सोहागपुर में नर्मदा जल परियोजना बंद होने से होने वाली पानी की समस्या को लेकर कांग्रेसियों ने नायब तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन सोहागपुर में नर्मदा जल परियोजना बंद होने से होने वाली पानी की समस्या को लेकर कांग्रेसियों ने नायब तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन सोहागपुर नगर में जल सप्लाई करने वाली नर्मदा जल परियोजना पिछले चार दिनों से बंद पड़ी है जिससे नगर के नागरिकों को बड़ी पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है इसे लेकर नगर कांग्रेस कमेटी द्वारा एसडीएम प्रियंका भल्लवी के नाम नायक तहसीलदार रणजीत सिंह चौहान को एक ज्ञापन सोपा गया ज्ञापन में बताया गया कि नगर परिषद सोहागपुर द्वारा जल आपूर्ति के लिये नर्मदा जल योजना कुछ समय से बंद है जिससे भीषण गर्मी में समूचे नगर में पानी की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। जिससे पूरे नगर में जल संकट की स्थिति पैदा हो गई है जबकि पानी जीवन चलाने के लिये सबसे महत्वपूर्ण है बिना पानी के कुछ भी किया जाना संभव नही है तथा नगर परिषद द्वारा पुरानी पाईप लाईप से जो पानी आ रही है वह पूर्णतः दूषित होकर कीड़े पढ़ चुके है जिससे पूरे नगर में गंभीर बीमारी फैलने का खतरा उत्पन्न हो गया है जिसकी जांच कर जल आपूर्ति जल्द से जल्द शुरू की जायें। वही ब्लाक मे आ रही गैस की समस्या का निवारण करते हुये समस्त लोगो तक सुविधा से गैस उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। उपरोक्त समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देते हुये विचार करें अन्यथा इंदौर जैसी स्थिति सोहागपुर में उत्पन्न हो सकती है
सोहागपुर में नर्मदा जल परियोजना बंद होने से होने वाली पानी की समस्या को लेकर कांग्रेसियों ने नायब तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन सोहागपुर में नर्मदा जल परियोजना बंद होने से होने वाली पानी की समस्या को लेकर कांग्रेसियों ने नायब तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन सोहागपुर नगर में जल सप्लाई करने वाली नर्मदा जल परियोजना पिछले चार दिनों से बंद पड़ी है जिससे नगर के नागरिकों को बड़ी पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है इसे लेकर नगर कांग्रेस कमेटी द्वारा एसडीएम प्रियंका भल्लवी के नाम नायक तहसीलदार रणजीत सिंह चौहान को एक ज्ञापन सोपा गया ज्ञापन में बताया गया कि नगर परिषद सोहागपुर द्वारा जल आपूर्ति के लिये नर्मदा जल योजना कुछ समय से बंद है जिससे भीषण गर्मी में समूचे नगर में पानी की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। जिससे पूरे नगर में जल संकट की स्थिति पैदा हो गई है जबकि पानी जीवन चलाने के लिये सबसे महत्वपूर्ण है बिना पानी के कुछ भी किया जाना संभव नही है तथा नगर परिषद द्वारा पुरानी पाईप लाईप से जो पानी आ रही है वह पूर्णतः दूषित होकर कीड़े पढ़ चुके है जिससे पूरे नगर में गंभीर बीमारी फैलने का खतरा उत्पन्न हो गया है जिसकी जांच कर जल आपूर्ति जल्द से जल्द शुरू की जायें। वही ब्लाक मे आ रही गैस की समस्या का निवारण करते हुये समस्त लोगो तक सुविधा से गैस उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। उपरोक्त समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देते हुये विचार करें अन्यथा इंदौर जैसी स्थिति सोहागपुर में उत्पन्न हो सकती है
- सोहागपुर में नर्मदा जल परियोजना बंद होने से होने वाली पानी की समस्या को लेकर कांग्रेसियों ने नायब तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन सोहागपुर नगर में जल सप्लाई करने वाली नर्मदा जल परियोजना पिछले चार दिनों से बंद पड़ी है जिससे नगर के नागरिकों को बड़ी पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है इसे लेकर नगर कांग्रेस कमेटी द्वारा एसडीएम प्रियंका भल्लवी के नाम नायक तहसीलदार रणजीत सिंह चौहान को एक ज्ञापन सोपा गया ज्ञापन में बताया गया कि नगर परिषद सोहागपुर द्वारा जल आपूर्ति के लिये नर्मदा जल योजना कुछ समय से बंद है जिससे भीषण गर्मी में समूचे नगर में पानी की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। जिससे पूरे नगर में जल संकट की स्थिति पैदा हो गई है जबकि पानी जीवन चलाने के लिये सबसे महत्वपूर्ण है बिना पानी के कुछ भी किया जाना संभव नही है तथा नगर परिषद द्वारा पुरानी पाईप लाईप से जो पानी आ रही है वह पूर्णतः दूषित होकर कीड़े पढ़ चुके है जिससे पूरे नगर में गंभीर बीमारी फैलने का खतरा उत्पन्न हो गया है जिसकी जांच कर जल आपूर्ति जल्द से जल्द शुरू की जायें। वही ब्लाक मे आ रही गैस की समस्या का निवारण करते हुये समस्त लोगो तक सुविधा से गैस उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। उपरोक्त समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देते हुये विचार करें अन्यथा इंदौर जैसी स्थिति सोहागपुर में उत्पन्न हो सकती है1
- सोहागपुर (होशंगाबाद) ग्राम: लखनपुर (खांड़ादेवरी) निवासी श्री ओम प्रकाश कुशवाहा द्वारा बिटिया दुर्गा कुशवाहा की सगाई रसम अदाएगी के पश्चात यहां पर भी जरूरतमंद वृद्ध एवं बेसहारा लोगों को कराए गए स्वादिष्ट भोजन। इस दौरान इनके परिजन कमलेश कुशवाहा, कपिल, जितेंद्र, आनंद, भगवानदास (चाचा) बंटी, अरविंद, भगवानदास (फूफा) रामकिशन एवं बैनी प्रसाद कुशवाहा ने भी भोजन परोसकर पुण्य कार्य किया।1
- भारत की राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने कृषि-खाद्य प्रणालियों में महिलाओं की भूमिका पर आयोजित वैश्विक सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में सहभागिता की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और उन्हें केवल खेतों तक सीमित न रखकर नीति निर्माण, निर्णय प्रक्रिया तथा नेतृत्व के पदों में भी अधिक अवसर दिए जाने चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि महिलाओं के सशक्तिकरण से कृषि-खाद्य प्रणालियाँ अधिक समावेशी, टिकाऊ और प्रभावी बन सकती हैं। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में भाऊसाहब भुस्कुटे स्मृति लोक न्यास के कृषि विज्ञान केंद्र, गोविंदनगर (जिला नर्मदापुरम) का भी प्रतिनिधित्व रहा। केंद्र की पोषण एवं आहार विशेषज्ञ डॉ. आकांक्षा पाण्डेय ने कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए महिलाओं की पोषण सुरक्षा, कृषि-आधारित उद्यमिता और ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी से जुड़े विषयों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को पोषण, खाद्य प्रसंस्करण, मशरूम उत्पादन तथा अन्य कृषि-आधारित गतिविधियों का प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र गोविंदनगर की हितग्राही एवं सफल मशरूम उत्पादक श्रीमती मीता ठाकुर ने भी सहभागिता की। श्रीमती मीता ठाकुर ने कृषि विज्ञान केंद्र से प्राप्त प्रशिक्षण के आधार पर मशरूम उत्पादन को स्वरोजगार के रूप में अपनाया है और आज वे अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही हैं। उन्होंने सम्मेलन में अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि सही मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग मिलने से ग्रामीण महिलाएं भी कृषि क्षेत्र में सफल उद्यमी बन सकती हैं। सम्मेलन में विभिन्न देशों और संस्थानों से आए विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों तथा महिला उद्यमियों ने कृषि-खाद्य प्रणालियों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने, तकनीकी सशक्तिकरण, पोषण सुरक्षा तथा सतत कृषि विकास से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया। कृषि विज्ञान केंद्र गोविंदनगर के लिए यह सहभागिता गर्व का विषय रही, जिससे यह स्पष्ट होता है कि केंद्र द्वारा ग्रामीण महिलाओं को प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयास राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहे जा रहे हैं।1
- पिपरिया तहसील के ग्राम पंचायत धनाश्री में आज 3:30 बजे शुक्रवार को ग्राम कोटवार एवं सचिव द्वारा पराली ना जलाने हेतु किसानो को विशेष रूप से जागरूक किया जा रहा है मैं किसानों को सूचित कर बताया गया कि अभी सभी किसानों की फसल खेत में खड़ी हुई है अगर किसी भी किसान की फसल जो पक गई है वह कटाई करते हैं तो कृपया कर पराली ना जलाएं जिससे अन्य किसानों को पराली जलने से नुकसान ना हो अगर परली जलते हुए कोई भी किसान पाया जाता है तो उसके ऊपर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी जिसके तहत पिपरिया तहसील के ग्राम पंचायत धनाश्री में पंचायत सचिव, छबील राम पटेल, पटवारी मैडम सुरुचि शर्मा, एवं ग्राम कोटवार दरबार सिंह मेहरा, ग्राम के जागरूक कृषक टीकाराम पटेल एवं हेमंत पटेल, संतोष पटेल शुभम पटेल सीमांत पटेल हरीश पटेल आदि उपस्थित रहे,1
- आज राज्यसभा में ग्रामीण विकास मंत्रालय की बजट अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान अपने विचार रखे। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी के नेतृत्व में इस वर्ष ग्रामीण विकास का बजट ₹1,97,023 करोड़ कर दिया गया है, जो गांव और गरीब के प्रति हमारी सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। भाषण के कुछ मुख्य अंश: ✅ मनरेगा: अब 100 की जगह 125 दिन के रोजगार की गारंटी। ✅ पीएम आवास: ₹54,917 करोड़ के बजट के साथ हर गरीब को अपना पक्का घर। ✅ महिला सशक्तिकरण: मध्य प्रदेश में 36 लाख से अधिक आवासों का निर्माण और 'लाड़ली लक्ष्मियों' का आर्थिक उत्थान। ✅ नर्मदापुरम: सड़कों और इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से मेरे गृह जिले का सर्वांगीण विकास। डबल इंजन की सरकार, विकास की गारंटी! 🚩 1
- चौतलाय में गेहूं की खड़ी फसल में आग, 8 एकड़ फसल जलकर खाक सिवनी मालवा। तहसील क्षेत्र के ग्राम चौतलाय में शुक्रवार दोपहर गेहूं की खड़ी फसल में अज्ञात कारणों से अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और खेतों में खड़ी फसल को अपनी चपेट में ले लिया। आग लगने की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और अपने-अपने साधनों से आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया। ग्रामीणों द्वारा तत्काल फायर ब्रिगेड को भी सूचना दी गई, लेकिन जब तक आग पर काबू पाया जाता तब तक दो किसान रामभरोष लौवंशी तथा संतोष लौवंशी की लगभग 8 एकड़ गेहूं की फसल जलकर राख हो चुकी थी। घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्रीय विधायक प्रेमशंकर वर्मा मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कलेक्टर और एसडीएम से दूरभाष पर चर्चा कर घटना की जानकारी दी तथा प्रशासन को तत्काल राहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। विधायक ने मौके पर मौजूद पटवारी को निर्देशित किया कि नुकसान का तत्काल आकलन कर रिपोर्ट तैयार की जाए, ताकि प्रभावित किसानों को शासन की ओर से यथोचित सहायता उपलब्ध कराई जा सके। ग्राम पंचायत चौतलाय के सरपंच रामजीवन साध ने बताया कि आग की सूचना मिलते ही गांव के जागरूक ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए आग बुझाने में प्रशासन का सहयोग किया। ग्रामीणों के प्रयासों से आग को और अधिक फैलने से रोकने में सफलता मिली, जिससे आसपास के अन्य खेतों की फसल बचाई जा सकी। लेकिन 2 किसान रामभरोष लौवंशी तथा संतोष लौवंशी की लगभग 7-8 एकड़ खड़ी फसल जल गई। आग से हुए नुकसान के बाद प्रभावित किसान शासन से मुआवजे की उम्मीद लगाए बैठे हैं।1
- सिवनी मालवा में इन दिनों रसोई गैस सिलेंडर को लेकर भारी अव्यवस्था देखने को मिल रही है। गैस एजेंसी पर सिलेंडर लेने के लिए लोगों की लंबी कतारें लग रही हैं, लेकिन कई उपभोक्ताओं को घंटों इंतजार के बाद भी सिलेंडर नहीं मिल पा रहा। हालात इतने बिगड़ गए कि सिलेंडर वितरण के लिए पुलिस की मौजूदगी में व्यवस्था करनी पड़ी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई दिनों से एजेंसी के चक्कर लगाने के बाद भी उन्हें सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि बड़े आयोजनों और शादियों के लिए सिलेंडर अलग से दिए जा रहे हैं। इस स्थिति से आम जनता काफी परेशान है।1
- मढ़ई में आयोजित की गई स्थानीय सलाहकार समिति की बैठक, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की पर्यटन रणनीति की समीक्षा की गई सतपुड़ा टाइगर रिजर्व मढ़ई में स्थानीय सलाहकार समिति की बैठक नर्मदापुरम संभाग के कमिश्नर कृष्ण गोपाल तिवारी की अध्यक्षता में गुरुवार शाम 5 बजे संपन्न हुई। बैठक में सतपुड़ा टाइगर रिजर्व क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों, पर्यावरण संरक्षण तथा स्थानीय समुदाय के लिए रोजगार के अवसरों को लेकर विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में वन्यप्राणी गलियारों के महत्व एवं पारिस्थितिकी सौंदर्य को ध्यान में रखते हुए सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की सीमा के निकट भवन एवं अन्य अधोसंरचनाओं के निर्माण के लिए आवश्यक मापदंड निर्धारित किए जाने पर समिति द्वारा सर्वसम्मति व्यक्त की गई। साथ ही संरक्षित क्षेत्र की सीमा के निकट पर्यटन सुविधाओं के पर्यावरण के अनुकूल विस्तार, पर्यटन से रोजगार प्राप्त करने वाले व्यक्तियों की संख्या तथा इसके संभावित दुष्प्रभावों के न्यूनीकरण एवं पुनर्संयोजन के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया गया।1