बिरसिंहपुर पाली आम जनता पस्त नगर पालिका टैक्स वसूली करने में मस्त नालीयों के ऊपर अतिक्रमण का कहर, हाईवे किनारे दुकानों से बढ़ रहे हादसे उमरिया। बिरसिंहपुर पाली नगर पालिका क्षेत्र में नालीयो के ढककन के ऊपर लग रही दुकाने एवं खड़ी गाड़ियां अतिक्रमण ने नगर की यातायात व्यवस्था और आमजन की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर दिया है। बिरसिंहपुर पाली में नालीयों के ऊपर अतिक्रमण का कहर, हाईवे किनारे दुकानों से बढ़ रहे हादसे उमरिया। बिरसिंहपुर पाली नगर पालिका क्षेत्र में नालीयो के ढककन के ऊपर लग रही दुकाने एवं खड़ी गाड़ियां अतिक्रमण ने नगर की यातायात व्यवस्था और आमजन की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर दिया है। हाईवे रोड एवं नगर के मुख्य मार्गों के किनारे बनी नालियों को ढंककर उनके ऊपर अस्थायी दुकानें, ठेले, किराना और गुमटियां लगाई जा रही हैं। इससे सड़क संकरी हो गई है और आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से रामपुर से लेकर नया बस स्टैंड तक समस्त अतिक्रमण तत्काल हटाने की मांग की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर पालिका द्वारा जल निकासी के लिए लाखों रुपये की लागत से नालियों का निर्माण कराया गया था। उद्देश्य था कि बरसात का पानी सुगमता से निकले और सड़कें जलभराव से मुक्त रहें। तथा नालियों को ऊपर सीमेंट के स्लैब डाल दिए गए थे ताकि गंदगी ना तो दिखाई दे आऔर ना तो गंदगी फैले कीट और मच्छरों से सुरक्षा के उद्देश्य से स्लैब डाले गए थे लेकिन निर्माण के कुछ महीनों बाद ही इन नालियों पर के ऊपर रखे सीमेंट स्लैब पर कब्जा कर लिया गया। देखते ही देखते नाली के ऊपर चाय-पान, फल-सब्जी, कपड़े और फास्ट फूड की दुकानें सज गईं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अतिक्रमण के कारण मुख्य मार्ग की चौड़ाई आधी रह गई है। हाईवे से गुजरने वाले भारी वाहनों, बसों और दोपहिया वाहनों को निकलने में भारी परेशानी होती है। दुकानों के सामने ग्राहकों के वाहन खड़े होने से जाम की स्थिति बन जाती है। पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ जैसी कोई जगह नहीं बची है, जिससे वे सड़क पर चलने को मजबूर हैं। यही कारण है कि नगर में आए दिन टक्कर, वाहन फिसलने और पैदल यात्रियों के घायल होने की घटनाएं सामने आ रही हैं। रामपुर से नया बस स्टैंड तक का मार्ग सबसे अधिक प्रभावित है। यह क्षेत्र नगर का व्यस्ततम व्यावसायिक क्षेत्र है। सुबह से देर रात तक यहां भीड़ रहती है। नाली पर बनी दुकानों के कारण नालियों की सफाई भी नहीं हो पा रही है। कचरा जमा होने से नालियां जाम हो गई हैं, जिससे बरसात में पानी सड़कों पर फैल जाता है और दुर्गंध फैलती है। स्वच्छता अभियान की पोल भी इस अतिक्रमण ने खोल दी है। नागरिकों का आरोप है कि अतिक्रमणकारियों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण नगर पालिका और राजस्व विभाग कार्रवाई से बच रहा है। कई बार शिकायतों के बावजूद केवल औपचारिक नोटिस देकर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। दूसरी ओर नगर पालिका पान टपरा गोमतीयों को रखवा कर हर महीने की वसूली की जाती है इससे अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं और नए लोग भी नालियों पर कब्जा करने लगे हैं। समाजसेवी ने भी इस अतिक्रमण का विरोध किया है। उनका कहना है कि वैध दुकानदारों के व्यवसाय पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ रहा है। अतिक्रमणकारी नगर पालिका टैक्स और किराया देकर सड़क किनारे व्यापार कर रहे हैं, जबकि नियमित दुकानदार शासन को कर चुका रहे हैं। यह उनके साथ अन्याय है। स्थानीय निवासियों ने जिला कलेक्टर उमरिया और पुलिस अधीक्षक से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि रामपुर से नया बस स्टैंड तक विशेष अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाया जाए और नालियों को मुक्त कराया जाए। साथ ही भविष्य में अतिक्रमण न हो, इसके लिए ठोस निगरानी व्यवस्था की जाए और दोषियों पर जुर्माना लगाया जाए। आतिक्रमण से आए दिन हो रहे स्टीडेंट यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। नगर की जनता अब प्रशासन के ठोस कदम का इंतजार कर रही है।
बिरसिंहपुर पाली आम जनता पस्त नगर पालिका टैक्स वसूली करने में मस्त नालीयों के ऊपर अतिक्रमण का कहर, हाईवे किनारे दुकानों से बढ़ रहे हादसे उमरिया। बिरसिंहपुर पाली नगर पालिका क्षेत्र में नालीयो के ढककन के ऊपर लग रही दुकाने एवं खड़ी गाड़ियां अतिक्रमण ने नगर की यातायात व्यवस्था और आमजन की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर दिया है। बिरसिंहपुर पाली में नालीयों के ऊपर अतिक्रमण का कहर, हाईवे किनारे दुकानों से बढ़ रहे हादसे उमरिया। बिरसिंहपुर पाली नगर पालिका क्षेत्र में नालीयो के ढककन के ऊपर लग रही दुकाने एवं खड़ी गाड़ियां अतिक्रमण ने नगर की यातायात व्यवस्था और आमजन की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर दिया है। हाईवे रोड एवं नगर के मुख्य मार्गों के किनारे बनी नालियों को ढंककर उनके ऊपर अस्थायी दुकानें, ठेले, किराना और गुमटियां लगाई जा रही हैं। इससे सड़क संकरी हो गई है और आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से रामपुर से लेकर नया बस स्टैंड तक समस्त अतिक्रमण
तत्काल हटाने की मांग की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर पालिका द्वारा जल निकासी के लिए लाखों रुपये की लागत से नालियों का निर्माण कराया गया था। उद्देश्य था कि बरसात का पानी सुगमता से निकले और सड़कें जलभराव से मुक्त रहें। तथा नालियों को ऊपर सीमेंट के स्लैब डाल दिए गए थे ताकि गंदगी ना तो दिखाई दे आऔर ना तो गंदगी फैले कीट और मच्छरों से सुरक्षा के उद्देश्य से स्लैब डाले गए थे लेकिन निर्माण के कुछ महीनों बाद ही इन नालियों पर के ऊपर रखे सीमेंट स्लैब पर कब्जा कर लिया गया। देखते ही देखते नाली के ऊपर चाय-पान, फल-सब्जी, कपड़े और फास्ट फूड की दुकानें सज गईं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अतिक्रमण के कारण मुख्य मार्ग की चौड़ाई आधी रह गई है। हाईवे से गुजरने वाले भारी वाहनों, बसों और दोपहिया वाहनों को निकलने में भारी परेशानी होती है। दुकानों के सामने ग्राहकों के वाहन खड़े होने से जाम की स्थिति बन जाती है। पैदल चलने वालों
के लिए फुटपाथ जैसी कोई जगह नहीं बची है, जिससे वे सड़क पर चलने को मजबूर हैं। यही कारण है कि नगर में आए दिन टक्कर, वाहन फिसलने और पैदल यात्रियों के घायल होने की घटनाएं सामने आ रही हैं। रामपुर से नया बस स्टैंड तक का मार्ग सबसे अधिक प्रभावित है। यह क्षेत्र नगर का व्यस्ततम व्यावसायिक क्षेत्र है। सुबह से देर रात तक यहां भीड़ रहती है। नाली पर बनी दुकानों के कारण नालियों की सफाई भी नहीं हो पा रही है। कचरा जमा होने से नालियां जाम हो गई हैं, जिससे बरसात में पानी सड़कों पर फैल जाता है और दुर्गंध फैलती है। स्वच्छता अभियान की पोल भी इस अतिक्रमण ने खोल दी है। नागरिकों का आरोप है कि अतिक्रमणकारियों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण नगर पालिका और राजस्व विभाग कार्रवाई से बच रहा है। कई बार शिकायतों के बावजूद केवल औपचारिक नोटिस देकर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। दूसरी ओर नगर पालिका पान टपरा गोमतीयों को रखवा
कर हर महीने की वसूली की जाती है इससे अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं और नए लोग भी नालियों पर कब्जा करने लगे हैं। समाजसेवी ने भी इस अतिक्रमण का विरोध किया है। उनका कहना है कि वैध दुकानदारों के व्यवसाय पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ रहा है। अतिक्रमणकारी नगर पालिका टैक्स और किराया देकर सड़क किनारे व्यापार कर रहे हैं, जबकि नियमित दुकानदार शासन को कर चुका रहे हैं। यह उनके साथ अन्याय है। स्थानीय निवासियों ने जिला कलेक्टर उमरिया और पुलिस अधीक्षक से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि रामपुर से नया बस स्टैंड तक विशेष अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाया जाए और नालियों को मुक्त कराया जाए। साथ ही भविष्य में अतिक्रमण न हो, इसके लिए ठोस निगरानी व्यवस्था की जाए और दोषियों पर जुर्माना लगाया जाए। आतिक्रमण से आए दिन हो रहे स्टीडेंट यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। नगर की जनता अब प्रशासन के ठोस कदम का इंतजार कर रही है।
- बिरसिंहपुर पाली आम जनता पस्त नगर पालिका टैक्स वसूली करने में मस्त नालीयों के ऊपर अतिक्रमण का कहर, हाईवे किनारे दुकानों से बढ़ रहे हादसे उमरिया। बिरसिंहपुर पाली नगर पालिका क्षेत्र में नालीयो के ढककन के ऊपर लग रही दुकाने एवं खड़ी गाड़ियां अतिक्रमण ने नगर की यातायात व्यवस्था और आमजन की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर दिया है। बिरसिंहपुर पाली में नालीयों के ऊपर अतिक्रमण का कहर, हाईवे किनारे दुकानों से बढ़ रहे हादसे उमरिया। बिरसिंहपुर पाली नगर पालिका क्षेत्र में नालीयो के ढककन के ऊपर लग रही दुकाने एवं खड़ी गाड़ियां अतिक्रमण ने नगर की यातायात व्यवस्था और आमजन की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर दिया है। हाईवे रोड एवं नगर के मुख्य मार्गों के किनारे बनी नालियों को ढंककर उनके ऊपर अस्थायी दुकानें, ठेले, किराना और गुमटियां लगाई जा रही हैं। इससे सड़क संकरी हो गई है और आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से रामपुर से लेकर नया बस स्टैंड तक समस्त अतिक्रमण तत्काल हटाने की मांग की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर पालिका द्वारा जल निकासी के लिए लाखों रुपये की लागत से नालियों का निर्माण कराया गया था। उद्देश्य था कि बरसात का पानी सुगमता से निकले और सड़कें जलभराव से मुक्त रहें। तथा नालियों को ऊपर सीमेंट के स्लैब डाल दिए गए थे ताकि गंदगी ना तो दिखाई दे आऔर ना तो गंदगी फैले कीट और मच्छरों से सुरक्षा के उद्देश्य से स्लैब डाले गए थे लेकिन निर्माण के कुछ महीनों बाद ही इन नालियों पर के ऊपर रखे सीमेंट स्लैब पर कब्जा कर लिया गया। देखते ही देखते नाली के ऊपर चाय-पान, फल-सब्जी, कपड़े और फास्ट फूड की दुकानें सज गईं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अतिक्रमण के कारण मुख्य मार्ग की चौड़ाई आधी रह गई है। हाईवे से गुजरने वाले भारी वाहनों, बसों और दोपहिया वाहनों को निकलने में भारी परेशानी होती है। दुकानों के सामने ग्राहकों के वाहन खड़े होने से जाम की स्थिति बन जाती है। पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ जैसी कोई जगह नहीं बची है, जिससे वे सड़क पर चलने को मजबूर हैं। यही कारण है कि नगर में आए दिन टक्कर, वाहन फिसलने और पैदल यात्रियों के घायल होने की घटनाएं सामने आ रही हैं। रामपुर से नया बस स्टैंड तक का मार्ग सबसे अधिक प्रभावित है। यह क्षेत्र नगर का व्यस्ततम व्यावसायिक क्षेत्र है। सुबह से देर रात तक यहां भीड़ रहती है। नाली पर बनी दुकानों के कारण नालियों की सफाई भी नहीं हो पा रही है। कचरा जमा होने से नालियां जाम हो गई हैं, जिससे बरसात में पानी सड़कों पर फैल जाता है और दुर्गंध फैलती है। स्वच्छता अभियान की पोल भी इस अतिक्रमण ने खोल दी है। नागरिकों का आरोप है कि अतिक्रमणकारियों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण नगर पालिका और राजस्व विभाग कार्रवाई से बच रहा है। कई बार शिकायतों के बावजूद केवल औपचारिक नोटिस देकर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। दूसरी ओर नगर पालिका पान टपरा गोमतीयों को रखवा कर हर महीने की वसूली की जाती है इससे अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं और नए लोग भी नालियों पर कब्जा करने लगे हैं। समाजसेवी ने भी इस अतिक्रमण का विरोध किया है। उनका कहना है कि वैध दुकानदारों के व्यवसाय पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ रहा है। अतिक्रमणकारी नगर पालिका टैक्स और किराया देकर सड़क किनारे व्यापार कर रहे हैं, जबकि नियमित दुकानदार शासन को कर चुका रहे हैं। यह उनके साथ अन्याय है। स्थानीय निवासियों ने जिला कलेक्टर उमरिया और पुलिस अधीक्षक से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि रामपुर से नया बस स्टैंड तक विशेष अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाया जाए और नालियों को मुक्त कराया जाए। साथ ही भविष्य में अतिक्रमण न हो, इसके लिए ठोस निगरानी व्यवस्था की जाए और दोषियों पर जुर्माना लगाया जाए। आतिक्रमण से आए दिन हो रहे स्टीडेंट यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। नगर की जनता अब प्रशासन के ठोस कदम का इंतजार कर रही है।4
- MP PSC की परीक्षा में रुचि तिवारी ने उप कुल सचिव पद के लिए किया तीसरा स्थान हासिल, एमपीपीएससी की परीक्षा में रूचि तिवारी ने उप कुल सचिव पद के लिए किया तीसरा स्थान हासिल उमरिया जिले का नाम किया रोशन मध्य प्रदेश उमरिया । जिले के नौरोजाबाद निवासी रूचि तिवारी ने एमपीपीएससी की परीक्षा में उप कुल सचिव पद के सामान्य वर्ग की श्रेणी में तीसरा स्थान प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया है। सामान्य परिवार से आने वाली रूचि ने घर में ही रहकर मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा की तैयारी की और असिस्टेंट रजिस्टार पद के लिए तीसरा स्थान प्राप्त कर जिले के साथ ही अपने परिवार का नाम रोशन किया है। रूचि बताती है कि उन्होने औसतन 6 से 7 घंटे की मेहनत की । वह मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की मुख्य परीक्षा की तैयारी कर रही थी । इसी बीच असिस्टेंट रजिस्टार का पद एमपीपीएससी से ही विज्ञापित हुआ । उन्होने अपनी मेहनत और लगन से इस पद के सामान्य वर्ग की सीट में प्रथम स्थान प्राप्त किया। रूचि तिवारी की प्रारंभिक शिक्षा दीक्षा नौरोजाबाद में ही हुई। इसके बाद उन्होने जबलपुर के जवाहर लाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय से स्नातक एवं स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की और घर में ही रहकर प्रतियोगी परीक्षाओ की तैयारी करने लगी। रूचि तिवारी के पिता श्री राजेंद्र तिवारी एक सामान्य परिवार से आते है । वह अपनी बेटी की मेहनत और लगन से प्राप्त की गई उपलब्धि पर आल्हादित है। रूचि की उपलब्धि पर स्व0 श्री रतन लाल मालवीय हायर सेकेण्डरी स्कूल के शिक्षकों सहित संपूर्ण नौरोजाबाद नगर में खुशी का माहौल है। रूचि की सफलता से क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए मेहनत से आगें बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।1
- जन विश्वास अभियान के तहत गांवों में पहुंचा प्रशासन, कलेक्टर ने स्कूल-आंगनबाड़ी का किया निरीक्षण जन विश्वास अभियान के तहत गांवों में पहुंचा प्रशासन, कलेक्टर ने स्कूल-आंगनबाड़ी का किया निरीक्षण ग्राम बैली और कुरावर में बच्चों से संवाद, सीईओ जिला पंचायत अभय सिंह ने कक्षा में बैठकर बच्चों को पढ़ाया; व्यवस्थाओं का लिया जायजा उमरिया। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत प्रशासनिक अधिकारी लगातार ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर शासकीय संस्थानों की व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। इसी क्रम में कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय एवं जिला पंचायत सीईओ अभय सिंह ने ग्राम बैली एवं कुरावर पहुंचकर प्राथमिक शाला और आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने बच्चों से सीधे संवाद कर उनकी पढ़ाई, किताबों और विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। ग्राम बैली की प्राथमिक शाला के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय ने विद्यालय की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने बच्चों से उनकी पढ़ाई के बारे में बातचीत की और किताबों से संबंधित सवाल पूछे। बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक अधिकारियों से संवाद किया। कलेक्टर ने विद्यालय में उपलब्ध संसाधनों, शिक्षण व्यवस्था तथा बच्चों के लिए संचालित गतिविधियों की जानकारी ली। कक्षा में पहुंचे सीईओ, बच्चों को पढ़ाया निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ अभय सिंह ने बच्चों के बीच बैठकर उनसे पढ़ाई को लेकर बातचीत की। उन्होंने बच्चों को पढ़ाया और पढ़ाई से जुड़े सवाल भी किए। सीईओ के इस सहज अंदाज से बच्चे भी उत्साहित नजर आए। उन्होंने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल आने, मन लगाकर पढ़ाई करने तथा किताबों का नियमित अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया। कुरावर में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण अधिकारियों ने ग्राम कुरावर में भी प्राथमिक शाला एवं आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने बच्चों के लिए उपलब्ध सुविधाओं, शिक्षण व्यवस्था और आंगनबाड़ी में संचालित गतिविधियों की जानकारी ली। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों से व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं, पोषण संबंधी गतिविधियों और केंद्र की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया गया। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि शासन की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों तक प्रभावी ढंग से पहुंचे। जनता से सीधा संवाद और व्यवस्थाओं की जमीनी पड़ताल मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत अधिकारियों के गांवों में पहुंचने का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में शासन की योजनाओं एवं सेवाओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी लेना भी है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों और बच्चों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं को समझने का प्रयास किया। ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र जैसी संस्थाएं बच्चों की शिक्षा, पोषण और प्रारंभिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ऐसे में अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं की जमीनी स्थिति सामने आती है और आवश्यक सुधार के लिए दिशा-निर्देश दिए जा सकते हैं। ग्राम बैली और कुरावर में हुए निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी ने अभियान के उस उद्देश्य को भी सामने रखा, जिसमें ग्रामीणों से सीधे जुड़कर सरकारी सेवाओं की स्थिति जानने और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है।2
- उमरिया जिला की बेटी रूचि तिवारी ने प्रथम प्रयास मे पास की सहायक कूल सचिव का एग्जाम पास *नौरोजाबाद की बेटी रूचि तिवारी ने प्रथम प्रयास में पास की सहायक कुलसचिव परीक्षा, क्षेत्र में खुशी की लहर नौरोजाबाद // उमरिया जिले के नौरोजाबाद पाँच मे रहने वाले राजेंद्र तिवारी की होनहार बेटी रूचि तिवारी ने कड़ी मेहनत और लगन से मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित *सहायक कुलसचिव* की परीक्षा अपने *प्रथम प्रयास* में ही उत्तीर्ण कर ली है। रूचि की इस सफलता से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। रूचि, नौरोजाबाद निवासी राजेंद्र तिवारी एवं सुनीता तिवारी की पुत्री हैं। उन्होंने कक्षा 1 से 12 तक की शिक्षा नौरोजाबाद के स्व रतन मोहन मालवीय स्कूल से और स्नातक पंडित सब शंभूनाथ विश्वविद्यालय जबलपुर से किया, रूचि ने बताया की मैंने इंदौर में रहकर एमपीपीएससी की कोचिंग की थी,इसके अलावा रोजाना 8-9 घंटे पढ़ाई करती थी। माता-पिता और शिक्षकों का सहयोग हमेशा मिला। प्रथम प्रयास में सफलता मिलेगी ये उम्मीद नहीं थी, लेकिन मेहनत रंग लाई।" परिणाम आते ही घर में बधाइयों का तांता लग गया। राजेंद्र तिवारी ने कहा बेटी ने हमारा नाम रोशन किया है। वह शुरू से ही पढ़ाई में अव्वल रही है। हमें उस पर गर्व है।"पड़ोसियों और रिश्तेदारों ने मिठाई बांटकर खुशी मनाई। शिक्षकों ने कहा कि रूचि अनुशासित और मेहनती छात्रा रही है।सफलता के बाद रूचि ने कहा - "मेरा अगला लक्ष्य एमपीएससी में चयनित होकर प्रशासनिक सेवा में जाना है। मैं उन सभी लड़कियों को संदेश देना चाहती हूं कि मेहनत और आत्मविश्वास से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।4
- #शहडोल में कल रात #बुढार चौक स्कूटी सवार #महिला की एक्सीडेंट से हुई स्पॉट पर मौत @highlight Shahdol Police1
- भू माफिया के खिलाफ चल रहा 15 अगस्त से धरना प्रदर्शन 3 पीड़ित द्वारा शासन के अनदेखी पर दोबारा दिया गया 3 आवेदन कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने दिया आश्वासन की कार्रवाई होगी1
- घुनघुटी में गूंजा जनसंवाद, अफसरों के सामने खुलकर रखी जनता ने अपनी बात 🔥 घुनघुटी में गूंजा जनसंवाद, अफसरों के सामने खुलकर रखी जनता ने अपनी बात! मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत घुनघुटी में आयोजित जन संवाद कार्यक्रम में कमिश्नर श्रीमती सुरभि गुप्ता, कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय एवं सीईओ जिला पंचायत श्री अभय सिंह की मौजूदगी में ग्रामीणों से सीधा संवाद हुआ। जनता की समस्याएं सुनी गईं, स्थानीय मुद्दों पर चर्चा हुई और शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर भी संवाद किया गया। जनता के बीच प्रशासन—समस्याओं के समाधान की ओर बढ़ता कदम।4
- जन विश्वास अभियान: घुनघुटी में जनसुनवाई, कमिश्नर-कलेक्टर ने सुनी शिकायतें बिरसिंहपुर -- पाली मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत जनपद पंचायत बिरसिंहपुर पाली के ग्राम घुनघुटी में शुक्रवार को भव्य जनसुनवाई शिविर का आयोजन किया गया। कंचोदर घुनघुटी में आयोजित इस शिविर में संभागीय कमिश्नर और जिला कलेक्टर सहित समस्त विभागों के वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे। शिविर में दूर-दराज के ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों के समक्ष रखीं। जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने मुख्य रूप से पीएम आवास योजना में नाम न जुड़ने, राशन कार्ड में त्रुटि, वनाधिकार पट्टा न मिलने, नल-जल योजना में पानी की समस्या, सड़क की जर्जर हालत, बिजली बिल में गड़बड़ी और मनरेगा मजदूरी के भुगतान में देरी जैसे मुद्दे उठाए। किसानों ने फसल बीमा और खाद-बीज की उपलब्धता को लेकर भी अपनी बात रखी। अधिकारियों ने मौके पर ही कई आवेदनों का निराकरण किया, जबकि शेष शिकायतों को समय-सीमा निर्धारित कर संबंधित विभागों को सौंपा गया। जन विश्वास अभियान: घुनघुटी में जनसुनवाई, कमिश्नर-कलेक्टर ने सुनी शिकायतें बिरसिंहपुर -- पाली मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत जनपद पंचायत बिरसिंहपुर पाली के ग्राम घुनघुटी में शुक्रवार को भव्य जनसुनवाई शिविर का आयोजन किया गया। कंचोदर घुनघुटी में आयोजित इस शिविर में संभागीय कमिश्नर और जिला कलेक्टर सहित समस्त विभागों के वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे। शिविर में दूर-दराज के ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों के समक्ष रखीं। जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने मुख्य रूप से पीएम आवास योजना में नाम न जुड़ने, राशन कार्ड में त्रुटि, वनाधिकार पट्टा न मिलने, नल-जल योजना में पानी की समस्या, सड़क की जर्जर हालत, बिजली बिल में गड़बड़ी और मनरेगा मजदूरी के भुगतान में देरी जैसे मुद्दे उठाए। किसानों ने फसल बीमा और खाद-बीज की उपलब्धता को लेकर भी अपनी बात रखी। अधिकारियों ने मौके पर ही कई आवेदनों का निराकरण किया, जबकि शेष शिकायतों को समय-सीमा निर्धारित कर संबंधित विभागों को सौंपा गया। कमिश्नर ने कहा कि मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान का उद्देश्य शासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करना है। उन्होंने निर्देश दिए कि कोई भी पात्र हितग्राही शासन की योजनाओं से वंचित न रहे। कलेक्टर ने राजस्व, पंचायत, स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला बाल विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविर में प्राप्त आवेदनों का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ, एसडीएम पाली, तहसीलदार, जनपद सीईओ सहित सभी विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिविर स्थल पर स्वास्थ्य परीक्षण शिविर भी लगाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने जांच कराई। ग्रामीणों ने कहा कि इतने बड़े अधिकारी गांव में आकर उनकी समस्याएं सुन रहे हैं, इससे उनमें शासन के प्रति विश्वास बढ़ा है।4