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*लखनऊ: जानकीपुरम प्रथम वार्ड के मड़ियांव गांव में घरों में घुसा बारिश का पानी, ल *लखनऊ: जानकीपुरम प्रथम वार्ड के मड़ियांव गांव में घरों में घुसा बारिश का पानी, लोग परेशान* *Lucknow -* लखनऊ के जानकीपुरम प्रथम वार्ड स्थित मड़ियांव गांव में जलभराव से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। हल्की बारिश में ही नालियां चोक होने से पानी घरों के अंदर तक भर गया। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि लंबे समय से नालियों की सफाई नहीं हुई है, जिसके कारण हर बरसात में यही स्थिति बनती है। इस वार्ड की पार्षद निशा तिवारी हैं। लोगों ने नगर निगम से जल्द सफाई कराने की मांग की है।
Ankit kumar
*लखनऊ: जानकीपुरम प्रथम वार्ड के मड़ियांव गांव में घरों में घुसा बारिश का पानी, ल *लखनऊ: जानकीपुरम प्रथम वार्ड के मड़ियांव गांव में घरों में घुसा बारिश का पानी, लोग परेशान* *Lucknow -* लखनऊ के जानकीपुरम प्रथम वार्ड स्थित मड़ियांव गांव में जलभराव से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। हल्की बारिश में ही नालियां चोक होने से पानी घरों के अंदर तक भर गया। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि लंबे समय से नालियों की सफाई नहीं हुई है, जिसके कारण हर बरसात में यही स्थिति बनती है। इस वार्ड की पार्षद निशा तिवारी हैं। लोगों ने नगर निगम से जल्द सफाई कराने की मांग की है।
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- *लखनऊ: जानकीपुरम प्रथम वार्ड के मड़ियांव गांव में घरों में घुसा बारिश का पानी, ल *लखनऊ: जानकीपुरम प्रथम वार्ड के मड़ियांव गांव में घरों में घुसा बारिश का पानी, लोग परेशान* *Lucknow -* लखनऊ के जानकीपुरम प्रथम वार्ड स्थित मड़ियांव गांव में जलभराव से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। हल्की बारिश में ही नालियां चोक होने से पानी घरों के अंदर तक भर गया। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि लंबे समय से नालियों की सफाई नहीं हुई है, जिसके कारण हर बरसात में यही स्थिति बनती है। इस वार्ड की पार्षद निशा तिवारी हैं। लोगों ने नगर निगम से जल्द सफाई कराने की मांग की है।1
- लगातार बारिश से सड़कें बनीं तालाब, बाजरे की फसल बर्बाद होने की आशंका से किसान भयभीत झींझक। क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कई गांवों की सड़कें जलभराव के चलते तालाब में तब्दील हो गई हैं। रास्तों पर पानी भरने से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं खेतों में भी पानी भरने लगा है, जिससे बाजरे की फसल को नुकसान होने की आशंका बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि कई दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण खेतों में पानी जमा है। यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो पकने के कगार पर पहुंची बाजरे की फसल खराब हो सकती है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। ग्रामीणों ने जलभराव वाले रास्तों से पानी निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है। वहीं किसान फसल बचाने के लिए खेतों से पानी निकालने में जुटे हैं।2
- लगातार हो रही बारिश व तेज हवा के कारण बाजरा व मक्का के खेत हुए जलमग्न कानपुर देहात मे लगातार दो दिन से हो रही बारिश व तेज हवा के झोंको के कारण बाजरा मक्का व धान की फसल को हुआ भारी नुकसान सारी फसल खेतोँ मे हो गई पट्ट किसानों को हो रही बड़ी परेशानी वहीं लोगों का घर से निकलना भी बंद कर दिया मौसम ने ऐसे मे सभीको भारी परेशानी मे डाल दिया1
- लगातार बारिश से अकबरपुर कोतवाली परिसर में जलभराव, पानी के बीच काम करने को मजबूर पुलिसकर्मी लगातार बारिश से अकबरपुर कोतवाली परिसर में जलभराव, पानी के बीच काम करने को मजबूर पुलिसकर्मी कानपुर देहात। जिले में पिछले करीब 40 घंटे से रुक-रुककर हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है। शहर से लेकर सरकारी कार्यालयों तक जलभराव की स्थिति दिखाई देने लगी है। लगातार बारिश के चलते अकबरपुर कोतवाली परिसर भी पानी से भर गया, जिससे पुलिसकर्मियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कोतवाली परिसर में बने पुलिसकर्मियों के आवासों तक बारिश का पानी पहुंच गया है। वहीं कार्यालय के अंदर मालखाने तक पानी भरने से जरूरी कामकाज प्रभावित हो रहा है। इसके बावजूद पुलिसकर्मी जलभराव के बीच अपने रोजमर्रा के जरूरी कार्यों को निपटाने में जुटे हुए हैं। पानी के बीच बैठकर काम करते नजर आए पुलिसकर्मी बारिश का पानी कोतवाली परिसर में जमा होने के कारण पुलिसकर्मियों को पानी के बीच बैठकर कार्यालयी कार्य करना पड़ रहा है। लगातार बारिश के चलते परिसर की जलनिकासी व्यवस्था भी प्रभावित नजर आ रही है। ऐसे में पुलिसकर्मियों के साथ फरियादियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बारिश से बढ़ी मुश्किलें लगातार हो रही बारिश के कारण जिले के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन रही है। निचले इलाकों में पानी जमा होने से लोगों की आवाजाही प्रभावित है। अकबरपुर कोतवाली परिसर की तस्वीरें भी बारिश की स्थिति और जलभराव की गंभीरता को बयां कर रही हैं। स्थानीय स्तर पर जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त किए जाने की जरूरत महसूस हो रही है।1
- समाजवादी पार्टी, उत्तर प्रदेश 19, विक्रमादित्य मार्ग, लखनऊ प्रकाशन/प्रसारण हेतु- दिनांकः 26.09.2026 समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व नेता विरोधी दल श्री राम गोविन्द चौधरी के निधन पर समाजवादी पार्टी प्रदेश मुख्यालय लखनऊ के डॉ. राममनोहर लोहिया सभागार में शोकसभा हुई। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने श्री रामगोविन्द चौधरी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर शोक प्रस्ताव रखा गया। उपस्थित सभी नेताओं, कार्यकर्ताओं ने श्री रामगोविन्द चौधरी के निधन पर गहरा शोक जताते हुए 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। समाजवादी पार्टी, उत्तर प्रदेश 19, विक्रमादित्य मार्ग, लखनऊ प्रकाशन/प्रसारण हेतु- दिनांकः 26.09.2026 समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व नेता विरोधी दल श्री राम गोविन्द चौधरी के निधन पर समाजवादी पार्टी प्रदेश मुख्यालय लखनऊ के डॉ. राममनोहर लोहिया सभागार में शोकसभा हुई। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने श्री रामगोविन्द चौधरी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर शोक प्रस्ताव रखा गया। उपस्थित सभी नेताओं, कार्यकर्ताओं ने श्री रामगोविन्द चौधरी के निधन पर गहरा शोक जताते हुए 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। श्री अखिलेश यादव ने कहा कि अब हमारे बीच वो महान समाजवादी प्रकाश-स्तंभ श्री राम गोविंद चौधरी जी नहीं रहे, जिन्होंने महान स्वतंत्रता सेनानी व समाजवादी मार्गदर्शक जय प्रकाश नारायण जी और भूतपूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर जी की अगुवाई में समाजवादी मूल्यों, सिद्धांतों और लक्ष्यों की मशाल सदैव प्रज्ज्वलित रखी। बलिया की क्रांतिकारी धरती से उठकर छात्र राजनीति के कठिन मार्ग से होते हुए विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तक उनकी आवाज और अकाट्य तर्कों का सदैव सम्मान हुआ। सामाजिक न्याय के पुरोधा के रूप में वो जीवन भर संघर्षरत रहे। उन्होंने जनपक्ष को हमेशा सबसे पहले और ऊपर रखा। विपक्ष के नेता के रूप में उन्होंने तब भी अपनी आवाज बुलंद रखी जब सदन में हमारे 50 विधायक भी नहीं थे। जब वो बोलते थे तो सदन उन्हें बड़ी शांति और शिद्दत के साथ सुनता था और उनके खर-प्रखर वाचन और सत्यनिष्ठता से सीख-सबक भी लेता था। उनकी जमीनी पकड़ और जनता से गहरे जुड़ाव के कारण वो स्वयं में सौहार्दपूर्ण सकारात्मक सामाजिक राजनीति की एक सक्रिय पाठशाला की तरह रहे। उन्होंने सांविधानिक, लोकतांत्रिक, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष मूल्यों की रक्षा व स्वतंत्रता, समता और व्यक्ति की गरिमा व प्रतिष्ठा के लिए हमेशा निर्भय होकर आंदोलित रहना सिखाया। एकसशक्त समाजवादी नेतृत्व के रूप में सपा में उनकी भूमिका सदैव एक दिग्दर्शक के रूप में रही। नेताजी और उनका साथ समाजवादी संकल्पों की पूर्ति के संघर्षों में सदैव एकजुट रहा। अब हम सबकी जिम्मेदारी है कि अपने उन ‘बड़ों के लक्ष्यों’ की पूर्ति में संपूर्ण समर्पण और संकल्प के साथ एकजुट होकर आगे बढ़ें, जो अब हमारे बीच सैद्धांतिक प्रेरणा मात्र ही विद्यमान हैं। पुनः पुनः भावभीनी श्रद्धांजलि। (राजेन्द्र चौधरी) मुख्य प्रवक्तासमाजवादी पार्टी, उत्तर प्रदेश 19, विक्रमादित्य मार्ग, लखनऊ प्रकाशन/प्रसारण हेतु- दिनांकः 26.09.2026 समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व नेता विरोधी दल श्री राम गोविन्द चौधरी के निधन पर समाजवादी पार्टी प्रदेश मुख्यालय लखनऊ के डॉ. राममनोहर लोहिया सभागार में शोकसभा हुई। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने श्री रामगोविन्द चौधरी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर शोक प्रस्ताव रखा गया। उपस्थित सभी नेताओं, कार्यकर्ताओं ने श्री रामगोविन्द चौधरी के निधन पर गहरा शोक जताते हुए 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। श्री अखिलेश यादव ने कहा कि अब हमारे बीच वो महान समाजवादी प्रकाश-स्तंभ श्री राम गोविंद चौधरी जी नहीं रहे, जिन्होंने महान स्वतंत्रता सेनानी व समाजवादी मार्गदर्शक जय प्रकाश नारायण जी और भूतपूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर जी की अगुवाई में समाजवादी मूल्यों, सिद्धांतों और लक्ष्यों की मशाल सदैव प्रज्ज्वलित रखी। बलिया की क्रांतिकारी धरती से उठकर छात्र राजनीति के कठिन मार्ग से होते हुए विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तक उनकी आवाज और अकाट्य तर्कों का सदैव सम्मान हुआ। सामाजिक न्याय के पुरोधा के रूप में वो जीवन भर संघर्षरत रहे। उन्होंने जनपक्ष को हमेशा सबसे पहले और ऊपर रखा। विपक्ष के नेता के रूप में उन्होंने तब भी अपनी आवाज बुलंद रखी जब सदन में हमारे 50 विधायक भी नहीं थे। जब वो बोलते थे तो सदन उन्हें बड़ी शांति और शिद्दत के साथ सुनता था और उनके खर-प्रखर वाचन और सत्यनिष्ठता से सीख-सबक भी लेता था। उनकी जमीनी पकड़ और जनता से गहरे जुड़ाव के कारण वो स्वयं में सौहार्दपूर्ण सकारात्मक सामाजिक राजनीति की एक सक्रिय पाठशाला की तरह रहे। उन्होंने सांविधानिक, लोकतांत्रिक, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष मूल्यों की रक्षा व स्वतंत्रता, समता और व्यक्ति की गरिमा व प्रतिष्ठा के लिए हमेशा निर्भय होकर आंदोलित रहना सिखाया। एकसशक्त समाजवादी नेतृत्व के रूप में सपा में उनकी भूमिका सदैव एक दिग्दर्शक के रूप में रही। नेताजी और उनका साथ समाजवादी संकल्पों की पूर्ति के संघर्षों में सदैव एकजुट रहा। अब हम सबकी जिम्मेदारी है कि अपने उन ‘बड़ों के लक्ष्यों’ की पूर्ति में संपूर्ण समर्पण और संकल्प के साथ एकजुट होकर आगे बढ़ें, जो अब हमारे बीच सैद्धांतिक प्रेरणा मात्र ही विद्यमान हैं। पुनः पुनः भावभीनी श्रद्धांजलि। (राजेन्द्र चौधरी) मुख्य प्रवक्ता1
- *थाना कुदरकोट व एसओजी/सर्विलांस की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा थाना कुदरकोट क्षेत्रांर्गत हुई चोरी का सफल अनावरण करते हुए 01 अंतरराज्यीय शातिर चोर को मय चोरी किये हुए माल सहित गिरफ्तार करने के संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक औरैया द्वारा दी गई बाइट।*1
- परिवार बाहर बैठा था, तभी भरभराकर गिरा कच्चा मकान, बड़ा हादसा टला झींझक। लगातार हो रही बारिश के बीच जलिहापुर गांव के मजरा सिमरिया पुरवा में शनिवार दोपहर कच्चा मकान अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे के समय परिवार के लोग मकान के बाहर बैठे थे, जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया। हालांकि मकान के मलबे में गृहस्थी का सामान दबकर खराब हो गया। सिमरिया पुरवा निवासी कुसमा देवी पत्नी शिवपाल शनिवार दोपहर परिवार के साथ मकान के बाहर बैठी थीं। इसी दौरान अचानक कच्चा मकान ढह गया। मकान गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। गनीमत रही कि परिवार के सदस्य पहले से ही बाहर बैठे थे, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। मकान के मलबे में चारपाई, कपड़े, अनाज समेत गृहस्थी का अन्य सामान दब गया, जिससे परिवार को काफी नुकसान हुआ। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से नुकसान का आकलन कर आर्थिक सहायता दिलाए जाने की मांग की है।1
- कन्नौज में ईशन नदी का तांडव, बारिश ने तोड़े रिकॉर्ड, तिर्वा क्षेत्र से लेकर गुरसहायगंज रोड तक हाहाकार जिले में मूसलाधार बारिश ने पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। भारी बारिश के कारण तिर्वा क्षेत्र से होकर गुजरने वाली ईशन नदी उफान पर है और अपने रौद्र रूप में आ चुकी है। नदी के जलस्तर में हुई अचानक वृद्धि ने ग्रामीण इलाकों और संपर्क मार्गों पर भीषण तबाही मचाई है।1