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17 जंगली हाथियों का झुंड पहुंचा पालकोट, ग्रामीणों में दहशत का माहौल सिमडेगा जिले में उत्पात मचाने के बाद 17 जंगली हाथियों का झुंड गुमला जिला के पालकोट प्रखंड में प्रवेश कर गया है। बताया जा रहा है कि पालकोट के सनईडीह में बीती रात जंगली हाथियों का झुंड पहुंचने से ग्रामीण काफी दहशत में है। ग्रामीणों को अपनी फसल के नुकसान होने का खतरा सता रहा है, हालांकि अभी तक किसी तरह के जान माल के नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन बताया जा रहा है कि जंगली हाथियों का झुंड गाँव के समीप जंगल में अभी भी जमा हुआ है। वन विभाग की टीम लगातार जंगली हाथियों को सुरक्षित छत्तीसगढ़ की ओर भेजने में लगी हुई है। वही वन विभाग ने ग्रामीणों से जंगली हाथियों के नजदीक ना जाने की सलाह दी है।

3 hrs ago
user_Dipak gupta
Dipak gupta
पत्रकार गुमला, गुमला, झारखंड•
3 hrs ago

17 जंगली हाथियों का झुंड पहुंचा पालकोट, ग्रामीणों में दहशत का माहौल सिमडेगा जिले में उत्पात मचाने के बाद 17 जंगली हाथियों का झुंड गुमला जिला के पालकोट प्रखंड में प्रवेश कर गया है। बताया जा रहा है कि पालकोट के सनईडीह में बीती रात जंगली हाथियों का झुंड पहुंचने से ग्रामीण काफी दहशत में है। ग्रामीणों को अपनी फसल के नुकसान होने का खतरा सता रहा है, हालांकि अभी तक किसी तरह के जान माल के नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन बताया जा रहा है कि जंगली हाथियों का झुंड गाँव के समीप जंगल में अभी भी जमा हुआ है। वन विभाग की टीम लगातार जंगली हाथियों को सुरक्षित छत्तीसगढ़ की ओर भेजने में लगी हुई है। वही वन विभाग ने ग्रामीणों से जंगली हाथियों के नजदीक ना जाने की सलाह दी है।

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  • 17 जंगली हाथियों का झुंड पहुंचा पालकोट, ग्रामीणों में दहशत का माहौल सिमडेगा जिले में उत्पात मचाने के बाद 17 जंगली हाथियों का झुंड गुमला जिला के पालकोट प्रखंड में प्रवेश कर गया है। बताया जा रहा है कि पालकोट के सनईडीह में बीती रात जंगली हाथियों का झुंड पहुंचने से ग्रामीण काफी दहशत में है। ग्रामीणों को अपनी फसल के नुकसान होने का खतरा सता रहा है, हालांकि अभी तक किसी तरह के जान माल के नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन बताया जा रहा है कि जंगली हाथियों का झुंड गाँव के समीप जंगल में अभी भी जमा हुआ है। वन विभाग की टीम लगातार जंगली हाथियों को सुरक्षित छत्तीसगढ़ की ओर भेजने में लगी हुई है। वही वन विभाग ने ग्रामीणों से जंगली हाथियों के नजदीक ना जाने की सलाह दी है।
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    17 जंगली हाथियों का झुंड पहुंचा पालकोट, ग्रामीणों में दहशत का माहौल
सिमडेगा जिले में उत्पात मचाने के बाद 17 जंगली हाथियों का झुंड गुमला जिला के पालकोट प्रखंड में प्रवेश कर गया है। बताया जा रहा है कि पालकोट के सनईडीह में बीती रात जंगली हाथियों का झुंड पहुंचने से ग्रामीण काफी दहशत में है। ग्रामीणों को अपनी फसल के नुकसान होने का खतरा सता रहा है, हालांकि अभी तक किसी तरह के जान माल के नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन बताया जा रहा है कि जंगली हाथियों का झुंड गाँव के समीप जंगल में अभी भी जमा हुआ है। वन विभाग की टीम लगातार जंगली हाथियों को सुरक्षित छत्तीसगढ़ की ओर भेजने में लगी हुई है। वही वन विभाग ने ग्रामीणों से जंगली हाथियों के नजदीक ना जाने की सलाह दी है।
    user_Dipak gupta
    Dipak gupta
    पत्रकार गुमला, गुमला, झारखंड•
    3 hrs ago
  • MMDR संशोधन 2026 पर दीपक प्रकाश ने दी विस्तृत जानकारी, गिनाए खनिज क्षेत्र के फायदे
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    MMDR संशोधन 2026 पर दीपक प्रकाश ने दी विस्तृत जानकारी, गिनाए खनिज क्षेत्र के फायदे
    user_Shivam Singh
    Shivam Singh
    Local News Reporter गुमला, गुमला, झारखंड•
    21 hrs ago
  • 6 अक्टूबर को ओबीसी समाज करेगा चक्का जाम, जनगणना में ओबीसी कॉलम की मांग, राज्य और केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ जम कर नारेबाजी सिसई प्रखंड के रेडवा स्थित चंद्राणी होटल में रविवार को पिछड़ा वर्ग संघर्ष समिति झारखंड के बैनर तले संपूर्ण ओबीसी समाज की बृहद बैठक हुई। केंद्रीय अध्यक्ष उदासन नाग की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में ओबीसी आरक्षण, अधिकार और आगामी जनगणना में ओबीसी कॉलम शामिल करने की मांग को लेकर आंदोलन की रणनीति तय की गई। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि ओबीसी समाज को उसके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। वक्ताओं ने 27 प्रतिशत आरक्षण को घटाकर 14 प्रतिशत किए जाने तथा सात जिलों में ओबीसी आरक्षण शून्य होने का मुद्दा उठाया। वहीं जनगणना के प्रारूप में ओबीसी कॉलम नहीं होने पर भी नाराजगी जताई गई। बैठक में सर्वसम्मति से 5 अक्टूबर को मशाल जुलूस व पुतला दहन, 6 अक्टूबर को नेशनल हाईवे चक्का जाम और 7 अक्टूबर को विभिन्न स्थानों पर धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया। इसके बाद राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। समिति ने कहा कि मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा तथा वोट बहिष्कार का निर्णय भी लिया जा सकता है। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष अरुण साहु, गुमला, लोहरदगा, सिमडेगा, रांची, खूंटी, सहित हजारों की संख्या में ओबीसी समाज के लोग मौजूद थे।
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    6 अक्टूबर  को ओबीसी समाज करेगा चक्का जाम, जनगणना में ओबीसी कॉलम की मांग, राज्य और केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ जम कर नारेबाजी 

सिसई प्रखंड के रेडवा स्थित चंद्राणी होटल में रविवार को पिछड़ा वर्ग संघर्ष समिति झारखंड के बैनर तले संपूर्ण ओबीसी समाज की बृहद बैठक हुई। केंद्रीय अध्यक्ष उदासन नाग की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में ओबीसी आरक्षण, अधिकार और आगामी जनगणना में ओबीसी कॉलम शामिल करने की मांग को लेकर आंदोलन की रणनीति तय की गई।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि ओबीसी समाज को उसके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। वक्ताओं ने 27 प्रतिशत आरक्षण को घटाकर 14 प्रतिशत किए जाने तथा सात जिलों में ओबीसी आरक्षण शून्य होने का मुद्दा उठाया। वहीं जनगणना के प्रारूप में ओबीसी कॉलम नहीं होने पर भी नाराजगी जताई गई।
बैठक में सर्वसम्मति से 5 अक्टूबर को मशाल जुलूस व पुतला दहन, 6 अक्टूबर को नेशनल हाईवे चक्का जाम और 7 अक्टूबर को विभिन्न स्थानों पर धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया। इसके बाद राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।
समिति ने कहा कि मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा तथा वोट बहिष्कार का निर्णय भी लिया जा सकता है। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष अरुण साहु, गुमला, लोहरदगा, सिमडेगा, रांची, खूंटी, सहित हजारों की संख्या में ओबीसी समाज के  लोग मौजूद थे।
    user_कृष्णा कुमार साहु
    कृष्णा कुमार साहु
    रिपोर्टर सिसई, गुमला, झारखंड•
    23 hrs ago
  • जर्जर सड़क दुर्घटना को आमंत्रित कर रहा है राहगीरों व वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बना उक्त दृश्य लोहरदगा जिला के सेन्हा प्रखंड अंतर्गत कुंदगड़ी मोड़ के समीप निर्मित पुल एवं जोगना मोड़ के समीप देखने को मिल रहा है। जर्जर सड़क के कारण राहगीरों,वाहन चालकों एवं स्कूली बच्चों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। सड़क की खस्ता हालत पर स्थानीय लोग जनप्रतिनिधि एवं शासन प्रशासन के प्रति जताया नराजगी कहा आये दिन छोटी छोटी घटना आम हो गया है। जबकि कुंदगड़ी मोड़ के समीप निर्मित पुल पर गधे तथा निकला छड़ बड़ी घटना को आमंत्रित कर रहा है।
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    जर्जर सड़क दुर्घटना को आमंत्रित कर रहा है राहगीरों व वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बना
उक्त दृश्य लोहरदगा जिला के सेन्हा प्रखंड अंतर्गत कुंदगड़ी मोड़ के समीप निर्मित पुल एवं जोगना मोड़ के समीप देखने को मिल रहा है। जर्जर सड़क के कारण राहगीरों,वाहन चालकों एवं स्कूली बच्चों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। सड़क की खस्ता हालत पर स्थानीय लोग जनप्रतिनिधि एवं शासन प्रशासन के प्रति जताया नराजगी कहा आये दिन छोटी छोटी घटना आम हो गया है। जबकि कुंदगड़ी मोड़ के समीप निर्मित पुल पर गधे तथा निकला छड़ बड़ी घटना को आमंत्रित कर रहा है।
    user_आलोक कुमार
    आलोक कुमार
    पत्रकार सेन्हा, लोहरदगा, झारखंड•
    1 hr ago
  • प्राइवेट हॉस्पिटल में महिला की जान लेने की कोशिश का आरोप.?🤔😱
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    प्राइवेट हॉस्पिटल में महिला की जान लेने की कोशिश का आरोप.?🤔😱
    user_AAM JANATA
    AAM JANATA
    लोहरदगा, लोहरदगा, झारखंड•
    1 hr ago
  • देखिये हेमंत सोरेन जब तक रोड नहीं तब तक वोट नहीं 🔥🔥 #trending #jharkhandnews देखिये हेमंत सोरेन जब तक रोड नहीं तब तक वोट नहीं 🔥🔥 #trending #jharkhandnews
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    देखिये हेमंत सोरेन जब तक रोड नहीं तब तक वोट नहीं 🔥🔥 #trending #jharkhandnews 
देखिये हेमंत सोरेन जब तक रोड नहीं तब तक वोट नहीं 🔥🔥 #trending #jharkhandnews
    user_Sirf such
    Sirf such
    Local News Reporter लोहरदगा, लोहरदगा, झारखंड•
    9 hrs ago
  • अरविंद उरांव ने मजदूरों को दिया संदेश.? #shorts #shortvideo #youtubeshorts #adivasi #majdoorlife
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    अरविंद उरांव ने मजदूरों को दिया संदेश.? #shorts #shortvideo #youtubeshorts #adivasi #majdoorlife
    user_AAM JANATA
    AAM JANATA
    लोहरदगा, लोहरदगा, झारखंड•
    10 hrs ago
  • सरकारी सुविधाओं से दूर दातुखाड़ की दर्दनाक तस्वीर : मरीज को खटिया पर ढोकर नदी पार कर पांच किमी बाद मिली सड़क अनुपम संदेश / जोनसन लकड़ा / महुआडांड़ [लातेहार ] महुआडांड़ प्रखण्ड के अंतर्गत परहाटोली पंचायत के सुदूरवर्ती दातुखाड़ गांव में ग्रामीण आज भी सड़क, पुल-पुलिया, बिजली, पेयजल और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। सोमवार को गांव की बदहाल व्यवस्था तब सामने आई, जब करीब 30 वर्षीय सिम्पल कोरवा की तबीयत बिगड़ने पर ग्रामीणों को उन्हें खटिया पर लादकर करीब पांच किलोमीटर तक पैदल ले जाना पड़ा। इस दौरान नदी को दो बार पार कर मुख्य सड़क तक पहुंचाया गया, जहां से ऑटो से अस्पताल भेजा गया। ग्रामीणों के अनुसार गांव में पक्की सड़क और नदी पर पुल-पुलिया नहीं होने के कारण आपात स्थिति में मरीजों को इसी तरह खटिया पर ढोकर मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। बरसात में नदी का जलस्तर बढ़ने से परेशानी और बढ़ जाती है। गांव में नियमित स्वास्थ्य शिविर और एएनएम की सुविधा भी नहीं होने की बात ग्रामीणों ने कही है। वहीं, गांव का जलमीनार करीब पांच वर्षों से खराब पड़ा है। इसके कारण ग्रामीण नदी का पानी पीने और घरेलू कार्यों में इस्तेमाल करने को मजबूर हैं। बिजली की सुविधा भी अब तक गांव तक नहीं पहुंची है और बिजली के खंभे तक नहीं लगाए गए हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई समेत रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से दातुखाड़ में सड़क निर्माण, नदी पर पुल-पुलिया, जलमीनार की मरम्मत, स्वच्छ पेयजल, बिजली कनेक्शन और नियमित स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है।
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    सरकारी सुविधाओं से दूर दातुखाड़ की दर्दनाक तस्वीर : मरीज को खटिया पर ढोकर नदी पार कर पांच किमी बाद मिली सड़क 

अनुपम संदेश / जोनसन लकड़ा / महुआडांड़ [लातेहार ]
महुआडांड़ प्रखण्ड के अंतर्गत  परहाटोली पंचायत के सुदूरवर्ती दातुखाड़ गांव में ग्रामीण आज भी सड़क, पुल-पुलिया, बिजली, पेयजल और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। सोमवार को गांव की बदहाल व्यवस्था तब सामने आई, जब करीब 30 वर्षीय सिम्पल कोरवा की तबीयत बिगड़ने पर ग्रामीणों को उन्हें खटिया पर लादकर करीब पांच किलोमीटर तक पैदल ले जाना पड़ा। इस दौरान नदी को दो बार पार कर मुख्य सड़क तक पहुंचाया गया, जहां से ऑटो से अस्पताल भेजा गया।
ग्रामीणों के अनुसार गांव में पक्की सड़क और नदी पर पुल-पुलिया नहीं होने के कारण आपात स्थिति में मरीजों को इसी तरह खटिया पर ढोकर मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। बरसात में नदी का जलस्तर बढ़ने से परेशानी और बढ़ जाती है। गांव में नियमित स्वास्थ्य शिविर और एएनएम की सुविधा भी नहीं होने की बात ग्रामीणों ने कही है। वहीं, गांव का जलमीनार करीब पांच वर्षों से खराब पड़ा है। इसके कारण ग्रामीण नदी का पानी पीने और घरेलू कार्यों में इस्तेमाल करने को मजबूर हैं। बिजली की सुविधा भी अब तक गांव तक नहीं पहुंची है और बिजली के खंभे तक नहीं लगाए गए हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई समेत रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से दातुखाड़ में सड़क निर्माण, नदी पर पुल-पुलिया, जलमीनार की मरम्मत, स्वच्छ पेयजल, बिजली कनेक्शन और नियमित स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है।
    user_JONSON LAKRA
    JONSON LAKRA
    Local News Reporter महुआडांड़, लातेहार, झारखंड•
    2 hrs ago
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