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तितावी; मुज़फ्फरनगर मे हरे भरे आम के बागो को प्रशासन से साठ गांठ करके उजाड़ने की फिराक मे लकड़ी माफिया लगे हुए है तथा आंखे मूंदकर नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है कई आम के बाग काटे जा चुके है कई बागो की एन ओ सी देने को उद्यान विभाग और वन विभाग परमिट देने को तैयार 60 लाख रूपये का हरा भरा आम का बाग कटान के लिये बिक गया है लकड़ी माफिया खरीदे गयी रकम के हिसाब से 20 पेसेंट कमीशन देकर उद्यान विभाग से अवैध रूप से रोगल एन ओ सी जारी करा लेते है और फिर उस एन ओ सी के द्वारा वन विभाग भी अपनी राम रहीम करके परमिट जारी कर देता है बघरा पुराना बस स्टेण्ड शामली रोड़ बघरा मे जैनियों का हरा भरा आम का बाग 108 बीघा लगभग 400 आम के पेड है यह आम का बाग हमने पहले तीन साल पहले भी लकड़ी कटान माफियाओ ने खरीद लिया था जैसे ही समाचार वायरल हुआ तो पहले रहे जिलाधिकारी ने इतना बड़ा आम का बाग के परमिट पर रोक लगा दी गयी थी और यह बाग कटने से बच गया था फिर मामला कुछ पुराना देखते हुये उसको बाग मालिक ने लकड़ी कटान माफियाओ से मिलकर कटवाने को उतारू है उद्यान विभाग आम के पेड़ो को बीस परसेंट कमीशन लेकर रोगल की एन ओ सी बना देते

8 hrs ago
user_Ahmad ali
Ahmad ali
Journalist मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश•
8 hrs ago

तितावी; मुज़फ्फरनगर मे हरे भरे आम के बागो को प्रशासन से साठ गांठ करके उजाड़ने की फिराक मे लकड़ी माफिया लगे हुए है तथा आंखे मूंदकर नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है कई आम के बाग काटे जा चुके है कई बागो की एन ओ सी देने को उद्यान विभाग और वन विभाग परमिट देने को तैयार 60 लाख रूपये का हरा भरा आम का बाग कटान के लिये बिक गया है लकड़ी माफिया खरीदे गयी रकम के हिसाब से 20 पेसेंट कमीशन देकर उद्यान विभाग से अवैध रूप से रोगल एन ओ सी जारी करा लेते है और फिर उस एन ओ सी के द्वारा वन विभाग भी अपनी राम रहीम करके परमिट जारी कर देता है बघरा पुराना बस स्टेण्ड शामली रोड़ बघरा मे जैनियों का हरा भरा आम का बाग 108 बीघा लगभग 400 आम के पेड है यह आम का बाग हमने पहले तीन साल पहले भी लकड़ी कटान माफियाओ ने खरीद लिया था जैसे ही समाचार वायरल हुआ तो पहले रहे जिलाधिकारी ने इतना बड़ा आम का बाग के परमिट पर रोक लगा दी गयी थी और यह बाग कटने से बच गया था फिर मामला कुछ पुराना देखते हुये उसको बाग मालिक ने लकड़ी कटान माफियाओ से मिलकर कटवाने को उतारू है उद्यान विभाग आम के पेड़ो को बीस परसेंट कमीशन लेकर रोगल की एन ओ सी बना देते

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  • आज भीम आर्मी जय भीम संगठन के जिला अध्यक्ष विकास कुमार जी के नेतृत्व में और आदरणीय राष्ट्रीय अध्यक्ष मनजीत सिंह नौटियाल जी के आदेश पर जनपद मुजफ्फरनगर में मनुवादियों के लगाए गए मुर्दाबाद के नारे और मनुवादियों का छायाचित्र दहन किया
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    आज
भीम आर्मी जय भीम संगठन के जिला अध्यक्ष विकास कुमार जी के नेतृत्व में और आदरणीय राष्ट्रीय अध्यक्ष मनजीत सिंह नौटियाल जी के आदेश पर जनपद मुजफ्फरनगर में मनुवादियों के लगाए गए मुर्दाबाद के नारे और मनुवादियों का छायाचित्र दहन किया
    user_Sameer Kumar
    Sameer Kumar
    Journalist मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • गांव बसेडा में चोरों ने विधुत ट्रासफार्मरों पर धावा बोल दिया। चोर एलटी लाइन के तार काटकर दो किसानों के ट्रासफार्मर चोरी कर ले गए। जिससे किसानों में रोष है। पीडित किसानों ने चोरों के विरुद्ध छपार पुलिस से शिकायत की है।
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    गांव बसेडा में चोरों ने विधुत ट्रासफार्मरों पर धावा बोल दिया। चोर एलटी लाइन के तार काटकर दो किसानों के ट्रासफार्मर चोरी कर ले गए। जिससे किसानों में रोष है। पीडित किसानों ने चोरों के विरुद्ध छपार पुलिस से शिकायत की है।
    user_Amit Sharma
    Amit Sharma
    मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • मुजफ्फरनगर: लोन की किस्त को लेकर विवाद, पुलिस हिरासत और भाजपा नेताओं के दखल से घिरा मामला भाजपा नेताओं के दबाव के बाद तहसीलदार के हस्तक्षेप से अभियुक्त मुचलके पर छूटे, पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल मंसूरपुर क्षेत्र के गांव घसीपुरा में समूह लोन की किस्त को लेकर हुई कहासुनी और उसके बाद पुलिस की कार्रवाई व राजनीतिक दखल ने एक साधारण विवाद को बड़ा मोड़ दे दिया है। मामला तब गर्माया जब घटना में हिरासत में लिए गए तीन अभियुक्तों को भाजपा नेताओं के दबाव और तहसीलदार के हस्तक्षेप के बाद थाने से ही मुचलके पर रिहा कर दिया गया, जिससे पुलिस प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। शाम को घसीपुरा निवासी राहुल (पुत्र गुलाब) के घर उसके द्वारा लिए गए समूह लोन की किस्त की वसूली को लेकर एजेंट आशु (पुत्र जयवीर) अपने दो साथियों के साथ पहुंचे। बातचीत के दौरान किस्त की रकम को लेकर आपस में कहासुनी हो गई, जो बढ़ते-बढ़ते तू-तू मैं-मैं तक पहुंच गई। आस-पास के लोगों ने जब हंगामे की सूचना बेगराजपुर चौकी को दी, तो मौके पर पहुंची पुलिस ने एजेंट आशु और उसके दोनों साथियों को हिरासत में ले लिया। पुलिस कार्रवाई और राजनीतिक दखल: पुलिस नेसभी तीनों अभियुक्तों का धारा 151 (शांति भंग की आशंका) के तहत चालान काट दिया और उन्हें मंसूरपुर थाना ले आई। इसी बीच, मामले की खबर स्थानीय भाजपा नेता यश गोयल (बोपाडा) तक पहुंची। कथित तौर पर यश गोयल ने पुलिस से इस मामले में नोक-झोंक की और अभियुक्तों पर जल्दबाजी में कार्रवाई का आरोप लगाया। इसके बाद स्थिति और उलझ गई, जब भाजपा कार्यकर्ता राजू अहलावत के नेतृत्व में दर्जन भर स्थानीय भाजपा नेताओं और समर्थकों का एक जत्था मंसूरपुर थाना पहुंचा। इन लोगों ने पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए थाना प्रांगण में बैठकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। नेताओं ने दावा किया कि यह एक साधारण झगड़ा था, जिसमें पुलिस ने अनावश्यक रूप से युवकों को फंसाया है। तहसीलदार का हस्तक्षेप और अभियुक्तों की रिहाई: भाजपानेताओं के दबाव के चलते मामला गंभीर होता देख तहसीलदार अरविंद कुमार स्वयं मंसूरपुर थाना पहुंचे। तहसीलदार के साथ थाने में मौजूद नेताओं से बातचीत के बाद एक रास्ता निकाला गया। तहसीलदार के हस्तक्षेप और पुलिस अधीक्षक स्तर से हुई बातचीत के बाद, थाने में ही तीनों अभियुक्तों से मुचलका (बांड) भरवाया गया और उन्हें रिहा कर दिया गया। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान थाने पर मौजूद नेताओं में राजू अहलावत, विनीत ठाकुर, योगेंद्र चौधरी, यश गोयल, प्रांजल, सुमन सिंह (बालियान), कुलबीर प्रधान, मोनू आदि शामिल रहे।
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    मुजफ्फरनगर: लोन की किस्त को लेकर विवाद, पुलिस हिरासत और भाजपा नेताओं के दखल से घिरा मामला
भाजपा नेताओं के दबाव के बाद तहसीलदार के हस्तक्षेप से अभियुक्त मुचलके पर छूटे, पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
मंसूरपुर क्षेत्र के गांव घसीपुरा में समूह लोन की किस्त को लेकर हुई कहासुनी और उसके बाद पुलिस की कार्रवाई व राजनीतिक दखल ने एक साधारण विवाद को बड़ा मोड़ दे दिया है। मामला तब गर्माया जब घटना में हिरासत में लिए गए तीन अभियुक्तों को भाजपा नेताओं के दबाव और तहसीलदार के हस्तक्षेप के बाद थाने से ही मुचलके पर रिहा कर दिया गया, जिससे पुलिस प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
शाम को घसीपुरा निवासी राहुल (पुत्र गुलाब) के घर उसके द्वारा लिए गए समूह लोन की किस्त की वसूली को लेकर एजेंट आशु (पुत्र जयवीर) अपने दो साथियों के साथ पहुंचे। बातचीत के दौरान किस्त की रकम को लेकर आपस में कहासुनी हो गई, जो बढ़ते-बढ़ते तू-तू मैं-मैं तक पहुंच गई। आस-पास के लोगों ने जब हंगामे की सूचना बेगराजपुर चौकी को दी, तो मौके पर पहुंची पुलिस ने एजेंट आशु और उसके दोनों साथियों को हिरासत में ले लिया।
पुलिस कार्रवाई और राजनीतिक दखल:
पुलिस नेसभी तीनों अभियुक्तों का धारा 151 (शांति भंग की आशंका) के तहत चालान काट दिया और उन्हें मंसूरपुर थाना ले आई। इसी बीच, मामले की खबर स्थानीय भाजपा नेता यश गोयल (बोपाडा) तक पहुंची। कथित तौर पर यश गोयल ने पुलिस से इस मामले में नोक-झोंक की और अभियुक्तों पर जल्दबाजी में कार्रवाई का आरोप लगाया।
इसके बाद स्थिति और उलझ गई, जब भाजपा कार्यकर्ता राजू अहलावत के नेतृत्व में दर्जन भर स्थानीय भाजपा नेताओं और समर्थकों का एक जत्था मंसूरपुर थाना पहुंचा। इन लोगों ने पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए थाना प्रांगण में बैठकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। नेताओं ने दावा किया कि यह एक साधारण झगड़ा था, जिसमें पुलिस ने अनावश्यक रूप से युवकों को फंसाया है।
तहसीलदार का हस्तक्षेप और अभियुक्तों की रिहाई:
भाजपानेताओं के दबाव के चलते मामला गंभीर होता देख तहसीलदार अरविंद कुमार स्वयं मंसूरपुर थाना पहुंचे। तहसीलदार के साथ थाने में मौजूद नेताओं से बातचीत के बाद एक रास्ता निकाला गया। तहसीलदार के हस्तक्षेप और पुलिस अधीक्षक स्तर से हुई बातचीत के बाद, थाने में ही तीनों अभियुक्तों से मुचलका (बांड) भरवाया गया और उन्हें रिहा कर दिया गया। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान थाने पर मौजूद नेताओं में राजू अहलावत, विनीत ठाकुर, योगेंद्र चौधरी, यश गोयल, प्रांजल, सुमन सिंह (बालियान), कुलबीर प्रधान, मोनू आदि शामिल रहे।
    user_Koshar cho
    Koshar cho
    मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • तितावी; मुज़फ्फरनगर मे हरे भरे आम के बागो को प्रशासन से साठ गांठ करके उजाड़ने की फिराक मे लकड़ी माफिया लगे हुए है तथा आंखे मूंदकर नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है कई आम के बाग काटे जा चुके है कई बागो की एन ओ सी देने को उद्यान विभाग और वन विभाग परमिट देने को तैयार 60 लाख रूपये का हरा भरा आम का बाग कटान के लिये बिक गया है लकड़ी माफिया खरीदे गयी रकम के हिसाब से 20 पेसेंट कमीशन देकर उद्यान विभाग से अवैध रूप से रोगल एन ओ सी जारी करा लेते है और फिर उस एन ओ सी के द्वारा वन विभाग भी अपनी राम रहीम करके परमिट जारी कर देता है बघरा पुराना बस स्टेण्ड शामली रोड़ बघरा मे जैनियों का हरा भरा आम का बाग 108 बीघा लगभग 400 आम के पेड है यह आम का बाग हमने पहले तीन साल पहले भी लकड़ी कटान माफियाओ ने खरीद लिया था जैसे ही समाचार वायरल हुआ तो पहले रहे जिलाधिकारी ने इतना बड़ा आम का बाग के परमिट पर रोक लगा दी गयी थी और यह बाग कटने से बच गया था फिर मामला कुछ पुराना देखते हुये उसको बाग मालिक ने लकड़ी कटान माफियाओ से मिलकर कटवाने को उतारू है उद्यान विभाग आम के पेड़ो को बीस परसेंट कमीशन लेकर रोगल की एन ओ सी बना देते
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    तितावी; मुज़फ्फरनगर मे हरे भरे आम के बागो को प्रशासन से साठ गांठ करके उजाड़ने की फिराक मे लकड़ी माफिया लगे हुए है तथा आंखे मूंदकर 
नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है
कई आम के बाग काटे जा चुके है कई बागो की एन ओ सी देने को उद्यान विभाग और वन विभाग परमिट देने को तैयार
60 लाख रूपये का  हरा भरा आम का बाग कटान के लिये बिक गया है लकड़ी माफिया खरीदे गयी रकम के हिसाब से 20 पेसेंट कमीशन देकर उद्यान विभाग से अवैध रूप से रोगल एन ओ सी जारी करा लेते है और फिर उस एन ओ सी के द्वारा वन विभाग भी अपनी राम रहीम करके परमिट जारी कर देता है
बघरा पुराना बस स्टेण्ड शामली रोड़ बघरा मे जैनियों का हरा भरा आम का बाग 108 बीघा लगभग 400 आम के पेड है यह आम का बाग हमने पहले तीन साल पहले भी लकड़ी कटान माफियाओ ने खरीद लिया था जैसे ही समाचार वायरल हुआ तो पहले रहे जिलाधिकारी ने इतना बड़ा आम का बाग के परमिट पर रोक लगा दी गयी थी और यह बाग  कटने से बच गया  था फिर मामला कुछ पुराना देखते हुये उसको बाग मालिक ने लकड़ी कटान माफियाओ  से मिलकर कटवाने को उतारू है उद्यान विभाग आम के पेड़ो को बीस परसेंट कमीशन लेकर रोगल की एन ओ सी बना देते
    user_Ahmad ali
    Ahmad ali
    Journalist मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • good morning Jai hind Jai Bharat 🙏🇮🇳🌅
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    good morning Jai hind Jai Bharat 🙏🇮🇳🌅
    user_Sonu Kumar
    Sonu Kumar
    Journalist Muzaffarnagar, Uttar Pradesh•
    8 hrs ago
  • बिग न्यूज मुज़फ्फरनगर। आज महावीर चौक पर करणी सेना के साथ हुई घटना से पूर्व समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष जिया चौधरी ने मीडिया से बातचीत करते हुए अपने बयान पर खेद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यदि उनके शब्दों से किसी को ठेस पहुंची है तो वह अपने शब्द वापस लेते हैं। उनका मकसद किसी भी व्यक्ति या वर्ग का अपमान करना बिल्कुल नहीं था।
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    बिग न्यूज 
मुज़फ्फरनगर।
आज महावीर चौक पर करणी सेना के साथ हुई घटना से पूर्व समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष जिया चौधरी ने मीडिया से बातचीत करते हुए अपने बयान पर खेद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यदि उनके शब्दों से किसी को ठेस पहुंची है तो वह अपने शब्द वापस लेते हैं। उनका मकसद किसी भी व्यक्ति या वर्ग का अपमान करना बिल्कुल नहीं था।
    user_Fareed Ahmad
    Fareed Ahmad
    Muzaffarnagar, Uttar Pradesh•
    21 hrs ago
  • मुज़फ्फरनगर! वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र मलिक....ने यह क्या कह दिया जिसको लेकर मचा है घमासान! मुज़फ्फरनगर से बड़ी खबर… मुज़फ्फरनगर में उस वक्त सियासी और प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई जब वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र मलिक का एक बयान सामने आया। एसएसपी द्वारा कही गई बात को लेकर अलग-अलग वर्गों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है और बयान पर सवाल भी उठाए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि हालिया घटनाक्रम के दौरान एसएसपी धर्मेंद्र मलिक ने कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए दो टूक शब्दों में कहा कि “कानून से ऊपर कोई नहीं है, शांति भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह कोई भी हो।” इसी बयान को लेकर अब घमासान मचा हुआ है। कुछ संगठनों और नेताओं का कहना है कि बयान का गलत अर्थ निकाला जा रहा है, जबकि पुलिस प्रशासन का पक्ष है कि एसएसपी ने सिर्फ कानून का पालन कराने की बात कही है, न कि किसी वर्ग या संगठन को निशाना बनाया है। फिलहाल एसएसपी के बयान को लेकर सोशल मीडिया पर बहस तेज़ है और मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना होगा कि यह घमासान यहीं थमता है या प्रशासन इस पर कोई और स्पष्टीकरण देता है।
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    मुज़फ्फरनगर!
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक
धर्मेंद्र मलिक....ने  यह क्या
कह दिया जिसको लेकर
मचा है घमासान! मुज़फ्फरनगर से बड़ी खबर…
मुज़फ्फरनगर में उस वक्त सियासी और प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई जब वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र मलिक का एक बयान सामने आया। एसएसपी द्वारा कही गई बात को लेकर अलग-अलग वर्गों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है और बयान पर सवाल भी उठाए जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि हालिया घटनाक्रम के दौरान एसएसपी धर्मेंद्र मलिक ने कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए दो टूक शब्दों में कहा कि “कानून से ऊपर कोई नहीं है, शांति भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह कोई भी हो।” इसी बयान को लेकर अब घमासान मचा हुआ है।
कुछ संगठनों और नेताओं का कहना है कि बयान का गलत अर्थ निकाला जा रहा है, जबकि पुलिस प्रशासन का पक्ष है कि एसएसपी ने सिर्फ कानून का पालन कराने की बात कही है, न कि किसी वर्ग या संगठन को निशाना बनाया है।
फिलहाल एसएसपी के बयान को लेकर सोशल मीडिया पर बहस तेज़ है और मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना होगा कि यह घमासान यहीं थमता है या प्रशासन इस पर कोई और स्पष्टीकरण देता है।
    user_Mohit kalyani journalist
    Mohit kalyani journalist
    Journalist मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश•
    55 min ago
  • भोपा रोड पर ग्राम कसमपुरा ग्राम प्रधान द्वारा कराई जा रहे हैं विकास कार्य ग्राम प्रधान ने अपने नेतृत्व के द्वारा तालाब की कराई जा रही है खुदाई
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    भोपा रोड पर ग्राम कसमपुरा ग्राम प्रधान द्वारा कराई जा रहे हैं विकास कार्य ग्राम प्रधान ने अपने नेतृत्व  के द्वारा तालाब की कराई जा रही है खुदाई
    user_Sameer Kumar
    Sameer Kumar
    Journalist मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • मुजफ्फरनगर में आचार्य प्रमोद कृष्णम का दावा: "2027 में मोदी-योगी की आंधी, विपक्ष तैयार नहीं" सहायक शीर्षक: आचार्य ने भाजपा कार्यकर्ता सम्मेलन में कहा - 'उत्तर प्रदेश एक बार फिर बनेगा रणभूमि, पूरे देश के लिए मिसाल' --- मुजफ्फरनगर, 03 जनवरी 2026: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ प्रचारक और भाजपा के रणनीतिकार आचार्य प्रमोद कृष्णम ने आज यहां कहा कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम से एक ऐसी आंधी चलेगी, जिसके आगे विपक्षी दलों के पास कोई जवाब नहीं होगा। आचार्य प्रमोद कृष्णम मुजफ्फरनगर में एक विशाल भाजपा कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, "2027 का चुनाव सिर्फ यूपी के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश की राजनीतिक दिशा तय करेगा। मोदी जी का राष्ट्रीय नेतृत्व और योगी जी का कठोर प्रशासनिक संयम - यह जोड़ी उत्तर प्रदेश में विकास और सुरक्षा की गारंटी है। विपक्ष के पास न तो कोई नेता है, न ही कोई मुद्दा। उनकी पूरी राजनीति सिर्फ 'नकारात्मकता' पर टिकी है।" उन्होंने अपने संबोधन में कई अहम बातें रखीं: 1. विकास बनाम विरोध: आचार्य ने कहा कि भाजपा 'विकास, सुरक्षा और समृद्धि' का एजेंडा लेकर चल रही है, जबकि विपक्ष के पास सिर्फ 'विरोध, आरोप और अफवाहें' हैं। उन्होंने पिछले पांच वर्षों में यूपी में हुई बुनियादी विकास परियोजनाओं, सड़कों, एक्सप्रेसवे और निवेश का जिक्र किया। 2. किसान और युवा शक्ति: उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजनाओं ने ग्रामीण और युवा वर्ग में भाजपा के प्रति अभूतपूर्व विश्वास पैदा किया है। "यही वोट बैंक 2027 में फैसला करेगा," उन्होंने कहा। 3. मुजफ्फरनगर का महत्व: आचार्य ने विशेष रूप से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, "मुजफ्फरनगर समेत पश्चिमी उप का हर चुनाव क्षेत्र हमारे लिए 'Mission 2027' का महत्वपूर्ण किला है। 2022 में हमने यहां ऐतिहासिक सफलता पाई थी, 2027 में हम उससे भी बड़ी सफलता का इतिहास रचेंगे।" 4. कार्यकर्ताओं को निर्देश: उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से 'घर-घर जाकर सरकार की योजनाओं का श्रेय लेने' के बजाय, 'घर-घर जाकर लोगों की समस्याएं सुनने और उन्हें नेता तक पहुंचाने' का आह्वान किया। उनका कहना था कि "जनसंपर्क ही सबसे बड़ा चुनावी हथियार है।" विपक्ष की प्रतिक्रिया: समाचार एजेंसियोंद्वारा आचार्य के बयान के बारे में पूछे जाने पर सपा के एक स्थानीय नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, "भाजपा बीते कार्यकाल की उपलब्धियों पर चुनाव लड़ने से डर रही है, इसलिए वह फिर से 'नेम-केमिस्ट्री' और भावनाओं की राजनीति पर उतर आई है। जनता बेरोजगारी, महंगाई और कानून व्यवस्था की समस्याओं से त्रस्त है। 2027 में उसका जवाब मिलेगा।" कांग्रेस नेता ने भी इस बयान को 'चुनावी प्रोपेगैंडा' बताया है। आचार्य प्रमोद कृष्णम का यह बयान उस समय आया है जब अगले विधानसभा चुनाव में लगभग एक साल बचा है। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि यह बयान भाजपा द्वारा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपनी रणनीति और मोर्चाबंदी को और मजबूत करने का संकेत है। अब नजर अगले कुछ महीनों में दोनों गठबंधनों की चुनावी रणनीति पर टिकी है।
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    मुजफ्फरनगर में आचार्य प्रमोद कृष्णम का दावा: "2027 में मोदी-योगी की आंधी, विपक्ष तैयार नहीं"
सहायक शीर्षक: आचार्य ने भाजपा कार्यकर्ता सम्मेलन में कहा - 'उत्तर प्रदेश एक बार फिर बनेगा रणभूमि, पूरे देश के लिए मिसाल'
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मुजफ्फरनगर, 03 जनवरी 2026: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ प्रचारक और भाजपा के रणनीतिकार आचार्य प्रमोद कृष्णम ने आज यहां कहा कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम से एक ऐसी आंधी चलेगी, जिसके आगे विपक्षी दलों के पास कोई जवाब नहीं होगा।
आचार्य प्रमोद कृष्णम मुजफ्फरनगर में एक विशाल भाजपा कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, "2027 का चुनाव सिर्फ यूपी के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश की राजनीतिक दिशा तय करेगा। मोदी जी का राष्ट्रीय नेतृत्व और योगी जी का कठोर प्रशासनिक संयम - यह जोड़ी उत्तर प्रदेश में विकास और सुरक्षा की गारंटी है। विपक्ष के पास न तो कोई नेता है, न ही कोई मुद्दा। उनकी पूरी राजनीति सिर्फ 'नकारात्मकता' पर टिकी है।"
उन्होंने अपने संबोधन में कई अहम बातें रखीं:
1. विकास बनाम विरोध: आचार्य ने कहा कि भाजपा 'विकास, सुरक्षा और समृद्धि' का एजेंडा लेकर चल रही है, जबकि विपक्ष के पास सिर्फ 'विरोध, आरोप और अफवाहें' हैं। उन्होंने पिछले पांच वर्षों में यूपी में हुई बुनियादी विकास परियोजनाओं, सड़कों, एक्सप्रेसवे और निवेश का जिक्र किया।
2. किसान और युवा शक्ति: उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजनाओं ने ग्रामीण और युवा वर्ग में भाजपा के प्रति अभूतपूर्व विश्वास पैदा किया है। "यही वोट बैंक 2027 में फैसला करेगा," उन्होंने कहा।
3. मुजफ्फरनगर का महत्व: आचार्य ने विशेष रूप से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, "मुजफ्फरनगर समेत पश्चिमी उप का हर चुनाव क्षेत्र हमारे लिए 'Mission 2027' का महत्वपूर्ण किला है। 2022 में हमने यहां ऐतिहासिक सफलता पाई थी, 2027 में हम उससे भी बड़ी सफलता का इतिहास रचेंगे।"
4. कार्यकर्ताओं को निर्देश: उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से 'घर-घर जाकर सरकार की योजनाओं का श्रेय लेने' के बजाय, 'घर-घर जाकर लोगों की समस्याएं सुनने और उन्हें नेता तक पहुंचाने' का आह्वान किया। उनका कहना था कि "जनसंपर्क ही सबसे बड़ा चुनावी हथियार है।"
विपक्ष की प्रतिक्रिया:
समाचार एजेंसियोंद्वारा आचार्य के बयान के बारे में पूछे जाने पर सपा के एक स्थानीय नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, "भाजपा बीते कार्यकाल की उपलब्धियों पर चुनाव लड़ने से डर रही है, इसलिए वह फिर से 'नेम-केमिस्ट्री' और भावनाओं की राजनीति पर उतर आई है। जनता बेरोजगारी, महंगाई और कानून व्यवस्था की समस्याओं से त्रस्त है। 2027 में उसका जवाब मिलेगा।" कांग्रेस नेता ने भी इस बयान को 'चुनावी प्रोपेगैंडा' बताया है।
आचार्य प्रमोद कृष्णम का यह बयान उस समय आया है जब अगले विधानसभा चुनाव में लगभग एक साल बचा है। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि यह बयान भाजपा द्वारा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपनी रणनीति और मोर्चाबंदी को और मजबूत करने का संकेत है। अब नजर अगले कुछ महीनों में दोनों गठबंधनों की चुनावी रणनीति पर टिकी है।
    user_Koshar cho
    Koshar cho
    मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
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