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देना भद्र का मेला लग गया है। यह मेला शंखरपुर मोरकाही में आयोजित किया गया है। पोस्ट में उन दोस्तों से टिप्पणी करने का आग्रह किया गया है जो शंखरपुर मोरकाही जगह को जानते हैं।
Vijay kumar
देना भद्र का मेला लग गया है। यह मेला शंखरपुर मोरकाही में आयोजित किया गया है। पोस्ट में उन दोस्तों से टिप्पणी करने का आग्रह किया गया है जो शंखरपुर मोरकाही जगह को जानते हैं।
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- एक सोशल मीडिया पोस्ट में दोस्तों को 'सब्सक्राइब' करने का आग्रह किया गया है। पोस्ट में यह मौकही का मेला होने की बात कही गई है, और यह भी पूछा गया है कि शंकर प्रमोद कौन हैं।1
- सुपौल जिले के पिपरा बाजार में बिजली की गंभीर समस्या बनी हुई है, जहां सुबह 1 बजे से बिजली की आपूर्ति पूरी तरह ठप है। शाम के 7 बजने तक भी बिजली नहीं आई है, जिसके कारण स्थानीय लोग लगभग 18 घंटे से बिजली के बिना परेशान हैं। निवासियों ने तत्काल बिजली बहाली की मांग की है और इस पूरे मामले पर 'बरस बाद कार्रवाई' किए जाने की अपील की है।1
- छातापुर के राघोपुर-सिमराही इलाके में 33,000 वोल्ट का एक जर्जर बिजली पोल टूटकर गिर गया है, जिसके कारण पूरे क्षेत्र में बिजली बाधित हो गई और इलाका अंधेरे में डूब गया। यह घटना तब हुई जब करीब दो महीने पहले ही बिजली विभाग को आवेदन देकर इस जर्जर पोल को बदलने की मांग की गई थी। इतना ही नहीं, मीडिया और न्यूज़ चैनलों के माध्यम से भी इस गंभीर खतरे को लगातार उठाया गया था, लेकिन बिजली विभाग ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया और बेखबर बना रहा। इस बड़ी लापरवाही का सीधा नतीजा यह है कि अब पोल गिरने से बिजली आपूर्ति ठप हो गई है, लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, और जान-माल की क्षति भी हुई है। पोस्ट में कड़े शब्दों में सवाल उठाया गया है कि अगर आज कोई बड़ा हादसा हो जाता या 10-12 लोगों की जान चली जाती, तो इसका जिम्मेदार कौन होता, और क्या सिस्टम हमेशा किसी बड़ी मौत या तबाही का इंतजार करता है। इस घटना को सिर्फ एक पोल का गिरना नहीं, बल्कि लापरवाही, सुस्त सिस्टम और जनता की अनदेखी का जीता-जागता उदाहरण बताया गया है। पोस्ट में यह मांग की गई है कि जिम्मेदार अधिकारियों पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए और सभी जर्जर पोलों को बदलने का काम शुरू किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में कोई मासूम इस प्रशासनिक अनदेखी की कीमत अपनी जान देकर न चुकाए। इसके साथ ही, जनता से अब चुप न रहने और आवाज उठाने का आह्वान किया गया है, क्योंकि अगला हादसा किसी के भी घर के सामने हो सकता है।1
- मधेपुरा जिले में मुहर्रम का पर्व शुक्रवार को आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाया गया, जिसने गम, शहादत और इंसानियत का संदेश दिया। शहर के विभिन्न हिस्सों से पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाले गए, जो सदर प्रखंड कार्यालय के समीप उत्तरी राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे स्थित कर्बला मैदान पहुंचे। यहाँ बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति में धार्मिक रस्में पूरी की गईं। मुहर्रम मेले में बच्चों, महिलाओं और युवाओं की भारी भीड़ उमड़ी, जहाँ लोगों ने लगे विभिन्न स्टॉलों और पारंपरिक आयोजनों का भरपूर आनंद लिया। इस अवसर पर विभिन्न अखाड़ों के उस्तादों और प्रतिभागियों ने तलवारबाजी, लाठी और अन्य पारंपरिक युद्धक कलाओं का शानदार प्रदर्शन कर उपस्थित दर्शकों को रोमांचित कर दिया। उनके हैरतअंगेज करतबों पर दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा, जिसमें कर्बला मैदान और मेला परिसर में व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। एसडीएम संतोष कुमार, एएसपी प्रवेंद्र भारती, बीडीओ अखिलेश्वर कुमार और सदर थानाध्यक्ष विमलेंदु कुमार सहित कई प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने लगातार पूरे आयोजन की निगरानी की और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। समाजसेवी शौकत अली ने बताया कि मधेपुरा में यह पर्व वर्षों से आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक रहा है। उन्होंने ज़ोर दिया कि सभी समुदायों के लोगों के सहयोग और सहभागिता से यह आयोजन हर साल शांतिपूर्ण और गरिमापूर्ण तरीके से संपन्न होता है, जिससे जिले की सामाजिक एकता मजबूत होती है। कार्यक्रम का संचालन पृथ्वीराज यदुवंशी ने किया। पूरे आयोजन के दौरान स्थानीय लोगों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला, जिसके परिणामस्वरूप सुरक्षा व्यवस्था और सामाजिक सहयोग से कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। मुहर्रम के इस आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि मधेपुरा की पहचान केवल धार्मिक आयोजनों से नहीं, बल्कि आपसी विश्वास, भाईचारे और सामाजिक सौहार्द की मजबूत परंपरा से भी है।4
- मधेपुरा जिले के मुरलीगंज में मोहर्रम का पर्व अत्यंत शांतिपूर्ण ढंग से मनाया गया। इस दौरान क्षेत्र में कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई।1
- सुपौल जिले में एक सड़क पर मिट्टी डाल दिए जाने से स्थानीय लोगों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति के कारण बारिश का सारा पानी भी सड़क पर जमा हो जाता है, जिससे समस्या और बढ़ जाती है। जब मिट्टी डालने वाले व्यक्ति से इस बारे में बात की जाती है, तो वह यह कहकर जवाब देता है कि यह सड़क उसकी निजी जमीन पर बनी है और वह अपनी मर्जी के अनुसार ही काम करेगा। शिकायतकर्ता के अनुसार, यह व्यक्ति चौबीसों घंटे शराब के नशे में रहता है। प्रभावित लोगों ने इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए तत्काल मदद की गुहार लगाई है।1
- सौर बाजार प्रखंड क्षेत्र के चंदौर पूर्वी पंचायत अंतर्गत मुख्य सड़क मार्ग स्थित बीडीओ चौक पर वेपर लाइट न होने के कारण रात के समय वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को आवागमन में हमेशा दुर्घटना का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस मुख्य सड़क मार्ग से दो टोलों के लिए सड़कें निकलती हैं, जहां देर रात तक लोगों का आना-जाना लगा रहता है। अंधेरे के कारण मुख्य सड़क मार्ग से इन अंदरूनी सड़कों पर प्रवेश करते समय लोगों को रास्ता ठीक से दिखाई नहीं देता, जिससे कई बार वे दुर्घटनाओं का शिकार होने से बाल-बाल बचे हैं। इसके अतिरिक्त, मुख्य सड़क मार्ग से पूर्व दिशा की ओर दर्जनों किसानों के खेत हैं। किसान अपनी खेतीबाड़ी के काम से इस रास्ते से आते-जाते रहते हैं और कभी-कभी उन्हें देर रात तक भी खेतों में काम करना पड़ता है। इन परिस्थितियों को देखते हुए, लोगों ने इस सड़क मार्ग के किनारे वेपर लाइट लगाने की पुरजोर मांग की है, ताकि सभी को आवागमन में काफी सुविधा मिल सके और दुर्घटनाओं का जोखिम कम हो।1
- देना भद्र का मेला लग गया है। यह मेला शंखरपुर मोरकाही में आयोजित किया गया है। पोस्ट में उन दोस्तों से टिप्पणी करने का आग्रह किया गया है जो शंखरपुर मोरकाही जगह को जानते हैं।1