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ट्रक ने पुलिस की गाड़ी को घसीट हुए दिखाई दिया ग्वालियर में
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ट्रक ने पुलिस की गाड़ी को घसीट हुए दिखाई दिया ग्वालियर में
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- पिटोल में हुआ होलिका दहन1
- बड़वानी जिले में मंगलवार को चंद्रग्रहण के प्रभाव के कारण प्रमुख मंदिरों के कपाट अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण काल में मंदिरों में पूजा-अर्चना और दर्शन नहीं किए जाते हैं, जिसका पालन करते हुए शहर और ग्रामीण अंचलों के कई प्रसिद्ध मंदिर बंद रखे गए हैं। शहर के वैष्णो देवी मंदिर, श्री सांवरिया सेठ मंदिर, मां कालिका माता मंदिर और संकट मोचन हनुमान मंदिर सहित कई छोटे-बड़े मंदिरों के पट बंद हैं। मंदिर प्रबंधन समितियों ने श्रद्धालुओं को इसकी सूचना पहले ही दे दी थी। मंदिरों के कपाट शाम करीब 7:30 बजे ग्रहण समाप्त होने के बाद खोले जाएंगे। इसके बाद शुद्धिकरण और गंगाजल छिड़काव की विधि-विधान प्रक्रिया के उपरांत नियमित आरती और दर्शन की व्यवस्था बहाल होगी। ग्रहण काल के दौरान श्रद्धालुओं ने अपने घरों में ही जप-तप और पूजा-अर्चना की। कई परिवारों ने ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान और दान की तैयारियां भी की हैं। धार्मिक आस्था के कारण दिनभर मंदिरों के बाहर सन्नाटा पसरा रहा, हालांकि ग्रहण समाप्त होने के बाद शाम को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की संभावना है। मां कालिका माता मंदिर के पुजारी अशोक पंडित ने बताया कि चंद्रग्रहण का सूतक काल ग्रहण शुरू होने से लगभग 9 घंटे पहले प्रभावी हो जाता है। आज लगने वाला चंद्रग्रहण दोपहर 3:20 बजे से शुरू हो रहा है, जिसके कारण इसका सूतक काल सुबह लगभग 6:20 बजे से ही प्रभावी हो चुका था। इस अवधि में मंदिरों के पट बंद रखे जाते हैं।1
- राजपुर में होलिका दहन का पर्व पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि एवं गाँव पटेल द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना कर होलिका दहन किया गया। इस अवसर पर नगर के कई गणमान्य नागरिकों ने भी पूजा में सहभागिता की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचकर पूजा की और सुख-समृद्धि की कामना की। पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण रहा तथा लोगों ने एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं दीं। होलिका दहन के साथ ही बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश दिया गया और नगरवासियों ने शांति, सौहार्द एवं भाईचारे की भावना को बनाए रखने का संकल्प लिया।1
- Post by Sunil Soni4
- द देखे पूरी रिपोर्ट सुनील सन्नी रिपोर्टर धार 97524520891
- सेंधवा विधानसभा क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित वरला माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में नांगलवाड़ी मे आयोजित कृषि कैबिनेट बैठक मेमंजूरी मिल गई है। इस बड़ी घोषणा के बाद क्षेत्र की राजनीति गरमा गई है और भाजपा-कांग्रेस दोनो ही दल इस योजना का श्रेय लेने की होड़ में लग गए हैं। #pblive #sendhwa #montusolanki #congressvsbjp #viral #panthbhatia1
- भगोरिया देखने आए 14 वर्षीय अनिल बालक की चक्कर आने से मौत, मंत्री नागर सिंह चौहान पहुंचे जिला अस्पताल* आलीराजपुर। सोमवार को भगोरिया मेला देखने आए एक 14 वर्षीय बालक की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार नानपुर मोरासा पटेल फलिया निवासी अनिल पिता जागर सिंह बघेल (14 वर्ष) भगोरिया मेला देखने आलीराजपुर आया था। बताया जा रहा है कि मेला ग्राउंड के बाहर अचानक उसे चक्कर आया और वह जमीन पर गिर गया। साथ मे गाव के लड़के द्वारा तत्काल सहायता की कोशिश की गई, लेकिन बालक की मौके पर ही मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलते ही जिला अस्पताल में लोगों की भीड़ जुट गई। वहीं प्रदेश के केबिनेट मंत्री नागर सिंह चौहान भी जिला अस्पताल पहुंचे और घटना की जानकारी लेकर परिजनों से चर्चा की।1
- धार जिले की धरमपुरी तहसील की जनपद पंचायत धरमपुरी के अंतर्गत में चला रहा प्रतीक इंफ्रा द्वारा पेयजल योजना के अन्तर्गत में टंकी निर्माण में मजदूरों के बिना सुरक्षा के निर्माण कार्य हो रहा है। ऐसे ने बड़ी जनहानि दुर्घटना होती है तो जिम्मेदार कौन। सुनील सन्नी रिपोर्टर 97524528592
- चतुर्भुज श्री राम मंदिर मांडू में होलिका दहन कार्यक्रम धूम धाम से मनाया गया होलिका दहन चतुर्भुज श्री राम मंदिर मांडू के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर डॉक्टर नरसिंह दास जी महाराज द्वारा क्या गया राहुल सेन मांडव मो 9669141814 मांडू न्यूज/मांडू नगर में आज होलिका दहन कार्यक्रम बड़ी धूमधाम से मनाया गया। मांडू नगर और आसपास के क्षेत्र की महिलाओं ने शाम होते ही कार्यक्रम स्थल पहुंचकर पूजा-अर्चना की और सुख समृद्धि की कामना की। सबसे पहले होली जलाने की परंपरा मांडू के चतुर्भुज राम मंदिर में है वही पूजा अर्चना कर होलिका दहन किया। पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर डॉ नरसिंह दास महाराज ने जलाई होली होलिका में गाय के गोबर से बने उपले की माला बनाई गई है उस माला में छोटे-छोटे सात उपले बनाकर आज होली में पूजन अर्चन के बाद टांगे गए। मांडू नगर मे परंपरा अनुसार 7 बजे पूजन अर्चन के बाद होलिका दहन किया गया। होली के समय यह माला होलिका के साथ जला दी। इसका उद्देश्य यह होता है कि होली के साथ घर में रहने वाली बुरी नज़र भी जल जाती है और घर में सुख समृद्धि आने लगती है। गाय के गोबर के कंडे से व उपलों से बनी इस होलिका का मध्याह्न से ही विधिवत पूजा प्रारम्भ होने लगी। आज होली के अवसर पर घरों में जो भी बने पकवान बने थे उसका भी भोग लगाया गया पूजा के साथ। आज रात तक शुभ मुहूर्त पर होलिका का दहन किया गया। इस होलिका में नई फसल की गेहूं की बालियों और चने के झंगरी को भी भूना होली की आग में सेंका गया और सीक ने के बाद खाया प्रसाद के रूप में इसे खाया गया। होलिका का दहन हमें समाज की व्याप्त बुराइयों पर अच्छाइयों की विजय त्योहारः मांडू में होलिका दहन कार्यक्रम धूमधाम से मनाया गया, महिलाओं ने पूजा अर्चना कर मन्नत मांगी का प्रतीक है। होली पर्व का आज पहला दिन। होलिका दहन के साथ पाप अंहकार को भस्म कर लोगों ने एक दूसरे के लिए सुख समृद्धि की दुआएं मांगी हैं। सोमवार को मांडू नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों मैं महिलाओं ने पूजा-अर्चना कर होली के फेरे लगा कर सुख शांति की कामना की। लंबे समय से बीमारियों से ग्रस्त लोगों ने आहूति देकर बीमारियों से छुटकारे की कामना की। वही होलिका दहन के बाद चतुर्भुज राम मंदिर के पुजारी महेंद्र जी वह बटुक छोटे छोटे बच्चों ने होलिका की पूजा की वही आचार्य शुभम जी के द्वारा वैदिक मंत्र का जाप क्या गया वही रामायण मंडल के द्वारा फाग गीत गाए वही वहां पर उपस्थित भाजपा अजजा मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष मांडू नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि जयराम गावर,मांडू नगर परिषद उपाध्यक्ष कृष्णा यादव ,भाजपा मन की बात धार जिला ग्रामीण प्रभारी रवींद्र परिहार,चतुर्भुज श्री राम मंदिर ट्रस्टी मांगीलाल जायसवाल,ट्रस्टी अशोक निगम,राहुल सेन मांडव,उज्वल निगम के साथ कई भक्त लोग होलिका दहन में मौजूद रहे ओर पुजा अर्चना की गई पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर डॉक्टर नरसिंह दास जी ने क्या कहा वही चतुर्भुज श्री राम मंदिर मांडू के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर दो नरसिंह दास जी महाराज ने बताया कि होली का ने प्रहलाद को अपनी गोद में बैठ कर जलती आग में प्रवेश क्या लेकिन भगवान विष्णु की कृपा से प्रहलाद सुरक्षित रहे और होलीका जलकर भस्म हो गई यही कारण है कि हर साल बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में होलिका दहन किया जाता है होलिका दहन की परंपरा सदियों से चली आ रही है3