पति की मौत को बताया हत्या, डीएम-एसपी से लगाई न्याय की गुहार पुलिश पर साठ गाँठ कर आरोपियों को बड़ी खबर जनपद जालौन पति की मौत को बताया हत्या, डीएम-एसपी से लगाई न्याय की गुहार पुलिश पर साठ गाँठ कर आरोपियों को अतिरिक्त लाभ लेकर बचाने का आरोप पीड़ित परिवार जिला अधिकारी महोदय आफिस से बाहर बोलेरो से कुचलकर मौत का आरोप, पत्नी ने कुठौंद पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल उरई। कुठौंद थाना क्षेत्र के लोहई दिवारा गांव निवासी वीनू तिवारी ने अपने पति विनय कुमार तिवारी की मौत को हादसा नहीं बल्कि हत्या बताते हुए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता ने नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के अनुसार, 21 अगस्त 2026 की शाम करीब सात बजे विनय कुमार पुष्पांजलि गेस्टहाउस के सामने से बस स्टैंड की ओर जा रहे थे। आरोप है कि इसी दौरान पुरानी रंजिश के चलते बोलेरो सवार तीन लोगों ने कथित रूप से उन्हें वाहन से टक्कर मार दी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि विनय गंभीर रूप से घायल होकर वाहन के अगले हिस्से में फंस गए और उन्हें कुछ दूरी तक घसीटा गया। गंभीर चोटों के बाद उन्हें कानपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतक की पत्नी का आरोप है कि घटना के बाद कुठौंद थाने में शिकायत की गई, लेकिन उसकी शिकायत के अनुरूप हत्या का मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। पीड़िता ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि नामजद आरोपियों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल पीड़िता की शिकायत के बाद कई सवाल सामने खड़े हैं— अगर वाहन से कुचलने के आरोप के बाद घायल की मौत हुई तो मामले की धाराओं पर सवाल क्यों उठ रहे हैं? क्या घटनास्थल से लेकर बस स्टैंड तक CCTV फुटेज की जांच हुई? क्या बोलेरो को कब्जे में लेकर तकनीकी और फोरेंसिक जांच कराई गई? क्या मेडिकल व पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर विवेचना आगे बढ़ाई गई? क्या नामजद आरोपियों से निष्पक्ष पूछताछ हुई? वीनू तिवारी ने डीएम और एसपी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने और नामजद आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी। जिसके घर का चिराग बुझा, वो इंसाफ की गुहार लगा रही है, अब सवाल ये है—कानून की कलम कब सच के साथ खड़ी होगी?
पति की मौत को बताया हत्या, डीएम-एसपी से लगाई न्याय की गुहार पुलिश पर साठ गाँठ कर आरोपियों को बड़ी खबर जनपद जालौन पति की मौत को बताया हत्या, डीएम-एसपी से लगाई न्याय की गुहार पुलिश पर साठ गाँठ कर आरोपियों को अतिरिक्त लाभ लेकर बचाने का आरोप पीड़ित परिवार जिला अधिकारी महोदय आफिस से बाहर बोलेरो से कुचलकर मौत का आरोप, पत्नी ने कुठौंद पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल उरई। कुठौंद थाना क्षेत्र के लोहई दिवारा गांव निवासी वीनू तिवारी ने अपने पति विनय कुमार तिवारी की मौत को हादसा नहीं बल्कि हत्या बताते हुए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता ने नामजद
आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के अनुसार, 21 अगस्त 2026 की शाम करीब सात बजे विनय कुमार पुष्पांजलि गेस्टहाउस के सामने से बस स्टैंड की ओर जा रहे थे। आरोप है कि इसी दौरान पुरानी रंजिश के चलते बोलेरो सवार तीन लोगों ने कथित रूप से उन्हें वाहन से टक्कर मार दी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि विनय गंभीर रूप से घायल होकर वाहन के अगले हिस्से में फंस गए और उन्हें कुछ दूरी तक घसीटा गया। गंभीर चोटों के बाद उन्हें कानपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के
दौरान उनकी मौत हो गई। मृतक की पत्नी का आरोप है कि घटना के बाद कुठौंद थाने में शिकायत की गई, लेकिन उसकी शिकायत के अनुरूप हत्या का मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। पीड़िता ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि नामजद आरोपियों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल पीड़िता की शिकायत के बाद कई सवाल सामने खड़े हैं— अगर वाहन से कुचलने के आरोप के बाद घायल की मौत हुई तो मामले की धाराओं पर सवाल क्यों उठ रहे हैं? क्या घटनास्थल से लेकर बस स्टैंड तक CCTV फुटेज की जांच हुई? क्या बोलेरो को कब्जे में
लेकर तकनीकी और फोरेंसिक जांच कराई गई? क्या मेडिकल व पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर विवेचना आगे बढ़ाई गई? क्या नामजद आरोपियों से निष्पक्ष पूछताछ हुई? वीनू तिवारी ने डीएम और एसपी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने और नामजद आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी। जिसके घर का चिराग बुझा, वो इंसाफ की गुहार लगा रही है, अब सवाल ये है—कानून की कलम कब सच के साथ खड़ी होगी?
- पति की मौत को बताया हत्या, डीएम-एसपी से लगाई न्याय की गुहार पुलिश पर साठ गाँठ कर आरोपियों को बड़ी खबर जनपद जालौन पति की मौत को बताया हत्या, डीएम-एसपी से लगाई न्याय की गुहार पुलिश पर साठ गाँठ कर आरोपियों को अतिरिक्त लाभ लेकर बचाने का आरोप पीड़ित परिवार जिला अधिकारी महोदय आफिस से बाहर बोलेरो से कुचलकर मौत का आरोप, पत्नी ने कुठौंद पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल उरई। कुठौंद थाना क्षेत्र के लोहई दिवारा गांव निवासी वीनू तिवारी ने अपने पति विनय कुमार तिवारी की मौत को हादसा नहीं बल्कि हत्या बताते हुए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता ने नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के अनुसार, 21 अगस्त 2026 की शाम करीब सात बजे विनय कुमार पुष्पांजलि गेस्टहाउस के सामने से बस स्टैंड की ओर जा रहे थे। आरोप है कि इसी दौरान पुरानी रंजिश के चलते बोलेरो सवार तीन लोगों ने कथित रूप से उन्हें वाहन से टक्कर मार दी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि विनय गंभीर रूप से घायल होकर वाहन के अगले हिस्से में फंस गए और उन्हें कुछ दूरी तक घसीटा गया। गंभीर चोटों के बाद उन्हें कानपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतक की पत्नी का आरोप है कि घटना के बाद कुठौंद थाने में शिकायत की गई, लेकिन उसकी शिकायत के अनुरूप हत्या का मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। पीड़िता ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि नामजद आरोपियों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल पीड़िता की शिकायत के बाद कई सवाल सामने खड़े हैं— अगर वाहन से कुचलने के आरोप के बाद घायल की मौत हुई तो मामले की धाराओं पर सवाल क्यों उठ रहे हैं? क्या घटनास्थल से लेकर बस स्टैंड तक CCTV फुटेज की जांच हुई? क्या बोलेरो को कब्जे में लेकर तकनीकी और फोरेंसिक जांच कराई गई? क्या मेडिकल व पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर विवेचना आगे बढ़ाई गई? क्या नामजद आरोपियों से निष्पक्ष पूछताछ हुई? वीनू तिवारी ने डीएम और एसपी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने और नामजद आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी। जिसके घर का चिराग बुझा, वो इंसाफ की गुहार लगा रही है, अब सवाल ये है—कानून की कलम कब सच के साथ खड़ी होगी?4
- ओबीसी एक्ट पर गरमाया माहौल, बृजेंद्र प्रताप सिंह ने लोगों से संयम बरतने को कहा माधौगढ़। ओबीसी एक्ट को लेकर वीपी जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष बृजेंद्र प्रताप सिंह ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि प्रस्तावित एक्ट को लेकर समाज में किसी भी तरह का भ्रम या टकराव नहीं होना चाहिए। सिंह ने खासतौर पर छात्रों और सामान्य वर्ग के लोगों से अपील की कि वे सोशल मीडिया या सार्वजनिक मंचों पर ऐसी कोई टिप्पणी न करें, जिससे विवाद खड़ा हो। उन्होंने कहा कि सभी वर्ग आपसी भाईचारे के साथ रहें और अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से क्षेत्र में लोगों को जागरूक करने का आह्वान करते हुए कहा कि किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें और बिना पुष्टि के कोई जानकारी आगे न बढ़ाएं। बृजेंद्र प्रताप सिंह ने सरकार पर कई आरोप लगाते हुए कहा कि जनता को पूरे मामले की जानकारी रखते हुए लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठानी चाहिए।1
- जालौन नगर में UGC के खिलाफ सैकड़ों लोगों ने निकाला जुलूस जालौन। UGC से जुड़े मुद्दे के विरोध में गुरुवार को जालौन नगर में विभिन्न संगठनों ने एकजुट होकर जोरदार प्रदर्शन किया। बजरंग दल, करणी सेना, किसान मोर्चा परशुराम सेना, हिंदू युवा वाहिनी समेत कई संगठनों के कार्यकर्ता और समर्थक बड़ी संख्या में जुलूस में शामिल हुए। जुलूस जालौन पुराने बस स्टैंड से शुरू होकर सरदार वल्लभ भाई पटेल चौक तक पहुंचा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने UGC के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। जुलूस में सैकड़ों लोगों की मौजूदगी से नगर का माहौल प्रदर्शनमय नजर आया। प्रदर्शनकारियों ने UGC से जुड़े निर्णय और मुद्दे पर आपत्ति जताते हुए संबंधित फैसले पर पुनर्विचार की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे इस मुद्दे को लेकर आगे भी आंदोलन जारी रखेंगे और जरूरत पड़ने पर दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस-प्रशासन भी सतर्क रहा। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा और पूरे कार्यक्रम पर नजर रखी गई। प्रदर्शन में वीरू सेंगर, ज्ञानु तोमर किसान मोर्चा लाली तोमर, शैलेंद्र भदौरिया, सत्यवीर सेंगर, हर्ष तोमर रघुराज प्रताप सिंह, पुष्प राजावत, कपिल सोनी,राजा सिंह सेंगर, जीतू सिकरवार, संजू तोमर, मानवेंद्र परिहार, विनय राठौर, विक्रांत प्रताप सिंह और प्रदीप सक्सेना समेत कई लोग मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान संगठनों ने UGC से जुड़े मुद्दे पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए सरकार और संबंधित अधिकारियों से मामले पर गंभीरता से विचार करने की मांग की।1
- जालौन में यूसीसी के विरोध में प्रदर्शन नगर क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से होकर सरदार पटेल चौक पर प्रदर्शन नमस्कार दोस्तों आज़ हम आपको जालौन जिले के जालौन नगर क्षेत्र से जुड़ी खबर दिखाने जा रहे हैं जहां आज सवर्णों ने एक प्रदर्शन किया और विरोध जताया1
- कोंच,बारिश से जलभराव पर पालिका अलर्ट, ईओ व पालिकाध्यक्ष ने कराया सफाई कार्य जालौन के कोंच नगर में गुरुवार को हुई बारिश के बाद कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन गई। नगर में बारिश के कारण उत्पन्न जलभराव की समस्या का जायजा लेने के लिए शाम करीब 5:30 बजे पालिकाध्यक्ष प्रदीप गुप्ता और पालिका अधिशासी अधिकारी मोनिका उमराव ने नगर का भ्रमण किया। इस दौरान पालिकाध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी ने विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर जलभराव की स्थिति देखी और जल निकासी की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। भ्रमण के दौरान हाटा के पास स्थित कस्तूरबा गांधी विद्यालय से पिंडारी मार्ग पर बारिश का पानी जमा मिला। सड़क पर जलभराव होने के कारण राहगीरों और स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। स्थिति को देखते हुए पालिका अधिकारियों ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों को तत्काल सफाई और जल निकासी की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए। इसके बाद पालिका कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर नालियों और जल निकासी वाले स्थानों की साफ-सफाई कराई, जिससे बारिश के पानी की निकासी हो सके। पालिकाध्यक्ष प्रदीप गुप्ता ने कहा कि बारिश के दौरान नगर में जलभराव की समस्या न हो, इसके लिए पालिका की ओर से लगातार निगरानी की जा रही है। जहां भी जलभराव की सूचना मिल रही है, वहां कर्मचारियों को भेजकर सफाई और जल निकासी की व्यवस्था कराई जा रही है। अधिशासी अधिकारी मोनिका उमराव ने भी कर्मचारियों को बारिश के दौरान संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। भ्रमण के दौरान सफाई नायक अमित, सभासद अशोक गुर्जर सहित पालिका कर्मचारी और अन्य लोग मौजूद रहे।1
- जालौन में UGC के खिलाफ गरजा विरोध, सड़कों पर उतरे सैकड़ों लोग मांगों पर सुनवाई न होने पर जंतर-मंतर कूच की चेतावनी जालौन। UGC से जुड़े मुद्दे को लेकर गुरुवार को जालौन नगर में विभिन्न हिंदू संगठनों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। बजरंग दल, करणी सेना, परशुराम सेना, हिंदू युवा वाहिनी समेत कई संगठनों के बैनर तले सैकड़ों कार्यकर्ता पुराने बस स्टैंड पर एकत्रित हुए और जुलूस निकालकर विरोध दर्ज कराया। कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए नगर के प्रमुख मार्गों से होकर सरदार वल्लभ भाई पटेल चौक पहुंचे। जुलूस में बड़ी संख्या में युवाओं की मौजूदगी रही। प्रदर्शनकारियों ने UGC से जुड़े निर्णय पर आपत्ति जताते हुए इसे वापस लेने अथवा पुनर्विचार करने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन करने की चेतावनी भी दी गई। पुलिस-प्रशासन रहा अलर्ट सैकड़ों लोगों के एक साथ सड़क पर उतरने को देखते हुए पुलिस-प्रशासन भी अलर्ट रहा। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस बल तैनात किया गया और जुलूस के दौरान पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी गई। प्रदर्शन के चलते कुछ समय तक नगर का माहौल आंदोलनमय बना रहा। ये लोग रहे मौजूद प्रदर्शन में वीरू सेंगर, लाली तोमर, शैलेंद्र भदौरिया, नीरज सिंह तोमर, रघुराज प्रताप सिंह, तरुण सेंगर, पुष्प राजावत, कपिल सोनी, राजा सिंह सेंगर, जीतू सिकरवार, संजू तोमर, मानवेंद्र परिहार, विनय राठौर, विक्रांत प्रताप सिंह और प्रदीप सक्सेना समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व समर्थक मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और संबंधित अधिकारियों से UGC से जुड़े मुद्दे पर उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर उचित कार्रवाई किए जाने की मांग की। संगठनों ने संकेत दिया कि मांगों पर सुनवाई नहीं होने की स्थिति में आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक किया जा सकता है।1
- आरक्षण हटाओ, देश बचाओ" के नारों से गूंजा शहर, सवर्ण समाज ने निकाला विशाल तिरंगा जुलूस, UGC के नए नियमों के खिलाफ फूटा गुस्सा* अनुराग श्रीवास्तव पत्रकार *बड़ी खबर: "आरक्षण हटाओ, देश बचाओ" के नारों से गूंजा शहर, सवर्ण समाज ने निकाला विशाल तिरंगा जुलूस, UGC के नए नियमों के खिलाफ फूटा गुस्सा* *जालौन* * आरक्षण व्यवस्था को आर्थिक आधार पर लागू करने की मांग को लेकर आज जिले में सवर्ण समाज का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। *"आरक्षण हटाओ, देश बचाओ अभियान"* के बैनर तले समस्त सवर्ण समाज, जनपद इकाई द्वारा एक विशाल जुलूस और प्रदर्शन किया गया। सैकड़ों की संख्या में युवा हाथों में तिरंगा झंडा लेकर सड़कों पर उतरे और जमकर नारेबाजी की। *जुलूस की मुख्य मांगें -* *1. आरक्षण आर्थिक आधार पर हो:* प्रदर्शनकारियों ने काले बोर्ड पर पीले अक्षरों में लिखी तख्तियां ले रखी थीं, जिन पर लिखा था *"आरक्षण आर्थिक आधार पर हो। सवर्ण एकता जिंदाबाद।"* उनका कहना है कि आजादी के 78 साल बाद भी जातिगत आरक्षण देश को बांट रहा है। आरक्षण का आधार जाति नहीं, गरीबी होनी चाहिए, चाहे वह किसी भी जाति का हो। *2. UGC का काला कानून वापस लो:* जुलूस में दूसरा सबसे बड़ा मुद्दा UGC (University Grants Commission) के नए नियमों को लेकर था। युवाओं ने *"UGC ROLL BACK"* और *"काला कानून वापस लो"* के नारे लगाते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों में लाए जा रहे नए प्रावधान मेरिट को खत्म कर देंगे और सामान्य वर्ग के छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। हाथों में लिए गए मुख्य बैनर पर साफ लिखा था - > *"आरक्षण हटाओ, देश बचाओ, आरक्षण आर्थिक आधार पर होना चाहिए, U.G.C. का काला कानून वापस लो - समस्त सवर्ण समाज"* प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे युवाओं ने कहा कि हम किसी जाति के विरोधी नहीं हैं, हम जातिवाद पर आधारित व्यवस्था के विरोधी हैं। हम देश में समानता और योग्यता की बात कर रहे हैं। यदि सरकार ने हमारी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो यह आंदोलन और बड़ा किया जाएगा। तिरंगा झंडा लहराते हुए निकला यह जुलूस शहर के मुख्य बाजार और चौराहों से होता हुआ गुजरा। इस दौरान "भारत माता की जय" और "सवर्ण एकता जिंदाबाद" के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में पूरा प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।इस मौके पर नेतृत्व प्रवेन्द्र सिहं सेंगर जिलाध्यक्ष श्री राष्ट्रीय राजपूत करनी सेना, ज्ञानेन्द्र सिंह तोमर जिलाध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन भानू गुट, हाई कोर्ट के अधिवक्ता विनय निगम, पुष्पा राजावत, राजवीर सिंह राजावत, अभय सिंह राजावत पूर्व नगर अध्यक्ष, मंडल प्रभारी इटो,अनुराग तिवारी नगय अध्यक्ष विश्व हिन्दू परिषद, मानवेंद्र सिंह नगर संयोजक बजरंग दल, स्वयं गोस्वामी तहसील संयोजक अखिल विद्यार्थी परिषद आदि लोग मौजूद रहे।2
- माधौगढ़-भिंड बस में महिला से टप्पेबाजी का आरोप, पैतृक गांव पहुंचने पर सामान गायब मिलने का दावा माधौगढ़। भिंड से माधौगढ़ क्षेत्र के कुरसेड़ा गांव आ रही बस में एक महिला के साथ कथित टप्पेबाजी का मामला सामने आया है। महिला ने माधौगढ़ कोतवाली पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी देते हुए पुलिस से न्याय और कार्रवाई की गुहार लगाई है। महिला के मुताबिक उसका पैतृक मकान कुरसेड़ा थाना माधौगढ़, जनपद जालौन में है, जबकि वर्तमान में वह भिंड, मध्य प्रदेश में रहती है। महिला का कहना है कि 22 अगस्त 2026 को सुबह करीब 9 बजे वह भिंड से बस में सवार होकर अपने पैतृक गांव कुरसेड़ा के लिए रवाना हुई थी। उसने अपना बैग बस के अंदर ऊपर बने सामान रखने वाले स्टैंड पर रख दिया और सीट पर बैठ गई। महिला का आरोप है कि रास्ते में दो युवक बस में सवार हुए और उसके बैग के आसपास हाथ लगाने के बाद पीछे की सीट पर जाकर बैठ गए। महिला जब माधौगढ़ में बस से उतरी और अपने गांव कुरसेड़ा पहुंची तो बैग रखकर सो गई। अगले दिन बैग खोलकर देखने पर कथित तौर पर उसमें रखा कुछ कीमती सामान गायब मिला। सामान गायब मिलने के बाद महिला ने अपने परिजनों और रिश्तेदारों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद बस संचालक से भी संपर्क कर मामले की जानकारी लेने का प्रयास किया गया। महिला और उसके परिजन बाद में माधौगढ़ कोतवाली पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। महिला के अनुसार सूचना मिलने के बाद पुलिस ने बस को अपने कब्जे में लेकर पूछताछ शुरू की। हालांकि, मामले में पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान या घटना की पुष्टि सामने नहीं आई है। ⚠️ जरूरी स्पष्टीकरण यह खबर महिला द्वारा पुलिस को बताए गए आरोपों और उसके बयान के आधार पर तैयार की गई है। हमारा चैनल इस मामले में टप्पेबाजी या किसी व्यक्ति की संलिप्तता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। पुलिस जांच के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। अब देखना होगा कि माधौगढ़ पुलिस जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और महिला के सामान के संबंध में आगे क्या कार्रवाई की जाती है।1