मधुबनी जिले के बिसफी क्षेत्र में विकास की राह में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है, जहाँ विधायक माधव आनंद ने एक नई विकास योजना का विधिवत शिलान्यास किया। इस पहल से क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई है, जिन्होंने इस कदम का गर्मजोशी से स्वागत किया है। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। विधायक माधव आनंद ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि वे क्षेत्र के समग्र विकास के लिए लगातार प्रयासरत हैं और जनता की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास योजनाओं को जमीनी स्तर पर उतारा जा रहा है। उन्होंने दृढ़ विश्वास व्यक्त किया कि इस योजना के पूर्ण होने से स्थानीय निवासियों को सीधा लाभ मिलेगा और इससे क्षेत्र की मूलभूत सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार आएगा। शिलान्यास के इस कार्यक्रम के बाद पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल देखा जा रहा है। लोगों ने विधायक के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इस विकासात्मक पहल की सराहना की है, जो उनके क्षेत्र के लिए एक नई उम्मीद लेकर आई है।
मधुबनी जिले के बिसफी क्षेत्र में विकास की राह में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है, जहाँ विधायक माधव आनंद ने एक नई विकास योजना का विधिवत शिलान्यास किया। इस पहल से क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई है, जिन्होंने इस कदम का गर्मजोशी से स्वागत किया है। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। विधायक माधव आनंद ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि वे क्षेत्र के समग्र विकास के लिए लगातार प्रयासरत हैं और जनता की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास योजनाओं को जमीनी स्तर पर उतारा जा रहा है। उन्होंने दृढ़ विश्वास व्यक्त किया कि इस योजना के पूर्ण होने से स्थानीय निवासियों को सीधा लाभ मिलेगा और इससे क्षेत्र की मूलभूत सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार आएगा। शिलान्यास के इस कार्यक्रम के बाद पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल देखा जा रहा है। लोगों ने विधायक के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इस विकासात्मक पहल की सराहना की है, जो उनके क्षेत्र के लिए एक नई उम्मीद लेकर आई है।
- मधुबनी जिले के बिसफी क्षेत्र में विकास की राह में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है, जहाँ विधायक माधव आनंद ने एक नई विकास योजना का विधिवत शिलान्यास किया। इस पहल से क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई है, जिन्होंने इस कदम का गर्मजोशी से स्वागत किया है। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। विधायक माधव आनंद ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि वे क्षेत्र के समग्र विकास के लिए लगातार प्रयासरत हैं और जनता की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास योजनाओं को जमीनी स्तर पर उतारा जा रहा है। उन्होंने दृढ़ विश्वास व्यक्त किया कि इस योजना के पूर्ण होने से स्थानीय निवासियों को सीधा लाभ मिलेगा और इससे क्षेत्र की मूलभूत सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार आएगा। शिलान्यास के इस कार्यक्रम के बाद पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल देखा जा रहा है। लोगों ने विधायक के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इस विकासात्मक पहल की सराहना की है, जो उनके क्षेत्र के लिए एक नई उम्मीद लेकर आई है।1
- मधुबनी नगर निगम के वार्ड नंबर 44 में बिजली के खंभों पर लाइटें लगाने का काम शुरू हो गया है, जिससे क्षेत्र के लोगों को अंधेरे से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, यह वार्ड नगर निगम का एक विस्तारित क्षेत्र है जहाँ अभी तक केवल लाइटें ही देखने को मिली हैं और सड़कों का निर्माण नहीं हुआ है। खासकर, दुमंथा से जलधारी चौक जाने वाली सड़क पूरी तरह खराब हो चुकी है, जिससे लोगों को उस पर चलना मुश्किल हो गया है। एमडी इकबाल ने इस संबंध में बताया कि फिलहाल लाइटें लगाई जा रही हैं और आने वाले समय में नल-जल योजना के तहत पाइप बिछाने का काम भी शुरू होगा, जिसके बाद सड़कों का निर्माण भी किया जाएगा। लेकिन सड़कों की इस खराब हालत के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनके मन में गहरा आक्रोश उबल रहा है।4
- बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के काँटी मधुबन में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक नाती ने अपनी ही नानी को ठग लिया है। आरोप है कि नाती ने धोखे से अपनी नानी की करोड़ों रुपये की संपत्ति अपने नाम पर रजिस्ट्री करवा ली। इस धोखाधड़ी के कारण बुजुर्ग नानी अपनी करोड़ों की ज़मीन से वंचित हो गई हैं।1
- मुहर्रम-2026 के मद्देनजर मधुबनी जिले के अंधराठाढ़ी में प्रशासन पूरी तरह सतर्क और सक्रिय दिखाई दे रहा है। आगामी मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और भाईचारे के वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से, शनिवार को अंधराठाढ़ी थाना परिसर में शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, मुहर्रम कमेटी के सदस्यों और क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। बैठक के दौरान, प्रशासन ने पर्व को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं।1
- पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एडीजी लॉ एंड ऑर्डर सुधांशु कुमार ने भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर पुलिस का आधिकारिक पक्ष और अब तक की गई कार्रवाई की पूरी जानकारी साझा की है। एडीजी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पुलिस के लिए एनकाउंटर कभी भी कोई बड़ी उपलब्धि नहीं होती, लेकिन जब पुलिसकर्मियों की जान पर खतरा मंडरा रहा हो, तो आत्मरक्षा यानी सेल्फ डिफेंस में कानून के तहत गोली चलाने का अधिकार पुलिस के पास सुरक्षित है। इस पूरे मामले में पुलिस की शुरुआती लापरवाही को लेकर भी बड़ा एक्शन लिया गया है। एडीजी ने बताया कि 16 तारीख को जब पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे थे, तब अभियुक्त को ठीक से नियंत्रित नहीं किया जा सका, जो एक गंभीर लापरवाही थी। इस आरोप में एक एसएचओ (थाना प्रभारी), दो सब-इंस्पेक्टर, एक एएसआई और एक कॉन्स्टेबल को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसमें दो एफआईआर (नंबर 169/26 और 170/26) दर्ज की गई हैं। पुलिस मुख्यालय के स्तर से डीआईजी शाहाबाद को इस पूरे मामले के पर्यवेक्षण और वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए अधिकृत किया गया है, जो एफएसएल और आधुनिक तकनीकों की मदद से जांच को आगे बढ़ाएंगे। इसके साथ ही, मामले में पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए हाईकोर्ट के एक रिटायर्ड जस्टिस की अध्यक्षता में एक न्यायिक जांच आयोग का भी गठन किया गया है। चूंकि यह मामला अब पूरी तरह सब-जुडिस है और न्यायिक जांच के दायरे में है, इसलिए पुलिस ने आगे किसी भी तरह की टिप्पणी करने से इनकार किया है और कहा है कि उन्हें जांच रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए।1
- दरभंगा जिले के बहादुरपुर प्रखंड में जीविका दीदियों के लिए एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य जीविका दीदियों को लखपति योजना के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करना था, जिसके साथ ही योजना का लाभ लेने के इच्छुक आवेदकों से आवेदन भी प्राप्त किए गए।1
- मधुबनी जिले में कमला नदी का जलस्तर नेपाल में हुई बारिश के बाद अचानक काफी बढ़ गया है, जिससे दोनों तटबंधों के बीच रहने वाले लोगों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। नदी के जलस्तर में यह बढ़ोतरी बरसात के मौसम का पहला आगमन मानी जाती है, और इसी कारण से तटबंधों के बीच रहने वाली आबादी में डर का माहौल व्याप्त हो गया है। हालांकि, इस क्षेत्र में एक पुरानी परंपरा भी चली आ रही है, जहाँ मवेशी लाने वाले लोगों में फसलों पर मवेशियों के चढ़ने को लेकर एक तरह का उत्साह देखा जाता है ताकि लगाई गई फसलें मवेशियों से क्षतिग्रस्त हो सकें। इसी परंपरा के कारण, तटबंधों के बीच रहने वाले लोग अपनी जगह को कभी छोड़ना नहीं चाहते, बावजूद इसके कि वर्तमान में लोगों के बीच गहरा डर का माहौल बना हुआ है।3
- झंझारपुर अनुमंडल के लखनौर थाना क्षेत्र अंतर्गत तमुरिया पंचायत के बौदराही गांव में रविवार रात एक शादी समारोह की खुशियां अचानक चीख-पुकार और अफरा-तफरी में बदल गईं। कुछ असामाजिक तत्वों ने पंडाल में घुसकर जमकर मारपीट और तोड़फोड़ की, जिसके बाद बारात में भगदड़ मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद की शुरुआत खाना खाने के दौरान हुई बहस से हुई थी। इसी बीच, मुहर्रम खेल कर लौट रहे कुछ उपद्रवी तत्व शादी समारोह में घुस आए और बारातियों पर हमला कर दिया। उपद्रवियों ने न सिर्फ लोगों को पीटा, बल्कि बारातियों को लेकर आईं कई गाड़ियों के शीशे भी रोड़ेबाजी कर तोड़ डाले। इस हमले में आधा दर्जन से अधिक लोग जख्मी हुए हैं, जो स्थानीय स्तर पर अपना इलाज करवा रहे हैं। कुछ बारातियों के मोबाइल फोन भी छीन लिए जाने की बात सामने आई है। रुद्रपुर थाना क्षेत्र के महरैल गांव निवासी मो० सलामत मंसूरी के पुत्र की बारात बौदराही गांव आई थी, जिसके बाराती हमले के बाद जान बचाने के लिए विवाह स्थल से भागकर कई किलोमीटर पैदल चलकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचे। मामले को लेकर लखनौर के थानाध्यक्ष बेमिसाल कुमार ने बताया कि घटना के संबंध में पुलिस को अब तक कोई लिखित शिकायत या आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। हालांकि, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस टीम बौदराही गांव पहुंचकर जांच में जुट गई है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर पहलू को खंगाला जा रहा है।1