सिसई : ओबीसी अधिकारों को लेकर पिछड़ा वर्ग संघर्ष समिति की बैठक, आंदोलन की रणनीति तय 5 अक्टूबर को मशाल जुलूस, 6 को एनएच चक्का जाम और 7 अक्टूबर को धरना - प्रदर्शन का ऐलान सिसई (गुमला)। सिसई प्रखंड के रेड़वा स्थित चन्द्राणी होटल में पिछड़ा वर्ग संघर्ष समिति झारखंड के बैनर तले संपूर्ण ओबीसी समाज की बृहद बैठक आयोजित की गई। केंद्रीय अध्यक्ष उदासन नाग की अध्यक्षता में हुई बैठक में ओबीसी समाज के संवैधानिक अधिकार, आरक्षण तथा आगामी जनगणना में ओबीसी के लिए अलग कॉलम शामिल करने की मांग को लेकर आंदोलन की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि ओबीसी समाज लंबे समय से अपने संवैधानिक अधिकारों और उचित आरक्षण की मांग करता आ रहा है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि राज्य में ओबीसी आरक्षण 27 प्रतिशत से घटाकर 14 प्रतिशत कर दिया गया है, जबकि सात जिलों में ओबीसी आरक्षण शून्य है। आगामी जनगणना के प्रारूप में ओबीसी के लिए अलग कॉलम नहीं होने पर भी समाज के लोगों ने नाराजगी जताई। बैठक में मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन करने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया। समिति के पदाधिकारियों के अनुसार 5 अक्टूबर को मशाल जुलूस और पुतला दहन, 6 अक्टूबर को नेशनल हाईवे पर चक्का जाम तथा 7 अक्टूबर को विभिन्न स्थानों पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके साथ ही राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि यदि सरकार ओबीसी समाज के आरक्षण एवं संवैधानिक अधिकारों से जुड़ी मांगों तथा जनगणना के प्रारूप में ओबीसी कॉलम शामिल करने को लेकर सकारात्मक पहल नहीं करती है, तो आंदोलन को आगे और व्यापक किया जाएगा। बैठक में वोट बहिष्कार जैसे कदम पर भी विचार करने की चेतावनी दी गई। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष अरुण साहु के अलावा गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा, रांची और खूंटी जिले के जिलाध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में ओबीसी समाज के लोग मौजूद थे।
सिसई : ओबीसी अधिकारों को लेकर पिछड़ा वर्ग संघर्ष समिति की बैठक, आंदोलन की रणनीति तय 5 अक्टूबर को मशाल जुलूस, 6 को एनएच चक्का जाम और 7 अक्टूबर को धरना - प्रदर्शन का ऐलान सिसई (गुमला)। सिसई प्रखंड के रेड़वा स्थित चन्द्राणी होटल में पिछड़ा वर्ग संघर्ष समिति झारखंड के बैनर तले संपूर्ण ओबीसी समाज की बृहद बैठक आयोजित की गई। केंद्रीय अध्यक्ष उदासन नाग की अध्यक्षता में हुई बैठक में ओबीसी समाज के संवैधानिक अधिकार,
आरक्षण तथा आगामी जनगणना में ओबीसी के लिए अलग कॉलम शामिल करने की मांग को लेकर आंदोलन की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि ओबीसी समाज लंबे समय से अपने संवैधानिक अधिकारों और उचित आरक्षण की मांग करता आ रहा है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि राज्य में ओबीसी आरक्षण 27 प्रतिशत से घटाकर 14 प्रतिशत कर दिया गया है, जबकि सात जिलों में ओबीसी आरक्षण शून्य है। आगामी जनगणना के
प्रारूप में ओबीसी के लिए अलग कॉलम नहीं होने पर भी समाज के लोगों ने नाराजगी जताई। बैठक में मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन करने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया। समिति के पदाधिकारियों के अनुसार 5 अक्टूबर को मशाल जुलूस और पुतला दहन, 6 अक्टूबर को नेशनल हाईवे पर चक्का जाम तथा 7 अक्टूबर को विभिन्न स्थानों पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके साथ ही राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि
यदि सरकार ओबीसी समाज के आरक्षण एवं संवैधानिक अधिकारों से जुड़ी मांगों तथा जनगणना के प्रारूप में ओबीसी कॉलम शामिल करने को लेकर सकारात्मक पहल नहीं करती है, तो आंदोलन को आगे और व्यापक किया जाएगा। बैठक में वोट बहिष्कार जैसे कदम पर भी विचार करने की चेतावनी दी गई। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष अरुण साहु के अलावा गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा, रांची और खूंटी जिले के जिलाध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में ओबीसी समाज के लोग मौजूद थे।
- सिसई : ओबीसी अधिकारों को लेकर पिछड़ा वर्ग संघर्ष समिति की बैठक, आंदोलन की रणनीति तय 5 अक्टूबर को मशाल जुलूस, 6 को एनएच चक्का जाम और 7 अक्टूबर को धरना - प्रदर्शन का ऐलान सिसई (गुमला)। सिसई प्रखंड के रेड़वा स्थित चन्द्राणी होटल में पिछड़ा वर्ग संघर्ष समिति झारखंड के बैनर तले संपूर्ण ओबीसी समाज की बृहद बैठक आयोजित की गई। केंद्रीय अध्यक्ष उदासन नाग की अध्यक्षता में हुई बैठक में ओबीसी समाज के संवैधानिक अधिकार, आरक्षण तथा आगामी जनगणना में ओबीसी के लिए अलग कॉलम शामिल करने की मांग को लेकर आंदोलन की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि ओबीसी समाज लंबे समय से अपने संवैधानिक अधिकारों और उचित आरक्षण की मांग करता आ रहा है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि राज्य में ओबीसी आरक्षण 27 प्रतिशत से घटाकर 14 प्रतिशत कर दिया गया है, जबकि सात जिलों में ओबीसी आरक्षण शून्य है। आगामी जनगणना के प्रारूप में ओबीसी के लिए अलग कॉलम नहीं होने पर भी समाज के लोगों ने नाराजगी जताई। बैठक में मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन करने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया। समिति के पदाधिकारियों के अनुसार 5 अक्टूबर को मशाल जुलूस और पुतला दहन, 6 अक्टूबर को नेशनल हाईवे पर चक्का जाम तथा 7 अक्टूबर को विभिन्न स्थानों पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके साथ ही राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि यदि सरकार ओबीसी समाज के आरक्षण एवं संवैधानिक अधिकारों से जुड़ी मांगों तथा जनगणना के प्रारूप में ओबीसी कॉलम शामिल करने को लेकर सकारात्मक पहल नहीं करती है, तो आंदोलन को आगे और व्यापक किया जाएगा। बैठक में वोट बहिष्कार जैसे कदम पर भी विचार करने की चेतावनी दी गई। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष अरुण साहु के अलावा गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा, रांची और खूंटी जिले के जिलाध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में ओबीसी समाज के लोग मौजूद थे।4
- रायडीह में चट्टान की चपेट में आने से युवक की मौत, जांच में जुटी पुलिस, परिजनों का बुरा हाल गुमला जिला के रायडीह में चट्टान की चपेट में आने से युवक की दर्दनाक मौत हो गई। परिजन घायल को लेकर अस्पताल के लिए निकले थे ।1
- 🔥 SIR पर JMM का हल्लाबोल, गुमला में CEC ज्ञानेश कुमार का फूंका पुतला! हेडिंग: गुमला में JMM का जोरदार हल्लाबोल, मुख्य चुनाव आयुक्त का फूंका पुतला! गुमला में SIR को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। झामुमो ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष सह विधायक भूषण तिर्की के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता सिसई रोड से टावर चौक पहुंचे और नारेबाजी करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन किया। झामुमो ने SIR प्रक्रिया और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की। साथ ही राष्ट्रपति से तत्काल कार्रवाई की मांग की गई। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।1
- जर्जर सड़क दुर्घटना को आमंत्रित कर रहा है राहगीरों व वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बना उक्त दृश्य लोहरदगा जिला के सेन्हा प्रखंड अंतर्गत कुंदगड़ी मोड़ के समीप निर्मित पुल एवं जोगना मोड़ के समीप देखने को मिल रहा है। जर्जर सड़क के कारण राहगीरों,वाहन चालकों एवं स्कूली बच्चों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। सड़क की खस्ता हालत पर स्थानीय लोग जनप्रतिनिधि एवं शासन प्रशासन के प्रति जताया नराजगी कहा आये दिन छोटी छोटी घटना आम हो गया है। जबकि कुंदगड़ी मोड़ के समीप निर्मित पुल पर गधे तथा निकला छड़ बड़ी घटना को आमंत्रित कर रहा है।1
- 17 जंगली हाथियों का झुंड पहुंचा पालकोट, ग्रामीणों में दहशत का माहौल सिमडेगा जिले में उत्पात मचाने के बाद 17 जंगली हाथियों का झुंड गुमला जिला के पालकोट प्रखंड में प्रवेश कर गया है। बताया जा रहा है कि पालकोट के सनईडीह में बीती रात जंगली हाथियों का झुंड पहुंचने से ग्रामीण काफी दहशत में है। ग्रामीणों को अपनी फसल के नुकसान होने का खतरा सता रहा है, हालांकि अभी तक किसी तरह के जान माल के नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन बताया जा रहा है कि जंगली हाथियों का झुंड गाँव के समीप जंगल में अभी भी जमा हुआ है। वन विभाग की टीम लगातार जंगली हाथियों को सुरक्षित छत्तीसगढ़ की ओर भेजने में लगी हुई है। वही वन विभाग ने ग्रामीणों से जंगली हाथियों के नजदीक ना जाने की सलाह दी है।1
- मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन, एसआईआर को लेकर झामुमो ने जताया विरोध। शुरू ऐप्प न्यूज़ संवाददाता। खूंटी। झारखंड मुक्ति मोर्चा जिला समिति, खूंटी के अध्यक्ष जुबैर अहमद की अध्यक्षता में सोमवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया गया। कार्यक्रम में तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया समेत बड़ी संख्या में झामुमो नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस दौरान जिला अध्यक्ष *जुबैर अहमद* ने कहा कि SIR के नाम पर मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर आम लोगों के बीच कई तरह की आशंकाएं उत्पन्न हो रही हैं। किसी भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से नहीं हटना चाहिए। लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक के मताधिकार की रक्षा करना आवश्यक है। चुनाव आयोग को पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करनी चाहिए। तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया ने कहा कि मतदाता सूची में नाम होना प्रत्येक नागरिक के लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा विषय है। SIR की प्रक्रिया के कारण यदि किसी पात्र मतदाता का नाम सूची से हटता है, तो वह अपने मताधिकार से वंचित हो सकता है। इसलिए सरकार और चुनाव आयोग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी वास्तविक मतदाता का नाम बिना उचित प्रक्रिया के नहीं काटा जाए। उन्होंने कहा कि झामुमो लोकतांत्रिक तरीके से जनता के अधिकारों और मताधिकार की रक्षा के लिए अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा। कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR के विरोध में नारेबाजी करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त की बर्खास्तगी की मांग भी उठाई। पार्टी के केंद्रीय निर्देश के तहत राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए गए। मौक पर केंद्रीय सदस्य भोलानाथ लाल, बीरेन कंडुलना, मकसूद अंसारी, सुशांति कोनगाड़ी,अमृत हेमरोम, अमरनाथ मुंडा, देवनाथ मघैया, गुलशन सिंह मुंडा,सनिका बोदरा,मनोज मंडल,मोजिर अंसारी, शिशिर तोपनो,बिमला डोडराय, ग्लेशिया बोदरा, कमलेश महतो,बिरेंद्र सिंह, जोलेन बारला,फिरोज खान,महादेव मुंडा,मो. असलम,मुकेश सिंह,जयदीप तोपनो,विजय टूटी,प्रमोद तोपनो,सुलेमान भेंगरा, तिन्तुस भेंगरा,बेरफन भेंगरा,सुलेमान गुड़िया,डेविड तोपनो, सुनील कंडुलना, फ़िलिप डहंगा, सिंगराय मुंडा, सालन ओड़ेया, असलम अंसारी, नेलसन होरो, मो. अक़ीब खान, कुणाल मांझी, शमीम अंसारी,बेरगा मुंडा,कुंवारसिंग मुंडरी,अर्जुन मुंडा,मार्शल बारला,विमल पाहन उपस्थित रहे।1
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