कार्रवाई बेअसर—मोहम्मदी में पान मसाला, सिगरेट-बीड़ी अब भी एमआरपी से ऊपर, संगठन का रोष मोहम्मदी, लखीमपुर खीरी। क्षेत्र में पान मसाला, सिगरेट और बीड़ी की एमआरपी से अधिक कीमत पर बिक्री जारी रहने से प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। बाज़ारों और ग्रामीण इलाकों में नशीले उत्पाद मनमाने दामों पर बिकने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। ऑल इंडियन प्रेस जर्नलिस्ट संगठन ने कड़ा रोष जताते हुए आरोप लगाया कि कार्रवाई का असर ज़मीनी स्तर पर दिखाई नहीं दे रहा। संगठन का कहना है कि छोटे दुकानदारों पर दिखावटी दबाव बनाया जा रहा है, जबकि बड़े एजेंसी होल्डर और सप्लायर बेखौफ हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं का आर्थिक शोषण हो रहा है। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि जल्द प्रभावी व निष्पक्ष कार्रवाई कर बड़े स्तर पर कालाबाजारी नहीं रोकी गई तो आंदोलनात्मक कदम उठाए जाएंगे। साथ ही जनता से नशामुक्ति अपनाने और ओवररेट सामान न खरीदने की अपील की गई है।
कार्रवाई बेअसर—मोहम्मदी में पान मसाला, सिगरेट-बीड़ी अब भी एमआरपी से ऊपर, संगठन का रोष मोहम्मदी, लखीमपुर खीरी। क्षेत्र में पान मसाला, सिगरेट और बीड़ी की एमआरपी से अधिक कीमत पर बिक्री जारी रहने से प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। बाज़ारों और ग्रामीण इलाकों में नशीले उत्पाद मनमाने दामों पर बिकने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। ऑल इंडियन प्रेस जर्नलिस्ट संगठन ने कड़ा रोष जताते हुए आरोप लगाया कि कार्रवाई का असर ज़मीनी स्तर पर दिखाई नहीं दे रहा। संगठन का कहना है कि छोटे दुकानदारों पर दिखावटी दबाव बनाया जा रहा है, जबकि बड़े एजेंसी होल्डर और सप्लायर बेखौफ हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं का आर्थिक शोषण हो रहा है। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि जल्द प्रभावी व निष्पक्ष कार्रवाई कर बड़े स्तर पर कालाबाजारी नहीं रोकी गई तो आंदोलनात्मक कदम उठाए जाएंगे। साथ ही जनता से नशामुक्ति अपनाने और ओवररेट सामान न खरीदने की अपील की गई है।
- Post by Safik Khan1
- कार्रवाई बेअसर—मोहम्मदी में पान मसाला, सिगरेट-बीड़ी अब भी एमआरपी से ऊपर, संगठन का रोष मोहम्मदी, लखीमपुर खीरी। क्षेत्र में पान मसाला, सिगरेट और बीड़ी की एमआरपी से अधिक कीमत पर बिक्री जारी रहने से प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। बाज़ारों और ग्रामीण इलाकों में नशीले उत्पाद मनमाने दामों पर बिकने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। ऑल इंडियन प्रेस जर्नलिस्ट संगठन ने कड़ा रोष जताते हुए आरोप लगाया कि कार्रवाई का असर ज़मीनी स्तर पर दिखाई नहीं दे रहा। संगठन का कहना है कि छोटे दुकानदारों पर दिखावटी दबाव बनाया जा रहा है, जबकि बड़े एजेंसी होल्डर और सप्लायर बेखौफ हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं का आर्थिक शोषण हो रहा है। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि जल्द प्रभावी व निष्पक्ष कार्रवाई कर बड़े स्तर पर कालाबाजारी नहीं रोकी गई तो आंदोलनात्मक कदम उठाए जाएंगे। साथ ही जनता से नशामुक्ति अपनाने और ओवररेट सामान न खरीदने की अपील की गई है।1
- आज मेरे वार्ड गोमतीपुर (राजपुर, सुंदरम नगर, आजाद नगर आदि इलाकों) में कुछ बच्चे मेरे पास आए और उन्होंने अपनी मर्जी से सवाल पूछे—यह देखकर मुझे बहुत अच्छा लगा। आज के बच्चे जागरूक हो रहे हैं, यही असली बदलाव की शुरुआत है। मैंने उन्हें शांति से समझाया कि हमारी गटर लाइन (मेन चेंबर वाली) की समस्या काफी समय से चल रही है। अभी कुछ दिनों की परेशानी हमें सहनी पड़ रही है, लेकिन अगर हम यह थोड़ा-सा दर्द उठा लें, तो आने वाले 2-5 सालों तक हमें स्थायी राहत मिल जाएगी। यह काम सरकारी बजट से हो रहा है, और इसे हासिल करने में DYFI अहमदाबाद के प्रेसिडेंट के तौर पर हमने महीनों से आवाज उठाई, एप्लीकेशन दाखिल की, कमिश्नर से लेकर गांधीनगर तक फरियाद पहुंचाई—तब जाकर यह संभव हुआ। फेसबुक पर एक कमेंट आया था कि "गोमतीपुर की जनता जागृत बने और समझदार नागरिक बने"—वही बात आज एक बच्चे ने भी पूछी, और मैंने उसे प्यार से जवाब दिया। साथ ही, सभी हमारे यहां के जो नेता हैं, मैं उन सबका धन्यवाद करना चाहता हूं। हमारे वार्ड के इंजीनियर प्रकाश भाई और जो हमारे विस्तारों के आगे वहां के कर्मचारी पर काम कर रहे हैं, उन सभी लोगों का मैं तहे दिल से शुक्रिया अदा करता हूं। जिन-जिन लोगों ने इस काम में अपनी मुहिम बढ़ाई है, उनका भी मैं शुक्रिया अदा करता हूं। सबकी मेहनत से ही यह काम आगे बढ़ रहा है। जय हिंद! यहां की जनता समझदार नागरिक है और जागृत नागरिक भी है। हमारी तरफ से आप सब जागरूक और समझदार बने—यह हमारी अपील है। बच्चों से लेकर बड़ों तक, सवाल पूछें, जागरूक रहें, और मिलकर इलाके को बेहतर बनाएं। छोटी-छोटी परेशानियां सहकर लंबी राहत पाना यही समझदारी है। रमजान मुबारक! 🌙 जागृत रहें, समझदारी से काम लें—तभी असली विकास होगा। इंशा अल्लाह सब ठीक हो जाएगा। (प्यार, एकता और शुक्रिया के साथ) फैसल अली सिद्दीकी DYFI अहमदाबाद प्रेसिडेंट1
- Ahmedabad અમરાઈવાડી વિસ્તારમાં મહિલાને ધમકી આપનાર આરોપીનો પોલીસે વરઘોડો કાઢ્યો1
- पटना के पास नकली दवा फैक्ट्री का भंडाफोड़, 9 गिरफ्तार पटना (बिहार): दिल्ली पुलिस की एएनटीएफ और क्राइम ब्रांच ने संयुक्त कार्रवाई में पटना के पास संचालित एक अवैध नकली दवा फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। यह हाल के दिनों में तीसरी बड़ी कार्रवाई बताई जा रही है, जिसमें भारी मात्रा में नकली दवाइयाँ, ओपिओइड्स और दवा निर्माण से जुड़ी मशीनरी बरामद हुई है। जांच एजेंसियों के अनुसार फैक्ट्री में कोडीन युक्त सिरप का अवैध उत्पादन और एक्सपायर्ड दवाओं की री-पैकेजिंग कर उन्हें बाजार में उतारा जा रहा था, जिससे जनस्वास्थ्य को गंभीर खतरा पैदा हो रहा था। पुलिस का दावा है कि इस कार्रवाई से एक अंतरराज्यीय नार्कोटिक नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है और उसके पूरी तरह ढहने की संभावना है। ऑपरेशन के दौरान 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। यह सफल ऑपरेशन इंस्पेक्टर नितेश कुमार के नेतृत्व में, एसीपी सतेन्द्र मोहन के निर्देशन तथा डीसीपी संजीव कुमार यादव के समग्र मार्गदर्शन में अंजाम दिया गया। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि लोगों की जान से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति के तहत सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।1
- Post by સરદાર સંદેશ ન્યુઝ1
- આ રક્તદાન શિબિરનું આયોજન ૫.પૂ. સ. ધ.ધુ. શ્રી ૧૦૦૮ આચાર્ય શ્રી અજેન્દ્રપ્રસાદજી મહારાજશ્રી તથા ભાવિઆચાર્ય ૫.પૂ. ૧૦૮ શ્રી નૃગેન્દ્રપ્રસાદજી મહારાજશ્રીના પવિત્ર આશીર્વાદ અને આજ્ઞાથી કરવામાં આવ્યું હતું. અનુભવી ડોક્ટરો, નર્સિંગ સ્ટાફ અને સેવાભાવી કાર્યકરો દ્વારા રક્તદાન પ્રક્રિયા સલામત અને સુવ્યવસ્થિત રીતે પૂર્ણ કરવામાં આવી હતી. રક્તદાન માનવજીવન બચાવવાનું મહાન કાર્ય છે, સાથે સાથે દાતાઓ દ્વારા 132 રક્તદાનની બોટલો પ્રાપ્ત થઇ હતી:1
- बयाना में बस संचालकों का फूटा गुस्सा, एसडीएम कार्यालय पर प्रदर्शन कर दिया ज्ञापन बयाना बयाना में सोमवार को लोक परिवहन बस संचालकों का गुस्सा उस वक्त फूट पड़ा जब उन्होंने परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली के विरोध में एसडीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी बस संचालकों ने उपखंड अधिकारी के रीडर को ज्ञापन सौंपकर नई समय सारिणी को रद्द करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि हाल ही में भरतपुर आरटीओ इंदू मीणा द्वारा जारी नई समय सारिणी में भारी पक्षपात किया गया है। पहले सभी बसों को 16-16 मिनट के समान अंतराल पर संचालित किया जा रहा था, लेकिन नई व्यवस्था में किसी बस को 12 मिनट, किसी को 23 मिनट तो किसी को 37 मिनट का अंतराल दिया गया है। ज्ञापन देने वाले राजेंद्र कसाना ने आरोप लगाया कि विभाग की मिलीभगत से समय सारिणी बदली गई है। उनका कहना है कि संचालक हर माह 36 हजार रुपए टैक्स दे रहे हैं। इसके अलावा ओवरलोड या अन्य छोटे उल्लंघनों पर अलग से चालान काटे जा रहे हैं, जबकि डग्गेमारी पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। संचालकों ने आर्थिक बोझ का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि एक बस पर करीब 85 हजार रुपए बीमा और लगभग 60 लाख रुपए तक की लागत आती है। कई संचालक खेत बेचकर गाड़ियां खरीद रहे हैं, ऐसे में असमान समय अंतराल से उनका रोजगार प्रभावित हो रहा है। बसें भरतपुर से बयाना और भरतपुर से हिंडौन रूट पर संचालित होती हैं। संचालकों की मांग है कि सभी बसों के लिए समय अंतराल समान रखा जाए और पक्षपातपूर्ण समय सारिणी को तुरंत निरस्त किया जाए। प्रदर्शन के दौरान दीपू, दिनेश, विजय सिंह, अंकुर सालाबाद और लखन सिंह सहित कई बस संचालक मौजूद रहे। वाईट राजेंद्र कसाना, राजस्थान लोक परिवहन बस संचालन बयाना से खेमचंद पाराशर1