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रियान बड़ी क्षेत्र के पिपलिया गांव में शुक्रवार को 11 केवी विद्युत लाइन का तार टूटकर नाड़ी के पानी में गिर जाने से बड़ा हादसा हो गया। नाड़ी के पानी में करंट फैलने की वजह से वहां पानी पीने गई किसान मेवाराम गुर्जर की भैंस ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के तुरंत बाद आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए बिजली आपूर्ति बंद करवाई। पीड़ित किसान मेवाराम गुर्जर ने बताया कि भैंस उनकी आजीविका का मुख्य साधन थी और इस घटना से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। उन्होंने प्रशासन और विद्युत विभाग से उचित मुआवजा दिलाने तथा दोषी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। सूचना मिलने पर स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। घटना के बाद ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि क्षेत्र में कई स्थानों पर पुराने और जर्जर विद्युत तार लटक रहे हैं, जिससे भविष्य में भी बड़े हादसों का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से सभी जर्जर लाइनों की तत्काल जांच कराकर मरम्मत कराने की मांग की है। वहीं प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि तार टूटने जैसी घटना की सूचना तुरंत विभाग को दें और बिजली बंद होने तक तारों के पास न जाएं।

4 hrs ago
user_Vishnaram saini
Vishnaram saini
Police Officer रियान बड़ी, नागौर, राजस्थान•
4 hrs ago

रियान बड़ी क्षेत्र के पिपलिया गांव में शुक्रवार को 11 केवी विद्युत लाइन का तार टूटकर नाड़ी के पानी में गिर जाने से बड़ा हादसा हो गया। नाड़ी के पानी में करंट फैलने की वजह से वहां पानी पीने गई किसान मेवाराम गुर्जर की भैंस ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के तुरंत बाद आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए बिजली आपूर्ति बंद करवाई। पीड़ित किसान मेवाराम गुर्जर ने बताया कि भैंस उनकी आजीविका का मुख्य साधन थी और इस घटना से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। उन्होंने प्रशासन और विद्युत विभाग से उचित मुआवजा दिलाने तथा दोषी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। सूचना मिलने पर स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। घटना के बाद ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि क्षेत्र में कई स्थानों पर पुराने और जर्जर विद्युत तार लटक रहे हैं, जिससे भविष्य में भी बड़े हादसों का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से सभी जर्जर लाइनों की तत्काल जांच कराकर मरम्मत कराने की मांग की है। वहीं प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि तार टूटने जैसी घटना की सूचना तुरंत विभाग को दें और बिजली बंद होने तक तारों के पास न जाएं।

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  • रियान बड़ी उपखंड क्षेत्र के लुगिया गांव निवासी मेघवाल परिवार ने अपनी पुश्तैनी अनुसूचित जाति (एससी) भूमि के कथित फर्जी नामांतरण का आरोप लगाते हुए जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार को ज्ञापन सौंपा है। पीड़ित परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर न्याय की गुहार लगाई है। ज्ञापन में नाथूराम मेघवाल, धारूराम मेघवाल और उनकी बहनों चुका देवी व सोहनी देवी ने बताया कि ग्राम बीजाथल स्थित खसरा नंबरों की भूमि पर उनके पूर्वज, जैसे शिवरण पुत्र घिसा, राजस्थान काश्तकारी अधिनियम 1955 लागू होने से पहले से ही काश्तकार रहे हैं। नाथूराम मेघवाल के अनुसार, उनके पिता ने आर्थिक तंगी के कारण जमीन उगमाराम जाट को केवल बटाई पर दी थी। आरोप है कि पिता के निधन के बाद उगमाराम जाट ने कूटचित दस्तावेजों के आधार पर बिना वैधानिक रूपांतरण के एससी वर्ग की भूमि ओबीसी वर्ग में अपने नाम करवा ली। वहीं, सुगनचंद जैन पर आरोप है कि उन्होंने बंटवारे के दौरान पिता की जाति गलत तरीके से जैन दर्ज करवाकर अवैध रूप से भूमि अपने नाम कर ली। पीड़ित पक्ष का दावा है कि प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत से सैकड़ों बीघा भूमि का रिकॉर्ड बदला गया है, जबकि नियमतः बिना रूपांतरण के एससी भूमि किसी अन्य वर्ग के नाम दर्ज नहीं की जा सकती। परिवार ने जिला प्रशासन से दोषियों पर कानूनी कार्रवाई करने और पुश्तैनी जमीन वापस दिलाने की मांग की है। इस संबंध में जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार ने ज्ञापन मिलने की बात स्वीकार करते हुए आश्वासन दिया है कि मामले की विस्तृत जांच करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग से रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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    रियान बड़ी उपखंड क्षेत्र के लुगिया गांव निवासी मेघवाल परिवार ने अपनी पुश्तैनी अनुसूचित जाति (एससी) भूमि के कथित फर्जी नामांतरण का आरोप लगाते हुए जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार को ज्ञापन सौंपा है। पीड़ित परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर न्याय की गुहार लगाई है। ज्ञापन में नाथूराम मेघवाल, धारूराम मेघवाल और उनकी बहनों चुका देवी व सोहनी देवी ने बताया कि ग्राम बीजाथल स्थित खसरा नंबरों की भूमि पर उनके पूर्वज, जैसे शिवरण पुत्र घिसा, राजस्थान काश्तकारी अधिनियम 1955 लागू होने से पहले से ही काश्तकार रहे हैं।

नाथूराम मेघवाल के अनुसार, उनके पिता ने आर्थिक तंगी के कारण जमीन उगमाराम जाट को केवल बटाई पर दी थी। आरोप है कि पिता के निधन के बाद उगमाराम जाट ने कूटचित दस्तावेजों के आधार पर बिना वैधानिक रूपांतरण के एससी वर्ग की भूमि ओबीसी वर्ग में अपने नाम करवा ली। वहीं, सुगनचंद जैन पर आरोप है कि उन्होंने बंटवारे के दौरान पिता की जाति गलत तरीके से जैन दर्ज करवाकर अवैध रूप से भूमि अपने नाम कर ली। पीड़ित पक्ष का दावा है कि प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत से सैकड़ों बीघा भूमि का रिकॉर्ड बदला गया है, जबकि नियमतः बिना रूपांतरण के एससी भूमि किसी अन्य वर्ग के नाम दर्ज नहीं की जा सकती।

परिवार ने जिला प्रशासन से दोषियों पर कानूनी कार्रवाई करने और पुश्तैनी जमीन वापस दिलाने की मांग की है। इस संबंध में जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार ने ज्ञापन मिलने की बात स्वीकार करते हुए आश्वासन दिया है कि मामले की विस्तृत जांच करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग से रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
    user_Vishnaram saini
    Vishnaram saini
    Police Officer रियान बड़ी, नागौर, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • भाजपा समर्थकों और कुछ सोशल मीडिया रिपोर्टों का दावा है कि 'कॉकरोच जनता पार्टी' कोई साधारण छात्र आंदोलन नहीं है। उनका आरोप है कि यह आम आदमी पार्टी और कांग्रेस जैसी विपक्षी पार्टियों द्वारा समर्थित एक सोची-समझी 'सोशल मीडिया टूलकिट' या राजनीतिक प्रयोग है, जिसका सीधा मकसद युवाओं को भड़काना और पीएम मोदी की छवि को नुकसान पहुँचाना है। दूसरी तरफ, आंदोलनकारी छात्रों और स्वतंत्र विश्लेषकों का कहना है कि सरकार अपनी कमियों को छिपाने के लिए छात्रों की वास्तविक आवाज और शांतिपूर्ण विरोध को 'राजनीति से प्रेरित' बता रही है। छात्रों का आरोप है कि सरकार इस तरह के दावे करके जनता को असली मुद्दों से गुमराह करने की कोशिश कर रही है। इसके अलावा, पूरे मामले में 'मोदी विरोध की राजनीति बनाम राहुल गांधी का पीएम चेहरा' का समीकरण भी चर्चा में है। विश्लेषण के अनुसार, भले ही मोदी को टारगेट किया जा रहा हो, लेकिन राहुल गांधी का पीएम बनना अभी दूर की कौड़ी है और विपक्ष की अपनी कई कमजोरियां सामने आ रही हैं।
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    भाजपा समर्थकों और कुछ सोशल मीडिया रिपोर्टों का दावा है कि 'कॉकरोच जनता पार्टी' कोई साधारण छात्र आंदोलन नहीं है। उनका आरोप है कि यह आम आदमी पार्टी और कांग्रेस जैसी विपक्षी पार्टियों द्वारा समर्थित एक सोची-समझी 'सोशल मीडिया टूलकिट' या राजनीतिक प्रयोग है, जिसका सीधा मकसद युवाओं को भड़काना और पीएम मोदी की छवि को नुकसान पहुँचाना है।

दूसरी तरफ, आंदोलनकारी छात्रों और स्वतंत्र विश्लेषकों का कहना है कि सरकार अपनी कमियों को छिपाने के लिए छात्रों की वास्तविक आवाज और शांतिपूर्ण विरोध को 'राजनीति से प्रेरित' बता रही है। छात्रों का आरोप है कि सरकार इस तरह के दावे करके जनता को असली मुद्दों से गुमराह करने की कोशिश कर रही है।

इसके अलावा, पूरे मामले में 'मोदी विरोध की राजनीति बनाम राहुल गांधी का पीएम चेहरा' का समीकरण भी चर्चा में है। विश्लेषण के अनुसार, भले ही मोदी को टारगेट किया जा रहा हो, लेकिन राहुल गांधी का पीएम बनना अभी दूर की कौड़ी है और विपक्ष की अपनी कई कमजोरियां सामने आ रही हैं।
    user_Karan Ginwariya
    Karan Ginwariya
    Merta, Nagaur•
    2 hrs ago
  • अजमेर के पीसांगन थाना क्षेत्र में हुए मर्डर केस का एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला ने खुलासा कर दिया है। लगातार पति के विरोध के कारण यह खौफनाक साजिश रची गई थी, जिसमें पत्नी ने अपने प्रेमी और उसके साथियों के साथ मिलकर पति मुकेश को मौत के घाट उतार दिया। मामले में मृतक के बड़े भाई ने हत्या का शक जताते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत पर सक्रिय हुई पुलिस ने मामले की जांच कर हत्याकांड का पर्दाफाश किया और हत्यारी पत्नी सहित तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
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    अजमेर के पीसांगन थाना क्षेत्र में हुए मर्डर केस का एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला ने खुलासा कर दिया है। लगातार पति के विरोध के कारण यह खौफनाक साजिश रची गई थी, जिसमें पत्नी ने अपने प्रेमी और उसके साथियों के साथ मिलकर पति मुकेश को मौत के घाट उतार दिया।

मामले में मृतक के बड़े भाई ने हत्या का शक जताते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत पर सक्रिय हुई पुलिस ने मामले की जांच कर हत्याकांड का पर्दाफाश किया और हत्यारी पत्नी सहित तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
    user_नरेंद्र कुमार आचार्य
    नरेंद्र कुमार आचार्य
    Agricultural service पीसांगन, अजमेर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • अजमेर में दरगाह बाईपास, नागफनी रोड, अढ़ाई दिन का झोपड़ा सड़क, अंदर कोट और नई सड़क बाईपास की हालत बेहद खराब हो चुकी है। सड़कों के हिस्से टूट-टूटकर रास्ते पर गिर रहे हैं और पूरी सड़क जर्जर हो चुकी है। प्रशासन की अनदेखी पर नाराजगी जताते हुए इन रास्तों पर तुरंत सड़क निर्माण कार्य शुरू करने की माँग उठाई गई है। इन प्रमुख मार्गों से होकर बहुत से मेहमान और श्रद्धालु शहर में आते हैं, जिससे अजमेर की छवि खराब हो रही है। दरगाह बाईपास और आसपास की सड़कों की दुर्दशा पर ध्यान देने और निर्माण कार्य जल्द शुरू करने की माँग की गई है।
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    अजमेर में दरगाह बाईपास, नागफनी रोड, अढ़ाई दिन का झोपड़ा सड़क, अंदर कोट और नई सड़क बाईपास की हालत बेहद खराब हो चुकी है। सड़कों के हिस्से टूट-टूटकर रास्ते पर गिर रहे हैं और पूरी सड़क जर्जर हो चुकी है। प्रशासन की अनदेखी पर नाराजगी जताते हुए इन रास्तों पर तुरंत सड़क निर्माण कार्य शुरू करने की माँग उठाई गई है।

इन प्रमुख मार्गों से होकर बहुत से मेहमान और श्रद्धालु शहर में आते हैं, जिससे अजमेर की छवि खराब हो रही है। दरगाह बाईपास और आसपास की सड़कों की दुर्दशा पर ध्यान देने और निर्माण कार्य जल्द शुरू करने की माँग की गई है।
    user_Deepak Singh Rawat
    Deepak Singh Rawat
    Taxi Driver Ajmer, Rajasthan•
    46 min ago
  • अजमेर में जनप्रतिनिधि वाद से जुड़े आनासागर वेटरलैंड मामले में न्यायालय में सुनवाई हुई। इस मामले में अजमेर शहर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल पक्षकार हैं। याचिका में मुख्य रूप से यह मांग की गई है कि आनासागर वेटरलैंड का सीमांकन (डिमार्केशन) किए बिना किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जाए। मामले की सुनवाई के दौरान अधिवक्ता ने न्यायालय को जानकारी दी कि कुल 12 पक्षकारों में से 4 पक्षकार अदालत में उपस्थित नहीं हुए। इसके साथ ही, संबंधित पक्ष की ओर से कोई भी आवश्यक दस्तावेज न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत नहीं किए गए। इस मामले में आगे की सुनवाई अब न्यायालय के निर्देशानुसार संपन्न होगी।
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    अजमेर में जनप्रतिनिधि वाद से जुड़े आनासागर वेटरलैंड मामले में न्यायालय में सुनवाई हुई। इस मामले में अजमेर शहर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल पक्षकार हैं। याचिका में मुख्य रूप से यह मांग की गई है कि आनासागर वेटरलैंड का सीमांकन (डिमार्केशन) किए बिना किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जाए।

मामले की सुनवाई के दौरान अधिवक्ता ने न्यायालय को जानकारी दी कि कुल 12 पक्षकारों में से 4 पक्षकार अदालत में उपस्थित नहीं हुए। इसके साथ ही, संबंधित पक्ष की ओर से कोई भी आवश्यक दस्तावेज न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत नहीं किए गए। इस मामले में आगे की सुनवाई अब न्यायालय के निर्देशानुसार संपन्न होगी।
    user_Prime News Ajmer
    Prime News Ajmer
    Local News Reporter अजमेर, अजमेर, राजस्थान•
    53 min ago
  • रियान बड़ी क्षेत्र के पिपलिया गांव में शुक्रवार को 11 केवी विद्युत लाइन का तार टूटकर नाड़ी के पानी में गिर जाने से बड़ा हादसा हो गया। नाड़ी के पानी में करंट फैलने की वजह से वहां पानी पीने गई किसान मेवाराम गुर्जर की भैंस ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के तुरंत बाद आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए बिजली आपूर्ति बंद करवाई। पीड़ित किसान मेवाराम गुर्जर ने बताया कि भैंस उनकी आजीविका का मुख्य साधन थी और इस घटना से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। उन्होंने प्रशासन और विद्युत विभाग से उचित मुआवजा दिलाने तथा दोषी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। सूचना मिलने पर स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। घटना के बाद ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि क्षेत्र में कई स्थानों पर पुराने और जर्जर विद्युत तार लटक रहे हैं, जिससे भविष्य में भी बड़े हादसों का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से सभी जर्जर लाइनों की तत्काल जांच कराकर मरम्मत कराने की मांग की है। वहीं प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि तार टूटने जैसी घटना की सूचना तुरंत विभाग को दें और बिजली बंद होने तक तारों के पास न जाएं।
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    रियान बड़ी क्षेत्र के पिपलिया गांव में शुक्रवार को 11 केवी विद्युत लाइन का तार टूटकर नाड़ी के पानी में गिर जाने से बड़ा हादसा हो गया। नाड़ी के पानी में करंट फैलने की वजह से वहां पानी पीने गई किसान मेवाराम गुर्जर की भैंस ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के तुरंत बाद आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए बिजली आपूर्ति बंद करवाई।

पीड़ित किसान मेवाराम गुर्जर ने बताया कि भैंस उनकी आजीविका का मुख्य साधन थी और इस घटना से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। उन्होंने प्रशासन और विद्युत विभाग से उचित मुआवजा दिलाने तथा दोषी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। सूचना मिलने पर स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

घटना के बाद ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि क्षेत्र में कई स्थानों पर पुराने और जर्जर विद्युत तार लटक रहे हैं, जिससे भविष्य में भी बड़े हादसों का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से सभी जर्जर लाइनों की तत्काल जांच कराकर मरम्मत कराने की मांग की है। वहीं प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि तार टूटने जैसी घटना की सूचना तुरंत विभाग को दें और बिजली बंद होने तक तारों के पास न जाएं।
    user_Vishnaram saini
    Vishnaram saini
    Police Officer रियान बड़ी, नागौर, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • अजमेर के पीसांगन थाना क्षेत्र स्थित नाथूथला गांव में मुकेश सिंह रावत का शव घर की चारपाई पर संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है। मृतक के गले और आंख पर चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे उसके भाई ने हत्या की आशंका जताई है। मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मृतक की पत्नी विमला और एक अन्य युवक को हिरासत में ले लिया है। पुलिस की शुरुआती जांच में पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चल रहा आपसी विवाद और घटना की रात एक अज्ञात गाड़ी का फार्म हाउस पर आना मुख्य संदिग्ध कड़ियाँ बनकर सामने आई हैं। मृतक के 12 वर्षीय बेटे नरेश ने खुलासा किया कि रात करीब 12 बजे जब उसकी नींद खुली, तो उसकी मां कमरे में नहीं थी और पास के कमरे से रोने-चीखने की आवाजें आ रही थीं। वहीं ग्रामीणों के अनुसार पति-पत्नी के बीच पिछले कुछ समय से विवाद चल रहा था, जिसे तीन दिन पहले ही समाज के लोगों ने समझाइश कर शांत कराया था। शुरुआती तकनीकी साक्ष्यों और बयानों के आधार पर पुलिस ने पत्नी को डिटेन किया है। मामले की सघन जांच पीसांगन थानाधिकारी पारुल यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लालचंद कायल और ग्रामीण वृत्ताधिकारी शमशेर सिंह की निगरानी में की जा रही है। अजमेर के जेएलएन अस्पताल में मेडिकल बोर्ड द्वारा शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम और एफएसएल की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह और पूरी साजिश का आधिकारिक खुलासा हो सकेगा। मृतक मुकेश अपने पीछे 5 मासूम बच्चों को छोड़ गया है।
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    अजमेर के पीसांगन थाना क्षेत्र स्थित नाथूथला गांव में मुकेश सिंह रावत का शव घर की चारपाई पर संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है। मृतक के गले और आंख पर चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे उसके भाई ने हत्या की आशंका जताई है। मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मृतक की पत्नी विमला और एक अन्य युवक को हिरासत में ले लिया है। पुलिस की शुरुआती जांच में पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चल रहा आपसी विवाद और घटना की रात एक अज्ञात गाड़ी का फार्म हाउस पर आना मुख्य संदिग्ध कड़ियाँ बनकर सामने आई हैं।

मृतक के 12 वर्षीय बेटे नरेश ने खुलासा किया कि रात करीब 12 बजे जब उसकी नींद खुली, तो उसकी मां कमरे में नहीं थी और पास के कमरे से रोने-चीखने की आवाजें आ रही थीं। वहीं ग्रामीणों के अनुसार पति-पत्नी के बीच पिछले कुछ समय से विवाद चल रहा था, जिसे तीन दिन पहले ही समाज के लोगों ने समझाइश कर शांत कराया था। शुरुआती तकनीकी साक्ष्यों और बयानों के आधार पर पुलिस ने पत्नी को डिटेन किया है।

मामले की सघन जांच पीसांगन थानाधिकारी पारुल यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लालचंद कायल और ग्रामीण वृत्ताधिकारी शमशेर सिंह की निगरानी में की जा रही है। अजमेर के जेएलएन अस्पताल में मेडिकल बोर्ड द्वारा शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम और एफएसएल की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह और पूरी साजिश का आधिकारिक खुलासा हो सकेगा। मृतक मुकेश अपने पीछे 5 मासूम बच्चों को छोड़ गया है।
    user_PRADEEP CHOUDHARY
    PRADEEP CHOUDHARY
    पीसांगन, अजमेर, राजस्थान•
    17 hrs ago
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