धामोरी के राजमिस्त्री का सावंगी रोड़ पर पड़ा मिला शव,शरीर पर मिले घाव के निशान,जांच में जुटी पुलिस आठनेर क्षेत्र में एक युवक की बेरहमी से हत्या ने पूरे इलाके को हिला दिया है। बतया जा रहा है कि शरीर पर धारदार हथियार से हमला किया गया, जिससे उसकी जान चली गई। मृतक की पहचान ग्राम धामोरी निवासी उमेश सोमनाथ (35) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि अज्ञात हमलावरों ने उसके पेट पर धारदार हथियार से कई बार वार किए।मिली जानकारी के अनुसार, उमेश सोमवार रात खाना खाने के बाद घर से बाहर निकला था। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। सड़क किनारे गंभीर हालत में शव पड़ा मिला। घटनास्थल सावंगी रोड पर गांव से करीब आधा किलोमीटर दूरी पर बताया गया है। युवक के शरीर पर पेट और गले के पास गहरे घाव मिले हैं, जिससे साफ है कि उस पर धारदार हथियार से हमला किया गया फिलहाल आठनेर थाना प्रभारी अपनी टीम के साथ मामले की हर एंगल से पुछताछ और जांच कर रही है।
धामोरी के राजमिस्त्री का सावंगी रोड़ पर पड़ा मिला शव,शरीर पर मिले घाव के निशान,जांच में जुटी पुलिस आठनेर क्षेत्र में एक युवक की बेरहमी से हत्या ने पूरे इलाके को हिला दिया है। बतया जा रहा है कि शरीर पर धारदार हथियार से हमला किया गया, जिससे उसकी जान चली गई। मृतक की पहचान ग्राम धामोरी निवासी उमेश सोमनाथ (35) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि अज्ञात हमलावरों ने उसके पेट पर धारदार हथियार से कई बार वार किए।मिली जानकारी के अनुसार, उमेश सोमवार रात खाना खाने के बाद घर से बाहर निकला था। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। सड़क किनारे गंभीर हालत में शव पड़ा मिला। घटनास्थल सावंगी रोड पर गांव से करीब आधा किलोमीटर दूरी पर बताया गया है। युवक के शरीर पर पेट और गले के पास गहरे घाव मिले हैं, जिससे साफ है कि उस पर धारदार हथियार से हमला किया गया फिलहाल आठनेर थाना प्रभारी अपनी टीम के साथ मामले की हर एंगल से पुछताछ और जांच कर रही है।
- शादी समारोहों में यातायात व्यवस्था और सुरक्षा के संबंध में पुलिस प्रशासन द्वारा दिशा-निर्देश जारी आगामी विवाह सीजन के दौरान शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने और आमजन को जाम से मुक्ति दिलाने हेतु पुलिस विभाग एवं यातायात थाने द्वारा मैरिज लॉन संचालकों और बैंड-डीजे संचालकों के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इन नियमों का पालन न करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। मैरिज लॉन संचालकों के लिए अनिवार्य शर्तें: 1. पार्किंग प्रबंधन: सभी मैरिज लॉन में वाहनों के लिए क्षमता के अनुसार पर्याप्त पार्किंग स्थल होना अनिवार्य है। सड़क पर वाहन खड़े पाए जाने पर संचालक जिम्मेदार होंगे। 2. ट्रैफिक मार्शल: मुख्य मार्ग पर स्थित मैरिज लॉन संचालकों को यातायात प्रबंधन हेतु अपने खर्च पर 'ट्रैफिक मार्शल' तैनात करने होंगे। इन मार्शलों के पास अनिवार्य रूप से लाइट बटन और लाइट होल्डर होने चाहिए। 3. प्रशासनिक सूचना: पार्किंग और ट्रैफिक मार्शल इंचार्ज के नाम व मोबाइल नंबर की सूची संबंधित यातायात थाने में जमा करानी होगी। 4. साइन बोर्ड: मैरिज लॉन के बाहर सूचना बोर्ड और 'नो पार्किंग' बोर्ड लगाना अनिवार्य है। 5. अनुबंध और हिदायत: लॉन संचालक दोनों पक्षों (वर-वधू पक्ष) को वाहन पार्किंग के संबंध में लिखित रूप से हिदायत देंगे। 6. कर्मचारियों का रिकॉर्ड: कैटरिंग, लाइट और मैनेजमेंट में काम करने वाले बाहरी मजदूरों और कर्मचारियों की सूची अनिवार्य रूप से रखनी होगी। 7. CCTV निगरानी: सुरक्षा की दृष्टि से पूरे समारोह की सतत निगरानी के लिए सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाना अनिवार्य है। बारात एवं डीजे संचालन हेतु नियम: 1. सीमित संचालन: बारात ले जाते समय सड़क के केवल बाईं ओर (साइड शोल्डर) का उपयोग करें। मुख्य मार्ग पर डीजे का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा ताकि आवागमन बाधित न हो। 2. आपातकालीन वाहन: एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और पुलिस जैसे आपातकालीन वाहनों को प्राथमिकता के आधार पर रास्ता देना अनिवार्य होगा। 3. ध्वनि मानक: माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार, डीजे का संचालन केवल निर्धारित समय और तय डेसीबल (Decibel) सीमा के भीतर ही किया जाएगा। 4. जब्ती की कार्रवाई: वाहन की बॉडी के बाहर साउंड बॉक्स लगाना प्रतिबंधित है। उल्लंघन करने पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत वाहन जब्त कर कोर्ट और आरटीओ (RTO) को रिपोर्ट भेजी जाएगी। प्रशासन की अपील: पुलिस प्रशासन सभी नागरिकों और मैरिज गार्डन संचालकों से अनुरोध करता है कि वे इन नियमों का पालन कर शहर की यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग प्रदान करें।1
- बैतूल। जिले के थाना आठनेर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम धामोरी में हुए सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। इस मामले में 7 नाबालिगों को हिरासत में लिया गया है, जिन्होंने मिलकर एक व्यक्ति की बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है। घटना 21 अप्रैल 2026 की है, जब ग्राम धामोरी निवासी कमलेश सोभनाते ने सूचना दी कि उसके भाई उमेश शोभनाते उर्फ गोलू (उम्र 40 वर्ष) की अज्ञात लोगों द्वारा मारपीट एवं धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी गई है। सूचना मिलते ही थाना आठनेर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच प्रारंभ की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए वीरेन्द्र जैन (पुलिस अधीक्षक, बैतूल) के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी एवं एसडीओपी भैंसदेही भूपेंद्र सिंह मौर्य के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई। सीन ऑफ क्राइम मोबाइल यूनिट द्वारा वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए गए और घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए। पेट और गले पर धारदार हथियार से कई गहरे वार किए गए थे, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि हत्या अत्यंत क्रूर तरीके से की गई। इसके आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) के आधार पर संदेहियों की पहचान की। लगातार दबिश और सघन जांच के बाद पुलिस ने 22 अप्रैल को सभी 7 नाबालिग आरोपियों को पकड़ लिया। पूछताछ में सामने आया कि घटना के पीछे एक पारिवारिक विवाद कारण बना। मृतक और आरोपियों के बीच उसकी मां को लेकर विवाद हुआ था, जो बाद में इतना बढ़ गया कि नाबालिगों ने मिलकर इस जघन्य वारदात को अंजाम दे दिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त चाकू एवं एक मोटरसाइकिल (हीरो होंडा) भी बरामद की है। सभी आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई जारी है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी आठनेर निरीक्षक विजय सिंह ठाकुर, निरीक्षक आबिद अंसारी, उपनिरीक्षक मांगीलाल ठाकरे, सउनि दिनेश धुर्वे सहित पुलिस टीम के कई जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस की अपील पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन ने आमजन से अपील की है कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें और उन्हें सही मार्गदर्शन दें। उन्होंने कहा कि किसी भी विवाद की स्थिति में कानून को अपने हाथ में न लें और समस्याओं का समाधान वैधानिक तरीके से करें। — “समाज में शांति बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है, हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है।”2
- किसानों को ग्रामीण क्षेत्र की कृषि भूमि के भूअर्जन पर मिलेगा बाजार दर का 4 गुना मुआवजा सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क जैसे अधोसंरचना निर्माण तथा विकास के लिए 33 हजार 985 करोड़ रूपये की स्वीकृति इन्दौख-रुदाहेड़ा सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 157 करोड़ 14 लाख रूपये की स्वीकृति छिन्दवाडा सिंचाई कॉम्पलेक्स परियोजना में पुनर्वास के लिए 969 करोड़ रूपये के विशेष पुनर्वास पैकेज की स्वीकृति लोक निर्माण अंतर्गत विकास कार्यों के लिए 25,164 करोड़ रूपये की स्वीकृति निःशुल्क साइकिल प्रदाय योजना और शैक्षणिक संस्थानों के उन्नयन के लिए 2,190 करोड़ 44 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदेश में उन्नत चिकित्सा सेवाओं के लिए 5,479 करोड़ रूपये की स्वीकृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में परिजन आवास की स्थापना की स्वीकृति छठवें राज्य वित्त आयोग के कार्यों के संपादन के लिए 15 पदों के सृजन की स्वीकृति "मुख्यमंत्री यंग प्रोफेशनल फॉर डेवलपमेंट प्रोग्राम" के लिए 24 करोड़ रूपये की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ.यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय2
- पांढुर्णा:- जिले के सौंसर में आशा कार्यकर्ताओं का गुस्सा अब खुलकर सामने आ गया है। 9 महीनों से वेतन न मिलने से नाराज कार्यकर्ताओं ने रेवनाथ चौरे पार्क में बैठक कर प्रशासन के खिलाफ आवाज बुलंद की। लघु वेतन कर्मचारी संघ के जिला उपाध्यक्ष राजू खंडाइत ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द भुगतान नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। आशा कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे हर परिस्थिति में ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं संभालती हैं, लेकिन उन्हें उनका हक नहीं मिल रहा।1
- पुलिया से उछलकर खाई में गिरी कार 7 लोक पूरी तरह से जख्मी5
- न्यूज़ ऐसीपी भारत.. ••• दमुआ थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत पूरेना खालसा से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था की कार्यशैली पर सीधे सवाल खड़े कर दिए हैं। गांव में खुलेआम चल रहे अवैध कोयला खनन और ईटा भट्टा संचालक को उसकी सप्लाई करने का खेल अब ग्रामीणों मे गुस्से का कारण बन चुका है। •• ग्रामीणों का आरोप है कि दिन-दहाड़े कोयले की अवैध खुदाई थाना दमुआ अंतर्गत स्थानीय क्षेत्रो मे करी जा रही है जिसे बिना किसी डर के ये बेखौफ माफिया ईंट भट्ठों मे पिकअप वाहनों, साईकिलो के जरिए बाहर तक सप्लाई किया जा रहा है। सवाल यह है कि आखिर इतनी बड़ी गतिविधि प्रशासन की नजरों से कैसे बच रही है, या फिर जानबूझकर अनदेखी की जा रही है? अवैध गतिविधियों का खेल सब जानते हैं फिर भी चुप्पी क्यों? •• गांव के लोगों का कहना है कि इस अवैध धंधे में स्थानीय स्तर पर कुछ प्रचलित रेतमाफ़ियायों के नाम लगातार सामने आ रहे हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ औपचारिकताएं हो रही हैं। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि कहीं न कहीं मिलीभगत की बू भी उठ रही है। बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ करते कोलमाफिया सबसे गंभीर पहलू यह है कि यह ईंट भट्ठा स्कूल के बिल्कुल पास संचालित हो रहा है। जहरीला धुआं सीधे बच्चों की सांसों में जा रहा है। अभिभावकों का कहना है कि कई बच्चे बीमार पड़ चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी अब तक सिर्फ जांच का राग अलाप रहे हैं। जनता का सीधा सवाल – कार्रवाई कब ग्रामीणों ने उच्च अधिकारियों तक शिकायत पहुंचाई है, लेकिन अब सवाल यह उठता है कि क्या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा, या फिर प्रशासन वाकई एक्शन मोड में आएगा? अगर यही हाल रहा तो जनता का गुस्सा सड़कों पर फूटना तय है। अब देखना होगा कि प्रशासन मूकदर्शक बना रहता है या फिर अवैध खनन माफिया पर कठोर प्रहार करता है।1
- नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाला इनामी आरोपी आखिरकार पुलिस के शिकंजे में 🔹 *“फर्जी नियुक्ति पत्र बनाकर युवाओं से ठगी–3000 के इनामी ठग को शादी में पहुंचते ही पुलिस ने दबोचा”* 🔹 *बीजादेही पुलिस की त्वरित कार्रवाई – धोखाधड़ी का फरार इनामी आरोपी गिरफ्तार* 🔹पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन के निर्देशन में जिले में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण एवं फरार आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी हेतु लगातार अभियान चलाया जा रहा है। 🔹इसी क्रम में थाना बीजादेही में दिनांक 14.02.2025 को *फरियादी सुनील यादव पिता सुशील यादव उम्र 32 वर्ष निवासी बीजादेही* द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि *आरोपी राजेश यादव पिता रामगोपाल यादव उम्र 36 वर्ष निवासी ग्राम धामत्या हाल दानिश कुंज, कोलार रोड भोपाल* द्वारा अपने *सहयोगियों अमित देशमुख एवं हरीश पालीवाल* के साथ मिलकर सीधी भर्ती सहायक ग्रेड-2 एवं ग्रेड-3 के पद पर नौकरी लगवाने के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार कर ठगी की गई। 🔹 *अपराध पंजीयन* उक्त रिपोर्ट पर थाना बीजादेही में *अपराध क्रमांक 18/25 धारा 420, 467, 468, 471, 120-बी, 34 भादवि* के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। घटना के बाद से आरोपी राजेश यादव फरार चल रहा था, जिस पर पुलिस अधीक्षक बैतूल द्वारा *₹3000/- का इनाम घोषित* किया गया था। 🔹आरोपी शातिर प्रवृत्ति का होकर लगातार अपने ठिकाने बदलकर पुलिस से बचता फिर रहा था। पुलिस द्वारा उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही थी एवं मुखबिर तंत्र सक्रिय किया गया था। 🔹दिनांक 22.04.2026 को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि आरोपी ग्राम सिल्लोट पाढर में एक शादी समारोह में आने वाला है। सूचना पर थाना प्रभारी निरीक्षक रामकुमार मीणा, सउनि जी.पी. बिल्लौरे एवं टीम द्वारा घेराबंदी की गई। पुलिस को देखकर आरोपी भागने का प्रयास करने लगा, जिसे तत्परता से पकड़ लिया गया। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय बैतूल के समक्ष पेश किया जा रहा है। 🔹 *सराहनीय भूमिका* इस कार्रवाई में थाना प्रभारी बीजादेही श्री रामकुमार मीणा, सउनी जी. पी. बिल्लौरे, आरक्षक 578 मनीराम, आरक्षक 256 मिथिलेश की महत्वपूर्ण भूमिका रही। 🔷 *पुलिस अधीक्षक बैतूल की अपील / जागरूकता संदेश* पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन द्वारा आमजन से अपील की गई है कि— * नौकरी दिलाने के नाम पर किसी भी व्यक्ति को पैसे देने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांचें। * किसी भी प्रकार के फर्जी नियुक्ति पत्र, कॉल लेटर या ऑफर मिलने पर संबंधित विभाग से पुष्टि करें। * सोशल मीडिया या अनजान व्यक्तियों के माध्यम से मिलने वाले नौकरी के प्रस्तावों से सावधान रहें। * किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी की सूचना तत्काल नजदीकी थाना या पुलिस कंट्रोल रूम में दें। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें – धोखाधड़ी से बचाव ही सबसे बड़ा उपाय है। पुलिस अधीक्षक, बैतूल1
- बैतूल।आगामी विवाह सीजन को देखते हुए बैतूल पुलिस द्वारा शहर की यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने और आमजन को जाम की समस्या से राहत दिलाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। ये निर्देश विशेष रूप से मैरिज लॉन संचालकों, बैंड और डीजे संचालकों के लिए लागू होंगे। नियमों का पालन नहीं करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। *मैरिज लॉन संचालकों के लिए जरूरी नियम* *पार्किंग व्यवस्था अनिवार्य:* हर मैरिज लॉन में वाहनों के लिए पर्याप्त पार्किंग होना जरूरी है। सड़क पर खड़े वाहनों की जिम्मेदारी संचालक की होगी। *ट्रैफिक मार्शल तैनाती:* मुख्य मार्ग पर स्थित लॉन संचालकों को अपने खर्च पर ट्रैफिक मार्शल रखना होगा। इनके पास लाइट बटन और लाइट होल्डर होना जरूरी है। *सूचना जमा करना अनिवार्य:* पार्किंग और ट्रैफिक मार्शल इंचार्ज के नाम व मोबाइल नंबर संबंधित यातायात थाने में जमा करने होंगे। *साइन बोर्ड लगाना जरूरी:* मैरिज लॉन के बाहर सूचना बोर्ड और ‘नो पार्किंग’ बोर्ड लगाना अनिवार्य रहेगा। *लिखित हिदायत देना:* वर-वधू पक्ष को वाहन पार्किंग के संबंध में लिखित निर्देश देना होगा। *कर्मचारियों का रिकॉर्ड:* कैटरिंग, लाइट और अन्य कार्यों में लगे बाहरी कर्मचारियों की सूची रखना जरूरी होगा। *CCTV निगरानी:* पूरे समारोह की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य किया गया है। *बारात और डीजे संचालन के लिए नियम* *सीमित सड़क उपयोग:* बारात के दौरान सड़क के केवल बाईं ओर का उपयोग करें। मुख्य मार्ग पर डीजे संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। *आपातकालीन वाहनों को प्राथमिकता:* एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और पुलिस वाहनों को तुरंत रास्ता देना अनिवार्य होगा। *ध्वनि सीमा का पालन:* डीजे निर्धारित समय और तय डेसीबल सीमा में ही बजाया जा सकेगा, जैसा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश हैं। *उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई:* वाहन के बाहर साउंड बॉक्स लगाना प्रतिबंधित है। नियम तोड़ने पर वाहन जब्त कर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी और मामला कोर्ट व आरटीओ को भेजा जाएगा। *प्रशासन की अपील* बैतूल पुलिस ने सभी नागरिकों, मैरिज गार्डन संचालकों और आयोजनकर्ताओं से अपील की है कि वे इन नियमों का पालन करें, ताकि शहर में यातायात व्यवस्था बनी रहे और सभी को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन मिल सके।4
- पांढुर्णा:- जिले के सौंसर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ आशा कार्यकर्ताओं की समस्याओं को लेकर अब विरोध के सुर तेज होने लगे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मानी जाने वाली आशा कार्यकर्ताओं को पिछले 9 महीनों से उनका पूरा वेतन नहीं मिला है। आज रेवनाथ चौरे पार्क में आयोजित एक बैठक के दौरान लघु वेतन कर्मचारी संघ के जिला पदाधिकारी राजू खंडाइत ने प्रशासन को जमकर घेरा। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो आने वाले समय में एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा। सौंसर के रेवनाथ चौरे पार्क में आज बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर एकत्रित हुईं। इन कार्यकर्ताओं का आरोप है कि शासन की हर जन-कल्याणकारी योजना को जन-जन तक पहुँचाने के बावजूद, उनके साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। चाहे कड़ी धूप हो, बरसात हो या फिर नदी-नाले उफान पर हों, ये आशा बहनें जच्चा-बच्चा की सुरक्षा और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर काम करती हैं। लेकिन पिछले 9 महीनों से वेतन न मिलने के कारण अब इनके सब्र का बांध टूट रहा है। राजू खंडाइत (जिला उपाध्यक्ष, लघु वेतन कर्मचारी संघ) ने कहा कि "हमारी आशा बहनों को 9 माह से पूर्ण वेतन नहीं मिल रहा है। ये बहनें ग्रामीण क्षेत्रों में शासन का पूरा काम करती हैं, लेकिन उन्हें सम्मानजनक वेतन नहीं दिया जा रहा। मैं प्रशासन और उच्च अधिकारियों से नम्र निवेदन करता हूँ कि इनका रुका हुआ वेतन तत्काल दिया जाए, अन्यथा स्वास्थ्य विभाग सौंसर और जिला पांढुर्णा में उग्र आंदोलन होगा।" अब देखना यह होगा कि स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन इन कार्यकर्ताओं की जायज मांगों पर कब तक संज्ञान लेता है, या फिर सौंसर में स्वास्थ्य सेवाएं ठप होने का इंतजार किया जाएगा।1