नर्मदा के पवित्र पत्थर से बने शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा, बेतिया में उमड़ा आस्था का सैलाब बेतिया शहर के उत्तरवारी पोखरा स्थित पक्की फुलवारी, वार्ड नंबर-5 में इन दिनों आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। राधे कृष्ण सह नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर पूरा इलाका भगवान शिव के जयकारों और भक्ति गीतों से गूंज रहा है। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है और हर ओर धार्मिक उत्साह का माहौल बना हुआ है। इस मंदिर की सबसे खास पहचान यहां स्थापित नर्मदेश्वर शिवलिंग और नंदी हैं। बताया जा रहा है कि शिवलिंग और नंदी नर्मदा नदी से प्राप्त विशेष पत्थर से निर्मित हैं, जिन्हें मध्य प्रदेश के बाकावन गांव से लाया गया है। ऐसे में श्रद्धालुओं के लिए यह शिवलिंग केवल पूजा का केंद्र नहीं, बल्कि नर्मदा की पवित्र धारा से जुड़ी आस्था का प्रतीक भी है। मंदिर परिसर में भगवान शिव के साथ समस्त शिव परिवार की प्रतिमाएं भी स्थापित की गई हैं। वहीं मंदिर में स्थापित बजरंगबली, राधा-कृष्ण, शनिदेव समेत अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं राजस्थान के प्रसिद्ध मकराना पत्थर से निर्मित बताई जा रही हैं। इन प्रतिमाओं की आकर्षक बनावट और बारीक कारीगरी मंदिर की भव्यता को और बढ़ा रही है। एक ही परिसर में नर्मदेश्वर महादेव, शिव परिवार, राधा-कृष्ण, शनिदेव और बजरंगबली के दर्शन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। प्राण प्रतिष्ठा समारोह की शुरुआत भी बेहद भव्य तरीके से हुई। शनिवार को मंदिर परिसर से 551 कुआंरी कन्याओं और महिलाओं की भव्य कलश यात्रा निकाली गई। सिर पर कलश, चेहरे पर आस्था और जुबां पर भगवान के जयकारों के साथ निकली यह यात्रा देखते ही बन रही थी। कलश यात्रा मंदिर परिसर से निकलकर काली धाम मंदिर प्रांगण पहुंची, जहां विधि-विधान से पवित्र जल भरा गया। इसके बाद श्रद्धालु कलश में जल लेकर वापस राधे कृष्ण सह नर्मदेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे। पूरी यात्रा के दौरान धार्मिक जयघोष और भक्ति गीतों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। वहीं आज मंदिर परिसर में प्राण प्रतिष्ठा यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। इस विशेष धार्मिक अनुष्ठान के लिए वाराणसी से पांच आचार्य पहुंचे हैं, जिनके वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के बीच मंदिर में स्थापित देवी-देवताओं की प्राण प्रतिष्ठा कराई जा रही है। प्राण प्रतिष्ठा को लेकर मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है और श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी है। धार्मिक आयोजन को लेकर आज शाम 8 बजे से भव्य जागरण का भी आयोजन किया जाएगा। भजन और भक्ति गीतों के माध्यम से श्रद्धालु भगवान की आराधना करेंगे। दिनभर जहां मंदिर परिसर वैदिक मंत्रों से गूंजेगा, वहीं रात में भक्ति संगीत की मधुर धुनों से पूरा वातावरण आध्यात्मिक रंग में रंग जाएगा। प्राण प्रतिष्ठा समारोह का समापन कल शाम 4 बजे से आयोजित विशाल भंडारे के साथ होगा। आयोजकों की ओर से भंडारे की तैयारियां की जा रही हैं और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के इसमें शामिल होने की उम्मीद है। धार्मिक आयोजन की यही खूबसूरती है कि पूजा-पाठ के साथ यह लोगों को एक-दूसरे से जोड़ता है, साथ बैठने का अवसर देता है और प्रसाद के साथ अपनापन भी बांटता है। कुल मिलाकर, बेतिया के उत्तरवारी पोखरा में आयोजित राधे कृष्ण सह नर्मदेश्वर महादेव मंदिर का यह प्राण प्रतिष्ठा समारोह केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा, भक्ति और सामाजिक सहभागिता का संगम बनता दिखाई दे रहा है। नर्मदा नदी से प्राप्त पत्थर से निर्मित नर्मदेश्वर शिवलिंग और नंदी, राजस्थान के मकराना पत्थर से बनी देवी-देवताओं की आकर्षक प्रतिमाएं और वाराणसी से आए आचार्यों द्वारा कराया जा रहा प्राण प्रतिष्ठा यज्ञ इस मंदिर को एक विशेष धार्मिक पहचान दे रहा है। जब सैकड़ों महिलाएं और कुआंरी कन्याएं सिर पर कलश लेकर निकलती हैं, जब पूरा इलाका भगवान के जयकारों से गूंज उठता है और जब लोग आपसी भेदभाव से ऊपर उठकर एक साथ भक्ति के रंग में रंग जाते हैं, तो वह महज एक आयोजन नहीं रहता—बल्कि आस्था की ऐसी तस्वीर बन जाता है, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाता है। राधे कृष्ण सह नर्मदेश्वर महादेव मंदिर का यह प्राण प्रतिष्ठा समारोह भी बेतिया में ऐसी ही आध्यात्मिक और यादगार तस्वीर पेश कर रहा है।
नर्मदा के पवित्र पत्थर से बने शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा, बेतिया में उमड़ा आस्था का सैलाब बेतिया शहर के उत्तरवारी पोखरा स्थित पक्की फुलवारी, वार्ड नंबर-5 में इन दिनों आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। राधे कृष्ण सह नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर पूरा इलाका भगवान शिव के जयकारों और भक्ति गीतों से गूंज रहा है। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है और हर ओर धार्मिक उत्साह का माहौल बना हुआ है। इस मंदिर की सबसे खास पहचान यहां स्थापित नर्मदेश्वर शिवलिंग और नंदी हैं। बताया जा रहा है कि शिवलिंग और नंदी नर्मदा नदी से प्राप्त विशेष पत्थर से निर्मित हैं, जिन्हें मध्य प्रदेश के बाकावन गांव से लाया गया है। ऐसे में श्रद्धालुओं के लिए यह शिवलिंग केवल पूजा का केंद्र नहीं, बल्कि नर्मदा की पवित्र धारा से जुड़ी आस्था का प्रतीक भी है। मंदिर परिसर में भगवान शिव के साथ समस्त शिव परिवार की प्रतिमाएं भी स्थापित की गई हैं। वहीं मंदिर में स्थापित बजरंगबली, राधा-कृष्ण, शनिदेव समेत अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं राजस्थान के प्रसिद्ध मकराना पत्थर से निर्मित बताई जा रही हैं। इन प्रतिमाओं की आकर्षक बनावट और बारीक कारीगरी मंदिर की भव्यता को और बढ़ा रही है। एक ही परिसर में नर्मदेश्वर महादेव, शिव परिवार, राधा-कृष्ण, शनिदेव और बजरंगबली के दर्शन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। प्राण प्रतिष्ठा समारोह की शुरुआत भी बेहद भव्य तरीके से हुई। शनिवार को मंदिर परिसर से 551 कुआंरी कन्याओं और महिलाओं की भव्य कलश यात्रा निकाली गई। सिर पर कलश, चेहरे पर आस्था और जुबां पर भगवान के जयकारों के साथ निकली यह यात्रा देखते ही बन रही थी। कलश यात्रा मंदिर परिसर से निकलकर काली धाम मंदिर प्रांगण पहुंची, जहां विधि-विधान से पवित्र जल भरा गया। इसके बाद श्रद्धालु कलश में जल लेकर वापस राधे कृष्ण सह नर्मदेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे। पूरी यात्रा के दौरान धार्मिक जयघोष और भक्ति गीतों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। वहीं आज मंदिर परिसर में प्राण प्रतिष्ठा यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। इस विशेष धार्मिक अनुष्ठान के लिए वाराणसी से पांच आचार्य पहुंचे हैं, जिनके वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के बीच मंदिर में स्थापित देवी-देवताओं की प्राण प्रतिष्ठा कराई जा रही है। प्राण प्रतिष्ठा को लेकर मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है और श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी है। धार्मिक आयोजन को लेकर आज शाम 8 बजे से भव्य जागरण का भी आयोजन किया जाएगा। भजन और भक्ति गीतों के माध्यम से श्रद्धालु भगवान की आराधना करेंगे। दिनभर जहां मंदिर परिसर वैदिक मंत्रों से गूंजेगा, वहीं रात में भक्ति संगीत की मधुर धुनों से पूरा वातावरण आध्यात्मिक रंग में रंग जाएगा। प्राण प्रतिष्ठा समारोह का समापन कल शाम 4 बजे से आयोजित विशाल भंडारे के साथ होगा। आयोजकों की ओर से भंडारे की तैयारियां की जा रही हैं और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के इसमें शामिल होने की उम्मीद है। धार्मिक आयोजन की यही खूबसूरती है कि पूजा-पाठ के साथ यह लोगों को एक-दूसरे से जोड़ता है, साथ बैठने का अवसर देता है और प्रसाद के साथ अपनापन भी बांटता है। कुल मिलाकर, बेतिया के उत्तरवारी पोखरा में आयोजित राधे कृष्ण सह नर्मदेश्वर महादेव मंदिर का यह प्राण प्रतिष्ठा समारोह केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा, भक्ति और सामाजिक सहभागिता का संगम बनता दिखाई दे रहा है। नर्मदा नदी से प्राप्त पत्थर से निर्मित नर्मदेश्वर शिवलिंग और नंदी, राजस्थान के मकराना पत्थर से बनी देवी-देवताओं की आकर्षक प्रतिमाएं और वाराणसी से आए आचार्यों द्वारा कराया जा रहा प्राण प्रतिष्ठा यज्ञ इस मंदिर को एक विशेष धार्मिक पहचान दे रहा है। जब सैकड़ों महिलाएं और कुआंरी कन्याएं सिर पर कलश लेकर निकलती हैं, जब पूरा इलाका भगवान के जयकारों से गूंज उठता है और जब लोग आपसी भेदभाव से ऊपर उठकर एक साथ भक्ति के रंग में रंग जाते हैं, तो वह महज एक आयोजन नहीं रहता—बल्कि आस्था की ऐसी तस्वीर बन जाता है, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाता है। राधे कृष्ण सह नर्मदेश्वर महादेव मंदिर का यह प्राण प्रतिष्ठा समारोह भी बेतिया में ऐसी ही आध्यात्मिक और यादगार तस्वीर पेश कर रहा है।
- धुमनगर 32RD पुल पर फिर हादसा, नहर में छलांग लगाने के बाद 22 वर्षीय युवक लापता नौतन प्रखंड के धुमनगर बड़ा नहर 32RD पुल के समीप एक सप्ताह के अंदर नहर में डूबने की दूसरी बड़ी घटना सामने आई है। लगातार हो रही घटनाओं से इलाके में चिंता और दहशत का माहौल है। तीन दिन पहले इसी नहर में नहाने के दौरान एक युवक की डूबने से मौत हुई थी। लोग उस घटना से उबर भी नहीं पाए थे कि रविवार को एक और युवक ने नहर में छलांग लगा दी और उसके बाद से लापता है। लापता युवक की पहचान नौतन थाना क्षेत्र के धुमनगर अंसारी टोला निवासी हसमुल्लाह खान के 22 वर्षीय पुत्र मासूम खान के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि मासूम खान नहर के समीप पहुंचा और अचानक पानी में छलांग लगा दी। इसके बाद वह पानी में दिखाई नहीं दिया। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर जुट गए और अपने स्तर से भी युवक की तलाश शुरू की, लेकिन देर तक उसका कोई सुराग नहीं मिल सका। घटना की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों के अनुसार, मासूम की बूढ़ी मां घर पर रहती हैं, जबकि परिवार के अन्य सदस्य विदेश में रहते हैं। बेटे के लापता होने की खबर के बाद मां का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं ग्रामीण युवक के सकुशल मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं। इधर, सूचना मिलते ही नौतन थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल की तैनाती कर दी गई। नौतन थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार पासवान ने बताया कि घटना की सूचना प्राप्त हुई है और पुलिस बल को मौके पर तैनात किया गया है। वहीं एसडीआरएफ की टीम भी घटनास्थल पर पहुंचकर नहर में लापता युवक की तलाश में खोज अभियान चला रही है। एक ही सप्ताह के अंदर धुमनगर बड़ा नहर में डूबने की दो घटनाओं ने नहर के आसपास रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों ने प्रशासन और विभाग से नहर के खतरनाक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, लोगों को गहरे पानी में जाने से रोकने और आवश्यक सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है।1
- श्रावण मास में पावन रुद्राभिषेक एवं महाप्रसाद का आयोजन ।। श्रावण मास के पावन अवसर पर रविवार को पावर हाउस कैंपस, बेतिया में भगवान भोलेनाथ की असीम कृपा से पावन रुद्राभिषेक एवं महाप्रसाद का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन पूर्व उपमुख्यमंत्री सह बेतिया विधायक रेणु देवी के भाजीजा एवं भाजपा बिहार के प्रदेश सह संयोजक, नगर निकाय प्रकोष्ठ राहुल कुमार के द्वारा किया गया। राहुल कुमार ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी श्रद्धा एवं भक्ति के साथ रुद्राभिषेक का आयोजन किया गया। मुख्य यजमान राहुल कुमार एवं उनकी धर्मपत्नी ने मुख्य आचार्य के सानिध्य में विधिवत वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान भोलेनाथ का रुद्राभिषेक एवं पूजन संपन्न किया। इस दौरान पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा। पूजन के पश्चात बाबा भोलेनाथ की भक्ति प्रस्तुति संदीप तिवारी मृदुल एवं उनकी टीम द्वारा की गई। भक्ति गीतों की प्रस्तुति सुनकर श्रद्धालु भक्त भाव-विभोर होकर झूमते नजर आए। इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया। कार्यक्रम के दौरान सांसद डॉ. संजय जायसवाल, नरकटियागंज विधायक संजय पाण्डेय, चनपटिया के पूर्व विधायक उमाकांत सिंह सहित वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता अनिल झा, अनिल वर्मा एवं डॉ. सुशील चौधरी को अंगवस्त्र ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। आयोजन में बेतिया विधानसभा क्षेत्र के बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने भगवान भोलेनाथ से क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की।4
- Virat Kohli se Bhartiya Khiladi the Jo 26 January aur 15 August ko Sanjiv 15 August ko1
- महावीर मेला को लेकर सुगौली में प्रशासन सख्त, बिना अनुमति जुलूस पर रोक और DJ पर पूर्ण प्रतिबंध #KSRBiharNews #MahavirMela #Sugauli #MotihariNewsमहावीर मेला को लेकर सुगौली में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। शांति समिति की बैठक में मेला और जुलूस को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए। बिना अनुमति जुलूस निकालने पर रोक रहेगी और जुलूस में DJ के इस्तेमाल पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। पुलिस ने असामाजिक तत्वों और अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखने की बात कही है। साथ ही सोशल मीडिया पर भ्रामक या अफवाह वाली पोस्ट शेयर करने से बचने की अपील की गई है। देखिए पूरी खबर सिर्फ KSR Bihar News पर। #KSRBiharNews #MahavirMela #Sugauli #MotihariNews #BiharNews #EastChamparan #BiharPolice #BreakingNews1
- पूरे सुगौली में मना देश की आजादी का जश्न। तिरंगा झंडा से पटा कार्यालय,प्रतिष्ठान,घर, व्यवसायिक स्थल और वाहन।1
- *ब्रेकिंग न्यूज़ कुशीनगर ** *तमकुहीराज थाना क्षेत्र के लतवा मुरलीधर के पास नेशनल हाईवे पर अनियंत्रित कार पुलिया से टकराई एक की मौत दो लोग गंभीर*1
- 15 अगस्त पर दुदही के गर्ल्स स्कूल में नहीं फहरा तिरंगा" : मो. जयबुन निशा स्कूल पर उठे सवाल, प्रबंधन से मांगा जवाब दुदही, कुशीनगर 15, अगस्त 2026 को पूरा देश 80वां स्वतंत्रता दिवस उत्साह के साथ मना रहा था। सरकारी कार्यालयों से लेकर स्कूलों तक तिरंगा फहराकर शहीदों को नमन किया गया। लेकिन इसी बीच नगर पंचायत दुदही स्थित *मो. जयबुन निशा गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल हिंदी-इंग्लिश-उर्दू* में ध्वजारोहण न होने की खबर से सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों और अभिभावकों का कहना है कि पिछले वर्ष इसी स्कूल में स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराया गया था। ऐसे में इस बार राष्ट्रीय पर्व पर ध्वजारोहण न होने से कई सवाल उठ रहे हैं। *सबसे बड़े सवाल:* 1. आखिर इस बार स्कूल में 15 अगस्त के कार्यक्रम की कोई तैयारी क्यों नहीं की गई? 2. क्या स्कूल प्रबंधन ने ध्वजारोहण न करने का कोई निर्णय लिया था? 3. क्या इसके पीछे कोई प्रशासनिक या तकनीकी कारण था? 4. यदि कार्यक्रम नहीं हुआ तो क्या इसकी जानकारी शिक्षा विभाग या अभिभावकों को दी गई थी? 5. स्कूल में छात्राओं के लिए कोई सांस्कृतिक या देशभक्ति कार्यक्रम आयोजित हुआ या नहीं? ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल सिर्फ पढ़ाई का केंद्र नहीं होता। बच्चों में देशभक्ति और संविधान के प्रति सम्मान की भावना जगाने की जिम्मेदारी भी शिक्षण संस्थानों की ही है। ऐसे में राष्ट्रीय पर्व पर ध्वजारोहण न होना गंभीर मामला है। फिलहाल स्कूल प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रबंधन और शिक्षा विभाग इस पूरे मामले पर स्पष्टीकरण दें। यदि कोई वैध कारण है तो उसे सार्वजनिक किया जाए, और यदि लापरवाही हुई है तो जांच कर कार्रवाई हो। अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि *मो. जयबुन निशा गर्ल्स स्कूल प्रबंधन* इस मामले में क्या जवाब देता है।1
- नर्मदा के पवित्र पत्थर से बने शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा, बेतिया में उमड़ा आस्था का सैलाब बेतिया शहर के उत्तरवारी पोखरा स्थित पक्की फुलवारी, वार्ड नंबर-5 में इन दिनों आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। राधे कृष्ण सह नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर पूरा इलाका भगवान शिव के जयकारों और भक्ति गीतों से गूंज रहा है। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है और हर ओर धार्मिक उत्साह का माहौल बना हुआ है। इस मंदिर की सबसे खास पहचान यहां स्थापित नर्मदेश्वर शिवलिंग और नंदी हैं। बताया जा रहा है कि शिवलिंग और नंदी नर्मदा नदी से प्राप्त विशेष पत्थर से निर्मित हैं, जिन्हें मध्य प्रदेश के बाकावन गांव से लाया गया है। ऐसे में श्रद्धालुओं के लिए यह शिवलिंग केवल पूजा का केंद्र नहीं, बल्कि नर्मदा की पवित्र धारा से जुड़ी आस्था का प्रतीक भी है। मंदिर परिसर में भगवान शिव के साथ समस्त शिव परिवार की प्रतिमाएं भी स्थापित की गई हैं। वहीं मंदिर में स्थापित बजरंगबली, राधा-कृष्ण, शनिदेव समेत अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं राजस्थान के प्रसिद्ध मकराना पत्थर से निर्मित बताई जा रही हैं। इन प्रतिमाओं की आकर्षक बनावट और बारीक कारीगरी मंदिर की भव्यता को और बढ़ा रही है। एक ही परिसर में नर्मदेश्वर महादेव, शिव परिवार, राधा-कृष्ण, शनिदेव और बजरंगबली के दर्शन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। प्राण प्रतिष्ठा समारोह की शुरुआत भी बेहद भव्य तरीके से हुई। शनिवार को मंदिर परिसर से 551 कुआंरी कन्याओं और महिलाओं की भव्य कलश यात्रा निकाली गई। सिर पर कलश, चेहरे पर आस्था और जुबां पर भगवान के जयकारों के साथ निकली यह यात्रा देखते ही बन रही थी। कलश यात्रा मंदिर परिसर से निकलकर काली धाम मंदिर प्रांगण पहुंची, जहां विधि-विधान से पवित्र जल भरा गया। इसके बाद श्रद्धालु कलश में जल लेकर वापस राधे कृष्ण सह नर्मदेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे। पूरी यात्रा के दौरान धार्मिक जयघोष और भक्ति गीतों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। वहीं आज मंदिर परिसर में प्राण प्रतिष्ठा यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। इस विशेष धार्मिक अनुष्ठान के लिए वाराणसी से पांच आचार्य पहुंचे हैं, जिनके वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के बीच मंदिर में स्थापित देवी-देवताओं की प्राण प्रतिष्ठा कराई जा रही है। प्राण प्रतिष्ठा को लेकर मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है और श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी है। धार्मिक आयोजन को लेकर आज शाम 8 बजे से भव्य जागरण का भी आयोजन किया जाएगा। भजन और भक्ति गीतों के माध्यम से श्रद्धालु भगवान की आराधना करेंगे। दिनभर जहां मंदिर परिसर वैदिक मंत्रों से गूंजेगा, वहीं रात में भक्ति संगीत की मधुर धुनों से पूरा वातावरण आध्यात्मिक रंग में रंग जाएगा। प्राण प्रतिष्ठा समारोह का समापन कल शाम 4 बजे से आयोजित विशाल भंडारे के साथ होगा। आयोजकों की ओर से भंडारे की तैयारियां की जा रही हैं और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के इसमें शामिल होने की उम्मीद है। धार्मिक आयोजन की यही खूबसूरती है कि पूजा-पाठ के साथ यह लोगों को एक-दूसरे से जोड़ता है, साथ बैठने का अवसर देता है और प्रसाद के साथ अपनापन भी बांटता है। कुल मिलाकर, बेतिया के उत्तरवारी पोखरा में आयोजित राधे कृष्ण सह नर्मदेश्वर महादेव मंदिर का यह प्राण प्रतिष्ठा समारोह केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा, भक्ति और सामाजिक सहभागिता का संगम बनता दिखाई दे रहा है। नर्मदा नदी से प्राप्त पत्थर से निर्मित नर्मदेश्वर शिवलिंग और नंदी, राजस्थान के मकराना पत्थर से बनी देवी-देवताओं की आकर्षक प्रतिमाएं और वाराणसी से आए आचार्यों द्वारा कराया जा रहा प्राण प्रतिष्ठा यज्ञ इस मंदिर को एक विशेष धार्मिक पहचान दे रहा है। जब सैकड़ों महिलाएं और कुआंरी कन्याएं सिर पर कलश लेकर निकलती हैं, जब पूरा इलाका भगवान के जयकारों से गूंज उठता है और जब लोग आपसी भेदभाव से ऊपर उठकर एक साथ भक्ति के रंग में रंग जाते हैं, तो वह महज एक आयोजन नहीं रहता—बल्कि आस्था की ऐसी तस्वीर बन जाता है, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाता है। राधे कृष्ण सह नर्मदेश्वर महादेव मंदिर का यह प्राण प्रतिष्ठा समारोह भी बेतिया में ऐसी ही आध्यात्मिक और यादगार तस्वीर पेश कर रहा है।1