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Pemaram Garasiya
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- Post by Pemaram Garasiya1
- विश्व थैलेसीमिया डे पर बच्चों ने दिखाई प्रतिभा, ड्राइंग प्रतियोगिता आयोजित। आबूरोड। विश्व थैलेसीमिया डे के अवसर पर तलहटी स्थित ग्लोबल हॉस्पिटल के रोटरी ग्लोबल थैलेसीमिया डे केयर सेंटर में थैलेसीमिया डे मनाया गया। इस अवसर पर थैलेसीमिक बच्चों के लिए ड्राइंग प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें 5 से 15 वर्ष तक के बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए शानदार चित्र बनाए। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों को क्रमशः 3100 रुपए, 2100 रुपए एवं 1100 रुपए की प्रोत्साहन राशि संकल्प इंडिया फाउंडेशन की ओर से प्रदान की जाएगी। कार्यक्रम में उपस्थित ग्लोबल हॉस्पिटल के ट्रस्टी एवं निदेशक डॉ. प्रताप मिड्ढा ने बच्चों को विशेष दिन की शुभकामनाएं देते हुए नियमित स्वास्थ्य जांच एवं समय पर रक्त चढ़ाने के लिए प्रेरित किया। वहीं ट्रॉमा सेंटर तलहटी के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर रश्मिकात ने डे केयर सेंटर को और अधिक सुविधायुक्त बनाने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम के दौरान डॉ. सतीश गुप्ता ने बच्चों के परिजनों को थैलेसीमिया से बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े संकल्प इंडिया फाउंडेशन के कोऑर्डिनेटर धार्मिक ने विवाह से पूर्व थैलेसीमिया जांच करवाने के प्रति जागरूक किया। इस अवसर पर सभी बच्चों के लिए राम प्रताप विमला देवी बाकलीवाल ट्रस्ट की ओर से भोजन एवं फल-फ्रूट्स की व्यवस्था की गई। ट्रस्ट सदस्य राजेंद्र बाकलीवाल ने बच्चों को अपने जीवन की ऊर्जा का स्रोत बताते हुए कहा कि इन बच्चों की मुस्कान उन्हें प्रेरणा देती है। रोटरी क्लब के अध्यक्ष नितेश बंसल ने बच्चों के सुखद एवं दीर्घायु जीवन की कामना की, वहीं डॉ. अजय सिंगला ने बच्चों को शिक्षित होकर समाज में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। समाजसेवी सलीम खान एवं ब्लड बैंक प्रभारी धर्मेंद्र सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम का सफल संचालन विशाल वर्मा ने किया।4
- उदयपुर जिले के कानोड़ में जमीन विवाद को लेकर जैन और सोनी समाज में तनाव, प्रशासन ने कराया मामला शांत कानोड़ कस्बे में शनिवार को जमीन विवाद को लेकर जैन और सोनी समाज आमने-सामने आ गए। विवाद उस समय बढ़ गया जब जवाहर विद्यापीठ शिक्षण संस्थान की ओर से विवादित भूमि पर लोहे की जालियां लगाने का कार्य शुरू किया गया। सूचना मिलते ही सोनी समाज के लोग मौके पर पहुंचे और काम रुकवा दिया। मामले की जानकारी पर एएसआई लालूराम पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे, वहीं अतिरिक्त पुलिस बल भी बुलाया गया। तहसीलदार वगता राम पुरोहित ने दोनों पक्षों से वार्ता कर समझाइश की, जिसके बाद लोहे की जालियां हटवा दी गईं। विवादित भूमि के पास सोनी समाज के भैरूजी बावजी का प्राचीन स्थान स्थित है, जबकि समीप ही जैन समाज का शिक्षण संस्थान संचालित है। दोनों पक्ष जमीन पर अपना दावा कर रहे हैं। प्रशासन ने मामले के समाधान के लिए संयुक्त टीम गठित की है। राजस्व विभाग रिकॉर्ड के आधार पर जमीन का सीमांकन करेगा। फिलहाल क्षेत्र में शांति है और एहतियातन पुलिस बल तैनात किया गया है।1
- राजस्थान में परीक्षा केंद्रों पर बढ़ी सख्ती, पेपर लीक पर सरकार का बड़ा एक्शन *पत्रकार नरेंद्र सिंह भाटी* राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर अब प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। सिरोही समेत प्रदेशभर के परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा शुरू होने से एक घंटा पहले ही कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की जा रही है। अभ्यर्थियों की गहन तलाशी, दस्तावेजों की जांच और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।यह सख्ती मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों के बाद बढ़ाई गई है। सरकार का मुख्य उद्देश्य पेपर लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाना और लाखों छात्रों की सालभर की मेहनत को सुरक्षित रखना है। पिछले वर्षों में कई भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और नकल गिरोहों के मामलों ने प्रदेश में बड़ा विवाद खड़ा किया था। इसी को देखते हुए अब परीक्षा केंद्रों पर पुलिस जाब्ता, सीसीटीवी निगरानी, मोबाइल प्रतिबंध और बायोमेट्रिक सत्यापन जैसी व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं। प्रशासन का कहना है कि किसी भी हाल में परीक्षा की पारदर्शिता से समझौता नहीं किया जाएगा। वहीं अभ्यर्थियों से भी समय से पहले केंद्र पहुंचने और सभी नियमों का पालन करने की अपील की गई है।1
- सिस्टम की बेरुखी : 20 साल से जॉब कार्ड के पन्ने खाली, न मिला आवास न मनरेगा में काम सरकारी फाइलों में सिमटी उम्मीद : 2005 से पीएम आवास और रोजगार के लिए भटक रहे बुजुर्ग दंपती साबला पंचायत समिति के साकर खाईया गांव का मामला, जिला कलेक्टर से बुजुर्ग दम्पति ने लगाई आवास व रोजगार की गुहार संवाददाता - संतोष व्यास डूंगरपुर। एक ओर जहाँ सरकार सबको आवास के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही और सिस्टम की बेरुखी का एक झकझोर देने वाला मामला डूँगरपुर जिले की साबला पंचायत समिति के साकर खाईया गांव से सामने आया है। यहाँ वार्ड नंबर 8 में रहने वाले एक बुजुर्ग दंपती, धुली देवी और नारायण यादव, पिछले दो दशकों से प्रधानमंत्री आवास योजना और मनरेगा के तहत रोजगार की आस में सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक केवल आश्वासन ही मिला है। - 2005 में बना था जॉब कार्ड, आज भी पन्ने खाली पीड़ित नारायण यादव ने बताया कि वर्ष 2005 में प्रशासन द्वारा उनका जॉब कार्ड बनाया गया था। उस समय उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि अब उन्हें मनरेगा के तहत काम मिलेगा और परिवार की आर्थिक स्थिति सुधरेगी। विडंबना यह है कि आज 20 साल बीत जाने के बाद भी उस जॉब कार्ड पर काम की एक भी एंट्री नहीं हुई है। नारायण का कहना है कि जब भी वे काम मांगने पंचायत जाते हैं, तो उन्हें अभी काम नहीं है या अगली बार कहकर टाल दिया जाता है। - जर्जर झोपड़ी में रहने को मजबूर परिवार आवास योजना की स्थिति भी इससे अलग नहीं है। दंपती ने 2005 में ही पक्के मकान के लिए आवेदन किया था, लेकिन आज भी वे एक बेहद जर्जर कच्चे मकान में रहने को मजबूर हैं। बुजुर्ग दंपती का आरोप है कि उनके अशिक्षित होने का फायदा उठाकर व्यवस्था उन्हें ग्राम पंचायत से पंचायत समिति कार्यालय के बीच फुटबॉल बना रही है। - बारिश में भीगती रातें और ढहती उम्मीदें नारायण यादव ने अपनी पीड़ा बयां करते हुए बताया कि उनका वर्तमान केलूपोष मकान पूरी तरह जर्जर हो चुका है। बारिश के मौसम में छत से पानी टपकता है, जिसके चलते उन्हें और उनकी पत्नी को पूरी रात बैठकर गुजारनी पड़ती है। बुजुर्ग दंपत्ति ने नम आंखों से कहा कि दिन तो जैसे-तैसे कट जाता है, लेकिन रात का डर हमें सोने नहीं देता। डर लगा रहता है कि कहीं यह कच्चा मकान हमारे ऊपर ही न गिर जाए। - सरपंच और सचिव के खोखले आश्वासन नारायण ने बताया कि वे पंचायत के चक्कर काटकर थक चुके हैं। हर बार सरपंच और ग्राम सचिव अगली बार का झुनझुना थमा देते हैं। पात्र सूची में नाम होने के बावजूद उन्हें आज तक एक रुपया भी सरकारी सहायता नहीं मिली है। यह स्थिति स्पष्ट करती है कि धरातल पर योजनाओं का क्रियान्वयन किस कदर भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद की भेंट चढ़ चुका है। - गंभीर बीमारी और आर्थिक तंगी बुजुर्ग दंपत्ति न केवल बेघर है, बल्कि शारीरिक रूप से भी अत्यंत कमजोर और बीमार है। घर में जवान बेटा कॉलेज की पढ़ाई कर रहा है, जिसके भविष्य को लेकर ये माता-पिता चिंतित हैं। आर्थिक तंगी का आलम यह है कि वे अपनी बीमारी का इलाज कराएं, बेटे को पढ़ाएं या दो वक्त की रोटी का इंतजाम करें। - प्रशासन ने दिया जांच का भरोसा आवास एवं रोजगार की मांग को लेकर बुजुर्ग दंपति जिला मुख्यालय पर कलेक्ट्रेट पहुंचे तथा जिला कलेक्टर से पीएम आवास योजना का लाभ दिलाने तथा मनरेगा योजना में रोजगार दिलवाने की मांग की। इधर, मामले के तूल पकड़ने के बाद स्थानीय प्रशासन हरकत में आया है तथा इस पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच करवाने की बात कही जा रही है। वहीं, पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने और मनरेगा के तहत काम मुहैया कराने के लिए उचित कदम उठाने का आश्वासन भी दिया गया है। फिलहाल, यह मामला सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।1
- विधायक शंकरलाल डेचा ने झाखरी में दो कक्षा कक्षों का लोकार्पण और सेलोता में नवीन कक्ष का किया शिलान्यास डूंगरपुर जिले के सागवाडा विधायक शंकरलाल डेचा आज अपने विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर रहे | अपने दौरे के दौरान विधायक डेचा ने क्षेत्र के विकास और शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण सौगातें दीं। विधायक डेचा ने ग्राम पंचायत झाखरी के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में नवनिर्मित दो कक्षा कक्षों का लोकार्पण किया, वहीं ग्राम पंचायत सेलोता के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में एक नवीन कक्षा कक्ष का शिलान्यास कर विकास कार्यों की नींव रखी।1
- *श्री एकलिंगनाथ राष्ट्रीय सेवा संगठन द्वारा नारी वैभव मुहिम का शुभारंभ *श्री एकलिंगनाथ राष्ट्रीय सेवा संगठन द्वारा नारी वैभव मुहिम का शुभारंभ* डूंगरपुर से संवाददाता गीतेश पंड्या। भारत के राष्ट्रीय स्लोगन बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ को धरातल पर उतारते हुए नारी सशक्तिकरण की मुहिम को आगे बढ़ाते हुए श्री एकलिंगनाथ राष्ट्रीय सेवा संगठन उदयपुर राजस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री आकाश बागड़ी द्वारा डूंगरपुर जिले में इस अभियान का शुभारंभ किया गया। होटल लेक व्यू के हॉल में भाजपा महिला जिला मंत्री अचला वसीटा , भाजपा महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष राजकुमारी प्रजापत के सानिध्य में शहर की कई मातृ शक्ति की उपस्थिति में ये कार्यक्रम किया गया। सर्वप्रथम दीप प्रज्ज्वलित कर गणेश वंदना की गई। पगड़ी और अपर्णा से अतिथियों का स्वागत सम्मान किया गया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए अंजलि जोशी द्वारा प्रारंभिक जानकारी देते हुए बताया गया कि इस मुहिम के अंतर्गत महिलाओं को निःशुल्क त्रैमासिक कोर्स सिखाया जाएगा जिसमें ,सिलाई, ब्यूटी पार्लर, मेंहदी आदि का समावेश रहेगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संगठन के आकाश बागड़ी द्वारा बताया गया कि ये प्रशिक्षण केंद्र सभी महिलाओं के लिए है किसी भी वर्ग ओर उम्र की महिलाएं ये निशुल्क कोर्स सीख कर स्वावलंबी बन सकती है। अपने माध्यम से दूसरों को भी सीखकर उनकी जीवन यापन में सहयोग कर सकती है। संगठन द्वारा उदयपुर में शीघ्र ही नायरा उद्योग केंद्र का शुभारंभ किया जाएगा। कोई भी महिला इस निशुल्क कोर्स के बाद यदि उदयपुर में भी जॉब करना चाहे तो संगठन के माध्यम से उनकी उदयपुर में उचित जगह पर प्लेसमेंट करवाई जाएगी। कार्यक्रम के अंत में संगठन के पोस्टर का विमोचन किया गया। इस अवसर पर चंद्रिका पटेल , दीपिका श्रीमाल, नेहा शर्मा, अरुणा पंचाल, रश्मि कलाल, शीतल यादव, चेतना प्रजापत, जहान्वी श्रीमाल, नव्या वसीटा, सहित कई मातृ शक्ति उपस्थित रही।4
- भीषण गर्मी में यात्रियों को राहत: आबूरोड रेलवे स्टेशन पर शुरू हुई निःशुल्क शीतल जल सेवा। आबूरोड। भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए भारत विकास परिषद एवं भगवती सागर चैरिटेबल ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में आज से आबूरोड रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लिए निःशुल्क शीतल जल सेवा प्रारंभ की गई। इस सेवा के अंतर्गत ट्रेनों के जनरल कोच के सामने ठंडे पानी के कैंपर लगाए जा रहे हैं, ताकि लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को इस भीषण गर्मी में राहत मिल सके। प्रतिदिन लगभग 50 ठंडे पानी के कैंपर उपलब्ध कराए जाएंगे तथा यह सेवा आगामी डेढ़ से दो माह तक लगातार संचालित की जाएगी। सामाजिक कार्यकर्त्ता अरविंद अग्रवाल ने बताया कि भारत विकास परिषद एवं भगवती सागर चैरिटेबल ट्रस्ट सदैव सेवा, सहयोग और संवेदनशीलता के साथ समाजहित के कार्यों में सक्रिय रहते हैं। इसी क्रम में भीषण गर्मी को देखते हुए संस्था द्वारा विभिन्न स्थानों पर पशु-पक्षियों के लिए पानी की टंकियां एवं परिंडे भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि मूक प्राणियों को भी इस गर्मी में राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि गर्मी के इस मौसम में यात्रियों को शीतल जल उपलब्ध कराना एक छोटा लेकिन अत्यंत उपयोगी प्रयास है, जिससे प्रतिदिन हजारों यात्रियों को लाभ मिलेगा। परिषद का उद्देश्य केवल सामाजिक कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि आवश्यकता के समय समाज के प्रत्येक वर्ग एवं जीव-जंतुओं तक राहत पहुँचाना है। इस पुनीत सेवा कार्य की स्थानीय नागरिकों, रेल यात्रियों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा भूरि-भूरि प्रशंसा की जा रही है। यह पहल सेवा, मानवता और जीवों के प्रति करुणा का प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत कर रही है।2