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मेरे गांव की सडक की शिकायत मेरे घर के सामने की सडक का इतना बुरा हाल है की घर से निकलना मुश्किल है
Manoj kumar
मेरे गांव की सडक की शिकायत मेरे घर के सामने की सडक का इतना बुरा हाल है की घर से निकलना मुश्किल है
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- "पांच महाभूतों का रोकें क्षरण, तभी होगा प्रकृति संरक्षण" विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस के अवसर पर सामाजिक संस्था सुप्रयास द्वारा न्यू ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल, भिण्ड में "प्रकृति संरक्षण : हमारी संस्कृति, हमारी जिम्मेदारी" विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षत क्षमा शर्मा ने की। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रोफेसर इकबाल अली रहे। इस अवसर पर सुप्रयास के सचिव डॉ. मनोज जैन, प्रतिभा भदौरिया एवं अमन राजावत ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए प्रकृति संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया। मुख्य वक्ता प्रोफेसर इकबाल अली ने अपने संबोधन में भारतीय संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण के गहरे संबंध को रेखांकित करते हुए कहा कि गोस्वामी तुलसीदास की चौपाई "छिति जल पावक गगन समीरा, पंच तत्व मिलि बना शरीरा" केवल आध्यात्मिक संदेश नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण का शाश्वत वैज्ञानिक सिद्धांत है। उन्होंने कहा कि पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश—ये पंचमहाभूत केवल मानव शरीर के ही नहीं, बल्कि अमीबा जैसे सूक्ष्म जीव से लेकर विशाल ब्लू व्हेल तक सम्पूर्ण जीव-जगत के अस्तित्व का आधार हैं। यदि इन पंचमहाभूतों का संतुलन बिगड़ा, तो मानव सभ्यता का भविष्य भी संकट में पड़ जाएगा। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति को सदैव पूजनीय माना गया है। भवन निर्माण से पहले भूमि पूजन कर पृथ्वी का सम्मान किया जाता है। धार्मिक आयोजनों में कलश के माध्यम से जल का पूजन होता है। श्राद्ध और तर्पण में जल का विशेष महत्व है। हवन के माध्यम से अग्नि की आराधना की जाती है। भागवत कथा एवं अन्य धार्मिक आयोजनों में नवग्रह पूजन के माध्यम से आकाश का स्मरण किया जाता है तथा कलियुग में वायुपुत्र भगवान हनुमान की आराधना वायु तत्व के महत्व का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हमारे धार्मिक संस्कार हमें प्रकृति का सम्मान करना सिखाते हैं, इसलिए प्रकृति का संरक्षण हमारी सांस्कृतिक जिम्मेदारी भी है। प्रोफेसर अली ने कहा कि पृथ्वी का अंधाधुंध दोहन, अवैध रेत खनन, नदियों का प्रदूषण तथा प्राकृतिक संसाधनों का अनियंत्रित दोहन भविष्य में गंभीर पर्यावरणीय संकट पैदा करेगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि पृथ्वी का अनावश्यक छेदन एवं भेदन रोका जाए तथा वर्षा जल संचयन को जन-आंदोलन बनाया जाए, ताकि प्रकृति से प्राप्त जल पुनः प्रकृति को लौटाया जा सके। उन्होंने कहा कि वन हमारी प्राणवायु के स्रोत हैं। वनों का संरक्षण, वन्यजीवों की रक्षा, प्लास्टिक के उपयोग में कमी और ऊर्जा संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि अनावश्यक बिजली के उपकरण बंद रखें, सौर ऊर्जा एवं सोलर कुकर जैसे स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों को अपनाएँ तथा भोजन बनाने से पहले दाल और चावल को भिगोकर ऊर्जा की बचत करें। उन्होंने कहा कि मनुष्य अपने जीवन में जितनी ऑक्सीजन का उपयोग करता है, उसका सबसे बड़ा स्रोत वृक्ष हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनका संरक्षण करने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने शिक्षक दिवस, मातृ दिवस, पितृ दिवस, जन्मदिन तथा अन्य शुभ अवसरों पर पौधे उपहार में देने की परंपरा विकसित करने का सुझाव दिया। सुप्रयास के सचिव डॉ. मनोज जैन ने कहा कि विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि आत्मचिंतन का अवसर है। प्रकृति हमारी माता है, जो हमें शुद्ध वायु, स्वच्छ जल, अन्न और जीवन प्रदान करती है। महात्मा गांधी का यह कथन आज भी उतना ही प्रासंगिक है कि "प्रकृति मनुष्य की हर आवश्यकता पूरी कर सकती है, लेकिन उसके लालच को नहीं।" उन्होंने कहा कि आज ग्लोबल वार्मिंग, जलवायु परिवर्तन, घटते वन, प्रदूषित नदियाँ और प्लास्टिक प्रदूषण पूरी मानवता के सामने गंभीर चुनौती बन चुके हैं। यदि हमने अभी से प्रकृति की रक्षा नहीं की, तो आने वाली पीढ़ियों को इसका भारी मूल्य चुकाना पड़ेगा। डॉ. जैन ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में छोटे-छोटे लेकिन प्रभावी कदम उठाएँ—हर वर्ष कम से कम एक पौधा लगाएँ और उसकी देखभाल करें, जल की प्रत्येक बूंद बचाएँ, वर्षा जल संचयन अपनाएँ, सिंगल-यूज़ प्लास्टिक का बहिष्कार करें, आवश्यकता न होने पर बिजली के उपकरण बंद रखें, सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ाएँ तथा Reduce, Reuse और Recycle के सिद्धांत को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएँ। इस अवसर पर प्रतिभा भादौरिया एवं अमन राजावत ने भी प्रकृति संरक्षण के विभिन्न आयामों पर अपने विचार व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों से पर्यावरण संरक्षण को अपने जीवन का संस्कार बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं नागरिकों ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि वे पंचमहाभूतों की रक्षा करेंगे, जल बचाएँगे, अधिक से अधिक वृक्ष लगाएंगे, ऊर्जा की बचत करेंगे, प्लास्टिक के उपयोग को कम करेंगे तथा प्रकृति के साथ संतुलित और जिम्मेदार जीवन जीने का प्रयास करेंगे। कार्यक्रम का समापन सुप्रयास के इस संदेश के साथ हुआ—3
- श्रीकुण्डेश्वर धाम में 29 जुलाई से शुरू होगा गुरु पूर्णिमा महोत्सव,एक माह तक चलेगा महामंत्र का अखंड जाप भिंड।शहर में कुण्डेश्वर महादेव मंदिर उदासीन आश्रम में गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर बुधवार को गुरु पूर्णिमा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। कुण्डेश्वर महादेव मंदिर उदासीन आश्रम के महंत दयानंदजी महाराज नें बताया कि महोत्सव के अंतर्गत सुबह 8 बजे से सुंदरकांड पाठ एवं हवन होगा जबकि सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक गुरु पूजन किया जाएगा।इसके अलाबा 29 जुलाई से 28 अगस्त तक श्रावण मास के दौरान ॐ नमः शिवाय महामंत्र का अखंड जाप आयोजित किया जाएगा। आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं से परिवार सहित शामिल होकर जपयज्ञ एवं संकीर्तन में सहभागिता कर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है।आयोजकों के अनुसार महिलाएं एवं बहनें भी अपने परिवार के साथ जपयज्ञ और रात्रि जागरण में भाग ले सकेंगी। विशेष रूप से प्रत्येक सोमवार को धार्मिक आयोजन होंगे। अखंड जाप में कोई भी श्रद्धालु दिन-रात 24 घंटे अपनी सुविधानुसार शामिल होकर महामंत्र का जाप कर सकता है।यह आयोजन श्री कुण्डेश्वर धाम उदासीन आश्रम सिटी कोतवाली के सामने भिंड में महंत दयानंदजी महाराज के सान्निध्य में संपन्न होगा। आयोजन समिति ने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से उपस्थित होकर धर्म लाभ लेने का आग्रह किया है।2
- चोरों के हौसले बुलंद, सचिवालय माँझ का ताला तोड़कर लाखों का सामान साफ जनपद- मैनपुरी रिपोर्टर- नफीस अली मो-9897500102 स्लोगन मैनपुरी में चोरों के हौसले बुलंद, सचिवालय माँझ का ताला तोड़कर लाखों का सामान साफ एंकर मैनपुरी में चोरों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। ताजा मामला करहल थाना क्षेत्र के माँझ क्षेत्र का है, जहाँ बीती रात अज्ञात चोरों ने सचिवालय / ग्राम सचिवालय भवन का ताला तोड़कर अंदर रखा लाखों रुपए कीमत का सामान पार कर दिया। बताया जा रहा है कि चोर रात के अंधेरे में सचिवालय भवन पहुंचे और मुख्य गेट का ताला तोड़कर अंदर घुसे। अंदर रखे इन्वर्टर, बैटरी, कंप्यूटर सिस्टम, सरकारी रिकॉर्ड, अलमारी और अन्य कीमती सामान चोरी कर फरार हो गए। सुबह जब ग्रामीण और सचिवालय कर्मी मौके पर पहुंचे तो ताले टूटे हुए मिले और सामान बिखरा पड़ा था। घटना की सूचना तुरंत डायल 112 और स्थानीय थाने को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है। पीड़ित पक्ष के अनुसार चोरी गए सामान की कीमत लाखों रुपए में आंकी जा रही है। वहीं इस मामले में पुलिस का कहना है कि अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। जल्द ही चोरों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया जाएगा। लगातार हो रही चोरी की वारदातों से क्षेत्र के लोगों में दहशत का माहौल है और लोगों ने रात्रि गश्त बढ़ाने की मांग की है। बाइट- ग्राम प्रधान रीता देवी बाइट- प्रधान प्रतिनिधि प्रहलाद सिंह2
- यादव बहुल सीटों पर भाजपा का बड़ा दांव, फिरोजाबाद पहुंचे प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश यादव यादव बहुल विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा का बड़ा दांव, प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश यादव का जोरदार स्वागत। फिरोजाबाद में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी राजनीतिक गतिविधियां तेज कर दी हैं। जिले की शिकोहाबाद, सिरसागंज और जसराना विधानसभा सीटों को संगठन की रणनीति में अहम माना जा रहा है, जहां यादव मतदाताओं की अच्छी संख्या है। इसी क्रम में भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश यादव का फिरोजाबाद आगमन हुआ। पूर्व विधायक हरिओम यादव के आवास पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर राजेश यादव ने केंद्र और प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।1
- पोरसा में दूध डेयरियों पर खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई, चार प्रतिष्ठानों से 6 दूध के नमूने लिए मिलावट रोकने के लिए विशेष अभियान जारी, जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई पोरसा। मुरैना जिले में दूध एवं दुग्ध उत्पादों में मिलावट की रोकथाम के लिए खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। कार्यालय आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन, मध्य प्रदेश के निर्देश तथा कलेक्टर मुरैना के मार्गदर्शन में मंगलवार को खाद्य सुरक्षा अधिकारी अनिल प्रताप सिंह परिहार ने पोरसा क्षेत्र की दूध डेयरियों एवं चिलिंग सेंटरों का निरीक्षण कर नमूना संग्रहण की कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान सिद्ध कृपा डेयरी (भिंड रोड) से मिश्रित दूध का एक नमूना, शिवा डेयरी से दो नमूने, श्री श्याम जी डेयरी से दो नमूने तथा ग्राम भदावली निवासी दूध विक्रेता श्यामू सिंह राजावत से एक नमूना लिया गया। इस प्रकार कुल 6 दूध के नमूने जांच के लिए संग्रहित किए गए। खाद्य सुरक्षा विभाग ने बताया कि सभी नमूनों को मानक परीक्षण के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यदि किसी नमूने में मिलावट या मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान विभाग की चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला एवं मैजिक बॉक्स के माध्यम से मौके पर ही दूध की प्राथमिक जांच भी की गई। साथ ही दूध विक्रेताओं को मिलावट की पहचान करने के सामान्य तरीके बताए गए तथा पंपलेट वितरित कर खाद्य पदार्थों में मिलावट के प्रति जागरूक किया गया।2