बाजार टांड़ में जलमीनार निर्माण को लेकर अतिक्रमण हटाने पहुंचे नगर परिषद, विरोध के बाद लौटे गुमला नगर परिषद अध्यक्ष शकुन्तला उरांव एवं उपाध्यक्ष रमेश कुमार चीनी शहर में पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से प्रस्तावित जलमीनार निर्माण स्थल का निरीक्षण करने बाजार टांड़ पहुंचे। इस दौरान उनके साथ नगर परिषद के अधिकारी एवं कर्मी भी मौजूद थे। बताया जा रहा है कि उक्त स्थल पर लंबे समय से अतिक्रमण कर कई दुकानदार व्यवसाय कर रहे हैं, जिससे जलमीनार निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न हो रही है। नगर परिषद की टीम द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू किए जाने पर वहां मौजूद दुकानदारों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और स्थानीय दुकानदारों में आक्रोश फैल गया। विरोध के बीच प्रशासनिक टीम को पीछे हटना पड़ा और कार्रवाई को बीच में ही रोकना पड़ा। इसी दौरान एक दुकान पर बुलडोजर चलने से उसका कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे संबंधित दुकानदार और अधिक आक्रोशित हो गया। उसने नगर परिषद पर बिना पूर्व सूचना के कार्रवाई करने का आरोप लगाया। अन्य दुकानदारों ने भी प्रशासन के इस कदम को गलत बताते हुए उचित मुआवजा और वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की। नगर परिषद अध्यक्ष ने कहा कि शहर में जल संकट को देखते हुए जलमीनार निर्माण अत्यंत आवश्यक है और इसके लिए अतिक्रमण हटाना जरूरी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी प्रभावित दुकानदारों से बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास कार्य जरूरी है, लेकिन इससे प्रभावित लोगों के हितों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। फिलहाल स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है, लेकिन प्रशासन आगे की रणनीति पर विचार कर रहा है।
बाजार टांड़ में जलमीनार निर्माण को लेकर अतिक्रमण हटाने पहुंचे नगर परिषद, विरोध के बाद लौटे गुमला नगर परिषद अध्यक्ष शकुन्तला उरांव एवं उपाध्यक्ष रमेश कुमार चीनी शहर में पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से प्रस्तावित जलमीनार निर्माण स्थल का निरीक्षण करने बाजार टांड़ पहुंचे। इस दौरान उनके साथ नगर परिषद के अधिकारी एवं कर्मी भी मौजूद थे। बताया जा रहा है कि उक्त स्थल पर लंबे समय से अतिक्रमण कर कई दुकानदार व्यवसाय कर रहे हैं, जिससे जलमीनार निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न हो रही है। नगर परिषद की टीम द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू किए जाने पर वहां मौजूद दुकानदारों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और स्थानीय दुकानदारों में आक्रोश फैल गया। विरोध के बीच प्रशासनिक टीम को पीछे हटना पड़ा और कार्रवाई को बीच में ही रोकना पड़ा। इसी दौरान एक दुकान पर बुलडोजर चलने से उसका कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे संबंधित दुकानदार और अधिक आक्रोशित हो गया। उसने नगर परिषद पर बिना पूर्व सूचना के कार्रवाई करने का आरोप लगाया। अन्य दुकानदारों ने भी प्रशासन के इस कदम को गलत बताते हुए उचित मुआवजा और वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की। नगर परिषद अध्यक्ष ने कहा कि शहर में जल संकट को देखते हुए जलमीनार निर्माण अत्यंत आवश्यक है और इसके लिए अतिक्रमण हटाना जरूरी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी प्रभावित दुकानदारों से बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास कार्य जरूरी है, लेकिन इससे प्रभावित लोगों के हितों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। फिलहाल स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है, लेकिन प्रशासन आगे की रणनीति पर विचार कर रहा है।
- गुमला नगर परिषद अध्यक्ष शकुन्तला उरांव एवं उपाध्यक्ष रमेश कुमार चीनी शहर में पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से प्रस्तावित जलमीनार निर्माण स्थल का निरीक्षण करने बाजार टांड़ पहुंचे। इस दौरान उनके साथ नगर परिषद के अधिकारी एवं कर्मी भी मौजूद थे। बताया जा रहा है कि उक्त स्थल पर लंबे समय से अतिक्रमण कर कई दुकानदार व्यवसाय कर रहे हैं, जिससे जलमीनार निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न हो रही है। नगर परिषद की टीम द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू किए जाने पर वहां मौजूद दुकानदारों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और स्थानीय दुकानदारों में आक्रोश फैल गया। विरोध के बीच प्रशासनिक टीम को पीछे हटना पड़ा और कार्रवाई को बीच में ही रोकना पड़ा। इसी दौरान एक दुकान पर बुलडोजर चलने से उसका कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे संबंधित दुकानदार और अधिक आक्रोशित हो गया। उसने नगर परिषद पर बिना पूर्व सूचना के कार्रवाई करने का आरोप लगाया। अन्य दुकानदारों ने भी प्रशासन के इस कदम को गलत बताते हुए उचित मुआवजा और वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की। नगर परिषद अध्यक्ष ने कहा कि शहर में जल संकट को देखते हुए जलमीनार निर्माण अत्यंत आवश्यक है और इसके लिए अतिक्रमण हटाना जरूरी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी प्रभावित दुकानदारों से बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास कार्य जरूरी है, लेकिन इससे प्रभावित लोगों के हितों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। फिलहाल स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है, लेकिन प्रशासन आगे की रणनीति पर विचार कर रहा है।1
- घाघरा थाना से महज 100 मीटर की दूरी पर जाने-माने सोना व्यवसाय हरिओम गहना घर के संचालक शशांक सोनी से भीषण लूट हुई है। घटना सोमवार की शाम लगभग 7 बजे की है। जब शशांक अपनी मां के साथ दुकान बंद करके ग्राहक का ऑर्डर किया हुआ और खुद का बेचने वाला सोना के साथ साथ आज के बिक्री का कैश पैसा सभी स्कूटी के डिक्की में डालकर घर आ रहा था। घर पहुंचने से लगभग 100 मीटर पहले पुटो रोड में तीन मोटरसाइकिल में छह लोग हथियार के साथ आए और शशांक के स्कूटी के आगे एक मोटरसाइकिल लगा दिया और हवाई फायरिंग करते हुए कहा सारा सामान निकाल कर दो नहीं तो गोली मार देंगे। इसके बाद शशांक और उसकी मां सड़क के किनारे चिप्स पर गिर गए। जिसके बाद अपराधियों ने शशांक के कनपटी में हथियार सताते हुए कहा समान निकालो नहीं तो गोली मार देंगे। इसके बाद उसकी मां ने शशांक को पकड़ा और कहा आप मेरे बेटे को ना मारे आपको जो भी लेना है ले ले। जिसके बाद स्कूटी का चाबी लेते हुए डिक्की में रखे लगभग 1 किलो सोना और 50 हजार नगद लेकर फरार हो गया। घटना की सूचना घाघरा थाना को दी गई जिसके बाद थाना की टीम घटनास्थल पहुंच सीसीटीवी के जरिए अपराधियों की पहचानी में लग गई है। वहीं कुछ टीम छापेमारी कर रही है। यहां बता दे की हरिओम गहना घर थाना के मुख्य द्वार पर है। जहां से दिन भर दुकानदारी करने के बाद शाम को दुकान बंद कर अपना घर आ रहा था। जिस जगह पर भीषण लूट हुई है वहां से थाना की दूरी महज 100 मीटर है। ग्रामीणों ने कहा कि इतनी भीषण लूट आज तक पूरा जिला में नहीं हुई थी। यह काफी चिंता का विषय है थाना से महज 100 मीटर की दूरी पर करोड़ से अधिक की लूट हथियार के बल पर अपराधियों ने किया है।2
- सिसई (गुमला)। ग्राम पंचायत कुदरा में गलत तरीके से ग्राम प्रधान व सहायक सचिव की नियुक्ति एवं ग्रामसभा समिति के गठन पर ग्रामीणों ने अंचल कार्यालय में हंगामा करते हुए नियुक्ति प्रक्रिया को रद्द कर नये सिरे से चयन करने की मांग की। ग्रामीणों ने अंचल अधिकारी को लिखित आवेदन देते हुए बताया है कि 22 अप्रैल 2026 को चयनित प्रक्रिया में शामिल ग्राम पंचायत मुखिया और अंचल से आये हुए सरकारी मुलाजिम के समक्ष कुदरा ग्राम निवासी जयराम और उनके नजदीकी व्यक्तियों के द्वारा अनुचित विरोध व व्यवधान पैदा कर कार्यक्रम को बाधित किया गया। उन्होंने आगे कहा कि ग्राम कुदरा निवासी जयराम उरांव पिता स्व एतवा उरांव ने लगभग एक वर्ष से स्वयं ग्राम प्रधान बनने एवं अपने नजदीकी व्यक्ति को सहायक सचिव बनाने हेतु कई प्रकार के हथकंडे अपनाते हुए षड्यंत्र किया जा रहा है साथ ही ग्रामीणों के आँखों में धूल झोंकने का काम किया जा रहा है। देखा जाय तो इनकी चापलूसी की कहानी अनैतिक तो है ही इसके अलावे अत्यंत रोचक भी है। जानकर आश्चर्य होगा कि पूरे सरकारी तंत्र को धोखे में रखकर नियमों कानून का उलंघन करते हुए तथा बिना सरकारी आदेश पारित हुए अपनी मनमानी तरीके से खुद को प्रमाणित करने हेतु गांव के कुछ घरों में जाकर कई लोगों से हस्ताक्षर कराकर ग्राम प्रधानी का आवेदन अंचल कार्यालय में जमा किया था। तदोपरांत अपना पद का फर्जी मोहर बनवाकर इस्तेमाल भी शुरू कर दिया था उसकी यह शातिराना अंदाज एक प्रकार से लोकतंत्र का मजाक नहीं तो और क्या है। उनके इस फर्जीवाड़ा को लेकर अनुमंडल पदाधिकारी गुमला को लिखित रूप से आवेदन दिया जा चुका है। जयराम उरांव अपने स्वार्थ के भूख में संपूर्ण सरकारी योजनाओं का लाभ केवल और केवल खुद ही लेना चाहते हैं यह व्यक्ति एक दशक पहले खुद मुखिया का चुनाव लड़ चुका है किन्तु सफल नहीं हुआ। उसके बाद दुबारा वार्ड सदस्य बने और फिर उपमुखिया का पद हासिल किया। इसी दौरान झारखंड झइबल डेवेलॉपमेंट सोसाइटी (जेटीडीएस) का अध्यक्ष रहा तत्पश्चात वर्तमान समय में ग्राम पंचायत खादबीज वितरण लैम्पस का अध्यक्ष भी है। इसके अलावे इनकी पत्नी अनिता उरांव मौजुदा समय में पंचायत समिति (सरपंच) पद पर आसीन है महत्वपूर्ण बात यह है कि जयराम उरांव ने हमेशा अपने पदों का दुरूपयोग करते हुए जातिवाद व भेदभाव के द्वारा अमूमन गांव समाज को बाँटने का काम करते चला आ रहा है। ग्रामीणों ने अंचल अधिकारी अशोक बड़ाईक से आग्रह करते हुए कहा है कि चयनित प्रक्रिया को पूरे नियमबद्ध तरीके से एवं सरकारी दिशा निर्देशों के तहत ही नियुक्तिकरण की सहमति प्रदान करें ताकि सार्थक पहलुओं को लागू करने के बाद सभी बुनियादी सुविधाओं और सिद्धांतों का कदापि हनन न हो सके। ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए ये भी कहा है कि यदि ग्रामसभा के बिना अवैध रूप से नियुक्ति होता है तो इसका जिम्मेवार स्वयं अंचल अधिकारी होंगे। वहीं ग्रामीण विष्णु लोहरा ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि प्रत्येक प्रकरण के बारे में गंभीर मंथन करने के बाद पर्याप्त कारणों व समयक प्रतिक्रियाओं को देखते हुए ऐसा लगता है कि हमारे गांव में सातवां पास व्यक्ति पढ़ा लिखा सिर्फ एक ही व्यक्ति है जिसका नाम जयराम उरांव है बाकि गांव के सभी बीए, एमए किये हुए युवक युवतियाँ अनपढ़ गवाँर के श्रेणि में आते हैं कारण हर पद व योजनाओं का अधिकार एक ही व्यक्ति को मिलना क्या यह उचित है जो व्यक्ति केवल अपना और अपनों का ही भला चाहता हो वैसा व्यक्ति कभी समाज का कल्याण नहीं कर सकता है और ना ही गांव के विकास में अपना भागीदारी सुनिश्चित कर सकता है इसलिए ऐसे अयोग्य व्यक्ति को ग्राम प्रधान बनने का कोई अधिकार नहीं है। मौके पर वार्ड सदस्य सुनीता देवी, सुरेश उरांव, विष्णु लोहरा राजू, मदन सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण महिला पुरुष उपस्थित थे।4
- चैनपुर थाना क्षेत्र के पुटरूंगी गांव में सोमवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। गांव निवासी मार्टिन तिर्की की 28 वर्षीय पत्नी रोस खलखो कोनार साग तोड़ने के लिए पेड़ पर चढ़ी थी, तभी अचानक उसका पैर फिसल गया और वह नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई।1
- गुमला: उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य (Maternal Health) की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि कोई भी गर्भवती महिला एएनसी (ANC) जांच से वंचित न रहे। सभी गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत पंजीकरण एवं नियमित जांच सुनिश्चित करने के साथ ही होम डिलीवरी के मामलों का सत्यापन अनिवार्य रूप से कराया जाए। बैठक में बताया गया कि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में NQAS के तहत 60 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई है, जिसे और बेहतर करने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने एमटीसी (MTC) में बेड ऑक्यूपेंसी बढ़ाने हेतु गैप असेसमेंट करने एवं 509 चिन्हित गंभीर कुपोषित (SAM) बच्चों की स्क्रीनिंग कर उन्हें एमटीसी में भर्ती कराने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने कहा कि जिले को कुपोषण मुक्त करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए पोषण आहार की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करते हुए शिशु आहार कार्यक्रम को प्रभावी रूप से संचालित करने के निर्देश दिए गए। आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में 68 प्रतिशत उपलब्धि के साथ राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त है। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि एक माह के अंतराल पर प्रगति का आकलन करते हुए पुनः विशेष कैंप का आयोजन किया जाए। इसके साथ ही स्कैन एंड शेयर, हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री एवं हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा में बताया गया कि जिले ने स्पुटम टेस्ट में 114 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है। वहीं वर्तमान में 608 टीबी मरीज चिन्हित हैं, जिनमें गुमला, सिसई एवं बसिया प्रखंडों में सर्वाधिक मरीज हैं। उपायुक्त ने जिले को टीबी मुक्त बनाने हेतु विशेष अभियान चलाने एवं 100 दिवसीय टीबी कैंपिंग को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। साथ ही कम प्रगति वाले प्रखंडों में सुधार लाने तथा आवश्यकतानुसार कार्रवाई करने की बात कही गई। नेशनल वेक्टर बॉर्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम एवं एनसीडी (NCD) स्क्रीनिंग की भी समीक्षा की गई। एचपीवी (HPV) टीकाकरण को लेकर उपायुक्त ने सभी विद्यालयों में जांच एवं टीकाकरण अभियान चलाने, अभिभावकों एवं छात्राओं को जागरूक करने तथा शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पीएम-आभिम (PM-ABHIM) योजना के तहत विभिन्न हेल्थ सब सेंटर (HSC), पीएचसी (PHC), इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैबोरेट्री एवं क्रिटिकल केयर ब्लॉक के निर्माण कार्यों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा करते हुए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि गुमला जिला का प्रदर्शन प्रत्येक स्वास्थ्य सूचकांक में राज्य स्तर पर शीर्ष 10 में होना चाहिए। इससे नीचे रहने पर संबंधित पदाधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में सिविल सर्जन गुमला डॉ. शंभूनाथ चौधरी, जिला योजना पदाधिकारी रमण कुमार, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी आरती कुमारी, जिला शिक्षा अधीक्षक नूर आलम खां,जिला शिक्षा पदाधिकारी कविता खालको, सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।3
- चैनपुर सरकारी विद्यालय के ताले में ईनशानी मल लैटरीन एक महीने में तीन बार डाला गया। चैनपुर : चैनपुर स्थित राजकीय बालक मध्य विद्यालय में एक बेहद शर्मनाक और अमानवीय घटना सामने आई है। किसी अज्ञात असामाजिक तत्व द्वारा स्कूल के मुख्य गेट और ताले पर ईनशानी मल लैटरीन लगा दिया गया, जिससे स्कूल का माहौल तनावपूर्ण हो गया और घंटों तक बच्चे व शिक्षक गेट के बाहर खड़े रहने को मजबूर हुए।प्रभारी प्रधानाध्यापिका जगरानी कुजूर ने अत्यंत दुखी मन से बताया कि विद्यालय परिसर में यह इस तरह की तीसरी घटना है। उन्होंने जानकारी दी कि पहली बार जब गेट पर लैट्रिन कि गंदगी फैलाई गई थी, तो उन्होंने स्वयं उसे साफ किया था। दूसरी बार घटना होने पर शिक्षक कृष्णा सर और अन्य महिला शिक्षकों ने बाल्टी और झाड़ू उठाकर सफाई की थी ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो। लेकिन ये हद से ज्यादा हो गया कि स्कूल के मुख्य गेट के ताले पर ही कोई लैट्रीन लगा दिया ये बार बार हो रहा है।प्रधानाध्यापिका ने कहा, "यह बेहद तकलीफदेह है कि शिक्षा के मंदिर में ऐसी घिनौनी हरकतें की जा रही हैं। समाज को यह जानना जरूरी है कि स्कूल परिसर में किस तरह की मानसिकता वाले लोग व्यवधान डाल रहे हैं।"सोमवार सुबह जब छात्र और शिक्षक स्कूल पहुंचे, तो गेट पर फैली गंदगी और जाम ताले को देखकर दंग रह गए। सुबह 6:45 बजे स्कूल लगने का समय था, लेकिन इस हरकत के कारण गेट नहीं खुल सका। कक्षा 7वीं की छात्रा भगवती कुमारी और 8वीं की अंबिका कुमारी ने बताया कि उन्होंने ताले के पास भारी गंदगी देखी। छात्रा ने पुष्टि की कि शिक्षिकाओं को पहले भी कई बार खुद सफाई करनी पड़ी है।काफी देर तक बच्चे और शिक्षक गेट के बाहर ही बैठे रहे। सूचना मिलने पर चैनपुर थाना प्रभारी अरविंद कुमार, जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा और मुखिया शोभा देवी विद्यालय पहुंचे। अंततः पुलिस, जनप्रतिनिधियों और शिक्षकों की उपस्थिति में सुबह 8:030 बजे बिजली कटर से गेट का ताला तोड़ा गया, जिसके बाद बच्चे स्कूल के अंदर प्रवेश कर सके। ताला खुलते ही बच्चों के चेहरों पर राहत की मुस्कान दिखी।इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों और शिक्षकों में भारी रोष भी देखने को मिल रहा है। थाना प्रभारी अरविंद कुमार ने शिक्षकों और ग्रामीणों से पूछताछ की है और आश्वासन दिया है कि इस घृणित कार्य को अंजाम देने वाले आरोपी की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मौके पर स्थानीय ग्रामीणों और शिक्षकों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों को जल्द सलाखों के पीछे भेजने की मांग की है।बता दें कि कल रविवार कि छुट्टी के बाद सोमवार के सुबह स्कूल का गेट खोलने के लिए स्कूल के टीचर पहुंचे तो मुख्य गेट के ताले पर शौच लगा हुआ था और ईसके पिछले शनिवार को किया गया था और उसके एक सप्ताह पहले भी स्कूल के गेट के ताले पर शौच लगाया गया था। वहीं बार बार ईस तरह के घृनीत कार्य को देखते हुए स्कूल में पढ़ रहे बच्चों के सुरक्ष को लेकर भी गार्जियन चिंतित नजर आ रहे हैं जीसपर स्कूल के मुख्य गेट पर सीसी टीवी कैमरे कि भी मांग कि जा रही है। चैनपुर से कुलदीप कुमार कि रिपोर्ट।1
- पशु तस्करी के गुप्त सूचना पर दो पशु तस्कर गिरफ्तार जेल भेजा गया संवाददाता सेन्हा-लोहरदगा: पशु क्रूरता अधिनियम के तहत पुलिस कारवाई वाहन में लोड मवेशी के साथ दो गिरफ्तार नियम संगत कारवाई के पश्चात आरोपी को भेजा गया जेल। विदित हो कि लोहरदगा जिले के सेन्हा थाना क्षेत्र में पशु तस्करी का गुप्त सूचना पर पुलिस कारवाई के दौरान कंडरा चौक से पांच पशुओं को जप्त किया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार पशु तस्करों ने उड़ीसा राज्य के राउरकेला से पिकअप वाहन में पांच जानवरों को क्रूरता के साथ लाद कर आ रहा था। जिसकी गुप्त सूचना वरीय पुलिस पदाधिकारियों को प्राप्त हुआ था। सूचना सत्यापन एवं छापेमारी के निर्देश पर थाना प्रभारी के नेतृत्व में कंडरा चौक पर वाहन जांच अभियान चलाया गया। वाहन जांच के क्रम में पिकअप बीआर 0 3 जी बी 5169 में तीन भैंस व दो भैंसा को क्रूरता के साथ लाद कर लाया जा रहा था। इस सम्बंध में चालक से पूछ ताछ करने के बाद पुलिस द्वारा मवेशी से संबंधित कागजात की मांग की गई। परंतु चालक द्वारा कोई कागजात प्रस्तुत नही किया गया। इस संदर्भ में थाना प्रभारी नीरज झा ने जानकारी देते हुए कहा कि पुलिस अधीक्षक को गुप्त सूचना प्राप्त हुआ था। जिसके आलोक में सेन्हा पुलिस के द्वारा कारवाई करते हुए एक पिकअप वाहन में तस्करी के लिए अवैध रूप से पशुओं को ले जाया जा रहा था। वाहन जांच के क्रम में अवैध रूप से तस्करी के लिये ले जा रहे तीन भैंस व दो भैंसा को कंडरा चौक से पकड़ कर सेन्हा थाना में सुरक्षित रख गया। साथ ही बताया कि चालक व उपचालक के विरुद्ध सेन्हा थाना में कांड संख्या 60/26 दर्ज कर झारखंड पशु क्रूरता अधिनियम 12 (1) के तहत बिहार राज्य के भोजपुर जिला अंतर्गत कृष्णगढ़ थाना क्षेत्र के सरैया निवासी सरल यादव का 22 वर्षीय पुत्र विकास कुमार और विजय कुमार यादव का 24 वर्षीय पुत्र कुंदन कुमार को गिरफ्तार कर नन्यायिक हिरासत लोहरदगा जेल भेजा गया।2
- *घाघरा गुमला ब्रेकिंग घाघरा थाना मुख्यालय स्थित पुटो रोड में शुक्रवार शाम बड़ी लूट की घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार जाने-माने व्यवसायी हरिओम गाहना घर के प्रोपराइटर शशांक सोनी दुकान बंद कर पुराना रोड स्थित अपने घर जा रहे थे। इसी दौरान बीच रास्ते में तीन मोटरसाइकिल सवार अज्ञात अपराधियों ने उन्हें रोक लिया और बंदूक की नोक पर लाखों रुपये के जेवरात एवं करीब 70 हजार रुपये नकद लूटकर फरार हो गए। बताया जा रहा है कि अपराधियों ने दहशत फैलाने के लिए दो राउंड फायरिंग भी की, जिसके बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही घाघरा थाना पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं तथा अपराधियों की तलाश के लिए छापेमारी की जा रही है। इस घटना से स्थानीय व्यवसायियों में दहशत का माहौल है।1