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रीवा रोड स्थित मदन एजेंसी के बगल से पुलिस लाइन को जोड़ने वाले मार्ग पर सीवर लाइन के कर्मचारियों ने लापरवाही दिखाते हुए बीच सड़क पर 20 फीट से भी अधिक गहरा गड्ढा खोद दिया। कार्य को अधूरा छोड़कर कर्मचारी वहां से चले गए, जिससे स्थानीय रहवासियों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस अधूरी खुदाई के कारण 40 से अधिक घरों का आने-जाने का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है। खासकर स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति बेहद परेशानी भरी हो गई है, जिससे उनकी मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं।
पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
रीवा रोड स्थित मदन एजेंसी के बगल से पुलिस लाइन को जोड़ने वाले मार्ग पर सीवर लाइन के कर्मचारियों ने लापरवाही दिखाते हुए बीच सड़क पर 20 फीट से भी अधिक गहरा गड्ढा खोद दिया। कार्य को अधूरा छोड़कर कर्मचारी वहां से चले गए, जिससे स्थानीय रहवासियों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस अधूरी खुदाई के कारण 40 से अधिक घरों का आने-जाने का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है। खासकर स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति बेहद परेशानी भरी हो गई है, जिससे उनकी मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं।
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- उमरिया जिले की जनपद पंचायत करकेली की ग्राम पंचायत देवरा में शासकीय सड़क निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न की गई है। जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत देवरा के हरिजन मोहल्ला वार्ड क्रमांक 2 में पहले कभी सड़क नहीं थी और लोग खेतों की मेड़ से आवागमन करते थे। स्थानीय निवासियों द्वारा अपनी निजी भूमि शपथ पत्र के माध्यम से उपलब्ध कराने के बाद, पंचायत ने 115 मीटर लंबी और 03 मीटर चौड़ी कंक्रीट सड़क के निर्माण को ₹4,18,000 की लागत से स्वीकृति दी थी। श्रमिकों द्वारा लगभग ₹60,000 का कार्य कराते हुए जैसे ही मिट्टी डालकर सड़क को आकार दिया गया, कुछ शपथ कर्ताओं ने इसका विरोध करते हुए कार्य को रुकवा दिया। इस पूरे मामले की शिकायत आज दर्ज कराई गई है।3
- अनुपपुर जिले में आगामी 28 से 30 जून 2026 तक होने वाले पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान की तैयारियों की समीक्षा के लिए एक टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। यह बैठक जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) श्रीमती अर्चना कुमारी की अध्यक्षता में हुई, जिसमें जिले में 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के प्रत्येक बच्चे तक पोलियो की खुराक पहुँचाने के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। सीईओ श्रीमती अर्चना कुमारी ने मॉनिटरिंग अधिकारियों और मैदानी कार्यकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि अभियान के दौरान कोई भी पात्र बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पल्स पोलियो अभियान को सफल बनाने में प्रत्येक अधिकारी, कर्मचारी और कार्यकर्ता की महत्वपूर्ण भूमिका है, और सभी दल सदस्यों को पूरी जिम्मेदारी, समर्पण तथा कर्मठता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना होगा। उन्होंने विशेष रूप से गठित भ्रमण दलों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का निर्देश देते हुए कहा कि वे घर-घर जाकर प्रत्येक पात्र बच्चे को पोलियो की खुराक दिलाना सुनिश्चित करें। श्रीमती कुमारी ने अभियान की सतत निगरानी, प्रभावी समन्वय और शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति पर विशेष बल दिया, दोहराते हुए कि 0 से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे का पल्स पोलियो टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए।1
- उमरिया जिले के पुराना पड़ाव क्षेत्र की निवासी उषा चौधरी प्रधानमंत्री आवास योजना और भूमि का लाभ पाने के लिए पिछले कई वर्षों से सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही हैं। बार-बार आवेदन करने और अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हो सका, जिससे उन्हें लगातार निराशा ही हाथ लगी। अपनी इसी पीड़ा को लेकर मंगलवार को उषा चौधरी कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में पहुंचीं और अपनी समस्या प्रशासन के सामने रखी। उषा चौधरी ने कलेक्टर को बताया कि उनके पास रहने के लिए स्थायी आवास नहीं है और भूमि संबंधी समस्याओं के कारण उन्हें कई परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। उन्होंने कलेक्टर से भूमि उपलब्ध कराने और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की। अपनी बात के समर्थन में उन्होंने जनसुनवाई के दौरान संबंधित दस्तावेज भी प्रस्तुत किए। कलेक्टर ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे मामले की जांच करें और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। अब उषा चौधरी को उम्मीद है कि प्रशासन से उन्हें न्याय और राहत मिल सकेगी।2
- अनूपपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है, जहाँ थाना बिजुरी पुलिस ने बिजुरी अस्पताल के पास बाइक की डिग्गी से ₹50,000 चुराने वाले अंतर्राज्यीय शातिर आरोपी ओमप्रकाश सिसोदिया उर्फ बच्चा कंजर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चोरी किए गए ₹47,500 नकद और घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद कर ली है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बिजुरी के अलावा थाना रामनगर क्षेत्र में भी इसी तरह की वारदातें करने की बात कबूल की है। आरोपी ओमप्रकाश सिसोदिया के खिलाफ मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में चोरी, लूट, नकबजनी और आर्म्स एक्ट के तहत 15 से अधिक मामले दर्ज हैं। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी विकास सिंह और उनकी टीम की भूमिका सराहनीय रही है। अनूपपुर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे वाहनों में नकदी, कीमती सामान और महत्वपूर्ण दस्तावेजों को असुरक्षित न छोड़ें, और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।1
- मध्यप्रदेश पुलिस ने साइबर अपराधों की रोकथाम और डिजिटल सुरक्षा के प्रति आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से 24 जून से 8 जुलाई 2026 तक प्रदेशव्यापी साइबर जागरूकता अभियान "SAFE CLICK-2026" का शुभारंभ किया है। इस अभियान का राज्य स्तरीय उद्घाटन मुख्यमंत्री एवं पुलिस महानिदेशक, मध्यप्रदेश द्वारा यूट्यूब वेबकास्ट के माध्यम से किया गया। इसी क्रम में, डिंडौरी जिले में कलेक्टर अंजु पवन भदौरिया और पुलिस अधीक्षक आशीष खरे की उपस्थिति में साइबर जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर अभियान की शुरुआत की गई। इस अवसर पर अधिकारियों ने नागरिकों से साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने का आग्रह किया। कार्यक्रम के दौरान, नागरिकों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी लिंक, फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट, तथा ओटीपी व बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा करने के जोखिमों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने लोगों से सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करने की अपील की और किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने का सुझाव दिया। अधिकारियों ने वर्तमान में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों के विभिन्न तरीकों, जैसे डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड, फर्जी पुलिस/सीबीआई/ईडी अधिकारी बनकर ठगी, केवाईसी अपडेट के नाम पर धोखाधड़ी, फर्जी लोन एवं निवेश योजनाएं, टेलीग्राम और व्हाट्सएप टास्क फ्रॉड, ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड, कस्टमर केयर फ्रॉड, सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग, मेट्रिमोनियल फ्रॉड, सेक्सटॉर्शन और क्यूआर कोड स्कैन करवाकर ठगी, के बारे में बताया। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि किसी भी अनजान कॉल, संदेश, लिंक या आकर्षक ऑफर पर विश्वास न करें और बैंक खाता, ओटीपी, एटीएम कार्ड या अन्य गोपनीय जानकारी किसी भी स्थिति में साझा न करें। अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराध की स्थिति में त्वरित शिकायत करने से ठगी गई राशि को वापस प्राप्त करने की संभावना बढ़ जाती है। इस अभियान के तहत जिले के शैक्षणिक संस्थानों, ग्राम पंचायतों, बाजारों, सार्वजनिक स्थलों और अन्य प्रमुख स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक बनाकर सुरक्षित डिजिटल जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना तथा साइबर अपराधों की रोकथाम में जनसहभागिता सुनिश्चित करना है। इस कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रेखा धर्मेन्द्र सिंह, एसडीओपी सतीश द्विवेदी, डीएसपी पुरुषोत्तम मरावी, यातायात प्रभारी सुभाष उइके, थाना प्रभारी कोतवाली दुर्गा प्रसाद नगपुरे, प्रभारी रक्षित निरीक्षक कुंवर सिंह ओलाडी, सूबेदार अभिनव राय सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। अभियान "SAFE CLICK-2026" पूरे जिले में "सतर्क नागरिक ही साइबर अपराधों के खिलाफ सबसे मजबूत सुरक्षा कवच हैं" संदेश के साथ लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करेगा।2
- डिंडोरी में जनसुनवाई के दौरान, बजाग ब्लॉक के घोपतपुर स्थित डुमर टोला से करीब आधा सैकड़ा लोग पीने के पानी की गंभीर समस्या को लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। इन ग्रामीणों ने अधिकारियों के समक्ष अपनी यह महत्वपूर्ण मांग रखी।4
- अनूपपुर जिले में सर्पदंश की घटनाओं को कम करने, अंधविश्वास को मिटाने और मानव-वन्यजीवों के बीच सुरक्षित सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन ने एक बड़ी पहल की है। कलेक्टर हर्षल पंचोली ने कलेक्ट्रेट स्थित नर्मदा सभागार में जिलेभर से आए सक्रिय स्नेक कैचर्स के लिए एक विशेष सम्मान एवं 'स्नेक किट' वितरण कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान सर्प मित्रों को आधुनिक और सुरक्षित रेस्क्यू उपकरणों से लैस किट प्रदान की गई, ताकि वे संकट के समय अपनी और वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए प्रभावी ढंग से कार्य कर सकें। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर हर्षल पंचोली ने कहा कि पर्यावरण संतुलन के लिए सांप पारिस्थितिकी तंत्र का एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और लोग अक्सर भय व जागरूकता की कमी के कारण सांपों को मार देते हैं। उन्होंने इस मानसिकता में बदलाव लाने की आवश्यकता पर जोर दिया और सर्प मित्रों की भूमिका को मार्गदर्शक बताया। कलेक्टर ने यह भी जानकारी दी कि ग्रामीण क्षेत्रों में सर्पदंश से होने वाली जनहानि को रोकने और त्वरित सहायता पहुंचाने के उद्देश्य से आने वाले समय में प्रत्येक गांव में एक ‘सर्प प्रहरी’ तैयार करने की योजना पर गंभीरता से काम किया जा रहा है। श्री पंचोली ने अमरकंटक क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता का उल्लेख करते हुए बताया कि जिले के वनों में विषैली और दुर्लभ सर्प प्रजातियां पाई जाती हैं। उन्होंने वन विभाग और सर्प मित्रों से सुरक्षित सह-अस्तित्व बनाए रखने के लिए आपसी समन्वय से काम करने का आग्रह किया तथा जिले के सभी प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों सहित शासकीय चिकित्सालयों में सर्पदंश उपचार हेतु पर्याप्त मात्रा में एंटी-वेनम की उपलब्धता सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर वनमंडलाधिकार डेविड वेंकटेश चनाब ने सर्प मित्रों को रेस्क्यू कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने की सलाह दी, यह स्पष्ट करते हुए कि सर्प रेस्क्यू का उद्देश्य किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत प्रसिद्धि पाना नहीं, बल्कि मानव और सर्प दोनों के अनमोल जीवन की रक्षा करना है। डीएफओ ने सर्पदंश के मामलों में पहले एक घंटे को ‘गोल्डन आवर’ बताते हुए नागरिकों से झाड़-फूंक या अंधविश्वास के जाल में न फंसने और पीड़ित को तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाने की अपील की। कार्यक्रम में वन्यजीव संरक्षक शशिधर अग्रवाल ने विभिन्न प्रजातियों के सांपों की पहचान, उनके व्यवहार और सुरक्षित व वैज्ञानिक तरीके से सर्प रेस्क्यू करने की तकनीकों तथा बरती जाने वाली सावधानियों और सुरक्षा उपायों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि जागरूकता और सही जानकारी से सांपों के प्रति अनावश्यक भय को दूर किया जा सकता है, जिससे मानव और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।1
- भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें कांग्रेस द्वारा निर्मित 'भ्रम की स्थिति' और 'षडयंत्र' बताया है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि प्रदेश की जनता कांग्रेस के इस षडयंत्र को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी। बीजेपी के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक लोकप्रिय नेता हैं और मध्य प्रदेश को एक विकसित राज्य बनाने की दिशा में दिन-रात काम कर रहे हैं। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस द्वारा डॉ. मोहन यादव पर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री के 2023 के नामांकन का हवाला देते हुए कहा कि उनकी 17 एकड़ जमीन 2026 में भी उतनी ही है, और उनकी पत्नी सीमा यादव के नाम पर दर्ज 12.29 एकड़ जमीन में भी 2026 तक कोई बदलाव नहीं आया है। खंडेलवाल ने आरोप में उल्लिखित सिद्धि विनायक कंपनी का भी जिक्र किया, जिसके पास 2023 में 68 एकड़ जमीन थी, जो जून में घटकर 65 एकड़ रह गई। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 2017 में ही इस कंपनी के डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया था। खंडेलवाल ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री के बेटे वैभव के पास 2023 से पहले जो 16 एकड़ जमीन थी, उसमें डॉ. मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद कोई परिवर्तन नहीं आया है, और यह सारी जमीन मास्टर प्लान लागू होने से पहले की थी। उन्होंने कहा कि उनकी बहू शालिनी यादव ने 10 एकड़ की कृषि भूमि खरीदी थी, जो मास्टर प्लान क्षेत्र से बाहर थी। प्रदेश अध्यक्ष ने आरोपों में जिन रिश्तेदारों का जिक्र किया गया है, उन्हें पूरी तरह गलत बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार का उनसे कोई लेना-देना नहीं है; उनके रिश्तेदारों का अपना स्वतंत्र अस्तित्व है। उन्होंने यह भी कहा कि रिश्तेदारों पर लगाए गए आरोप भी तथ्यों के लिहाज से गलत हैं और वे भी अपनी बात रखेंगे तथा आवश्यक कार्रवाई करेंगे। प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने कांग्रेस पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि जब-जब मध्य प्रदेश को पिछड़े वर्ग का मुख्यमंत्री मिला है, चाहे वह उमा भारती हों, शिवराज सिंह चौहान हों या डॉ. मोहन यादव हों, कांग्रेस ने हमेशा उनके खिलाफ षडयंत्र करके उन्हें कमजोर करने का काम किया है। उन्होंने समाज के उन 'ठेकेदारों' पर निशाना साधा जिन्हें प्रदेश में पिछड़े वर्ग का नेतृत्व स्वीकार नहीं होता और जो लगातार ऐसे षडयंत्र रचते हैं। खंडेलवाल ने पूरी विनम्रता और सख्ती के साथ कांग्रेस के सभी आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि जब कांग्रेसी मुख्यमंत्री को उनके कामों में पीछे नहीं कर सके, तो इस तरह का षडयंत्र कर रहे हैं, जिसे प्रदेश की जनता कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।1
- लखनऊ के एक अस्पताल में हुए अग्निकांड में जेलिन चक्रवर्ती नामक एक युवा की दम घुटने से हुई दर्दनाक मौत पूरे सिस्टम के लिए एक गंभीर चेतावनी है। यह घटना केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि सीधे तौर पर सिस्टम की लापरवाही का परिणाम बताई गई है, जिसने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या हम ऐसी घटनाओं से वाकई सबक सीख रहे हैं। कई जिलों में प्रशासन द्वारा अस्पतालों, कोचिंग संस्थानों, होटलों और अन्य व्यावसायिक भवनों में फायर सेफ्टी की जांच के लिए छापेमारी की जा रही है, और नियमों का पालन न करने वाले कई प्रतिष्ठानों को सील भी किया गया है। हालांकि, यह स्पष्ट किया गया है कि केवल कार्रवाई कर देना पर्याप्त नहीं है। जरूरी यह है कि भवन निर्माण से लेकर उसके संचालन तक अग्नि सुरक्षा के सभी नियमों का कड़ाई से पालन हो। संकरी सीढ़ियाँ, आपातकालीन निकास का अभाव, अग्निशमन उपकरणों की कमी और सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती है। हर हादसे के बाद जांच और कार्रवाई तो होती है, लेकिन असली सफलता तब मानी जाएगी जब ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति ही न हो। एक युवा की जान जाने के बाद अब कम से कम उसकी कुर्बानी से व्यवस्था और समाज दोनों को गंभीरता से सीख लेनी चाहिए।1