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अनिकट में मृत पशु अवशेष से पानी दूषित, ग्रामीणों ने की तत्काल कार्रवाई की मांग जानकारी बुधवार दोपहर 12 बजे मिली ढिकवानी गांव के अनिकट में मृत पशु के अवशेष मिलने से पानी गंभीर रूप से दूषित हो गया है, जिससे पशुओं और ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है। हजारों पशु इसी जल स्रोत पर निर्भर हैं, जबकि पानी की कमी से कई पशुओं की मौत भी हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि गंदगी, सड़ांध और गाद भराव से जल स्रोत की स्थिति बदतर हो गई है। पंचायत को सूचना देने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने प्रशासन से सफाई, डी-सिल्टिंग, जल जांच और त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
हर्षित भार्गव
अनिकट में मृत पशु अवशेष से पानी दूषित, ग्रामीणों ने की तत्काल कार्रवाई की मांग जानकारी बुधवार दोपहर 12 बजे मिली ढिकवानी गांव के अनिकट में मृत पशु के अवशेष मिलने से पानी गंभीर रूप से दूषित हो गया है, जिससे पशुओं और ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है। हजारों पशु इसी जल स्रोत पर निर्भर हैं, जबकि पानी की कमी से कई पशुओं की मौत भी हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि गंदगी, सड़ांध और गाद भराव से जल स्रोत की स्थिति बदतर हो गई है। पंचायत को सूचना देने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने प्रशासन से सफाई, डी-सिल्टिंग, जल जांच और त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
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- जिले की ग्राम पंचायत खौंरघार (खरईभाट) में शहीद अमर जवान की समाधि से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय स्तर पर आक्रोश पैदा कर दिया है। आरोप है कि प्राइवेट एलएनटी कंपनी द्वारा शहीद की समाधि स्थल पर वृक्षारोपण कराया गया था, लेकिन ग्राम पंचायत के जिम्मेदारों ने उसी कार्य पर फर्जी तरीके से राशि आहरित कर ली। ग्रामीणों के मुताबिक, एलएनटी कंपनी ने अपने स्तर पर पेड़-पौधे लगाकर शहीद स्थल को विकसित करने की पहल की थी। इसके बावजूद पंचायत द्वारा कोई अलग कार्य न कराने के बावजूद भुगतान निकाल लिया गया। इस मामले में सरपंच मलखान सिंह जाटव और सचिव पहलवान सिंह रावत पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं।1
- शिवपुरी शहर के वार्ड 36 के निवासी गंदगी और सड़क की समस्या को लेकर कलक्ट्रेट पहुंचे झिंगुरा कॉलोनी के रहवासियों ने गली में जलभराव की गंभीर समस्या को लेकर कलेक्टर को जनसुनवाई में शिकायत सौंपी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्होंने कई बार वार्ड पार्षद से शिकायत की, लेकिन केवल आश्वासन ही मिला। पार्षद द्वारा फाइल स्वीकृत और टेंडर होने की बात कही गई, लेकिन अब तक काम शुरू नहीं हुआ। रहवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि पार्षद ने वोट न मिलने का हवाला देकर काम में रुचि नहीं दिखाई। वार्डवासियों ने कलेक्टर और नगर पालिका प्रशासन से मांग की है कि बारिश से पहले गली में सीसी रोड और नाली का निर्माण कराया जाए, ताकि जलभराव की समस्या से राहत मिल सके और आमजन को परेशानी न झेलनी पड़े।3
- Post by Noshad ahmad qureshi1
- 6 दिन की बच्ची को करोड़पति दंपती ने 1 लाख में खरीदा, 2 साल बाद सड़क किनारे फेंका, मानव तस्करी से जुड़ा नेटवर्क; 6 आरोपी गिरफ्तारपुलिस के मुताबिक, मूंदड़ा दंपती ने 2 साल पहले 1 लाख में 6 दिन की मासूम को खरीदी थी. लेकिन दो साल बाद बच्ची को ‘मनहूस’ मानकर श्योपुर नेशनल हाईवे-552 पर फेंक दिया. इस मामले में सौदागर पार्लर संचालिका सहित 6 लोग गिरफ्तार किए गए हैं. साथ ही इस मामले का तार मानव तस्करी से जुड़ गया है, जो इंदौर सहित 4 जिलों में फैला हुआ है. फिलहाल पुलिस बच्ची के असली माता-पिता तक नहीं पहुंच सकी है. नेशनल हाइवे-552 पर सोईकलां के पास मिली 2 साल की मासूम बालिका का मामला अब बड़े मानव तस्करी नेटवर्क में बदल चुका है. श्योपुर पुलिस ने अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें इंदौर के महालक्ष्मी नगर में ब्यूटी पार्लर चलाने वाली नीता जैन, उसका पति वैभव जैन, आकाश मुंदड़ा और उसकी पत्नी कृतिका मूंदड़ा सहित धार और खरगोन की दो अन्य महिलाएं शामिल हैं. ऐसे में अब भी सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है कि मासूम बच्ची की असली माता-पिता कौन है? फिलहाल पुलिस इस कड़ी तक नहीं पहुंच सकी है. हालांकि श्योपुर पुलिस अधीक्षक सुधीर अग्रवाल ने बताया कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर दिया जाएगा. उन्होंने बताया कि जांच में सामने आया है कि इस मासूम का सौदा 21 नवंबर 2024 को किया गया था, जब वो महज 6 दिन की नवजात थी.1
- गुना जिले के झागर स्कूल में पदस्थ शिक्षक श्री अवधेश अवस्थी ने विज्ञान मंथन यात्रा इसरो केंद्र बेंगलुरु चेन्नई श्रीहरिकोटा का किया भ्रमण। शैक्षणिक भ्रमण यात्रा से लौटने पर झागर स्कूल में किया गया सम्मान। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय झागर में पदस्थ शिक्षक अवधेश अवस्थी का चयन मध्य प्रदेश सरकार ने विज्ञान मंथन यात्रा में किया। विद्यालय के प्राचार्य नरेंद्र भार्गव ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा चयनित 27 शिक्षकों में से गुना जिले से एकमात्र शिक्षक श्री अवधेश अवस्थी का चयन हुआ और राज्य शासन द्वारा 10 से 12 तक के 377 विद्यार्थियों का यह प्रतिनिधि मंडल 21 से 27 अप्रैल तक बेंगलुरु चेन्नई एवं श्री हरी कोटा का शैक्षणिक भ्रमण किया श्री अवधेश अवस्थी इस विज्ञान मंथन यात्रा में मार्गदर्शन शिक्षक के रूप में सम्मिलित हुए। सात दिवसीय यात्रा से लौटने पर श्री अवस्थी का विद्यालय में प्राचार्य श्री भार्गव एवं समस्त स्टाफ सदस्यों ने सम्मान किया और इस उपलब्धि के लिए उन्हें शुभकामनाएं प्रेषित की। इस मौके पर श्री अवस्थी ने बताया कि विज्ञान मंथन यात्रा2025–26’ इस वर्ष मध्यप्रदेश के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए एक अद्वितीय अवसर बनकर सामने आई है। इसी कड़ी में गुना जिले से एकमात्र शिक्षक एवं 5 विद्यार्थियों का चयन जिले के लिए गर्व का विषय है। श्री अवस्थी ने बताया कि यह यात्रा केवल एक भ्रमण नहीं, बल्कि तीन आयामों में विकसित एक सशक्त शिक्षण प्रक्रिया है—ज्ञान, अनुभव और प्रेरणा—जिसका स्पष्ट प्रतिबिंब इसके तीन प्रमुख दिवसों के प्रतिवेदनों में दिखाई देता है। प्रथम चरण में जब प्रतिभागियों ने बेंगलुरु स्थित अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्रों का अवलोकन किया, तब उन्हें उपग्रह निर्माण, मिशन योजना, नेविगेशन प्रणाली तथा इंडियन डीप स्पेस नेटवर्क जैसी अत्याधुनिक तकनीकों से परिचित होने का अवसर मिला। द्वितीय चरण में चेन्नई के बिरला तारामंडल एवं अन्य वैज्ञानिक संस्थानों का भ्रमण, खगोल विज्ञान की गहराइयों से साक्षात्कार का माध्यम बना। यहां ब्रह्मांड की संरचना, ग्रहों की गति, तारों की उत्पत्ति और अंतरिक्ष के रहस्यों को आधुनिक तकनीकों के माध्यम से समझाया गया। तृतीय और सबसे महत्वपूर्ण चरण में श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र का भ्रमण, इस यात्रा का चरम बिंदु सिद्ध हुआ। यहां प्रथम एवं द्वितीय लॉन्च पैड की कार्यप्रणाली, रॉकेट प्रक्षेपण की सूक्ष्मतम तकनीकी प्रक्रियाएं तथा मिशन कंट्रोल की सटीकता ने प्रतिभागियों को अभिभूत कर दिया। जिन रॉकेटों को अब तक केवल समाचारों और पुस्तकों में देखा था, उन्हें प्रत्यक्ष रूप से देखने और समझने का अवसर विद्यार्थियों के लिए जीवन का अविस्मरणीय अनुभव बन गया। शिक्षक अवधेश कुमार अवस्थी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह यात्रा विद्यार्थियों के लिए “किताबी ज्ञान से आगे बढ़कर वास्तविक विज्ञान को समझने का सशक्त माध्यम” है। वहीं चयनित विद्यार्थियों के उत्साह और जिज्ञासा ने यह सिद्ध कर दिया कि यदि उन्हें सही दिशा और अवसर मिले, तो वे भविष्य में देश के वैज्ञानिक परिदृश्य को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं। ‘विज्ञान मंथन यात्रा’ का मूल उद्देश्य भी यही है—प्रतिभा की पहचान, उसका पोषण और उसे अनुसंधान एवं नवाचार की दिशा में अग्रसर करना। मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से संचालित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को न केवल प्रेरित करता है, बल्कि उन्हें वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सोचने और समाज के लिए उपयोगी समाधान विकसित करने के लिए भी प्रोत्साहित करता है। अंततः, गुना जिले से चयनित यह छोटा-सा प्रतिनिधिमंडल एक बड़े संदेश का वाहक है—कि छोटे शहरों और ग्रामीण अंचलों में भी प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता है तो केवल सही अवसर और मार्गदर्शन की। यह यात्रा उन सपनों को पंख देने का कार्य कर रही है, जो कल भारत को विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएंगे।1
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- Post by Chauthmal Verma1