में “होशाना” के जयकारों से माहौल भक्तिमय बना रहा। जानकारी देते हुए दोपहर ग्यारह बजे धर्मगुरुओं ने बताया कि खजूर परब प्रभु यीशु मसीह के यरूशलेम में विजय प्रवेश की स्मृति में मनाया जाता है। यह पर्व विनम्रता, प्रेम, सेवा और मानवता का संदेश देता है तथा इसी दिन से ईसाई धर्मावलंबियों के पवित्र सप्ताह यानी होली वीक की शुरुआत होती है, जो ईस्टर पर्व तक चलता है। श्रद्धालुओं ने समाज में शांति, भाईचारा और मानव कल्याण की कामना करते हुए विशेष प्रार्थना की। कार्यक्रम शांतिपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ तथा अंत में सभी श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान किया गया।1
- राउरकेला। ओडिशा में चल रहे माओवादी विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। प्रतिबंधित माओवादी संगठन की सक्रिय सदस्य मोंगड़ी होनहागा ने हिंसा का रास्ता छोड़ते हुए राउरकेला पुलिस मुख्यालय में आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सरकार की पुनर्वास नीति और संगठन के भीतर हो रहे उत्पीड़न से तंग आकर उसने मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। जानकारी के अनुसार 19 वर्षीय मोंगड़ी होनहागा झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के मारांगपोंगो गांव की निवासी है। वह माओवादी संगठन के एलजीएस (लोकल गुरिल्ला स्क्वाड) की सदस्य के रूप में एसवीएन (दक्षिण छोटानागरा) डिवीजन में सक्रिय रूप से कार्य कर रही थी। संगठन में रहते हुए वह विभिन्न गतिविधियों में शामिल रही और कई अभियानों में उसकी भूमिका बताई जा रही है। पुलिस पूछताछ के दौरान मोंगड़ी ने बताया कि माओवादी संगठन के अंदर शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न की घटनाओं के कारण उसका मोहभंग हो गया था। इसके साथ ही हिंसक विचारधारा से निराशा और लगातार बढ़ते सुरक्षा बलों के दबाव ने उसे संगठन छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया। ओडिशा सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति ने भी उसे मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया। पुलिस के अनुसार मोंगड़ी का नाम कई नक्सली गतिविधियों में सामने आया है। वह अनमोल उर्फ सुशांत के दस्ते की सदस्य रही है और संगठन के लिए रसद आपूर्ति तथा नए सदस्यों की भर्ती में सक्रिय भूमिका निभाती थी। वर्ष 2022 में कुमडीही जंगल में सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ के दौरान भी वह मौजूद थी, लेकिन उस समय वह मौके से फरार हो गई थी। राज्य सरकार ने उसे ‘बी’ श्रेणी के नक्सली कैडर के रूप में चिन्हित किया है। इसके तहत उसे ओडिशा सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत 2 लाख 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी, ताकि वह समाज की मुख्यधारा में लौटकर सामान्य जीवन शुरू कर सके। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सरकार की पुनर्वास नीति का उद्देश्य भटके हुए युवाओं को हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर देना है। वहीं प्रशासन ने अन्य सक्रिय नक्सलियों से भी अपील की है कि वे हथियार छोड़कर आत्मसमर्पण करें और सरकार की योजनाओं का लाभ उठाते हुए नई जिंदगी की शुरुआत करें।1
- सड़क दुर्घटना में मोटरसाइकिल चालक घायल कंडरा में अज्ञात बोलोरो के चपेट में आने हुआ हादसा1
- सिमडेगा:- जिले में खजूर पर्व (पाम संडे) श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर श्रद्धालु खजूर के पत्तों के साथ चर्चों में पहुंचे और विशेष मिस्सा पूजन में भाग लेकर प्रभु की आराधना की।जी.ई.एल. मध्य डायोसिस, खूंटी टोली में बिशप मुरेल बिलुंग के नेतृत्व में विशेष आराधना संपन्न हुई। वहीं सामटोली स्थित संत अन्ना महागिरजाघर में बिशप विंसेंट बरवा की अगुवाई में विशेष मिस्सा अनुष्ठान आयोजित किया गया।कार्यक्रम में लगभग 7000 श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। इस अवसर पर धर्मप्रांत वीजी फादर इग्नासियुस टेटे, सेंट मेरिज के डायरेक्टर फादर पीयूष खलखो, होली स्पिरिट एवं संत अन्ना चर्च के फादर्स-सिस्टर्स सहित अन्य धर्मगुरु उपस्थित रहे। साथ ही काथलिक संघ के अध्यक्ष राजन बा, युवासंघ अध्यक्ष ब्रीसियुस सोरेंग, महिला संघ एवं कमेटी के सदस्यों ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।इस दौरान श्रद्धालुओं ने शांति, प्रेम एवं भाईचारे का संदेश दिया।1
- महुआ मौसम में बढ़ा खतरा: जंगलों में दिख रहे जंगली जानवर, वन विभाग ने जारी की चेतावनी चैनपुर अनुमंडल क्षेत्र के चैनपुर, डुमरी एवं जारी प्रखंड के विभिन्न गांवों के आसपास स्थित जंगलों में इन दिनों हाथी, भालू, लोमड़ी समेत कई जंगली जानवरों की गतिविधि बढ़ गई है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से लगातार जंगली जानवरों की आवाजाही देखी जा रही है, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। वर्तमान समय महुआ गिरने का मौसम होने के कारण बड़ी संख्या में ग्रामीण सुबह और देर रात जंगलों में महुआ चुनने जाते हैं। ऐसे में जंगली जानवरों के हमले का खतरा काफी बढ़ गया है। विशेष रूप से हाथी और भालू के अचानक सामने आने की संभावना बनी रहती है, जो जानलेवा साबित हो सकती है। जानकारी देते हुए दोपहर एक बजे वन क्षेत्रपाल जगदीश राम ने बताया कि जंगल क्षेत्र में जंगली जानवरों की सक्रियता बढ़ी हुई है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि रात के समय जंगल जाने से यथासंभव बचें। यदि जंगल जाना जरूरी हो तो अकेले न जाएं, बल्कि समूह में और पूरी सावधानी के साथ ही जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि किसी जंगली जानवर का सामना होने पर घबराकर शोर-शराबा या हल्ला-गुल्ला न करें, क्योंकि इससे जानवर आक्रामक हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में शांत रहते हुए धीरे-धीरे सुरक्षित दूरी बनाएं तथा तुरंत वन विभाग को सूचना दें। वन विभाग ने ग्रामीणों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि सतर्कता, संयम और सावधानी ही महुआ मौसम में सबसे बड़ा बचाव है, जिससे किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।1
- राम जन्मोत्सव के पावन अवसर पर उमड़ी रामभक्तों की जनसैलाब सेन्हा में आयोजित हुआ मेला सह अस्त्र शस्त्र प्रदर्शन1