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गरीबी और संघर्ष के बीच मां बनी ज्योति, एंबुलेंस में बैठने से भी लगा डर ट्रेन से उतरते ही सड़क पर दिया जुड़वा बच्चियों को जन्म, बोली- ‘भैया, पहली बार अस्पताल जा रहे हैं, डर लग रहा है’ अमेठी। गरीबी और संघर्ष के बीच जिंदगी जी रही ज्योति के लिए मंगलवार की शाम जिंदगी का सबसे यादगार और भावुक पल बन गई। अमेठी रेलवे स्टेशन से घर जाते समय अचानक प्रसव पीड़ा शुरू होने पर ज्योति बीच सड़क पर बैठ गई। आसपास के लोगों ने पन्नी का घेरा बनाकर उसे ढका और इसी दौरान उसने जुड़वा बच्चियों को जन्म दिया। प्रसव के बाद जब स्वास्थ्यकर्मियों ने उसे एंबुलेंस में बैठने के लिए कहा तो वह डर गई। उसने मासूमियत से कहा, “भैया, पहली बार अस्पताल जा रहे हैं, डर लग रहा है।” इसके बाद स्वास्थ्यकर्मियों ने उसे भरोसा दिलाया और मां व दोनों नवजात बच्चियों को अमेठी सीएचसी पहुंचाया गया। यह पूरा मामला अमेठी रेलवे स्टेशन रोड का है। अमेठी तहसील क्षेत्र के परसावां गांव निवासी ज्योति अपने पति सूरज के साथ दोना-पत्तल बनाने का काम करती हैं। सोमवार रात दोनों पति-पत्नी दोना-पत्तल देने वाराणसी गए थे। मंगलवार शाम करीब साढ़े पांच बजे दोनों काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस से अमेठी रेलवे स्टेशन पहुंचे। ट्रेन से उतरकर दोनों घर की ओर जाने लगे। स्टेशन के बाहर पहुंचते ही ज्योति को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। दर्द बढ़ने पर वह सड़क पर ही बैठ गई। पत्नी को कराहता देख सूरज ने आसपास के लोगों से मदद की गुहार लगाई। लोगों ने तत्काल महिला के चारों ओर पन्नी डालकर घेरा बनाया, ताकि उसे निजता मिल सके। इसी दौरान ज्योति ने एक साथ दो जुड़वा बच्चियों को जन्म दिया। स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी। कुछ देर बाद एंबुलेंस मौके पर पहुंची और मां व दोनों नवजात बच्चियों को लेकर अमेठी सीएचसी पहुंची। पहली बार अस्पताल जाने का डर ज्योति के लिए अस्पताल जाना भी किसी नए अनुभव से कम नहीं था। जब उसे एंबुलेंस में बैठने के लिए कहा गया तो वह घबरा गई। उसने स्वास्थ्यकर्मियों से कहा, “भैया, पहली बार अस्पताल जा रहे हैं, डर लग रहा है।” स्वास्थ्यकर्मियों ने उसे समझाया और भरोसा दिलाया, जिसके बाद वह अपनी दोनों बच्चियों के साथ एंबुलेंस से अस्पताल पहुंची। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी पीके उपाध्याय के नेतृत्व में डॉक्टरों और स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार मां और दोनों नवजात बच्चियों की निगरानी कर रही है। चिकित्सकों के अनुसार तीनों स्वस्थ हैं और उनका इलाज जारी है। ज्योति का मायका अमेठी के परसावां गांव में है, जबकि उसकी ससुराल जौनपुर के बादशाहपुर में है। उसका पहले से एक बेटा भी है। ज्योति के पति सूरज ने बताया कि ट्रेन से उतरने के बाद दोनों घर की तरफ जा रहे थे। तभी अचानक ज्योति को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। देखते ही देखते उसने सड़क किनारे दो बच्चियों को जन्म दे दिया। फिलहाल मां और दोनों बच्चियां अस्पताल में भर्ती हैं और चिकित्सकों की निगरानी में हैं।

2 hrs ago
user_Aditya Mishra
Aditya Mishra
पत्रकार अमेठी, अमेठी, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

गरीबी और संघर्ष के बीच मां बनी ज्योति, एंबुलेंस में बैठने से भी लगा डर ट्रेन से उतरते ही सड़क पर दिया जुड़वा बच्चियों को जन्म, बोली- ‘भैया, पहली बार अस्पताल जा रहे हैं, डर लग रहा है’ अमेठी। गरीबी और संघर्ष के बीच जिंदगी जी रही ज्योति के लिए मंगलवार की शाम जिंदगी का सबसे यादगार और भावुक पल बन गई। अमेठी रेलवे स्टेशन से घर जाते समय अचानक प्रसव पीड़ा शुरू होने पर ज्योति बीच सड़क पर बैठ गई। आसपास के लोगों ने पन्नी का घेरा बनाकर उसे ढका और इसी दौरान उसने जुड़वा बच्चियों को जन्म दिया। प्रसव के बाद जब स्वास्थ्यकर्मियों ने उसे एंबुलेंस में बैठने के लिए कहा तो वह डर गई। उसने मासूमियत से कहा, “भैया, पहली बार अस्पताल जा रहे हैं, डर लग रहा है।” इसके बाद स्वास्थ्यकर्मियों ने उसे भरोसा दिलाया और मां व दोनों नवजात बच्चियों को अमेठी सीएचसी पहुंचाया गया। यह पूरा मामला अमेठी रेलवे स्टेशन रोड का है। अमेठी तहसील क्षेत्र के परसावां गांव निवासी ज्योति अपने पति सूरज के साथ दोना-पत्तल बनाने का काम करती हैं। सोमवार रात दोनों पति-पत्नी दोना-पत्तल देने वाराणसी गए थे। मंगलवार शाम करीब साढ़े पांच बजे दोनों काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस से अमेठी रेलवे स्टेशन पहुंचे। ट्रेन से उतरकर दोनों घर की ओर जाने लगे। स्टेशन के बाहर पहुंचते ही ज्योति को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। दर्द बढ़ने पर वह सड़क पर ही बैठ गई। पत्नी को कराहता देख सूरज ने आसपास के लोगों से मदद की गुहार लगाई। लोगों ने तत्काल महिला के चारों ओर पन्नी डालकर घेरा बनाया, ताकि उसे निजता मिल सके। इसी दौरान ज्योति ने एक साथ दो जुड़वा बच्चियों को जन्म दिया। स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी। कुछ देर बाद एंबुलेंस मौके पर पहुंची और मां व दोनों नवजात बच्चियों को लेकर अमेठी सीएचसी पहुंची। पहली बार अस्पताल जाने का डर ज्योति के लिए अस्पताल जाना भी किसी नए अनुभव से कम नहीं था। जब उसे एंबुलेंस में बैठने के लिए कहा गया तो वह घबरा गई। उसने स्वास्थ्यकर्मियों से कहा, “भैया, पहली बार अस्पताल जा रहे हैं, डर लग रहा है।” स्वास्थ्यकर्मियों ने उसे समझाया और भरोसा दिलाया, जिसके बाद वह अपनी दोनों बच्चियों के साथ एंबुलेंस से अस्पताल पहुंची। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी पीके उपाध्याय के नेतृत्व में डॉक्टरों और स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार मां और दोनों नवजात बच्चियों की निगरानी कर रही है। चिकित्सकों के अनुसार तीनों स्वस्थ हैं और उनका इलाज जारी है। ज्योति का मायका अमेठी के परसावां गांव में है, जबकि उसकी ससुराल जौनपुर के बादशाहपुर में है। उसका पहले से एक बेटा भी है। ज्योति के पति सूरज ने बताया कि ट्रेन से उतरने के बाद दोनों घर की तरफ जा रहे थे। तभी अचानक ज्योति को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। देखते ही देखते उसने सड़क किनारे दो बच्चियों को जन्म दे दिया। फिलहाल मां और दोनों बच्चियां अस्पताल में भर्ती हैं और चिकित्सकों की निगरानी में हैं।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • अमेठी में चोरों का आतंक, हाईवे किनारे पिकअप खड़ी कर भैंस खोल ले गए चोर अमेठी। भाले सुल्तान शहीद स्मारक थाना क्षेत्र में चोरी की वारदातों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। थाना क्षेत्र के कंजास गांव में लखनऊ–सुल्तानपुर हाईवे किनारे खड़ी पिकअप से अज्ञात चोर भैंस खोलकर ले गए। पूरी घटना के बाद ग्रामीणों में नाराजगी है। बताया जा रहा है कि अज्ञात चोर हाईवे किनारे पहुंचे और वाहन से भैंस खोलकर अपने साथ ले गए। चोरी की वारदात के दौरान संदिग्ध व्यक्ति CCTV कैमरे में भी कैद हुआ है। CCTV फुटेज सामने आने के बाद अब पुलिस की कार्रवाई पर नजर है। घटना की जानकारी होने पर पीड़ित ने भाले सुल्तान शहीद स्मारक थाना पुलिस को लिखित सूचना दी है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार चोरी की घटनाएं सामने आ रही हैं, बावजूद इसके चोरों में पुलिस का खौफ नजर नहीं आ रहा है। ग्रामीणों ने हाईवे किनारे रात्रि गश्त और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाए जाने की मांग की है। साथ ही चोरी की वारदात का जल्द खुलासा करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। CCTV फुटेज के आधार पर पुलिस संदिग्धों की पहचान और तलाश में जुटी है।
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    अमेठी में चोरों का आतंक, हाईवे किनारे पिकअप खड़ी कर भैंस खोल ले गए चोर
अमेठी। भाले सुल्तान शहीद स्मारक थाना क्षेत्र में चोरी की वारदातों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। थाना क्षेत्र के कंजास गांव में लखनऊ–सुल्तानपुर हाईवे किनारे खड़ी पिकअप से अज्ञात चोर भैंस खोलकर ले गए। पूरी घटना के बाद ग्रामीणों में नाराजगी है।
बताया जा रहा है कि अज्ञात चोर हाईवे किनारे पहुंचे और वाहन से भैंस खोलकर अपने साथ ले गए। चोरी की वारदात के दौरान संदिग्ध व्यक्ति CCTV कैमरे में भी कैद हुआ है। CCTV फुटेज सामने आने के बाद अब पुलिस की कार्रवाई पर नजर है।
घटना की जानकारी होने पर पीड़ित ने भाले सुल्तान शहीद स्मारक थाना पुलिस को लिखित सूचना दी है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार चोरी की घटनाएं सामने आ रही हैं, बावजूद इसके चोरों में पुलिस का खौफ नजर नहीं आ रहा है।
ग्रामीणों ने हाईवे किनारे रात्रि गश्त और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाए जाने की मांग की है। साथ ही चोरी की वारदात का जल्द खुलासा करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। CCTV फुटेज के आधार पर पुलिस संदिग्धों की पहचान और तलाश में जुटी है।
    user_Komal Gupta
    Komal Gupta
    Local News Reporter अमेठी, अमेठी, उत्तर प्रदेश•
    39 min ago
  • गरीबी और संघर्ष के बीच मां बनी ज्योति, एंबुलेंस में बैठने से भी लगा डर ट्रेन से उतरते ही सड़क पर दिया जुड़वा बच्चियों को जन्म, बोली- ‘भैया, पहली बार अस्पताल जा रहे हैं, डर लग रहा है’ अमेठी। गरीबी और संघर्ष के बीच जिंदगी जी रही ज्योति के लिए मंगलवार की शाम जिंदगी का सबसे यादगार और भावुक पल बन गई। अमेठी रेलवे स्टेशन से घर जाते समय अचानक प्रसव पीड़ा शुरू होने पर ज्योति बीच सड़क पर बैठ गई। आसपास के लोगों ने पन्नी का घेरा बनाकर उसे ढका और इसी दौरान उसने जुड़वा बच्चियों को जन्म दिया। प्रसव के बाद जब स्वास्थ्यकर्मियों ने उसे एंबुलेंस में बैठने के लिए कहा तो वह डर गई। उसने मासूमियत से कहा, “भैया, पहली बार अस्पताल जा रहे हैं, डर लग रहा है।” इसके बाद स्वास्थ्यकर्मियों ने उसे भरोसा दिलाया और मां व दोनों नवजात बच्चियों को अमेठी सीएचसी पहुंचाया गया। यह पूरा मामला अमेठी रेलवे स्टेशन रोड का है। अमेठी तहसील क्षेत्र के परसावां गांव निवासी ज्योति अपने पति सूरज के साथ दोना-पत्तल बनाने का काम करती हैं। सोमवार रात दोनों पति-पत्नी दोना-पत्तल देने वाराणसी गए थे। मंगलवार शाम करीब साढ़े पांच बजे दोनों काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस से अमेठी रेलवे स्टेशन पहुंचे। ट्रेन से उतरकर दोनों घर की ओर जाने लगे। स्टेशन के बाहर पहुंचते ही ज्योति को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। दर्द बढ़ने पर वह सड़क पर ही बैठ गई। पत्नी को कराहता देख सूरज ने आसपास के लोगों से मदद की गुहार लगाई। लोगों ने तत्काल महिला के चारों ओर पन्नी डालकर घेरा बनाया, ताकि उसे निजता मिल सके। इसी दौरान ज्योति ने एक साथ दो जुड़वा बच्चियों को जन्म दिया। स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी। कुछ देर बाद एंबुलेंस मौके पर पहुंची और मां व दोनों नवजात बच्चियों को लेकर अमेठी सीएचसी पहुंची। पहली बार अस्पताल जाने का डर ज्योति के लिए अस्पताल जाना भी किसी नए अनुभव से कम नहीं था। जब उसे एंबुलेंस में बैठने के लिए कहा गया तो वह घबरा गई। उसने स्वास्थ्यकर्मियों से कहा, “भैया, पहली बार अस्पताल जा रहे हैं, डर लग रहा है।” स्वास्थ्यकर्मियों ने उसे समझाया और भरोसा दिलाया, जिसके बाद वह अपनी दोनों बच्चियों के साथ एंबुलेंस से अस्पताल पहुंची। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी पीके उपाध्याय के नेतृत्व में डॉक्टरों और स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार मां और दोनों नवजात बच्चियों की निगरानी कर रही है। चिकित्सकों के अनुसार तीनों स्वस्थ हैं और उनका इलाज जारी है। ज्योति का मायका अमेठी के परसावां गांव में है, जबकि उसकी ससुराल जौनपुर के बादशाहपुर में है। उसका पहले से एक बेटा भी है। ज्योति के पति सूरज ने बताया कि ट्रेन से उतरने के बाद दोनों घर की तरफ जा रहे थे। तभी अचानक ज्योति को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। देखते ही देखते उसने सड़क किनारे दो बच्चियों को जन्म दे दिया। फिलहाल मां और दोनों बच्चियां अस्पताल में भर्ती हैं और चिकित्सकों की निगरानी में हैं।
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    गरीबी और संघर्ष के बीच मां बनी ज्योति, एंबुलेंस में बैठने से भी लगा डर

ट्रेन से उतरते ही सड़क पर दिया जुड़वा बच्चियों को जन्म, बोली- ‘भैया, पहली बार अस्पताल जा रहे हैं, डर लग रहा है’
अमेठी। गरीबी और संघर्ष के बीच जिंदगी जी रही ज्योति के लिए मंगलवार की शाम जिंदगी का सबसे यादगार और भावुक पल बन गई। अमेठी रेलवे स्टेशन से घर जाते समय अचानक प्रसव पीड़ा शुरू होने पर ज्योति बीच सड़क पर बैठ गई। आसपास के लोगों ने पन्नी का घेरा बनाकर उसे ढका और इसी दौरान उसने जुड़वा बच्चियों को जन्म दिया। प्रसव के बाद जब स्वास्थ्यकर्मियों ने उसे एंबुलेंस में बैठने के लिए कहा तो वह डर गई। उसने मासूमियत से कहा, “भैया, पहली बार अस्पताल जा रहे हैं, डर लग रहा है।” इसके बाद स्वास्थ्यकर्मियों ने उसे भरोसा दिलाया और मां व दोनों नवजात बच्चियों को अमेठी सीएचसी पहुंचाया गया।
यह पूरा मामला अमेठी रेलवे स्टेशन रोड का है। अमेठी तहसील क्षेत्र के परसावां गांव निवासी ज्योति अपने पति सूरज के साथ दोना-पत्तल बनाने का काम करती हैं। सोमवार रात दोनों पति-पत्नी दोना-पत्तल देने वाराणसी गए थे। मंगलवार शाम करीब साढ़े पांच बजे दोनों काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस से अमेठी रेलवे स्टेशन पहुंचे। ट्रेन से उतरकर दोनों घर की ओर जाने लगे। स्टेशन के बाहर पहुंचते ही ज्योति को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। दर्द बढ़ने पर वह सड़क पर ही बैठ गई।
पत्नी को कराहता देख सूरज ने आसपास के लोगों से मदद की गुहार लगाई। लोगों ने तत्काल महिला के चारों ओर पन्नी डालकर घेरा बनाया, ताकि उसे निजता मिल सके। इसी दौरान ज्योति ने एक साथ दो जुड़वा बच्चियों को जन्म दिया। स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी। कुछ देर बाद एंबुलेंस मौके पर पहुंची और मां व दोनों नवजात बच्चियों को लेकर अमेठी सीएचसी पहुंची।
पहली बार अस्पताल जाने का डर
ज्योति के लिए अस्पताल जाना भी किसी नए अनुभव से कम नहीं था। जब उसे एंबुलेंस में बैठने के लिए कहा गया तो वह घबरा गई। उसने स्वास्थ्यकर्मियों से कहा, “भैया, पहली बार अस्पताल जा रहे हैं, डर लग रहा है।” स्वास्थ्यकर्मियों ने उसे समझाया और भरोसा दिलाया, जिसके बाद वह अपनी दोनों बच्चियों के साथ एंबुलेंस से अस्पताल पहुंची।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी पीके उपाध्याय के नेतृत्व में डॉक्टरों और स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार मां और दोनों नवजात बच्चियों की निगरानी कर रही है। चिकित्सकों के अनुसार तीनों स्वस्थ हैं और उनका इलाज जारी है।
ज्योति का मायका अमेठी के परसावां गांव में है, जबकि उसकी ससुराल जौनपुर के बादशाहपुर में है। उसका पहले से एक बेटा भी है।
ज्योति के पति सूरज ने बताया कि ट्रेन से उतरने के बाद दोनों घर की तरफ जा रहे थे। तभी अचानक ज्योति को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। देखते ही देखते उसने सड़क किनारे दो बच्चियों को जन्म दे दिया। फिलहाल मां और दोनों बच्चियां अस्पताल में भर्ती हैं और चिकित्सकों की निगरानी में हैं।
    user_Aditya Mishra
    Aditya Mishra
    पत्रकार अमेठी, अमेठी, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • सड़क पर एक महिला ने जुड़वा बच्चियों को जन्म दिया सीएचसी अमेठी के डाक्टर ने जिला अस्पताल रेफर किया *अमेठी।* अमेठी रेलवे स्टेशन के बाहर मंगलवार शाम एक महिला ने सड़क पर ही दो जुड़वा बच्चियों को जन्म दिया। जच्चा-बच्चा को बाद में एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां एक नवजात और प्रसूता की हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जानकारी के अनुसार परसावा गांव निवासी सूरज अपनी पत्नी ज्योति के साथ बनारस में पत्तल बेचने का काम करता है। मंगलवार शाम वह पत्नी के साथ ट्रेन से अमेठी रेलवे स्टेशन पर उतरा था। स्टेशन से बाहर निकलते ही ज्योति को तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। यह देख साथ की महिलाओं और आसपास मौजूद लोगों ने कपड़े से ओट कर वहीं पर प्रसव कराया। महिला ने दो बच्चियों को जन्म दिया। सूचना पर पहुंची एंबुलेंस से उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमेठी ले जाया गया। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन भी अस्पताल पहुंच गए हैं।
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    सड़क पर एक महिला ने जुड़वा बच्चियों को जन्म दिया सीएचसी अमेठी के डाक्टर ने जिला अस्पताल रेफर किया 
*अमेठी।* अमेठी रेलवे स्टेशन के बाहर मंगलवार शाम एक महिला ने सड़क पर ही दो जुड़वा बच्चियों को जन्म दिया। जच्चा-बच्चा को बाद में एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां एक नवजात और प्रसूता की हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
जानकारी के अनुसार परसावा गांव निवासी सूरज अपनी पत्नी ज्योति के साथ बनारस में पत्तल बेचने का काम करता है। मंगलवार शाम वह पत्नी के साथ ट्रेन से अमेठी रेलवे स्टेशन पर उतरा था। स्टेशन से बाहर निकलते ही ज्योति को तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई।
यह देख साथ की महिलाओं और आसपास मौजूद लोगों ने कपड़े से ओट कर वहीं पर प्रसव कराया। महिला ने दो बच्चियों को जन्म दिया। सूचना पर पहुंची एंबुलेंस से उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमेठी ले जाया गया।  घटना की जानकारी मिलते ही परिजन भी अस्पताल पहुंच गए हैं।
    user_M news
    M news
    अमेठी, अमेठी, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • जिलाधिकारी ने आश्रम पद्धति इंटर कॉलेज असैदापुर का किया निरीक्षण छात्राओं संग बैठकर किया भोजन, गुणवत्ता व साफ-सफाई पर दिया विशेष जोर छात्रावास, कक्षाओं व प्लेग्राउंड का लिया जायजा, दिए आवश्यक निर्देश अमेठी। जिलाधिकारी शशांक चौधरी ने मंगलवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय आश्रम पद्धति इंटर कॉलेज असैदापुर का स्थलीय निरीक्षण कर पठन-पाठन, छात्रावास, भोजन व्यवस्था एवं अन्य सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय की व्यवस्थाओं का गहनता से निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं प्रधानाचार्या को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सबसे पहले मेस का निरीक्षण किया तथा छात्राओं को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता की जानकारी ली। उन्होंने स्वयं छात्राओं के साथ बैठकर भोजन किया और मेन्यू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही मेस एवं परिसर में साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल दिया। इसके बाद जिलाधिकारी ने छात्रावास का निरीक्षण कर वहां की साफ-सफाई, पेयजल, विद्युत एवं अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। प्रधानाचार्या गीता वर्मा ने छात्रावास में कुछ तख्तों की कमी की जानकारी दी, जिस पर जिलाधिकारी ने विद्यालय अथवा अन्य उपलब्ध फंड से आवश्यक तख्तों की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कक्षाओं में पहुंचकर छात्राओं से उनकी पढ़ाई के संबंध में जानकारी प्राप्त की तथा शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षकों की उपस्थिति पंजिका का भी अवलोकन किया और सभी शिक्षकों को प्रतिदिन समय से विद्यालय पहुंचकर शिक्षण कार्य करने के लिए निर्देशित किया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय में चल रहे मरम्मत कार्यों का भी अवलोकन किया गया। जिलाधिकारी ने संबंधित कार्यों को गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त विद्यालय परिसर में उगी बड़ी घास को कटवाकर परिसर को स्वच्छ एवं व्यवस्थित बनाए रखने के भी निर्देश दिए।
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    जिलाधिकारी ने आश्रम पद्धति इंटर कॉलेज असैदापुर का किया निरीक्षण
छात्राओं संग बैठकर किया भोजन, गुणवत्ता व साफ-सफाई पर दिया विशेष जोर
छात्रावास, कक्षाओं व प्लेग्राउंड का लिया जायजा, दिए आवश्यक निर्देश
अमेठी। जिलाधिकारी शशांक चौधरी ने मंगलवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय आश्रम पद्धति इंटर कॉलेज असैदापुर का स्थलीय निरीक्षण कर पठन-पाठन, छात्रावास, भोजन व्यवस्था एवं अन्य सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय की व्यवस्थाओं का गहनता से निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं प्रधानाचार्या को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सबसे पहले मेस का निरीक्षण किया तथा छात्राओं को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता की जानकारी ली। उन्होंने स्वयं छात्राओं के साथ बैठकर भोजन किया और मेन्यू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही मेस एवं परिसर में साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल दिया। इसके बाद जिलाधिकारी ने छात्रावास का निरीक्षण कर वहां की साफ-सफाई, पेयजल, विद्युत एवं अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। प्रधानाचार्या गीता वर्मा ने छात्रावास में कुछ तख्तों की कमी की जानकारी दी, जिस पर जिलाधिकारी ने विद्यालय अथवा अन्य उपलब्ध फंड से आवश्यक तख्तों की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कक्षाओं में पहुंचकर छात्राओं से उनकी पढ़ाई के संबंध में जानकारी प्राप्त की तथा शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षकों की उपस्थिति पंजिका का भी अवलोकन किया और सभी शिक्षकों को प्रतिदिन समय से विद्यालय पहुंचकर शिक्षण कार्य करने के लिए निर्देशित किया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय में चल रहे मरम्मत कार्यों का भी अवलोकन किया गया। जिलाधिकारी ने संबंधित कार्यों को गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त विद्यालय परिसर में उगी बड़ी घास को कटवाकर परिसर को स्वच्छ एवं व्यवस्थित बनाए रखने के भी निर्देश दिए।
    user_पवन कुमार द्विवेदी
    पवन कुमार द्विवेदी
    Local News Reporter अमेठी, अमेठी, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय के निरीक्षण के संबंध में जिलाधिकारी महोदय द्वारा दी गई बाइट। राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय के निरीक्षण के संबंध में जिलाधिकारी महोदय द्वारा दी गई बाइट।
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    राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय के निरीक्षण के संबंध में जिलाधिकारी महोदय द्वारा दी गई बाइट।
राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय के निरीक्षण के संबंध में जिलाधिकारी महोदय द्वारा दी गई बाइट।
    user_Mr. P. K. Tiwari
    Mr. P. K. Tiwari
    Local News Reporter अमेठी, अमेठी, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • डीएम ने किया आश्रम पद्धति इंटर कॉलेज का औचक निरीक्षण, छात्राओं के साथ बैठकर किया भोजन डीएम ने किया आश्रम पद्धति इंटर कॉलेज का औचक निरीक्षण, छात्राओं के साथ बैठकर किया भोजन अमेठी। जिलाधिकारी शशांक चौधरी ने मंगलवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय आश्रम पद्धति इंटर कॉलेज असैदापुर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने मेस, छात्रावास, कक्षाओं और प्लेग्राउंड का जायजा लिया। उन्होंने मेस में भोजन की गुणवत्ता परखने के लिए खुद छात्राओं के साथ बैठकर भोजन किया और मेन्यू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण भोजन देने के निर्देश दिए। परिसर में साफ-सफाई दुरुस्त रखने पर विशेष जोर दिया। छात्रावास में तख्तों की कमी मिलने पर डीएम ने प्रधानाचार्या गीता वर्मा को विद्यालय फंड से तत्काल व्यवस्था कराने को कहा। कक्षाओं में पहुंचकर छात्राओं से पढ़ाई की जानकारी ली और शिक्षकों को समय से उपस्थित होकर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के निर्देश दिए। चल रहे मरम्मत कार्यों को गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूरा कराने और परिसर की घास कटवाकर साफ-सफाई कराने के भी निर्देश दिए।
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    डीएम ने किया आश्रम पद्धति इंटर कॉलेज का औचक निरीक्षण, छात्राओं के साथ बैठकर किया भोजन
डीएम ने किया आश्रम पद्धति इंटर कॉलेज का औचक निरीक्षण, छात्राओं के साथ बैठकर किया भोजन
अमेठी। जिलाधिकारी शशांक चौधरी ने मंगलवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय आश्रम पद्धति इंटर कॉलेज असैदापुर का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने मेस, छात्रावास, कक्षाओं और प्लेग्राउंड का जायजा लिया। उन्होंने मेस में भोजन की गुणवत्ता परखने के लिए खुद छात्राओं के साथ बैठकर भोजन किया और मेन्यू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण भोजन देने के निर्देश दिए। परिसर में साफ-सफाई दुरुस्त रखने पर विशेष जोर दिया।
छात्रावास में तख्तों की कमी मिलने पर डीएम ने प्रधानाचार्या गीता वर्मा को विद्यालय फंड से तत्काल व्यवस्था कराने को कहा। कक्षाओं में पहुंचकर छात्राओं से पढ़ाई की जानकारी ली और शिक्षकों को समय से उपस्थित होकर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के निर्देश दिए।
चल रहे मरम्मत कार्यों को गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूरा कराने और परिसर की घास कटवाकर साफ-सफाई कराने के भी निर्देश दिए।
    user_रामकृष्ण मिश्र
    रामकृष्ण मिश्र
    अमेठी, अमेठी, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • चोरी करने आये चोर को ग्रामीणों की मदद से परिजनों ने पकड़ कर पुलिस को सौंपा  अमेठी के शिवरतनगंज थाना क्षेत्र के कस्बे में शाम 7.30 बजे घर के बाहर लगे शटर को उठाकर अंदर घुसे चोर को ग्रामीणों की मदद से घरवालों ने पकड़ कर पुलिस को सौंप  दिया. प्राप्त प्रार्थना पत्र के आधार पर पुलिस ने थाना शिवरतनगंज पर मु0अ0सं0 108/26 धारा 309(6), 331(4) बीएनएस व 3/25 आर्म्स एक्ट पंजीकृत कर एवं अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया।  कस्बा निवासी सत्य प्रकाश साहू पुत्र पृथ्वीराज अपनी दुकान शाम सात बजे बंद कर घर के अंदर चले गए। साढ़े साथ बजे के लगभग दो व्यक्ति चोरी करने की नीयत से दुकान का शटर उठाकर अंदर पहुंच गए तभी मालिक सत्य प्रकाश ने हल्ला गुहार करते हुए चोरों से भिड़ गए। गुत्थम गुत्था के दौरान एक चोर के मुंह पर बंधा गमछा खुल गया जिससे वो पहचान में आ गया तभी किसी तरह छुड़ाकर वो भाग निकला। ग्रामीणों की मदद से उसे दौड़ाकर पास की झाड़ी से पकड़ लिया गया लेकिन उसका दूसरा साथी भाग निकला। पकड़े गए चोर को पहचान संजय यादव पुत्र रामदेव यादव निवासी पूरे शुक्लन मजरे पेड़रिया थाना शिवरतनगंज जनपद अमेठी के रूप में हुई। ग्रामीणों के साथ थाने पहुंचे सत्य प्रकाश साहू ने पकड़े गए चोर संजय यादव के विरुद्ध तहरीर देते हुए मुकदमा पंजीकृत कराया जिस पर पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया। अभियुक्त की तलाशी के दौरान उसके पास एक तमंचा एक जिंदा कारतूस 315 बोर बरामद हुआ। दूसरे फरार अभियुक्त की तलाश जारी है। विधिक कार्रवाई करते हुए पुलिस से उसे जेल भेज दिया है।
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    चोरी करने आये चोर को ग्रामीणों की मदद से परिजनों ने पकड़ कर पुलिस को सौंपा 


अमेठी के शिवरतनगंज थाना क्षेत्र के कस्बे में शाम 7.30 बजे घर के बाहर लगे शटर को उठाकर अंदर घुसे चोर को ग्रामीणों की मदद से घरवालों ने पकड़ कर पुलिस को सौंप  दिया. प्राप्त प्रार्थना पत्र के आधार पर पुलिस ने थाना शिवरतनगंज पर मु0अ0सं0 108/26 धारा 309(6), 331(4) बीएनएस व 3/25 आर्म्स एक्ट पंजीकृत कर एवं अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया। 
कस्बा निवासी सत्य प्रकाश साहू पुत्र पृथ्वीराज अपनी दुकान शाम सात बजे बंद कर घर के अंदर चले गए। साढ़े साथ बजे के लगभग दो व्यक्ति चोरी करने की नीयत से दुकान का शटर उठाकर अंदर पहुंच गए तभी मालिक सत्य प्रकाश ने हल्ला गुहार करते हुए चोरों से भिड़ गए। गुत्थम गुत्था के दौरान एक चोर के मुंह पर बंधा गमछा खुल गया जिससे वो पहचान में आ गया तभी किसी तरह छुड़ाकर वो भाग निकला। ग्रामीणों की मदद से उसे दौड़ाकर पास की झाड़ी से पकड़ लिया गया लेकिन उसका दूसरा साथी भाग निकला। पकड़े गए चोर को पहचान संजय यादव पुत्र रामदेव यादव निवासी पूरे शुक्लन मजरे पेड़रिया थाना शिवरतनगंज जनपद अमेठी के रूप में हुई। ग्रामीणों के साथ थाने पहुंचे सत्य प्रकाश साहू ने पकड़े गए चोर संजय यादव के विरुद्ध तहरीर देते हुए मुकदमा पंजीकृत कराया जिस पर पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया। अभियुक्त की तलाशी के दौरान उसके पास एक तमंचा एक जिंदा कारतूस 315 बोर बरामद हुआ। दूसरे फरार अभियुक्त की तलाश जारी है।
विधिक कार्रवाई करते हुए पुलिस से उसे जेल भेज दिया है।
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    12 hrs ago
  • महिला ने बीच सड़क जुड़वा बच्चियों को दियामहिला ने बीच सड़क जुड़वा बच्चियों को दिया जन्म अमेठी रेलवे स्टेशन के बाहर अचानक शुरू हुई प्रसव पीड़ा, पन्नी का घेरा बनाकर कराया गया प्रसव अमेठी रेलवे स्टेशन के बाहर मंगलवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब ट्रेन से उतरकर घर जा रही एक गर्भवती महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। महिला दर्द से सड़क पर बैठ गई। पति ने आसपास के लोगों से मदद की गुहार लगाई। स्थानीय लोगों ने महिला के चारों ओर पन्नी का घेरा बनाकर उसे ढक दिया। इसी दौरान महिला ने जुड़वा बच्चियों को जन्म दिया। सूचना मिलने पर पहुंची एंबुलेंस दोनों नवजात बच्चियों और महिला को लेकर अमेठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची। तीनों का उपचार जारी है और चिकित्सकों के मुताबिक मां और दोनों बच्चियां स्वस्थ हैं। जानकारी के अनुसार अमेठी तहसील क्षेत्र के परसावां गांव निवासी ज्योति अपने पति सूरज के साथ दोना-पत्तल बनाने का काम करती हैं। सोमवार रात दोनों पति-पत्नी दोना-पत्तल देने वाराणसी गए थे। मंगलवार शाम करीब साढ़े पांच बजे दोनों काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस से अमेठी रेलवे स्टेशन पहुंचे। ट्रेन से उतरने के बाद दोनों घर की ओर जाने लगे। स्टेशन के बाहर पहुंचते ही ज्योति को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। दर्द अधिक होने पर वह सड़क पर ही बैठ गई। पत्नी को दर्द से कराहता देख सूरज ने आसपास मौजूद लोगों से मदद मांगी। इसके बाद स्थानीय लोगों ने मानवता का परिचय देते हुए महिला के चारों ओर पन्नी डालकर घेरा बना दिया। इसी दौरान ज्योति ने एक साथ दो जुड़वा बच्चियों को जन्म दिया। स्थानीय लोगों ने तत्काल स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी। कुछ ही देर में एंबुलेंस मौके पर पहुंची और जच्चा-बच्चा तीनों को अमेठी सीएचसी ले जाया गया। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी पीके उपाध्याय के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम अस्पताल में मां और दोनों नवजात बच्चियों की लगातार निगरानी कर रही है। चिकित्सकों के अनुसार तीनों की हालत सामान्य है। ज्योति का मायका अमेठी के परसावां गांव में है, जबकि उसकी ससुराल जौनपुर के बादशाहपुर में है। ज्योति का पहले से एक बेटा भी है। ज्योति के पति सूरज ने बताया कि ट्रेन से उतरने के बाद वे दोनों घर जा रहे थे। इसी दौरान अचानक ज्योति को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई और सड़क पर ही उसने दो बच्चियों को जन्म दिया। फिलहाल तीनों अस्पताल में भर्ती हैं और डॉक्टर उनकी निगरानी कर रहे हैं। जन्म अमेठी रेलवे स्टेशन के बाहर अचानक शुरू हुई प्रसव पीड़ा, पन्नी का घेरा बनाकर कराया गया प्रसव अमेठी रेलवे स्टेशन के बाहर मंगलवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब ट्रेन से उतरकर घर जा रही एक गर्भवती महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। महिला दर्द से सड़क पर बैठ गई। पति ने आसपास के लोगों से मदद की गुहार लगाई। स्थानीय लोगों ने महिला के चारों ओर पन्नी का घेरा बनाकर उसे ढक दिया। इसी दौरान महिला ने जुड़वा बच्चियों को जन्म दिया। सूचना मिलने पर पहुंची एंबुलेंस दोनों नवजात बच्चियों और महिला को लेकर अमेठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची। तीनों का उपचार जारी है और चिकित्सकों के मुताबिक मां और दोनों बच्चियां स्वस्थ हैं। जानकारी के अनुसार अमेठी तहसील क्षेत्र के परसावां गांव निवासी ज्योति अपने पति सूरज के साथ दोना-पत्तल बनाने का काम करती हैं। सोमवार रात दोनों पति-पत्नी दोना-पत्तल देने वाराणसी गए थे। मंगलवार शाम करीब साढ़े पांच बजे दोनों काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस से अमेठी रेलवे स्टेशन पहुंचे। ट्रेन से उतरने के बाद दोनों घर की ओर जाने लगे। स्टेशन के बाहर पहुंचते ही ज्योति को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। दर्द अधिक होने पर वह सड़क पर ही बैठ गई। पत्नी को दर्द से कराहता देख सूरज ने आसपास मौजूद लोगों से मदद मांगी। इसके बाद स्थानीय लोगों ने मानवता का परिचय देते हुए महिला के चारों ओर पन्नी डालकर घेरा बना दिया। इसी दौरान ज्योति ने एक साथ दो जुड़वा बच्चियों को जन्म दिया। स्थानीय लोगों ने तत्काल स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी। कुछ ही देर में एंबुलेंस मौके पर पहुंची और जच्चा-बच्चा तीनों को अमेठी सीएचसी ले जाया गया। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी पीके उपाध्याय के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम अस्पताल में मां और दोनों नवजात बच्चियों की लगातार निगरानी कर रही है। चिकित्सकों के अनुसार तीनों की हालत सामान्य है। ज्योति का मायका अमेठी के परसावां गांव में है, जबकि उसकी ससुराल जौनपुर के बादशाहपुर में है। ज्योति का पहले से एक बेटा भी है। ज्योति के पति सूरज ने बताया कि ट्रेन से उतरने के बाद वे दोनों घर जा रहे थे। इसी दौरान अचानक ज्योति को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई और सड़क पर ही उसने दो बच्चियों को जन्म दिया। फिलहाल तीनों अस्पताल में भर्ती हैं और डॉक्टर उनकी निगरानी कर रहे हैं।
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    महिला ने बीच सड़क जुड़वा बच्चियों को दियामहिला ने बीच सड़क जुड़वा बच्चियों को दिया जन्म
अमेठी रेलवे स्टेशन के बाहर अचानक शुरू हुई प्रसव पीड़ा, पन्नी का घेरा बनाकर कराया गया प्रसव
अमेठी रेलवे स्टेशन के बाहर मंगलवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब ट्रेन से उतरकर घर जा रही एक गर्भवती महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। महिला दर्द से सड़क पर बैठ गई। पति ने आसपास के लोगों से मदद की गुहार लगाई। स्थानीय लोगों ने महिला के चारों ओर पन्नी का घेरा बनाकर उसे ढक दिया। इसी दौरान महिला ने जुड़वा बच्चियों को जन्म दिया। सूचना मिलने पर पहुंची एंबुलेंस दोनों नवजात बच्चियों और महिला को लेकर अमेठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची। तीनों का उपचार जारी है और चिकित्सकों के मुताबिक मां और दोनों बच्चियां स्वस्थ हैं।
जानकारी के अनुसार अमेठी तहसील क्षेत्र के परसावां गांव निवासी ज्योति अपने पति सूरज के साथ दोना-पत्तल बनाने का काम करती हैं। सोमवार रात दोनों पति-पत्नी दोना-पत्तल देने वाराणसी गए थे। मंगलवार शाम करीब साढ़े पांच बजे दोनों काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस से अमेठी रेलवे स्टेशन पहुंचे। ट्रेन से उतरने के बाद दोनों घर की ओर जाने लगे। स्टेशन के बाहर पहुंचते ही ज्योति को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। दर्द अधिक होने पर वह सड़क पर ही बैठ गई।
पत्नी को दर्द से कराहता देख सूरज ने आसपास मौजूद लोगों से मदद मांगी। इसके बाद स्थानीय लोगों ने मानवता का परिचय देते हुए महिला के चारों ओर पन्नी डालकर घेरा बना दिया। इसी दौरान ज्योति ने एक साथ दो जुड़वा बच्चियों को जन्म दिया। स्थानीय लोगों ने तत्काल स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी। कुछ ही देर में एंबुलेंस मौके पर पहुंची और जच्चा-बच्चा तीनों को अमेठी सीएचसी ले जाया गया।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी पीके उपाध्याय के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम अस्पताल में मां और दोनों नवजात बच्चियों की लगातार निगरानी कर रही है। चिकित्सकों के अनुसार तीनों की हालत सामान्य है।
ज्योति का मायका अमेठी के परसावां गांव में है, जबकि उसकी ससुराल जौनपुर के बादशाहपुर में है। ज्योति का पहले से एक बेटा भी है।
ज्योति के पति सूरज ने बताया कि ट्रेन से उतरने के बाद वे दोनों घर जा रहे थे। इसी दौरान अचानक ज्योति को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई और सड़क पर ही उसने दो बच्चियों को जन्म दिया। फिलहाल तीनों अस्पताल में भर्ती हैं और डॉक्टर उनकी निगरानी कर रहे हैं। जन्म
अमेठी रेलवे स्टेशन के बाहर अचानक शुरू हुई प्रसव पीड़ा, पन्नी का घेरा बनाकर कराया गया प्रसव
अमेठी रेलवे स्टेशन के बाहर मंगलवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब ट्रेन से उतरकर घर जा रही एक गर्भवती महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। महिला दर्द से सड़क पर बैठ गई। पति ने आसपास के लोगों से मदद की गुहार लगाई। स्थानीय लोगों ने महिला के चारों ओर पन्नी का घेरा बनाकर उसे ढक दिया। इसी दौरान महिला ने जुड़वा बच्चियों को जन्म दिया। सूचना मिलने पर पहुंची एंबुलेंस दोनों नवजात बच्चियों और महिला को लेकर अमेठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची। तीनों का उपचार जारी है और चिकित्सकों के मुताबिक मां और दोनों बच्चियां स्वस्थ हैं।
जानकारी के अनुसार अमेठी तहसील क्षेत्र के परसावां गांव निवासी ज्योति अपने पति सूरज के साथ दोना-पत्तल बनाने का काम करती हैं। सोमवार रात दोनों पति-पत्नी दोना-पत्तल देने वाराणसी गए थे। मंगलवार शाम करीब साढ़े पांच बजे दोनों काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस से अमेठी रेलवे स्टेशन पहुंचे। ट्रेन से उतरने के बाद दोनों घर की ओर जाने लगे। स्टेशन के बाहर पहुंचते ही ज्योति को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। दर्द अधिक होने पर वह सड़क पर ही बैठ गई।
पत्नी को दर्द से कराहता देख सूरज ने आसपास मौजूद लोगों से मदद मांगी। इसके बाद स्थानीय लोगों ने मानवता का परिचय देते हुए महिला के चारों ओर पन्नी डालकर घेरा बना दिया। इसी दौरान ज्योति ने एक साथ दो जुड़वा बच्चियों को जन्म दिया। स्थानीय लोगों ने तत्काल स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी। कुछ ही देर में एंबुलेंस मौके पर पहुंची और जच्चा-बच्चा तीनों को अमेठी सीएचसी ले जाया गया।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी पीके उपाध्याय के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम अस्पताल में मां और दोनों नवजात बच्चियों की लगातार निगरानी कर रही है। चिकित्सकों के अनुसार तीनों की हालत सामान्य है।
ज्योति का मायका अमेठी के परसावां गांव में है, जबकि उसकी ससुराल जौनपुर के बादशाहपुर में है। ज्योति का पहले से एक बेटा भी है।
ज्योति के पति सूरज ने बताया कि ट्रेन से उतरने के बाद वे दोनों घर जा रहे थे। इसी दौरान अचानक ज्योति को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई और सड़क पर ही उसने दो बच्चियों को जन्म दिया। फिलहाल तीनों अस्पताल में भर्ती हैं और डॉक्टर उनकी निगरानी कर रहे हैं।
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    Komal Gupta
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    4 hrs ago
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