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भारतीय जनता पार्टी शंकरगढ़ पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण डिपाडीह कलां
Mr Dayashankar Yadav
भारतीय जनता पार्टी शंकरगढ़ पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण डिपाडीह कलां
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- Post by क्राइम कण्ट्रोल न्यूज़ सी.सी.एफ1
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- बलरामपुर//(शोएब सिद्दिकी)//बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कुंदी में वन भूमि पर कथित अवैध कटाई और खुदाई का मामला अब गंभीर सवालों के घेरे में आ गया है। पूरे प्रकरण में वन परिक्षेत्राधिकारी वाड्रफनगर की भूमिका पर सीधे-सीधे उंगलियां उठ रही हैं, जिन्हें इस घटना के लिए जिम्मेदार माना जा रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, करीब 2 से 3 एकड़ वन भूमि पर दिन-रात जेसीबी मशीनों से खुदाई की गई और बड़ी संख्या में पेड़ों को गिराया गया। हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी गतिविधि के बावजूद वन परिक्षेत्राधिकारी और उनकी टीम मौके पर नहीं पहुंची, जिससे उनकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह पूरा खेल बिना विभागीय जानकारी के संभव नहीं है। ग्रामीणों ने साफ कहा— “यहां बिना सेटिंग के पत्ता भी नहीं हिलता, लेकिन इस बार तो पूरा जंगल ही साफ कर दिया गया।” इस बयान ने सीधे तौर पर वन परिक्षेत्राधिकारी की कार्यशैली और नीयत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भी वन परिक्षेत्राधिकारी की ओर से कोई त्वरित कार्रवाई नहीं की गई। न तो जेसीबी मशीनों को जब्त किया गया और न ही आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कदम उठाया गया। इससे यह संदेह और गहरा गया है कि कहीं न कहीं जिम्मेदार अधिकारी इस पूरे मामले में लापरवाही या मौन सहमति के दोषी हैं। ग्रामीणों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि वन परिक्षेत्राधिकारी समय रहते कार्रवाई करते, तो जंगल को इस तरह उजड़ने से बचाया जा सकता था। अब लोग वन परिक्षेत्राधिकारी वाड्रफनगर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं। पर्यावरण के लिहाज से भी यह मामला बेहद संवेदनशील है। जंगल की अंधाधुंध कटाई न केवल प्राकृतिक संतुलन को बिगाड़ती है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी खतरा पैदा करती है। ऐसे में जिम्मेदार पद पर बैठे अधिकारी की निष्क्रियता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। फिलहाल, वन विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन वन परिक्षेत्राधिकारी की चुप्पी अब खुद एक बड़ा सवाल बन चुकी है— आखिर जंगल कटता रहा, मशीनें चलती रहीं और जिम्मेदार अधिकारी मौन क्यों रहे? वनमण्डलाधिकारी जंगलों के संरक्षण में सदैव तत्पर रहते हैं, अब देखने वाली बात यह होगी कि ऐसे निष्क्रिय वन परिक्षेत्राधिकारी पर वे किस प्रकार की कार्रवाई करते हैं और इस मामले में क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।2
- वैन चोरी करने के मामले में पुलिस ने की कार्यवाही आरोपी को किया गिरफ्तार1
- Post by Ratan Choudhry1
- Post by Mr Dayashankar Yadav1