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युवा आश्वस्त रहें पारदर्शिता के साथ न्याय होगा और दिखेगा भी युवा आश्वस्त रहें पारदर्शिता के साथ न्याय होगा और दिखेगा भी
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युवा आश्वस्त रहें पारदर्शिता के साथ न्याय होगा और दिखेगा भी युवा आश्वस्त रहें पारदर्शिता के साथ न्याय होगा और दिखेगा भी
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- जब तक छात्रों की मांग पूरी नहीं होती आंदोलन जारी रहेगा : बीजेपी विधायक प्रतिनिधि विवेकानंद तिवारी रांची में विधानसभा घेराव करने जा रहे छात्रों पर हुए लाठी चार्ज के विरोध में भाजपा ने शुरू किया धरना प्रदर्शन1
- युवा आश्वस्त रहें पारदर्शिता के साथ न्याय होगा और दिखेगा भी युवा आश्वस्त रहें पारदर्शिता के साथ न्याय होगा और दिखेगा भी1
- जंगल किनारे रस्सी से बंधी बोरी मिली, शव होने की आशंका से मचा हड़कंप; खोलते ही निकली दातून चिनियां थाना क्षेत्र के चिरका जंगल किनारे चरकी पत्थर के पास सोमवार सुबह करीब नौ बजे रस्सी से बंधी एक बोरी मिलने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। बोरी का आकार देखकर लोगों को आशंका हुई कि इसमें किसी का शव बांधकर फेंका गया है। देखते ही देखते खबर क्षेत्र में फैल गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। लोगों ने इसकी सूचना चिनियां थाना को भी दी गई। हालाकी पुलिस के पहुंचने से पहले एक व्यक्ति ने हिम्मत कर बोरी को खोला। बोरी खुलते ही लोगों की आशंका दूर हो गई। बोरी के अंदर सखुआ की लंबी-लंबी डंठल (दातून) भरी हुई थी। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पत्रकार भी मौके पर पहुंच गए। ओर कुछ देर तक मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।1
- एसएमसी पुनर्गठन के बाद बच्चों को मिली साइकिल, चेहरे पर दिखी खुशी *हुरदागा स्कूल में चंदन यादव अध्यक्ष, कांति कुमारी उपाध्यक्ष और अनीता देवी बनीं संयोजिका* पाटन। उत्क्रमित मध्य विद्यालय हुरदागा में मंगलवार को विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) के पुनर्गठन को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पंचायत के मुखिया मनोज कुमार एवं विद्यालय की प्रधानाध्यापिका शारदा कुमारी ने की। चुनाव पर्यवेक्षक के रूप में सीआरपी संजय कुमार उपस्थित रहे। बैठक में सर्वसम्मति से चंदन कुमार यादव को विद्यालय प्रबंधन समिति का अध्यक्ष, कांति कुमारी को उपाध्यक्ष तथा अनीता देवी को संयोजिका चुना गया। विद्यालय प्रबंधन समिति के पुनर्गठन के बाद विद्यालय परिसर में बच्चों के बीच साइकिल का वितरण किया गया। मुखिया मनोज कुमार एवं विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों ने बच्चों को साइकिल प्रदान की। साइकिल मिलने के बाद बच्चों के चेहरे पर खुशी देखने को मिली। अभिभावकों ने कहा कि साइकिल मिलने से विद्यार्थियों को विद्यालय आने-जाने में सुविधा होगी और नियमित रूप से विद्यालय पहुंचने में भी मदद मिलेगी। बैठक के दौरान विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, बच्चों की उपस्थिति एवं विद्यालय के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। नवनिर्वाचित समिति के सदस्यों ने विद्यालय के बेहतर संचालन एवं बच्चों के हित में मिलकर कार्य करने की बात कही। बैठक में चुनाव पर्यवेक्षक सीआरपी संजय कुमार, सेविका चंपा देवी, शिक्षक बीरेंद्र राम, हरेंद्र कुमार कुशवाहा, राजेश कुमार, वार्ड सदस्य भुवनेश्वर राम, नवल राम, मंटू राम, भोला यादव, प्रदीप चौहान, बबन भुइयां, सोनवा देवी, गीता देवी, कविता देवी, सुनैना देवी, सजनी देवी समेत विद्यालय के पोषक क्षेत्र के बच्चों के माता-पिता एवं अभिभावक उपस्थित रहे।3
- एक भाई का दोनो हाथ के लगवाने के सहयोग में किसी भाई ने 11 हजार रु गढ़वा जिला के बरडीहा प्रखंड अंतर्गत ग्राम कोलुआ के यह मामला है नाम अरुण ठाकुर जिसका दोनो हाथ नही है करेंट लगाने से दोनो हाथ कटना पड़ा था डॉक्टर को इशि बीच 2026 में भाई ने सभी से गुहार लगाया मुझे दिल्ली हॉस्पिट में हाथ लगवाना है जिसमे एक भाई ने 11 हजार रु सहयोग के लिए वादा किया नाम चंदन पासवान1
- झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC-CGL) भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली, पेपर लीक और अनियमितताओं के खिलाफ प्रतियोगी छात्रों द्वारा 10 अगस्त 2026 से विधानसभा का उग्र घेराव किया जा रहा है। यह छात्र आंदोलन 25 जुलाई 2026 سے रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में चल रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बाद 10 अगस्त को विधानसभा मार्च के रूप में शुरू हुआ। [1, 2] विधानसभा घेराव के मुख्य कारण सीबीआई जांच की मांग: छात्र जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों की सीबीआई (CBI) से स्वतंत्र जांच कराने की जिद पर अड़े हैं। [1] परीक्षाओं को रद्द करना: छात्र जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा और ब्लैकलिस्टेड एजेंसियों से जुड़ी परीक्षाओं को पूरी तरह रद्द करने की मांग कर रहे हैं। [1] भ्रष्टाचार पर कार्रवाई: प्रतियोगी छात्रों का आरोप है कि सरकारी आश्वासन और कुछ परीक्षाओं या वार्ताओं के बावजूद दोषियों पर ठोस और पारदर्शी कार्रवाई नहीं हो रही है। [1] आंदोलन और घेराव की मुख्य बातें आंदोलन की शुरुआत: यह छात्र आंदोलन 25 जुलाई 2026 को रांची में शुरू हुआ था, जो 17 दिनों तक चले क्रमिक प्रदर्शन व भूख हड़ताल के बाद 10 अगस्त 2026 को विधानसभा घेराव तक पहुंच गया। [1, 2] प्रशासनिक कार्रवाई: विधानसभा के पास भारी बैरिकेडिंग और धारा 163 लागू करने के बावजूद हजारों छात्र आगे बढ़े। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।1