logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

विश्रामपु मैं माइंस खुलने वाला था इस कारण गांव की एक कट्ठा होकर पुलिस वाले को लाठी चार्ज करें विश्रामपुर में माइंस खुलने वाला था इस कारण गांव वाली इकट्ठा होकर पुलिस के ऊपर रिचार्ज किया

5 hrs ago
user_गांव के जवान
गांव के जवान
Vegetable Farmer शंकरगढ़, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
5 hrs ago

विश्रामपु मैं माइंस खुलने वाला था इस कारण गांव की एक कट्ठा होकर पुलिस वाले को लाठी चार्ज करें विश्रामपुर में माइंस खुलने वाला था इस कारण गांव वाली इकट्ठा होकर पुलिस के ऊपर रिचार्ज किया

More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
  • शिक्षक पर अभद्र व्यवहार सहित गंभीर आरोप,शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं, बलरामपुर शिक्षक पर गंभीर आरोप,शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं, बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर विकासखंड के शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल पेंडारी में पदस्थ शिक्षक शिवा यादव पर छात्राओं से अभद्र व्यवहार और आपत्तिजनक टिप्पणी करने के गंभीर आरोप लगे हैं। परिजनों ने आयुक्त कार्यालय तक शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। नाराज अभिभावकों ने चेतावनी दी है कि कार्रवाई होने तक वे अपनी बेटियों को स्कूल नहीं भेजेंगे। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव का कहना है कि शिकायत अभी तक उनके संज्ञान में नहीं आई है।जबकी लिखित में शिकायत इन्हें दी गई है।
    2
    शिक्षक पर अभद्र व्यवहार सहित गंभीर आरोप,शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं,

बलरामपुर 
शिक्षक पर गंभीर आरोप,शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं,
बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर विकासखंड के शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल पेंडारी में पदस्थ शिक्षक शिवा यादव पर छात्राओं से अभद्र व्यवहार और आपत्तिजनक टिप्पणी करने के गंभीर आरोप लगे हैं। परिजनों ने आयुक्त कार्यालय तक शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। नाराज अभिभावकों ने चेतावनी दी है कि कार्रवाई होने तक वे अपनी बेटियों को स्कूल नहीं भेजेंगे। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव का कहना है कि शिकायत अभी तक उनके संज्ञान में नहीं आई है।जबकी लिखित में शिकायत इन्हें दी गई है।
    user_Balrampur
    Balrampur
    Local News Reporter बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    25 min ago
  • सीतापुर में बढ़ती चोरी की घटनाओं पर व्यापारी संघ ने जताई नाराजगी, 30 जुलाई तक कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी सीतापुर, 29 जुलाई। नगर में लगातार बढ़ रही चोरी और उठाईगिरी की घटनाओं से नाराज व्यापारी संघ सीतापुर ने पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। व्यापारी संघ ने चेतावनी दी है कि यदि 30 जुलाई 2026 तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो 31 जुलाई से व्यापारी आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। व्यापारी संघ के अध्यक्ष द्वारा थाना प्रभारी सीतापुर को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि नगर पंचायत क्षेत्र में लगातार चोरी एवं उठाईगिरी की घटनाएं हो रही हैं। 26 जुलाई 2026 को हुई बड़ी वारदात के बाद भी अब तक पुलिस के हाथ कोई ठोस सफलता नहीं लगी है। इससे व्यापारियों में भय और असुरक्षा का माहौल है तथा अपराधियों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि यदि समय रहते आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की गई तो भविष्य में भी इस प्रकार की घटनाएं दोहराई जा सकती हैं। व्यापारी संघ ने प्रशासन से मांग की है कि मामले में तत्काल प्रभावी कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए तथा चोरी गए माल की बरामदगी सुनिश्चित की जाए। व्यापारी संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि 30 जुलाई तक कार्रवाई नहीं होती है तो 31 जुलाई 2026 से सीतापुर नगर के व्यापारी चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी। ज्ञापन की प्रतिलिपि अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस), सीतापुर को भी भेजी गई है। व्यापारी संघ ने पुलिस प्रशासन से व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और नगर में कानून-व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
    2
    सीतापुर में बढ़ती चोरी की घटनाओं पर व्यापारी संघ ने जताई नाराजगी, 30 जुलाई तक कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी

सीतापुर, 29 जुलाई। नगर में लगातार बढ़ रही चोरी और उठाईगिरी की घटनाओं से नाराज व्यापारी संघ सीतापुर ने पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। व्यापारी संघ ने चेतावनी दी है कि यदि 30 जुलाई 2026 तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो 31 जुलाई से व्यापारी आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
व्यापारी संघ के अध्यक्ष द्वारा थाना प्रभारी सीतापुर को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि नगर पंचायत क्षेत्र में लगातार चोरी एवं उठाईगिरी की घटनाएं हो रही हैं। 26 जुलाई 2026 को हुई बड़ी वारदात के बाद भी अब तक पुलिस के हाथ कोई ठोस सफलता नहीं लगी है। इससे व्यापारियों में भय और असुरक्षा का माहौल है तथा अपराधियों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं।
ज्ञापन में कहा गया है कि यदि समय रहते आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की गई तो भविष्य में भी इस प्रकार की घटनाएं दोहराई जा सकती हैं। व्यापारी संघ ने प्रशासन से मांग की है कि मामले में तत्काल प्रभावी कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए तथा चोरी गए माल की बरामदगी सुनिश्चित की जाए।
व्यापारी संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि 30 जुलाई तक कार्रवाई नहीं होती है तो 31 जुलाई 2026 से सीतापुर नगर के व्यापारी चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी।
ज्ञापन की प्रतिलिपि अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस), सीतापुर को भी भेजी गई है। व्यापारी संघ ने पुलिस प्रशासन से व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और नगर में कानून-व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
    user_Sunil Gupta
    Sunil Gupta
    Advertising agency सीतापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
  • PM Modi in Sikkim: राज्यत्व स्वर्ण जयंती समारोह में बोले– सिक्किम भारत की प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहर 🇮🇳 सिक्किम के 50वें राज्यत्व वर्ष के समापन समारोह में शामिल हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिक्किम के 50वें राज्यत्व वर्ष के समापन समारोह में भाग लेते हुए राज्य की समृद्ध संस्कृति, प्राकृतिक विरासत और विकास यात्रा की सराहना की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के संकल्प में सिक्किम की महत्वपूर्ण भूमिका है। पर्यटन, कनेक्टिविटी और आधारभूत संरचना को नई गति देने वाली विकास परियोजनाओं पर भी जोर दिया गया। 🌿 सिक्किम की गौरवशाली यात्रा को नमन, विकास के नए अध्याय की ओर एक और मजबूत कदम। #PMModi #Sikkim #Statehood50 #ViksitBharat2047 #Gangtok #Development #NewIndia #भारत #NarendraModi #PradeshKhabarNetwork
    1
    PM Modi in Sikkim: राज्यत्व स्वर्ण जयंती समारोह में बोले– सिक्किम भारत की प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहर
🇮🇳 सिक्किम के 50वें राज्यत्व वर्ष के समापन समारोह में शामिल हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिक्किम के 50वें राज्यत्व वर्ष के समापन समारोह में भाग लेते हुए राज्य की समृद्ध संस्कृति, प्राकृतिक विरासत और विकास यात्रा की सराहना की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के संकल्प में सिक्किम की महत्वपूर्ण भूमिका है। पर्यटन, कनेक्टिविटी और आधारभूत संरचना को नई गति देने वाली विकास परियोजनाओं पर भी जोर दिया गया।
🌿 सिक्किम की गौरवशाली यात्रा को नमन, विकास के नए अध्याय की ओर एक और मजबूत कदम।
#PMModi #Sikkim #Statehood50 #ViksitBharat2047 #Gangtok #Development #NewIndia #भारत #NarendraModi #PradeshKhabarNetwork
    user_Pradesh Khabar News Network
    Pradesh Khabar News Network
    Media company अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
  • उपायुक्त की अध्यक्षता में आयोजित हुआ साप्ताहिक जन शिकायत निवारण दिवस, विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे आवेदकों की समस्याएं सुनी गईं, त्वरित कार्रवाई के दिए निर्देश गुमला: उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में मंगलवार को समाहरणालय सभागार में साप्ताहिक जन शिकायत निवारण दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए बड़ी संख्या में नागरिकों ने अपनी व्यक्तिगत, राजस्व, विधि-व्यवस्था, सेवा, सामाजिक सुरक्षा, मुआवजा, रोजगार एवं अन्य जनहित से जुड़े मामलों को लेकर आवेदन उपायुक्त के समक्ष प्रस्तुत किए। उपायुक्त ने सभी मामलों को गंभीरतापूर्वक सुनते हुए संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को नियमानुसार त्वरित जांच एवं आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जन शिकायत निवारण दिवस के दौरान विशुनपुर प्रखंड के ग्राम सुरसा निवासी के एक आवेदक ने भूमि विवाद को लेकर अज्ञात व्यक्तियों द्वारा जान से मारने की धमकी दिए जाने तथा अपने एवं परिवार की सुरक्षा उपलब्ध कराने संबंधी आवेदन समर्पित किया। उन्होंने बताया कि विवादित भूमि पर कार्य कराने को लेकर उन्हें फोन पर गंभीर धमकी दी गई है तथा पूर्व में भी उन पर जानलेवा हमला हो चुका है। उपायुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस विभाग को आवेदन की जांच कर विधिसम्मत कार्रवाई करने तथा आवेदक की सुरक्षा संबंधी आवश्यक पहल सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। कामडारा प्रखंड के ग्राम जरिया निवासी अनिकान्त प्यारेलाल ओहदार ने माननीय झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा पारित अंतरिम आदेश के आलोक में उनके हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के पेट्रोल पंप से संबंधित लंबित प्रशासनिक कार्रवाई पूर्ण कराने का अनुरोध किया। उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को न्यायालय के आदेश का परीक्षण कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। घाघरा प्रखंड के ग्राम बर्राग निवासी निरंजन महतो ने स्वयं को शिक्षित बेरोजगार बताते हुए रोजगार उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। उन्होंने किसी भी उपयुक्त पद पर नियुक्ति अथवा रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की। रायडीह प्रखंड के ग्राम परसा निवासी लोलस तिर्की ने राष्ट्रीय राजमार्ग-43 के लिए अधिग्रहित भूमि के मुआवजा भुगतान में अपने हिस्से से वंचित किए जाने तथा संबंधित लोगों द्वारा धमकी दिए जाने की शिकायत दर्ज कराई। उपायुक्त ने जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को पूरे मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। बिहार के पटना निवासी नजमा खातून ने अपने पति, जो पालकोट प्रखंड कार्यालय में सहायक उर्दू अनुवादक के पद से सेवानिवृत्त हुए थे, के परिवार से अलग रहने एवं परिवार के समक्ष उत्पन्न आर्थिक संकट से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किया। उपायुक्त ने संबंधित विभाग को मामले की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। रायडीह प्रखंड के जनसेवक (वीएलडब्ल्यू) गनु शांति एक्का के पुत्र आशित एक्का ने अपने पिता की गंभीर बीमारी के बाद योगदान एवं लंबित वेतन से संबंधित समस्या को लेकर आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि आवश्यक आदेश प्राप्त होने के बावजूद उन्हें अब तक योगदान नहीं कराया जा रहा है, जिससे वेतन भी लंबित है और परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहा है। उपायुक्त ने संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को मामले का परीक्षण कर नियमानुसार शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। गुमला प्रखंड के घटगांव पंचायत अंतर्गत पहाड़ पनारी निवासी संजय नायक ने अपनी पत्नी, जो सहिया के पद पर कार्यरत थीं, के निधन के बाद तीन पुत्रियों के पालन-पोषण एवं शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता तथा सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। इसके अतिरिक्त विभिन्न प्रखंडों से आए आवेदकों द्वारा भूमि विवाद, राजस्व अभिलेखों में सुधार, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति, सड़क निर्माण, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, प्रमाण-पत्र निर्गत करने, रोजगार, मुआवजा भुगतान एवं अन्य जनहित से जुड़े मामलों में भी आवेदन प्रस्तुत किए गए। उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने कहा कि साप्ताहिक जन शिकायत निवारण दिवस आम नागरिकों और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि प्राप्त प्रत्येक आवेदन का निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से परीक्षण कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों के निष्पादन में अनावश्यक विलंब न हो तथा प्रत्येक पात्र व्यक्ति को नियमानुसार लाभ एवं न्याय उपलब्ध कराया जाए। जन शिकायत निवारण दिवस के दौरान विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
    4
    उपायुक्त की अध्यक्षता में आयोजित हुआ साप्ताहिक जन शिकायत निवारण दिवस, विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे आवेदकों की समस्याएं सुनी गईं, त्वरित कार्रवाई के दिए निर्देश

गुमला: उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में मंगलवार को समाहरणालय सभागार में साप्ताहिक जन शिकायत निवारण दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए बड़ी संख्या में नागरिकों ने अपनी व्यक्तिगत, राजस्व, विधि-व्यवस्था, सेवा, सामाजिक सुरक्षा, मुआवजा, रोजगार एवं अन्य जनहित से जुड़े मामलों को लेकर आवेदन उपायुक्त के समक्ष प्रस्तुत किए। उपायुक्त ने सभी मामलों को गंभीरतापूर्वक सुनते हुए संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को नियमानुसार त्वरित जांच एवं आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जन शिकायत निवारण दिवस के दौरान विशुनपुर प्रखंड के ग्राम सुरसा निवासी के एक आवेदक ने भूमि विवाद को लेकर अज्ञात व्यक्तियों द्वारा जान से मारने की धमकी दिए जाने तथा अपने एवं परिवार की सुरक्षा उपलब्ध कराने संबंधी आवेदन समर्पित किया। उन्होंने बताया कि विवादित भूमि पर कार्य कराने को लेकर उन्हें फोन पर गंभीर धमकी दी गई है तथा पूर्व में भी उन पर जानलेवा हमला हो चुका है। उपायुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस विभाग को आवेदन की जांच कर विधिसम्मत कार्रवाई करने तथा आवेदक की सुरक्षा संबंधी आवश्यक पहल सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
कामडारा प्रखंड के ग्राम जरिया निवासी अनिकान्त प्यारेलाल ओहदार ने माननीय झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा पारित अंतरिम आदेश के आलोक में उनके हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के पेट्रोल पंप से संबंधित लंबित प्रशासनिक कार्रवाई पूर्ण कराने का अनुरोध किया। उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को न्यायालय के आदेश का परीक्षण कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
घाघरा प्रखंड के ग्राम बर्राग निवासी निरंजन महतो ने स्वयं को शिक्षित बेरोजगार बताते हुए रोजगार उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। उन्होंने किसी भी उपयुक्त पद पर नियुक्ति अथवा रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की। 
रायडीह प्रखंड के ग्राम परसा निवासी लोलस तिर्की ने राष्ट्रीय राजमार्ग-43 के लिए अधिग्रहित भूमि के मुआवजा भुगतान में अपने हिस्से से वंचित किए जाने तथा संबंधित लोगों द्वारा धमकी दिए जाने की शिकायत दर्ज कराई। उपायुक्त ने जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को पूरे मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
बिहार के पटना निवासी नजमा खातून ने अपने पति, जो पालकोट प्रखंड कार्यालय में सहायक उर्दू अनुवादक के पद से सेवानिवृत्त हुए थे, के परिवार से अलग रहने एवं परिवार के समक्ष उत्पन्न आर्थिक संकट से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किया। उपायुक्त ने संबंधित विभाग को मामले की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
रायडीह प्रखंड के जनसेवक (वीएलडब्ल्यू) गनु शांति एक्का के पुत्र आशित एक्का ने अपने पिता की गंभीर बीमारी के बाद योगदान एवं लंबित वेतन से संबंधित समस्या को लेकर आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि आवश्यक आदेश प्राप्त होने के बावजूद उन्हें अब तक योगदान नहीं कराया जा रहा है, जिससे वेतन भी लंबित है और परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहा है। उपायुक्त ने संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को मामले का परीक्षण कर नियमानुसार शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
गुमला प्रखंड के घटगांव पंचायत अंतर्गत पहाड़ पनारी निवासी संजय नायक ने अपनी पत्नी, जो सहिया के पद पर कार्यरत थीं, के निधन के बाद तीन पुत्रियों के पालन-पोषण एवं शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता तथा सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। 
इसके अतिरिक्त विभिन्न प्रखंडों से आए आवेदकों द्वारा भूमि विवाद, राजस्व अभिलेखों में सुधार, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति, सड़क निर्माण, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, प्रमाण-पत्र निर्गत करने, रोजगार, मुआवजा भुगतान एवं अन्य जनहित से जुड़े मामलों में भी आवेदन प्रस्तुत किए गए।
उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने कहा कि साप्ताहिक जन शिकायत निवारण दिवस आम नागरिकों और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि प्राप्त प्रत्येक आवेदन का निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से परीक्षण कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों के निष्पादन में अनावश्यक विलंब न हो तथा प्रत्येक पात्र व्यक्ति को नियमानुसार लाभ एवं न्याय उपलब्ध कराया जाए।
जन शिकायत निवारण दिवस के दौरान विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
    user_राहुल कुमार
    राहुल कुमार
    Local News Reporter चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    23 hrs ago
  • लैलूंगा के युवा नेता रवि भगत ने राजपुर में आयोजित साइकिल वितरण कार्यक्रम के दौरान साइकिलों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए वितरण रुकवा दिया। विवाद बढ़ने पर मौके पर पुलिस बुलानी पड़ी और पुलिस ने उन्हें कार्यक्रम स्थल से हटाया। 🚨 साइकिल वितरण कार्यक्रम में हंगामा! लैलूंगा के युवा नेता रवि भगत ने राजपुर में आयोजित साइकिल वितरण कार्यक्रम के दौरान साइकिलों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए वितरण रुकवा दिया। विवाद बढ़ने पर मौके पर पुलिस बुलानी पड़ी और पुलिस ने उन्हें कार्यक्रम स्थल से हटाया। 🎥 देखिए, आखिर पूरा मामला क्या है... 📍 राजपुर | छत्तीसगढ़ #JashpurTimes #RaviBhagat #Rajpur #Raigarh #CycleDistribution #Chhattisgarh #BreakingNews #PoliticalNews #Reels #SachSabTak
    1
    लैलूंगा के युवा नेता रवि भगत ने राजपुर में आयोजित साइकिल वितरण कार्यक्रम के दौरान साइकिलों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए वितरण रुकवा दिया। विवाद बढ़ने पर मौके पर पुलिस बुलानी पड़ी और पुलिस ने उन्हें कार्यक्रम स्थल से हटाया।
🚨 साइकिल वितरण कार्यक्रम में हंगामा!
लैलूंगा के युवा नेता रवि भगत ने राजपुर में आयोजित साइकिल वितरण कार्यक्रम के दौरान साइकिलों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए वितरण रुकवा दिया। विवाद बढ़ने पर मौके पर पुलिस बुलानी पड़ी और पुलिस ने उन्हें कार्यक्रम स्थल से हटाया।
🎥 देखिए, आखिर पूरा मामला क्या है...
📍 राजपुर | छत्तीसगढ़
#JashpurTimes #RaviBhagat #Rajpur #Raigarh #CycleDistribution #Chhattisgarh #BreakingNews #PoliticalNews #Reels #SachSabTak
    user_Ibnul khan
    Ibnul khan
    Media house Kansabel, Jashpur•
    12 hrs ago
  • ग्राम पंचायत चंद्रनगर में विकास के नाम पर बड़ा खेल? नाममात्र मुरम, अभिलेखों में 1320 ट्रैक्टर का बिल होने का आरोप; पहली बारिश में खुली गुणवत्ता की पोल बलरामपुर। जिले की ग्राम पंचायत चंद्रनगर में सड़क मुरमीकरण कार्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बरसात के दौरान ग्रामीणों को कीचड़ और जलभराव से राहत दिलाने के उद्देश्य से कराए गए इस कार्य में बड़े पैमाने पर अनियमितता के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मौके पर बेहद कम मात्रा में मुरम डाली गई, जबकि पंचायत के अभिलेखों में लगभग 1320 ट्रैक्टर मुरम का बिल तैयार किए जाने की चर्चा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। ग्रामीणों के अनुसार सड़क पर वास्तविक रूप से केवल 100 से 150 ट्रैक्टर मुरम अथवा मिट्टी डालकर कार्य पूरा दर्शा दिया गया। उनका कहना है कि यदि संबंधित विभाग पंचायत के अभिलेखों, भुगतान विवरण और मौके की वास्तविक स्थिति का मिलान कराए तो पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकती है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी राशि का दुरुपयोग करने के उद्देश्य से कागजों में अधिक मात्रा में मुरम दर्शाई गई। पहली ही बारिश में बह गई मुरम ग्रामीणों का कहना है कि मुरमीकरण कार्य की गुणवत्ता पहली ही बारिश में उजागर हो गई। सड़क पर डाली गई मुरम और मिट्टी बारिश के पानी के साथ बह गई, जिससे पूरा मार्ग कीचड़ और दलदल में तब्दील हो गया। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं और आवागमन अत्यंत कठिन हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि पैदल चलने वाले लोगों, स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों को प्रतिदिन भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर वाहन फिसलने की घटनाएं भी सामने आई हैं। लोगों का कहना है कि जिस सड़क से बरसात में राहत मिलने की उम्मीद थी, वही अब दुर्घटनाओं का कारण बनती जा रही है। ग्रामीणों के लिए बढ़ी मुश्किलें ग्रामीणों का कहना है कि यह गांव का प्रमुख संपर्क मार्ग है, जिससे प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग मुख्य सड़क तक पहुंचते हैं। बरसात के दिनों में मरीजों, गर्भवती महिलाओं, स्कूली बच्चों तथा अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों को अस्पताल और मुख्य मार्ग तक पहुंचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार कीचड़ और जलभराव के कारण वाहन बीच रास्ते में फंस जाते हैं, जिससे समय पर उपचार और आवश्यक सेवाएं प्रभावित होती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विकास कार्यों पर लाखों रुपये खर्च किए जाने का दावा किया जाता है, लेकिन धरातल पर उसका लाभ दिखाई नहीं देता। उनका आरोप है कि यदि कार्य गुणवत्तापूर्ण ढंग से कराया गया होता तो पहली ही बारिश में सड़क की यह स्थिति नहीं होती। पंचायत की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल ग्रामीणों ने पंचायत की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि ग्राम सभा और आम सभा की बैठकें नियमित रूप से आयोजित नहीं की जातीं तथा विकास कार्यों के संबंध में ग्रामीणों की राय नहीं ली जाती। उनका कहना है कि पंचायत के सचिव, सरपंच के पुत्र तथा कुछ चुनिंदा लोगों द्वारा अधिकांश निर्णय लिए जाते हैं, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत स्तर पर होने वाले विकास कार्यों की जानकारी भी आम लोगों तक समय पर नहीं पहुंचती। यदि कार्यों का प्रस्ताव, स्वीकृत राशि और खर्च का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए तो पारदर्शिता बढ़ेगी और विवाद की स्थिति भी नहीं बनेगी। प्रशासनिक कार्रवाई की मांग तेज ग्रामीणों के अनुसार जब कथित अनियमितताओं की जानकारी प्रशासन तक पहुंची तो जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) ने संबंधित मुरमीकरण कार्य की भुगतान राशि पर रोक लगा दी। हालांकि, इस संबंध में प्रशासन की ओर से आधिकारिक पुष्टि प्राप्त नहीं हो सकी है। ग्रामीणों का कहना है कि अब केवल भुगतान रोकना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरे मामले की तकनीकी और वित्तीय जांच कराई जानी चाहिए। उनका कहना है कि कार्य में प्रयुक्त सामग्री, माप पुस्तिका (एमबी), भुगतान अभिलेख, परिवहन संबंधी दस्तावेज तथा अन्य रिकॉर्ड की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वास्तव में कितनी मात्रा में मुरम डाली गई और सरकारी धन का उपयोग नियमानुसार हुआ या नहीं। उच्च स्तरीय जांच की मांग ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने, सड़क मुरमीकरण कार्य का भौतिक सत्यापन कराने तथा पंचायत के सभी संबंधित अभिलेखों की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में अनियमितता या वित्तीय गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उनका मानना है कि निष्पक्ष जांच से न केवल इस मामले की सच्चाई सामने आएगी, बल्कि भविष्य में विकास कार्यों में होने वाली संभावित अनियमितताओं पर भी अंकुश लगाया जा सकेगा। फिलहाल पूरे मामले पर ग्रामीणों की नजर जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सड़क मुरमीकरण कार्य में लगाए गए आरोप कितने सही हैं और यदि अनियमितता हुई है तो उसके लिए जिम्मेदार कौन है।
    2
    ग्राम पंचायत चंद्रनगर में विकास के नाम पर बड़ा खेल? नाममात्र मुरम, अभिलेखों में 1320 ट्रैक्टर का बिल होने का आरोप; पहली बारिश में खुली गुणवत्ता की पोल
बलरामपुर। जिले की ग्राम पंचायत चंद्रनगर में सड़क मुरमीकरण कार्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बरसात के दौरान ग्रामीणों को कीचड़ और जलभराव से राहत दिलाने के उद्देश्य से कराए गए इस कार्य में बड़े पैमाने पर अनियमितता के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मौके पर बेहद कम मात्रा में मुरम डाली गई, जबकि पंचायत के अभिलेखों में लगभग 1320 ट्रैक्टर मुरम का बिल तैयार किए जाने की चर्चा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
ग्रामीणों के अनुसार सड़क पर वास्तविक रूप से केवल 100 से 150 ट्रैक्टर मुरम अथवा मिट्टी डालकर कार्य पूरा दर्शा दिया गया। उनका कहना है कि यदि संबंधित विभाग पंचायत के अभिलेखों, भुगतान विवरण और मौके की वास्तविक स्थिति का मिलान कराए तो पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकती है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी राशि का दुरुपयोग करने के उद्देश्य से कागजों में अधिक मात्रा में मुरम दर्शाई गई।
पहली ही बारिश में बह गई मुरम
ग्रामीणों का कहना है कि मुरमीकरण कार्य की गुणवत्ता पहली ही बारिश में उजागर हो गई। सड़क पर डाली गई मुरम और मिट्टी बारिश के पानी के साथ बह गई, जिससे पूरा मार्ग कीचड़ और दलदल में तब्दील हो गया। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं और आवागमन अत्यंत कठिन हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि पैदल चलने वाले लोगों, स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों को प्रतिदिन भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर वाहन फिसलने की घटनाएं भी सामने आई हैं। लोगों का कहना है कि जिस सड़क से बरसात में राहत मिलने की उम्मीद थी, वही अब दुर्घटनाओं का कारण बनती जा रही है।
ग्रामीणों के लिए बढ़ी मुश्किलें
ग्रामीणों का कहना है कि यह गांव का प्रमुख संपर्क मार्ग है, जिससे प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग मुख्य सड़क तक पहुंचते हैं। बरसात के दिनों में मरीजों, गर्भवती महिलाओं, स्कूली बच्चों तथा अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों को अस्पताल और मुख्य मार्ग तक पहुंचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार कीचड़ और जलभराव के कारण वाहन बीच रास्ते में फंस जाते हैं, जिससे समय पर उपचार और आवश्यक सेवाएं प्रभावित होती हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि विकास कार्यों पर लाखों रुपये खर्च किए जाने का दावा किया जाता है, लेकिन धरातल पर उसका लाभ दिखाई नहीं देता। उनका आरोप है कि यदि कार्य गुणवत्तापूर्ण ढंग से कराया गया होता तो पहली ही बारिश में सड़क की यह स्थिति नहीं होती।
पंचायत की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
ग्रामीणों ने पंचायत की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि ग्राम सभा और आम सभा की बैठकें नियमित रूप से आयोजित नहीं की जातीं तथा विकास कार्यों के संबंध में ग्रामीणों की राय नहीं ली जाती। उनका कहना है कि पंचायत के सचिव, सरपंच के पुत्र तथा कुछ चुनिंदा लोगों द्वारा अधिकांश निर्णय लिए जाते हैं, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत स्तर पर होने वाले विकास कार्यों की जानकारी भी आम लोगों तक समय पर नहीं पहुंचती। यदि कार्यों का प्रस्ताव, स्वीकृत राशि और खर्च का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए तो पारदर्शिता बढ़ेगी और विवाद की स्थिति भी नहीं बनेगी।
प्रशासनिक कार्रवाई की मांग तेज
ग्रामीणों के अनुसार जब कथित अनियमितताओं की जानकारी प्रशासन तक पहुंची तो जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) ने संबंधित मुरमीकरण कार्य की भुगतान राशि पर रोक लगा दी। हालांकि, इस संबंध में प्रशासन की ओर से आधिकारिक पुष्टि प्राप्त नहीं हो सकी है।
ग्रामीणों का कहना है कि अब केवल भुगतान रोकना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरे मामले की तकनीकी और वित्तीय जांच कराई जानी चाहिए। उनका कहना है कि कार्य में प्रयुक्त सामग्री, माप पुस्तिका (एमबी), भुगतान अभिलेख, परिवहन संबंधी दस्तावेज तथा अन्य रिकॉर्ड की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वास्तव में कितनी मात्रा में मुरम डाली गई और सरकारी धन का उपयोग नियमानुसार हुआ या नहीं।
उच्च स्तरीय जांच की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने, सड़क मुरमीकरण कार्य का भौतिक सत्यापन कराने तथा पंचायत के सभी संबंधित अभिलेखों की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में अनियमितता या वित्तीय गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उनका मानना है कि निष्पक्ष जांच से न केवल इस मामले की सच्चाई सामने आएगी, बल्कि भविष्य में विकास कार्यों में होने वाली संभावित अनियमितताओं पर भी अंकुश लगाया जा सकेगा।
फिलहाल पूरे मामले पर ग्रामीणों की नजर जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सड़क मुरमीकरण कार्य में लगाए गए आरोप कितने सही हैं और यदि अनियमितता हुई है तो उसके लिए जिम्मेदार कौन है।
    user_Balrampur
    Balrampur
    Local News Reporter बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
  • विश्रामपु मैं माइंस खुलने वाला था इस कारण गांव की एक कट्ठा होकर पुलिस वाले को लाठी चार्ज करें विश्रामपुर में माइंस खुलने वाला था इस कारण गांव वाली इकट्ठा होकर पुलिस के ऊपर रिचार्ज किया
    1
    विश्रामपु मैं माइंस खुलने वाला था इस कारण गांव की एक कट्ठा होकर पुलिस वाले को लाठी चार्ज करें
विश्रामपुर में माइंस खुलने वाला था इस कारण गांव वाली इकट्ठा होकर पुलिस के ऊपर रिचार्ज किया
    user_गांव के जवान
    गांव के जवान
    Vegetable Farmer शंकरगढ़, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    5 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.